दिखी रही अनोखी छटा, भाव विभोर हुए भक्त....रामलला का सूर्याभिषेक
डेस्क | अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार राम नवमी का त्यौहार मनाया जा रह है | ऐसे में भगवान राम को दूध से नहलाया गया | भगवान राम की झलक पाने के लिए लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं | सुबह से ही श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में भी आस्था की डुबकी लगाई |
अयोध्या में दिखा अलौकिक ,अनोखा सूर्यदेव और प्रभु राम का मिलन भारी संख्या में भक्त इस समय मंदिर में एकत्रित हैं। लगातार मंगलगीत, भजन, कीर्तन और जयघोष हो रहे हैं।
रामलला का कैसे होगा सूर्य तिलक
पहला चरण- सबसे पहले मंदिर के पहले हिस्से पर लगे दर्पण पर सूर्य की रोशनी गिरेगी फिर यहां से रोशनी परावर्तित होकर पीतल के पाइप में रोशनी प्रवेश करेंगी।
दूसरा चरण- फिर दूसरे चरण में पीतल की पाइप में लगे दूसरे दर्पण से सीधे रोशनी टकराकर 90 डिग्री में बदल जाएगी।
तीसरा चरण- फिर लंबवत पीतल के पाइप में सूर्य किरणें तीन अलग-अलग लेंस से आगे बढे़ंगी।
चौथा चरण- सूर्य तिलक के चौथे चरण में किरणें तीन लेंस से गुजरने के बाद गर्भगृह के सीध में लगे दर्पण से टकराएंगी।
पांचवां चरण- यहां से किरणें एक बार फिर 90 डिग्री के कोण में मुड़कर सीधी यानी क्षैतिज रेखा में आ जाएंगी।
आखिरी चरण- आखिरी चरण में किरणें सीधे रामलाल के मस्तक पर टकराकर सूर्य तिलक करेंगी।