छत्तीसगढ़
तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में गूंजेगी बारनवापारा से रेस्क्यू किए गए बाघ की दहाड़
रायपुर। कसडोल नगर के पारस नगर सेक्टर से रेस्क्यू किए गए नर बाघ की दहाड़ अब गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में गूंजेगी। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू बाघ किए गए इस बाघ को आज सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया। गुरू घासीदास तमोर पिंगला छत्तीसगढ़ का नया टायगर रिजर्व है।
बलौदाबाजार वनमंडल के कसडोल तहसील में बीते 8 माह से बारनवापारा वन क्षेत्र में विचरण कर रहे एक नर बाघ के कसडोल तहसील के ग्राम कोट पहुंच जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। वन विभाग का अमला आवश्यक रेस्क्यू सामग्री तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारियों सहित मौके पर तत्काल पहुंचकर कसडोल नगर के पारस नगर सेक्टर से उक्त बाघ को रेस्क्यू किया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के निर्देश पर उक्त नर बाघ को आज प्रातः 8 बजे नवगठित गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व रायपुर, वन संरक्षक (वन्यप्राणी) क्षेत्र संचालक, एलीफेंट रिजर्व सरगुजा, संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर, उप निदेशक एलीफेंट रिजर्व सरगुजा, कानन पेंडारी-जू के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी. के चंदन, गुरु घासीदास तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत पाण्डेय, सहायक संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर, अधीक्षक तमोर पिंगला अभ्यारण्य, अधीक्षक सेमरसोत अभ्यारण्य, क्षेत्रीय अधिकारी-कर्मचारी एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य श्री गौरव निहलानी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू किए गए बाघ को आज सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ही भारत सरकार की ओर से ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया।
मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य ने तैयार की : इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी
क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर विषय पर आयोजित कार्यशाला में वन मंत्री और वित्त मंत्री हुए शामिल
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में जल्द इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू की जाएगी। वन विभाग द्वारा इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा, जहां इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होगी। अभी तक देश के एक मात्र राज्य केरल में यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के लागू होने से राज्य में वनों का संवर्धन, जल स्त्रोतों का संरक्षण, मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
यह जानकारी वनमंत्री केदार कश्यप एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नया रायपुर के मेफेयर में ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए दी। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में जलवायु अनुकूलता और लो कार्बन आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उससे निपटने के महत्व पर चर्चा की। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘जनजाति समुदाय सदैव जल, जंगल, और जमीन का संरक्षक रहा है। उन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज ने अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सरकार के सतत विकास लक्ष्यों का अभिन्न हिस्सा है।
वित्त मंत्री चौधरी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कैलाश पर्वत और भगवान शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ उनके वाहन नंदी, बाघ, मूषक और मोर सबके एक साथ रहने के उदाहरण देते हुए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन केवल चर्चा का विषय नहीं है; यह हमारे राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है।’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। चौधरी ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण नवाचारों और हरित निवेश में भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति दी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नेटिव स्पीशीज के पौधों के रोपण, वन क्षेत्रों के विकास और वेटलैंड संरक्षण की योजनाओं पर जोर दिया। कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माताओं ने व्यापक चर्चा की।
इस कार्यशाला में पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात मिश्रा, सीड के डायरेक्टर डॉ. मनीष राम, क्रेडा के अभिषेक शुक्ला, झारखंड वन विभाग के रवि रंजन, पश्चिम बंगाल सरकार के चीफ एनवायरनमेंट ऑफिसर धर्मदेव राय, ठाकुर प्यारेलाल इंस्टीट्यूट निमोरा के डायरेक्टर पी. सी. मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अनिल श्रीवास्तव, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन, आईआईएम रायपुर के डॉ. राहुल बी. हीरेमथ, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निनाद बोधनकर, सीजी कास्ट के साइंटिस्ट और कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिंह सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित थे।
एक परिवार की तीन पीढ़ी को मिल रहा : महतारी वंदन योजना का लाभ
परिवार ने की पांच बेटियों की शिक्षा से शादी तक की प्लानिंग
राज्य की 70 लाख महिलाओं को दी जा चुकी है अब तक 5878 करोड़ 37 लाख की राशि
रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल का एक बड़ा जरिया बन गया है, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महतारी वंदन योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बल मिल रहा है। कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड के ग्राम भोंदा निवासी मरार पटेल का संयुक्त परिवार आज हितग्राही परिवारों के लिए प्रेरणा है। इस परिवार में सदाराम पटेल, उनके छोटे भाई रामकुमार पटेल सपत्नीक, बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों के साथ रहते हैं। इस परिवार के तीन पीढ़ियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन योजना से यह परिवार आर्थिक मजबूती हासिल कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस योजनाएं भी बना रहा है।
सदाराम पटेल और उनकी पत्नी सुखबती पटेल के दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू दिलेश्वरी (पति गीताराम) और उनके तीन बच्चे बरखा, अंजू और प्रभा। दूसरी बहु मनीषा (पति जगियाराम) और उनका बेटा मिंताशु है। सदाराम के छोटे भाई रामकुमार पटेल और उनकी पत्नी बीरझा बाई के भी दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू अनिता (पति नरेन्द्र) जिनके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसी तरह दूसरी बहु गनेशिया (पति फगियाराम) और उनकी एक बेटी है।
परिवार की बहुओं और माताओं ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि को बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए उपयोग करने का मन बनाया है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में लाभकारी योजना में निवेश का निश्चय किया है। उनका कहना है कि इस योजनाओं से बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। योजनाएं 2039-40 तक उनके बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सहायक साबित होंगी। पटेल परिवार की बहुएं सुखबती पटेल और बीरझा बाई ने बताया, "महतारी वंदन योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में काम करने का विश्वास दिया है। परिवार के भी का मिला कर हर माह 6 हजार रुपए की अतिरिक्त आय से हमारा जीवन स्तर बेहतर और खुशहाल होने लगा है। पांच साल में यह राशि 3.60 लाख तक पहुंच जाएगी।" हमे पूरा विश्वास है कि यह योजना आगे भी चलते रहेगी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है। यह योजना न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही है।
कसडोल शहर के एक किमी के दायरे में आ गया था बाघ : ट्रैक्यूलाइज कर किया गया काबू
अभियान इतनी कुशलता से किया गया कि बाघ को किसी तरह की चोट नहीं लगी
अब रेडियो कालर भी लगा दिया गया है ताकि इसके मूवमेंट पर रहे लगातार नजर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग के अधिकारियों को दी बधाई
रायपुर | कसडोल शहर के बिल्कुल एक किमी के दायरे में पहुंच गये बाघ को वन विभाग ने सफलतापूर्वक काबू पा लिया। यह वाकया कसडोल शहर से लगे ग्राम कोट का है। बाघ एक पैरे के ढेर में छिप गया था। वन विभाग की टीम पहुंची और बेहद कुशलता से बाघ को ट्रैक्यूलाइज किया। टैक्यूलाइज करने के बाद बाघ कुछ देर तक होश में रहा और पास ही के पेट्रोल पंप के पीछे की तरफ आ गया लेकिन उसे तेजी से बेहोशी आई और फिर उसे नियंत्रित कर लिया गया। बाघ के बिल्कुल शहर के पास आने से लोगों के लिए कौतूहल का विषय था कि इसे कैसे नियंत्रित किया जाएगा। वन विभाग के अमले ने इसकी योजना बनाई और बेहद सफलतापूर्वक यह कार्य संपन्न किया गया। बताया जाता है कि यह बाघ ओडिशा के रास्ते से बारनवापारा पहुंचा होगा। आठ महीने से यह बारनवापारा में सक्रिय था। बाघ की सक्रियता केवल कोर एरिया में रहे इसके लिए वन विभाग ने पर्याप्त प्रयास किये थे। जब बाघ का मूवमेंट कोर एरिया से बाहर होने की खबर मिली तो अमले ने सतर्कता से अपनी कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि अब बाघ को किसी टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा ताकि इसे और भी सुरक्षित परिवेश मिले।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ को रेडियो कालर लगा दिया गया है। इससे बाघ के मूवमेंट पर नजर रखने में आसानी होगी। इसके रक्त का नमूना भी लिया गया है। बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उल्लेखनीय है कि बाघ के शहर के पास होने की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग एवं वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी कानन पेण्डारी चिड़ियाघर बिलासपुर डॉ. पी.के. चंदन वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी नंदन वन जू एवं जंगल सफारी नवा रायपुर डॉ. राकेश वर्मा तथा डॉ. रश्मिलता राकेश पशु चिकित्सा अधिकारी कसडोल के टीम ने तत्काल ग्राम कोट पहुंच कर ग्रामीण धीराजी के बाड़ी में रखे पैरा के ढेर में छुपे बाघ को ट्रैक्यूलाईज करने की प्रयास किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख रायपुर व्ही. श्रीनिवास राव प्रधान, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (व.प्रा.) प्रेम कुमार, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त रायपुर राजु अगसिमनी, मुख्य वन संरक्षक (व.प्रा.) एवं क्षेत्र संचालक उदन्ती सीतानदी टायगर रिजर्व रायपुर सतोविशा समाजदार, वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार मयंक अग्रवाल, आनंद कुदरया अधीक्षक बारनवापारा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग के अधिकारियों को बाघ के सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व मिल गया है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद यह देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। इस टाइगर रिजर्व के बनने से बाघों को नैचुरल हैबिटेट में बेहतर परिवेश मिल पाएगा और इनके बेहतर संवर्धन के अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ में अब 4 बाघ रिजर्व हो गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिल रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से इस प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते पहले ही टूरिस्टों ने अचानकमार में टाइगर साइट किया था। टाइगर रिजर्व बनने से एक बार छत्तीसगढ़ पुनः बाघों से गुलजार हो जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के विभागीय पोर्टल को किया लॉन्च
पोर्टल से योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की मिलेगी जानकारी, प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समीक्षा में होगी सहूलियत
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए विभागीय पोर्टल
www.cguadfinance.in को लॉन्च किया। उन्होंने पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे शहरी प्रशासन और विकास के कार्यों को ज्यादा पारदर्शी बनाने, निर्माण कार्यों के प्रभावी व त्वरित मॉनिटरिंग तथा उनकी प्रगति की समीक्षा में सहूलियत होगी। यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और 2047 तक विकसित भारत के विजन की दिशा में बड़ा कदम है। इससे हम पेपरलेस प्रशासन और डिजिटल सशक्तिकरण की ओर तेजी से आगे बढ़ेंगे।
विभाग द्वारा इस पोर्टल को विशेष रूप से नगरीय निकायों में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं व कार्यों की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग के लिए विकसित किया गया है। यह पोर्टल निकायों के कार्यों की निगरानी को सरल और प्रभावी बनाएगा। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का पूरा लाभ नागरिकों तक पहुंचे। यह पोर्टल डिजिटल इंडिया का दायरा बढ़ाने के साथ ही विभाग को आधुनिक कार्यप्रणाली से जोड़ता है। इस पोर्टल के उपयोग से न केवल विभाग की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि कार्यों की त्वरित मॉनिटरिंग में भी हो सकेगी। पोर्टल की लॉन्चिंग के दौरान मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए शुरू हुए पोर्टल www.cguadfinance.in से विभागीय प्रक्रियाएं डिजिटल और पेपरलेस होंगी, जिससे संसाधनों और समय की बचत होगी। इससे विभाग और नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। इस पोर्टल के माध्यम से अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की मॉनिटरिंग एवं निकायों को जारी राशि की समीक्षा की जाएगी। इससे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने में सहायता मिलेगी जिसका लाभ निकायों के रहवासियों को मिलेगा। पोर्टल से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ ही निकायों के आय-व्यय, संपत्ति कर और अन्य करों की वसूली की स्थिति की जानकारी मिलेगी। इसके माध्यम से विभाग के न्यायालयीन प्रकरणों और उनके समाधान की प्रगति की ट्रैकिंग भी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के आईपीएस के बेटे ने IPL में रचा इतिहास... नीलामी में धोनी को पछाड़ा
रायपुर। IPL 2025 की नीलामी में छत्तीसगढ़ के युवा क्रिकेटर शशांक सिंह ने इतिहास रच दिया। पंजाब किंग्स ने शशांक को 5.50 करोड़ रुपये में रिटेन किया, जो टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की नीलामी कीमत (5 करोड़) से भी ज्यादा है। यह उपलब्धि न केवल शशांक के करियर बल्कि छत्तीसगढ़ के क्रिकेट इतिहास के लिए भी मील का पत्थर है।
नीलामी में छत्तीसगढ़ के कुल 7 खिलाड़ी शामिल हुए, लेकिन अजय मंडल और शशांक सिंह ने बाजी मारी। अजय मंडल को दिल्ली कैपिटल्स ने उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में खरीदा, जबकि शशांक को पंजाब किंग्स ने भारी-भरकम राशि देकर रिटेन किया।
भिलाई के रहने वाले शशांक सिंह IPS अधिकारी शैलेष सिंह के बेटे हैं। उनकी मां सुनीता सिंह एक गृहिणी हैं, और बहन स्रुतिका सिंह ओएनजीसी में कार्यरत हैं। शशांक ने दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के लिए खेला है। IPL 2022 में शशांक ने हैदराबाद के लिए खेलते हुए गुजरात के खिलाफ 416.67 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 25 रन बनाए थे, जिसमें उन्होंने लॉकी फर्ग्यूसन के ओवर में तीन छक्के लगाकर सभी को चौंका दिया था।
कोयले से लोड मालगाड़ी के 23 डब्बे पटरी से उतरे : बड़ा रेल हादसा
रायपुर | छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा मारवाही जिले के भंनवारटोंक रेलवे स्टेशन में एक बड़ा रेल हादसा हो गया | बिलासपुर से आ रही कोयले से लोड मालगाड़ी के 23 डब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं और डिरेल हो गए | कुछ डिब्बे पलट गए जिससे डिब्बों में भरा कोयला रेलवे ट्रैक पर गिर गया है | वहीं इस घटना के चलते बिलासपुर-पेंड्रारोड-कटनी रेलवे मार्ग की सभी ट्रेनें ठप्प हो गई है | पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन में शहडोल-बिलासपुर मेमू हादसे के बाद खड़ी हो गई है | सूचना मिलते ही रेलवे अमला मौके पर पहुंचकर ट्रैक को क्लियर करने में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज सुबह 11:11 बजे भंनवारटोंक रेल्वे स्टेशन के पास मरही माता मंदिर सिग्नल के पास हुआ है, जो घने जंगल के बीच है | राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है | इसके चलते इस रूट पर अप-डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन बाधित हो गया है | मार्ग ठप्प होने की वजह से कुछ यात्री गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है, जिसकी जानकारी इस प्रकार है:
1. गाड़ी संख्या 18477 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस – जो कि कल दिनांक 25/11/2024 को पुरी से योगनगरी ऋषिकेश के लिए रवाना हुई थी, को परिवर्तित मार्ग बिलासपुर – गोंदिया – जबलपुर – कटनी मुरवारा के रास्ते गंतव्य को रवाना किया जा रहा है।
2. गाड़ी संख्या 12549 दुर्ग – एमसीटीएम (ऊधमपुर) एक्स्प्रेस – जो कि आज दुर्ग स्टेशन से एमसीटीएम (ऊधमपुर) के लिए छूटेगी, को परिवर्तित मार्ग दुर्ग – गोंदिया – जबलपुर – कटनी मुरवारा के रास्ते गंतव्य को रवाना किया जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा हेतु “May I Help You” बूथ की स्थापना बिलासपुर, रायगढ़, अनुपपुर, शहडोल, उसलापुर, दुर्ग, रायपुर एवं गोंदिया इत्यादि महत्वपूर्ण स्टेशनों पर की गई है।
रायपुर सहित : प्रदेश में अब ठिठुराने वाली ठंड शुरू
रायपुर | प्रदेश में अब ठिठुराने वाली ठंड शुरू हो गई है | उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर के बाद अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी तेजी से पारा गिरा है | माना में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और रायपुर में 14 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
वहीं दुर्ग में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया | प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान बलरामपुर में 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया | मंगलवार को भी न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है | मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार नारायणपुर में न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस, बस्तर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, दंतेवाड़ा में 12.3 डिग्री सेल्सियस, बीजापुर में 13.5 डिग्री सेल्सियस और सुकमा में 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया | उधर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है | सरगुजा में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस, बलरामपुर-रामानुजगंज में 8.8 डिग्री सेल्सियस, जशपुर में 12.4 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रा में 10 डिग्री व कोरिया में 10.8 डिग्री, महासमुंद में 11.4 डिग्री, दुर्ग में 12 डिग्री, राजनांदगांव में 13 और बालोद में 12.8 दर्ज किया गया | हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि वातावरण में नमी के कारण छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी है | दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है | रायपुर में 26 नवंबर को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है | अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह सकती है।
राजधानी में दिन में भी ठंड का अहसास हुआ | ज्यादातर लोग दिनभर गरम कपड़ों में नजर आए | माना और शहर के आउटर क्षेत्र में ठंड ज्यादा लग रही थी | मंगलवार को आकाश साफ रहने पर पारा और गिरने की संभावना है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 14 पैसेंजर ट्रेनों हुई नियमित... अब नहीं कटेगी यात्रियों की जेब
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने छोटे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। यहां से चलने वाली 14 पैसेंजर ट्रेनों को नियमित कर दिया है। इससे यात्रियों को अब यात्रा के लिए अतिरिक्त किराया नहीं देना पड़ेगा। कोरोना के बाद से इन ट्रेनों को उनके नंबर के आगे जीरो लगाकर स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा था, जिसके चलते यात्रियों को अधिक खर्च उठाना पड़ रहा था। इस फैसले के बाद हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।
साल 2020 में कोरोना के कारण देशभर में सभी ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। हालात में सुधार के बाद से SECR की 14 ट्रेनें स्पेशल चलाई जा रही थीं. इन ट्रेनों में ज्यादा किराया वसूलने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इन 14 ट्रेनों को नियमित किए जाने से खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के यात्री राहत महसूस करेंगे। अब उन्हें यात्रा के लिए ज्यादा किराया नहीं चुकाना पड़ेगा. रेलवे के इस कदम से आवागमन सुगम होगा और अधिक यात्रियों को किफायती सेवा उपलब्ध होगी। SECR के इस फैसले की यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने सराहना की है।
इन ट्रेनों को किया गया नियमित
61617 कटनी- चिरमिरी मेमू
51710 मंडला-नैनपुर पैसेंजर
61602 चिरमिरी- कटनी मेमू
51711 नैनपुर-मंडला पैसेंजर
51703 जबलपुर- नैनपुर पैसेंजर
51712 मंडला-नैनपुर पैसेंजर
51704 नैनपुर- जबलपुर पैसेंजर
51707 जबलपुर- गोंदिया पैसेंजर
51705 जबलपुर- नैनपुर पैसेंजर
51708 गोंदिया- जबलपुर पैसेंजर
51706 नैनपुर- जबलपुर पैसेंजर
51755 चिरमिरी- अनूपपुर पैसेंजर
51709 नैनपुर-मंडला पैसेंजर
51756 अनूपपुर- चिरमिरी पैसेंजर
राज्य स्तरीय भव्य पंथी नृत्य प्रतियोगिता : नवागढ़ में होगी आयोजित
आपसी प्रेम और सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मनाए गुरू घासीदास जी की जयंती : खाद्य मंत्री बघेल
रायपुर | परम पूज्य गुरूघासी दास बाबाजी के जयंती के उपलक्ष्य में आगामी माह दिसंबर मेें तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन बेमेतरा जिले के नवागढ़ में होगा। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में गुरू घासीदास जी की जयंती और राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता को आपसी प्रेम और सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मनाने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि पहले भी राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन नवागढ़ में किया जा चुका है, इस पंथी नृत्य को देखने छत्तीसगढ़ से ही नहीं देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आते हैं।
बघेल ने राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता को लेकर आयोजित बैठक में कहा कि यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक आयोजित की जाएगी। अभी से प्रदेश के पंथी नृत्यक दलों को आमंत्रण देने का कार्य प्रारंभ कर देना चाहिए। बैठक में प्रतियोगिता का स्वरूप, एवं आयोजन समिति, सुरक्षा समिति सहित अन्य व्यवस्था को लेकर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। श्री बघेल ने कहा कि कार्यक्रमों में समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ-साथ अन्य समाज के प्रतिष्ठित लोगों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आगामी माह दिसंबर में होने वाले पंथी प्रतियोगिता को भव्य स्वरूप में करने सबकी सहभागिता पर जोर दिया।
बैठक में समाज के प्रमुख जन ज्ञानदास रात्रे, विजय बघेल, मंजुलता रात्रे, प्रकाश भारती, टी.आर जनार्दन, राकेश चतुर्वेदी, सुरेश बंजारे, अलेन दास, लोकनाथ पांडे, धनलाल धु्रव, कुमार मारकंडे, हेमलाल, गोकुल बंजारे, तरूण घृतलहरे सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
राज्य में अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत वाहनों पर : एचएसआरपी चिन्ह लगाना अनिवार्य
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने परिवहन आयुक्त ने ली वेंडरों की बैठक
छत्तीसगढ़ में मेसर्स रीयल मेजॉन और रोजमेर्टा सेफ्टी एचएसआरपी चिन्ह लगाने अधिकृत
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत सभी श्रेणी के मोटर वाहनों पर वाहन स्वामी द्वारा 120 दिवस के भीतर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) लगवाया जाना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा दो वेंडर क्रमशः मेसर्स रीयल मेजॉन इंडिया लिमिटेड और रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड को निर्धारित दर पर एचएसआरपी चिन्ह लगाने के लिए अधिकृत किया गया है।
परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, उक्त परिवहन आयुक्त मनोज ध्रुव, उप परिवहन आयुक्त युगेश्वरी वर्मा, एआरटीओ वाय.व्ही. श्रीनिवास, वरिष्ठ वैज्ञानिक अमित देवांगन, एन.आई.सी कंपनी प्रतिनिधि मुकेश मल्होत्रा चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, मेसर्स रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमि., विश्वजीत मुखर्जी, डायरेक्टर मेसर्स रियल मेजॉन इंडिया लिमि., कौशल नियाज एवं अनुराग चौधरी उपस्थित थे।
परिवहन विभाग द्वारा समस्त आरटीओ कार्यालयों को जोन-ए और जोन-बी में बांटा गया है। जोन-ए के अंतर्गत शामिल आरटीओ कार्यालयों में अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत वाहनों में एचएसआरपी चिन्ह लगाने की जिम्मेदारी मेसर्स रियल मेजॉन इंडिया लिमिटेड को दी गई है। जोन-ए के अंतर्गत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोण्डागांव, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, केारबा, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर एवं रायपुर आरटीओ कार्यालय शामिल हैं। इसी तरह जोन-बी के अंतर्गत आरटीओ कार्यालय रायगढ़, गरियाबंद, जशपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद, राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, दंतेवाड़ा, कांकेर, अम्बिकापुर, बैकुण्ठपुर, जदलपुर में पंजीकृत वाहनों पर एचएसआरपी चिन्ह लगाने की जिम्मेदारी मेसर्स रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड को सौंपी गई है। उक्त दोनों कम्पनियां निर्धारित दर पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाएंगी। टू-व्हीलर मोटर सायकिल, स्कूटर, मोपेड के अलावा ट्रैक्टर, पॉवर टीलर एवं ट्रेलर पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए जीएसटी सहित 365.80 रूपए, 3-व्हीलर के लिए 427.16 रूपए, लाईट मोटर व्हीकल/पैसेंजर कार के लिए 656.08 रूपए एवं 705.64 रूपए की दर निर्धारित की गई है। सभी भुगतान केवल डिजिटल मोड के माध्यम से किए जाएंगे। आटोमोबाइल डीलरों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत मोटरवाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (आवश्यक तीसरी पंजीकरण प्लेट सहित) प्रत्येक इंस्टालेशन हेतु 100/- अतिरिक्त चार्ज के साथ लगाया जावेगा। घर पहुंच सेवा हेतु अतिरिक्त राशि देनी होगी।
गौरतलब है कि सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के प्रावधानों, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगवाए जाने के संबंध में आदेश जारी किया जा चुका है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह हेतु जारी निर्देशों का पालन नहीं होने पर केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम एवं नियमों के अनुसार जुर्माना किया जाएगा। मोटरयान अधिनियम 1988 में दिये गये प्रावधान अंतर्गत दिए गए पेनाल्टी से बचने के लिए केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 50 के तहत नकली हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह समान दिखने वाली प्लेटे/स्मार्ट नंबर प्लेट जैसे होलोग्राम/इंडिया मार्क/इंडिया शिलालेख आदि से लैस सड़क पर चलने वाले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह प्लेट से बदलना होगा अनिवार्य होगा। अनाधिकृत रूप से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह की बिकी और आपूर्ति करते पाए जाने वाले डीलरों या अन्य व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जावेगी। आम नागरिकों की सुविधा हेतु हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह आवेदन की प्रक्रिया वेबसाईट में उपलब्ध होगी।
पीएम सूर्य घर योजना से मिल रही है रोशनी : हो रहा है तिहरा लाभ
आर्थिक बचत के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को मिल रहा है बढ़ावा
रायपुर | प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत देश के एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत बलौदाबाजार भाटापारा जिले में भी लोगों को पीएम सूर्य घर योजना का लाभ मिल रहा है। इस योजना से न सिर्फ हितग्राहियों को घर रौशन हो रहे हैं बल्कि आर्थिक बचत के साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी हो रहा है। भाटापारा शहर के गोकुल नगर निवासी ऋषि अग्रवाल की मानें तो पीएम सूर्य घर योजना से उन्हें तिहरा लाभ मिल रहा है। ऋषि के अनुसार एक ओर जहां सौर ऊर्जा से घर रोशन हो रहा है वहीं दूसरी और आर्थिक बचत भी हो रही है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत लोगों के घरों में 3 किलोवाट का सोलर चलित बिजली कनेक्शन लग रहा है और इससे लोगों को बिजली बिल भरने से छुटकारा मिल रहा है। ऋषि का कहना है कि मुझे गर्व होता है कि मैं बिना पर्यावरण को प्रदूषित करे बिजली का उपयोग कर रहा हूं। मैं इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद करता हूं। साथ ही सभी ने अपील करता हूं कि अपने घर में पीएम सूर्यघर योजना के तहत कनेक्शन लगवाएं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दें।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही 78 हजार रूपए तक की अधिकतम सब्सिडी तथा सस्ते ब्याज पर लोन भी प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को भी अपने अधिकार क्षेत्र में छत पर सौर प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अधिक आय, कम बिजली बिल और नवीन रोजगारों का सृजन होगा तथा नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
सोलर पैनल स्थापना हेतु हितग्राहियों को रूफटाप सोलर प्लांट की क्षमता 01 से 02 किलोवाट तथा 0 से 150 यूनिट विद्युत खपत होने पर 30 हजार से 60 हजार रूपये की राशि का अनुदान प्रदान की जाएगी। इसी तरह रूफटाप सोलर प्लांट की क्षमता 2 से 3 किलोवाट तथा 150 से 300 यूनिट विद्युत खपत होने पर 60 हजार से 78 हजार रूपये की अनुदान प्रदान की जाएगी। यदि रूफटाप सोलर प्लांट की क्षमता 03 किलोवाट है तथा 300 यूनिट से अधिक विद्युत खपतहै तो 78 हजार रूपये की अनुदान प्रदान की जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे अनुदान राशि का अंतरण किया जाएगा।
योजना का लाभ लेने हेतु हितग्राही प्रधानमंत्री सूर्य घर डाट जीओवी डाट इन या मोबाइल में प्रधानमंत्री सूर्य घर ऐप डाउनलोड कर पंजीयन कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के इच्छुक हितग्राही बिजली ऑफिस अथवा क्रेड़ा जिला कार्यालय में उपस्थित होकर योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ अपना पंजीयन करा सकते हैं।
नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातारण का निर्माण होगा : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन
रायपुर | वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति में उद्यमियों एवं युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने वाली है। इससे प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातारण का निर्माण होगा और प्रदेश के निवासियों को रोजगार उपलब्ध होंगे। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 14 नवम्बर को प्रदेश में नवीन औद्योगिक नीति लॉन्च की गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 की परिकल्पना को साकार करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कई प्रावधान किए हैं। राज्य के प्रशिक्षित व्यक्तियों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए उद्योगों हेतु प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए होगी।
उद्योग मंत्री देवांगन ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन में ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट. मूल्य संवर्धित कर प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। नई नीति में मंडी शुल्क छूट, दिव्यांग (निःशक्त) रोजगार अनुदान, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति के भी प्रावधान किये गये हैं।
इस नीति में राज्य के युवाओं के लिये रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर एक हजार से अधिक स्थानीय रोजगार सृजन के आधार पर बी-स्पोक पैकेज विशिष्ट क्षेत्र के उद्योगों के लिये प्रावधानित है। राज्य के निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों, जिनमें पैरामिलिट्री भी शामिल है, को नई औद्योगिक नीति के तहत अधिक प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। नक्सल प्रभावित लोगों, कमजोर वर्ग, तृतीय लिंग के उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
इस नीति में फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोत्पाद (एनटीएफपी) प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस., डेटा सेंटर, जल विद्युत परियोजनाओं, सौर ऊर्जा परियोजनाओं आदि के लिए आकर्षक पृथक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान है। राज्य के कोरबा-बिलासपुर-रायपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र में स्थान दिलाने के लिये इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर की स्थापना का प्रावधान है। नई औद्योगिक नीति के निर्माण के लिए उद्योग विभाग द्वारा संबंधित सभी हितपक्षों, औद्योगिक संगठन, औद्योगिक समूहों, संबंधित विभागों के साथ एक वर्ष तक संवाद एवं गहन विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया
मां महामाया के किए दर्शन, सफाई कर्मियों के पखारे पैर
रतनपुर और कोटा में विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन, हितग्राहियों को पूर्ण आवासों की चाबी सौंपी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर है अग्रसर – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज अपने जन्मदिन पर परिवार सहित बिलासपुर के कल्याण कुंज वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। साव ने बुजुर्गों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने बुजुर्गों को कंबल, फल और मिठाई दिया। बुजुर्गों ने केक काटकर उप मुख्यमंत्री साव का जन्मदिन मनाया और उनकी अच्छी सेहत व दीर्घायु जीवन के लिए आशीष दिया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रतनपुर पहुंचकर मां महामाया की पूजा-अर्चना की और राज्य की तरक्की, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में सफाई मित्रों का पैर पखारकर उनका सम्मान किया। साव की जन्मदिन की खुशी में लोगों ने वहां उन्हें लड्डुओं से तौला और सभी का मुंह मीठा कराया। उप मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रगति की ओर तेजी से अग्रसर है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को उनके पूर्ण आवासों की चाबी सौंपी। उन्होंने रतनपुर में करीब दो करोड़ रुपए के विकास कार्यों के साथ ही हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया। इनमें 30 लाख रुपए के छह ई-रिक्शा भी शामिल हैं।
साव ने कार्यक्रम में कहा कि ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की नगरी रतनपुर के पुराने वैभव को वापस लाने के लिए हम वचनबद्ध हैं। पिछले दस महीनों में यहां लगभग छह करोड़ रुपए के विकास कार्य किए गए हैं। आगे भी पूरी सक्रियता से यहां काम होंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने उन्हें गुलदस्ता भेंटकर जन्मदिन की बधाई दी।
उप मुख्यमंत्री साव ने बिलासपुर जिले के कोटा नगर पंचायत में छह करोड़ 73 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोटा तेज गति से आगे बढ़े, इसके लिए हम लोग गंभीरता से काम कर रहे हैं। यहां की साफ-सफाई की व्यवस्था को और भी दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का काम अकेले नगर पंचायत का नहीं है। हम सभी को इसमें भागीदारी निभानी होगी। साव ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को ऋण के चेक वितरित किए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हितग्राहियों को आवासों के स्वीकृति पत्र और पूर्ण हो चुके आवासों की चाबी भी सौंपी। बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण चौहान और कोटा नगर पंचायत के अध्यक्ष अमृता प्रदीप कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी इस दौरान मौजूद थे।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की कार को ट्रक ने मारी टक्कर : सीएम विष्णुदेव ने फोन पर हालचाल जाना
रायपुर | महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की कार को कुसमी जाते वक्त ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई | हादसे में मंत्री और उनके साथ चल रहे लोग सुरक्षित रहे, जिससे सभी ने राहत की सांस ली | इस हादसे सूचना मिलते ही सीएम विष्णुदेव साय ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना।
सीएम साय ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, बलरामपुर जिले के राजपुर में मंत्रिमंडल की साथी लक्ष्मी राजवाड़े के गाड़ियों के टकराने की सूचना प्राप्त हुई | लक्ष्मी राजवाड़े जी से अभी फोन पर बात हुई और उन्होंने स्वयं सहित अन्य सभी के सकुशल होने की जानकारी दी है | प्रभु श्रीराम की कृपा सभी पर बनी रहे।
बता दें कि यह दुर्घटना बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चारगढ़ के पास हुई, जानकारी के अनुसार, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपने काफिले के साथ कुसमी जा रही थीं | इसी दौरान क्लिंकल लोड ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी | टक्कर के बाद काफिले की गाड़ियां एक के बाद एक आपस में टकरा गईं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया | दुर्घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए ट्रक चालक और संबंधित वाहन की जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री की सिक्योरिटी में चूक : नो फ़्लाइंग जोन में उड़ रहा था ड्रोन
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई। अरपा रिवर व्यू के कार्यक्रम के दौरान बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाया जा रहा था। सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में 2 युवक को गिरफ्तार किया है। उनके पास से ड्रोन भी बरामद कर लिया गया है। दरअसल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का शनिवार को बिलासपुर दौरा था। इस दौरान वह अलग अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। ऐसा ही एक कार्यक्रम अरपा रिवर व्यू में रखा गया था। इस दौरान क्षेत्र को नो फ़्लाइंग जोन घोषित किया गया था। इसके बावजूद आसमान में ड्रोन उड़ रहा था। यह ड्रोन सीएम के आसपास भी मंडराता नजर आया।
ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर लाखों की ठगी, झारखंड से पकड़ाया शातिर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन जॉब के झांसे में आकर एक शख्स ने अपने लाखों रुपए गवां दिए। अननोन कॉल कर टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन जॉब से भारी मुनाफे का झांसा दिया इसके बाद अलग-अलग बहाने कर रुपए ऐंठ लिए। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद कुम्हारी पुलिस ने जांच की और आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार किया। आरोपी झारखंड अपने गांव में रहकर इस प्रकार की ठगी की घटना को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत कार्रवाई की है
मामले में गुरुमुख सिंह पिता सुखविन्दर सिंह (28) निवासी हाउसिंग बोर्ड कुम्हारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई। अपनी शिकायत में गुरुमुख सिंह ने बताया कि अज्ञात मोबाइल नंबर 8294391411 धारक द्वारा पार्ट टाईम जाब कर 500 से 50000 रुपए कमाने की स्कीम बताई। स्कीम के सुनने के बाद अलग अलग किश्तों में गुरुमुख सिंह ने कॉलर को कुल 3 लाख 50 हजार 400 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इतने पैसे देने के बाद भी कॉलर द्वारा और रुपयो की मांग की जाती रही लेकिन किसी प्रकार का जॉब नहीं मिला। इसके बाद गुरुमुख को ठगी का अहसास हुआ तो उसने शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया। साइबर सेल की मदद से पता चला कि कॉलर ने झारखंड से कॉल किया था। इसके बाद पुलिस को पता चला कि उक्त मोबाइल दौलत कुमार (24) निवासी मखगलपुर पोष्ट रामपुर थाना जिला साहेबगंज झारखण्ड़ होना पाया गया। इसके बाद लोकेशन के आधार पर कुम्हारी पुलिस की एक टीम झारखंड पहुंची और दौलत कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने ठगी करना स्वीकार किया। आरोपी को वापस लाने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।