छत्तीसगढ़
किशोर न्याय तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण कानूनों पर कार्यशाला सह परिचर्चा आयोजित
कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था। तकनीकी सत्रों में प्रशिक्षकों विपीन ठाकुर एवं शरवत हुसैन नकवी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव शम्मी आबिदी और संयुक्त संचालक नंदलाल चौधरी ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के कार्यों की जानकारी साझा की।
गंभीरता और सक्रियता से काम करें अधिकारी, बर्दाश्त नहीं की जाएगी कोताहीः अरुण साव
रायपुर। एक दिवसीय बालोद प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जिले में नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बालोद कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मौजूदा ग्रीष्म ऋतु में लोगों को पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी की समस्या से जूझना न पडे़, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पूर्वानुमान लगाकर समय पूर्व समस्या के निराकरण की व्यवस्था करने को कहा। सांसद भोजराज नाग भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में बालोद जिले के विभिन्न नगरीय निकायों तथा लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्वीकृत एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में अच्छी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों में पेयजल की व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और अटल परिसरों के निर्माण की प्रगति की सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से बारी-बारी से जानकारी ली। साव ने बालोद नगर पालिका के व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बालोद शहर में जिला मुख्यालय के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा शहरवासियों को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान सिटी डेव्हलपमेंट प्लान की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री साव ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सुबह नगर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा। साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का संपादन करने को कहा।
देश के युवाओं को सरकारी नौकरी देने की संकल्प सिद्धि हेतु रोजगार मेले का आयोजन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय श्री हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ में हुए शामिल
पुलिस प्रताड़ना के शिकार पत्रकार को लड़नी पड़ी लंबी कानूनी लड़ाई, 3 दशक बाद मिला न्याय
रायपुर। एक झूठे मामले में पत्रकार को ढाई साल जेल में रहना पड़ा। इस मामले में 31 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार हाईकोर्ट ने उसे न्याय दिया। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दोषी पुलिस अधिकारियों से 5 लाख रुपये मुआवजा वसूलने का निर्देश दिया है।
भिलाई सेक्टर-6 निवासी प्रदीप जैन ‘प्रदीप साइकिल स्टोर’ के नाम से व्यवसाय करते थे और साथ ही पुलिस ज्यादती के खिलाफ समाचार पत्रों में नियमित रूप से खबरें प्रकाशित करते थे। इसी कारण एएसआई आरके राय उनसे रंजिश रखने लगा और उन्हें फंसाने की कोशिश करता रहा। इसी बीच प्रदीप जैन के छोटे भाई की पत्नी ने आत्महत्या कर ली। मामला भिलाई सिटी कोतवाली में दर्ज हुआ, लेकिन 28 दिसंबर 1994 की रात को प्रदीप जैन और उनकी पत्नी साधना जैन को सिटी कोतवाली के बजाय सुपेला थाना लाया गया, जहां एएसआई राय तैनात था। वहां राय ने उन्हें पीटा और धमकी दी कि “ऐसे केस में फंसाऊंगा कि बीस साल जेल में सड़ते रहोगे।”
29 दिसंबर को साधना जैन को सिटी कोतवाली भेज दिया गया, लेकिन प्रदीप जैन को सुपेला थाने में ही रोके रखा गया। अगले ही दिन, यह झूठा दावा किया गया कि प्रदीप जैन को मोहन नगर दुर्ग थाना क्षेत्र के तहत तितुरडीह से 180 ग्राम अफीम बेचते हुए पकड़ा गया है। जबकि वह 28 दिसंबर की रात से लगातार पुलिस हिरासत में थे। प्रदीप जैन ने यह साबित किया कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया था। दुर्ग की ट्रायल कोर्ट में उन्होंने अपनी बेगुनाही साबित की, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार 893 दिन जेल में रहे।
फर्जी केस में फंसाए जाने को लेकर प्रदीप जैन ने जिला अदालत दुर्ग में मुकदमा दायर किया, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने वकील उत्तम पांडे, विकास बाजपेयी और पूजा सिन्हा के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रजनी दुबे और न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद पुलिस अधिकारियों को दोषी माना और प्रदीप जैन को 5 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश सुनाया। साथ ही निर्देश दिया गया कि इस राशि पर केस दर्ज होने की तिथि से अब तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी जोड़ा जाए और यह पूरी राशि दो महीने के भीतर दी जाए। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चाहे तो यह राशि दोषी पुलिसकर्मियों से वसूल सकती है।
देश को इस्पात उत्पादन का वैश्विक केन्द्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़- लखन लाल देवांगन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुंबई में आयोजित 'इंडिया स्टील 2025' सम्मेलन में भाग लिया। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2030 तक 300 मिलियन टन इस्पात उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा देश को इस्पात उत्पादन का वैश्विक केन्द्र बनाने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने राज्य के इस्पात उद्योग के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और उद्योगपतियों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
यह सम्मेलन 24 से 26 अप्रैल 2025 तक बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर (NESCO), मुंबई में आयोजित किया गया है। यह आयोजन भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा भी उपस्थित रहे।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ स्टील कैपिटल ऑफ इंडिया है। हमारे पास देश के लौह भंडार का 18 प्रतिशत है। हमारे यहां की बैलाडीला खदानों से निकलने वाले लौह अयस्क को गुणवत्ता के मामले में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने कहा ग्रीन स्टील से जुड़ी तकनीक को अपनाने में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने बताया स्टील सेक्टर की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए ही हमने प्रदेश में नई औद्योगिक नीति बनाई है। इस नीति में स्टील जैसे कोर सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस है। हम स्पंज आयरन और स्टील यूनिट्स पर 150 प्रतिशत तक इंसेटिव और छूट दे रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम, इज आफ डूइंग बिजनेस और स्पीड आफ बिजनेस का सबसे अधिक लाभ स्टील सेक्टर को मिल रहा है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए हम 118 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर रहे हैं।
देवांगन ने कहा कि हमने दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और रायपुर में इंवेस्टमेंट समिट किये हैं जिसमें साढ़े चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन त्वरित गति से किया जा रहा है। हाल ही में सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन इसका बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने बताया नई औद्योगिक नीति के तहत सर्वाधिक निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ शीर्ष दस राज्यों में शामिल हो चुका है।
6000 से ज्यादा जवानों ने नक्सलियों को घेरा, छत्तीसगढ़ सहित तीन राज्यों का ज्वाइंट ऑपरेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। देश के मोस्ट वांटेड नक्सली नेताओं के साथ करीब एक हजार से अधिक नक्सलियों को घेरने के लिए बस्तर के बहादुर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), कोबरा, CRPF, बस्तर फाइटर, महाराष्ट्र से C60 कमांडो और आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड्स फोर्स के जवानों के साथ वायु सेना को भी शामिल किया गया है। इस ऑपरेशन में अब तक 5 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। एक दिन पहले दो जवान भी घायल हुए थे, जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है।
नक्सलवाद पर शिकंजा कसने दो दिन पहले ही ऑपरेशन के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस वायु सेना के MI17 हेलीकॉप्टर, जगदलपुर, बीजापुर, तेलंगाना, आंध्र और महाराष्ट्र में तैनात किए गए। ड्रोन के जरिए पूरे इलाके की निगहबानी की जा रही है। हेलीकॉप्टर के जरिए जवानों की खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। इस ऑपरेशन पर छत्तीसगढ़ समेत देशभर की सुरक्षा एजेंसियों की नजर टिकी हुई है। बीजापुर समेत महाराष्ट्र और तेलंगाना में पुलिस के आला अधिकारी मौजद हैं। तीन राज्यों से ऑपरेशन पर नजर रखी जा रही है। जवानों के निशाने पर कर्रेगुट्टा और नीलम सराय पहाड़ी है, जहां 300 से ज्यादा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है।
बता दें कि, छत्तीसगढ़-तेलंगाना-महाराष्ट्र की सीमा पर करीब 6 हजार जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जवानों ने खूंखार नक्सली हिड़मा, दामोदर, देवा समेत कई बड़े लीडर और उनकी बटालियन को घेर लिया है। जिस पहाड़ी पर मुठभेड़ हो रही है वहां करीब 300 से ज्यादा नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। यह ऑपरेशन 24 घंटे से अधिक समय से चल रहा है। इंटेलिजेंस के अनुसार नक्सलियों के पास पर्याप्त राशन-पानी नहीं है। इधर जवानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए हेलीकॉफ्टर से फूड्स पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। उसके बाद जंगल में बाइक से खाना पहुंचाया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नक्सलियों के सामने अब कोई विकल्प नहीं बचा है। उनके सामने सरेंडर ही एकमात्र रास्ता है। सरेंडर नहीं करने पर मुठभेड़ में मारा जाना तय है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस इलाके में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1,2 समेत अन्य कंपनियां सक्रिय हैं। बड़े नेता हिड़मा, देवा, विकास समेत तेलंगाना-महाराष्ट्र-आंध्र की सेंट्रल कमेटी, DKSZCM (दंण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी), DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर), ACM (एरिया कमेटी मेंबर), संगठन सचिव जैसे बड़े कैडर्स के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है। रायपुर राजधानी से गृह विभाग और इंटेलिजेंस की टीम इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
एम्स रायपुर ने सफलतापूर्वक किया अपना पहला स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन में, एम्स रायपुर ने सफलतापूर्वक अपना पहला स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट किया। इसे किडनी पेयर्ड ट्रांसप्लांट (केपीटी) के रूप में भी जाना जाता है। इस उपलब्धि के साथ, एम्स रायपुर नए एम्स संस्थानों में से पहला और छत्तीसगढ़ राज्य का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जिसने इस जटिल और जीवन रक्षक प्रक्रिया को अंजाम दिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने और अंतिम चरण के किडनी रोग से पीड़ित रोगियों के लिए अभिनव उपचार समाधान प्रदान करने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अनुमान है कि इस स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट से ट्रांसप्लांट की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसकी क्षमता को पहचानते हुए, राष्ट्रीय संगठन और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वैप डोनर ट्रांसप्लांटेशन के कार्यान्वयन की सिफारिश की है क्योंकि इस विकल्प से डोनर की संख्या बढ़ सकती है। एनओटीटीओ ने देश भर में इन प्रत्यारोपणों को अधिक प्रभावी ढंग से सुविधाजनक बनाने के लिए एक 'समान एक राष्ट्र एक स्वैप प्रत्यारोपण कार्यक्रम' शुरू करने का भी निर्णय किया है।
स्वैप प्रत्यारोपण में, किडनी की खराबी से पीड़ित एक रोगी इच्छुक जीवित दाता होने के बावजूद रक्त समूह के अलग होने या एचएलए एंटीबॉडी की उपस्थिति के कारण किडनी प्राप्त नहीं कर सकता अब इस प्रत्यारोपण के माध्यम से किसी अन्य अन्य असंगत स्थिति के साथ दाताओं का आदान-प्रदान करके प्रत्यारोपण करवा सकता है। इस व्यवस्था के माध्यम से, दोनों प्राप्तकर्ताओं को उनके अनुकूल किडनी मिलती हैं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों के लिए सफल प्रत्यारोपण किया जा सकता है।
एम्स रायपुर में हासिल इस ऐतिहासिक उपलब्धि में, बिलासपुर के 39 और 41 वर्षीय दो पुरुष ईएसआरडी रोगी तीन वर् से डायलिसिस पर थे। दोनों को किडनी प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी गई थी। उनकी संबंधित पत्नियां जीवित दाताओं के रूप में आगे आईं। हालांकि, रक्त समूह असंगति यानी एक जोड़ी में बी+ और ओ+, और दूसरी में ओ+ और बी+- के कारण सीधे दान संभव नहीं था। इस चुनौती से निपटने के लिए, एम्स रायपुर में प्रत्यारोपण टीम ने एक सफल स्वैप प्रत्यारोपण का समन्वय किया। प्रत्येक दाता ने अपनी किडनी दूसरे प्राप्तकर्ता को दी, जिससे रक्त समूह की संगतता सुनिश्चित हुई और दोनों रोगियों को जीवन रक्षक अंग प्राप्त करने में सहायता मिली। रोगियों की शल्य चिकित्सा 15 मार्च 2025 को की गई थी और सभी चार व्यक्ति- दाता और प्राप्तकर्ता दोनों- वर्तमान में प्रत्यारोपण आईसीयू में कड़ी निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं
स्वैप प्रत्यारोपण टीम में डॉ. विनय राठौर (ट्रांसप्लांट फिजीशियन); डॉ. अमित आर. शर्मा, डॉ. दीपक बिस्वाल और डॉ. सत्यदेव शर्मा (ट्रांसप्लांट सर्जन); डॉ. सुब्रत सिंहा, डॉ. मयंक, डॉ. जितेंद्र और डॉ. सरिता रामचंदानी (एनेस्थिसियोलॉजिस्ट) और अन्य प्रत्यारोपण सह-समन्वय टीम के सदस्य और ओटी एवं प्रत्यारोपण नर्सिंग स्टाफ शामिल थे।
एम्स रायपुर ने छत्तीसगढ़ में अंग प्रत्यारोपण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्थान ने सफलतापूर्वक गुर्दा प्रत्यारोपण कार्यक्रम विकसित किया है, जिसमें जीवित और मृत दाता दोनों प्रत्यारोपण शामिल हैं। पिछले दो वर्षों में छह मृत दाताओं ने अपने अंग दान किए हैं।
एम्स रायपुर मृतक दाता अंग दान और मृतक दाता किडनी प्रत्यारोपण का शुभारंभ करने वाले नए एम्स में से प्रथम है। यह मृतक दाता बाल चिकित्सा किडनी प्रत्यारोपण शुरू करने वाला राज्य का पहला एम्स भी है। आज तक, संस्थान ने 95 प्रतिशत की ग्राफ्ट उत्तरजीविता दर और 97 प्रतिशत की रोगी उत्तरजीविता दर के साथ 54 किडनी प्रत्यारोपण किए हैं। यह संस्थान की नैदानिक उत्कृष्टता और उच्च गुणवत्तायुक्त रोगी देखभाल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बीजापुर में बड़ी मुठभेड़.... 5 नक्सलियों के मारे जाने की खबर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में जवानों और नक्सलियों के बीच जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अब तक 5 नक्सलियों को मार गिराया है। सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों के शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अब भी बाकी है।
यह मुठभेड़ बीजापुर-तेलंगाना सीमा के कर्रेगट्टा, नडपल्ली और पुजारी कांकेर की पहाड़ियों में 30 घंटे से जारी है। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के करीब 5000 जवान शामिल हैं।
अब तक 100 से ज्यादा आईईडी बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर टॉप नक्सली लीडर हिड़मा, देवा, विकास समेत कई सेंट्रल और डिविजनल कमेटी के सदस्य मौजूद हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है।
रेलवे चला रहा “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” अभियान... लोगों को कर रहे जागरूक
रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रेल यात्रियों, रेल संपत्ति की सुरक्षा के साथ ही साथ अपने सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सर्वाच्च प्राथमिकता के साथ कर रही है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा कर्तव्यनिष्ठा से जरूरतमंद यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ यात्रियों एवं उनके कीमती सामानों की सुरक्षा के किए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आरपीएफ़, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा ऑपरेशन महिला सुरक्षा अभियान एवं अन्य विशेष अभियान के तहत किए गए सराहनीय कार्यों का विवरण इस प्रकार है ।
महिला सुरक्षा- रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार दिनांक 18 से 24 अप्रैल, 2025 तक रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा है I यात्री ट्रेनों में पुरूष एवं महिला स्टाफ द्वारा नियमित रूप से स्कार्टिंग करायी जा रही है। महिला यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से जागरूकता अभियान जैसे- पाम्प्लेट्स वितरित करना, स्टीकर चिपकाना, नुक्कड़ नाटक आयोजित करना आदि शामिल है I इस विशेष अभियान के दौरान यात्री गाडियों के महिला कोच में पुरुषों द्वारा अनाधिकार रूप से प्रवेश कर सफर करने वाले 407 पुरूष यात्रियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। यह अभियान लगातार जारी है ।
अवैध वेन्डर. रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा यात्री ट्रेनों एवं स्टेशन परिसर में अवैध वेन्डरों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा 183 अवैध वेन्डरों को गिरफ्तार कर धारा 144 रेलवे एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है । अवैध वेन्डरों के विरूद्ध अभियान लगातार जारी है ।
अलार्म चैन पुलिंग - रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा यात्री ट्रेनों की समयबद्धता को ध्यान में रखते हुए आपरेशन समय पालन के तहत स्टेशनों में लाउड हेलर एवं अन्य माध्यमों से यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है । जिसमें बताया जा रहा है कि उचित और पर्याप्त कारण के बिना चैन पुलिंग किये जाने पर रेलवे अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाती है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान अनाधिकृत रूप से चैन पुलिंग करने वालों 53 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर धारा 141 रेलवे एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है ।
अनाधिकृत प्रवेश -. रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा रेलवे परिक्षेत्र में रूप से प्रवेश की रोकथाम हेतु वाणिज्य विभाग के साथ आवश्यकतानुसार सहयोग कर टिकट चेकिंग करायी जाती है । इसके अलावा रेलवे परिक्षेत्र में अनाधिकृत रूप से प्रवेश की रोकथाम हेतु रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत कार्यवाही की जाती है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान अनाधिकृत रूप से रेलवे परिक्षेत्र में प्रवेश करने वाले कुल 151 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है I
ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग स्टाफ विशेष जांच अभियान - रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा यात्री गाड़ियों में OBHS स्टाफ के विरूद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके दौरान उनके द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने साथ ले जाने वाले 2-OBHS स्टाफ पर बिलासपुर व नागपुर मंडल द्वारा कार्यवाही किया गया। यह अभियान आगे भी लगातार जारी है।
नक्सलियों की IED ब्लास्ट में जवान शहीद, सड़क सुरक्षा में तैनात थे जवान मनोज पुजारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल हिंसा का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। तोयनार थाना क्षेत्र अंतर्गत तोयनार-फरसेगढ़ मार्ग निर्माण की सुरक्षा में तैनात CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) के जवान मनोज पुजारी, उम्र 26 वर्ष, ड्यूटी के दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED की चपेट में आकर शहीद हो गए। जवान 19वीं बटालियन में तैनात थे और RSO (रोड सेक्योरिटी ऑपरेशन) ड्यूटी पर थे।
घटना स्थल मोरमेड जंगल में स्थित है, जो तोयनार से लगभग 4 किलोमीटर दूर फरसेगढ़ की ओर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब जवानों की टुकड़ी सड़क निर्माण स्थल की ओर गश्त कर रही थी, उसी दौरान यह विस्फोट हुआ। ब्लास्ट इतना तीव्र था कि जवान की मौके पर ही शहादत हो गई।
इस हमले को सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का कायरतापूर्ण कृत्य बताया है। जवान मनोज पुजारी ग्रामीणों तक विकास की रोशनी पहुँचाने के उद्देश्य से चल रहे सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे हुए थे। ऐसे कर्मठ और निस्वार्थ जवान को निशाना बनाना माओवादी मानसिकता की बर्बरता और उनके जनविरोधी चरित्र को उजागर करता है।
पदोन्नत शिक्षकों के पोस्टिंग आदेश पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक... 30 दिन के भीतर निराकरण के निर्देश
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक से हेड मास्टर के पद पर की गई पदोन्नति के पश्चात बिना काउंसिलिंग के मनमाने ढंग से किए गए पदस्थापना आदेशों को चुनौती देते हुए, याचिकाकर्ता सूरज कुमार सोनी और अन्य शिक्षकों ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता सूरज कुमार सोनी, हलधर प्रसाद साहू, रमेश कुमार साहू, शिप्रा सिंह बघेल और ज्ञानचंद पांडे सभी सहायक शिक्षक (एल.बी.) के पद पर कार्यरत हैं और बिल्हा ब्लॉक के विभिन्न शासकीय प्राथमिक शालाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें हाल ही में हेड मास्टर के पद पर पदोन्नत किया गया, परंतु स्कूल शिक्षा विभाग ने काउंसिलिंग प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए मनमाने ढंग से इनकी पदस्थापना कर दी।
इन शिक्षकों ने अधिवक्ता संदीप दुबे और अश्विनी शुक्ला के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि विभाग ने राज्य शासन द्वारा 7 फरवरी 2022, 7 नवंबर 2022 और 29 मार्च 2023 को जारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की है। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से मांग की कि विभाग को इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया जाए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए हेड मास्टर के पद पर किए गए पदस्थापना आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक डीपीआई द्वारा अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक याचिकाकर्ता शिक्षक अपने पूर्ववर्ती पदस्थ स्कूलों में ही कार्यरत रहेंगे। यह आदेश न केवल याचिकाकर्ता शिक्षकों के लिए राहत का कारण बना है, बल्कि यह स्कूल शिक्षा विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की भी सख्त हिदायत है। यह मामला राज्य भर में हजारों शिक्षकों के लिए एक नजीर बन सकता है, जो पदोन्नति प्रक्रिया में समान न्याय और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। अब निगाहें डीपीआई के आगामी निर्णय पर टिकी हैं कि वह शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कब और कैसे कार्रवाई करता है।
आधी रात बैंक में घुसा था चोर, तभी पहुंच गयी पुलिस, पैसा निकालने से पहले पुलिस ने दबोचा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक बैंक में घुसा चोर रंगे हाथों पकड़ा गया है। देर रात सेंधमारी कर बैंक में दाखिल हुए चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला सूरजपुर के झिलमिली थाना क्षेत्र का है, जहां एक बड़ी चोरी की कोशिश को पुलिस ने अपनी सतर्कता और मुस्तैदी से नाकाम कर दिया है। भैयाथान क्षेत्र स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की दीवार में सेंध लगाकर चोरी की योजना बना रहे एक युवक को पुलिस ने बैंक के अंदर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस साहसिक कार्रवाई के दौरान बैंक की सुरक्षा और आम जनता की संपत्ति को बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, बीती रात झिलमिली पुलिस नियमित गश्त पर थी। पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस टीम को भैयाथान क्षेत्र में स्थित सेंट्रल बैंक की दीवार पर संदिग्ध हलचल दिखाई दी। पुलिस ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर बैंक कर्मचारियों को बुलाया और पूरे बैंक परिसर की घेराबंदी कर दी।
बैंक को चारों तरफ से घेरने के बाद पुलिस टीम ने भीतर तलाशी ली, जहां से एक युवक को चोरी की तैयारी करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपेश साहू, निवासी बड़सरा बताया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने बैंक की दीवार में सेंध लगाकर भीतर प्रवेश किया था और चोरी की योजना बना रहा था।
हेलमेट बैंक की शुरुआत जल्द, एक रूपए में मिलेगा हेलमेट, बस दिखाना होगा आधार कार्ड
रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई में श्रमिक दिवस यानी एक मई के दिन लोगों को एक रुपये में हेलमेट दिया जाएगा। यह सिर्फ उन्हें एक रुपए, एक दिन के किराए के हिसाब से दिया जाएगा। इसकी शुरुआत वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन भिलाई के नेहरू नगर चौक, स्थित एक निजी होटल के पास हेलमेट बैंक की शुरुआत करेंगे।
भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र की जनता की चिंता मेरी जिम्मेदारी है। लोग बिना किसी दस्तावेज के मात्र आधार कार्ड दिखा के किराए पर हेलमेट ले सकते है। उन्होंने कहा कि, सड़क दुर्घटना में लाखों लोगों की मौत केवल हेलमेट न पहनने की वजह से होती हैं। मुझे भिलाई की चिंता है, सभी भिलाइयंस परिवार की चिंता है। कुछ लोग पैसे के अभाव में हेलमेट नहीं खरीद पाते है। इसलिए यह निर्णय लिया है कि मात्र एक रुपए के किराए में लोगों को हेलमेट दिया जाएगा।
मुंगेली के 28 स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम का शुभारंभ... बच्चों की पढ़ाई में रुचि और सीखने की क्षमता बढ़ेगी
श्रीचक्र महामेरू पीठम् आश्रम में मां भगवती राजराजेश्वरी मंदिर के राजगोपुरम का वास्तु पूजन संपन्न
सीबीएस प्रवेश-परीक्षा हेतु 25 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मूलविज्ञान केंद्र [सीबीएस] में संचालित हो रहे पंचवर्षीय एम.एस-सी. एकीकृत पाठ्यक्रम सत्र 2025-2026 में प्रवेश-परीक्षा हेतु आवेदन की प्रक्रिया 25 मार्च से आरंभ हो चुकी है। अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल पर 25 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। 2 मई से प्रवेश-पत्र डाउनलोड किया जा सकता है तथा 20 मई को प्रवेश-परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। प्रवेश-परीक्षा के फॉर्म पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.prsu.ac.in/ www.prsuuniv.in पर जाकर भरे जा सकते हैं तथा पाठ्यक्रम, प्रवेश-प्रक्रिया आदि की विस्तृत जानकारी को देखा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए छात्र सेंटर फॉर बेसिक साइन्सेज कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास को बढ़ावा के लिए स्थापित इस विशिष्ट पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से ही छात्रों को प्रवेश दिया जाता है।
बारहवीं उत्तीर्ण हो रहे छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर है, जिसमें प्रवेश लेकर छात्र बी.एस-सी. आनर्स विथ सब्जेक्ट तथा संबंधित विषय में इंटीग्रेटेड एम.एस-सी. का उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम पढ़कर भविष्य सवाँर सकते हैं। पूर्णतः आवासीय इस पाठ्यक्रम की कुल 60 (40 स्कालरशिप सीट + 20 पेमेंट सीट) सीटों में प्रवेश लिया जा सकेगा। इसमें 40 स्कालरशिप सीटों में प्रवेश प्राप्त सभी छात्रों को 5000 रुपये प्रति माह स्कालरशिप का प्रावधान है।