कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मोदी सरनेम को लेकर मानहानि केस में गुजरात हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। गुजरात हाईकोर्ट ने सजा पर रोक की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका खारिज कर दी है। गुजरात हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी के 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने की राह भी मुश्किल हो गई है।
गुजरात हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी क्या 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे? गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी के लिए 2024 का चुनाव लड़ने की राह और मुश्किल हो गई है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद राहुल के पास अभी सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है। अगर सुप्रीम कोर्ट मोदी सरनेम पर टिप्पणी को लेकर मानहानि के केस में राहुल गांधी को दोषी ठहराने, सुनाई गई सजा के निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा देता है। तब वे 2024 का चुनाव लड़ सकते हैं।
अदालत ने फैसला सुनाया कि दोषसिद्धि पर रोक लगाना एक अपवाद है, नियम नहीं। मानहानि का मामला 2019 के लोकसभा चुनाव अभियान से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, 'सभी चोरों का एक ही उपनाम मोदी कैसे है।'
राहुल के वकील ने तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल अपनी लोकसभा सीट 'स्थायी और अपरिवर्तनीय रूप से' खो सकते हैं, क्योंकि अपराध में अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है। वकील ने आगे तर्क दिया था कि इस तरह के नुकसान के चलते 'उस व्यक्ति और जिस निर्वाचन क्षेत्र का वह प्रतिनिधित्व करता है, उसके लिए बहुत गंभीर परिणाम होंगे।'
इससे पहले मई में गुजरात उच्च न्यायालय ने इस मानहानि मामले में सजा पर रोक लगाने के लिए राहुल गांधी की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।