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BIG NEWS : नए वित्तीय वर्ष से यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए देनी होगी फीस..? देशभर में गहन मंथन... एनपीसीआई ने दी अब सफाई

दिल्ली। भारत अब डिजिटल पेमेंट पर ज्यादा विश्वास करने लगा है। गांव से लेकर शहर और महानगरों तक ज्यादातर लोग नगद के बजाय यूपीआई के जरिए ही भुगतान कर रहे है। इसी बीच देशभर में चर्चा फैल गई थी कि नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल, 2023 से यूपीआई ट्रांजेक्शन महंगा हो जाएगा। यानी यदि यूपीआई के जरिए 2000 रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन होता है, तो उस पर 1.1 प्रतिशत पीपीआई लगेगा। इस मामले को लेकर, खासतौर पर व्यापारी वर्ग खासा चिंतित हो गया था, तो आम लोगों के मन में भी सवाल उठने शुरु हो गए थे। 

देशभर में चर्चा यही थी कि दो दिन बाद यानी 1 अप्रैल 2023 से नया वित्त वर्ष (New Financial Year) शुरू होने जा रहा है। इसकी शुरुआत के साथ ही क्या यूपीआई से लेन-देन (UPI Transaction) भी महंगा होने वाला है? मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 2000 रुपये से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर PPI चार्ज लगाने की सिफारिश की है। इन खबरों पर NPCI ने एक प्रेस रिलीज जारी कर अपना रुख साफ किया है और कहा है कि यूपीआई फ्री है।

जताई गई थी आशंका
मंगलवार को जारी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि NPCI ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानि PPI लगाने की तैयारी की है। ये चार्ज 0.5-1.1 फीसदी लगाए जाने की सिफारिश की गई है। सर्कुलर में UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 1.1 फीसदी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानि PPI लगाने का सुझाव दिए जाने का जिक्र किया गया था, जो मर्चेंट ट्रांजैक्शंस यानी व्यापारियों को पेमेंट करने पर देय होगा।
 
 

NPCI ने रिलीज जारी कर कहा
एनपीसीआई ने बुधवार को जारी रिलीज में कहा है कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) फ्री... फास्ट... सुरक्षित और निर्बाध है। हर महीने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स और कारोबारियों के लिए 8 अरब रुपये से अधिक लेन-देन बिल्कुल फ्री संसाधित किए जाते हैं। NPCI की ओर से ये रिलीज उन खबरों के बाद जारी की गई है, जिनमें बताया गया था कि UPI से 2000 रुपये से ज्यादा मर्चेंट पेमेंट पर प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट PPI चार्ज वसूले जाने की आशंका जताई गई थी।   

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