छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य
रायपुर | अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने 4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।
सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,
गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।
इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”
रायपुर : बीजापुर की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में चहुँओर विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए अनेक आयाम खुल रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी की एथलेटिक्स खिलाड़ी संतोषी भण्डारी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भोपाल के लिए किया गया है। यह चयन भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा 24 अप्रैल 2025 को जारी की गई चयन सूची के आधार पर हुआ है। जिसमें देशभर की 10 बालिका एथलीट्स को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। संतोषी भण्डारी सूची में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं, जो बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बीजापुर की छात्रा संतोषी भंडारी ने हाल ही में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 11 से 14 जनवरी 2025 तक रांची झारखंड में आयोजित 68 वीं नेशनल स्कूल गेम्स में 400 मीटर और 600 मीटर दौड़ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 400 मीटर में 1:02 मिनट और 600 मीटर में 1:41 मिनट का शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर 8 वां स्थान प्राप्त किया। इसके पूर्व, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 35 वीं वेस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चौंपियनशिप जो 4 से 6 अक्टूबर 2024 को नागपुर महाराष्ट्र में आयोजित हुई थी उसमें उन्होंने 4 था स्थान प्राप्त किया था।
भारतीय खेल प्राधिकरण हर वर्ष देशभर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और डाइट की सुविधा प्रदान करता है।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के लिए यह गौरव की बात है कि यहां की एक बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
महासमुंद : सुशासन तिहार राजस्व प्रकरणों का त्वरित समाधान, जमीन स्तर पर बदलाव की नई शुरुआत
जिले में ‘सुशासन तिहार’ अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा त्वरित समाधान हेतु किए जा रहे पहल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक हैं, बल्कि आम जनता को राहत देने वाले ठोस प्रयास भी हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के सतत मार्गदर्शन में राजस्व विभाग की टीम द्वारा जिस तत्परता से प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है, वह सराहनीय है।
सुशासन तिहार के इतर सामान्य दिनों में राजस्व विभाग के समक्ष आने वाले सबसे सामान्य लेकिन जटिल प्रकरणों में सीमांकन की समस्या प्रमुख है। पहले इन प्रकरणों के निराकरण में समय लग जाते थे, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन सुशासन तिहार के दौरान, इन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान गया। उदाहरणस्वरूप, ग्राम चौकबेड़ा के किसान ब्रज प्रसाद की भूमि का सीमांकन वर्षों से लंबित था, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया था। अभियान के दौरान राजस्व विभाग ने दो दिनों के भीतर सीमांकन कर रिपोर्ट प्रदान की, जिससे किसान परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी तरह उपतहसील पटेवा अंतर्गत किसान पंचराम और झाखरमुडा में ग्रामीणों सीमांकन की कारवाई की गई ।
इस अभियान में केवल बड़े प्रकरणों पर ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया। भू-अभिलेख की प्रतिलिपि, सीमांकन रिपोर्ट की प्रति, किसान किताब ,भूमि स्वामित्व की त्रुटियों का संशोधन, खातों की अद्यतन जानकारी जैसी मामूली लेकिन समय-संवेदनशील समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया जा रहा है।
अभियान के दौरान राजस्व विभाग द्वारा बसना तहसील अंतर्गत ग्राम डूमरपाली के किसान महेशराम, ग्राम जगत के मीन केतन और राजकुमार को तहसीलदार ममता ठाकुर द्वारा किसान किताब वितरण किया गया। इसके अलावा बागबाहरा के ग्राम तेंदुलोथा के श्रीमती पुरी हरपाल को भी किसान किताब एक सप्ताह के भीतर मिल गया।
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। लोग अब यह महसूस कर रहे हैं कि उनका शासन उनके द्वार पर है। बसना के किसान पंचराम ने कहा, “अब हमें तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, अफसर खुद गांव आकर समाधान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी सरकार की यह पहल वास्तव में समाधान कारक है।‘सुशासन तिहार’ केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुलझाने की एक सशक्त पहल है। महासमुंद जिले में इस अभियान ने प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को जमीन स्तर पर सिद्ध करने का प्रयास किया है। यदि इसी गति और भावना से कार्य होते रहे, तो सुशासन की यह अवधारणा एक स्थायी बदलाव का माध्यम बन सकती है।`
छत्तीसगढ़ में शुरू होगी ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है।
इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गों के विनिर्धारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गों पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।
इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में State of Art NIELIT की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान NIELIT को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
राज्य में NIELIT केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।
मंत्रिपरिषद ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने बैठक में ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।
अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा।
समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा।
विष्णुदेव कैबिनेट का अहम फैसला... बर्खास्त सहायक शिक्षकों का होगा समायोजन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक चल रही है। कैबिनेट की बैठक से एक बड़ी खबर आ रही है। बर्खास्त सहायक शिक्षकों के समायोजन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
आज विष्णुदेव साय कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें 2621 सहायक शिक्षकों के समायोजन का फैसला ले लिया गया है। इन सभी शिक्षकों का सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन होगा।
सीधी भर्ती 2023 में सेवा समाप्त 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन। pic.twitter.com/meMg5ISHg6
— OP Choudhary (@OPChoudhary_Ind) April 30, 2025पीएम आवास निर्माण में रायगढ़ ने मारी बाजी... पूरे प्रदेश में बना नंबर वन जिला
रायगढ़ की इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन की रणनीतिक योजना, फील्ड विजिट और सतत समीक्षा की अहम भूमिका रही। प्रशासन ने मिशन मोड में काम करते हुए जिला और जनपद स्तर के अधिकारियों को प्रतिदिन ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के लिए भेजा। इन निरीक्षणों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन समीक्षा की गई। निर्माण कार्य में आ रही चुनौतियों जैसे लेबर, राजमिस्त्री, सेंट्रिंग प्लेट और जल आपूर्ति की समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया गया। साथ ही, बड़े स्तर पर निर्माण वाले गांवों में आवश्यक सामग्री को एक स्थान पर संग्रहीत कर हितग्राहियों को सामग्री खरीदने में सुविधा प्रदान की गई।
राज्यपाल का लेटर पैड चोरी करने वाला फर्जी महामंडलेश्वर को पुलिस ने छिंदवाड़ा से किया गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने राजभवन रायपुर में फर्जीवाड़ा करने वाले महामंडलेश्वर अजय रामदास को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ाजिले से दबोचा, जहां वह साधु के वेश में रहकर खुद को धार्मिक गुरु बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2019 में तत्कालीन राज्यपाल अनुसुइया उइके के लेटर पैड की चोरी कर अजय रामदास ने कई फर्जी पत्र और नोटिस जारी किए थे। उसने इन दस्तावेजों पर राज्यपाल के फर्जी हस्ताक्षर तक बना दिए थे और कई प्रशासनिक अधिकारियों को गलत आदेश भी भेजे थे। इस जालसाजी से राजभवन की प्रतिष्ठा को गहरी क्षति पहुंची थी।
राजभवन के सचिव ने तत्काल ही सिविल लाइन थाना रायपुर में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कराया था। तभी से अजय रामदास फरार चल रहा था। पुलिस को लंबे समय तक उसकी कोई लोकेशन नहीं मिल पा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, अजय रामदास ने खुद को महामंडलेश्वर घोषित कर रखा था और साधु बनकर देशभर में घूमता रहा। छिंदवाड़ा में उसने नाम बदलकर लोगों को धार्मिक प्रवचन देने की आड़ में धोखा देना शुरू किया था। वह वहां धार्मिक आयोजनों में भाग भी ले रहा था।
छत्तीसगढ़ पुलिस को हाल ही में गुप्त सूचना मिली कि अजय रामदास छिंदवाड़ा में रह रहा है। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने वहां पहुंचकर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे रायपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड (Remand) पर भेजा गया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि अजय रामदास पर मध्यप्रदेश के कई थानों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। अब छत्तीसगढ़ पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उसके साथ और कौन-कौन लोग इस फर्जीवाड़े में शामिल थे
चलती कार की छत पर स्टंटबाजी करना पड़ा भारी, तीन युवक गिरफ्तार...
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर में चलती कार की छत पर सिगरेट पीते हुए स्टंटबाजी करने वाले तीन युवकों को पुलिस ने धर दबोचा। सिविल लाइन थाना और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर मोटर वाहन अधिनियम और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। साथ ही, 5300 रुपये का जुर्माना वसूलकर उनके परिजनों को कड़ी समझाइश दी गई।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ युवक काले रंग की कार क्रमांक सीजी 10 बीक्यू 0007 की छत पर चढ़कर सिगरेट का धुआं उड़ाते और खतरनाक स्टंट करते नजर आए। यह घटना अग्रसेन चौक के पास की थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के परिजनों को थाने बुलाकर यातायात नियमों के पालन की हिदायत दी। ट्रैफिक पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसी खतरनाक हरकतों से बचा जाए, क्योंकि यह न केवल स्वयं के लिए जोखिम भरा है, बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।
नक्सलियों ने फिर भेजा शांति वार्ता का प्रस्ताव, इस बार सेंट्रल कमेटी से आया अभय का पत्र, लिखा..
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चल रहे कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के बीच नक्सलियों की ओर से एक नया पत्र सामने आया है। नक्सल संगठन के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय के हवाले से जारी इस पत्र में, सरकार से बिना शर्त एक तय समय सीमा में युद्ध विराम घोषित कर शांति वार्ता शुरू करने की मांग की गई है।
यह सात दिनों के भीतर नक्सल संगठन की ओर से शांति वार्ता को लेकर भेजा गया दूसरा पत्र है। इस बार पत्र केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जारी किया गया है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।
पत्र में नक्सल संगठन ने कर्रेगुट्टा मुठभेड़ के दौरान तीन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि भी की है। साथ ही, संगठन ने सरकार से बारंबार शांति वार्ता के प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाने और वार्ता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की अपील की है।
नक्सलियों ने पत्र में मांग की है कि छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित प्रभावित राज्यों में युद्ध विराम कर बिना शर्त शांति वार्ता शुरू की जाए।
कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के बीच नक्सलियों की तरफ से दूसरी बार आया यह प्रस्ताव सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के लिए एक नई चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
आईजी अमरेश मिश्रा ने ट्रैफिक जवानों की लगाई दरबार, समस्याएं सुनी और स्मार्ट पुलिसिंग के दिए निर्देश
रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर अमरेश मिश्रा द्वारा राजधानी रायपुर के यातायात व्यवस्था के संबंध में ट्रैफिक में तैनात आरक्षक-प्रधान आरक्षकों की बैठक ली गई जिसमें शहर की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन में चर्चा की गई, साथ ही ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को होने वाली समस्याओं को भी सुना गया।
बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रैफिक पुलिस किसी भी शहर की पहचान है, किसी भी बाहर से आने वाले व्यक्ति का सामना सबसे पहले वहां की यातायात पुलिस एवं यातायात व्यवस्था से होता है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के लोग कैसे होंगे, आप सभी इस शहर की पहचान है। ट्रैफिक ड्यूटी पुलिस विभाग की सबसे कठिन ड्यूटी है, थाने के कर्मचारियों के पास विकल्प रहता है कि विपरीत मौसम जैसे सर्दी, गर्मी या बारिश बंद होने के बाद अपने कर्तव्यों का निष्पादन कर सकता है, किन्तु ट्रैफिक जवान को ऐसे विपरीत मौसम में भी रोड में खड़े रहकर अपने कर्तव्य का निष्पादन करना पड़ता है।
आईजी के द्वारा ट्रैफिक के जवानों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने व अपने परिवार व बच्चों के प्रति आशावादी बनने के लिए प्रेरित किया गया और कहा कि एक निराशावादी व्यक्ति कभी भी अपना या अपने परिवार का उद्धार नही कर सकता, उसी प्रकार ड्यूटी के दौरान हमे आशावादी बनना पड़ेगा और अच्छी यातायात व्यवस्था के लिए हम और अधिक क्या कर सकते है यह सोचना पड़ेगा। जब तक आप लोगों के मन में ऐसा विचार नही आयेगा तब तक हम अच्छी व्यवस्था नही बना सकते। हमे अपने शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक अच्छा बनाना है इसके लिए हम सभी को अपने विवेक से काम करना होगा।
बैठक के दौरान अमरेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी प्रकार की अपराधिक घटनाओं में अपराधियों का सामना सबसे पहले ट्रैफिक से होता है अतः आप में यह कौशल होना आवश्यक है कि आप वाहन चालक के हावभाव एवं उनकी आंखो को देखकर पहचान सकते है कि कौन अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और कौन सामान्य व्यक्ति। आप अपने बीट क्षेत्र के संदिग्ध लोगों पर भी नज़र रखें। ड्यूटी के दौरान यदि कोई वाहन चालक आपके साथ दुर्व्यवहार करता है या आपके साथ वाद-विवाद करता है तो उनसे उलझे नही तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से मुझे सूचित करें, मै अवश्य उनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही कराऊंगा।
पंजीयन विभाग में दस नवीन क्रांतियों का शुभारंभ..... ओपी चौधरी ने विभागीय कार्यों का लिया जायजा
रायपुर। वाणिज्य कर (पंजीयन) मंत्री ओपी चौधरी ने अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में महानिरीक्षक पंजीयन श्री पुष्पेंद्र मीणा, विभाग के अधिकारी एवं सभी जिले के जिला पंजीयक और उप जिला पंजीयक उपस्थित थे। बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मंत्री ने पिछले एक वर्ष में हुए सुधारों, पंजीयन दस्तावेजों की स्थिति, राजस्व प्राप्ति, स्थापना, सतर्कता प्रकोष्ठ की गतिविधियों, न्यायालयीन प्रकरणों की स्थिति, मुदांक एवं आरआरसी प्रकरणों, ऑडिट रिपोर्ट्स तथा डाटा डिजिटाईजेशन की जिलेवार प्रगति पर चर्चा की।
पाकिस्तानियों को छत्तीसगढ़ से बाहर भेजने पर आज होगा अहम फैसला, गृह विभाग की कुछ देर में बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी नागरिको को वापस भेजने को लेकर आज अहम फैसला होने जा रहा है। आज छत्तीसगढ़ के गृह विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। जिसमें पाकिस्तान से भारत में आए हुए संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जो इस गंभीर मुद्दे पर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, “आज की बैठक में विशेष रूप से उन लोगों को लेकर चर्चा होगी जो पाकिस्तान से भारत आए हैं और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे संदिग्ध लोगों की जांच को लेकर एक स्पष्ट और मजबूत प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।” इस बैठक में पाकिस्तान से संबंधित मामलों को लेकर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के उपायों पर भी विचार होगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह बैठक राज्य के गृह विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें ऐसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जो राज्य की सुरक्षा और शांति के लिए जरूरी हैं। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस बैठक का परिणाम राज्य की सुरक्षा में एक नई दिशा देने वाला हो सकता है, और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
यह बैठक राज्य की सुरक्षा स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। साथ ही, छत्तीसगढ़ में ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ में लिफ्ट और एस्केलेटर की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला.... अब 30 दिन में मिलेगी जरूरी सेवाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर सरकार ने लिफ्ट और एस्केलेटर से जुड़ी सभी सेवाओं को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट में शामिल कर दिया है। अब इन सेवाओं को अधिकतम 30 दिन के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। अगर तय समय में काम नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इससे उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों को समय पर सेवा मिलेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक - मुख्यमंत्री
नक्सलियों के खुफिया गुफा तक पहुंचे जवान, 1000 से ज्यादा के छिपने का ठिकाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना बॉर्डर के कर्रेगट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ पिछले 5 दिन से सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है। भीषण गर्मी के बीच नक्सलियों के एक ठिकाने तक पहुंचने में सुरक्षा बल को कामयाबी मिली। यहां मिले गुफा में पानी की धार भी है। यहां 1000 से ज्यादा नक्सली रह सकते हैं। नक्सलियों ने सुरक्षा बल के पहुंचने से पहले ही अपना ठिकाना बदल लिया है। ऐसी आशंका है कि कुछ नक्सली रात का फायदा उठाकर भाग निकले होंगे। फोर्स का मूवमेंट अभी भी पहाड़ियों के नीचे जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गुफा में आराम से एक हजार से अधिक लोग कई दिनों तक पनाह ले सकते हैं। गुफा के अंदर पानी से लेकर आराम करने लायक भी सुविधा मौजूद है। गुफा के अंदर ही एक बहुत बड़ा मैदान जैसी जगह भी है। गुफा के अंदर नमी होने की वजह से ठंडकता भी है। वीडियो में जवाब बात भी कर रहे हैं कि गुफा के अंदर कई दिन नक्सली आराम से रह सकते हैं। गुफा के अंदर से पहाड़ी से बाहर निकलने का रास्ता होने की बातें भी कही जा रही है। बता दें कि सुरक्षा बलों के एक्शन से नक्सली घबराए हुए हैं। दो दिन पहले नक्सलियों ने चिट्ठी जारी कर शांतिवार्ता की बात कही थी।
बता दें कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोतापल्ली गांव के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 5 दिनों से सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। यह देशभर में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 10 हजार से ज्यादा जवानों ने बड़े कैडर के नक्सली लीडरों समेत 1000 नक्सलियों को पहाड़ी एरिया में घेर रखा है। एंटी नक्सल ऑपरेशन में किसी भी तरह की दिक्कत न आए इसलिए जवानों को हेलीकाफ्टर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सेना से 2 एमआई-17 हेलीकॉप्टर से नक्सलियों की निगरानी और फायरिंग भी हो रही है। ड्रोन कैमरे भी आसमान पर उड़ाकर निगरानी की जा रही है। मुठभेड़ में जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें 3 महिला नक्सली के शव समेत हथियार बरामद हुए हैं। मुठभेड़ में तीन जवान भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। कई बड़े कैडर के नक्सलियों के घिरने की चर्चाएं चल रही है।
UPSC 2024 में अदीबा अनम ने रचा इतिहास... बनीं महाराष्ट्र की पहली मुस्लिम महिला IAS
डेस्क। “सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें।” इस विचार को साकार करते हुए महाराष्ट्र के यवतमाल की 26 वर्षीय अदीबा अनम अशफाक अहमद ने UPSC 2024 परीक्षा में 142वीं रैंक हासिल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। वह महाराष्ट्र की पहली मुस्लिम महिला IAS अधिकारी बनने जा रही हैं।
अदीबा का सफर संघर्ष, मेहनत और अटूट विश्वास का प्रतीक है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली अदीबा के पिता अशफाक अहमद पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और परिवार किराए के मकान में रहता है। आर्थिक चुनौतियों और सामाजिक बाधाओं के बावजूद अदीबा ने अपने सपनों के आगे कभी घुटने नहीं टेके।
उन्होंने जिला परिषद उर्दू स्कूल से पढ़ाई की और दसवीं में 94% तथा बारहवीं में 92.46% अंक हासिल किए। इसके बाद पुणे के अबेदा इनामदार कॉलेज से गणित में बीएससी किया। अपने सपने को साकार करने के लिए अदीबा ने पुणे की यूनिक अकादमी, मुंबई के हज हाउस और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के कोचिंग सेंटरों में कठिन परिश्रम किया। पहले दो प्रयासों में असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 2024 में तीसरे प्रयास में शानदार सफलता अर्जित की।
अपनी सफलता का श्रेय अदीबा अपने परिवार, विशेष रूप से अपने मामा और ‘सेवा’ एजुकेशनल फाउंडेशन को देती हैं, जिन्होंने उनके सपनों को पंख दिए। अदीबा का मानना है कि “कोई भी सपना असंभव नहीं होता, बस उसके लिए मेहनत और विश्वास जरूरी होता है।”
उनके पिता अशफाक अहमद ने गर्व के साथ कहा, “मेरी बेटी ने न सिर्फ हमारा, बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन किया है।” अदीबा की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन गई है कि सीमित संसाधनों और कठिनाइयों के बावजूद भी, शिक्षा और मेहनत के बल पर कोई भी ऊँचाई हासिल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ सुनी पीएम के ‘मन की बात’
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ को जनजागरण और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का अद्वितीय मंच है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार और संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी आमजन तक पहुंचती है, जिससे पूरे समाज में जागरूकता और ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल प्रेरणा देता है, बल्कि समाज में सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक परिवर्तन को भी प्रोत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि आज भारत के युवा तेजी से साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इलाके, जो कभी पिछड़ेपन और हिंसा के लिए पहचाने जाते थे, अब नवाचार के केन्द्र बन रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ कभी हिंसा और अशांति का साया था, वहाँ आज बच्चे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र आज पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जहाँ बच्चों को थ्री-डी प्रिंटर, रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। बच्चों का तकनीक के प्रति यह जुड़ाव भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और नवाचार के प्रति देश के युवाओं में बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र अब वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का केन्द्र बन रहा है, जो विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का प्रेरक माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह सराहना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक उत्साहवर्धक संकेत है।