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दूरसंचार विभाग ने विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस 2024 मनाया

एआई द्वारा संचालित सतत डिजिटल विकास पर गोलमेज चर्चा में 30 से अधिक उद्योग जगत के प्रमुख लोगों, ओईएम और स्टार्ट-अप ने भाग लिया

सतत विकास के लिए आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को लागू करने की आवश्यकता होगी: दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल

दूरसंचार विभाग ने अपनी 5जी के इस्तेमाल से जुड़ी 100 प्रयोगशालाओं (5जी यूज केस लैब) के लिए एक महीने के 5जी पाठ्यक्रम में लगभग 350 संकाय सदस्यों और छात्रों को प्रशिक्षित किया

नई दिल्ली | दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने कहा कि सतत विकास के लिए संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, अर्थव्यवस्थाओं और सामाजिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि दूरसंचार इसका एक अभिन्न अंग है और 2025-26 तक भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की हो जाएगी, जिसकी सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी 15% होगी। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसा किसी अन्य तरीके से हो सकता है, सिवाय इसके कि हमारे पास एक बहुत मजबूत दूरसंचार नेटवर्क प्रणाली हो।”

सचिव (टी) विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी) पर दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा आयोजित गोलमेज चर्चा के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन दूरसंचार विभाग मुख्यालय में किया गया था।

सचिव (टी) ने डिजिटल कम्युनिकेशन इनोवेशन स्क्वायर (डीसीआईएस) और दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) जैसी योजनाओं के साथ विभाग के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से यह बहुत सारे उद्यमियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ है जो अब अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से छोटी या बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहे हैं।

सचिव (टी) ने बताया कि भारत में 5G को लागू करने की गति दुनिया में सबसे तेज बनी हुई है। इसके अलावा, देश भर में स्थापित की गईं 5जी के इस्तेमाल से जुड़ी केस लैब्स 5जी अनुप्रयोगों के विकास को प्रोत्साहित करके 5जी तकनीक से जुड़े अवसर प्रदान कर रही हैं। इसके लिए दिल्ली और उसके आसपास के विभिन्न कॉलेजों के लगभग 350 संकाय सदस्यों को एक महीने के 5जी पाठ्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया है। इस पाठ्यक्रम को इन-हाउस विकसित किया गया है।

इस अवसर पर दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रमुख, स्टार्ट-अप, एसोसिएशन और संगठन तथा मीडिया से जुड़े लोग मौजूद थे।

विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी), 17 मई को मनाया जाता है। यह दूरसंचार विभाग द्वारा वैश्विक स्तर पर आर्थिक एवं सामाजिक विकास में दूरसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करने के लिए मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवसों में से एक है।

डब्ल्यूटीआईएसडी को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की स्थापना के उपलक्ष्य में वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है और इंटरनेट तथा अन्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) के उपयोग से समाज और अर्थव्यवस्थाओं में पैदा होने वाली संभावनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल विभाजन को पाटने के तरीकों के बारे में भी जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। हर साल, डब्ल्यूटीआईएसडी दूरसंचार और सूचना समाज के मुद्दों से संबंधित एक विशिष्ट थीम पर ध्यान केंद्रित करता है और इस साल का फोकस "सतत विकास के लिए डिजिटल नवाचार" पर है।

इस अवसर पर, इस वर्ष दूरसंचार विभाग ने सचिव (टी) की अध्यक्षता में उद्योग जगत के प्रतिभागियों के साथ “एआई द्वारा संचालित सतत डिजिटल विकास” पर एक गोलमेज चर्चा का आयोजन किया।

विभिन्न उद्योग, स्टार्ट-अप, संगठनों और संगठनों ने गोलमेज चर्चा में भाग लिया, जिसमें तेजस नेटवर्क, वीवीडीएन, निवेट्टी, सिस्को, नोकिया, सेंसराइज, लेखा, स्पर्श, एचएफसीएल, एक्सएस इंफोसोल, टेमा, एमएआईटी, सीओएआई, वॉयस शामिल थे। इस चर्चा का उद्देश्य सतत विकास के लिए एआई की परिवर्तनकारी क्षमता का पता लगाना और इस पर चर्चा करना था कि एसडीजी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हितधारकों की तरफ से और क्या प्रयास करने की आवश्यकता है।

इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम में दूरसंचार विभाग की अन्य पहलों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जो एआई की क्षमता का उपयोग कर रही हैं, जिसमें ‘संगम: डिजिटल ट्विन’ और नागरिक-केंद्रित पोर्टल संचार साथी शामिल हैं।

बुनियादी ढांचा योजना और डिजाइन के लिए व्यावहारिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से, दूरसंचार विभाग ने 15 फरवरी, 2024 को एआई-संचालित इनसाइट्स पहल के साथ संगम डिजिटल ट्विन की पेशकश की थी। इस पहल ने उद्योग के दिग्गजों, तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों सहित हितधारकों के विविध पूल से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) के लिए आह्वान किया। इसका लक्ष्य डिजिटल ट्विन, दूरसंचार डेटा और एआई का उपयोग करके बुनियादी ढांचा योजना और डिजाइनिंग में संभावित लाभों को प्रदर्शित करने के लिए वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों और उपयोग के मामलों के प्रदर्शन के माध्यम से पुष्ट करना है।

मार्च 2024 में तीन आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 40 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया और इन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली। स्टेज-I ईओआई पर प्रतिक्रिया उल्लेखनीय रहीं, जिसमें 199 प्रस्तुतियां प्राप्त हुईं। इनमें से 144 आवेदकों को पीओसी (चयनित प्रतिभागियों की सूची https://sangam.sancharsaathi.gov.in/selected-participants) में भाग लेने के लिए चुना गया है। इन चयनित प्रतिभागियों में अच्छी तरह से स्थापित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों से लेकर गतिशील स्टार्टअप और प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थानों तक के प्रतिभागी शामिल हैं।

इसके अलावा, DoT चयनित प्रतिभागियों के लिए नेटवर्किंग इवेंट आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि विस्तृत और विशिष्ट तरीके से उपयोग के मामलों (यूज केस) का विकास किया जा सके, अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग के मामलों के मूल्य और महत्व का आकलन करने के लिए हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जा सके और अपेक्षित डेटा की व्यवहार्यता और उपलब्धता का मूल्यांकन किया जा सके। इन कार्यक्रमों से घटकों या मॉड्यूल को विकसित करने और बुनियादी ढांचा योजना और डिजाइनिंग के लिए उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए सक्षम और इच्छुक भागीदारों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।

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