देश-विदेश

वन एयरस्पेस की तरफ बढ़ रहा है देश....जाने इसके फायदे

डेस्क | सरकार एविएशन सेक्टर में  बहुत बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। जल्दी ही देश में वन एयरस्पेस होगा। भारत दक्षता बढ़ाने और उत्सर्जन को कम करने के लिए एयरस्पेस मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने की योजना के साथ आगे बढ़ रहा है। इस पहल का उद्देश्य देश के एयरस्पेस को एक एकीकृत कमांड सेंटर के तहत लाना होगा, जिसे नागपुर में बनाया जा रहा है। देश का एयरस्पेस 2.8 मिलियन वर्ग समुद्री मील में फैला है और चार क्षेत्रों में विभाजित है। इस पहल का उद्देश्य देश के पुरे हवाई क्षेत्र को 'एकीकृत' करना है। अधिकारियों ने ईटी को बताया कि इस रणनीतिक कदम से हवाई यातायात प्रबंधन को ऑप्टिमाइज करने में बहुत मदद मिलेगी। इससे लागत बचत और बेहतर सुरक्षा उपायों से एयरलाइन कंपनियों को फायदा ही होगा।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने वैश्विक कंपनियों से प्रौद्योगिकी प्राप्त करने और एकल हवाई यातायात प्रबंधन प्रणाली के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी समाधानों को लागू करने के लिए, सलाहकारों से बोलियां आमंत्रित करके | इस प्रक्रिया की शुरुआत की है। इस पूरी प्रोसेस में आठ साल का समय लगने का अनुमान लगाया गया है। इसमें बुनियादी ढांचे का विकास, नियंत्रक प्रशिक्षण और नई प्रणाली में माइग्रेशन शामिल होगा। एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने पर एकीकृत हवाई क्षेत्र रणनीति एयरलाइनों को और अधिक कुशल उड़ान मार्गों की पहचान करने में सक्षम बनाएगी। इससे यात्रा समय और ईंधन की खपत में कमी होगी। इससे एयरलाइन कंपनियों की ऑपरेशन करने में भी सुधार होगा।

 

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