नमामि गंगे पर पैनल चर्चा में बोले केंद्रीय मंत्री, गंगा में दिख रही डॉल्फिन, कछुओं और हिलसा मछली
2023-03-26 10:43 AM
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नईदिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 23 मार्च को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन 2023 के दौरान 'नमामि गंगे- गंगा नदी और उसके इकोसिस्टम के संरक्षण और कायाकल्प की दिशा में एक एकीकृत और समग्र दृष्टिकोण' पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा में मुख्य संभाषण दिया।
अपने संबोधन में गजेंद्र सिंह शेखावत ने बल देते हुए कहा कि एनएमसीजी ने गंगा के साथ-साथ शहरों और कस्बों में सफलतापूर्वक एक मजबूत सीवरेज शोधन बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है, जिसके परिणामस्वरूप जल की गुणवत्ता और जैव विविधता में सुधार हुआ है। गंगा में डॉल्फिन, कछुओं और हिलसा मछली के देखे जाने की संख्या में वृद्धि हुई है और यह जल गुणवत्ता में सुधार का संकेत है।

उन्होंने कहा कि नमामि गंगे मिशन को 14 दिसंबर 2022 को वैश्विक बहाली दिवस पर कनाडा के मॉन्ट्रियल में जैव विविधता सम्मेलन (सीबीडी) के पक्षकारों के 15वें सम्मेलन (सीओपी15) में दुनिया के 10 शीर्ष इकोसिस्टम बहाली फ्लैगशिप में से एक के रूप में मान्यता दी गई थी।
शेखावत ने कहा कि भारतीय संदर्भ में गंगा का एक विशेष स्थान है क्योंकि यह एक पवित्र और प्राचीन नदी है और 43 प्रतिशत आबादी की जरूरतों को पूरा करती है और भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 23 प्रतिशत हिस्से में प्रवाहित है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी और इसके तट पर शहरीकरण के कारण इसके इकोसिस्टम के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में नमामि गंगे मिशन का शुभारंभ किया गया था।
उन्होंने कहा कि नमामि गंगे मिशन को गंगा नदी की निर्मलता और अविरलता को बहाल करने के लिए एक जनादेश और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रारंभ किया गया था। इसके अलावा, इसका उद्देश्य न केवल गंगा नदी की प्राचीन महिमा को पुनर्स्थापित करना है, बल्कि स्थानीय आबादी को इससे जुड़ी पारंपरिक जानकारियों से जोड़ने में भी सहायता करना है।