छत्तीसगढ़
ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर लाखों की ठगी, झारखंड से पकड़ाया शातिर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन जॉब के झांसे में आकर एक शख्स ने अपने लाखों रुपए गवां दिए। अननोन कॉल कर टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन जॉब से भारी मुनाफे का झांसा दिया इसके बाद अलग-अलग बहाने कर रुपए ऐंठ लिए। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद कुम्हारी पुलिस ने जांच की और आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार किया। आरोपी झारखंड अपने गांव में रहकर इस प्रकार की ठगी की घटना को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत कार्रवाई की है
मामले में गुरुमुख सिंह पिता सुखविन्दर सिंह (28) निवासी हाउसिंग बोर्ड कुम्हारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई। अपनी शिकायत में गुरुमुख सिंह ने बताया कि अज्ञात मोबाइल नंबर 8294391411 धारक द्वारा पार्ट टाईम जाब कर 500 से 50000 रुपए कमाने की स्कीम बताई। स्कीम के सुनने के बाद अलग अलग किश्तों में गुरुमुख सिंह ने कॉलर को कुल 3 लाख 50 हजार 400 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इतने पैसे देने के बाद भी कॉलर द्वारा और रुपयो की मांग की जाती रही लेकिन किसी प्रकार का जॉब नहीं मिला। इसके बाद गुरुमुख को ठगी का अहसास हुआ तो उसने शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया। साइबर सेल की मदद से पता चला कि कॉलर ने झारखंड से कॉल किया था। इसके बाद पुलिस को पता चला कि उक्त मोबाइल दौलत कुमार (24) निवासी मखगलपुर पोष्ट रामपुर थाना जिला साहेबगंज झारखण्ड़ होना पाया गया। इसके बाद लोकेशन के आधार पर कुम्हारी पुलिस की एक टीम झारखंड पहुंची और दौलत कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने ठगी करना स्वीकार किया। आरोपी को वापस लाने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
हमारी सरकार राज्य में खेलों के विकास और प्रतिभावान खिलाडियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने कोतबा में अपेक्स बैंक खोलने की घोषणा की
पीएचसी बागबहार का 30 बेड में होगा उन्नयन
मुख्यमंत्री ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में हुए शामिल
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के पत्थलगांव तहसील के ग्राम बागबहार मिनी स्टेडियम में आयोजित 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहार के 10 बेड के अस्पताल को 30 बेड में उन्नयन करने की घोषणा भी की। उन्होंने बागबहार के शिव मंदिर के पास तालाब के सौंदर्यीकरण, विश्रामगृह निर्माण, बागबहार चौक- चौराहों में हाई मास्क लगाने, मिनी स्टेडियम में आवश्यक सुविधाओं का विकास तथा कोतबा में अपेक्स बैंक खोलने की घोषणा की।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आयोजकों एवं खिलाडियों को इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार राज्य में खेलों के विकास और प्रतिभावान खिलाडियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया की शुरुआत की है। इससे भारत में कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही मैंने बिलासपुर की पर्वतारोही निशा यादव से फोन पर बात की। उसने मुझे बताया कि वह अफ्रीका सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों पर्वत पर तिरंगा फहराना चाहती है। मैंने उन्हें 3 लाख 45 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, ताकि वह अपने सपने को पूरा कर सके। इसी तरह मैंने धमतरी की गरीब परिवार की बेटी बैडमिंटन खिलाड़ी बिटिया रितिका ध्रुव से भी फोन पर बात कर सरकार की तरफ से पूरी मदद करने की जिम्मेदारी ली गई है।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय एवं विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने एफ. सी. माकरचुंवा, तहसील पत्थलगांव और गोंड ब्रदर्स किंजिरकेला उड़ीसा के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
सकरी की सड़क अब नहीं रही संकरी, उन्नयन से हुई चौड़ी... 16 करोड़ की सड़क का लोकार्पण
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का छत्तीसगढ़ दौरा 25 को, रायपुर रेलवे स्टेशन का करेंगे निरीक्षण
रायपुर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 25 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। इस दौरान रेल मंत्री रायपुर रेलवे स्टेशन के निरीक्षण करेंगे, साथ ही रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। रायपुर रेलवे स्टेशन पर लगभग 1 घंटे रुकने के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव माना एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे को लेकर रायपुर रेलवे स्टेशन में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्टेशन की दीवारों का रंग रोगन किया जा रहा है। साथ ही मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रायपुर रेलवे स्टेशन से नया रायपुर होकर अभनपुर तक चलने वाली मेमू ट्रेन को भी हरी झंडी दिखा सकते हैं।
बता दें कि अश्विनी वैष्णव का बतौर रेल मंत्री यह पहला रायपुर दौरा होगा. शेड्यूल के मुताबिक, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 24 नवंबर को रात्रि विश्राम नागपुर में करेंगे। अगले दिन 25 नवंबर की सुबह लगभग 9:30 बजे रेलवे स्टेडियम नागपुर में एससी और एसटी रेलवे कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम के बाद रेल मंत्री रायपुर के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 23 नवम्बर को बिलासपुर में 143 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 23 नवंबर को बिलासपुर को 143 करोड़ 68 लाख रूपये की लागत के अनेक विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सकरी रोड, मिनोचा रोड, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, मिनी स्टेडियम, सिटी कोतवाली के पास निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग और अरपा नदी तट पर निर्मित राम सेतु मार्ग का लोकार्पण करेंगे। साय इस मौके पर लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में राउत नाचा महोत्सव में शामिल होंगे।
अरपा उत्थान और तट संवर्धन प्रोजेक्ट अंतर्गत अरपा नदी के दांयी तरफ की सड़क का नाम रामसेतु मार्ग रखा गया है। रामसेतु मार्ग की लागत 49 करोड़ 98 लाख रूपये है, जिसमें फूटपाथ, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट, रिटेनिंग वॉल, पीचिंग और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है।
शहर के पुराने और प्रतिष्ठित शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला मल्टीपरपज़ स्कूल के मैदान को संवार कर बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 21 करोड़ 79 लाख रूपये की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया है, जिसमें 14115 वर्ग मीटर का सर्व सुविधायुक्त क्रिकेट मैदान है जिसकी दर्शक क्षमता 850 है। यहां डे-नाईट मैच खेलने की सुविधा है। यहां इनडोर गेम्स जैसे स्नूकर, बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस, स्क्वैश खेलने की सुविधा के साथ-साथ आधुनिक जिम बनाया गया है। इसके अलावा ट्रेनिंग हॉल का निर्माण किया गया है। इसी भवन में अलग से वीआईपी गैलरी,एनाउंसमेंट बॉक्स और पेंट्री रूम के साथ ही यहां बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए एक हॉस्टल बनाया गया है। यहां दो लॉन टेनिस कोर्ट बनाया गया है।
14 करोड़ 60 लाख रूपये की लागत से संजय तरण पुष्कर परिसर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया गया है, इस तीन मंजिला इस स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग, ग्राउंड फ्लोर में रिसेप्शन और रेस्टोरेंट संचालित होगा। प्रथम तल में बैडमिंटन, स्क्वैश कोर्ट, टेबल टेनिस, स्नूकर, बिलियर्ड्स, द्वितीय तल में मल्टीपरपज हॉल, योगा, मैट गेम की सुविधा है। तीसरे तल में मनोरंजन की अनेक सुविधाएं है।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया गया है, जिनमें पिंक प्ले ग्राउंड का लोकार्पण पहले ही किया जा चुका है।
29 करोड़ 76 लाख की लागत से साढ़े तीन एकड़ में कोतवाली थाना परिसर में तीन मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर के अलावा सभी फ्लोर में पार्किंग की सुविधा दी गई है जिसमें 192 कार और 325 बाइक एक साथ पार्क की जा सकेगी। ग्राउंड फ्लोर को कमर्शियल कांप्लेक्स के तौर पर विकसित किया गया है जिसमें 46 दुकानों का निर्माण किया गया है।
उस्लापुर रेल्वे ओव्हरब्रिज से लेकर सकरी बाईपास चौक तक 15 करोड़ 87 लाख की लागत से नगर निगम द्वारा सवा चार किमी सड़क का उन्नयन और चौड़ीकरण किया गया है। सड़क चौड़ीकरण और उन्नयन होने से राहगीरों को काफी राहत मिली है और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली है। उन्नयन और चौड़ीकरण के तहत मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई गई है, डिवाइडर बनाया गया है, स्ट्रीट लाइट और दोनों तरफ नाली निर्माण भी किया गया है।
11 करोड़ 68 लाख की लागत से शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, उन्नयन, साइनेज, मिनोचा कॉलोनी रोड और रोटरी शामिल है, जिसमें प्रमुख रूप से महावीर नगर चौक से उस्लापुर ओव्हर ब्रिज तक 800 मीटर सड़क, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट और रोटरी शामिल है। शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, साइनेज, रोड मार्किंग के कार्य शामिल हैं।
हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस में खराब भोजन से मचा हंगामा, यात्रियों की तबीयत बिगड़ी
रायपुर। दुरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों को बासी भोजन परोसने का मामला रेलवे की सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता हैं। खराब भोजन खाने से बहुत से यात्री फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए है। जिससे उनका गुस्सा बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा,इससे ट्रेन यहाँ दो घंटे खड़ी रही।
हावड़ा से पुणे जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में टाटानगर स्टेशन से चढ़ाए गए भोजन को लेकर यात्रियों की नाराजगी इसे परोसने के बाद से ही शुरू हो गई थी। यात्रियों का आरोप है कि भोजन बासी और खराब था। इसे खाते ही कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, बेचैनी और फूड पॉयजनिंग की शिकायतों के बाद यात्रियों ने चिकित्सा सहायता के लिए रेलवे से संपर्क किया। लेकिन रेलवे की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं पहुंची। इस लापरवाही ने यात्रियों के गुस्सा और बढ़ा दिया। रात करीब 12 बजे जैसे ही ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, नाराज यात्रियों ने प्लेटफॉर्म पर जमकर हंगामा किया।
यात्रियों का कहना था कि ट्रेन में करीब 1400 यात्री सफर कर रहे थे। अगर सभी यह खराब भोजन खाते तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों और खानपान स्टाफ की लापरवाही को उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया। हंगामे के कारण ट्रेन को दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर रोकना पड़ा। रेलवे सुरक्षा बल और स्टेशन मास्टर ने यात्रियों को शांत कराने की कोशिश की। आखिरकार, दो घंटे बाद शोर शराबा क़र रहे सभी यात्री शांत हुए. इसके बाद यात्रियों को लेकर ट्रेन यहाँ से रवाना हुई।
मुख्यमंत्री साय कल बिलासपुर में..... 143 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण
विधायक देवेंद्र यादव की जमानत पर सुनवाई फिर टली, अब 25 नवंबर को होगी
रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने बलौदाबाजार हिंसा मामले में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है। पहले यह सुनवाई 22 नवंबर को होनी थी, लेकिन अब इसे 25 नवंबर तक के लिए टाल दिया गया है।
भिलाई विधायक देवेंद्र यादव पिछले तीन महीनों से बलौदाबाजार हिंसा मामले में जेल में हैं। यह हिंसा 10 जून को बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट परिसर में हुई थी, जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए थे। यादव को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत को लेकर बलौदाबाजार सत्र न्यायालय में भी सुनवाई जारी है।
इस बीच, बलौदाबाजार हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और फरार आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आशीष टंडन के रूप में की गई है, जिसे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ और आगजनी करते हुए देखा गया था। अब तक इस मामले में कुल 187 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
देवेंद्र यादव की जमानत को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, बलौदाबाजार हिंसा मामले में 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 18 गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। पहले गिरफ्तार हुए आरोपियों की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी हैं, जिससे यादव की जमानत पर भी संशय गहरा गया है।
सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई में 10 नक्सलियों को मार गिराया
देश की राजधानी दिल्ली में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की दिखी झलक
रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति व कला के बड़ी संख्या में लोग साक्षी बने। मौका था 43वें भारत अंतरर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का, जहां एमफी थियेटर में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने मनोहर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य दिवस समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ पवेलियन में अलग-अलग स्टॉलों का भ्रमण कर कलाकारों को प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में राज्य को "संभावनाओं की भूमि" बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब "सशक्त भारत" के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि में नवाचार, और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। हमारा उद्देश्य राज्य को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास के संयोजन के साथ एक वैश्विक पहचान बनाने के लिए तैयार है।
सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ से आये कलाकारों ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न उत्सवों, तीज त्योहारों पर किए जाने वाले नृत्यों की प्रस्तुति दी। दर्शकों ने भरपूर तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ी लोकमंच पर गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ, और पंथी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रस्तुतिकरण किया। कलाकारों ने गौरा-गौरी और भोजली की धार्मिक परंपरा, सुआ नृत्य के भावपूर्ण गीत, और राउत नाचा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जीवंत लोक परंपराओं से दर्शकों को रूबरू कराया। इसके साथ ही पंथी और करमा नृत्य द्वारा आध्यात्मिकता और भक्ति भाव से दर्शकों को सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी, संस्कृति व राजभाषा विभाग के संचालक विवेक आचार्य, लघु वनोपज के महाप्रबंधक मणिवासन एस, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकास कार्यों की समीक्षा की
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का ध्यान रखने के दिए निर्देश, जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने कहा
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को बीजापुर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के नारायणपुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित बीजापुर जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। साव ने बैठक में अंदरूनी इलाकों में सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यो में तेजी लाते हुए समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक लेट-लतीफी करने वाले और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने वाले ठेकेदारों के कार्यों को निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री साव ने बैठक में बीजापुर के आवापल्ली, बासागुड़ा, जगरगुंडा मार्ग की प्रगति की जानकारी ली और इसका निर्माण कार्य आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने 50 किलोमीटर लंबाई के नेलसनार-गंगालूर मार्ग के शेष बचे 11 किलोमीटर का निर्माण कार्य भी जल्दी पूरा करने को कहा। साव ने बीजापुर से भोपालपटनम मार्ग में मोदकपाल के पास सड़क दुर्घटनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत तीन चरणों के सर्वे कार्य को जल्द पूरा करते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजापुर एवं बस्तर संभाग सुदूरवर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्र है। यहां काम करने में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चुनौतियों के बीच काम करने का अनुभव अलग होता है। आप लोगों को बस्तर के सरल-सहज आदिवासी भाई-बहनों के विकास और कल्याण के कार्य करने का मौका मिला है। आप लोग संवेदनशीलता के साथ बस्तरवासियों की तकलीफों को समझें और उनसे प्रेमपूर्वक बातें कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। बीजापुर के कलेक्टर संबित मिश्रा ने बैठक में विकास योजनाओं और जिले में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के सीईओ हेमंत रमेश नंदनवार, डीएफओ रामाकृष्णा रंगानाथा वाय., इन्द्रावती टाइगर रिजर्व के उप निर्देशक संदीप बल्गा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर फिर लहराया परचम
छत्तीसगढ़ ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर फिर लहराया परचम
कांकेर जिला बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए हुआ चयनित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवार्ड 21 नवंबर विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमारे राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में नक्सल आपरेशन में मिल रही सफलता की पूरे देश में हो रही है प्रशंसा : मुख्यमंत्री साय
चार लोगों से 70 लाख रुपये की ठगी.... महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सीपत क्षेत्र के ग्राम झलमला में एक बदमाश द्वारा 70 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया हैं। पीड़ित ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच में जुट गई। जिसके बाद पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना सीपत थाना क्षेत्र का हैं। पीड़ित गोविंद राम साहू ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज कराई। बताया जा रहा कि, ग्राम झलमला में रहने वाले आरोपी अभिषेक साहू और उसके परिवार के लोगों के शामिल खाते की 7 एकड़ 30 डिसमिल जमीन है। जिसे आरोपी अभिषेक साहू और उसके परिवार वाले बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे।
इस दौरान आरोपी अभिषेक साहू ने जमीन बेचने के नाम पर कुल 4 लोगो से करीब 70 लाख की ठगी कर ली। सभी ने जब अपने रुपयों की मांग की तो आरोपी अभिषेक साहू गांव छोड़कर भाग निकला। पीड़ित ने धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज कराई। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच में जुट गई। जिसके बाद पुलिस ने महिला समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं।
बिलासपुर-कटनी मार्ग पर 21 से 30 नवंबर तक नर्मदा एक्सप्रेस-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित 20 ट्रेनें निरस्त
रायपुर। बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस एवं जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित 20 ट्रेनें 21 नवंबर से 30 नवंबर के मध्य निरस्त की गई है। इस दौरान बिलासपुर रेल मंडल के नौराजाबाद स्टेशन में तीसरे रेल लाइन जोड़ने का कार्य होगा।
Train Cancelled List: यह गाड़ियां निरस्त…
23 नवंबर से दो दिसंबर – 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस।
21 से 30 नवंबर – 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस।
23 से 30 नवंबर – 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस।
24 नवंबर से एक दिसंबर – 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस।
22 से 30 नंवबर – 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस।
23 नवंबर से एक दिसंबर – 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस।
25, 27 एवं 29 नवंबर – 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस।
26, 28 एवं 30 नवंबर -11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस।
23 से 30 नवंबर – 06617 कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस।
24 नवंबर से एक दिसंबर – 06618 चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस।
Train Cancelled List: इन ट्रेनों का परिचालन भी रहेगा प्रभावित…
23 नवंबर से एक दिसंबर – 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस।
22 से 30 नवंबर – 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस।
25 एवं 28 नवंबर – 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस।
26 एवं 29 नवंबर – 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस।
26 एवं 29 नवंबर – 22867 दुर्ग-नज़मुद्दीन एक्सप्रेस।
27 एवं 30 नवंबर – 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस।
24 एवं 26 नवंबर – 18203 दुर्ग-कानपूर एक्सप्रेस।
25 एवं 27 नवंबर – 18204 कानपूर-दुर्ग एक्सप्रेस।
24 नवंबर – 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस।
25 नवंबर – 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की पात्रता के लिए आय सीमा नहीं का बंधन नहीं
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्र ने बताया कि यह गलत जानकारी कुछ लोगों द्वारा वायरल की जा रही है जिसमें पात्रता के लिए 6000 रूपये की आय सीमा बताई जा रही है। जो भ्रामक और वस्तुस्थिति से परे है। वास्तव में इस योजना में 1 से 3 किलोवॉट का सोलर पावर प्लांट बिजली उपभोक्ता की छत पर लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपए तक की सबसिडी का प्रावधान सभी के लिए है ,चाहे वे किसी भी आय व जाति वर्ग के हों।
योजनानुसार प्रतिमाह 300 यूनिट की मुफ्त बिजली मिलेगी ,जो उपभोक्ता की छत पर सौर ऊर्जा के रूप में उत्पादित होगी। यदि छत पर उत्पादित पूरी बिजली का उपयोग उपभोक्ता किसी कारण से नहीं कर पाता तो उसके ग्रिड के माध्यम से समायोजन की व्यवस्था भी रहेगी ताकि उपभोक्ता को आर्थिक लाभ में बाधा न आये। जो उपभोक्ता बैंक से ऋण लेना चाहते हैं उनके लिये मात्र 7 प्रतिशत ब्याज पर आसान ऋण की व्यवस्था भी की गई है। आवेदन के लिए पीएम सूर्यघर के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन करना होता है। यह योजना अपने घर की छत पर अपना बिजली घर बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है ।
गुरू घासीदास-तमोर पिंगला बना देश का 56वां टाइगर रिजर्व….. मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
रायपुर। छत्तीसगढ़ को बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व मिल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद दिया है। यह टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व होगा। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर होगा। इनमें आरक्षित वन 1254.586 वर्ग किलोमीटर, संरक्षित वन 1438.451 वर्ग किलोमीटर तथा राजस्व क्षेत्र 136.35 वर्ग किलोमीटर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को देश के 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किए जाने की जानकारी राष्ट्र को दी है। उन्होंने कहा कि भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में हमने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, और इसका बफर क्षेत्र 780.15 वर्ग किलोमीटर का है। यह इसे आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाता है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश में अधिसूचित होने वाला 56वां टाइगर रिजर्व बन गया है।
भारत की राष्ट्रीय वन्यजीव योजना में परिकल्पित संरक्षण के लिए परिदृश्य दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, नव अधिसूचित बाघ अभयारण्य मध्य प्रदेश में संजय दुबरी बाघ अभयारण्य से सटा हुआ है, जो लगभग 4500 वर्ग किलोमीटर का परिदृश्य परिसर बनाता है। इसके अलावा, यह अभयारण्य पश्चिम में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य और पूर्व में झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अक्टूबर, 2021 में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य को अधिसूचित करने के लिए अंतिम मंजूरी दी थी।
छोटा नागपुर पठार और आंशिक रूप से बघेलखंड पठार में स्थित यह बाघ अभयारण्य विविध भूभागों, घने जंगलों, नदियों और झरनों से समृद्ध है, जो समृद्ध जीव विविधता के लिए अनुकूल हैं और इसमें बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवास मौजूद हैं। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से 365 अकशेरुकी और 388 कशेरुकी सहित कुल 753 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। अकशेरुकी जीवों का प्रतिनिधित्व ज्यादातर कीट वर्ग द्वारा किया जाता है। कशेरुकी जीवों में पक्षियों की 230 प्रजातियाँ और स्तनधारियों की 55 प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनमें दोनों समूहों की कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ शामिल हैं। इस अधिसूचना के साथ, छत्तीसगढ़ में अब 4 बाघ रिजर्व हो गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिल रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से इस प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।