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Gyanvapi: ज्ञानवापी के व्यासजी तहखाने में क्या है? आखिर क्यों अंग्रेजों ने इसे दिया था हिंदुओं को

डेस्क (साभार-न्यूज-18)। वाराणसी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी (Gyanvapi) के व्यासजी के तहखाने में पूजा पाठ शुरू हो गई है। 31 साल पहले, साल 1993 में यहां पूजा-पाठ पर रोक लगा दी गई थी, तब से व्यास परिवार कोर्ट में लड़ाई लड़ रहा था। आखिर क्या है व्यासजी का तहखाना? कौन है व्यास परिवार? कैसे मिला था यहां पूजा का अधिकार? आइये बताते हैं।

ज्ञानवापी परिवार के अंदर स्थित 10 तहखानों में एक हैं व्यासजी का तहखाना। व्यासजी का तहखाना  ज्ञानवापी मस्जिद के बैरिकेड वाले दक्षिणी हिस्से में है। यह तहखाना काशी विश्वनाथ परिसर के गर्भगृह के पास, नंदी की मूर्ति के ठीक सामने है। इस तहखाने के अंदर भगवान शिव, गणेश, कुबेर जी, हनुमान जी और मां गंगा की मगरमच्छ की सवारी वाली मूर्तियां हैं। व्यास परिवार के वकील सुभाष चतुर्वेदी के मुताबिक यह परिवार, तहखाने में 200 साल से ज्यादा वक्त से पूजा-पाठ करता आ रहा है।

व्यास परिवार का इतिहास पंडित केदारनाथ व्यास से शुरू होता है, जो दुर्लभ पांडुलिपियों और कई ग्रंथ के रचयिता रहे हैं। परिवार का दावा है कि उनके वंशज 1551 से ज्ञानवापी में पूजा करते रहे हैं। साथ ही साल 1880 से ज्ञानवापी मस्जिद प्रशासन के खिलाफ लड़ाई भी लड़ रहे हैं।

व्यास परिवार को ज्ञानवापी परिसर का तहखाना अंग्रेजों से मिला। साल 1819 में बनारस में हिंदू-मुस्लिम दंगा हुआ और इस दंगे को शांत करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने तहखाने वाला हिस्सा हिंदू पक्ष को दे दिया और ऊपर वाला हिस्सा मुसलमानों को। उस वक्त व्यास परिवार ज्ञानवापी के ठीक बगल में रहा करता था और सोमनाथ व्यास यहां पूजा-पाठ करते थे। अंग्रेजों ने इसी व्यास परिवार को तहखाने में पूजा-पाठ की इजाजत दे दी। बाद में यह 'तहखाना व्यासजी का तहखाना' के नाम से मशहूर हो गया।

तब से यही परिवार तहखाने में पूजा-पाठ करता आ रहा था। हालांकि बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने ज्ञानवापी के तहखाना के अंदर भी प्रवेश और पूजा पाठ पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से ही व्यास परिवार अदालत में लड़ाई लड़ रहा था। व्यास परिवार की तरफ से 'आचार्य वेद व्यास पीठ मंदिर' के मुख्य पुजारी शैलेंद्र पाठक व्यास ने याचिका दायर कर रखी थी। वह सोमनाथ व्यास के नाती हैं।

अदालत के आदेश के बाद व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ शुरू हो गई है। व्यास परिवार ने जिला प्रशासन की मौजूदगी में बैरिकेडिंग को हटाकर लोहे का गेट लगवाया। सुबह करीब ढाई बजे से सवा तीन बजे तक पूजा-अर्चना होती रही। वाराणसी के जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन करवा दिया गया है।

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