छत्तीसगढ़
कृषि मंडपम में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव 6 जून से
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन 6 जून से किया जा रहा है। आयोजन में देश एवं प्रदेश की आम किस्मों की प्रदर्शनी और प्रतियोगिता होगी। महोत्सव में शासकीय और गैर शासकीय संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। महोत्सव में आम से बने उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी।
कृषि महाविद्यालय के फल विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. जीएल शर्मा ने बताया तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 6 जून सो सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक प्रादर्शों के पंजीयन के साथ होगा। महोत्सव में आम किस्मों की प्रतियोगिता, आम के खाद्य उत्पादों की प्रतियोगिता, आम की सजावट स्पर्धा और आम के पौधों की बिक्री की जाएगी। दूसरे दिन 7 जून को आम उत्पादनः समस्या और समाधान पर परिचर्चा दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित है। जिसके बाद वानस्पतिक प्रवर्धन का प्रदर्शन किया जाएगा। तीसरे दिन 8 जून को कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी पर परिचर्चा दोपहर 12 से 2 बजे तक आयोजित है। प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
शर्मा ने बताया कि 8 जून को शाम 4 से 6 बजे तक बच्चों के लिए मैंगो फैंसी ड्रेस स्पर्धा का आयोजन भी किया गया है। दो आयु वर्ग 3 से 8 और 9 से 13 उम्र के बच्चों के लिए है। जिसमें पंजीयन निःशुल्क है। भाग लेने वाले प्रतिभागी 9425509229 नंबर पर संपर्क कर सकते है। वहीं महोत्सव में शासकीय, अशासकीय, महिला समूह और स्व सहायता समूह के साथ व्यक्तिगत रुप से कृषक, महिला, विद्यार्थी और आम नागरिक भाग ले सकते है।
फोर्स को बड़ी सफलता, एनकाउंटर में मारा गया एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर सुधाकर
Raipur News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबल को फिर बड़ी कामयाबी मिली है। जिले नेशनल पार्क इलाके में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में नक्सली लीडर सेंट्रल कमेटी (सीसी) के मेंबर नरसिम्हाचलम उर्फ गौतम उर्फ सुधाकर के मारे जाने की खबर है। वह छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र का मोस्ट वांटेड था। सुधाकर पर तीनों राज्यों को मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का इनाम था। इससे पहले नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में नक्सल संगठन के महासचिव बसवा राजू की मौत हुई थी। उस पर छत्तीसगढ़ में डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में सुधारकर के मारे जाने की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की है।
मुठभेढ़ में मारा गया सुधाकर नक्सलियों के शिक्षा विभाग का इंचार्ज था। वह आंधप्रदेश के चिंतापालुदी ग्राम का रहने वाला था और बीते तीन दशकों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय समिति सदस्य गौतम उर्फ सुधाकर, तेलंगाना राज्य समिति सदस्य बांदी प्रकाश, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य पप्पा राव सहित कुछ अन्य सशस्त्र माओवादी कैडरों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा की संयुक्त बल को एंटी नक्सल ऑपरेशन पर भेजा गया था। अबूझमाड़ क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में भी जवानों ने सुबह से ही नक्सलियों की घेराबंदी शुरू कर दी थी। जवान लगातार इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या भी बढ़ सकती है। मौके से एक ऑटोमेटिक राइफल बरामद किया गया है।
छत्तीसगढ़ के अति नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने एक माओवादी को मार गिराया है और मौके से एक ऑटोमेटिक राइफल बरामद किया है। मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस को नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिली थी, जिसके बाद ऑपरेशन लांच किया गया है। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), कोबरा और एसटीएफ के जवान लगातार नक्सलवाद के खिलाफ सर्चिंग ऑपरेशन कर माओवादियों का खात्मा कर रहे हैं। दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। वहीं मुठभेड़ पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी, पुलिस डीआइजी कमलोचन कश्यप, डीआईजी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल समेत अन्य पुलिस के अफसर मुठभेड़ पर नजर बनाए हुए हैं।
‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता योजना’ का 16 जून से शुरू होगा निरीक्षण अभियान
Raipur News: छत्तीसगढ़ सरकार राज्यभर में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता योजना लागू करने जा रही है। इस योजना को गंभीरता से लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी के लिए मंत्री, विधायक और कलेक्टर स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। प्रदेश के स्कूल 16 जून से खुल रहे हैं, उसी दिन से यह अभियान भी शुरू होगा।
सीएम विष्णुदेव साय ने जातिगत जनगणना पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, कांग्रेस केवल बात करती रही, जबकि निर्णय लेने का साहस प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाया। जातिगत जनगणना का लाभ ज़रूर मिलेगा। उन्होंने युक्तियुक्तकरण के विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी, कहा यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के हित में उठाया गया है।
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा आज सैनिक कल्याण संचालनालय पहुंचे, जहां उन्होंने म्यूरल आर्ट्स का अनावरण किया, परिसर में वृक्षारोपण किया और वीर नारियों का सम्मान भी किया। इसके अलावा वे मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
गृहमंत्री की पहली बैठक एसटीएफ अधिकारियों के साथ होगी, जिसमें बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई तेज करने पर चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक, राजनांदगांव को हाई सेंसिटिव ज़ोन घोषित किया गया है। बैठक में रायपुर में सामने आए 2000 से अधिक संदिग्ध घुसपैठियों पर भी समीक्षा की जाएगी। पूरे प्रदेश के 33 जिलों में एसटीएफ टीमें गठित की गई हैं। साथ ही गौ तस्करी की रोकथाम पर भी गृहमंत्री समीक्षा बैठक करेंगे।
चावल उत्सव का शुभारंभः मंत्री बोले- सरकार का संकल्प.. कोई भी नागरिक भूखा न सोए
रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने बेमेतरा के ग्राम भंसुली में चावल उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि कोई भी नागरिक भूखा न सोए। चावल वितरण का यह कार्यक्रम इस संकल्प की दिशा में सशक्त कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जून, जुलाई और अगस्त माह का चावल एक साथ आबंटित किया जा रहा है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार एक माह या तीन माह का चावल एक साथ ले सकते हैं। तीन माह का चावल एकमुश्त उठाने की बाध्यता नहीं है। अन्य राशन सामग्रियों जैसे शक्कर, नमक, चना एवं गुड़ का वितरण नागरिक आपूर्ति निगम के उपलब्ध स्टॉक के आधार पर प्रत्येक माह पृथक-पृथक किया जाएगा।
खाद्य मंत्री बघेल ने बताया कि चावल उत्सव के दिन ही तीन माह के चावल का वितरण सुनिश्चित किया गया है। इस कार्य के लिए परिवहन और सुरक्षित भंडारण की व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर समय-सीमा के भीतर राशन सामग्री के भंडारण और वितरण के बाद सत्यापन की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जनपद पंचायत की अध्यक्ष हेमा दिवाकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य विभाग के अधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में चावल उत्सव में मौजूद थे।
शहर के सर्विस लेन को अतिक्रमण मुक्त रखने किया जाएगा पौधरोपण
रायपुर। अब राजधानी रायपुर में महानगरों की तर्ज पर रिंग रोड सर्विस लेन में सुन्दरता बढ़ाने पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य किए जायेंगे। आज रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे, लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड-55 के पार्षद एवं जोन 10 जोन अध्यक्ष सचिन बी मेघानी, निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, पार्षद विनय प्रताप सिंह ध्रुव, विनय पंकज निर्मलकर, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश जैन, जोन 10 जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे, कार्यपालन अभियंता आशीष शुक्ला सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवको, आमजनों, जोन 10 अधिकारियो, कर्मचारियों की उपस्थिति में पचपेडी नाका सर्विस लेन क्षेत्र पहुंचकर श्रीफल फोडकर और कुदाल चलाकर लगभग 22 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से सर्विस लेन क्षेत्र में पेवर ब्लाक लगाकर सुन्दरता बिखेरने कार्य का भूमिपूजन किया।
रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने कहा कि यह बडी बात है नगर निगम रायपुर द्वारा सर्विस लेन में पेवर ब्लॉक लगाने के लिये जोन 10 क्षेत्र में पचपेडीनाका सर्विस लेन 22 लाख रुपये महापौर मीनल चौबे के नेतृत्व में एवं वार्ड पार्षद जोन 10 अध्यक्ष सचिन बी मेघानी के प्रयासो से स्वीकृत किये है। एक समय था जब नगर निगम रायपुर में पार्षद के लिए वार्ड के विकास हेतु राशि महापौर से स्वीकृत करवाना कठिन कार्य हुआ करता था। अब रायपुर में महानगरो की तर्ज पर सर्विस लेन क्षेत्र में पेवर ब्लॉक लगाकर सुन्दरता बिखेरी जाएगी।
दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने पेवर ब्लॉक इस प्रकार डिजाईन अनुसार लगवाने के निर्देश दिये कि उसके पश्चात वहाँ ठेला, गुमटी, वाहन न रखे जा सकें एवं साथ ही सतत मानिटरिंग कर सर्विस लेन में पेवर ब्लॉक लगाने के बाद कोई ठेला गुमटी वाहन खडा ना होने दिया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश जोन 10 जोन कमिश्नर को दिये। दक्षिण विधायक ने इस कार्य के लिए महापौर मीनल चौबे के नेतृत्व सहित वार्ड पार्षद व जोन 10 जोन अध्यक्ष सचिन बी. मेघानी के प्रयासो को सराहा।
ब्रेकिंग न्यूजः फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त
रायपुर। बिलासपुर में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रही शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया है। शिक्षिका ओबीसी वर्ग की होने के बावजूद एसटी वर्ग बैगा जाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षक की नौकरी पाई थी। शिकायत होने पर कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग से जांच करवाई गई। जांच में मामला प्रमाणित पाए जाने पर शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया गया है।
बिल्हा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चांटीडीह में शिक्षिका के पद पर उर्मिला बैगा पदस्थ थीं। उनके खिलाफ अनुसूचित जनजाति के फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच उच्च स्तरीय जाती छानबीन समिति कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय रायपुर से करवाई गई। जांच में पाया गया कि उर्मिला बैगा के पिता रतनलाल के दादा दुखिया वल्द हरिराम मिशल अभिलेख वर्ष 1928–29 में ढीमर जाति अंकित थीं। रतन लाल की सेवा पुस्तिका में ढीमर जाति अंकित थीं एवं उर्मिला का शासकीय प्राथमिक शाला कुदुदंड में दाखिल/ ख़ारिज क्रमांक 499 में जाति ढीमर अंकित हैं। ढीमर जाति केंद्र तथा राज्य सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश 7 फरवरी 2007 द्वारा उर्मिला बैगा की सेवा समाप्त किए जाने का आदेश जारी किया। जिसके विरुद्ध उर्मिला बैगा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय ने 1 मार्च 2007 को आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के आदेश पर स्थगन प्रदान कर दिया। उच्च न्यायालय ने 24 जुलाई 2007 को आदेश जारी कर याचिका खारिज कर दी गई।हाईकोर्ट के निर्णय और उच्च स्तरीय जाति प्रमाण पत्र के आदेश के अनुसार उर्मिला बाई शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चांटीडीह विकासखंड बिल्हा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
रेरा का बड़ा फैसला: प्रमोटर को 28 लाख रुपए ब्याज सहित लौटाने का आदेश, आवंटी को मिली राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम फैसला सुनाया है। रेरा ने आशीर्वाद अपार्टमेंट परियोजना (कोहका, जिला दुर्ग) से जुड़े एक मामले में प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह आवंटी को 28.71 लाख रुपये की राशि ब्याज सहित तत्काल लौटाए।
यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब यह पाया गया कि आवंटी और प्रमोटर के बीच अनुबंध होने के दो साल बाद भी फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया। निर्माण कार्य लंबे समय तक अधूरा रहा, जिससे आवंटी को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेरा के आदेशानुसार, प्रमोटर द्वारा मूलधन 23 लाख 71 हजार रुपये और उस पर 5 लाख रुपये ब्याज सहित कुल 28 लाख 71 हजार रुपये की राशि लौटाई जाएगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर की लापरवाही ने उपभोक्ता का विश्वास तोड़ा है और साथ ही रेरा कानून का उल्लंघन किया है ।
रेरा रजिस्ट्रार ने इस संदर्भ में कहा कि रेरा का उद्देश्य है कि प्रत्येक होमबायर को समय पर उसका अधिकार मिले। यह आदेश उसी दिशा में एक मजबूत संदेश है कि कोई भी प्रमोटर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी या देरी नहीं कर सकता। रेरा के इस निर्णय से न केवल पीड़ित उपभोक्ता को राहत मिली है, बल्कि यह अन्य खरीदारों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश बनेगा। रेरा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और समय पर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस मंच पर शिकायत दर्ज करें।
बिलासपुर रेल मंडल द्वारा "विश्व पर्यावरण दिवस 2025" के अंतर्गत "Sustainable Railway Operations" थीम पर जागरूकता कार्यक्रम
रायपुर। बिलासपुर मंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस अभियान 2025 (22 मई से 5 जून) के अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है । इसके अंतर्गत प्रत्येक दिनों थीम के अनुसार जागरूकता, संवाद, और व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है।
इसी क्रम में दिनांक 31 मई, 1 व 2 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के उपलक्ष्य में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल द्वारा " Sustainable Railway Operations " (सतत रेल परिचालन) थीम पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत बिलासपुर, उसलापुर, अनूपपुर, शहडोल, चांपा, रायगढ़, कोरबा सहित मंडल के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत, जल संरक्षण तथा स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई ।
इस अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों के आसपास रेलवे कालोनियों, पार्कों, गार्डन आदि के रखरखाव के लिए विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। कॉलोनियों, रेलवे स्टेशनों, पटरियों और आस-पास के क्षेत्रों में बेहतर सफाई हेतु अभियान चलाकर सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की गई। यात्रियों व कर्मचारियों को सतत पर्यावरण के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। स्टेशनों में अपशिष्ठ व कूड़े कचरे का बेहतर निष्पादन करने हेतु अपशिष्ठ प्रबंधन की तकनीकीयों व प्रणालियों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है जिससे पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाई जा सके।
मंडल के चांपा स्टेशन के आसपास स्थित रेलवे कॉलोनियों में बच्चों द्वारा "गीला कचरा, सूखा कचरा" की समझ एवं डोर टू डोर कचरा संग्रहण की थीम पर नुक्कड़ नाटक आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अलावा सतत पर्यावरण के बारे में छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने व जागरूकता विकसित करने हेतु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। आमजनों की सामुदायिक भागीदारी से गार्डन व पार्क के अंदर बेहतर साफ-सफाई कर सुनिश्चित की गई।
इसके अलावा वन स्टेशन वन प्रोडक्ट स्टालों में ईको-फ्रेंडली उत्पादों के विक्रय को प्रोत्साहित किया गया | साथ ही डिजिटल टिकटिंग सहित डिजिटल प्रावधानों के लाभ को बताते हुये इसका अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
छह जिलों में अतिशेष शिक्षकों की काउंसिलिंग पूरी.... 1500 शिक्षकों को मिली पोस्टिंग
रायपुर । राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार राज्य के 6 जिलों के अतिशेष 1498 सहायक शिक्षकों, प्रधान पाठकों और व्याख़्याताओं की काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब तक 1500 सौ से अधिक शिक्षकों को नवीन पदस्थापना जारी कर दी गई है। इससे देखते हुए माना जा सकता है कि शासन युक्तियुक्तकरण करने में सफल रही। कोरबा, सुकमा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार और सूरजपुर में काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। अतिशेष शिक्षकों का वरिष्ठता के आधार पर काउंसलिंग की गई। अतिशेष शिक्षकों की मुंगेली, राजनादगांव, बालोद और दुर्ग जिले में काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में शिक्षकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। ।
राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।
दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।
मुठभेड़ में मारे जाने का डर, 16 माओवादियों का सरेंडर.. जानिए कितने का था इनाम
Raipur Naxal News: छत्तीसगढ़ के एंटी नक्सल ऑपरेशन पर तैनात सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल लीडर बसवा राजू के मारे जाने के बाद माओवादी संगठन में टूट जारी है। नक्सल मुठभेड़ में मारे जाने के डर से पीएलजीए बटालियन के 2 हार्डकोर नक्सली समेत 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला और एक पुरुष माओवादी पर 8-8 लाख का इनाम घोषित है। वहीं 6 नक्सलियों पर कुल 25 लाख का इनाम घोषित है। बीहड़ जंगलों में सुरक्षा बलों के नए कैंप खुलने और फोर्स के एक्शन से नक्सलियों में दहशत है। इससे पहले 27 मई को 39 लाख के इनामी 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जिसमें PLGA बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली शामिल थे।
एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता और सीआरपीएफ व पुलिस अधिकारियों के समक्ष 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि सरकार की सरेंडर नीति और नियद नेल्लानार योजना से प्रभावित होकर सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़ने की इच्छा जताई है। सरेंडर करने वाले नक्सली फोर्स को नुकसान पहुंचाने, आगजनी, हत्या, सरकारी संपत्ति को नुकसान सहित कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं। सभी समर्पित नक्सलियों को 50-50 हज़ार की प्रोत्साहन राशि प्रदाय की गई। इससे पहले 18 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया था, जिन पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला नक्सली संगठन में पिछले 5 साल से सक्रिय थी। वहीं 15 पुरुष नक्सली माओवादी संगठन में 3 से 10 साल से सक्रिय रहे हैं। समर्पण करने वालों को सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये का अनुदान दिया रहा है। पुनर्वास योजना के तहत उन्हें रोजगार और शिक्षा के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा भी प्रशासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलमुक्त ग्राम पंचायत को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। इस राशि से गांव में विकास या मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
इधर नारायणपुर जिले में फोर्स को नुकसान पहुंचाने लगाए गए 10 IED बम को एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकले जवानों ने बरामद किया है। नारायणपुर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि कोहकामेटा थाना क्षेत्रा के कैम्प कुतूल ग्राम खोड़पार और गुरमका के जंगल रास्ते पर 10 नग आईईडी बरामद किया गया है। कैम्प से DRG, ITBP और BDS की संयुक्त टीम एरिया डॉमिनेशन पर धुरबेड़ा, गुमरका और खोड़पार क्षेत्र में सर्चिंग पर निकली थी, तभी आईईडी की जानकारी मिली। बम निरोधक दस्ते ने सावधानीपूर्वक सभी बमों को डिफ्यूज कर दिया। बता दें कि सुकमा जिले में 2025 में अब तक कुल 33 से अधिक IED बरामद कर निष्क्रिय किया जा चुका है।
सड़क हादसे में शिक्षिका की मौतः पति ही निकला आरोपी.. ऐसी रची साजिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जिले में कुछ दिन पहले मोहला विकासखंड के शेरपार हायर सेकंडरी में पदस्थ शिक्षिका की दुर्ग स्थित घर के लिए लौटते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने मौके पर ही मौत हो गई थी। लेकिन अब इस घटनाक्रम में ट्विस्ट आ गया है, महिला को उसके पति ने ही अपनी गाड़ी से मारा था, हैवान यही नहीं रुका हादसे के बाद महिला की सांस चलती देख उसे रॉड से पीट-पीटकर मार डाला था।
दो महीने पहले की जिस तरह से घटना सामने आई थी, उसके अनुसार, महिला शिक्षिका बरखा वासनिक स्कूल में प्यून के साथ घर लौट रही थी। इस दौरान दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के हितेकसा गांव के मंदिर के पास अज्ञात वाहन ने उसे चपेट में ले लिया। शिक्षिका की मौके पर मौत हो गई, वहीं प्यून गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
शिक्षिका की मौत पर परिजनों ने संदेह जताया, जिस पर पुलिस ने घटना की तहकीकात शुरू की। सूत्रों के अनुसार, जांच में पाया कि बरखा का अपने पति शिशपाल के साथ अच्छा संबंध नहीं था। कई बार सुलह करने का प्रयास हुआ, लेकिन बात नहीं बनी। आखिर में महिला अपने दुर्ग स्थित मायके में रहने लगी थी। लेकिन पति को पत्नी का अलग रहना रास नहीं आया।
पति शिशपाल ने पत्नी को मारने की योजना बना डाली। दुर्ग से शेरपाल से रोज आने-जाने वाली बरखा की टाइमिंग वगैरह सब की पड़ताल कर ली। और 22 मार्च को मौके देखकर रास्ते में सुनसान जगह पर गाड़ी से कुचल डाला। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी बरखा की सांस चलती देख शिशपाल ने पास रखे रॉड से ताबड़तोड हमला कर बची-खुची सांस से भी महरुम कर दिया। पत्नी को मौत के घाट उतारने के आरोपी पति शिशपाल के साथ उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
केदारनाथ यात्रा में भूस्खलन का कहर, छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्री समेत 2 की मौत, 4 घायल
Raipur News: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों के साथ शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर काकरागढ़ के पास, जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर, पहाड़ी से अचानक गिरे विशाल बोल्डर ने तीर्थयात्रियों के मैक्स वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में वाहन चालक और एक यात्री की मौत हो गई, जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।j
बता दें कि हादसे के समय वाहन में छह लोग सवार थे, जो सभी केदारनाथ दर्शन के लिए जा रहे थे। बोल्डर की चपेट में आने से वाहन पलट गया, जिससे चालक राजेश रावत (38 वर्ष), निवासी नाग पनियाला, लंबगांव, नई टिहरी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के शैलेश कुमार यादव (24 वर्ष) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों में लक्ष्मण सिंह (24 वर्ष), ओमकार सिंह (24 वर्ष), विपेश यादव (19 वर्ष) और चित्रांश साहू, सभी दुर्ग निवासी, शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि ले जाया गया, जहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया।
"विश्व पर्यावरण दिवस 2025" के अंतर्गत "Reduce Plastic Pollution" थीम पर जागरूकता कार्यक्रम
11 कन्याओं का होगा विवाह संस्कार, उपस्थित रहेंगे बागेश्वर धाम सरकार
Raipur News: श्री चक्र महामेरू पीठम् पीठाधिपति श्रीश्री सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज के सानिध्य में सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन 2 जून, 2025 को किया जाएगा। इस समारोह में बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र शास्त्री की दिव्य उपस्थिति में 11 कन्याओं की मांग में सिंदूर सजेगा। इसके साथ ही सतचंडी महायज्ञ भी प्रारंभ किया जाएगा।
राज्य सूचना आयुक्त चयन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक, जानें क्या है मामला
Raipur News: राज्य सूचना आयुक्त के दो रिक्त पदों पर चल रही चयन प्रक्रिया पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति संजय जायसवाल की एकल पीठ ने इस प्रक्रिया पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह निर्णय 25 वर्ष के कार्य अनुभव की नई शर्त को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के बाद लिया।
इस मामले में तीन याचिकाकर्ता अनिल तिवारी, डीके सोनी और राजेंद्र उपाध्याय ने यह आपत्ति जताई थी कि राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिए अधिसूचना 4 मार्च को जारी की गई। इसके बाद 19 मार्च तक आवेदन मंगाए गए। उस समय जारी विज्ञापन में कार्य अनुभव की कोई सीमा निर्धारित नहीं थी। लेकिन, 9 मई को इंटरव्यू से ठीक पहले जारी एक पत्र में सर्च कमेटी ने आवेदनकर्ताओं के लिए विधि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंपर्क या प्रशासन जैसे क्षेत्रों में 25 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव अनिवार्य कर दिया।
इस नए नियम की वजह से 172 आवेदकों में से केवल 51 आवेदकों को ही इंटरव्यू के लिए चयनित किया गया। इससे असंतुष्ट होकर तीन अभ्यर्थियों (अनिल तिवारी, डीके सोनी और राजेंद्र उपाध्याय) ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों ही पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस संजय जायसवाल ने अगली सुनवाई 9 जून तक चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ में विकसित कृषि संकल्प अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले विकसित कृषि संकल्प अभियान के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। उन्होंने शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुवात हो रही है। इस अभियान में केंद्र सरकार के वैज्ञानिक भी आएंगे और राज्य के वैज्ञानिकों के साथ दल बनाकर कार्य करेंगे। राज्य के 13 लाख से अधिक किसानों से आने वाले दिनों में सम्पर्क कर हम राज्य में कृषि विकास हेतु कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर कृषि वैज्ञानिक और शोधकर्ता प्रयोग शाला से खेत तक जाकर उन्नत एवं संतुलित कृषि के संबंध में किसानों को जागरूक करेंगे तथा किसानों से भी सुझाव लेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि देश के हर गरीब के पास पक्का मकान होना चाहिए। हमारी सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने राज्य के मकान विहीन वाले एवं गरीब परिवारों को 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की है। लाखों लोगों को उनके पक्के आवास मिल चुके हैं। साथ ही शेष बचे हुए मकानों का निर्माण जारी है, उन्होंने कहा कि आवास प्लस प्लस में सब बचे हुए पात्र लोगों को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 70 लाख से ज्यादा बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत् प्रतिमाह 1 हजार रूपए की राशि अंतरित किए जा रहे हैं। जिनका नाम नही जुड़ा, उनके लिए भी जल्द ही योजना में नाम जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के फीडबैक लिए। हितग्राही चमार सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि गिरते हुए जल स्तर को ध्यान में रखते हुए धान की खेती के अलावा उद्यानिकी और कम पानी खर्च और अधिक आमदनी वाले फसलों को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने जैविक कृषि के लिए भी किसानों से अपील की। चंदन ने महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि वे इस योजना के पैसे का उपयोग बच्चों की पढ़ाई के साथ ही अन्य जरूरत पर करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में क्षेत्र के विकास के लिए लगभग साढ़े 3 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें ग्राम भैसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रूपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख 23 हजार रूपए पानी टँकी एवं पाइप लाइन विस्तार हेतु 55 लाख, हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए 50 लाख रूपए, अहाता एवं शेड निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, ग्राम अमोड़ी में पाइप लाइन विस्तार के लिए 42 लाख रूपए, हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 24 लाख रूपए देने की घोषणा की। उन्होंने इस मौके पर भैंसा में नवीन नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिविर में कृषि पत्रिका का भी विमोचन किया। समाधान शिविर में कृषि विभाग के योजनाओं के तहत् हितग्राहियों का कृषि उपकरणों हेतु अनुदान चेक, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकल, किसान क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिसर्च सिर्फ लैब तक न रहे, लैब से निकलकर वैज्ञानिक गांव-गांव तक जाए और किसानों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। यहां केंद्र सरकार के 100 वैज्ञानिक आएंगे, साथ ही यहां के वैज्ञानिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी हर दिन 2-2 कैंप करेंगे और किसान को उन्नत और संतुलित खेती के संबंध में जानकारी देंगे। उन्होंने राज्य के किसानों को अपील करते हुए कहा कि इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा किसान शामिल हो। कौन सी खेत में क्या फलस लेना है कितनी खाद-बीज और दवाई की जरूरत है के संबंध में चर्चा करें और कृषि को उन्नत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोच है कि हमारे किसान जितने मजबूत होंगे, उतना देश शक्तिशाली और मजबूत होगा। कार्यक्रम को स्थानीय विधायक गुरू खुशवंत साहेब ने भी संबोधित किया और क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष् अपनी मांग रखी।
रायपुर : रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री तोखन साहू और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।
मुख्यमंत्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।
मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था।
विधायक किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र छगन मूंदड़ा और शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।