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कहीं आपको भी तो नहीं लग गई... आर्टिफिशियल शुगर की आदत... WHO ने किया अलर्ट, यह मीठा जहर है

अपनी जिंदगी से चीनी को बाहर निकालने के लिए पिछले कुछ सालों में लोगों के बीच आर्टिफिशियल स्वीटनर का ट्रेंड बहुत बढ़ गया है। अब आर्टिफिशियल स्वीटनर यानी शुगर सब्स्टिट्यूट का उपयोग लोग सिर्फ डायबिटीज में चीनी के विकल्प के तौर पर नहीं बल्कि वजन घटाने के लिए, अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए और मीठे को अपनी जिंदगी से बाहर फेंकने के लिए करने लगे हैं। जबकि यह कृत्रिम मिठास सामान्य चीनी से बेहतर नहीं है। कई अध्ययनों में कहा गया है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर अनहेल्दी हैं और एक तरह का मीठा जहर है।

हाल ही में सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर्स में से एक एस्पार्टेम सालों के शोध के बाद जांच के दायरे में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एस्पार्टेम को इंसानों के लिए कैंसरकारी घोषित करने के लिए तैयार है। कार्सिनोजेनिक का अर्थ है कैंसर पैदा करने की क्षमता होना। 

एस्पार्टेम सबसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले स्वीटनर्स में से एक है। इसका उपयोग लो कैलोरी वाले फूड्स और ड्रिंक्स में किया जाता है लेकिन इसमें रेगुलर शुगर की तरह ही कैलोरी होती है। एस्पार्टेम रेगुलर शुगर की तुलना में 200 गुना अधिक मीठा होता है, इसलिए इसका उपयोग कम मात्रा में किया जाता है।

आर्टिफिशियल स्वीटनर कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड स्नैक्स, पैक्ड जूस, डेजर्ट्स, चॉकलेट, कार्बोनेटेड वॉटर, जैम, केक, योगर्ट, च्युइंग गम जैसे कई खाद्य पदार्थों के साथ ही टूथपेस्ट में भी होते हैं। इसलिए आप भले ही आर्टिफिशियल स्वीटर का सीधे सेवन ना कर रहे हों, लेकिन ये आपके शरीर में किसी ना किसी तरीके से जा रहा है।  

कोल्ड ड्रिंक, डाइट कोक, च्विंगम और कई तरह के स्नैक्स में इस्तेमाल होने वाला आर्टिफिशियल स्वीटनर यानी शुगर सबस्टिट्यूट एस्पार्टेम कैंसर की बीमारी का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आर्टिफिशियल स्वीटनर एस्पार्टेम के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। WHO की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने छह से 13 जून तक फ्रांस के ल्योन में एस्पार्टेम और कैंसर के बीच के संबंध को लेकर एक रिव्यू मीटिंग की।

आपको बता दें कि आर्टिफिशियल स्वीटनर का उपयोग वजन को कंट्रोल करने और दूसरी कई बीमारियों से बचने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स में चीनी के विकल्प के तौर पर किया जाता है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोल्ड ड्रिंक्स में इस्तेमाल होने वाले एस्पार्टेम को इंसानों के लिए खतरनाक चीज के रूप में क्लासिफाइड कर दिया गया है. हालांकि डब्ल्यूएचओ ने यह भी साफ किया कि सीमित मात्रा में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।