छत्तीसगढ़
राज्यपाल डेका से गेंड़ी लोक नृत्य कलाकार ने की भेंट
राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में तिफरा बिलासपुर के गेंडी लोक नृत्य कलाकार अनिल कुमार गढ़ेवाल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर नृत्य के कलाकार लक्ष्मी नारायण मांडले उपस्थित भी थे।
देवघर से नशीली सिरप की सप्लाई करने वाला मेडिकल एजेंसी संचालक गिरफ्तार, बिलासपुर में नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़….
बिलासपुर पुलिस ने नशीली कफ सिरप की अवैध तस्करी और बिक्री के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सरकंडा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण क्रमांक 373/2025 में देवघर (झारखंड) से नवचेतन मेडिकल एजेंसी के संचालक कृष्ण कुमार बरनवाल (55 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बिलासपुर में युवाओं को नशे के जाल में फंसाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था। मामले की शुरुआत 09 मार्च 2025 को हुई, जब ऊर्जा पार्क, राजकिशोर नगर क्षेत्र में नशीली कफ सिरप बेचते हुए एक युवक अथर्व सौम्य सिंह और एक नाबालिक को पुलिस ने 55 नग अवैध कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह सिरप देवघर से मंगाया गया था। इसके पीछे मुख्य सरगना टानू उर्फ तानू उर्फ भांचा महंत था, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने राज मेडिकल, देवघर के संचालक रितुराज सिंह से संपर्क कर सिरप की ऑनलाइन खरीदी करवाई थी।
जांच के दौरान राज मेडिकल के माध्यम से नवचेतन मेडिकल एजेंसी से सिरप की आपूर्ति होने की जानकारी मिली। एजेंसी संचालक कृष्ण कुमार बरनवाल के खिलाफ तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस टीम ने देवघर पहुंचकर लक्ष्मी मार्केट में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
रविवि के महिला अध्ययन केंद्र में एमए इन वुमन एंड जेंडर स्टडीज पाठ्यक्रम का आरंभ
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के महिला अध्ययन केंद्र में दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) पाठ्यक्रम "एम.ए. इन वुमन एंड जेंडर स्टडीज" आरंभ किया गया है। यह कोर्स छत्तीसगढ़ राज्य का पहला पूर्णकालिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है, जो विशेष रूप से महिलाओं और जेंडर से जुड़े मुद्दों के सैद्धांतिक अध्ययन, फील्ड वर्क, तथा शोध को समर्पित है। पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस 4000 रुपये निर्धारित की गई है।
इससे पूर्व महिला अध्ययन केंद्र द्वारा "सर्टिफिकेट कोर्स इन वुमन लॉ एंड जेंडर जस्टिस" और यूनेस्को के सहयोग से संचालित "कम्युनिटी बेस्ड पार्टिसिपेटरी रिसर्च" पाठ्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की फीस 2500 है।
एम.ए. कोर्स का उद्देश्य छात्रों को महिलाओं से जुड़े मुद्दों, लैंगिक असमानता, महिला अधिकारों, संबंधित विधियों, तथा सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में गहन ज्ञान व व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को नीति निर्माण, वकालत, अनुसंधान, शिक्षा, मीडिया, गैर-सरकारी व सरकारी संस्थानों, महिला एवं बाल विकास, काउंसलिंग, कुटुंब न्यायालय, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, समाजसेवा, तथा अन्य सामाजिक क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभाने हेतु सक्षम बनाता है।
इन तीनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में कुल 20 सीटें उपलब्ध हैं। इच्छुक अभ्यर्थी शीघ्र आवेदन करें।
भारतमाला मुआवजा घोटाले की आंच धमतरी में भी पहुंची, अफसर- ब्रोकर्स ने कर लिया करोड़ों का गोलमाल
सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का टूरिज्म विलेज धुड़मारास.. कयाकिंग और बांस राफ्टिंग भी
रायपुर। बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है।
प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। धुड़मारास गांव में क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा आधारित विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर स्वच्छ पेयजल, रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से गांव में 3 नग सोलर ड्यूल पम्प की स्थापना कर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 2 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्र की स्थापना कर रात्रिकालीन प्रकाश की व्यवस्था की गई है। ग्राम की गलियों में सोलर पावर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा बस्तर जिले के धुड़मारास गांव और चित्रकोट गांव को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सर्वश्रेष्ठ गांव के रूप में पुरस्कृत किया गया है। प्राकृतिक रूप से समृद्ध धुड़मारास गांव कांगेर नदी की सुरम्य धारा, हरियाली, जैव विविधता एवं पारंपरिक बस्तरिया संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करती है।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा ट्रैकिंग ट्रेल, कैंपिंग साइट और होम-स्टे की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्थानीय शिल्पकारों व कलाकारों को प्रोत्साहन देकर पारंपरिक हस्तशिल्प को बाजार से जोड़ा जा रहा है। सड़क एवं परिवहन सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
धुड़मारास गांव में ईको-पर्यटन विकास समिति द्वारा कांगेर नदी में कयाकिंग और बांस राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। पर्यटकों हेतु प्रतीक्षालय, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी ग्रामीण स्तर पर किया जा रहा है। राज्य शासन के वन एवं पर्यटन विभाग द्वारा धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर नागलसर एवं नेतानार जैसे गांवों में भी ईको पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
गुरु पूर्णिमा और माघ पूर्णिमा पर भरत मुनि स्मृति दिवस पर कार्यक्रम करेगा संस्कार भारती
रायपुर। पुरातन कला नगरी के रूप में प्रसिद्ध रायगढ़ में संस्कार भारती छत्तीसगढ़ की 24वीं साधारण सभा 5- 6 जुलाई को संपन्न हुई। प्रथम दिवस 5 जुलाई को साधारण सभा के मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के प्रथम मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके प्रदीप देशपांडे बिलासपुर ने उपस्थित समस्त सदस्यों को कार्यकर्ता की विशेषता एवं आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कला क्षेत्र का संगठन होने के नाते हमें अपने सभी कला साधक व कार्यकर्ताओं से आत्मीय संबंध बनाना आवश्यक है। कला माध्यम से समाजोत्थान एवं राष्ट्रीय उत्थान का उद्देश्य लेकर संस्कार भारती का गठन हुआ है। देश में लगभग 1200 इकाइयों के साथ यह ऐसा एकमात्र कला संगठन है जो अनेक प्रचलित विधाओं को माध्यम बनाकर देश में कार्यरत है।
संस्था के प्रांतीय संरक्षक एवं छत्तीसगढ़ फिल्म एसोसिएशन के प्रांतीय संरक्षक योगेश अग्रवाल रायपुर ने कहा की कला क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग से विकृतियां उत्पन्न करने की साजिश चल रही है। विकृत मानसिकता से कला प्रदर्शन करने की होड सी लगी हुई है। लेकिन इन सब के बीच सकारात्मक प्रदर्शन कैसा हो यह हमारे संस्था के कार्यकर्ताओं को सोचना है। प्रदेश और देश में सकारात्मकता से कला प्रदर्शन करने वाले अनेक कलाकार एवं संस्थाएं हैं उनके साथ तादात्म्य स्थापित कर हमें नवोदित कलाकारों के समक्ष एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करना होगा।
अध्यक्षता कर रही गोंडी भाषा की विशेषज्ञ एवं इस वर्ष मध्य प्रदेश में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित डॉ जयमती कश्यप कोंडागांव ने प्रदेश के अनेक जिलों से आए हुए अभ्यागतों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान में स्टैंड अप कॉमेडी आधुनिक अभिव्यक्ति का नया रूप है जो युवाओं को तेजी से आकर्षित कर रहा है। यह माध्यम जहां सशक्त सामाजिक सुधारों का उपकरण बन सकता है वहीं दूसरी ओर शॉर्टकट प्रसिद्धी की होड में अशोभनीय भाषा सहित धर्म , जाति , लैंगिक और अश्लीलता का भी मंच बनता जा रहा है। अतः संस्कार भारती इस विधा के कलाकारों का आवाहन करती है कि विवादास्पद विषयों से हटकर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित मर्यादित और उद्देश्य पूर्ण हास्य का प्रदर्शन करें जिसका सपरिवार आनंद लिया जा सके।
दूसरे सत्र में संस्था के प्रांतीय महामंत्री हेमन्त माहुलीकर ने वैधानिक कार्यवाही के अंतर्गत गत वर्ष की साधारण सभा की कार्यवाही का वाचन किया एवं अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रांतीय कोषाध्यक्ष जागेश्वर सिंह मानसर ने आय-व्यय एवं अगले वर्ष का बजट प्रस्तुत किया। प्रांतीय प्रबंधकारिणी द्वारा पारित संविधान संशोधन के प्रस्ताव को सभा के समक्ष रखा गया। चर्चा पश्चात उपरोक्त सभी वैधानिक कार्यवाही एवं प्रस्तावों का साधारण सभा के सदस्यों ने ओंकार ध्वनि के साथ अनुमोदन किया। श्रद्धांजलि सभा में अरुण दास वैष्णव ने प्रदेश के कला एवं साहित्य जगत के सभी मूर्धन्य कलाकारों सहित सदस्यों के परिजनों के नाम सभा के समक्ष रखे जिनका निधन हो गया है। उन्हें मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अगले सत्र में श्रीपाद जोशी अखिल भारतीय अधिकारी एवं अनिल जोशी क्षेत्र प्रमुख ने संस्कार भारती की नवीन कार्य पद्धति और रीत नीति से सदस्यों को अवगत कराया। इस वर्ष से संस्कार भारती ने तय किया है कि गुरु पूर्णिमा उत्सव और माघ पूर्णिमा पर भरत मुनि स्मृति दिवस ये दो प्रमुख आयोजन हर जिले में करना है। इसके अलावा वर्ष प्रतिपदा , कृष्ण जन्माष्टमी , गणतंत्र दिवस पर भारत माता पूजन सहित संगीत ,चित्रकला लोक कला , रंगमंच , पुरातत्व भू अलंकरण ,फिल्म आदि विधाओं की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा । जिससे वरिष्ठ कला साधकों से नवोदित कला साधकों को मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इस वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस का कार्यक्रम संस्कार भारती के तत्वावधान में सभी जिलों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर सदस्यों/ कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण भी होगा जिससे संस्कार भारती के उद्देश्यों एवं सकारात्मक विमर्श पर आधारित नई कार्य पद्धति की संकल्पना मालूम हो । राष्ट्रीय स्तर पर संस्कार भारती की स्थापना को 44 वर्ष पूर्ण हो गए हैं और एक परिपक्व संगठन के रूप में हमें समाज के सम्मुख सकारात्मक विमर्श को आगे लाना होगा जिससे देश एवं समाज में व्याप्त कुरीतियों पर विजय प्राप्त की जा सके , ऐसा संकल्प सबने लिया । प्रथम दिवस के समापन अवसर पर रात्रि कालीन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । प्रांतीय साहित्य विभाग संयोजक डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर के संयोजन में उपस्थित साहित्य साधकों ने लोकमाता अहिल्याबाई एवं अन्य समसामयिक विषयों पर अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं ।
द्वितीय दिवस 6 जुलाई रविवार को प्रातः कालीन विशेष सत्र में प्रांतीय कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों की बैठक हुई जिसमें सबके दायित्व एवं कर्तव्य के बारे में चर्चा की गई । सभी से आग्रह किया गया कि प्रदेश के विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर कला शिक्षकों का डाटा तैयार किया जाए । इसके लिए प्रांतीय मंत्री श्री रिजेंद्र गंजीर को अधिकृत किया गया है । डाटा जमा होने के पश्चात कला शिक्षकों का एक सम्मेलन करने की योजना है जिसमें भारतीय मूल्यों पर आधारित कार्यक्रम करने का आग्रह उनसे किया जाएगा ।
अगले सत्र में समूहश: बैठकों का आयोजन हुआ प्रांत अध्यक्ष , जिल अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्ष की बैठक वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री प्रदीप देशपांडे , महामंत्रीयों एवं कोषाध्यक्षों की बैठक श्री श्रीपाद जोशी तथा विभाग संयोजक व विधाओं के कलाकारों की बैठक श्री अनिल जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई । तीनों समूह में अलग-अलग दायित्ववान बंधु - भगिनियों को उनके कार्यों को समझाते हुए वर्तमान कला क्षेत्र की आवश्यकताओं को बताया गया ।
अगले सत्र में मंचीय कला विभाग की ओर से डॉ आनंद कुमार पांडे जशपुर , दृश्य कला विभाग की ओर से चंद्रशेखर देवांगन बिलासपुर , साहित्य विभाग की ओर से डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर एवं अशोक शर्मा बिलासपुर , कला धरोहर (पुरातत्व) विभाग की ओर से हरि सिंह क्षत्री कोरबा , लोक एवं जनजातीय कला विभाग की ओर से संजीव तिवारी दुर्ग ने अगले वर्ष की कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं । इसी सत्र में जिला सक्ति के महामंत्री मनोज तिवारी , सरगुजा की महामंत्री अर्चना पाठक , कांकेर के महामंत्री अवधेश लारिया , रायगढ़ के महामंत्री अजय पटनायक , कोरबा के महामंत्री शिव कुमार दुबे ,बिलासपुर के अध्यक्ष श्री गजानन फड़के , बलरामपुर - रामानुजगंज महामंत्री पवन कुमार पांडे ने जिले में हुए प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी से सभा को अवगत कराया । इस अवसर पर रायगढ़ जिला अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ,सरगुजा जिला अध्यक्ष रंजीत सारथी, सक्ति जिला अध्यक्ष खीकराम कश्यप , बिलासपुर जिला अध्यक्ष गजानन फड़के एवं कांकेर जिला अध्यक्ष डॉ गीता शर्मा मंच पर उपस्थित थे ।
प्रबंध कार्यकारिणी के प्रस्ताव पर वर्ष 2027 तक के लिए साहित्य विभाग संयोजक का दायित्व डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर को एवं दृश्य कला विभाग का संयोजक श्री भोजराज धनगर रायपुर को दिया गया । सभा के अनुमोदन सहित प्रांतीय संरक्षक श्री योगेश अग्रवाल जी ने तिलक चंदन कर दोनों का स्वागत किया ।
समापन सत्र के प्रारंभ में प्रांतीय सह महामंत्री डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर ने साधारण सभा में हुए सभी सत्रों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया । मुख्य अतिथि श्री विनोद अग्रवाल सह जिला संघ चालक रायगढ़ ने कहा की संस्कार भारती का समाज में बहुत महत्वपूर्ण दायित्व है । कला मनुष्य को बहुत प्रभावित करती है । कलाकारों का अनुसरण करने का स्वभाव आम नागरिकों का है अतः मंच से क्या प्रस्तुत होना चाहिए यह बहुत सोचने का विषय होता है । मुख्य वक्ता डॉ राजकुमार भारद्वाज रायगढ़ विभाग प्रचारक ने साधारण सभा में उपस्थित सदस्यों को कहा कि हम क्या थे , हम क्या हैं , क्या बनना है और कैसे बनना है इसका विचार प्रत्येक कार्यकर्ता को करना चाहिए । आज विश्व में विमर्श की ही लड़ाई है । भारतीय संस्कृति को नीचा दिखाने के लिए विदेशी ही नहीं बलू अपने देश में भी कुछ मानसिक विकृत लोग लगे हुए हैं । एक समय में जेएनयू में महिषासुर को दुर्गा माता से बड़ा बताने का विमर्श स्थापित करने का प्रयास किया गया । महिषासुर का महिमा मंडन करने का कुचक्र चलाया गया , उसे दुष्ट राक्षस के स्थान पर दलित , पिछड़ा और अभागा घोषित करने का विमर्श खड़ा किया गया । भारतीय संस्कृति में विश्वास रखने वाले हमारे संतो , बुद्धिजीवियों और विचारकों ने इस विमर्श का प्रतिरोध किया , जन सामान्य के समक्ष वस्तु स्थिति प्रतिपादित की तब कहीं जाकर इस नकारात्मक विमर्श पर विजय प्राप्त हुई । आज का विमर्श अधर्म का नाश करने वाला होना चाहिए तभी धर्म की जय होगी । इस विमर्श को स्थापित करने के लिए कला एक सशक्त माध्यम है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पंच परिवर्तन के विषयों को देश के सम्मुख रखा है । स्वदेशी की भावना , नागरिकों का कर्तव्य , सामाजिक समरसता ,पर्यावरण सुरक्षा और कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से जहां भारतीय समाज सुदृढ़ बनेगा वहीं हमारी भावी पीढ़ी में देश और समाज के प्रति कर्तव्य की भावना का जागरण होगा । इन सभी बिंदुओं को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है । स्वयं से शुरू करके समाज तक यह संदेश भिन्न कलाओं के माध्यम से पहुंचे ऐसा अपने आवाहन किया । समापन सत्र का संचालन श्री रिजेंद्र गंजीर कांकेर ने किया । संपूर्ण वंदे मातरम् गान के साथ साधारण सभा समाप्त हुई ।
साधारण सभा में कोंडागांव , रायपुर , कांकेर, कोरबा, बिलासपुर,रायगढ़ ,खैरागढ़ , सक्ति ,दुर्ग , सरगुजा, बलरामपुर - रामानुजगंज जिले से 63 प्रतिनिधियों ने भाग लिया । इस अवसर पर सदस्यों ने संस्था को 1,57,404 रुपए की राशि दान स्वरूप प्रदान की । सभी सदस्यों एवं अतिथियों को संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकाशित सामरिक अहिल्या गाथा राजश्री से राजर्षि तक प्रदान की गई ।
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद से राज्यपाल डेका ने की सौजन्य भेंट
राज्यपाल रमेन डेका ने आज नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से सौजन्य भेंट की। डेका ने कोविंद को राजकीय गमछा पहनाया और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।
कस्टम मिलिंग घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ईओडब्ल्यू ने अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित कस्टम मिलिंग स्कैम मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमुख आरोपी अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर लिया है।
ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 01/2024 के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 11, 13(1)(क), 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 384 एवं 409 के अंतर्गत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
दोनों आरोपी पहले से ही अन्य मामलों में न्यायिक हिरासत में थे। उनकी संलिप्तता सामने आने के बाद आज दिनांक 09 जुलाई 2025 को विशेष न्यायालय में प्रोडक्शन वारंट के जरिए पेश किया गया, जहां उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
ईओडब्ल्यू ने न्यायालय से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की अनुमति भी प्राप्त कर ली है। मामले में आगे की विवेचना जारी है, और अधिकारियों का कहना है कि घोटाले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
राज्यपाल डेका ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गड़करी से की सौजन्य भेंट
राज्यपाल रमेन डेका ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डेका ने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
काल बनकर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर हुई दो बैगा महिलाओं की मौत
कवर्धा। जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाहपानी गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो बैगा महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई. घटना मंगलवार शाम की है, जब दोनों महिलाएं जंगल में चरोटा भाजी तोड़ने गई थीं.
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम लगभग 5 बजे एक ही परिवार से ताल्लुक रखने वाली दो महिलाएं तिहरी बाई और रामबाई चरोटा भाजी तोड़ने जंगल गई थीं. देर रात तक दोनों के घर नहीं लौटने पर सुबह परिजनों ने खोजबीन की तो दोनों का शव बाहपानी के जंगल में मिला.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. मामला कुकदूर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया है. घटना से गांव में शोक की लहर है.
लगातार बारिश से शिवनाथ नदी उफान पर, मदकू द्वीप के एनीकेट जलमग्न, प्रशासन सतर्क….
बिलासपुर – सरगांव-क्षेत्र में बीते दो दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खासकर शिवनाथ नदी समेत तमाम नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। शिवनाथ नदी उफान पर है और इसका पानी मदकू द्वीप के दोनों ओर बने एनीकेट से कई फुट ऊपर बह रहा है। मंगलवार की सुबह तक एनीकेट से करीब एक फुट ऊपर बह रहा पानी दोपहर होते-होते तीन फुट तक पहुंच गया, जिससे आसपास के गांवों के लिए खतरे की स्थिति बन गई। शिवनाथ नदी, जिसे सदानीरा कहा जाता है क्योंकि यह कभी नहीं सूखती, इस साल की भीषण गर्मी में पहली बार सूख गई थी। इसका असर इतना व्यापक था कि नदी के आसपास के गांवों में बोरवेल का जलस्तर 300 से 350 फीट तक नीचे चला गया था। ग्रामीण पानी के लिए परेशान हो गए थे, लेकिन मानसून की देरी के बाद जब वर्षा ने जोर पकड़ा, तो नदी-नालों में बहाव लौट आया और भूजल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया।
मदकू द्वीप जो कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, वहां आने-जाने के लिए दोनों ओर एनीकेट बनाए गए हैं। एनीकेट के ऊपर से पानी बहने की सूचना के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए ग्राम पंचायत के माध्यम से एनीकेट पर अस्थायी बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया है, जिससे कोई वाहन उस पर से न गुजर सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। हालांकि, प्रशासन की चेतावनी और रोक के बावजूद कुछ लापरवाह वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालते हुए एनीकेट पार करने की कोशिश कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
मदकू द्वीप का सड़क मार्ग बंद होने से वहां पहुंचने के लिए श्रद्धालु और पर्यटक अब नाव का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इस परिस्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ नाव संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। श्रद्धालुओं की मजबूरी को भुनाना एक तरह से उनकी आस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। इस संबंध में प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया गया है और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पथरिया ने नाव संचालकों की बैठक बुलाकर एक गाइडलाइन तैयार करने की पहल की है। बैठक में तय किया गया है कि नाव संचालन के नियम तय किए जाएंगे, अधिकतम किराया निर्धारित किया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।यह प्रशासन की यह सराहनीय पहल है। यदि नाव संचालन की व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से लागू की जाती है, तो वर्षा ऋतु के दौरान भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मदकू द्वीप तक पहुंचना सुरक्षित और सहज हो सकेगा। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्रीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
लगातार हो रही बारिश ने जहां एक ओर लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं दूसरी ओर नदियों और भूजल के सूखते स्रोतों को फिर से जीवनदान मिला है। प्रशासन की सजगता, सावधानी और नाव संचालन में पारदर्शिता की कोशिशें सराहनीय हैं। जरूरत है कि आमजन भी प्रशासन का सहयोग करें और सतर्कता बरतते हुए किसी भी तरह की लापरवाही से बचें। मदकू द्वीप की धार्मिक आस्था और पर्यटन की गरिमा को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है।
फ्री फायर गेम बना जानलेवा, गेम खेलने के दौरान छात्र की हुई मौत, चलते-चलते खेल रहा था गेम, सड़क पर गिरकर तोड़ा दम
बिलासपुर। मोबाइल गेम की लत एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। चकरभाठा निवासी 14 वर्षीय आदित्य लखवानी की मौत का कारण बना फ्री फायर गेम। दोस्तों के साथ सड़क पर टहलते हुए गेम खेलते समय आदित्य का ध्यान भटका और वह फिसल कर सड़क पर गिर पड़ा। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह दर्दनाक हादसा तब हुआ जब आदित्य अपने दोस्तों और छोटे भाई के साथ सड़क पर घूम रहा था और इसी दौरान वह मोबाइल में फ्री फायर गेम खेल रहा था। गेम में पूरी तरह डूबे आदित्य को सामने से आ रही बाधा का आभास ही नहीं हुआ और वह संतुलन खो बैठा। जमीन पर गिरने से उसके सिर में गहरी चोट आई। पास में मौजूद लोगों ने उसे तत्काल उठाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी — आदित्य की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
मृतक के भाई राहुल भयानी ने बताया कि आदित्य को फ्री फायर गेम की लत थी और वह हर समय मोबाइल में गेम खेलता रहता था। घटना के समय भी वह गेम में इतना लीन था कि उसे अपने आसपास की सुध नहीं रही और इसी वजह से उसका ध्यान भटका और हादसा हो गया।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि मोबाइल गेम खासकर एक्शन और बैटल गेम्स बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं। यह केवल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जान का जोखिम भी बन चुका है।
पेट्रोल पंप पर लावारिश खड़ी थी ऑडी और पजेरो... पुलिस ने किया जब्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ी के दुर्ग जिले की वैशाली नगर थाना पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान गौरव पथ स्थित पेट्रोल पंप से दो लक्जरी वाहन (ऑडी (DL 1 CS 6642) और पजेरो ( DL 1 CQ 1303) को लावारिस हालत में खड़े पाए जाने पर जब्त किया है। इन वाहनों को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जब्त कर थाना लाया गया है। प्रारंभिक जांच में इन वाहनों का कनेक्शन एक फरार आरोपी दीपक कुमार सिंह उर्फ दीपक नेपाली से सामने आया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब्त वाहन पेट्रोल पंप में बिना किसी चालक या मालिक के लावारिस स्थिति में खड़े मिले। पेट्रोल पंप कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि शुभम यादव नामक व्यक्ति इन वाहनों में नियमित रूप से डीजल डलवाता था, और यह भी जानकारी मिली कि संभवतः यह वाहन फरार आरोपी दीपक कुमार सिंह उर्फ दीपक नेपाली द्वारा चलवाए जा रहे थे।
फिलहाल वैशाली नगर थाना पुलिस द्वारा मामले की सूक्ष्म जांच की जा रही है और दोनों वाहनों के मालिकाना हक, दस्तावेज़ों की जांच के साथ-साथ इनका आपराधिक गतिविधियों से संबंध भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का मानना है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या आपराधिक गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जिसके चलते हर पहलु को गंभीरता से परखा जा रहा है।
कैंसर पीड़ित बच्चे को दी गई कीमोथेरेपी, नई शुरुआत की ओर एक और कदम
रायपुर। प्रदेश के अंबिकापुर जिले के नवापारा स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (यूसीएचसी) ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को नवापारा यूसीएचसी में न्यूरोब्लास्टोमा से पीड़ित एक मासूम बच्चे को सफलतापूर्वक कीमोथेरेपी की चौथी साइकिल दी गई। यह पहली बार है जब नवापारा सीएचसी में किसी बाल कैंसर मरीज को कीमोथेरेपी दी गई है, जो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को कीमोथेरेपी देना दुर्लभ माना जाता था, जिसके कारण कैंसर से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पतालों या बड़े शहरों में भटकना पड़ता था। नवापारा यूसीएचसी ने इस पुरानी प्रथा को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैंसर से जूझ रहे बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके, जिससे उनके परिवारों पर यात्रा और आर्थिक बोझ कम हो।
इस मौके पर चिकित्सा अधिकारी और ऑन्कोलॉजिस्ट ने कहा, यह सिर्फ इलाज नहीं है, बल्कि एक उम्मीद की शुरुआत है। पहले बच्चों को कीमोथेरेपी के लिए मेडिकल कॉलेज या बड़े अस्पताल भेजना पड़ता था, लेकिन अब हमने नवापारा सीएचसी में इस सुविधा की शुरुआत कर दी है। यह हमारी टीम की सामूहिक मेहनत और सेवा भाव का परिणाम है।
इस सफल पहल के लिए पूरी चिकित्सा टीम जिसमें डॉक्टर्स, स्टाफ नर्स, तकनीशियन, और फार्मासिस्ट शामिल हैं, जिन्हे धन्यवाद दिया गया। यह घोषणा की गई कि आने वाले समय में कैंसर मरीजों को यहां इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यह कदम नवापारा सीएचसी को एक मॉडल कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर की दिशा में ले जाएगा, जो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के राज्यव्यापी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह सफलता जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन, कैंसर मरीजों के लिए अटूट समर्थन, जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयासों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों और केंद्र प्रभारी डॉ. शीला नेताम एवं नवापारा के समस्त स्टाफ नर्स की दृढ़ संकल्प सेवा के अथक समर्पण से संभव हुई है।
रायपुर के लिए उड़ान भरने वाली इस फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
RAIPUR NEWS: रायपुर के लिए उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान की इमरजेंसी लैंडिंग देवी अहिल्या हवाई अड्डे पर करानी पड़ी। उड़ान भरने के बाद ही विमान में फाल्स अलार्म के संकेत आने लगे। इसके बाद पायलट ने इंदौर एटीसी को आपात लैंडिंग की सूचना दी। विमान फिर इंदौर एयरपोर्ट पर उतारा और उसकी जांच की गई। सुरक्षा कारणों से इंदौर-रायपुर उड़ान निरस्त कर दी गई और यात्रियों का पैसा लौटा दिया गया।
जानकारी के मुताबिक आज सुबह 6:30 बजे इंदौर से रायपुर के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट में आधे घंटे बाद तकनीकी खराबी आ गई। फ्लाइट में अचानक झटका महसूस हुआ, जिसके बाद पायलट ने वापस इंदौर लौटने का फैसला किया। सुबह 7:15 बजे फ्लाइट ने इंदौर में इमरजेंसी लैंडिंग की। इस दौरान यात्रियों में घबराहट रही। लैंडिंग के बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई और यात्रियों को किराया वापस किया गया। बता दें कि अहमदाबाद हादसे के बाद एयरलाइंस, विमानों की तकनीकी खामी को लेकर ज्यादा सजग है।
छत्तीसगढ़ में आज भी भारी बारिश की चेतावनी, इन जिलों में होगी झमाझम बारिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में मौसम ने आज सुबह से ही करवट ले ली है। बारिश ने मौसम में ठंडक पैदा कर दी है और नदी-नाले अब उफान पर आ गए हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नदी और नाले उफान पर है। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश भर में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बलौदाजार, समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ जमकर बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद में भी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, एक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उसके आसपास स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटे में, झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर श्रीगंगानगर , सिरसा, मेरठ, वाराणसी, डाल्टनगंज, पुरुलिया, दक्षिण पश्चिम गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित निम्न दाब के केंद्र और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है।
एक द्रोणिका दक्षिण राजस्थान से दक्षिण पश्चिम गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित निम्न दाब के केंद्र तक मध्य मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़, दक्षिण झारखंड होते हुए 3.1 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में कल दिनांक 8 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
रेलवे ने इन ट्रेनों को किया रद्द, इनको किया डायवर्ट…..
रेलवे के इस आधुनिकीकरण कार्य से भविष्य में यार्ड की क्षमता तो बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल यात्री इन दिनों को परेशानी भरे दिनों के रूप में ही याद रखेंगे।