छत्तीसगढ़
भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा गन्ना किसानों को अब तक कुल 113 करोड़ 52 लाख का भुगतान
सीएम की घोषणा... छत्तीसगढ़ में फिर शुरू होगी चरण पादुका और सरस्वती साइकिल योजना
रायपुर। रमन सिंह सरकार की जिन योजनाओं को भूपेश बघेल की सरकार में बंद किया गया था उन्हें फिर से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो पुरानी योजनाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की है। दरअसल, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी। उसके बाद भूपेश बघेल ने रमन सिंह के कार्यकाल की कई योजनाओं को बंद कर दिया था।
छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका वितरण योजना और सरस्वती सायकल योजना फिर से शुरू करने वाली है। गुरुवार को जगदलपुर में कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री यहां जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान साय ने रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि 70 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में भेजी।
सरस्वती साइकल योजना की शुरुआत 2011 में तत्कालीन रमन सिंह की सरकार ने किया था। इस योजना के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं क्लास की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। साइकिल देने का मकसद था कि स्कूल दूर होने पर भी छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखें। सुविधाओं के आभाव में वह पढ़ाई नहीं बंद करें।
मुख्यमंत्री ने किया तीन एसडीएम कार्यालय और दो थाना कार्यालय का लोकार्पण
नवीन तहसील कार्यालय जगदलपुर का जीर्णाेद्धार कार्य का भी लोकार्पण
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के प्रवास के दौरान दन्तेश्वरी कन्या कॉलेज के सामने नवीन राजस्व कार्यालय परिसर में 48 - 48.लाख की लागत से निर्मित तीन अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय जगदलपुर, तोकापाल और लोहण्डीगुड़ा तथा 25-25 लाख की लागत से निर्मित लोहण्डीगुड़ा और बुरगुम थाना का लोकार्पण किया।

नवीन अनुविभागीय कार्यालय के खुलने से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए जगदलपुर के लगभग तीन लाख, तोकापाल के लगभग दो लाख 65 हजार और लोहण्डीगुड़ा के लगभग एक लाख आबादी को सुविधा मिलेगी। इससे पहले जगदलपुर का एसडीएम कार्यालय संयुक्त कार्यालय में संचालित किया जाता था, इसी प्रकार तोकापाल और लोहण्डीगुड़ा का अनुविभागीय कार्यालय तहसील कार्यालय परिसर में संचालित होता था। नवीन थाना भवनों के निर्माण से क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था को भी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने राजस्व कार्यालय परिसर में 66.49 लाख की लागत से नवीन तहसील कार्यालय जगदलपुर का जीर्णाेद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इस तहसील कार्यालय में जगदलपुर और नजूल न्यायालय के साथ-साथ फ्रेजरपुर, कुरुंदी, मार्केल का न्यायालय नायब तहसीलदार भी बनाया गया है। पूर्व में यह तहसील कार्यालय अपने पुराने भवन में संचालित की जा रही थी, न्यायालयों का विस्तार होने से पुराने भवन में जगह की दिक्कत और जनता की सहूलियत की दृष्टिकोण से नए जगह पर स्थानांतरित किया गया है। पुराने तहसील भवन को बस्तर दशहरा में शामिल होने वाले देवी-देवताओं और उनके सेवादारों के ठहरने के लिए हेरिटेज ग्राउंड के रूप में विकसित किया जा रहा है।

लोकार्पण के अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप,जगदलपुर विधायक श्री किरणदेव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बस्तर संभाग को मिले 11 विशेषज्ञ चिकित्सक
रायपुर से हैदराबाद एक्सप्रेसवे में प्रभावित ग्रामों के भूमि के क्रय-विक्रय में लगा प्रतिबंध शिथिल किया गया
रायपुर | परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) परियोजना कार्यान्वयन इकाई, रायपुर (छ.ग.) के पत्र कमांक 29011/1/PIU RPR/DPR/RPR/HYD Corridor/4757 दिनांक 31/10/2022 के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से हैदराबाद के मध्य चार लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, जिसका डीपीआर कार्य प्रगति पर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रायपुर से हैदराबाद के मध्य संरेखण (एलाइनमेंट) के प्रारंभिक रूप में भू-अर्जन कमीटी, भा.रा.रा.प्रा. मुख्यालय नई दिल्ली द्वारा दिनांक 17.10.2022 को अनुमोदित किया गया है। उपरोक्त अनुमोदित संरेखण (एलाइनमेंट) के अनुसार जिला-मोहला मानपुर अं.चौकी के प्रभावित ग्रामों में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत भू-अर्जन प्रस्तावित कर मोहला मानपुर अं.चौकी जिले के प्रभावित ग्रामों में भूमि के बटांकन, व्यपवर्तन (व्यवसायिक परिवर्तन/गैर कृषि परिवर्तन) तथा भूमि के क्रय-विक्रय को पूर्णत: प्रतिबंधित करने का अनुरोध किया गया था।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) परियोजना कार्यान्वयन इकाई, रायपुर (छ.ग.) के उपरोक्त प्रस्ताव पर इस कार्यालय के आदेश क्रमांक/1063/भू-अर्जन/2022 मोहला दिनांक 04/11/2022 के अनुसार मोहला मानपुर अं.चौकी जिले के तहसील मोहला के 07 ग्रामों, एवं तहसील अं.चौकी के 22 ग्रामों में भूमि के बटांकन, व्यपवर्तन (व्यवसायिक परिवर्तन/गैर कृषि परिवर्तन) तथा भूमि के क्रय-विक्रय को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।
परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) परियोजना कार्यान्वयन इकाई, रायपुर (छ.ग.) के पत्र क्रमांक NHAI/PD/PIU-Raipur/DPR/2024/1478 दिनांक 13/07/2024 एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) जी.- 5 एवं 6, सेक्टर 10, द्वारका, नई दिल्ली-110075 के अनुसार भारतमाला परियोजना के अंतर्गत हैदराबाद-रायपुर परियोजना के डी.पी.आर. को बंद करने की सूचना दी गई है।
अतएव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के उपरोक्त पत्र दिनांक 13.07.2024 के तारतम्य में इस कार्यालय द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश क्रमांक/1063/भू-अर्जन/2022 मोहला दिनांक 04/11/2022 को आगामी आदेश पर्यन्त शिथिल किया जाता है।
महाराष्ट्रीयन बंधू-भगिनियों के सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल, महिला मंडल और गणेश सेवा समिति का गठन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मुख्यालय स्थित गजानन साई मंदिर बुधवारी बाजार में रविवार 28 जुलाई को महाराष्ट्रीयन बंधू-भगिनियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल कोरबा, महाराष्ट्र महिला मंडल कोरबा और गणेश सेवा समाज कोरबा की नवीन कार्यकारिणी का मनोनयन किया गया। महाराष्ट्र समाज के वरिष्ठ सदस्यों मधुकर जाखड़ी, सुधीर रेगे, वृंदा देशपांडे और प्रतिभा पुंडलिक के मार्गदर्शन में उपरोक्त तीनों समितियों की मनोनयन प्रक्रिया सम्पन्न हुई।
महाराष्ट्र मंडल कोरबा के अध्यक्ष हेमन्त माहुलीकर, सचिव आलोक दिवाटे, सहसचिव आशीष कदम, कोषाध्यक्ष सुधीर चिटनविस सहित कोरबा पश्चिम, एनटीपीसी, कोरबा पूर्व, बालको और एसईसीएल के प्रतिनिधि के रूप में क्रमशः विवेक लाण्डे, मेघराज बारस्कर, मालती जोशी, प्राची ठाकुर और ज्ञानेश तिलवणकर मनोनित हुए।
महाराष्ट्र महिला मंडल कोरबा की अध्यक्षा अर्चना जोशी, सचिव प्राची जाखड़ी, सह सचिव श्वेता ओत्तलवार, कोषाध्यक्ष डॉ श्रीमती सपना धाबू, क्षेत्रीय प्रतिनिधि के रूप में मधु जायसवाल, जया शेष, युक्ता देव, स्मिता देशपांडे और मनीषा पाठक मनोनीत हुईं।
गणेश सेवा समाज कोरबा के अध्यक्ष राजेंद्र पागे, उपाध्यक्ष सुनील पाठक, सचिव अनिल तारेकर, सह सचिव सुरेश राखोंडे, कोषाध्यक्ष सुधीर चिटनविस, क्षेत्र प्रतिनिधि पंकज काटेकर , गुणवंत कुम्हारे, आकाश फडतरे, अभिलाष साऊतकर, शिवराज इलमे और अरविंद गुप्ते रहेंगे। सुधीर रेगे, प्रतिभा पुंडलिक और स्वाति रेगे उपरोक्त समितियों में संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन देंगीं। तीनों समितियों के अध्यक्षों से आग्रह किया गया कि आवश्यकता अनुसार और भी सदस्यों को दायित्व देकर अपनी कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए गतिविधियों को संचालित करें।
मनोनयन की प्रक्रिया से पूर्व एचटीपीएस, एनटीपीसी, साडा कॉलोनी , कोरबा पश्चिम , बांकीमोगरा , बालको और कोरबा पूर्व से बड़ी संख्या में आए सदस्यों का सपरिवार परिचय दिया गया। तत्पश्चात सदस्यों ने महाराष्ट्र समाज के उत्सवों और मंदिर की गतिविधियों से संबंधित अनेक सुझाव दिए। जिनमें प्रमुख रुप से छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती, हिंदू साम्राज्य दिवस, गुढी पाड़वा, मकर संक्रांति के अवसर पर हल्दी कुंकू, प्रतिमाह महिला मंडल का कार्यक्रम, स्नेह सम्मेलन, ब्लड डोनेशन कैंप आदि आयोजनों के साथ-साथ गजानन महाराज के प्रकट दिवस पर आयोजित होने वाली पालखी यात्रा और भंडारा को भव्य स्वरूप में मनाने का सुझाव दिया गया।
साथ ही मंदिर परिसर में नवनिर्माण कर इसका व्यावसायिक रूप में सदुपयोग करने के लिए आर्थिक पक्ष मजबूत करने के लिए सभी सहमत हुए। प्रति गुरुवार को मंदिर में गजानन महाराज की पोथी वचन कार्यक्रम में अधिक संख्या में उपस्थिति के लिए आग्रह किया गया। गत दिनों मंदिर के पुरोहित पंडित नीरज नाइक का आकस्मिक स्वर्गवास हो गया था। उनके परिवार को आर्थिक सहायता के रुप में एक लाख से अधिक की राशि का चेक महाराष्ट्र मंडल कोरबा की ओर से उनकी पत्नी नेहा नाईक को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में एसईसीएल कुसमुंडा के सीनियर अंडर मैनेजर जितेंद्र नागरकर की दुर्घटना में असामयिक मृत्यु होने पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
उच्चदाब स्टील उद्योगों को मिल रही है 713 करोड़ रूपये की बड़ी छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ग के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए जो पुनरीक्षित विद्युत दरें घोषित की गई हैं उनमें खपत के आधार पर ऊर्जा प्रभार में की गई वृद्धि के बावजूद टैरिफ में लोड फैक्टर पर मिलने वाली छूट के द्वारा 713 करोड़ रूपये की छूट उच्चदाब स्टील उद्योगों को दी जा रही है। यह छूट अन्य किसी भी वर्ग के उपभोक्ता को नहीं मिलती है। नियामक आयोग द्वारा लोड फैक्टर पर मिलने वाली अधिकतम छूट (पॉवर फैक्टर इन्सेन्टिव) को 25 प्रतिशत से घटा कर 10 प्रतिशत किया गया है। उल्लेखनीय है कि लोड फैक्टर पर मिलने वाली छूट को अज्ञात कारणों से, आश्चर्यजनक रूप से बढ़ाया गया था। इस परिस्थिति में भी छत्तीसगढ़ में उच्चदाब स्टील उद्योगों को विकसित सामाजिक-आर्थिक-भौगोलिक अद्योसंरचना वाले ताप विद्युत उत्पादक अन्य राज्यों की तुलना में काफी रियायती दरों पर ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। नियामक आयोग ने इस छूट को 25 प्रतिशत से घटा कर 10 प्रतिशत कर दिया है जो वर्ष 2021-22 के पूर्व 8 प्रतिशत थी इस तरह वर्तमान छूट भी 2 प्रतिशत अधिक ही रखी गई है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकृत सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा 01 जून 2024 को वर्ष 2024-25 के लिए विद्युत आपूर्ति की नये दरों की घोषणा की गई है। जिसमें उच्चदाब स्टील उद्योगों के प्रति यूनिट ऊर्जा प्रभार में मात्र 25 पैसे (4.10 प्रतिशत) की वृद्धि कर 1 जून 2024 से प्रति यूनिट ऊर्जा प्रभार 6.35 रूपये निर्धारित किया गया है एवं लोड फैक्टर पर मिलने वाली अधिकतम छूट को 25 प्रतिशत से घटा कर 10 प्रतिशत किया गया है, जो 4 वर्ष पूर्व अचानक, आश्चर्यजनक तथा अज्ञात कारणों से 8 प्रतिशत से बढ़ा कर 25 प्रतिशत कर दी गई थी। नियामक आयोग द्वारा छूट की दर 10 प्रतिशत करने की कार्यवाही इसलिए की गई ताकि अन्य श्रेणी के तथा सामाजिक-आर्थिक रूप से प्राथमिकता वाले विद्युत उपभोक्ताओं पर कम भार पड़े। पूर्व में वर्ष 2021-22 में टैरिफ आदेश जारी करते समय लोड फैक्टर छूट, अधिकतम 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया था, जबकि पॉवर कंपनी द्वारा इस प्रकार का कोई भी प्रस्ताव नियामक आयोग को नहीं भेजा गया था।
आयोग द्वारा विगत वर्षों की वास्तविक खपत को आधार मानते हुए, उच्चदाब स्टील उद्योगों की इस वर्ष की अनुमानित खपत 11,237 मिलियन यूनिट का आकलन किया है। इस खपत के आधार पर ऊर्जा प्रभार में की गई वृद्धि के बावजूद भी टैरिफ में लोड फैक्टर पर मिलने वाले छूट के द्वारा रू. 713 करोड़ की छूट टैरिफ के माध्यम से स्टील उद्योगों को प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त उच्चतम दाब की अवधि, जो कि प्रतिदिन पहले 6 घंटे थी, उसको भी टैरिफ में 8 घंटे कर दिया गया है, जिसमें स्टील उद्योगों को 80 प्रतिशत ही बिलिंग होगी।
स्टील उद्योगों के टैरिफ का विगत वर्ष 2017-18 से तुलना करते है तो मांग प्रभार में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है। ऊर्जा प्रभार के दर में भी 6 रूपये प्रति यूनिट से बढ़कर 6.35 रूपये प्रति यूनिट की गई है, जो कि मात्र 35 पैसे प्रति यूनिट (5.83 प्रतिशत) की वृद्धि विगत सात वर्षों में हुई है। उदाहरण के लिए, छत्तीसगढ़ में जब यह राशि मात्र 6.35 रूपये है तब महाराष्ट्र में 8.36 रूपये, तेलंगाना में 8.10 रूपये तथा मध्यप्रदेश में 7.15 रूपये है।
छत्तीसगढ़ में विगत वर्षों में एचवी-4 स्टील उद्योग के ऊर्जा प्रभार में हुई वृद्धि इस प्रकार है जो कि इन वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में बढी मंहगाई दर की तुलना में बहुत कम है:-
वर्ष ऊर्जा प्रभार (रू. प्रति यूनिट)
2017-18 6.00
2018-19 5.85
2019-20 5.85
2020-21 5.85
2021-22 5.95
2022-23 6.10
2023-24 6.10
2024-25 6.35
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं : बलौदाबाजार
आवेदनों का परीक्षण कर समय सीमा में निराकृत करने हेतु किया निर्देशित,कुल 28 आवेदन हुए प्राप्त
रायपुर | जिला कार्यालय में आयोजित हुए कलेक्टर जनदर्शन में आज कलेक्टर दीपक सोनी ने आम लोगों की समस्याओं, शिकायतों को गंभीरता से सुनकर अधिकारियों को निराकरण करने हेतु निर्देशित किया। जन चौपाल में आज अलग-अलग समस्याओं के निराकरण हेतु कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्रकरणों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्रेषित करते हुए यथाशीघ्र नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने महत्वपूर्ण प्रकरणों को समय सीमा में दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल,अपर कलेक्टर दीप्ती गौते, प्रशिक्षु आईएफएस अक्षय दिनकर भोसले,सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं विभिन्न विभागों क़े जिलाधिकारी गण उपस्थित रहे।
जनदर्शन में ग्राम सूरजपुरा के ग्रामीण द्वारा रकबा नंबर 460 घास भूमि को खेल मैदान हेतु आरक्षित करने के संबध में आवेदन प्रस्तुत किया जिस पर कलेक्टर तहसीलदार भाटापारा को निर्देशित करते हुए समय सीमा में प्रकरण को निराकरण करने कहा है। इसी तरह पंचायत संडी के ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत देवतराई से पृथक कर नवीन पंचायत गठन हेतु आवेदन किया जिस पर कलेक्टर ने उप संचालक पंचायत को निरीक्षण कर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है। इसके अलावा जनदर्शन में स्वास्थ्य उपचार,नए राशन कार्ड निर्माण, रोजगार की मांग, सड़क नाली निर्माण, अतिक्रमण हटाने, मुआवजा दिलवाने, सीमांकन कराने जैसे अन्य आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर दीपक सोनी ने सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर आवेदनों का परीक्षण कर शासन के नियमानुसार समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रायपुर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मनोनीत राज्यपाल रमेन डेका, सीएम साय और वित्त मंत्री ने किया स्वागत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मनोनीत राज्यपाल रमेन डेका मंगलवार 30 जुलाई को राजधानी रायपुर पहुंच गए। एयरपोर्ट के स्टेट हेंगर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उनका स्वागत किया। वे बुधवार 31 जुलाई की सुबह 10.15 बजे राजभवन रायपुर में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शपथ ग्रहण करेंगे। चौधरी ने कहा कि रमेन डेका जी छत्तीसगढ़ पहुंच चुके है। हमें पूर्ण विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में राज्य और तेजी से विकास करेगा।
आज विदाई समारोह के अवसर पर निवर्तमान राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के लोगों का मुझे बहुत स्नेह मिला।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के क्षमतावान नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। यहां के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बहुत सरल सहज हैं। वे आर्थिक, सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के साथ पूरे छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल से, बुद्धिजीवियों से और आम जनता से बहुत स्नेह मिला, मैं हमेशा छत्तीसगढ़ के अपने भाइयों-बहनों के साथ खड़ा रहूंगा। इन शब्दों के साथ ही स्टेट हैंगर में हुए विदाई समारोह में जय जगन्नाथ तथा जय जोहार का संबोधन कर निवर्तमान राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने छत्तीसगढ़ के निवासियों को भावुक विदाई दी।
निवर्तमान राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि विदाई समारोह तो सबके जीवन में होता है। मेरे जीवन में भी हुआ है। मेरा छत्तीसगढ़ में राज्यपाल के रूप में समय बहुत अच्छे से बीता। यहां के लोग बहुत सरल और स्नेही हैं। यह बहुत सुंदर धरती है। यह प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी गरीबों, वंचित और हाशिये में पड़े लोगों को आगे लाने का कार्य कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ में इसका असर दिखता है। आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश में मनाया गया और लोगों ने इसमें शामिल होकर राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाएं प्रकट की।
कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम को लेकर कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली के कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्र-छात्राओं की मौत के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। बिलासपुर जिले में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों के जांच आदेश कलेक्टर अवनीश शरण ने दिए हैं।
कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों में किसी प्रकार की घटना के प्रभावी रोकथाम के लिए समस्त कोचिंग संस्थानों की जांच आवश्यक है। बिलासपुर नगर में संचालित समस्त कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए जांच दल का गठन किया गया है। जिसमें अध्यक्ष अनुविभागीय दण्डाधिकारी बिलासपुर होंगे। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर बिलासपुर, अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम बिलासपुर, जिला सेनानी, नगर सेना बिलासपुर, अपर संचालक, उच्च शिक्षा बिलासपुर को सदस्य बनाया गया. है।
जांच दल विस्तृत जांच प्रतिवेदन 10 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएगा। जांच दल सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति, भवन अनुज्ञा का अनुपालन, फायर एक्जिट की व्यवस्था, कोचिंग संस्थाओं में प्रवेश एवं निकास द्वार की पर्याप्त व्यवस्था और आकस्मिक स्थिति से निपटने की व्यवस्था की जांच करेगा।
राशन दुकान में घुसा हाथी, खिड़की तोड़कर खाया 6 बोरी चावल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल वन परिक्षेत्र में हाथी सरकारी राशन दुकान में रखे 6 बोरी चावल खा गया, घटना रविवार रात की है। जहां धरमजयगढ़ विधायक लालजीत राठिया के निवास बोकरामुड़ा में घर से करीब 100 की दूरी पर स्थित राशन दुकान में पहुंचा, जिसके बाद यहां के बाउंड्रीवाल को तोड़कर सोसाइटी के चारों ओर घूमने लगा और खिड़की तोड़कर हाथी अंदर रखे चावल खा गया और कुछ चावल फैला भी गया।
हाथी रात में करीबन 12 बजे पहुंचा जिससे जानकारी किसी को नहीं लगी, ग्रामीणों ने सुबह राशन दुकान के टूटे बांउड्रीवाल, खिड़की को देखा तो इसकी सूचना वन विभाग को दी साथ बताया जा रहा है कि हाथी इससे पहले रात 9 बजे जंगल से निकलकर गांव पहुंचा था, जिसे ग्रामीणों और वनकर्मी ने जंगल की ओर खदेड़ा था।
15 साल बाद पांचवीं-आठवीं होगी बोर्ड कक्षाएं... राज्य सरकार जल्द ले सकती है फैसला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं फिर से शुरू हो सकती हैं। मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए राज्य सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के लागू होने के बाद बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। इस अधिनियम के तहत यह प्रावधान किया गया था कि किसी भी छात्र को पास या फेल नहीं किया जाएगा और आठवीं तक किसी भी कक्षा में बच्चों को नहीं रोका जाएगा।
यदि बच्चे कमजोर हैं, तो उन्हें रेमेडियल टीचिंग (कमजोर बच्चों का विशेष शिक्षण) दी जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से स्कूली शिक्षा में अनुशासन की कमी के कारण नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कुछ निजी और मॉडल स्कूलों में रेमेडियल टीचिंग की सुविधा होने के कारण वहां की शिक्षा व्यवस्था ठीक है, लेकिन अधिकांश सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इससे नुकसान हुआ है।
निवर्तमान राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को दी गई भावभीनी विदाई
दोगुना उत्पादन और लागत में कमी के चलते किसान अपना रहे हैं श्री पद्धति
दंतेवाड़ा में किसानों ने श्री पद्धति से की 540 हेक्टेयर में धान की बोनी
रायपुर | राज्य के सुदूर दंतेवाड़ा जिले में भी किसान श्री पद्धति को अपनाने लगे हैं। परंपरागत रूप से धान की बोनी के मुकाबले दोगुने उत्पादन और लागत में कमी इस पद्धति की खासियत है। चालू खरीफ मौसम में जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास से 540 हेक्टेयर में धान की बोनी की गई है। जिले के अन्य किसानों को भी इस पद्धति को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ’’श्री पद्धति’’ से बोआई करने पर न केवल पानी की कम आवश्यकता पड़ती है साथ ही इस पद्धति से खेती करने में फसल में रोग भी लगने की संभावना भी कम रहती है। इसके अलावा ’’श्री पद्धति’’ के बोनी में उर्वरक और रासायनिक दवाओं, कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसकी जगह ’’ग्रीन मन्योर’’ (हरी खाद) का उपयोग किया गया है। ’’श्री पद्धति’’ से खेती करने पर लगभग दो से ढाई गुना अधिक उत्पादन होगा। इसके लिए किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। इस पद्धति से खेती के लिए जिले के विकासखंड गीदम, और दंतेवाड़ा क्षेत्र के किसानों द्वारा अधिक रूचि दिखाई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि ’’श्री पद्धति’’ बोआई के अन्य लाभ में कम बीज से अधिक उत्पादन भी शामिल है। इसके अलावा धान की खेती करने में लागत भी कम आती है। परंपरागत खेती में एक हेक्टेयर में जहां 50 से 60 किलो बीज की जरूरत पड़ती है, वहीं ’’श्री पद्धति’’ से धान की खेती में बीज जरूरत महज 5 से 6 किलो की ही होती है। ऐसे में किसानों को कम बीज में अधिक उत्पादन मिलेगा। जिला प्रशासन की पहल पर जिले में 600 हेक्टयर में श्री पद्धति से धान की बोनी का लक्ष्य रखा गया है इसके साथ ही 1200 हेक्टेयर रकबे में ग्रीन मैन्योर (हरी खाद) तैयार कर उत्पादकता को बढ़ाने दिशा में कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान में बारिश की स्थिति जिले में अच्छी होने के चलते किसानों को ’’श्री पद्धति’’ से खेती के लिए अनुकूल अवसर मिला है। इस संबंध में कृषि विभाग द्वारा किसानों को खेती की तैयारी से लेकर पौधों की रोपाई की पूरी जानकारी दी जा रही है। साथ ही खरपतवार नियंत्रण के बारे में भी बताया जा रहा है। पिछले वर्ष तक जिले में महज एक सौ पचास हेक्टेयर में ही ’’श्री पद्धति’’ से किसान धान की खेती करते थे। जबकि इस वर्ष श्री पद्धति से धान की खेती का रकबा बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित 15.18 लाख पात्र परिवारों को जल्द मिलेगा आवास
नईदिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली के कृषि भवन में कृषि व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के कृषि और ग्रामीण विकास के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित 15.18 लाख पात्र परिवारों के आवास का मुद्दा भी रखा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने जल्द स्वीकृति देने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी साथ थे।
बैठक में मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को सूचित किया कि छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित 15.18 लाख परिवारों को अभी तक आवास की स्वीकृति नहीं मिली है। इसमें 6.99 लाख परिवार योजना के स्थायी प्रतीक्षा सूची में हैं और 8.19 लाख परिवार आवास प्लस में शामिल हैं। पूर्व में योजना के लिए राज्य का हिस्सा नहीं मिलने के कारण यह समस्या बनी रही। मुख्यमंत्री ने जल्द आवास स्वीकृत करने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने इस पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना-2011 एवं आवास प्लस 2018 की सूची में अनेक पात्र परिवारों का नाम शामिल नहीं हो सका है। उन्होंने 10,500 नए पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल करने का अनुरोध किया और साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पंचायतों को आवास निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने मनरेगा योजना के तहत आधार आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) में 31 मार्च, 2025 तक छूट देने का आग्रह किया, ताकि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के श्रमिकों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होने कहा दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी और अन्य समस्याएं हैं, जिससे
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान के तहत 106 वृहद पुलों की स्वीकृति की प्रक्रिया की जानकारी दी और साथ ही छत्तीसगढ़ के लिए 426 छूटे हुए पुलों के निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत इन पुलों का निर्माण महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आदिवासी क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी सुधरेगी और नक्सल उन्मूलन अभियान को भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी, और रागी जैसी मिलेट फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाना राज्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये पौष्टिक होती हैं और आदिवासी क्षेत्रों में प्रमुख खाद्य पदार्थ हैं। साथ ही, उन्नत तकनीक और बीजों की उपलब्धता से किसानों की आय बढ़ेगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि व ग्रामीण विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है।
रायगढ़ में यात्रियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त... 30 यात्रियों को आईं चोटें, 4 की हालत गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार सभी यात्रियों को चोटें आई हैं वहीं 4 की हालत गंभीर है। सूचना के मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है।
बता दें कि मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है। जय माता दी बस रायगढ़ से यात्री लेकर जशपुर जा रही थी। इसी दौरान सिसरिंगा मंदिर के पास अचानक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में सवार चार यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने घायलों को इलाज के धरमजयगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चला रहा है।
बस पलटने की घटना के बाद से बस चालक फरार बताया जा रहा है। धरमजयगढ़ पुलिस आरोपी बस चालक की तलाश में जुट गई।
एक युद्व नशे के विरूद्व : बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास हेतु अभियान
रायपुर | एक युद्व नशे के विरूद्व बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास हेतु अभियान कलेक्टर एंव जिला बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में 15 जुलाई से 14 अगस्त 2024 तक सड़क किनारे रहने वाले या सड़कों में नशे करके घुमंतू बच्चों के लिए एक युद्व नशे के विरूद्व के तहत बच्चों के सर्वेक्षण रेस्क्यू एवं पुनर्वास की कार्यवाही हेतु अभियान संचालित किया जा रहा है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में लगातार सड़क किनारे रहने वाले व विषम परिस्थतियों में अपना जीवन यापन करने वाले बच्चों का रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाईल्ड हेल्प लाईन 1098, श्रम विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान जिले में बैकुण्ठपुर मार्केट, बस स्टैंड, चरचा के रेलवे स्टेशन, घुटरी दफाई, चौक में अभियान चलाया गया। अभियान समाप्ति के उपरांत भी सतत रूप से चिन्हांकन पुनर्वास की कार्यवाही बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए किया जायेगा।
संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि, आमजनों से यह अपील की जाती है कि इस प्रकार के बच्चे मिलने, दिखने या जानकारी होने पर कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाईल्ड लाईन, टोल फ्री नम्बर 1098 पर सूचित किया जा सकता है, जिस पर जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं चाईल्ड लाईन त्वरित कार्यवाही करेगी।