छत्तीसगढ़
जिंदल थर्मल पावर प्लांट एवं 500 MW जिंदल सोलर पावर प्लांट के लिए राज्य शासन के बीच एमओयू हस्ताक्षरित.
रायपुर| छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड,500 MW सोलर पावर,2400 MW थर्मल पावर प्लांट व राज्य सरकार के बीच 7.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाले एक स्टील प्लांट की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस परियोजना के लिए 75,000 करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश किया जाएगा।
इस समारोह में मुख्यमंत्री साय व रजत कुमार सचिव एवं संयोजक राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड वाणिज्य एवं उद्योग विभाग एवं उद्योग जगत के कई अधिकारी मौजूद रहे । इस परियोजना से न केवल स्थानीय रोजगार सृजन में सहायक होगा, बल्कि ये राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
जिंदल समूह के प्रदीप टंडन, ने कहा कि हम इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक आधार को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हमें विश्वास है कि इस स्टील प्लांट के माध्यम से हम उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय जनसमुदाय के लिए विकास के नए अवसर उत्पन्न कर सकेंगे।”
सरकार ने भी इस एमओयू को राज्य में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस प्रकार के औद्योगिक निवेश छत्तीसगढ़ को एक वैश्विक औद्योगिक हब बनाने के हमारे लक्ष्य को साकार करने में मदद करेंगे।”
इस स्टील प्लांट व पावर प्लांट की स्थापना से संबंधित कार्य जल्द ही शुरू होंगे, और इसे राज्य के विकास एवं स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में निश्चित ही सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कवासी लखमा को सब पता था, विशेष कोर्ट में 1200 पन्नों की चौथी चार्जशीट… जानिए EOW ने क्या कहा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने विशेष कोर्ट में लगभग 1200 पन्नों का चौथा पूरक चालान पेश किया है। इस चार्जशीट में लखमा की अहम भूमिका का उल्लेख किया गया है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा को आबकारी घोटाले में उनके हिस्से का 64 करोड़ रुपये मिला है, जिसमें 18 करोड़ रुपये के निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य भी मिले हैं। खुद को अनपढ़ बताने वाले तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सब कुछ पता था और वह इसके लिए प्रोटेक्शन मनी भी ले रहे थे।
ईडी-ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अफसरों, शराब कारोबारियों, राजनीति से जुड़े लोगों और व्यवसायियों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को चलाया जा रहा था। भ्रष्टाचार से हासिल रकम को व्यक्तिगत और परिवार के हितों में खर्च किया गया। EOW ने विशेष कोर्ट में अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार चार्जशीट पेश कर चुकी है। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 मार्च को स्पेशल कोर्ट में ईडी ने 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था। ईडी-ईओडब्ल्यू अभी भी इस मामले की जांच कर रही है। कुछ दिन पहले ईडी ने सुकमा जिले के कांग्रेस भवन को भी सील किया था।
जेल में बंद हैं पूर्व मंत्री कवासी लखमा
बता दें कि शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ईडी दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ईडी ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की रिमांड बढ़ा दी थी। कवासी लखमा अभी भी जेल में बंद है।
पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी से अधीक्षण अभियंता सहित 9 कर्मियों की विदाई
कृषि विभाग की टीम ने आधा दर्जन दुकानों में दी दबिश... गड़बड़ी और लापरवाही पर थमाया नोटिस
रायपुर। बिलासपुर कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने फिर छापामार शैली में कार्रवाई की। उन्होंने बिल्हा और मस्तूरी ब्लॉक के आधा दर्जन खाद और कृषि दवाई दुकानों में दबिश दी। गड़बड़ी और लापरवाही पाए जाने पर उन सभी को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में कमियां दुरुस्त कर उनसे रिपोर्ट तलब की गई है। अन्यथा लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खाद, बीज और कृषि दवाइयों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम कसने के सख्त निर्देश जिला प्रशंसकों दिए हैं। इस क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर उप संचालक कृषि द्वारा टीम गठित की तत्परता पूर्वक कार्रवाई की जा रही है। उप संचालक श्री पीडी हथेश्वर ने बताया कि जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा विकासखण्ड-बिल्हा और मस्तूरी अन्तर्गत मेसर्स किसान मितान कृषि केन्द्र मोपका, मेसर्स अमृत कृषि केन्द्र सीपत, मेसर्स अग्रवाल खाद भण्डार मल्हार, मेसर्स गुप्ता खाद भण्डार मल्हार, मेसर्स गणेश खाद भण्डार मल्हार एवं मेसर्स कैवर्त कृषि केन्द्र मल्हार का आकस्मिक निरीक्षण किया गया ।
जिसमे मेसर्स किसान मितान कृषि केन्द्र मोपका वि.ख. बिल्हा में उर्वरक एवं बीजों का निर्धारित प्रारूप में स्टाक पंजी का संधारण नहीं किया जा रहा था।मूल्य और उपलब्ध खाद की मात्रा सूची प्रदर्शित नहीं किये जाने के साथ ही सप्ताहिक एवं मासिक प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने तथा बीज अनुज्ञप्ति में बिना प्रविष्टि कराये कम्पनियों के बीजों का भण्डारण किये जाने के कारण शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
मेसर्स मेसर्स अमृत कृषि केन्द्र सीपत में मूल्य – स्टाक सूची प्रदर्शित नहीं एवं निर्धारित प्रारूप में स्कंध एवं बिल बुक नहीं पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया । मेसर्स अग्रवाल खाद भण्डार मल्हार को मूल्य, स्टाॅक सूची प्रदर्शित नहीं एवं निर्धारित प्रारूप में स्कंध एवं बिल बुक नहीं पाये जाने तथा उर्वरक अनुज्ञप्ति में समावेश कराये कम्पनियों के उर्वरकों के अतिरिक्त अन्य कम्पनी के उर्वरकों का भण्डारण किये जाने के कारण नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है । मेसर्स गुप्ता खाद भण्डार मल्हार को बिल बुक निर्धारित प्रारूप में संधारण करने हेतु चेतवानी दी गई । मेसर्स गणेश खाद भण्डार मल्हार को अनुज्ञप्ति में फार्म ओ समावेश कराने, निर्धारित फार्मेट में बिल एवं स्कंध संधारण नहीं किये जाने के कारण करने नोटिश जारी किया गया।
इसी प्रकार मेसर्स कैवर्त कृषि केन्द्र मल्हार को कीटनाशक एवं बीज अनुज्ञप्ति में बिना प्रिसिंपल सर्टिफिकेट समावेश के कीटनाशक औषधियों पर विक्रय करने, क्रेताओं को निर्धारित फार्मेट में बिल नहीं दिये जाने, स्कंध पंजी का संधारण नहीं किये जाने पर जवाब तलब किया गया है।
अमिताभ जैन बने रहेंगे चीफ सेक्रेटरी, केंद्र के निर्णय ने IAS लॉबी को चौकाया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव फिलहाल अमिताभ जैन ही बने रहेंगे। सोमवार की दोपहर हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार ने अमिताभ जैन को सेवा विस्तार देने के फैसले पर सहमति जता दी है। सोमवार को CS अमिताभ जैन को विदाई दी जानी थी। मुख्य सचिव पद की दौड़ में तीन नाम सबसे आगे बताए जा रहे थे। पहला 1992 बैच के सुब्रत साहू, दूसरा 1993 बैच के केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए अमित अग्रवाल और तीसरा नाम 1994 बैच के मनोज पिंगुआ का था। दोपहर बाद जो निर्णय आया उसने सभी को चौंका दिया। माना जा रहा था कि साय कैबिनेट की बैठक में अमिताभ जैन की विदाई होगी और नए मुख्य सचिव का स्वागत किया जाएगा, लेकिन आखिरी वक्त पर केंद्र से एक्सटेंशन दिए जाने की मंज़ूरी मिलने की खबर आ गई।
आईएएस की सर्विस में आने के बाद अमिताभ जैन की पहली पोस्टिंग अविभाजित मध्यप्रदेश के जबलपुर में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई। अमिताभ जैन यहां 1 जून 1990 से 1 अगस्त 1991 तक पदस्थ रहे। दूसरी पोस्टिंग उनकी एसडीएम नीमच के रूप में एक अगस्त 1991 से 1 जुलाई 1993 तक रही। फिर वे छत्तीसगढ़ के सरगुजा में प्रोजेक्ट अधिकारी बनकर पदस्थ हुए। 1 मार्च 1994 से 1 जून 1996 तक ग्वालियर में एडिशनल कलेक्टर रहे। एक जून 1996 को ही ग्वालियर में सीईओ बन गए। सीईओ के रूप में अमिताभ जैन की पदस्थापना 1997 तक रही।
कलेक्टर के रूप में अमिताभ जैन को पहली पदस्थापना 1 फ़रवरी 1997 को रायगढ़ जिले में मिली। कलेक्टर के रूप में अमिताभ जैन को दूसरा जिला छतरपुर मिला। फिर वह होशंगाबाद के कलेक्टर रहे। वे राजगढ़, नीमच जिले में भी पदस्थ रहें। पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद अमिताभ जैन ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले में हुए दो बार कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे। उनकी पहली पोस्टिंग राज्य बनने के साथ ही 1 नवंबर 2000 को हुई थी। 15 दिसंबर 2003 तक के कलेक्टर रायपुर रहे। उनकी दूसरी पोस्टिंग 21 मार्च 2004 को फिर से रायपुर कलेक्टर बने।
छत्तीसगढ़ शासन के कई विभागों में सचिव, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव का भी पदभार अमिताभ जैन ने संभाला। उन्होंने राज भवन में रहने के अलावा वित्त सचिव, वाणिज्य, उद्योग, लोक निर्माण, जनसंपर्क, आबकारी, वाणिज्यिक कर, वन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, गृह जेल परिवहन, जल संसाधन विभागों में पदस्थ रहकर कार्य किया है। अमिताभ जैन डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन, इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, आयुक्त जनसंपर्क, सचिव कर्मशियल टैक्स, संयुक्त सचिव औद्यौगिक विकास निगम रहें।
7 साल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में रहे जैन
आईएएस अमिताभ जैन भारत सरकार में सात वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहें। भारत सरकार में सात वर्षीय प्रतिनियुक्ति के दौरान अमिताभ जैन वाणिज्य मंत्रालय में डायरेक्टर और संयुक्त सचिव के रूप में काम किया। इस दौरान पांच वर्षों तक देश की विदेश नीति के निर्माण, संसोधन और कार्यान्वयन से जुड़े कार्य किया। इसके अलावा भारत सरकार की तरफ से लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन में मिनिस्टर (आर्थिक) भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने संबंधी कार्य भी किया।
साय कैबिनेट का बड़ा फैसला.... कृषक उन्नति योजना का लाभ अब दलहन, तिलहन उत्पादक किसानों को
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा।
खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि/कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।
मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।
राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगोें, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट/इन्लैंण्ड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पाद के निर्यात हेतु इको सिस्टम तैयार होगा। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी साथ ही राज्य को लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी।
मंत्रिपरिषद द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी।
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न विभागों/निगम/मण्डल/कम्पनी/बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रिडेव्हलपमेंट योजना अंतर्गत 7 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं।
मंत्रिपरिषद द्वारा वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकार्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विहित 05 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 02 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
CS अमिताभ जैन आज होंगे रिटायर... मिलेगा नया मुख्य सचिव, तीन अफसरों के नामों की चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ को आज 13वां मुख्य सचिव (CS) मिल सकता है। प्रशासनिक मुखिया की रेस में पांच अफसरों के नाम है, लेकिन आईएएस सुब्रत साहू और आईएएस मनोज पिंगुआ के नाम की ज्यादा चर्चा है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए एक आईएएस का नाम भी प्रशासनिक गलियारों में है। नया सीएस कौन होगा इसका ऐलान जल्द हो सकता है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन आज शाम पांच बजे रिटायर हो जाएंगे। उससे पहले उन्हें विदाई देने कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के लिए 1992 बैच के आईएएस सुब्रत साहू, 1993 बैच के आईएएस अमित अग्रवाल और 1994 बैच के आईएएस मनोज पिंगुआ में से किसी एक अफसर को मुख्य सचिव की जिम्मेदारी मिल सकती है। मनोज पिंगुआ का पलड़ा भारी होने का कारण उन्हें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पसंद बताया जा रहा है। वहीं सुब्रत साहू का नाम भी चर्चाओं में है। सुब्रत के पिता ओडिशा के चीफ सिकरेट्री रह चुके हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में ओडिशा के रहने वाले पीके मिश्रा एडवाईजर टू पीएम हैं। इन तारों को जोड़कर सुब्रत साहू का पलड़ा भी मजबूत बताया जा रहा।
सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। मुख्यमंत्री के मंत्रालय पहुंचने के बाद यह तय किया जाएगा कि कैबिनेट से पहले आदेश निकाला जाए या उसके बाद में…। रविवार से पहले तक मुख्य सचिव के लिए पांच आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चाओं में थे, जिसमें रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल, ऋचा शर्मा और मनोज पिंगुआ का नाम शामिल है। इन पांचों में जिनका सबसे अधिक चर्चा सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल और मनोज पिंगुआ शामिल थे।
कैबिनेट की बैठक से एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री राजभवन पहुंचे और राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की। इसे सौजन्य भेंट बताया गया। साथ ही इस दौरान राज्यपाल और सीएम के बीच प्रदेश हित से जुड़े विषयों पर चर्चा भी हुई है। यह मुलाकात काफी चर्चा में है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में कैबिनेट के विस्तार के साथ ही मुख्य सचिव की नियुक्ति भी होनी है। छत्तीसगढ़ कैबिनेट में दो मंत्रियों के पद खाली है, जिसे भरने की कवायद भी लंबे समय से चल रही है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से हितग्राही जीवन कुर्रे को बिजली बिल से मिला छुटकारा
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उपभोक्ताओं के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रही है। इस योजना का लाभ लेकर कई ग्रामीण अब बिजली के खर्च से राहत पा रहे हैं और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। बलौदाबाजार-भाठापारा जिला के बिलाईगढ़ विकासखंड में ऐसे ही एक प्रेरणास्रोत ग्राम पिपरडुला निवासी जीवन लाल कुर्रे हैं, जो पेशे से वकील हैं। अब उनके घर का बिजली बिल बेहद कम आता है, जिससे उन्हें हर महीने आर्थिक लाभ मिल रहा है।
जीवन लाल कुर्रे ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार और टेलीविजन के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने स्वयं ही योजना की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया। हितग्राही कुर्रे ने 1,50,000 रूपए का निवेश कर अपने घर की छत पर सोलर पैनल सेटअप लगाया। इस पर उन्हें केंद्र सरकार से 63,000 रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई।
हितग्राही जीवन लाल कुर्रे ने योजना के संबंध में कहा कि पीएम सूर्य घर योजना ने मेरे घर को रोशन किया और बिजली बिल से छुटकारा मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी से आमजन लाभान्वित हो रहे हैं। आर्थिक लाभ किसी भी व्यक्ति के जीवन एक बड़ा हिस्सा होता है, जिससे उसकी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायक होता है। उन्होंने सरकार के प्रति आभार जताया और कहा कि इस योजना का लाभ लेने लोगों को चाहिए।
33 तोला सोना, तीन किलो चांदी सहित 50 लाख के जेवर और नकदी बरामद
रायपुर। राजस्थान घूमने गए दुर्ग के एक परिवार के महावीर नगर स्थित सूने मकान से चोरों ने 50 लाख के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। लेकिन सीसीटीवी फुटेज से मिले क्लू ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचा दिया। 4 दिन में दुर्ग पुलिस ने इस चोरी के मामले को सुलझाया और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को इन आरोपियों से लगभग 332 ग्राम सोना, 3 किलो 300 ग्राम चांदी एवं 9 लाख 76 हजार रुपये नकद नगद के साथ 50 लाख का सामान जब्त किया है।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि ये अंतरराज्यीय चोर है। यह पहले महाराष्ट्र और राजनांदगांव में चोरी कर चुके हैं। इन चोरों ने सूने घर को देख पहले रेकी की थी और उसके बाद चोरी की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी रंजीत डहरे और रोशन मार्कण्डेय ने चोरी कर चांदी के जेवर को नागपुर निवासी आकाश सोनी को बेच दिया और सोने के गहने अपनी भाभी योगेश्वरी को दे दिए, जिसे उसने जमीन में गड़ा दिया था। पुलिस ने डीएसएमडी मंगवाकर उससे जमीन के अंदर से जेवर खोज निकाले। फिलहाल दुर्ग पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
चोरी की यह घटना 24 जून की रात की है। महावीर कालोनी दुर्ग में एक मकान में अज्ञात चोरों द्वारा खिड़की को तोड़कर घर अंदर घूसे। घर के अंदर से नकदी एवं सोने चांदी के जेवरात चोरी कर ले गये। इस मामले में रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में धारा 331(4), 305 बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की विवेचना और आरोपियों की पतासाजी के लिए टीम गठित की गई थी। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की। आसपास में लगे सीसीटीवी फुटे को देखने पर सुराग मिला। सायबर टीम की मदद और मुखबिरों को पता तलाशने के बाद पुलिस को यह सफलता हाथ लगी है।
गिरफ्तार आरोपी
1- रंजीत डहरे, 30 वर्ष पता- ग्राम लिटिया थाना लालबाग राजनांदगाव
2- रोशन मारकंडे, 23 वर्ष, पता- मिनीमाता नगर थाना कलमना नागपुर।
3- योगेश्वरी उर्फ जुगरी मारकंडे, 32 वर्ष, पता- केकराजबोड थाना जालबांधा खैरागढ़़।
4- रविशंकर बंजारे, 32 वर्ष, पता- लखौली थाना कोतवाली राजनांदगाव।
5- आकाश मन्नालाल सोनी, 28 वर्ष पता- मिनीमाता नगर थाना कलमना नागपुर।
महासमुंद जिले में अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई.... एक चैन माउंटेन जब्त
रायपुर। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में 27 जून को संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम कर्राडीह महानदी क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन वाहन को जप्त किया गया। वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है।
खनिज अधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी 'मन की बात' की 123वीं कड़ी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना और इसे प्रेरणादायी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जन-भागीदारी और सकारात्मक प्रयासों की चर्चा करते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित लोगों को पहचान और सम्मान मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपयोगी जानकारियां साझा की। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे नवाचारों के बारे में बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है और यदि हम नियमित रूप से छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाएं, तो समाज और देश में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की छोटी-छोटी से लेकर बड़ी उपलब्धियों पर भी अपनी बात साझा करते हैं और उसकी सराहना करते हैं। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस की भव्यता, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि, 1975 के आपातकाल और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वियतनाम यात्रा और भारत के ट्रेकोमा मुक्त होने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत हम सभी का संकल्प है और राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ हर मोर्चे पर दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।
इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज, केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक राजेश अग्रवाल, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक प्रबोध मिंज, राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैंकरा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
विकास से दूर आदिवासियों की नियति, मलेरिया ग्रसित मरीजों के ले जाते एंबुलेंस बीच सड़क पर फंसी, ट्रैक्चर से टोचन कर निकला…
गरियाबंद । आमामोरा में मलेरिया से ग्रसित 5 गंभीर मलेरिया मरीज जब फंस गए अधूरी सड़क में रात को ट्रैक्टर बुलाकर एंबुलेंस को टोचन कर निकालना पड़ा. 15 साल से बन रहे 24 करोड़ के सड़क को टाइगर रिजर्व के आपत्ति के बाद काम रोका गया है, ग्रामीण बोले हमारी जिंदगी जंगली जीव से ज्यादा कीमती कैसे हो गई. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती है, यह इस आदिवासी इलाके की हकीकत है, जिससे ग्रामीण रोज दो-चार होते हैं.
वन्य प्राणियों के खातिर निर्माण रोक दिए गए सड़क में किस तरह पिछड़ी जनजाति लोगों की जिंदगी दांव पर लग रही है, उसकी एक बानगी बीती रात देखने को मिली है. कुकरार के CHO दुर्गेश पुरैना अपने सहयोगियों के साथ बीते शाम नियमित ग्राम भ्रमण पर निकले थे, तभी कुकरार के कमार जनजाति के पांच मरीज पवित्रा (6 साल), रूपेश (13 साल), धान बाई (50 साल), शुक्रुरम (54 साल), प्रमिला बाई (34 साल) बुखार से तपते मिले. सभी का झाड़-फूंक कर इलाज किया जा रहा था. इस पर उन्हें समझाइश देकर अस्पताल जाने को राजी किया गया.
स्लाइड जांच में ही पता चला था कि इन्हें मलेरिया है, लक्षण भर्ती के लायक थे. शाम 6 बजे मेनपुर अस्पताल से एंबुलेंस को काल किया गया. डेढ़ घंटे के भीतर एंबुलेंस पहुंची. मरीज को लेकर एंबुलेंस 2 किमी सड़क पर निकली ही थी कि हथौड़ाडीह के पास अधूरी सड़क में फैली कीचड़ के बीच फंस गई. 2 घंटे के मशक्कत के बाद फंसे एंबुलेंस को ट्रैक्टर के सहारे निकाला गया. CHO पुरैना ने कहा कि बारिशभर इसी तरह परेशानी उठानी पड़ती है. आमामोरा गांव के आगे पूल अधूरा छोड़ा गया हुआ है. नाले में पानी आया तो आमामोरा पंचायत में टापू में तब्दील हो जाएगा.
नेशनल हाइवे 130 सी से आमामोरा ओंड़ को जोड़ने वाली 31.65 किमी सड़क निर्माण कार्य मंजूरी के 15 साल बाद भी निर्माण एजेंसी पीएमजीएसवाय काम पूरा नहीं करवा पा रही. 8 किमी सीसी सड़क समेत 12 किमी सड़क ही पूरी बनी थी, 10 किमी पर बीटी कार्य पूरे कर लिए गए थे, डामर डालना शेष रह गया था, शेष पार्ट में काम चल रहा था कि उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व ने एनओसी का हवाला देकर मार्च 2025 को काम बन्द करा दिया.
'वोकल फॉर लोकल’ को साकार करती छत्तीसगढ़ की आयुर्वेदिक प्रसंस्करण परियोजना
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित अत्याधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण 29 जून को ग्राम जामगांव (एम), जिला दुर्ग में किया जाएगा। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद दुर्ग विजय बघेल, स्थानीय विधायकगण, राज्य वनोषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 डॉक्टर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज महा मण्डलेश्वर, हरिद्वार उत्तराखण्ड विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में रू. 36.47 करोड़ की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई से प्रतिवर्ष लगभग रु. 50 करोड़ मूल्य के उत्पाद तैयार किए जाने का अनुमान है। यह इकाई प्रदेश में वनों में पाई जाने वाली औषधीय और लघु वनोपज जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करेगी।
यह इकाई छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र भी बनेगी। परियोजना के अंतर्गत 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की प्राथमिक प्रसंस्करण कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे।
आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे सीजनल वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मूर्तरूप देती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।
पूर्व IAS अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से फिर मिला झटका… न्यायिक निगरानी की याचिका खारिज
Raipur News: बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है। टुटेजा ने एक याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने ईडी, एसीबी और पुलिस द्वारा की जा रही जांच की न्यायिक निगरानी की मांग की थी। जिसे हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच एजेंसियां स्वतंत्र और नियमों के तहत काम कर रही हैं, ऐसे में न्यायिक दखल की आवश्यकता नहीं है।
अनिल टुटेजा की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में यह तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका कहना था कि टुटेजा के खिलाफ अब तक कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया है और जांच एजेंसियां पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही हैं। उन्होंने न्यायिक निगरानी को पारदर्शिता के लिए आवश्यक बताया।
दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए उपमहाधिवक्ता डॉ. सौरभ पांडेय ने याचिका का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि अनिल टुटेजा न केवल शराब घोटाले में, बल्कि डीएमएफ और कोयला घोटालों सहित कई अन्य गंभीर आर्थिक अपराधों में भी आरोपी हैं। उन्होंने दलील दी कि याचिका जांच प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप की मंशा से दायर की गई है।
दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने साफ कहा कि जांच एजेंसियों को अपने कार्य करने का अधिकार है और वर्तमान परिस्थितियों में उनके कार्य में न्यायिक निगरानी की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।
संपर्क स्मार्ट क्लास में बच्चों से बैठे सीएम... बचपन के दिनों को किया याद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के बगिया हाई स्कूल में संपर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जशपुर के 50 प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट किट और टीवी का भी वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में बचपन के दिनों को याद करते हुए इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि उनके गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा पहली से पांचवीं कक्षा तक बगिया प्राथमिक स्कूल में प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 वर्ष पूर्व बगिया स्कूल खपरैल का होता था, जिसमें बरसात के दिनों में पानी टपकता था और पानी टपकने के कारण जगह बदलनी पड़ती थी। लेकिन आज 50 वर्षों बाद बगिया स्कूल का संपूर्ण कायाकल्प हो गया है और वर्तमान में यहाँ हाई स्कूल संचालित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले जमाने में प्राथमिक स्कूल के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की सुविधाएं सुलभ हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र मूलमंत्र है जिससे व्यक्ति का समग्र विकास संभव है। शिक्षक हमारे राष्ट्र के निर्माता होते हैं, जो हमें अच्छा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, वैज्ञानिक और प्रोफेसर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष श्री विनीत नायर एचसीएल टेक्नोलॉजिस के सीईओ रहे हैं। उन्होंने अपनी माता, जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं, से प्रेरणा लेकर सम्पर्क कार्यक्रम की शुरुआत की।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बच्चों के सीखने-सिखाने में बहुमूल्य योगदान दे रहा है। सम्पर्क फाउंडेशन खेल-खेल में शिक्षा को सरल बनाने के लिए सम्पर्क टीवी डिवाइस एवं गणित व अंग्रेज़ी किट प्रदान कर रहा है, जिनका वितरण आज हमारे जिले के 50 विद्यालयों में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने मुझे पूरी उम्मीद है कि विद्यालयों में इन किटों का भरपूर उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल बच्चों की झिझक दूर होगी बल्कि सीखने-सिखाने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। अतः सभी प्रधान पाठक इन संसाधनों के उपयोग की पद्धति को भली-भांति समझें और बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर दें।
छत्तीसगढ़ में मॉनसून की रफ्तार तेज़, 30 जून से भारी बारिश की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में मॉनसून की रफ्तार अब तेज़ होने वाली है। मौसम विभाग ने 30 जून से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में इज़ाफ़ा होने की संभावना जताई है। बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी वर्षा हुई, वहीं अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं शेष प्रदेश में सामान्य से मध्यम बारिश देखने को मिली। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग और उससे सटे क्षेत्रों में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है — जिसमें प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।”
29 जून को बिलासपुर शहर में आसमान सामान्यतः मेघाच्छादित रहने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 30.8°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहने का अनुमान है। मॉनसून के इस बदले मिजाज़ को देखते हुए किसान और आम नागरिक सतर्क रहें
छत्तीसगढ़ के शिमला में भाजपा का चिंतन शिविर 7 जुलाई से... शाह और नड्डा होंगे शामिल
Raipur News: छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में भारतीय जनता पार्टी का चिंतन शिविर लगने जा रहा है। जिसमें प्रदेश भाजपा के तमाम विधायकों के साथ-साथ सांसदों का जमावड़ा होने जा रहा है। पूरी सरकार तीन दिनों तक प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होगी यानी सरकार भी मैनपाट से चलेगी। शिविर में केंद्रीय नेतृत्व के नेता स्थानीय विधायक, सांसद और सरकार को प्रशिक्षित करेंगे। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार बनने के बाद अब तक की सबसे बड़ी बैठक और शिविर के रूप में इसे देखा जा रहा है। भाजपा का कहना है कि इस प्रशिक्षण शिविर से नए विधायक और सांसद बने नेताओं को काफी फायदा होगा।
दरअसल, मैनपाट के हसीन वादियों में 7, 8 और 9 जुलाई को पूरी सरकार मौजूद रहेगी। केंद्रीय संगठन मंत्री अजय जमवाल और संगठन मंत्री पवन साय ने मैनपाट का दौरा किया और प्रशिक्षण शिविर की तैयारी को लेकर दिशा निर्देश दिए। माना जा रहा है कि इस प्रशिक्षण शिविर में पूरी सरकार तो सरगुजा के मैनपाट में मौजूद रहेगी। केंद्रीय नेता अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी आ सकते हैं। सत्ता-संगठन में समन्वय बैठाने के साथ ही सरकार की योजनाओं को लोगों तक कैसे पहुंचाना है इस पर मंत्रणा की जाएगी।