पोप फ्रांसिस ने 88 साल की उम्र में ली आखिरी सांस.... डबल निमोनिया से जूझ रहे थे
डेस्क। पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वैटिकन ने उनके निधन की पुष्टि कर दी है. वह लंबे समय से बीमार थे. वैटिकन ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि रोमन कैथोलिक चर्च के पहले लैटिन अमेरिकी पोप फ्रांसिस का निधन हो गया है। उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया था, जिसकी वजह से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। वेटिकन ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘पोप फ्रांसिस का निधन ईस्टर मंडे, 21 अप्रैल, 2025 को वेटिकन के कासा सैंटा मार्ता में उनके निवास पर हुआ.’ वेटिकन के कार्डिनल केविन फेरेल ने कहा कि पोप फ्रांसिस का पूरा जीवन ईश्वर की सेवा में समर्पित रहा।
लगभग एक महीने तक अस्पताल में इलाज कराने के बाद पोप 24 मार्च को अपने निवास स्थान कासा सांता मार्टा लौटे थे। अस्पताल से लौटने पर उन्होंने बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर जमा हुए लोगों को आशीर्वाद दिया था। सार्वजनिक रूप से पोप को देखने के बाद लोग काफी खुश दिखे थे और जयकारे भी लगाए थे। पोप फ्रांसिस जब जवान थे, तब उनके एक फेफड़े में संक्रमण के कारण उसे हटाना पड़ा था। इस कारण उन्हें सांस से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा था। 2023 में भी उन्हें फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
पोप फ्रांसिस भारत आने वाले थे। पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बताया था कि पोप फ्रांसिस के 2025 के बाद भारत दौरे पर आने की संभावना है। 2025 को कैथोलिक चर्च ने जुबली वर्ष के रूप में घोषित किया है। भारत पहले ही पोप फ्रांसिस को आधिकारिक तौर पर आमंत्रित कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें सीधे तौर पर निमंत्रण दे चुके हैं। यात्रा पोप की सेहत और सुविधा के अनुसार निर्धारित की जाने वाली थी।