प्रदेश के प्रत्येक जिले में होगा मेडिकल कॉलेज… स्वास्थ्य क्षेत्र में मिलेंगे पर्याप्त आर्थिक संसाधन: केन्द्रीय मंत्री
भोपाल। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि महाकाल के पवित्र स्थान पर फूड स्ट्रीट का शुभारंभ हो रहा है। यह फूड स्ट्रीट यात्रियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य संरचना को मजबूत बनाने की ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक आर्थिक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना आवश्यक माना है। पहली बार देश में यह हुआ है कि विकास को मनुष्य के स्वास्थ्य से जोड़ा गया है। सिर्फ अस्पतालों के निर्माण से स्वास्थ्य क्षेत्र में लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस परिसर में प्रसादम के माध्यम से हेल्दी फूड मिलेगा। अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे आहार के विचार को क्रियान्वित किया जा रहा है। जन-स्वास्थ्य रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इस नाते गत कुछ सप्ताह में खुले में खाद्यान्न सामग्री बेचने और अस्वच्छ तरीके से मांसाहार के विक्रय पर अंकुश के लिए 25 हजार से अधिक दोषी लोगों को दंडित किया गया है। नागरिकों को अच्छा स्वास्थ्य देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में फूड स्ट्रीट प्रसादम एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री श्री मांडविया ने संयुक्त रूप से उज्जैन फूड स्ट्रीट (प्रसादम) का उद्घाटन किया। यह देश की पहली हेल्दी एंड हाइजैनिक फूड स्ट्रीट है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि महाकाल लोक परिसर के विकास के बाद यहाँ प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख लोग आ रहे हैं। शनिवार और रविवार में इनकी संख्या 3 और 4 लाख तक पहुंच जाती है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता मिल रही है। जिला अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी धन की कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री जी ने सड़क और आवास योजनाओं की भांति नेशनल हेल्थ मिशन के माध्यम से अनेक सुविधाएं प्रदान की है। उज्जैन फूड स्ट्रीट एक मॉडल है, जिसमें 17 संस्थान विभिन्न तरह का खान-पान उपलब्ध करवा रहे हैं। इसके लिए भारत सरकार द्वारा राशि प्राप्त हुई है। स्मार्ट सिटी के सहयोग से यह प्रकल्प क्रियान्वित हो रहा है।