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बड़ी खबरः 17 साल बाद साध्वी प्रज्ञा समेत सभी 7 आरोपी मालेगांव ब्लास्ट केस से बरी

डेस्क। वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में NIA कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 17 साल की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित समेत सातों आरोपियों को बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने साफ कहा ब्लास्ट हुआ था, लेकिन ये साबित नहीं हो सका कि बम वही था जो मोटरसाइकिल में रखा गया था। न ही यह साबित हो पाया कि मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा की थी या बम कर्नल पुरोहित ने बनाया।

फैसला विशेष जज एके लाहोटी ने सुनाया। जिन आरोपियों को बरी किया गया है, उनमें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर धर द्विवेदी शामिल हैं।

29 सितंबर 2008 को हुए इस धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS ने की थी, लेकिन 2011 में यह केस NIA को सौंपा गया। 2016 में NIA ने चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में तीन जांच एजेंसियां और चार जज बदले जा चुके हैं।

इससे पहले 8 मई 2025 को फैसला आने वाला था, लेकिन उसे टालकर 31 जुलाई को सुनाया गया। कोर्ट के फैसले के साथ अब ये मामला कानूनी तौर पर खत्म हो गया है, लेकिन यह केस अपने राजनीतिक और सामाजिक असर के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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