रायपुर
‘कलंकार’ में दिखा कलाकार का दर्द... प्रस्तुति ने दर्शकों कों किया भाव विभोर
रायपुर। कलामंच पर एक पुरुष का महिला का अभिनय करना कहीं न कहीं समाज में चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसे में उस कलाकार को समाज से अपने सम्मान को बचाने खूब संघर्ष करना पड़ता है। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में 18 मई को हुए ‘कलंकार’ नाट्य में एक कलाकार के इसी संघर्ष को दिखाया गया। कैसे एक युवा कलाकार मंच पर महिला पात्र का अभिनय करता है और उसे समाज की कुरितियों और सोच के बीच अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

नरेंद्र जलशक्षत्रिय द्वारा लिखित ‘कलंकार’ नाटक के मंचन ने दर्शकों की जहां खूब तालियां बटोरीं, वहीं सबी भाव विभोर भी कर दिया। ‘कलंकार’ की मूख्य भूमिका में नाटक के लेखक नरेंद्र जलक्षत्रिय ने बखूबी अपनी कला का परिचय मंच पर दिया। नाटक का निर्देश अर्जन दास मानिकपुरी ने किया। यह नाटक लोक कलाकार के जीवन की आत्मकथा पर आधारित रहा। इसके पूर्व अंशु प्रजापति द्वारा निर्देशित लेखक विष्णु प्रभार की नाटक बहादुर बेटी का मंचन किया गया। जिसमें एक पिता और चाचा अपनी बेटी को देश सेवा के लिए प्रेरित करते नजर आए। इसके उपरांत लेखक प्रमोद यादव द्वारा लिखित ‘अपने हिस्से का स्वर्ग’ व्यांगात्मक नाटक का मंचन हुआ। जिसका निर्देशन आर्यन सारस्वत ने किया है।

कार्यक्रम के संयोजक योगेश अग्रवाल ने बताया कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन रविवार 19 मई को शाम 6.30 बजे भारतेंद्रु हरिशचंद्र द्वारा लिखित अंधेर नगर चौपट राजा का मंचन होगा। जिसका निर्देशन अर्पिता बेडेकर ने किया है। यह नाटक सर्वाधिक लोकप्रिय नाटक है। अंत में कन्नड़ लेखक सत्यनारायण राऊ द्वारा लिखित नाटक ‘मैं अहिल्या बोल रही हूं’ का मंचन होगा। जिसका हिन्दी रूपांतरण विद्या राव ने किया है। इस नाटक का निर्देशन त्रिलोचन सोना ने किया है। यह आयोजन 31 मई 2024 से त्रिशताब्दी वर्षारंभ पर विशेष होगा।
गरिमा गृह में राधा-कृष्ण मंदिर स्थापित, प्राण प्रतिष्ठा 19 को
“तक्षशिला” पुस्त्कालय पहुंचे कलेक्टर गौरव सिंह... बच्चों से कहा-टू द पॉइंट पढ़िये सफलता अवश्य मिलेगी
रायपुर। मोतीबाग परिसर स्थित “तक्षशिला” पुस्त्कालय में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने काफी संख्या में बच्चे आते है। ऐसे में रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह साथ, नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा एवं ज़िला पंचायत सीईओ विश्वदीप “तक्षशिला” लाइब्रेरी पहुंचे। वहां पहुंचकर कलेक्टर ने बच्चं से कहा कि टू द पॉइंट पढ़िये सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे युवाओं से लाइब्रेरी से जुड़े सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने टैरिस एरिया में लाइब्रेरी के छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे और क्लास ली। जिसमें उन्होंने यूपीएससी एवं पीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को अनेक विषयों पर टू द पॉइंट कैसे तैयारी करना है बताया। ख़ासकर भारतीय संविधान को व्यावहारिक तरीके से कैसे समझें एवं मस्तिष्क पटल पर लंबे अंतराल के लिए कैसे रखें इसपर विशेष व्याख्यान दिया साथ है।
आधुनिक इतिहास के बिंदुओं पर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विषयों को रटे नहीं बल्कि कॉनसेप्ट क्लीयर करते हुए पढ़ाई करें। युवाओं ने चर्चा-परिचर्चा के दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह से सवाल भी किए जिसका उन्होंने ने जवाब भी दिया। ग़ौरतलब है तक्षशिला लाइब्रेरी सभी सदयों के लिए जिन्होंने लाइब्रेरी की सदस्यता ग्रहण की हैं सातों दिन चौबीसो घंटा संचालित है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने शुक्रवार को इसका औचक निरीक्षण किया।
सुकमा जिले के टेटराई – तोलनाई के जंगल में मुठभेड़... एक लाख का ईनामी नक्सली ढेर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र अंर्तगत टेटराई – तोलनाई के जंगल में कोंटा एरिया कमेटी के इंचार्ज/सचिव वेट्टी मंगडू, एरिया कमांड इन चीप हितेश, मिलिशिया कमांड इन चीप सोड़ी गजेन्द्र, सोड़ी मंजुला, दुर्गे कोसी, दुधी हूंगा समेत 15-20 नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी जवानों को मौके के लिए रवाना किया गया था।
शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है, दोनों तरफ से लगभग 20-25 मिनट तक हुई गोलीबारी में जवानों ने एक नक्सली को ढेर कर दिया है। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखकर नक्सली जंगल-पहाड़ी की आड़ लेकर भाग खड़े हुए। मुठभेड़ के बाद घटना स्थल की सर्चिग करने पर 1 नक्सली का शव बरामद किया गया। इसके साथ ही एक भरमार बंदूक, बडी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद की गई। मारे गए नक्सली की पहचान दुधी हुंगा के रूप में हुई है, जो लंबे समय से नक्सल संगठन से जुड़ा था। इस पर कुल एक लाख दस हजार का इनाम घोषित था।
जवान व ग्रामीण के हत्या की वारदात में शामिल 2 नक्सली गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर बीजापुर जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत हत्या की वारदात में शामिल फरार नक्सलियों की पता तलाश एवं सूचना के आधार पर जैगुर से 2 नक्सलियों दशरू आरकी (डीएकेएमएसअध्यक्ष) पिता सोमा आरकी उम्र 32 वर्ष निवासी जैगुर नरगोपारा थाना जांगला एवं मंगलू कवासी (मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर) पिता मंगडू कवासी उम्र 30 वर्ष निवासी जैगुर डोंगरपारा थाना जांगला को गिरफ्तार किया गया है।
कृषि विश्वविद्यालय पीजी कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा 26 मई को.. 12 जिलों में बना केंद्र
रायपुर। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (पीजी कोर्स) में प्रवेश के लिए 26 मई को परीक्षा का आयोजन किया गया है। परीक्षा के लिए प्रदेश 12 अलग-अलग जिलों में केंद्र बनाया गया है।
इन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल ने बताया कि विश्वविद्यालय के 20 अलग-अलग डिपार्टमेंट में 439 सीट हैं, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए 26 मई को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक परीक्षा का समय निर्धारित किया गया है।
रायपुर में दो परीक्षा केंद्रों के अलावा अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर, बेमेतरा, जांजगीर-चाँपा, कांकेर, कोरिया, भाटापारा, कवर्धा और राजनांदगांव में परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
निःशुल्क समर कैम्पः जिला प्रशासन की पहल पर 19 विधाओं में अनुभवी शिक्षक दे रहे बच्चों को प्रशिक्षण
रायपुर। जिले के छात्र-छात्राओं के लिए जिला प्रशासन की ओर से निःशुल्क समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप की शुरुआत शनिवार को कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने की। कैंप के लिए अब तक 600 से ज़्यादा छात्र-छात्राओं ने पंजीयन करा लिया है।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समर कैम्प 18 से 31 मई चलेगा, जिसमें अनुभवी शिक्षकों द्वारा बच्चों को 19 विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस समर कैंप को लेकर बच्चों में भारी उत्साह है, काफ़ी बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा भी ले रहे है। जेआर दानी शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय कालीबाड़ी में पंजीयन सुबह 7 से 10 बजे के मध्य करा सकते हैं।
कैंप में स्पोकन इंग्लिश, कैलीग्राफी, रूबिक्स, सांइस मॉडल, हैंडीक्राफ्ट, योगा एवं ध्यान, बेस्ट आउट ऑफ़ बेस्ट, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट, पेंटिग, बांसुरी वादन, नृत्य गायन, कठपुतली, मेहंदी, शतरंज, रोप स्कीपिंग, बॉलीबॉल, खो-खो, फुटबॉल, ताईक्वाण्डो जैसे अनेक विधाओं को शामिल किया गया है।
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि इस समर कैम्प के दौरान बच्चों द्वारा निर्मित वस्तुओं का जून में चिल्ड्रेन मार्केट के माध्यम से विक्रय भी किया जाएगा, जिससे इंटर्नशिप की भावना और संवाद करने की विधा में बच्चों में निपुर्णता आएगी।
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल की गर्मी छुट्टी में समय का सदुपयोग करते हुए बच्चों को रचनात्मकता की ओर ले जाने के लिए बेहतर प्रयास किया गया है और समर कैम्प की शुरुआत की गई। जिस दौरान नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, ज़िला पंचायत सीईओ विश्वदीप सहित भारी संख्या में पालक एवं बच्चे उपस्थित रहे।
अब अपराधी जेल जाने के अलावा करेंगे सामुदायिक सेवा का भी कार्य.. राजद्रोह कहलायेगा अब देशद्रोह
रायपुर। राजधानी स्थित यातायात मुख्यालय के सभागार में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं भारतीय साध्य अधिनियम 2023 के संबंध में जिला पुलिस बल रायपुर के 80 विवेचकों को प्रशिक्षण देने के लिए सेमीनार का आयोजन किया गया। उक्त सेमीनार में पुलिस महानिरीक्षक, रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर संतोष सिंह एवं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के विधि विभाग के सहायक प्रध्यापक एवं विधि विशेषज्ञ प्रिया राव उपस्थित रहे।
सेमिनार में जिले के विवेचकों को पुलिस महानिरीक्षक ने अपने उद्बोधन में बताया कि ये तीनों नवीन कानून अपराधिक न्यायप्रणाली को एक मजबूत, आधुनिक और वैज्ञानिक आधार प्रदान करेंगी, इनसे विवेचना में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा, तकनीकी एवं फोरेंसिक उपकरणों की मदद से जांच की गुणवत्ता अधिक होगी और समय सीमा में ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होगी।
सेमिनार के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने नवीन कानूनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुये बताये कि पुराने कानून तिसका आचार दण्डात्मक प्रकृति का था, उसमें वर्तमान परिपेक्ष्य को देखते हुये सुधार करते हुये, न्याय प्रकृति का बनाया गया है जिससे विवेचना एवं न्यायालयीन कार्यवाही में अनावश्यक विलय को समाप्त कर जल्द से जल्द पीडित को न्याय मिल सके।
सेमिनार के दौरान नवीन कानूनों के वारिकियों के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये बताया गया है कि वर्तमान के नवीन कानून में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को विशेष महत्व की श्रेणी में मानते हुये इसके लिये पृथक से अध्याय रखा गया है, पूर्व के कानून में अपराधियों की जेल जाने का प्रावधान था, किन्तु वर्तमान के नवीन न्याय संहिता में अपराधियों से सामुदायिक सेवा कराये जाने के संबंध में नवीन प्रावधान जोड़े गये है, पूर्व में जी राजद्रोह कहलाता था, उसका नाम संशोधित कर देशद्रोह रखा गया है एवं लोगों के वाणी के स्वतंत्रता के अधिकार में वृद्धि की गयी है।
विधि विशेषज्ञ प्रिया राव ने बताया कि वर्ततमान नवीन कानून में सबसे पहले स्थान महिलाओं एवं बच्चों के साथ हुये अत्याचार को दिया गया है एवं महिलाओं एवं बच्चों के गौरव को प्रस्थापित करने का काम किया है इस प्रकार से जिला पुलिस बल रायपुर में पदस्थ समस्त विवेचक स्तर के अधिकारियों को नवीन कानूनों के प्रति जागरुकता लाने के लिये लगातार विभिन्न सेमिनार एवं प्रशिक्षण के माध्यम से इस एवं सक्षम बनाया जा रहा है।
स्कूलों में आरटीई प्रवेश के लिए प्रथम चरण में लॉटरी एवं आबंटन की कार्यवाही 20 मई से 30 मई तक ही
रायपुर। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आर.टी.ई.) अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयो में आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन, भर्ती की कार्यवाही की जाएगी। स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रथम चरण में लॉटरी एवं आबंटन की कार्यवाही 20 मई 2024 से 30 मई 2024 तक की जाएगी | उसके बाद स्कूल में दाखिला की प्रक्रिया 1 जून से 30 जून 2024 तक होगी।
आरटीई के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाही के लिए कैलेण्डर के अनुसार द्वितीय चरण के लिए नवीन स्कूल पंजीयन (आवेदन) और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन कार्य 15 जून से 30 जून तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन (आवेदन) 1 जुलाई से 8 जुलाई तक होगा। इसके बाद नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच 9 जुलाई से 15 जुलाई तक की जाएगी। लॉटरी एवं आबंटन का कार्य 17 जुलाई से 20 जुलाई तक किया जाएगा। इसके बाद स्कूल में दाखिला की प्रक्रिया 22 जुलाई से 31 जुलाई तक की जाएगी।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टरों, संभागीय शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि आरटीई अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने इस संबंध में अधिनियम के प्रावधान के अंतर्गत नोडल अधिकारी की जानकारी, क्षेत्र का निर्धारण, मान्यता संबंधी कार्यवाही पहले ही पूर्ण कर ली जाए। आरक्षित सीटों का निर्धारण, प्रवेश एवं सूचना के लिए आवेदन प्राप्त करना, आवेदन पत्रों की समीक्षा एवं प्रचार-प्रसार, आबंटन प्रक्रिया एवं शुल्क की प्रतिपूर्ति व प्रक्रिया समय-सारिणी अनुसार की जाए।
समस्याओं के त्वरित निराकरण से जिले में प्रगति दिखाई देगी : स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी
नियम कानून पढ़ने पर ही सही निर्णय ले सकते हैं
बच्चों को रचनात्मक अवसर देने ज्यादा से ज्यादा समर कैंप का आयोजन किया जाए
संयुक्त संचालक व जिला शिक्षा अधिकारियों के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
रायपुर | स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में संभाग और जिले के अधिकारियों के 5 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र समापन अवसर पर कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में प्रशासनिक कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संभाग और जिले के अधिकारियों का प्रशिक्षण आवश्यक है। अब ब्लॉक स्तर के अधिकारियों का भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियम कानून की जानकारी रहने पर ही सही निर्णय लिया जा सकता है। इससे काम तेजी से होगा और प्रगति दिखाई देगी।
परदेशी ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को यह जानना भी आवश्यक है कि कौन किस कार्यों के लिए सक्षम हैं। अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत दी गई शक्तियों के अनुसार हमें निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया का अब अध्ययन करने की आवश्यकता है। स्कूल शिक्षा सचिव ने कहा कि बच्चों को रचनात्मक अवसर देने के लिए ज्यादा से ज्यादा समर कैंप का आयोजन किया जाए। उन्होंने सभी से आशा व्यक्त की कि अब हम बच्चों और शिक्षकों के लिए त्वरित उचित निर्णय लेंगे। परदेशी ने आगे कहा कि 5 दिवस का प्रशिक्षण प्राप्त कर कुशल प्रशिक्षक बन गए हैं, अब विकासखंड शिक्षा अधिकारियों सहित सभी ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को अपने स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित कर सकते हैं।

संचालक लोक शिक्षण दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग बेहतर तरीके से करेंगे। अब शत प्रतिशत योजनाओं को गति देने में आसानी होगी संभाग और जिले के शिक्षा अधिकारियों 5 दिन में रिफ्रेश होकर नई ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।
प्रशासन अकादमी के डायरेक्टर टी. सी. महावर ने कहा कि विभाग की आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से अनुशासन में रहकर नियमों का पालन किए जाने की अपेक्षा करते हुए कार्यालय की प्रबंधन क्षमता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने का सुझाव दिया।
समारोह के प्रारंभ में संकाय सदस्य डॉ. अभिषेक दुबे ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण के विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग की उप सचिव इफ्फत आरा, अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे, उप संचालक आशुतोष चावरे, अशोक नारायण बंजारे, प्रशांत पांडेय, अकादमी के कोर्स डायरेक्टर अभिषेक दुबे, डॉ. सीमा सिंह और नोडल प्रभारी डी. दर्शन भी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में बिलासपुर के संयुक्त संचालक आर.पी. आदित्य, बलौदा बाजार के जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय, बस्तर की भारती प्रधान और कोरबा के तामेश्वर उपाध्याय ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण पर अपना अभीमत दिया। आभार प्रदर्शन उप संचालक आशुतोष चावरे ने किया।
अटल मॉनिटरिंग पोर्टल : योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी में होगी आसानी
रायपुर | अटल मॉनिटरिंग पोर्टल (सी.एम.डेशबोर्ड) के विकास एवं क्रियान्वयन के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक दिवसीय डिजाईन वर्कशाप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिव स्तरीय अधिकारियों, विभागीय नोडल अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ को अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से प्रदेश में क्रियान्वयन किए जाने वाले सभी केन्द्रीय योजनाओं, राज्य योजनाओं, जन हित में लिए गए प्रमुख निर्णयों, दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी। कार्यशाला में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (टी.आर.आई.के.) डॉ. आंद्रे नोगवीरा और उनकी टीम ने पोर्टल के विकास संबंधी तकनीकी विषयों की जानकारी दी।
दो माह की बच्ची ने निगल लिया स्क्रू, डाक्टरों ने सफलतापूर्वक निकाला
रायपुर। दो महीने की बच्ची, जिसका वजन 4.5 किलो है, ने गलती से एक पेनेट्रेटिंग स्क्रू को निगल लिया, जिसे उसकी मां ने देखा। माता-पिता ने उसे तुरंत उपचार के लिए बाल चिकित्सक के पास ले जाया। बाल चिकित्सक ने एक एक्स-रे कराया, जिसमें स्क्रू को पेट में पाया गया। इसके बाद, बच्ची को सुयश अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
अस्पताल में उपचार के लिए यूजीआई एंडोस्कोपी एनेस्थेजिया के तहत योजित की गई थी, लेकिन प्रक्रिया को 3 घंटे के लिए विलंबित करना पड़ा। प्रतीक्षा काल के बाद, एंडोस्कोपी को पेडियाट्रिक अल्ट्रा स्लिम एंडोस्कोप (5.3 मिमी) का उपयोग करके किया गया। हालांकि, वस्तु पेट से बाहर चली गई थी और ड्यूडेनम में नहीं मिली।
36 घंटे के लगातार फ्लुओरोस्कोपिक मॉनिटरिंग के बावजूद, स्क्रू पेट के हेपेटिक फ्लेक्चर में अटका रहा और आगे नहीं बढ़ा। पॉलिएथिलीन ग्लाइकॉल के साथ तैयारी के बाद, एक निर्णय लिया गया कि एक अडल्ट एंडोस्कोप का उपयोग करके कोलोनोस्कोपी की जाए। कोलोनोस्कोपी के दौरान, स्क्रू हेपेटिक फ्लेक्चर में पाया गया और रेट टूथ फोर्सेप्स का उपयोग करके सफलतापूर्वक निकाला गया।
प्रक्रिया में शामिल टीम में मनोज लाहोटी, अमित जोशी, अभिषेक चंदेल, अंकुर मरकम (एनेस्थेटिस्ट), एंडोस्कोपी तकनीशियन, रामनारायण, नरेंद्र, पूजा, चंचल, और प्रीति शामिल थे।
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर कार्यशाला आयोजित… ‘तनाव प्रबंधन में विपश्यना साधना कारगर‘
रायपुर। विश्व उच्च रक्त चाप दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रिब्यूशन तथा ट्रांसमिशन कंपनी के केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान, गुढ़ियारी रायपुर में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता सीताराम साहू-मुख्य अभियंता, मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सत्यजीत ठाकुर, विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त महाप्रबंधक उमेश कुमार मिश्रा थे।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि ठाकुर ने कहा कि तनाव प्रबंधन में ध्यान साधना की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका हैं। विपश्यना ध्यान साधना को लेकर सत्यनारायण गोयनका के अनुभवों और योगदान को जन-जन तक पहंुचा कर हम साधकों की संख्या को बढ़ा सकते हैं। यह साधना किसी बीमारी के उपचार के लिए नहीं है बल्कि ऐसी जीवन शैली के लिए है जिससे बीमारियां न हो। उमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जब किसी विशेष परिस्थिति को पैदा होने से रोकना नामुमकिन हो तो उसके साथ जीने के लिए विशेष प्रकार के प्रबंधन की आवश्यकता पड़ती हैं। उच्च रक्तचाप होने के कारणों को रोक पाना कठिन होता है तो उसके प्रबंधन से हम अपने जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं। यही प्रबंधन सीखने की जरूरत है।
मुख्य अभियंता सीताराम साहू ने बताया कि विपश्यना ध्यान साधना से मानसिक तनाव को रोका जा सकता है। इस तरह तनावरहित जीवन में बीमारियों को रोकना भी संभव होता हैं। उन्होंने पाॅवर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से विपश्यना ध्यान साधना के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सत्यजीत ठाकुर के सौजन्य से दो विपश्यना केन्द्र बिलासपुर तथा थनौद (दुर्ग जिला) में संचालित हैं। तीसरे केन्द्र की स्थापना सिंगारभाटा (जिला रायपुर) में की जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनियों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं जो तनावमुक्त जीवन का मार्ग प्रशस्त करता हैं। इस अवसर पर पावर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक पांडुरंग शंकरराव मोघे का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक पांडुरंग शंकरराव मोघे का कल रात निधन हो गया। उन्होंने 93 वर्ष के उम्र में राजधानी रायपुर के वी वाय अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी शोक संवेदना प्रकट की।
गौरतलब है कि पांडुरंग शंकरराव मोघे जी धमतरी जिले में लंबे समय तक संघ के प्रचारक रहे। आपातकाल के दौरान सागर जिले में सत्याग्रह करते हुए जेल भी गए। रायपुर में संघ कार्यालय निर्माण के समय उनकी महती भूमिका रही। गायन कला में उनकी विशेष रुचि थी। उनकी स्मरण शक्ति भी लाजवाब थी। सादा जीवन उच्च विचार को अंगीकार कर अपना सर्वस्व जीवन जीने वाले मोघे जी का निधन समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री पांडुरंग शंकरराव मोघे जी के निधन का दुःखद समाचार मिला।
— Vishnu Deo Sai (Modi Ka Parivar) (@vishnudsai) May 17, 2024
मोघे जी ने समूचे छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय विचारों को स्थापित करने अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनकी स्मृति सदैव अमर रहेगी।
प्रभु दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान… pic.twitter.com/4ZqlMkPsmE
क्रिप्टो करेंसी में अधिक पैसा कमाने का झांसा देकर लाखों रूपये की ठगी.. आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। क्रिप्टो करेंसी में अधिक पैसे कमाने का झांसा देकर 30 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को राजधानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाने और प्रतिमाह 10 प्रतिशत मासिक लाभ मिलने की बात कहकर पीड़ित को झांसे में लिया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित सुशांत कुमार ने थाना मुजगहन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह अविवा ग्रीन सिटी मुजगहन रायपुर का निवासी है। प्रार्थी का अपने एक परिचित के माध्यम से पूर्व में अमित कुमार थापा निवासी कांटाभांझी से परिचय हुआ था, उस समय अमित कुमार थापा के साथ उसके अन्य साथी भी थे। अमित कुमार थापा व उसके अन्य साथियों ने प्रार्थी को बिजनेस क्रिप्टो करेंसी का प्लान दिखाया और बताये कि उनके अन्य साथी मेसर्स एमबीई कामर्स प्रायवेट लिमिटेड कंपनी चलाते है, जिसका पता शॉप नंबर 254/ए अवध वाइस राय सार्थना जटकनका सुरत गुजरात है। उसमें प्रत्येक माह जो पैसा जमा करोगे उसका 10 प्रतिशत मासिक लाभ मिलता रहेगा। जिस पर प्रार्थी उनके झांसे में आकर उनके बतायेनुसार अलग - अलग खातों, तिथियों व किश्तों में कुल तीस लाख रूपये जमा कर दिया।
प्रार्थी द्वारा अपना पैसा वापस मांगने पर अमित कुमार थापा व अन्य द्वारा पैसा आज - कल आ जायेगा कहकर टाल मटोल करते रहे, परंतु पैसा वापस नहीं दिये। इस प्रकार आरोपियों द्वारा प्रार्थी को अपने झांसे में लेकर अधिक पैसे मिलने का प्रलोभन देकर तीस लाख रूपये की ठगी कर धोखाधड़ी किया। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 143/24 धारा 420, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस की जांच टीम के सदस्यों ने आरोपियों के संबंध में तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही अन्य माध्यमों से भी आरोपियों की पतासाजी की जा रहीं थी। इसी दौरान घटना में संलिप्त आरोपी अमित कुमार थापा की उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर टीम के सदस्यों आरोपी अमित कुमार थापा को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध कार्यवाही किया गया। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है।
CBSE की चेतावनी.... बच्चों के फर्जी उपस्थिति का होगा सरप्राइज इंस्पेक्शन... डमी स्कूल पर होगी कार्रवाई
रायपुर। सीबीएसई ने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को फिर से नोटिस जारी किया है। केंद्रीय बोर्ड ने स्कूलों को चेताया है कि विद्यार्थियों की फर्जी उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सरप्राइज इंस्पेक्शन किया जाएगा और डमी स्कूल पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने पिछले महीने रायपुर के ऐसे ही दो स्कूल, न्यू राजेन्द्र नगर के द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल और वाइकॉन स्कूल विधानसभा रोड समेत देश भर में 20 स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी थी।
दरअसल कुछ स्कूल 10-12 वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को डमी एडमिशन देकर बिना स्कूल आए सालभर सी उपस्थिति का प्रमाण पत्र दे देते हैं। इसके बदले वे सालभर की फीस और डोनेशन मिलाकर लाखों रूपए लेते हैं । इन स्कूलों की प्रदेश और देश के सभी नामी कोचिंग सेंटर्स के साथ सांठगांठ रहती है। इस प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चे नीट,जेईई, व्यापमं की परीक्षा दे सकते हैं।
सीबीएसई भुवनेश्वर जोन के डायरेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र वाले छतीसगढ़ में संबद्ध स्कूलों के संचालक, प्राचार्यों को पत्र भेजकर कहा है कि ऐसी शिकायतें थीं कि सीबीएसई से संबद्ध कुछ स्कूल कक्षा 9 से 12वीं के लिए गैर-संबद्ध स्कूलों के उम्मीदवारों को प्रायोजित कर रहे थे। स्कूल बिना मंजूरी के एक से अधिक स्थानों पर चल रहे हैं। बोर्ड कि स्कूल उन छात्रों का पंजीकरण करें जो स्कूल में नियमित कक्षाओं में भाग नहीं लेते हैं और अन्य संस्थानों में कोचिंग लेते हैं। ये सीबीएसई संबद्धता उपनियमों का उल्लंघन हैं।
इस संबंध में, यह निर्देश दिया गया है कि संबद्धता नियमों और समय-समय पर बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना संबद्ध स्कूलों के लिए अनिवार्य है। प्रत्येक संबद्ध स्कूल के लिए बोर्ड के परीक्षा उपनियमों का यथोचित परिवर्तनों के साथ पालन करना अनिवार्य है। गौरतलब है कि सीबीएसई समय-समय पर स्कूलों की जांच करने और सीबीएसई के नियमों का पालन सुनिश्चित करने औचक निरीक्षण करता रहता है।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल का परीक्षा परिणाम घोषित, 54.39% रहा रिजल्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के परीक्षा परिणाम आज जारी किए गए. ओपन हाई स्कूल परीक्षा 2024 का परिणाम 54.39% रहा. राज्य ओपन स्कूल के सचिव पुष्पा साहू ने बताया, हाईस्कूल परीक्षा 2024 में बालिकाओं का 56.16 प्रतिशत और बालकों का परिणाम 53.13 प्रतिशत रहा |
बता दें कि हाईस्कूल की परीक्षा में 41,019 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे. 38,405 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी. 38,396 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं. घोषित परीक्षा परिणाम में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 20,884 है. प्रथम श्रेणी में 14.45 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए. द्वितीय श्रेणी में 21.97 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए |
सचिव साहू ने बताया, नौ विद्यार्थियों का रिज़ल्ट विभिन्न कारणों से रोका गया है. पिछले वर्ष की तुलना में 0.30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. हाई स्कूल परीक्षा पास करने के लिए अभ्यार्थियों को 9 मौक़ा दिया जाता है. जिस सब्जेक्ट में पास हुए हैं उस सब्जेक्ट क़ाफ़िले पर दोबारा नहीं देना पड़ता है. जिस सब्जेक्ट में फ़ेल हुए हैं उसी सब्जेक्ट का दोबारा पेपर लिया जाता है |
व्याख्यानः भारतीय ज्ञान परंपरा पर बोले प्रो. एडीएन वाजपेयी.... 'वेदों से सुभाषित तक में भारतीय ज्ञान परंपरा
रायपुर। अर्थशास्त्र अध्ययन शाला एवं पब्लिक आउटरीच सेंटर के संयुक्त तत्त्वावधान में भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में ख्यातिलब्ध अर्थशास्त्री एवं अटलबिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.ए.डी.एन. वाजपेयी का आगमन हुआ । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलपति पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय,ने की| कार्यक्रम संयोजन प्रो. रविन्द्र के. ब्रहमें अध्यक्ष, अर्थशास्त्र अध्ययनशाला,एवं प्रो.कल्लोल के घोष, निदेशक पब्लिक आउटरीच सेंटर ने किया| अधिष्ठाता, छात्र कल्याण, प्रो. राजीव चौधरी एवं अन्य विभाग अध्यक्षों की उपस्थिति में यह आयोजित हुआ ।
कार्यक्रम के आरंभ में सरस्वती-वंदना, कुलगीत एवं अतिथियों को पुष्प-गमला भेंटकर स्वागत किया गया । स्वागत उद्बोधन में प्रो. रवींद्र ब्रहमें ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की आवश्यकता तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्य एवं आवश्यकता पर बात करते हुए बताया कि प्रो. वाजपेयी नवें दशक से वैदिक सनातन अर्थशास्त्र पर शोध कर रहे हैं। आज की क्रिटिकल थिकिंग ही शास्त्रार्थ है, जिस पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति जोर देती है ।
प्रो. वाजपेयी ने भारतीय ज्ञान परंपरा को केंद्रित कर सहज प्रश्न किया कि - “अर्थशास्त्र के जनक एडम स्मिथ माने जाते हैं, जबकि हमारे यहाँ ‘कौटिल्य’ ने तीन सौ ईसा पूर्व ही कश्मीर में अर्थशास्त्र पर प्रामाणिक जानकारी दी । पाश्चात्य देशों अमेरिका, इंगलैण्ड के पास अपनी सुदीर्घ ज्ञान प्रणाली नहीं है वे लेटिन या ग्रीक पर निर्भर हैं जबकि भारत के पास समर्थ और सशक्त ज्ञान परंपरा है। हमने किसी देश को उपनिवेश नहीं बनाया, हमने समरसता को बढ़ावा दिया है। हमारी संस्कृति का मूल ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ है।” प्रो. वाजपेयी ने शोधार्थियों , छात्रों को जूनियर फेकेल्टी मेंबर कह कर संबोधित करते हुए कहा कि– “आपका समाज की समस्याओं से प्रत्यक्ष संबंध है । कृषि, व्यापार, उद्योग, अर्थव्यवस्था में क्या चल रहा है? और क्या नवीन किया जा सकता है? उसे समझना होगा।”
भारतीय ज्ञान परंपरा को सुगमता से उद्घाटित करते हुए उन्होंने अकादमिक ज्ञान, हमारी परंपराएँ एवं हमारा कर्तव्य कह कर चर्चा आरंभ की। अकादमिक ज्ञान से चर्चा का आरंभ कर उन्होंने भारत में शिक्षा की चौदह शाखाओं - जिनमें पुराण, न्याय, मीमांसा, धर्मशास्त्र, छह वेदांग - शिक्षा, व्याकरण, निरुक्त, छंद, ज्योतिष, कल्प और चार वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अर्थववेद उनमें निहित विषय एवं विवरण को बताया ।
पुनः उन्होंने भारतीय गुरुकुल प्रणाली के नालंदा, तक्षशिक्षा, विक्रमशिला आदि के गौरव को बताते हुए कहा - तर्कशास्त्र, पुरुषार्थ, रामायण और महाभारत की ‘ज्ञान के भंडार के रूप’ में जाने जाते हैं | यह ज्ञान भण्डार हम सब भारतीयों में पहले से व्याप्त है इसलिए हम सब इस तत्वचर्चा में सहज ही सहभागी बन जाते हैं| अर्थात ज्ञान हमारे डी.एन.ए. में गुरु शिष्य परंपरा में स्थानांतरित होते चला जाता है । भारतीय ज्ञान प्रणाली समाज और नागरिक हित, कल्याण की अवधारणा पर केंद्रित है| सभी भारतीय भाषाओं का संस्कृत से निकट का संबंध है तथा संस्कृत रचनाओं का छंद और संगीत पर व्यापक प्रभाव है। उन्होंने आगे कहा कि आयुर्वेद, योग, लोक और जनजातीय चिकित्सा पद्धति का भारत में समृद्ध इतिहास है। योग हमें भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ता है । आधुनिक दुनिया भी योग को अपना कर स्वास्थ्य लाभ ले रही है। योग विज्ञान को और गहराई से अध्ययन करना आज की आवश्यकता है।
प्रो. वाजपेयी ने भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, धातु विज्ञान, ज्योतिष एवं गणित की चर्चा की तथा अम्ल,क्षार, पॉलीमर आदि की अवधारणाओं को प्रस्तुत किया| उन्होंने जोर देकर कहा कि - “भारत का अपना पारंपरिक खानपान, भेषज विज्ञान, रहन-सहन, जलवायु, और कृषि संस्कृति है| भारतीय स्थापत्य और कलाएं विशिष्ट ,हैं जिनमें पारंपरिक लोक गाथाएं गायी जाती हैं| उन्होंने पंडवानी, रहस, रामलीला तथा भरथरी गायन एवं प्रमुख गायकों की चर्चा की जो हमें हमारी विरासत, संस्कृति, संस्कार से जोड़कर समृद्ध करते हैं| रामायण,महाभारत एवं पौराणिक पात्र आज सार्वभौमिक हैं उनका तात्विक और सात्विक स्वरूप हमारे संस्कारों, नामकरणआदि में सहज ही दिख जाता है|
कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने छात्रों से कहा कि- “हमें भारतीयता, भारतीय परंपरा एवं भारतीय भाषाओं पर गर्व करते हुए इनका संपोषण करना चाहिए| आज ज्ञान को किसी एक भाषा में नहीं बांधा जा सकता, आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी, भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर समाजोपयोगी शोध की दिशा में नूतन कार्य करें। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में शिक्षकगण, शोधार्थीगण एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।