संत रविदास ने दिया सच्ची भक्ति का प्रमाण... कठौती में आई मां गंगा
2026-05-16 09:07 PM
28
- रंग संस्कार महोत्सव में दूसरे दिन हुआ नाटक सूखी डाली और संत रविदास का मंचन
- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में कलासाधकों की प्रतिभा देख बजी तालियां
रायपुर। महान संत रविदास किसी मूर्ति या साकार रूप के बजाय निराकार ईश्वर (निर्गुण ब्रह्म) की भक्ति पर ज़ोर देते थे। रविदास का मानना था कि ईश्वर को पाने के लिए संन्यासी होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि व्यक्ति को अपने कर्म को सच्ची निष्ठा से करना चाहिए। उनके जीवन में घटित एक घटना जिसमें उन्होंने सच्ची भक्ति का प्रमाण देते हुए मां गंगा को अपनी कठौती में बुला लिया था। जिसके बाद तात्कालीन राजा काशी नरेश उनकी भक्ति के कायल हो गए थे। इन घटना का मंचन नाटक संत रविदास के रुप में महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में संस्कृति विभाग व संस्कार भारती द्वारा आयोजित रंग संस्कार महोत्सव के दूसरे दिन देखने को मिला।

नाटक का लेखन राकेश तिवारी ने किया और निर्देशन और परिकल्पना संत फरिकार की है। इसमें लगभग 30 कलाकारों ने प्रस्तुति दी। संत रविदास में भूमिका के साथ रंगसाधक नितीश यादव पूरा न्याय किया। वहीं काशी नरेश की भूमिका और अपने ओजस्वी संवाद के साथ डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर न्याय करते नजर आए। नाटक में गुरु की भूमिका हेमलाल पटेल ने निभाई। घनश्याम वर्मा, विशाल वर्मा, विमल फुटान, महक ओगले, कल्याणी धीवर, गीता फरिकार, सुमन आरोही , प्रीति फूटान और राखी गायकवाड़ ने अपने-अपने किरदारों को बखूबी मंच पर निभाया। और खूब तालियां बटोरी।
संयुक्त परिवार के महत्व को बताने में सफल रही ‘सूखा डाली’

रंग संस्कार महोत्सव में इससे पहले प्रसिद्ध साहित्यकार उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ द्वारा रचित लोकप्रिय और मार्मिक एकांकी सूखी डाली का मंचन किया गया। जिसकी दिग्दर्शक अर्पिता बेडेकर थी। इस नाटक के माध्यम से संयुक्त परिवार के महत्व, दो पीढ़ियों के विचारों के टकराव, और आपसी प्रेम-सद्भाव से बड़ी से बड़ी पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने के आदर्श को प्रस्तुत करता है। इस नाटक में दादा की भूमिका के साथ रंगसाधक लक्ष्मीकांत दुबे ने बखूबी न्याय किया। वेशभूषा और हावभाव से अपने पात्र को मंचित किया। वहीं छोटी बहू की भूमिका में मुस्कान शर्मा ने खूब मेहनत की। उसके संवादों ने दर्शकों को बांधे रखा। नाटक में परेश की भूमिका गौरव राय ने निभाई। वहीं बहूओं के रोल में दिप्ती ठाकुर, दीक्षा ठाकुर, अक्षिता जोशी, सुष्मिता उमरे, लक्ष्मी सोनवानी नजर आई।