छत्तीसगढ़
कार से 3 करोड़ का सोना बरामद, रायपुर के दो सेल्समैन कवर्धा में पकड़े गए, 8 लाख नकद भी
रायपुर। कवर्धा पुलिस ने राजधानी रायपुर के दो सैल्समैन को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति बिना दस्तावेजों के भारी मात्रा में सोना लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर संज्ञान लेते हुए कवर्धा पुलिस ने नाकेबंदी कर एक कार को रोका। कार में रायपुर के टिकरापारा भगत चौक निवासी उमाशंकर साहू और बैरन बाजार, फव्वारा चौक निवासी जावेद जिवानी सवार थे। पुलिस को उनके पास से 4 किलो सोना बरामद, कीमत लगभग 3 करोड़ बरामद किया है। उनके पास से 8 लाख रुपये नगद भी बरामद हुए हैं। मामले में आरोपियों को कवर्धा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस ने बताया कि अवैध रूप से बिना बिल और वैध दस्तावेजों के लाए जा रहे लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण सहित 8.40 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई थाना कवर्धा पुलिस द्वारा एक सूचना के आधार पर की गई, जिसमें दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और सोने के परिवहन के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति बिना दस्तावेजों के भारी मात्रा में सोना लेकर जा रहे हैं। इस पर थाना कवर्धा पुलिस ने नाकाबंदी कर एक वाहन को रोका, जिसमें उमाशंकर साहू और जावेद जिवानी सवार थे।
पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो गाड़ी में 4 किलो सोना होना बताया, जिस पर पुलिस ने दोनों को वाहन और माल मशरूका सहित थाना लाकर थाना सीसीटीवी और वीडियो कैमरा में समक्ष उनकी तलाशी ली। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से सोने के अलग अलग आभूषण जिसका कुल वजन 4000.700 ग्राम था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है, जिसे जब्त किया गया। 8.40 लाख रुपये नकद और एक कार भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने इनसे इस सोने से संबंधित दस्तावेज मांगे तो दोनों व्यक्तियों द्वारा कोई भी वैध दस्तावेज या बिल प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ कि यह अवैध रूप से ले जाया जा रहा सोना हो सकता है। मामले में अग्रिम कार्यवाही करते हुए धारा 106 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा, पुलिस इस मामले की सूचना आयकर विभाग और राज्य कर (GST) को भी दे रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह मामला अघोषित संपत्ति, कर चोरी या हवाला लेन-देन से तो जुड़ा नहीं है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने कहा कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी व्यक्ति के पास भारी मात्रा में सोना, चांदी या नकदी पाई जाती है और उसके पास वैध दस्तावेज नहीं होते, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कबीरधाम पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी को भी भारी मात्रा में नकदी, सोना या अन्य बहुमूल्य धातुओं के अवैध लेन-देन की जानकारी मिलती है, तो कृपया तत्काल पुलिस को सूचित करें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
CGMSC घोटालाः हाईकोर्ट में 4 आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) घोटाले की सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने 4 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। निजी फर्म के प्रमोटरों ने याचिका लगाई थी। जस्टिस सिन्हा ने कहा कि एसीबी-ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में इनकी भूमिका सामने आई है। लिहाजा, अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। करीबन 750 करोड़ के घोटाले की एसीबी-ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। 2021 में मेडिकल उपकरण खरीदी में बड़ा घोटाला हुआ था। आरोप है कि जरूरत का सही आंकलन किए बगैर खरीदी की गई है। एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज, सीबी कार्पोरेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। अभी भी इस मामले की जांच जारी है।
प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग के सीजीएमएससी ने मोक्षित कॉरपोरेशन के माध्यम से प्रदेश के राजकोष को भारी क्षति पहुंचाई है। इस पूरे मामले को लेकर भारतीय लेखा एंव लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) आईएएस यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था। लेखा परीक्षा की टीम की ओर से सीजीएमएससी की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था। ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने भरपूर सहयोग किया।
बता दें कि सीजीएमएससी स्कैम में 5 अधिकारियों को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है। इन सभी अधिकारियों को पूछताछ के लिए पिछले दिनों ईओडब्ल्यू दफ्तर बुलाया गया था। जिसके बाद उन्हें देर रात पकड़ लिया गया था। रायपुर के स्पेशल कोर्ट में उन्हें पेश कर रिमांड मांगी गई थी। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में सीजीएमएससी के महाप्रबंधक तकनीशियन बसंत कौशिक, जीएम तकनीशियन कमलकांत पाटनवार, बायोमेडिकल इंजीनियर शिरौंद्र रावटिया, स्वास्थ्य विभाग स्टोर इंचार्ज डॉ. अनिल परसाई और आनंद राव शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू ने अपनी एफआईआर में स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारियों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है। एफआईआर में 750 करोड़ का घोटाला बताया गया है। एफआईआर में स्वास्थ्य संचालक और सीजीएमएससी की एमडी पर गंभीर टिप्पणी की गई है। इस एफआईआर के बाद यह माना जा रहा था कि जांच की जद में कई आला अफसर आ सकते हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अफसरों की मिलीभगत से राज्य शासन को अरबों रुपये की चपत लगाई गई। दो आईएएस अफसरों से पूछताछ हो चुकी है। कुछ और से पूछताछ होगी।
विधानसभा में पूर्व के सत्र में सरकार के दिए गए लिखित जवाब में बताया गया था कि मोक्षित कार्पोरेशन ने बाजार दर से कहीं ज्यादा कीमत पर रिएजेंट की सप्लाई कर बड़ा मुनाफा कमाया है। विधानसभा में दी गई एक जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ था कि कुल 182 जांच उपकरण, मशीन और केमिकल रिएजेंट की खरीदी की गई थी। इस खरीदी पर कुल 608 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। छत्तीसगढ़ सरकार को की गई स्वास्थ्य सामानों की सप्लाई में 4 गुना से लेकर 200 गुना तक मुनाफा कमाया गया। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा बगैर सांठगांठ के संभव भी नहीं है।
प्रधानमंत्री के हाथों हुआ शुभारंभ : कोरबा में 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट के कार्य का
15800 करोड़ की लागत से 660-660 मेगावॉट की दो विद्युत इकाइयां स्थापित की जाएगीं
रायपुर | ऊर्जाधानी कोरबा के साथ प्रदेश के लिए आज का दिन बहुत उपलब्धि भरा रहा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के चैथे चरण की स्थापना के कार्य का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुआ। 
प्रधानमंत्री ने बिलासपुर से वर्चुअल जुडक़र रिमोट दबाकर कार्य का श्रीगणेश किया। राज्यपाल महामहिम रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रधानमंत्री ने प्रदेश की जनता को विभिन्न नवनिर्माण कार्यों के शुभारंभ, लोकार्पण एवं भूमिपूजन की बधाई दी।इस उपलब्धि के साथ ही भविष्य में प्रदेश में जनरेशन कंपनी के ताप विद्युत संयंत्र से उत्पादित होने वाली बिजली की क्षमता 4160 मेगावॉट हो जाएगी। अभी ताप संयंत्रों से उत्पादित बिजली की क्षमता 2840 मेगावाट है। जनरेशन कंपनी की अभी ताप एवं जल से कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 2978 मेगावाट है।
15800 करोड़ की इस परियोजना के कार्य शुभारंभ समारोह में कार्यपालक निदेशक (परियोजना) सीएल. नेताम, मुख्य अभियंता पीके श्रीवास्तव एवं भेल के डीजीएम राजेश राव ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कर देवों को आहूति प्रदान की। प्रबंध निदेशक एसके कटियार की अगुवाई में परियोजना का निर्माण विद्युत संयंत्र की उपलब्ध भूमि पर ही किया जा रहा है। सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट की 660 मेगावॉट की दो इकाइयों का निर्माण भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) के सहयोग से किया जाएगा। इस अवसर पर भेल के 20 अभियंताओं की टीम उपस्थित रही।
कार्यक्रम में डीएसपीएम कोरबा पूर्व के मुख्य अभियंता संजीव कंसल, एबीवीटीपीएस मड़वा के मुख्य अभियंता एचएन कोसरिया एवं पीजीटीआई कोरबा पूर्व के कार्यपालक निदेशक एसके बंजारा एवं रायपुर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण समेत स्थानीय अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में कार्य शुभारंभ के साक्षी बने।
उपमुख्यमंत्री सीएम विजय शर्मा ने हिंदू नववर्ष पर की महाआरती
रायपुर | उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को हिंदू नववर्ष के पावन पर्व पर एकता चौक पहुंचे, जहां उन्होंने भारत माता और नव दुर्गा माता की महाआरती की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।शहर में हिंदू नववर्ष को लेकर हर्षोल्लास का माहौल रहा। विभिन्न समितियों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिनमें राम दरबार, भगवान शिव, राधा-कृष्ण और अन्य धार्मिक स्वरूपों की अद्भुत प्रस्तुतियां देखने को मिलीं।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने झांकियों स्वागत किया और भगवान शंकर से आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सदस्यों का अभिनंदन करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को सहेजने का पर्व है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपने धार्मिक मूल्यों को समझने और समाज में प्रेम, एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
हमें अपनी समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, मनीराम साहू, अतुल देशलहरा, पोखराज परिहार, निशांत झा, पार्षद अजय ठाकुर, योगेश चंद्रवंशी, दीपक सिंहा, बिहारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहे। रंगोली सजाकर, ध्वज फहराकर और भजन-कीर्तन कर नववर्ष का स्वागत किया।
नगरवासियों ने जगह-जगह रंगोली सजाकर, ध्वज फहराकर और भजन-कीर्तन कर नववर्ष का स्वागत किया। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। उपमुख्यमंत्री ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास और खुशहाली के लिए जनसहयोग का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “पक्का मकान बन गया है?” – इस सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा : कहा – “हां, बन गया है”
प्रधानमंत्री जनमन योजना बनी आत्मसम्मान की छत – एक सजीव संवाद की प्रेरक कहानी
तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में
सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी
दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों में
रायपुर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद।

यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था।
छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए यह दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। रविवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी।
रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु… ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।
आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।
वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है – “मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया… और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं… रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।”
बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है – “आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।” प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भेंट : नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।

छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।
बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है।
यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है।
बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।
छत्तीसगढ़ में बदल रहा है बस्तर - भय से भरोसे की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले में एक साथ 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबलों को दी बधाई |
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में एक साथ 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबलों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 के सकारात्मक परिणाम अब ज़मीन पर स्पष्ट दिखने लगे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कुचक्र में फंसे लोग अब बंदूक छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, यह परिवर्तन स्वागतयोग्य है। हमारी सरकार हर उस व्यक्ति के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है, जो लाल आतंक छोड़ शांति का रास्ता चुनता है।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी दोहराया कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2026 तक वामपंथी उग्रवाद के समूल उन्मूलन के संकल्प का ही परिणाम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर अंचलों में सड़कों का निर्माण, स्कूलों और अस्पतालों की स्थापना ने बस्तर क्षेत्र में सरकार के प्रति विश्वास और उम्मीद की लौ जगाई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, यह भरोसे की वापसी है। जो कल भय का प्रतीक थे, वे आज भविष्य की उम्मीद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और नवचेतना के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद का खात्मा तय है। इसके तहत डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में अब तक 2200 से ज्यादा नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है और आत्मसमर्पण किया है, साथ ही अब तक 350 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग के सुदूर अंचलों में हमारी सरकार द्वारा लगातार नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने, नियद नेल्ला नार योजना से सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। हमारी सरकार, लाल आतंक का दामन छोड़ शांति के रास्ते पर लौटने वाले इन लोगों के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है।
पीएम मोदी पहुंचे बिलासपुर... थोड़ी देर में आम सभा को करेंगे संबोधित
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर बिलासपुर पहुंच चुके हैं। इससे पूर्व रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही राज्यपाल रमेन डेका, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा और मंत्री-विधायकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम कुछ ही क्षणों में बिलासपुर के मोहभट्टा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी आज 7 रेल परियोजना की आधारशिला रखेंगे और 4 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। जिनकी लागत 2,695 करोड़ है। प्रधानमंत्री मोदी मोहभट्टा बिलासपुर की सभा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोपहर 3.30 बजे अभनपुर-रायपुर के बीच नवा रायपुर होकर स्पेशल मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।
अभनपुर, रायपुर और मंदिर हसौद के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी। 10 रुपए में लोग आना-जाना कर सकेंगे। रेल सेवा चालू होने से नवा रायपुर में बसाहट बढ़ेगी। राज्य मंत्रालय और संचालनालय जाने वालों को भी सुविधा होगी।
रेलवे के इन कामों का करेंगे लोकार्पण
1.राजनांदगांव-बोरतलाव (तीसरी लाइन) 48 किमी पूरी हुई है। यह राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसकी कुल 228 किमी लंबाई और लागत 747 करोड़ है।
2.नई रेल लाइन नवा रायपुर होकर मंदिर हसौद से केन्द्री-अभनपुर तक 26 किमी 353 करोड़
दुर्ग-रायपुर सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 37 रेल किमी 88 करोड़ में हुआ।
3.छत्तीसगढ़ में सभी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण।
छत्तीसगढ़ में बदल रहा है बस्तर... भय से भरोसे की ओर: मुख्यमंत्री साय
हमारी नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 का परिणाम है कि बीजापुर जिले में कुल 50 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जाना ऐतिहासिक है। इस महत्वपूर्ण कामयाबी के लिए सुरक्षाबलों को बहुत-बहुत बधाई।… pic.twitter.com/YXKlzrKWe5
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 30, 2025
सूरजपुर जिले के चंपाजोर जंगल में दिखा बाघ... राहगीरों ने बनाया वीडियो, प्रशासन सतर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ी के सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ क्षेत्र में सुबह एक बाघ नजर आने से हड़कंप मच गया। यह बाघ चांदनी बिहारपुर वन परिक्षेत्र के चंपाजोर जंगल में देखा गया। इसी दौरान ओड़गी-बिहारपुर मार्ग से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने बाघ का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आज से कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र मेला शुरू हो रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में वन विभाग और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बाघ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
वन विभाग की टीमें इलाके में गश्त कर रही हैं और सुरक्षा उपायों को पुख्ता किया जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सतर्क रहें और वन क्षेत्र में अकेले जाने से बचें। वन विभाग का कहना है कि बाघ की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती भी की गई है।
जिला खनिज न्यास मद से शहर को मिली सर्वसुविधायुक्त दिव्यांग विद्यालय सह-छात्रावास ’’ उमंग ’’ की सौगात
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने फीता काटकर किया दिव्यांग विद्यालय सह-छात्रावास का लोकार्पण
रायपुर | जिला खनिज न्यास मद से कोरबा शहर को सर्वसुविधायुक्त दिव्यांग विद्यालय सह-छात्रावास ’’ उमंग ’’ की सौगात मिली। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य व श्रम मंत्री लखनलाल देवागन ने फीता काटकर विद्यालय सह-छात्रावास का लोकार्पण किया, लोकार्पण पट्टिका का अनावरण करने के साथ ही सम्पूर्ण भवन एवं परिसर का निरीक्षण किया। इस मौके पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर अजीत वसंत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर सहित अन्य पार्षदगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं विद्यालय सह-छात्रावास के स्टाफजन उपस्थित थे।

जिला खनिज न्यास संस्थान मद से कोरबा के डिंगापुर बस्ती के समीप सर्वसुविधायुक्त दिव्यांग विद्यालय सह-छात्रावास का निर्माण एवं स्थापना का कार्य कराया गया है। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में दिव्यांग विद्यालय सह-छात्रावास में पठन-पाठन, प्रशिक्षण, आवास, भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई गई है, उक्त भवन में शिक्षण-प्रशिक्षण कक्ष, सेरेब्रल पॉलिसी-बहुदिव्यांग, मल्टीसेन्सरी विकास कक्ष, स्मार्ट क्लास रूम, मानसिक मंदता कक्ष, श्रवण वाणी बाधित कक्ष, पूर्ण-अल्प दृष्टि दिव्यांग कक्ष, बालक-बालिका हेतु पृथक-पृथक शयन कक्ष, मनोरंजन संगीत कक्ष, फिजियो एवं व्यायाम कक्ष, किचन, भोजन व स्वल्पाहार हाल, शौचालय स्नानागार, स्टाफ रूम, पंजीयन काउंटर सहित अन्य विविध व्यवस्थाएं वहॉं पर की गई हैं, ताकि दिव्यांग बच्चों को पठन-पाठन व बहुआयामी प्रशिक्षण व गतिविधियों की सहज सुलभ सुविधा उपलब्ध हो सके। प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त सर्वसुविधायुक्त दिव्यांग विद्यालय सह-छात्रावास का लोकार्पण किया, सम्पूर्ण भवन, कक्षों एवं परिसर का भ्रमण कर वहॉं पर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की सराहना की। उद्योग मंत्री देवांगन ने दिव्यांग बच्चों से भेंट की तथा उनके हालचाल की जानकारी लेते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी, मंत्री देवांगन ने इस मौके पर विद्यालय सह-छात्रावास में नियुक्त स्टाफजनों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजूदेवी राजपूत, कलेक्टर अजीत वसंत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर आदि के साथ जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर मनोज कुमार बंजारे, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, अजय कुमार चन्द्रा, अजय गोंड़, पार्षद लक्ष्मण श्रीवास, चन्द्रलोक सिंह, मुकुंद सिंह कंवर, मंडल अध्यक्ष राजेश राठौर, दिनेश वैष्णव, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जिला शिक्षा अधिकारी, निगम के अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूवा, कार्यपालन अभियंता भूषण उरांव, सहायक अभियंता राहुल मिश्रा, विनोद गोंड़, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा शहर एवं चौक-चौराहों के सौदंर्यीकरण की कड़ी में टी.पी.नगर चौक को सेदर (पंखुडी) चौक के रूप में विकसित किया गया है, जिसके मॉडल का विमोचन आज उक्त मौके पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के हाथों किया गया।
युवा CMA के लिए आयोजित प्री-प्लेसमेंट ओरिएटनाशन प्रोग्राम का समापन, ICMAI और BIT दुर्ग के बीच MOU का रास्ता तैयार
12 दिवसीय प्रे-प्लेसमेंट ओरिएटनाशन प्रोग्राम का समापन भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दुर्ग के सभागार में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागी युवा CMA , उनके माता पिता, देशभर के प्रैक्टिसिंग CMA एवं प्रोफेसरगन उपस्थित थे। पूर्व में यह कार्यक्रम मुंबई में होता था। यह पहला अवसर है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष ICMAI -WIRC के चेयरमैन CMA अरिंदम गोस्वामी ने कहा कि अपने देश में नौकरियों की कमी नहीं है। कमी है तो कौशल की। हमने 22 सेशन में 44 युवा CMA को विभिन्न विषय – विशेषज्ञ के द्वारा तराशने का कार्य किया है। अब ये युवा उद्योग जगत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
BIT दुर्ग के प्राचार्य डॉक्टर अरुण अरोरा ने देशभर से आये युवा CMA को शुभकामना देते हुए कहा कि BIT दुर्ग छात्रों के हिट में कार्य करता है। भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम के लिए तैयार है, जिससे युवाओं का सर्वांगिण विकास हो पाए। श्री अरोरा ने अपने कॉलेज के प्रोफेसरगण को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवा CMA का सेशन लेकर विकसित भारत 2047 में अपनी सहभागिता दी है। कार्यक्रम का समन्वय CMA सुषमा सिंह और BIT दुर्ग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने किया, जबकि इसका नेतृत्व प्रबंधन विभाग के प्रमुख डॉ. सत्यवर्धन तिवारी ने किया। कार्यक्रम में ICMAI-WIRC के चेयरमैन CMA अरिंदम गोस्वामी, CMA (डॉ.) संतोष राय (डायरेक्टर, प्रोफेशनल करियर एंड कंप्यूटर्स) और CMA श्रीनिवासन गणेशन (पूर्व निदेशक वित्त, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) ने छात्रों को प्रेरित किया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों को उद्योग में उत्कृष्टता प्राप्त करने और पेशेवर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए मार्गदर्शन भी दिया। यह ओरिएंटेशन प्रोग्राम वित्तीय, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स पर विशेषज्ञों द्वारा संचालित सत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत करता है, जो CMAs के लिए आवश्यक हैं।
दिन-वार मुख्य बिंदु और CMAs के लिए महत्व:
दिन 1 (17 मार्च 2025): कार्यक्रम का उद्घाटन CMA अरिंदम गोस्वामी ने किया, जिन्होंने नैतिकता, पेशेवर अखंडता और CMAs के लिए नियामक ढांचे पर जोर दिया। कोड ऑफ एथिक्स और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के दिशानिर्देशों की समझ पेशेवर विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। डॉ. सौरभ तोमर ने वित्तीय मॉडलिंग, स्टॉक मार्केट और डेरिवेटिव्स पर जानकारी दी, जो निवेश निर्णय लेने और वित्तीय नियोजन के लिए आवश्यक है।
दिन 2 (18 मार्च 2025): डॉ. मित्तू एस ने लिखित और मौखिक संचार कौशल पर चर्चा की, जो CMAs के लिए रिपोर्ट तैयार करने, प्रस्तुतियों और हितधारकों के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण हैं। डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव ने साक्षात्कार कौशल और व्यावसायिक शिष्टाचार पर मार्गदर्शन दिया, जिससे युवा CMAs को नौकरी में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
दिन 3 (19 मार्च 2025): डॉ. अपराजिता पटनायक ने ESG (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन) और स्थिरता पर एक सत्र आयोजित किया, जो कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग और अनुपालन में तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है। CMA CS सतीश तवानिया ने अप्रत्यक्ष कराधान और ई-फाइलिंग के महत्व को समझाया, जो GST, अनुपालन और नियामक रिपोर्टिंग में कार्यरत CMAs के लिए अनिवार्य है।
दिन 4 (20 मार्च 2025): डॉ. अभिषेक चक्रवर्ती द्वारा समन्वित मॉक ग्रुप डिस्कशन से टीमवर्क और विश्लेषणात्मक कौशल का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जो प्रबंधकीय भूमिकाओं के लिए आवश्यक है। डॉ. अंजना शेखर के सत्र ने CV लेखन और ड्राफ्टिंग पर फोकस किया, जिससे CMAs की रोजगार क्षमता बढ़ी।
दिन 5 (21 मार्च 2025): डॉ. सुनील कुमार ने उन्नत एक्सेल, ERP सिस्टम और डेटा प्रेजेंटेशन कौशल (हिस्टोग्राम, पाई चार्ट, बार डायग्राम) पर प्रशिक्षण दिया, जो वित्तीय विश्लेषण और रिपोर्टिंग के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. जुडिथ गोम्स ने Power BI और Canva जैसे उपकरणों को प्रस्तुत किया, जो डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और वित्तीय रिपोर्टिंग में सहायता करते हैं।
दिन 6 (22 मार्च 2025): CMA शशि रंजन ने प्रत्यक्ष कराधान (डायरेक्ट टैक्सेशन) पर ध्यान केंद्रित किया, जो कर अनुपालन और सलाहकार भूमिकाओं में CMAs के लिए आवश्यक है। डॉ. चैताली चौधरी ने एआई-संचालित डेटा एनालिटिक्स पर चर्चा की, जो वित्तीय डेटा के विश्लेषण और निर्णय लेने के लिए एक उभरता हुआ कौशल है।
दिन 7 (23 मार्च 2025): CMA CS CA अलंकार ने लागत और वित्तीय प्रबंधन रणनीतियों पर चर्चा की, जिससे CMAs लागत दक्षता और कॉर्पोरेट लाभप्रदता को संचालित कर सकें। डॉ. श्रवण पांडे ने भावनात्मक बुद्धिमत्ता और कार्य-जीवन संतुलन पर सत्र लिया, जो करियर की दीर्घकालिक सफलता के लिए आवश्यक है।
दिन 8 (24 मार्च 2025): CMA CS CA शरद कंकानी ने दिवालियापन और दिवालियापन संहिता (IBC) और मूल्यांकन पर प्रकाश डाला, जो कॉर्पोरेट पुनर्गठन और वित्तीय परामर्श में कार्यरत CMAs के लिए महत्वपूर्ण है। CMA अनमोल चौबे ने करियर के विभिन्न अवसरों, स्वतंत्र प्रैक्टिस और नौकरियों पर चर्चा की।
दिन 9 (25 मार्च 2025): CMA दीनोमणि नायक ने ग्राहक उन्मुखता, वार्ता कौशल और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं पर चर्चा की, जो कॉर्पोरेट क्लाइंट्स से निपटने और उद्योग की जानकारी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. अभिषेक चक्रवर्ती ने व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया, जो नेतृत्व भूमिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है। CMA CS CA अलंकार ने SAP – FICO का महत्व समझाया।
दिन 10 (26 मार्च 2025): CA प्रवीण बाफना ने कॉर्पोरेट कानून, लागत ऑडिट, आंतरिक ऑडिट, फोरेंसिक ऑडिट और सूचना प्रणाली सुरक्षा ऑडिट पर जानकारी दी, जो CMA पेशे के लिए आवश्यक हैं। डॉ. सत्य वर्धन तिवारी ने उद्यमिता और कौशल विकास पर चर्चा की।
दिन 11 (27 मार्च 2025): मॉक इंटरव्यू सत्र, जिसका समन्वय डॉ. मीनल शाह और श्रीमती श्रद्धा गुप्ता ने किया, ने प्रतिभागियों को उद्योग पैनलों का सामना करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया। पैनल में प्रमुख उद्योग पेशेवरों ने भाग लिया और मूल्यवान प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सुधारों से भारत बनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई' को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सीए छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल सीए पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है।
थुहा (कुरूद) उपकेन्द्र में 315 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर ऊर्जीकृत
रायपुर। अंतर्राज्यीय पारेषण प्रणाली के विस्तार के अभियान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को एक बड़ी उपलब्धि मिली जब थुहा (कुरूद) के 400 केवी उपकेंद्र में 315 एमवीए का विशाल ट्रांसफॉर्मर ऊर्जीकृत किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रमुख सचिव ऊर्जा सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 27 मार्च को प्रबंध निदेशक छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी आरके शुक्ला द्वारा इस वृहद ट्रांसफॉर्मर का ऊर्जीकरण किया गया।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा दूसरे राज्यों से बिजली प्राप्त करने के लिए 6 हजार मेगावॉट क्षमता की पारेषण प्रणाली को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर पारेषण लाइनों-उपकेंद्रों की स्थापना, नए वृहद ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना व क्षमता वृद्धि जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की पूंजीगत व्यय के अधीन कुरूद तहसील के ग्राम थुहा स्थित 400/220 केवी उपकेन्द्र में अतिरिक्त 315 एमवीए विशाल ट्रांसफॉर्मर की तीसरी इकाई की स्थापना 39 करोड रू. की लागत से की गई है।
नये ट्रांसफॉर्मर के चालू होने से 400 केवी कुरूद (थुहा) उपकेन्द्र की कुल क्षमता अब 915 एमवीए हो गयी है एवं प्रदेश में ट्रांसमिशन कंपनी में 400 केवी उपकेन्द्र की क्षमता 3150 एमवीए से बढ़कर 3465 एमवीए हो गई है। उपकेन्द्र की इस क्षमता वृद्धि का लाभ एक ओर राजिम, पाटन, गुरूर (बालोद), महासमुंद (परसवानी) स्थित 220 केवी उपकेन्द्रों से आपूर्ति प्राप्त कर रहे सभी श्रेणी के ग्रामीण एवं शहरी विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के रूप में होगा। वहीं दूसरी ओर इससे राज्य को केन्द्रीय उपक्रम के कोटे से आबंटित बिजली की अधिक मात्रा प्राप्त करने में सुविधा होगी।
नये ट्रांसफॉर्मर का ऊर्जीकरण कंपनी के प्रबंध निदेशक आरके शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ कार्यपालक निदेशक संजय पटेल, केएस मनौठिया, ज्योति नंनौरे एवं मुख्य अभियंता वीके दीक्षित, शारदा सोनवानी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रसन्ना गोसावी, आरके राठौर, अधीक्षण अभियंता वीए देशमुख, संजय शर्मा, करूणेश यादव, कार्यपालन अभियंता उमाकांत यादव, प्रत्युष अग्रवाल सहित संबंधित मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि कुरूद (थुहा) 400 केवी उपकेन्द्र से हाल ही में राजिम स्थित 220 केवी उपकेन्द्र हेतु नई लाइन भी ऊर्जीकृत की गई है। यह कार्य टर्न-की संस्था मेसर्स कल्पतरू पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, गांधी नगर गुजरात द्वारा संपन्न किया गया।
16 नक्सलियों का एनकाउंटर : सुकमा के जंगल में सुबह से जारी है मुठभेड़, दो जवान भी घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार को नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। शनिवार की सुबह से मुठभेड़ जारी है और इस दौरान दोनों ओर से गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों ने इस दौरान 16 नक्सलियों को मार गिराया है। बताया जा रहा है मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। सुरक्षाबलों ने मौके से एसएलआर सहित भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर उपमपल्ली केरलापाल इलाके के जंगल में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए। आईजी सुंदरराज पी ने 16 नक्सलियों के शव बरामद होने की पुष्टि की है। वहीं मौके पर भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं। मुठभेड़ में दो जवानों को मामूली चोटें आईं हैं। खबर है कि इस मुठभेड़ में डीवीसीएम जगदीश ढेर हो गया है।
सुकमा पुलिस के मुताबिक, जिले के थाना केरलापाल क्षेत्र में माओवादियों के उपस्थिति की सूचना पर 28 मार्च को जिला सुकमा डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त पुलिस पार्टी नक्सल विरोधी सर्च अभियान में रवाना हुए। अभियान के दौरान शनिवार की सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रूक-रूक कर मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ स्थल और आसपास क्षेत्रों की सुरक्षाबलों द्वारा सघन सर्चिंग जारी है। जवानों ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर रखा है। मुठभेड़ में डीवीसीएम केडर के नक्सली जगदीश के भी मारे जाने की खबर है। हाल ही में 25 लाख का नक्सली सुधाकर भी मार गिराया गया था। मुठभेड़ में दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें सुकुमा के स्थानीय अस्पताल में लाया गया है।
इधर बीजापुर जिले में शनिवार तड़के नक्सलियों के लगाए गए आईईडी में विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में एक महिला घायल हो गई है। पुलिस के अनुसार यह विस्फोट सुबह करीब 6.30 बजे भैरमगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के बोडगा गांव के पास हुआ था। बताया जा रहा है कि महिला महुआ फल इकट्ठा करने के लिए जंगल गई हुई थी। महुआ बीनकर महिला जंगल से लौट रही थी, तभी वह आईईडी के संपर्क में आ गई, जिससे विस्फोट हो गया। फिलहाल महिला का इलाज जारी है।
वन आधारित आजीविका को मजबूत कर जनजातीय समाज की आय बढ़ाने के लिए प्रयासरत है हमारी सरकार: मुख्यमंत्री
ACB की बड़ी कार्रवाई... एक ही दिन में दो घूसखोर गिरफ्तार, बाबू और पटवारी रंगे हाथों पकड़ाये
रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने घूसखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर ACB ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो गिरफ्तारियां की है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इन दोनों मामलों में एक पटवारी और एक तहसील कार्यालय का बाबू शामिल हैं, जो आम जनता से पैसे लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे।
पटवारी 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार गोविंदपुर में पदस्थ पटवारी को ACB की टीम ने 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि यह पटवारी एक व्यक्ति की जमीन की चौहदी (सीमांकन) बनाने के लिए पैसे की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना ACB को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर पटवारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
तहसील कार्यालय का बाबू भी 10 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया प्रतापपुर तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को भी ACB ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। यह बाबू सरकारी फाइलों को आगे बढ़ाने और संबंधित दस्तावेज तैयार करने के बदले रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद ACB ने इसे भी रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया।
ACB की दो टीमों ने की कार्यवाही ACB की अलग-अलग दो टीमों ने इन दोनों मामलों में तत्परता से कार्रवाई की और भ्रष्टाचार में लिप्त दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ACB की टीम इनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इनके साथ कोई और भी इस भ्रष्टाचार में शामिल है।