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पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले में सात आतंकियों को मृत्युदंड, एक को उम्रकैद

डेस्क। भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में वर्ष 2017 हुए ब्लास्ट में मदद पहुंचाने के मामले में एक को उम्रकैद और सात दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। आईएसआईएस संगठन के आतंकी गौस मुहम्मद खान, मो. अजहर, आतिफ मुज्जफर, मोहम्मद फैसल, मो. दानिश, सैयद मीर हुसैन एवं आसिफ इकबाल उर्फ रॉकी को मृत्यु दंड और मो. आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। एनआईए स्पेशल कोर्ट ने 28 फरवरी की देर शाम दोषियों की सजा का ऐलान किया। 7 मार्च 2017 को यूपी एटीएस ने मामला दर्ज किया था। एटीएस ने गिरफ्तार आतंकियों के पास से असलहे, बारूद बरामद किए थे।
 

मामले में एटीएस ने 8 मार्च, 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार आईएसआईएस लगातार इंटरनेट पर आतंकवादी घटनाओं का वीडियो अपलोड कर मुस्लिम नौजवानों को अपने संगठन से जोड़ने और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा था।

इसी से प्रभावित होकर मो. फैसल, दानिश अख्तर, आतिफ मुजफ्फर, सैफुल्ला व अजहर ने 7 मार्च, 2017 को मध्यप्रदेश के शाजापुर में पैसेंजर ट्रेन में धमाके की साजिश रची थी। सुराग मिलने पर पुलिस ने फैसल को कानपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात में शामिल आतिफ मुजफ्फर, दानिश अख्तर और सैफुल्ला उसी के मोहल्ले के हैं। जबकि गौस मुहम्मद का घर पर आना-जाना रहता था। वारदात को अंजाम देने के लिए इन लोगों ने खलीफा के नाम की शपथ ली थी। 
 

पुलिस ने इन सभी आतंकियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। जबकि काकोरी में हुई मुठभेड़ में सैफुल्ला मारा गया था। इसके बाद मामले की विवेचना एनआईए ने करते हुए बाकी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इन सभी पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन, विस्फोटक व हथियार एकत्र करने और जाकिर नाइक का वीडियो दिखाकर युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने समेत तमाम अन्य मामले में 21 मार्च, 2018 को आरोप तय किए गए थे। 

 
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