रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम नेता प्रतिपक्ष और दिग्गज आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने आज अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव को दे दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने इस कदम के लिए पार्टी के ही नेताओं को जिम्मेदार बताया है। चुनावी साल में भाजपा के दिग्गज नेता, जिनका जनाधार भी है और जिन्होंने कई अह्म जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है, उनका इस तरह से इस्तीफा दिया जाना भाजपा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
भाजपा के आदिवासी नेता ने इस्तीफे में बहुत स्पष्ट उल्लेख किया है कि सालों तक पार्टी के लिए उन्होंने उन सभी जिम्मेदारियों का पूरी इमानदारी से निर्वहन किया, जो उन्हें सौंपी गई थी। वहीं उन्होंने इस्तीफे को लेकर लिखा है कि पार्टी के नेताओं ने उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया है, जिसकी वजह से उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।
इस्तीफे में लिखी बातें
उन्होंने इस्तीफे में लिखा कि, भारतीय जनता पार्टी के गठन और अस्तिव में आने के प्रारंभ से लेकर आज पर्यन्त तक पार्टी द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण पदों और उत्तरादायित्व की जितनी भी जिम्मेदारी मुझे दी गई, उसे पूरे समर्पण एवं कर्तव्य परायणता के साथ मैने अपने उत्तरदायित्व एवं पदों का निर्वहन किया, जिसके लिए मैं पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं।
पिछले कुछ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी में मेरी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से मेरे विरूद्ध अपनी ही पार्टी के राजनीतिक प्रतिद्वंदियों द्वारा षड़यंत्रपूर्वक मिथ्या आरोप और अन्य गतिविधियों द्वारा लगातार मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाया जा रहा है, जिससे मैं अत्यंत आहत महसूस कर रहा हूं।
बहुत गहराई से विचार करने के बाद मैं भारतीय जनता पार्टी की अपनी प्राथमिक सदस्यता एवं अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। मेरी इस्तीफा स्वीकार करने की कृपा करें।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, आज भारतीय जनता पार्टी जिसके गठन से लेकर आज पर्यन्त तक पूरे मेहनत एवं ईमानदारी से सींच कर फर्श से अर्श तक पहुंचाया था, उसे छोड़ते समय अत्यंत पीड़ा एवं दुख तो हो रहा है परन्तु वर्तमान में पार्टी में मेरे समाज की एवं मेरी छवि और गरिमा को जैसे आहत किया जा रहा था।