बच्चों ने जाना कैसे डाकू रत्नाकर बना महर्षि वाल्मीकि
रायपुऱ। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में गुरुवार, 17 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि और मीराबाई की जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन मार्निंग असेंबली में ग्रीन हाउस के बच्चों द्वारा किया गया।

स्कूल की शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि एक छोटे से नाट्य के माध्यम से बच्चों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन को मंचित किया गया। जिसमें बच्चों ने बताया कि कैसे एक डाकू रत्नाकर महर्षि वाल्मीकि बन गया। बच्चों ने बताया कि एक बार डाकू रत्नाकर ने अपने परिवार के पूछा कि मेरे पाप का भागीदार कौन कौन है। ऐसे में उसके परिवारजनों ने कहा कि हम आपके पाप के भागीदार नहीं है।

इस मंचित नाटक में दिव्यांश गोवर्धन ने महर्षि वाल्मीकि का भूमिका निभाई। वहीं महर्षि वाल्मीकि के परिवार और डाकूओं की भूमिका में रिद्धि साहू, भूमिका, अमनशिव चौधरी तथा गुलशन साहू रहे। मीराबाई की वेशभूषा में आरीधि जैन स्टेज पर प्रस्तुत हुई तथा मीराबाई के बारे में बताया।