रायपुर
ऑल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट-2024... छत्तीसगढ़ ने 7 गोल्ड जीतकर बनाया दबदबा
रायपुर। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में आयोजित 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं। आज आयोजित मैराथन, स्वीमिंग और एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड मेडल जीतकर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम रखा। बतादें कि ऑल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने 11 बार ओवरऑल चैम्पियन का खिताब जीत चुका है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने आज के प्रदर्शन से एक बार फिर से ओवरऑल चैम्पियनशिप का खिताब जीतने की उम्मीद जगाई है।

नोडल अधिकारी शालिनी रैना ने बताया कि आज की प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में 400 मीटर वाक वुमन ओपन कैटेगरी में सुशीला पैकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 1500 मीटर रेस मेन वेटरन कैटेगरी में सुखनंदन लाल ध्रुव, 21 किमी मैराथन वुमन ओपन कैटेगरी में भारती साहू, इसी स्पर्धा में वुमन वेटरन कैटेगरी में सतोविषा समाजदार, हाई जम्प मेल में सत्यजीत भट्ट, 100 मीटर फ्री स्टाइल स्विमिंग में मनीराम आदिले और 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्वीमिंग में निखिल खलखो ने प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रौशन किया। इसी तरह छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त 100 मीटर रेस मैन सीनियर वेटरन केटेगरी में केरल के जय कुमार, 5000 मीटर रेस मैन सीनियर वेटरन केटेगरी में तमिलनाडु से उथया कुमार और 10,000 मीटर वाक मैन वेटेरन कैटेगरी में केरल के साबू एम ने प्रथम स्थान हासिल किया।

रैना ने बताया कि नवा रायपुर में आयोजित हुए मैराथन में महिलाओं खिलाड़ियों ने शानदार हिस्सा लिया। इसके लिए बुधवार को ही कोटा स्टेडियम में महिला प्रतिभागियों के लिए मेडिकल चेकअप की व्यवस्था की गई थी। जिन प्रतिभागियों का फिटनेस बेहतर पाया गया उन्होंने ही आज सुबह आयोजित हुए मैराथन में हिस्सा लिया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 अक्टूबर को 27 वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता शुभारंभ किया। इस भव्य आयोजन में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पूरे जोश और जज्बे के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।

जीएसटी कार्यशाला से पॉवर कंपनी की दक्षता में सुधार: डॉ. रोहित यादव

क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण के प्रयासों को सराहा
रायपुर। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज पारंपरिक वेशभूषा एवं परिधानों के साथ विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने मार्च पार्स्ट से किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने वर्चुअल शुभकामना संदेश में कहा कि वनों के संरक्षण में वनकर्मियों की अहम भूमिका होती है। टी-20 के भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव ने छत्तीसगढ़ में वनों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में चारों ओर हरियाली है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के कैरियर में अनुशासन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी के लिए वनों को हराभरा रखने और खेल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की सराहना करते हुए इस आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माता कौशल्या की धरती में देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन के लिए वन विभाग की मेहनत काबिले तारीफ है। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता की शुरूआत वर्ष 1992 में हुई थी। धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई। इस खेल में कश्मीर से कन्याकुमारी ही नहीं अपितु केंद्र शासित प्रदेश के खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल हो रहे हैं। हमारा भारत देश विविधताओं का देश है, राजधानी रायपुर का यह स्टेडियम लघु भारत के रूप में नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश मे खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए अनेक कदम उठाये हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बिहार के वन मंत्री डॉ. प्रेमकुमार ने कहा कि वनों एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं जागरूकता लाने के लिए हमे आगे आना होगा। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता की शुरूआत आंध्रप्रदेश के हैदराबाद से हुई थी। इस बार यह आयोजन प्राकृतिक खनिज संपदा से भरपूर छत्तीसगढ़ में हो रहा है। डॉ. कुमार ने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकानाएं दी।
रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनावः चुनावी खर्च पर नजर रखेंगी 9 उड़नदस्ता और 12 एसएसटी की टीम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के इकलौते रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट में हो रहे उपचुनाव के दौरान चुनावी खर्चों पर नजर रखने के लिए टीम का गठन किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए 9 उड़नदस्तों और 12 एसएसटी का गठन किया गया है। वहीं व्यय नियंत्रण के लिए 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की गई है। इसके साथ विधानसभा की सीमा देवपुरी, भाठागांव, अग्रसेन चौक और सुभाष स्टेडियम में 4 स्थैतिक नाकों की स्थापना भी की गई है।
राजकुमार कालेज में तीन दिवसीय ऑल इंडिया आईपीएससी प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ



पाॅवर कंपनी में लगाया नेत्र जांच शिविर.... 104 लोगों ने कराई आंखों की जांच



लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने संत जैसा जीवन जीते हुए भारत को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधा- डॉ टोपलाल वर्मा





‘भुलाबाई’ अर्थात साक्षात मां पार्वती के सुंदर भजनों से मां शारदा की स्तुति



रायपुर प्रेस क्लब में 3 दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया उद्घाटन



भरतनाट्यम जूनियर कैटेगिरी में अन्नया रही द्वितीय
रायपुर। आल इंडिया डांस एसोसिएशन द्वारा रंग मंदिर में आयोजित 10 दिवसीय शास्त्रीय नृत्य एव संगीत स्पर्धा मे महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा. रोहिणी टोल की बेटी अन्नया टोल ने भरतनाट्यम जूनियर कैटेगिरी में शानदार प्रस्तुति दी। अन्नया ने स्पर्धा में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

डा. रोहिणी टोल ने बताया कि अन्नया अभी केपीएस डूंडा में कक्षा 6वीं की पढ़ाई कर रही है। इसके साथ उसकी रूचि के अनुरुप वह भरतनाट्यम भी सीख रही है। अन्नया ने सोलो डांस भरतनाट्यम में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

आल इण्डिया डांस एसोसिएशन की ओर से भरतनाट्यम, कुचीपुड़ी, कथक, ओडिसी, सिनेमेटिक, फोक नृत्य सीनियर, जूनियर, सब जूनियर अलग अलग विधा में कई प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी।
बिग ब्रेकिंग... दीवाली के पहले राज्य कर्मचारियों को मिला बड़ा उपहार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के कर्मचारियों को दीपावली का उपहार दिया। उन्होंने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 46% से बढ़कर 50% करने की घोषणा कर दी है। 1 अक्टूबर से राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। कैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा कर दी।

‘सहयोग’ ने मनाया नवरात्रि और दशहरा मिलन... रोचक जानकारियों की साझा
रायपुर। चौबे कालोनी रायपुर स्थित जेष्ठ नागरिक मंच ‘सहयोग’ द्वारा अक्टूबर माह की मासिक बैठक नवरात्रि और दशहरा मिलन के रुप में मनाया। बैठक में 50 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में वरिष्ठजनों ने कई रोचक और पैराणिक कथाएं साझा की।
बैठक की शुरुआत में गणेश स्तोत्र एवं दुर्गा स्तोत्र के पाठ के साथ किया गया। तत्पश्चात दिव्या पात्रीकर ने दुर्गा के नौ रूपों का नवरात्रि में महत्व एवं वर्णन किया। जिसमें देवी के रूपों के पहनावा एवं अस्त्र- शस्त्रों का विस्तृत जानकारी सभी को दी गई। उन्होंने बताया कि मैसूर के पास महिषासुर का वध होने के पहले कारण वहां का नाम महिसुर पड़ा। समय के साथ यह मैसूर नाम से जाना जाने लगा।

समिति की अध्यक्ष अपर्णा कालेले ने दशहरा पर्व का महत्व समझाते हुए उसके नामकरण के बारे में इतिहास को समझाया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने के कारण इसका नाम विजयादशमी रखा गया एवं दुर्गा देवी ने दसों दिशाओं में राक्षसों का वध करके सब धरती को राक्षसों से मुक्त किया एवं शांति का संदेश दिया। इसलिए उसे दश -हरा कहा जाता था। जो बाद में दशहरा कहा गया।
अपर्णा काळेले ने शमी वृक्ष पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रभु राम के द्वारा एक ब्राह्मण की हत्या होने से उन पर जो पाप आया था। उस पाप के शमन के लिए प्रभु राम ने शंकर जी की आराधना की तब शंकरजी ने उन्हें नीलकंठ पक्षी के रूप में दर्शन दिए। इसलिए नीलकंठ पक्षी का भी दशहरे के दिन महत्व समझाया गया।
अंत में तंबोला का नया रूप में आयोजन किया गया। वहीं सभी ने महाराष्ट्र मंडल द्वारा बनाए स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। अध्यक्ष ने अगले माह दीपावली के उपरांत दिवाली मिलन के लिए अतिशीघ्र तिथि घोषित कर सभी सदस्यों को आमंत्रित करने की बात कहीं। श्रद्धा मरघडे ने मंच संचालन किया।
रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव : 13 नवंबर को वोटिंग
रायपुर | बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद, रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट खाली हो गई थी। इस सीट पर उपचुनाव होने हैं। वोटिंग की तारीख 13 नवंबर घोषित की गई है, जबकि काउंटिंग 23 नवंबर को होगी।
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में एक ही चरण में चुनाव होना है। यहां 20 नवंबर को वोटिंग है, जबकि 23 नवंबर को काउंटिंग की तारीख का ऐलान किया गया है।छत्तीसगढ़ की रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान हो गया है। यहां 13 नवंबर को वोटिंग होनी है। यहां भी मतगणना 23 नवंबर को होगी।
मां शारदा उत्सव के दूसरे दिन भगिनी मंडल की महिलाओं ने खेला गरबा
रायपुर। भगिनी मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मां शारदा उत्सव के दूसरे दिन मंडल की महिलाओं ने जमकर गरबा खेला और मां की स्तुति की। वहीं गोपाल काला बनाने के लिए सभी सदस्यों ने अपने अपने घर से अलग-अलग सामान लाया था। जिससे गोपाल काला बनाया गया। वहीं मसाला दूध तैयार कर मां को अर्पित किया गया।
भगिनी मंडल के पदाधिकरियों ने बताया कि उत्सव के दूसरे दिन सुबह आरती और प्रसाद चढ़ाने के साथ शाम को महिलाओं ने मां शारदा की आरती की। वहीं गोपाल काला और मसाला दूध का प्रसाद मां को चढ़ाया गया। घाघरा-चोली पहनकर पहुंची महिलाओं ने जमकर डांडिया खेला और मां की आराधना की। इस अवस पर प्रमुख रुप से अभया जोगेळेकर, प्रमोदिनी देशमुख, नलिनी राजिमवाले, शिल्पा वरवंडकर, अर्चना मुकादम, अपर्णा काळेले, रोहिणी नेने, अक्षता पंडित, गौरी क्षीरसागर, प्रिया बक्षी, स्वाती डबली सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।
इंडियन पब्लिक स्कूल कॉन्फ्रेंस के तीन कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा राजकुमार कॉलेज
रायपुर। इंडियन पब्लिक स्कूल कॉन्फ्रेंस (IPSC) के तहत तीन प्रतिष्ठित कार्यक्रमों की मेजबानी राजकुमार कॉलेज. रायपुर कर रहा है। ऑल इंडिया IPSC हॉकी बॉयज़ चैंपियनशिप 2024, XXXVI IPSC गर्ल्स एक्वेटिक्स चैंपियनशिप 2024, और दृश्य कला उत्सव (Visual Arts Fest) 2024 की मेजबान राजकुमार कालेज करेगा। यह आयोजन 16 से 18 अक्टूबर तक होगा। जिसमें देश भर के 27 स्कूलों के 1,100 छात्र- छात्रा भाग लेगें।
प्रेसिडेंट जनरल काउंसिल राजकुमार कॉलेज सोसायटी- बाराम्बा के राजा त्रिबिक्रम चंद्र देब और चेयरमैन मैनेजिंग कमेटी सरगुजा के महाराजा टीएस सिंहदेव के साथ, प्रबंधन समिति ने इन आयोजनों की मेजबानी के लिए अत्यधिक उत्साह व्यक्त किया। स्थायी यादें बनाने और भविष्य के आईपीएससी समारोहों के लिए उच्च मानक स्थापित करने में उनके महत्व पर जोर दिया है।
प्रतिभा, टीम वर्क और सत्यनिष्ठा, खेल कौशल और सम्मान के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए मान्यता प्राप्त, आईपीएससी कार्यक्रम, शैक्षिक उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। राजकुमार कॉलेज (आरकेसी) के लिए, इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी करना एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जिसने समग्र शिक्षा की 140 साल की विरासत के साथ एक संस्थान के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।
प्रिंसिपल कर्नल अविनाश सिंह के नेतृत्व में आरकेसी अपने अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे में इन मेगा आयोजनों की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जो आयोजनों के दौरान 1,500 से अधिक लोगों को आराम से समायोजित कर सकता है। हरे-भरे और विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों के बीच 120 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले हुए परिसर में स्थित, स्कूल प्रतिभागियों को गर्मजोशी और आमंत्रित वातावरण में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का एक अनूठा अनुभव देने का वादा करता है, जो इसे सभी के लिए एक यादगार और समृद्ध अनुभव बनाता है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों का घर बसाएगी छत्तीसगढ़ सरकार : अलग से होगा बजट
रायपुर | आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की नीति राज्योत्सव के अवसर पर लांच होगी। इसके प्रमुख प्रविधानों के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार मुख्यधारा से जुडऩे वालों का घर बसाएगी। उन्हें उनकी जरूरत की सभी चीजें दी जाएंगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके स्वजन विकास के लिए सरकार अलग से बजट भी निर्धारित करेगी।
पुनर्वास की नीति के ज्यादातर प्रविधान असम से लिए गए हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने असम का दौरा करके यहां अध्ययन किया है और वहां की नीति का 80 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए हमारी सरकार उनके आवास की व्यवस्था करेगी। सरकार की सभी योजनाओं के लाभ तो मिलेगा ही साथ ही उनके लिए विशेष नीति हम जल्द ही लांच कर लेंगे।
पुनर्वास नीति में ये हो सकते हैं प्रविधान
नक्सलियों को आवास देने का प्रविधान किया जाएगा।
स्वरोजगार के लिए बैंक से ब्याज मुक्त लोन मिलेगा।
मासिक गुजारे के लिए अनुदान राशि दी जाएगी।
आत्मसमर्पण व पुनर्वास के लिए शिविर का आयोजन।
पुनर्वास नीति इसलिए जरूरी
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह से पूर्वोत्तर राज्यों में खासकर असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में आतंकवादियों के आत्मसमर्पण व पुनर्वास की नीति के बाद यहां आतंकवाद में नियंत्रण पाया गया है, उसी फार्मूले से छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों का अंत किया जा सकता है।
इसके लिए पुनर्वास नीति बहुत जरूरी है, क्योंकि ऐसे गुमराह युवक जो कि हार्डकोर नक्सलियों के दुष्चक्र में फंस गए हैं। उन्हें मुख्यधारा में लाने के बाद वह दोबारा नक्सलियों के चंगुल में न फंसे इसे रोकने की चुनौती होगी।
नक्सलियों के खिलाफ साय सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ में 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मारा गया है। 801 नक्सली गिरफ्तार और 742 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
महाराष्ट्रीयन तेली समाज मना रहे मां शारदा उत्सव
रायपुर। महाराष्ट्रीयन तेली समाज द्वारा तीन दिवसीय मां शारदा उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रतिमा स्थापना के साथ तीन दिनों तक भजन-कीर्तन और विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
महाराष्ट्रीय तेली समाज के महिला मंडल की प्रमुख वीणा कुंबलकर ने बताया कि तीन दिवसीय शारदा उत्सव कार्यक्रम में 14 अक्टूबर को स्थापना कर पूजा अर्चना की गई। वहीं 15 अक्टूबर को सुबह पूजन और आरती के बाद बाद शाम को भजन संध्या, आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा।
वीणा ने आगे बताया कि 16 अक्टूबर को काजागिरी पुर्णिमा में मां शारदा की प्रतिमा का विधि विधान से विसर्जन किया जाएगा। वहीं विसर्जन के पूर्व भूलाबाई भजन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। उन्होंने समाजजनों से कार्यक्रम में उपस्थित होने की अपील की है।

