सीएम के बाद अब मंत्री भगत ने कहा... कमजोर प्रदर्शन करने वाले विधायकों की कट जाएगी टिकट... लिस्ट में 35 नाम
2023-03-18 02:21 PM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर अब सत्तापक्ष कांग्रेस और भाजपा रणनीतिक विचार—विमर्श पर आ चुकी है। साल 2023 का रण जीतने के लिए कांग्रेस के दिग्गज हर छोटी—बड़ी कमजोरियों का आकलन करने में जुटे हुए हैं। सत्ता के संग्राम में भाजपा को बुरी तरह से शिकस्त देकर साल 2018 का चुनाव कांग्रेस ने जीत लिया था, तब भाजपा अति उत्साह में थी। लेकिन विपक्ष में आने और चार साल में खुद की तस्वीरें देखने के बाद अब भाजपा भी सत्ता पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र निपटते ही कांग्रेस पूरी तरह से चुनावी मोड में आ जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के लिए जिस तरह की जद्दोजहद की थी, अब उसे खोने के लिए वे किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहते हैं। इसलिए सीएम बघेल ने जनवरी 2023 में ही संकेत दे दिए थे कि प्रदेश में टिकट का वितरण विधायकों के परफार्मेंश से ही तय होगा। उस दौरान सीएम बघेल ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव पूर्व जिन्होंने नतीजा दिया, उन्हें ही टिकट मिलेगी, अन्यथा नहीं।
इस बात को दो माह ही बीते हैं कि मुख्यमंत्री के करीबी समझे जाने वाले मंत्री अमरजीत भगत ने विधायकों की टिकट को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल की बातों को दोहराते हुए कहा है कि प्रदेश में 35 विधायकों की टिकट कट सकती है। इसके पीछे उन्होंने वजह कमजोर प्रदर्शन को बताया है।
सीएम बघेल खुद बना रहे कुंडली
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। विधानसभावार भेंट मुलाकात कार्यक्रम के बहाने सीएम बघेल इस बात का जायजा ले रहे हैं कि कांग्रेस विधायकों के प्रति स्थानीय मतदाताओं का झुकाव कैसा है। भले ही इस बात की समझ किसी को ना हो, लेकिन मुख्यमंत्री बघेल इस मामले में एक मंझे हुए खिलाड़ी हैं और उनका आकलन अव्वल दर्जे का है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। सरगुजा से बस्तर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, धमतरी, कांकेर, मुंगेली, बिलासपुर, रायगढ़, कबीरधाम सहित और भी जिलों और विधानसभाओं के दौरे के बाद सीएम बघेल ने खुद ही विधायकों की कुंडली बनानी शुरु कर दी है, जिसका असर टिकट वितरण के समय नजर आएगा।
सीएम दे चुके हैं संकेत
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक दस महीने पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले विधायकों का टिकट कटेगा। कांग्रेस संगठन और सरकार ने विधायकों के कामकाज को लेकर पिछले चार साल में चार सर्वे कराया है। इन सर्वेक्षणों में करीब 30 प्रतिशत विधायकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया है। सर्वे के आधार पर विधायकों को प्रदर्शन सुधारने का अवसर दिया गया था।