केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री श्री महेंद्रनाथ पाण्डेय ने नवनिर्मित भेल सदन का उदघाटन किया
नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने बीएचईएल दिवस पर नवनिर्मित बीएचईएल सदन का उद्घाटन, विद्युत् एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री, कृष्ण पाल गुर्जर की उपस्थिति में किया। केंद्रीय मंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह 18 मंज़िल भवन अत्याधुनिक तकनीक एवं मानकों के अनुरूप निर्मित एक ईको-फ्रेंडली ग्रीन बिल्डिंग है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए बीएचईएल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री जी 2070 तक “नेट ज़ीरो” कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष बल दे रहे हैं। यह बड़ी खुशी की बात है कि यह भवन 30 kW के सोलर पावर सिस्टम से युक्त है और बीएचईएल की हरित ऊर्जा की दिशा में और आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बीएचईएल की स्थापना देश को बिजली की बड़ी मशीनें बनाने में आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई थी। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि आज बीएचईएल राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए भारत की अर्थव्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। यह अपने विद्युत एवं अन्य सेक्टर्स के अलावा भारतीय रक्षा बलों के लिए भी महत्वपूर्ण उपकरणों और हथियारों की आपूर्ति कर रहा है। बीएचईएल भारतीय नौसेना के लिए उन्नत एसआरजीएम गन्स की आपूर्ति कर रहा है जो कि युद्धक जहाजों के लिए अग्रिम पंक्ति के हथियार हैं।
इसरो के सफल चंद्रयान 3 मिशन में भी बीएचईएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बीएचईएल ने इसके लिए बैटरियों और टाइटेनियम प्रोपेलेंट टैंकों की आपूर्ति की है। देखा जाए तो बीएचईएल न केवल ऊर्जा और इनफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासरत है बल्कि यह रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।