महाराष्ट्र मंडल की बैठक में दिखी स्वच्छता को लेकर प्रतिबद्धता
- उपस्थित सभी कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों, केंद्रों की संयोजिकाओं-सहसंयोजिकाओं ने ली शपथ
- महिला प्रमुख ने रानी अहिल्या बाई होल्कर को उनके महान कृत्यों के साथ किया स्मरण
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में 19 और 20 अक्टूबर को मराठी सोहळा (मराठी मेला) का भव्य आयोजन किया जा रहा है। दीपावली के अवसर पर इस मेले में विभिन्न सेगमेंट के उपयोगी स्टाल आकर्षण का केंद्र होंगे। रविवार, 29 सितंबर की शाम मंडल भवन में आयोजित बैठक में मराठी सोहळा में होने वाले विभिन्न आयोजनों को अंतिम रुप दिया गया। इस मौके पर स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत सभी कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों, केंद्रों की संयोजिकाओं-सहसंयोजिकाओं को स्वच्छता को लेकर मालती मिश्रा ने शपथ दिलाई। साथ ही सभी ने 2 अक्टूबर को सुबह 8 बजे अनुपम गार्डन में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने पर सहमति जताई।

मराठी सोहळा के प्रभारी सचिव चेतन गोविंद दंडवते और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि दो दिवसीय मराठी सोहळा में लगभग 20 घंटे के कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई है। इसमें दो बेहतरीन नाटकों के अलावा हर आयु वर्ग के लिए दिलचस्प प्रतियोगिताओं होगी। स्पर्धा के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। चेतन दंडवते के मुताबिक पहली बार मराठी सोहळा में आकाश दीया बनाने की प्रतियोगिता होगी। इससे पहले इच्छुक प्रतिभागियों के लिए आकाश दीया बनाने का प्रशिक्षण अजय पोतदार और शेखर क्षीरसागर की ओर से दिया जाएगा।

विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि मराठी सोहळा में वन मिनट गेम्स, रामायण के किसी एक प्रसंग पर प्रश्नोत्तरी, एकल, युगल व समूह नृत्य एवं गायन स्पर्धा, कुर्सी दौड़ी स्पर्धा, योग प्रतियोगिता, व्यंजन प्रतियोगिता जैसे अनेक आयोजन महाराष्ट्र मंडल की विभिन्न समिति की ओर से किए जाएंगे। इसके लिए पहले से सभी समितियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

इस मौके पर विशाखा तोपखानेवाले ने रानी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के मौके पर उनके जीवन के महत्वपूर्ण पांच प्रसंगों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज हमारे बीच महेश्वर साड़ी से लेकर चादर तक की बेहतरीन क्वालिटी के जो कपड़े है, उसका श्रेय भी रानी अहिल्या बाई को जाता है। इसी तरह सोमनाथ मंदिर, बनारस के बाबा विश्वनाथ मंदिर सहित हजारों ऐसे मंदिर है, जिन्हें मुगल आक्रांताओं ने तहस-नहस कर दिया था। जिन्हें रानी अहिल्या बाई ने पुनरोद्धार कर नया बनाया और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू करवाई।

बैठक की शुरूआत में अध्यक्ष अजय मधुकर काळे ने गणेशोत्सव पर हुए विभिन्न कार्यक्रमों की जबर्दस्त सफलता के लिए उपस्थित सभी पदाधिकारियों का आभार माना। काळे ने कहा कि आप सभी में आयोजनों को लेकर जो उत्साह है वो अक्टूबर माह में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों वृद्धजन दिवस, स्वच्छता अभियान, दशहरा उत्सव, मराठी सोहळा, दीवाली पहाट जैसे कार्यक्रम में भी बना रहे। काळे ने सभी से महाराष्ट्र मंडल की ओर से निर्मित होने वाले दीवाली फराळ के लिए 20 लाख रुपये का लक्ष्य दिया है। और सभी से आग्रह किया है कि इसे जिम्मेदारी के साथ पूरा करें ताकि दिव्यांग बालिका विकास गृह के संचालन को लेकर महाराष्ट्र मंडल पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न आए। आभार प्रदर्शन कार्यकारिणी सदस्य प्रसन्न निमोणकर ने व्यक्त किया।