रायपुर
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का मुख्यमंत्री साय ने किया विमोचन
“सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ 2025” अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को दिलाई गई स्वच्छता की शपथ
बीरगांव। नगर पालिका निगम बीरगांव द्वारा “सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ 2025” अभियान के अंतर्गत दिनांक 04.07.2025 को आडवाणी आर्लिंकन् शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बीरगांव में स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय महापौर श्री नंदलाल देवांगन जी की उपस्थिति में स्कूली बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को हाथ धोने के सही तरीके बताए गए तथा उन्हें व्यावहारिक रूप से हाथ धोकर स्वच्छता के महत्व को समझाया गया। साथ ही डोर टू डोर कलेक्शन के तहत सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग देने की अपील की गई और बच्चों को यह जानकारी अपने पालकों तक पहुँचाने का आग्रह किया गया।
इस कार्यक्रम में एम.आई.सी. सदस्य संतोष साहू, पार्षद टिकेंद्र सिन्हा, सहायक अभियंता केवल साहू, विद्यालय के प्रधान पाठक, स्वच्छता निरीक्षक राजेश सिंह क्षत्रिय, स्वच्छ भारत मिशन (पीआईयू) के विकास जांगड़े सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्रगण उपस्थित रहे।
महापौर नंदलाल देवांगन ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और समाज में स्वच्छता का संदेश फैलाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है। यदि आज के बच्चे स्वच्छता को अपनाते हैं, तो आने वाला भविष्य स्वस्थ एवं स्वच्छ होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्रों में स्वच्छता के प्रति चेतना जागृत करना एवं समुदाय स्तर पर जनजागरूकता फैलाना था, जिसमें विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान
नई पीढ़ी का विकास एवं मार्गदर्शन शिक्षा से ही संभवः कुलपति
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एक दिवसीय गुरू दक्षता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गुरु दक्षता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने कहा कि हम विज्ञान और तकनीकी के समय में रह रहें हैं। हम सभी का जीवन वैज्ञानिक आविष्कारों और आधुनिक समय की तकनीकों पर निर्भर है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने लोगों के जीवन को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है।
कुलपति ने आगे कहा कि इसने जीवन को आसान, सरल और तेज बना दिया है। ऐसे में हमारी उच्च शिक्षा और उससे जुड़े विभाग भी कैसे अछूते रह सकते हैं। हमको भी इस क्षेत्र में हो रही नित नयी-नयी तकनीकों और उनके जुड़े पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए कार्य करना होगा। इससे शिक्षकों का विकास होगा, वहीं छात्रों को भी आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। जिसके लिए नवीन प्राध्यापकों का प्रशिक्षण बहुत ही ज्यादा आवश्यक है ताकि शिक्षा में हो रहे नित नए परिवर्तनों से उन्हें भली भांति अवगत कराया जा सके।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्व विद्यालय रायपुर के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के अध्यक्ष प्रीति के. सुरेश ने इस अवसर पर कहा कि विश्व वि़द्यालयीन शिक्षकों को हमेशा नित नई जानकारियों से अवगत रहने की जरूरत है, इस दिशा में हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को नैतिक, निष्ठा, सदाचार के साथ कर्तव्य पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी।
आज आयोजित इस कार्यक्रम में कोर्स कोआर्डिनेटर प्रो. एलएस गजपाल ने कहा कि शिक्षकों को स्व विकास और छात्र विकास के लिए विज्ञान की मदद लेनी ही होगी। तकनीक के बलबूते हम बहुत आगे जा सकेंगें। यह आज के समय के लिए नितांत आवश्यक है ताकि शिक्षा के गुणवत्ता में नए परिवर्तन हो सके l इस कार्यक्रम में उपस्थित 19 राज्यों के 139 नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को मालवीय मिशन टीचर टेनिंग सेंटर रविवि के कार्यक्रम संयोजक डॉ . बृजेंद्र पांडेय ने आभार व्यक्त करते हुए कहा की यह सेंटर अत्यंत कम समय में गुरु दक्षता प्रोग्राम के माध्यम से छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को उच्च शिक्षण हेतु ट्रेनिंग और मार्गदर्शन प्रदान करते आ रहा है।
प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सुधार... कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं
रायपुर। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी।
युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।
आबकारी आरक्षक परीक्षा 2025 में गड़बड़ी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष को लिखा पत्र, ये की मांग ..
रायपुर । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों के चलते सैकड़ों अभ्यर्थियों के आवेदन फॉर्म सबमिट नहीं हो सके, जबकि उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन फीस का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया था।
इस गंभीर मसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले की जांच और त्वरित समाधान की मांग की है।
4 जून से 27 जून 2025 तक व्यापम द्वारा आबकारी आरक्षक के 200 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चलाई गई थी। आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत उम्मीदवारों को ऑनलाइन फॉर्म भरकर शुल्क जमा करना था।
लेकिन सैकड़ों ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई है जिनमें:
· अभ्यर्थियों ने समय पर फीस का भुगतान किया।
· परंतु तकनीकी कारणों से फॉर्म सबमिट नहीं हो सका।
· अभ्यर्थियों को इसकी कोई स्पष्ट सूचना या विकल्प भी नहीं मिला।
इस कारण कई योग्य अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं, जिससे व्यापक नाराजगी फैल रही है।
इस पूरे मामले को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम के अध्यक्ष को पत्र लिखा और कहा:
इस मामले से प्रभावित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है। कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए व्यवस्था की विफलता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि वेबसाइट या सर्वर की गलती है, तो उसकी सजा उम्मीदवारों को क्यों दी जाए?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।
पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं। एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।
इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुंचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुंचा दी जाएंगी।
प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इस संबंध में जब मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।
रायपुर रेलवे स्टेशन में ठेकेदारों की दबंगई: मुख्य वाणिज्य निरीक्षक से मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप, जीआरपी रायपुर में FIR दर्ज
रायपुर। रेलवे स्टेशन रायपुर में पदस्थ मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ठाकुर नाग ने रेलवे इंजीनियर हीरा लाल और दो ठेकेदारों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में जीआरपी रायपुर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार, ठाकुर नाग आज यानी गुरुवार, 3 जुलाई की दोपहर 12:20 बजे अपने कार्यालय में मौजूद थे। उसी समय रेलवे इंजीनियर हीरा लाल, ठेकेदार अविनाश और उपेंद्र कुमार सिंह उनके कार्यालय पहुंचे और गुढ़ियारी स्थित पुराने बुकिंग कार्यालय की चाबी की मांग की। ठाकुर नाग ने जब चाबी मांगने का कारण पूछा, तो तीनों ने कथित तौर पर उन्हें गालियां दीं और मारपीट की।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि तीनों ने जान से मारने की धमकी दी और घटना के बाद वहां से चले गए। मारपीट और गाली-गलौज की इस घटना के दौरान कार्यालय में उपस्थित मुख्य टिकट निरीक्षक बी.सी. आल्दा, उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य) सतेन्द्र सिंह और एम.एस.टी. अजीत कुमार ने बीच-बचाव किया।
ठाकुर नाग की लिखित शिकायत पर जीआरपी रायपुर ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है, और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जीआरपी और रेलवे प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत,पाठ्यपुस्तक वितरण प्रक्रिया में आई तकनीकी समस्याओं पर लिया गया त्वरित निर्णय
रायपुर।मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।
पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं।एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।
इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।
प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इस संबंध में जब मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री साय ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री साय के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने आयुक्त विश्वदीप सहित राजातालाब, तेलीबांधा बाजार, झंडा चौक पंडरी, एक्सप्रेस वे ब्रिज के नीचे शिफ्ट चावडी का किया निरीक्षण
रायपुर। आज रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप सहित नगर निगम रायपुर के रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजातालाब क्षेत्र एवं तेलीबांधा बाजार एक्सपे्रस वे ब्रिज क्षेत्र झंडा चौक के पास शहीद भगत सिंह स्कूल के पास के क्षेत्र का निरीक्षण जोन 3 जोन कमिश्नर रमेश जायसवाल, कार्यपालन अभियंता सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता नरेश साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी पुरन तांडी एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया और पूर्व में दिये गये निर्देशों के पालन की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये।
उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा और आयुक्त विश्वदीप ने राजातालाब का निरीक्षण करने के दौरान संबंधित जोन 4 अधिकारियों को राजातालाब में गंदा पानी जाने से रोकने व्यवहारिक आवश्यकतानुसार नाले को शीघ्र डायवर्ट करने के निर्देश दिये। इस दौरान पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड के पार्षद आकाश तिवारी की उपस्थिति रही।
उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा एवं आयुक्त विश्वदीप ने जोन 3 क्षेत्र में तेलीबांधा बाजार क्षेत्र में शेड निर्माण करवाने एवं एक्सप्रेस वे ब्रिज के नीचे शिफ्ट चावडी के मजदूरो हेतु अच्छी सफाई पेयजल, आदि की आवश्यक व्यवस्था करवाने के संबंध में निर्देश सम्बंधित जोन 3 के अधिकारियों को स्थल पर दिये।
उत्तर विधायक एवं आयुक्त ने निरीक्षण कर जोन 3 क्षेत्र में गुरू गोविंद सिंह वार्ड में झंडा चौक के पास शहीद भगत सिंह स्कूल के समीप लगने वाली मटन दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिये।
उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्कूल के समीप मटन दुकानें नहीं लगने देने की व्यवस्था प्रशासनिक तौर पर सुनिश्चित करने के निर्देश जोन 3 जोन कमिश्नर को दिये हैँ। इस दौरान स्थल पर वार्ड पार्षद कैलाश बेहरा की उपस्थिति रही।
दक्षिण विधायक सुनील सोनी निगम जोन 6 कार्यालय पहुँचे, कार्यों के पूर्ण नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की
रायपुर। आज रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी नगर निगम रायपुर के जोन 6 के भाठागांव बस स्टैण्ड परिसर स्थित जोन कार्यालय पहुंचे एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के तहत जोन 6 के वार्डो के कार्यो की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिये। दक्षिण विधायक ने पूर्व में रायपुर नगर निगम आयुक्त की उपस्थिति में दक्षिण विधानसभा के कार्यो की समीक्षा कर दिये गये निर्देशों के पालन की स्थिति की जानकारी जोन कमिश्नर से ली एवं कुछ कार्यों के लंबित होने की जानकारी पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल कार्यवाही करने के आवश्यक निर्देश दिये। इसमें विद्युत पावर कंपनी से संबंधित कार्यो के लंबित होने पर दक्षिण विधायक ने तत्काल संबंधित विद्युत पावर कंपनी अभियंताओं को मोबाईल पर चर्चा कर कार्यवाही हेतु आवश्यक निर्देश जनहित में दिये।
दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने कहा कि वे नियमित रूप से हर माह नगर निगम जोन 6 कार्यालय आकर रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के कार्यो की प्रगति की जानकारी लेकर पार्षदो के साथ बैठकर वार्डवार आवश्यक समीक्षा जोन आफिस में बैठकर करेंगे एवं जनहित में स्वयं समीक्षा कर विकास कार्यो को गतिमान रूप प्रदान करवायेंगे। विकास कार्यो के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही व हीला हवाला कदापि सहन नहीं किया जायेगा।
दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने जोन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे व्यक्तिगत कार्यों आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र, अन्य कार्यों हेतु जोन में आने वाले नागरिकों को घुमाना फिराना बन्द करें और उनके कार्यों को तत्काल प्राथमिकता से करें, वहीं वार्ड पार्षदो से समन्वय बनाकर आम जनता के सफाई पानी स्ट्रीट लाईट से संबंधित सभी कार्यो को जोन के अंतर्गत सभी वार्डो में जाकरतत्काल प्राथमिकता से करवाये। यह व्यवस्था करें कि वार्ड पार्षदो को वार्डो के नागरिकों को अपने व्यक्तिगत छोटे छोटे कार्यो हेतु नगर निगम एवं जोन कार्यालय के चक्कर ना लगाना पडे, उनके काम प्राथमिकता से हों, वहीं सभी वार्डों को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर अच्छी व्यवस्था कायम करें ।
दक्षिण विधायक ने निर्देशित किया कि दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के तहत नगर निगम जोन 6 के वार्डो में जनहित में किये जाने वाले बडे विकास कार्यो के उनके निर्देश अनुसार प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति हेतु शीघ्र राज्य शासन को भेजा जाये, दक्षिण विधायक द्वारा की गयी समीक्षा बैठक में निगम जोन 6 अध्यक्ष बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद स्वप्निल मिश्रा, अंजलि गोलछा जैन, रमेश सपहा, रवि सोनकर, प्रमोद कुमार साहू, जोन 6 जोन कमिश्नर हितेन्द्र यादव सहित अन्य सम्बंधित जोन अधिकारियों की उपस्थिति रही।
मिशन कर्मयोगी टीम ने तेलंगाना के राज्यपाल और राज्य सरकार के मुख्य सचिव से की मुलाकात
नईदिल्ली। मिशन कर्मयोगी टीम ने बुधवार को हैदराबाद में तेलंगाना के राज्यपाल विष्णु देव वर्मा से मुलाकात की। टीम ने प्रशासन, क्षमता निर्माण आयोग की सदस्य डॉ. अलका मित्तल और क्षमता निर्माण आयोग की निदेशक सुश्री नवनीत कौर के नेतृत्व में राज्यपाल को राज्य में मिशन कर्मयोगी के चल रहे कार्यान्वयन से अवगत कराया। राज्यपाल ने इस पहल के लिए टीम का समर्थन व्यक्त किया और राज्य में परिवर्तनकारी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उसका प्रोत्साहन किया।
इससे पहले मिशन कर्मयोगी टीम ने तेलंगाना सरकार के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और वरिष्ठ विभाग प्रमुखों के साथ बैठक की, ताकि राज्य में सरकारी कर्मचारियों के कार्यक्षमता निर्माण के मार्ग को प्रशस्त किया जा सके। टीम ने मिशन कर्मयोगी का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें डिजिटल लर्निंग और योग्यता-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार नागरिक-केंद्रित सरकारी सेवा को विकसित करने के अपने दृष्टिकोण पर जोर दिया गया।
चर्चाओं का एक मुख्य आकर्षण iGOTKarmayogi प्लेटफ़ॉर्म था, जो सभी विभागों के अधिकारियों के लिए कभी भी-कहीं भी सीखने की सुविधा प्रदान करता है। विभाग प्रमुखों ने अपनी विशिष्ट प्रशिक्षण आवश्यकताओं और चुनौतियों को साझा किया। हरेक विभाग की शासन प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुकूलित शिक्षण मार्गों के महत्व को रेखांकित किया। बैठक का एक महत्वपूर्ण परिणाम iGOT प्लेटफ़ॉर्म पर कई विभागों के सरकारी कर्मचारियों को शामिल करने का निर्णय था। यह कदम तेलंगाना के सरकारी कर्मचारियों के कार्यक्षमता निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
क्षमता निर्माण आयोग ने राज्यपाल, मुख्य सचिव और तेलंगाना प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग की ईमानदारी से सराहना की। ये कार्य मिशन कर्मयोगी के तहत निरंतर सीखने और विकास के माध्यम से शासन को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट (HSRP) नहीं लगाने वाले वाहन चालकों पर रायपुर पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त का अभियान कार्यवाही
रायपुर । पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार यातायात पुलिस रायपुर एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों पर अभियान कार्यवाही प्रारंभ करते हुए आज 111 वाहन पर कार्यवाही की गई।
बता दे कि हाई.सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक विशेष नंबर प्लेट है जिसे वाहनों की सुरक्षा और वाहन पहचान से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह अद्वितीय सुरक्षा सुविधाओं के साथ आता है, जैसे कि पहचान संख्या और क्रोमियम होलोग्राम और LTP स्टीकर। यह भारत सरकार द्वारा सभी प्रकार के वाहनों के लिए अनिवार्य है, ताकि वाहन पंजीकरण को सुव्यवस्थित किया जा सके और धोखाधड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। नंबर प्लेट एल्यूमीनियम से बनी होती हैं और इसमें आसानी से परिवर्तन या छेड़छाड़ नहीं होती हैं। इसमें लेजर उत्कीर्णन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं और स्नैप लॉक को प्लेट से हटाया नहीं जा सकता है जिससे डुप्लिकेट बनाना या उनका दुरुपयोग करना काफी मुश्किल हो जाता है।
सामान्य तौर पर HSRP प्रणाली पूरे देश में नंबर प्लेटों को मानकीकृत करती है, वाहनों की सुरक्षा में सुधार करती है और प्रभावी कानून प्रवर्तन और यातायात प्रबंधन को सक्षम बनाती है। HSRP की अनिवार्यता भारत में सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित वाहन मानदंडों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 50 के तहत भारत में सभी वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने का प्रावधान/विवरण दिया गया है, जिसके उल्लंघन पर वाहन मालिक/ चालक पर जुर्माना लगाया जायेगा जो केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 39/192 के तहत हाई सिक्योरिटी
रजिस्टेशन प्लेट (HSRP) नही लगे होने पर :-
1. दोपहिया एवं तीन पहिया वाहन पर मोटरयान अधिनियम की धारा 39/192, 1/ए के तहत 1000 रूपये,
2. चार पहिया वाहनों पर मोटरयान अधिनियम की धारा 39/192, 1/बी के तहत 2000 रूपये तथा
3. मध्यम एवं भारी वाहनों पर मोटरयान अधिनियम की धारा 39/192, 1/सी के तहत 3000 रूपये जुर्माना या छः माह कारावास या दोनो से दण्डित किये जाने का प्रावधान है।
1 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत वाहनों पर छ.ग. शासन द्वारा हाई सिक्युरिटी रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट लगाने के लिए 30 अप्रेल 2025 तक का समय-सीमा निर्धारित था, परंतु उसके बाद भी आज दिनांक तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले वाहन चालक एवं 1 अप्रैल 2019 के बाद पंजीकृत ऐसे वाहन चालक जो एच एस आर पी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले कुल 111 वाहन चालकों पर कार्यवाही की गई , कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
अपील :- यातायात पुलिस रायपुर सभी वाहन चालकों से अपील करती है HSRP नंबर प्लेट लगाकर ही वाहन चलाएं ,असुविधा से बचें एवं यातायात नियमों का पालन करें।
छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन में ऐतिहासिक बढ़त.. 18 फीसद वृद्धि दर के साथ देश में अव्वल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।
बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री ओपी चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है।
बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।
अवैध प्लॉटिंग रोकने नया कानून लागू, नहीं बेच पाएंगे सड़क के लिए तय जमीन, बोर्ड पर देनी होगी पूरी जानकारी…
रायपुर। राज्य में अवैध प्लॉटिंग को रोकने के लिए नया कानून लाया गया है. बुधवार को जारी छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम 2025 की अधिसूचना कर दी गई. इसके साथ ही अब राज्य में अब नए नियमों के तहत ही प्लाटिंग होगी. दावा किया जा रहा है कि इससे अवैध प्लाटिंग की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी.
राज्य में पहली बार ऐसा होगा जब प्लाटिंग के दौरान आवासीय एरिया में कृषि जमीन शामिल होगी तो उसे भी तुरंत आवासीय कराया जा सकेगा. इसके लिए प्लाटिंग करने वालों को कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक शुल्क अदा करना होगा. इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा और कृषि जमीन पर अवैध प्लाटिंग का काम बंद हो जाएगा.
लोगों को प्लॉट काटकर तभी बेच सकेंगे जब प्लाटिंग करने या वाले के पास 2 एकड़ जमीन होगी. इससे कम जमीन पर प्लाटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी. इतना ही नहीं प्लाटिंग करने वाले को पहले से तय करना होगा कि प्लाटिंग के किस हिस्से में कौन सा निर्माण होगा. इसके लिए बाउंड्रीवॉल बनाकर वहां बोर्ड भी लगाना होगा. इतना ही नहीं अब हर प्लाटिंग एरिया में सड़कें भी एक समान होंगी. यानी सड़क की लंबाई-चौड़ाई भी पहले से तय की जाएगी. इस नियम के बाद कोई भी बिल्डर या कॉलोनाइजर प्लाटिंग खत्म होने के बाद रोड-रास्ते की जमीन नहीं बेच पाएगा.
अब 2 एकड़ से कम जमीन पर प्लाटिंग नहीं हो सकेगा. प्लाटिंग से पहले बताना होगा कि गार्डन, क्लब, स्वीमिंग पूल, मंदिर समेत बाकी निर्माण किस जमीन पर होंगे. उस जमीन पर बाउंड्रीवॉल करने के साथ ही जो निर्माण होगा, उसका बोर्ड लगाना होगा. सड़क की लंबाई-चौड़ाई भी पहले से तय होगी. 9 मीटर से कम की सड़क कहीं नहीं होगी. इसके अलावा प्लॉटिंग एरिया में कृषि जमीन होगी तो उसे कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार शुल्क लेकर आवासीय कर देंगे.
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के उपसंचालक विनित नायर बताते हैं कि अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह से खत्म करने के लिए ही नए आवास नियम बनाए गए हैं. राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है. अब राज्यभर में नए नियमों के साथ ही प्लाटिंग होगी. इससे हर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल को केंद्र के इस मंत्रालय में मिली नई जिम्मेदारी, देखें आदेश
रायपुर। रायपुर लोकसभा के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल को भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी प्रदान की गई है।
नई जिम्मेदारी मिलने के पश्चात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है। हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और राजकीय कार्यों में अधिकाधिक उपयोग को लेकर मैं प्रतिबद्ध हूं।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में जुड़ना मेरे लिए गौरव का विषय है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह जी एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे यह दायित्व सौंपा। बता दें कि, हिन्दी सलाहकार समिति का कार्य मंत्रालय की योजनाओं, कार्यक्रमों और दस्तावेजों में राजभाषा हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करना तथा भाषा से संबंधित सुझाव देना होता है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त का निधन, दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ प्रशासक डॉ. शेखर दत्त का बुधवार को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के AIIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था,
जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।शेखर दत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके थे। वह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy NSA) और अन्य कई महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके थे। उनके निधन पर रक्षा मंत्रालय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक सम्मानित सैनिक और दूरदर्शी प्रशासक बताया है, जिनका योगदान भारत की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में सदैव याद किया जाएगा।