रायपुर
कलयुग में रक्तदान ही सबसे बड़ा दान : विधायक पुरंदर मिश्रा
स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत नन्दनवन जंगल सफारी हुआ स्वच्छता अभियान का आयोजन
कायस्थ समाज ने धूमधाम से मनाई लाल बहादुर शास्त्री जयंती
अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता का आयोजन रायपुर में 16 से 20 अक्टूबर तक
ओलंपिक विजेता मनु भाकर समापन समारोह में होंगी शामिल
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य 27वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता 2024 का गौरवपूर्ण मेज़बान बनने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में रायपुर में 16 से 20 अक्टूबर 2024 तक आयोजित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के लिए यह आयोजन एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो राज्य की खेल प्रतिभाओं और वन विभाग के उत्कृष्ट प्रयासों को प्रदर्शित करेगा।
इस खेल महोत्सव में देशभर से वन विभाग के खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेंगे। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण 20 अक्टूबर को आयोजित समापन समारोह में पेरिस ओलंपिक 2024 की पदक विजेता और विश्वप्रसिद्ध निशानेबाज मनु भाकर की उपस्थिति होगी, जो खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में राज्य की तैयारियां जोर-शोर से चल रहीं है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव एवं नोडल अधिकारी शालिनी रैना के निर्देशन में राज्य के खिलाड़ी पेशेवर कोचों की देखरेख में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वन परिसर पंडरी, रायपुर में खिलाड़ियों के लिए उच्चस्तरीय आवास और पौष्टिक भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपनी फिटनेस बनाए रख सकें और सर्वाेत्तम प्रदर्शन कर सकें।
छत्तीसगढ़ की टीम को इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों और संस्थानों के खिलाडियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जिसके लिए टीम पूरी तरह से प्रेरित और आत्मविश्वास से परिपूर्ण है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख खिलाड़ियों में अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी संगीता राजगोपालन का नाम विशेष उल्लेखनीय है, जिन्होंने राज्य के लिए 100 से अधिक स्वर्ण पदक जीतकर गौरव बढ़ाया है। अरुण प्रसाद, आईएफएस जगदीशन, आईएफएस के नेतृत्व में खेल चुकी छत्तीसगढ़ की बास्केटबॉल टीम पिछले नौ टूर्नामेंटों में अविजित रही है। इसी प्रकार, राज्य की क्रिकेट टीम ने भी लगातार सात प्रतियोगिताएं जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित कर चुकी है। इस वर्ष भी इन टीमों के खिलाडियों से शानदार प्रदर्शन की अपेक्षा की जा रही है।
राज्य के खिलाड़ी इस वर्ष भी उच्च मनोबल और आत्मविश्वास के साथ इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। छत्तीसगढ़ को अपने खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन और एक और सफल अध्याय जोड़ने की पूरी उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर शारदीय नवरात्रि में प्रमुख चिन्हांकित स्थानों पर लगेंगे चिकित्सा शिविर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर विकासखण्ड स्तर पर लगाए जाएंगे शिविर
रायपुर | स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शारदीय नवरात्रि के दौरान प्रदेश के प्रमुख चिन्हांकित स्थलों पर आमजनों की सुविधा हेतु चिकित्सा शिविर लगाए जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। निर्देश का पालन करते हुए आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के द्वारा प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को पत्र जारी किया है।
इसके अनुसार तीन अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का पर्व आरंभ हो रहा है। प्रदेश में नवरात्रि के पर्व में आमजनों द्वारा पंचमी से लेकर दशहरा तक आम दिनों की तुलना में ज्यादा आवागमन होता है। अतः स्वास्थ्य विभाग को ऐसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों का चिन्हांकन करते हुए जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर विकासखण्ड स्तर पर चिकित्सा शिविर का आयोजन करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सभी प्रमुख चिन्हांकित स्थलों में समुचित चिकित्सा एवं अन्य स्टॉफ, पर्याप्त औषधियां, 24 घंटे एम्बुलेंस तथा प्रचार-प्रसार की सामग्री सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छता अभियान राज्य में जनआंदोलन का लिया रूप : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य
रायपुर | पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को प्रोत्साहित करने हेतु 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से सभी को स्वच्छता का संकल्प दिलाया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आव्हान और स्वच्छता अभियान से हम सभी को गली-चौराहे, मोहल्ले, स्कूल, कार्यालय, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरणा मिली। स्वच्छता अभियान ने पूरे प्रदेश मेें जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया है। छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वच्छता को हम सभी को अपनी आदत में शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लेने का आव्हान करते हुए ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी को स्वच्छता की शपथ दिलायी । उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वतंत्रता के साथ ही स्वच्छता भी जरूरी है। बापू के सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ में झाडू पकड़कर शुरूआत की। देश के लोग स्वच्छता अभियान में सहभागी बनें। स्वच्छता को सभी अपने आदत में शामिल करें। कार्यक्रम में उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में एवं स्वच्छता ही सेवा 2024 अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। इसी तरह मच्छर उन्मूलन के लिए चलित वाहन तथा भव्य सशक्त सैन्य समारोह की गाड़ियों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य में स्वच्छता के लिए व्यापक तौर पर कार्य किए गए हैं। स्वच्छता की जिम्मेदारी हम सभी की है। हम सभी संकल्प ले कि स्वयं स्वच्छता पर ध्यान देंगे और लोगों को प्रेरित करेंगे। विगत 10 वर्षों में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत किए जा रहे कार्यों से देश की तस्वीर बदली है।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गंदगी से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का जन्म होता है। इन बीमारियों से बचने के लिए सफाई बहुत जरूरी है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चलाकर सफाई का संदेश दिया है। गांधी के सपनोँ को पूरा करने हमारी सरकार आत्म निर्भर गांव के साथ साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दे रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा के इस समापन समारोह में सफाईकर्मियों, सफाई दीदियों और सफाई मित्रों का सम्मान किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता मीनल चौबे, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. बसव राजू एस., सचिव ग्रामोद्योग विभाग यशवंत कुमार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, आयुक्त नगर निगम रायपुर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में सफाईकर्मी, सफाई दीदी और सफाई मित्र उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें किया नमन
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने महात्मा गांधी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरे विश्व के सामने मिसाल कायम की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में शास्त्री जी का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। शास्त्री जी ने सादगी से जीवन जिया और अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में अर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी के विचार और जीवन मूल्य सदा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
पितरों के अच्छे कामों को आगे ले जाकर उन्हें दें सच्ची श्रद्धांजलि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 2 अक्टूबर यानि आज सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा कि पितर पक्ष पूर्वजों के प्रति हमारे सम्मान, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है साल में 15 दिनों के लिए पितर पक्ष में दिवंगत पूर्वज अपने घर आते हैं। इस दौरान हम अपने पूर्वजों के मोक्ष और शांति के लिए श्राद्ध करते हैं और उनसे जीवन में खुशहाली के लिए आशीर्वाद की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पितरों का सम्मान हमारी परम्परा, सभ्यता और संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। हमारे पूर्वज जो धरोहर छोड़ गए हैं, उसे सहेजने और संवारने की जिम्मेदारी हम सबकी है। हम अपने पूर्वजों के समाज के लिए किए गए अच्छे कामों को आगे ले जाकर उन्हें सही मायनों में श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।
भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में मनाया जाएगा ’जनजातीय गौरव दिवस’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए
जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया
जनजातीय संस्कृति में छिपी है, गहरी आध्यात्मिकता
देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय परम्परा रही है
जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है।
स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष श्री उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
दिल्ली में यूपीएससी तैयारी के लिए 135 सीटों की वृद्धि को वित्त से मंजूरी
जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर एक दिवसीय कार्यशाला आज... सीएम साय होंगे शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 1 अक्टूबर को जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम पूर्वान्ह 11 बजे से सिविल लाईन रायपुर स्थित न्यू-सर्किट हाउस में आयोजित होगा। इस अवसर पर जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का भी आयोजन होगा। कार्यशाला में अतिथिगणों एवं विद्वतजनों द्वारा जनजातीय समाज के ‘ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान‘ पर व्याख्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप करेंगे।
कार्यक्रम में जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत पर आधारित लघु चलचित्र-संगीत का भी प्रदर्शन होगा। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे, वनवासी विकास समिति के प्रांत अध्यक्ष उमेश कश्यप और विश्वविद्यालय के कुलपति एवं प्रतिनिधिगण मौजूद रहेंगे।
जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला दो सत्रों में होगा, जिसमें प्रथम तकनीकी सत्र स्रोत व्यक्तव्य और संदेश सूचनाएं पर चर्चा होगी, वहीं द्वितीय तकनीकी सत्र में कुलपतिगण से कार्य योजना पर चर्चा एवं उपस्थित विश्वविद्यालयीन प्रतिनिधिगण से कार्य योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।
पावर ट्रांसमिशन कंपनी से स्टाफ आफिसर सहित 8 कर्मचारियों की भावभीनी विदाई
जीएसटी कंपनसेशन सेस पुनर्गठन के लिए गठित मंत्रियों के समूह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी शामिल
एसटी कंपनसेशन सेस पुनर्गठन के लिए गठित मंत्रियों के समूह में
रायपुर | जीएसटी के तहत कंपनसेशन सेस के पुनर्गठन के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में गठित इस समूह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को सदस्य नामित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जीएसटी काउंसिल की 54 वीं बैठक में कंपनसेशन सेस को समाप्त कर एक नया कर ढांचा तैयार करने पर जोर दिया गया था। इसी तारतम्य में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अगुवाई में गठित इस कमेटी में ओपी चौधरी के अलावा असम की वित्त मंत्री स्मिता नेग, गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तमिलनाडु के वित्त मंत्री थांगम थिन्नारसु सदस्य बनाए गए हैं।
यह समूह कंपनसेशन सेस को समाप्त करने के बाद प्रभावी और समग्र कर प्रणाली विकसित करने के लिए विभिन्न कर प्रस्तावों पर विचार करेगा। परिषद ने इस बात पर जोर दिया था कि नया कर ढांचा न केवल राज्यों की वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि आर्थिक वृद्धि को भी बढ़ावा देगा। कंपनसेशन सेस के माध्यम से राज्यों को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इससे कई विकास परियोजनाओं को मदद मिलती है।
स्वच्छता ही सेवा 2024: महादेवघाट में चला वृहद स्तर पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का स्वच्छता अभियान
रायपुर। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), छत्तीसगढ़ राज्य इकाई, रायपुर द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2024 के तहत महादेव घाट पर मेगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर के विभिन्न संस्थानों और सरकारी संगठनों जैसे नगर निगम, दुर्गा कॉलेज, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की एनएसएस टीम, शहीद संजय यादव सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरुकुल महिला महाविद्यालय, डागा गर्ल्स कॉलेज और नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। जिन्होंने अभियान में सक्रिय रूप से योगदान दिया। अभियान में लगभग 400 प्रतिभागियों की भारी जन भागीदारी देखी गई। उनकी भागीदारी ने स्वच्छता और स्वच्छता को बढ़ावा देने में सरकार और नागरिक समाज की प्रतिबद्धता को उजागर किया। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने और स्वच्छ और हरित पर्यावरण के महत्व के लिए छात्रों द्वारा एक जीवंत "नुक्कड़ नाटक" आयोजित किया गया।
अभियान की शुरुआत सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वच्छता शपथ के साथ की गई, जिसके बाद सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) के खिलाफ जागरूकता फैलाई गई और महादेव घाट, रायपुर में सफाई अभियान चलाया गया। जिसके परिणामस्वरूप गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे का संग्रह और निपटान किया गया और साइट की समग्र सफाई की गई। इसने बदलाव लाने में सामुदायिक भागीदारी की शक्ति को प्रदर्शित किया। मानव श्रृंखला प्रदर्शन के माध्यम से जनता को नगर पालिका निगम की हेल्पलाइन नंबर 1100 के बारे में जागरूक किया गया। कुल मिलाकर लगभग 2 वर्ग किमी क्षेत्र की सफाई की गई और लगभग कुछ क्विंटल कचरे का निपटान किया गया।
अखिल भारतीय विद्युत मज़दूर महासंघ का रायपुर में राष्ट्रीय अधिवेशन 12 और 13 अप्रैल को
- छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ की बैठक कल्य़ाण भवन में संपन्न
- राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने का सभी ने लिया संकल्प
रायपुर। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ की रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र की कार्यसमिति की संयुक्त बैठक 29 सितंबर को गुढ़ियारी स्थित कल्याण भवन में संपन्न हुई। भारत माता, भगवान विश्वकर्मा एवं श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिसमें सर्वप्रथम नवनिर्वाचित कार्यसमिति के सदस्यों व पदाधिकारियों का परिचय हुआ। इसके बाद पूर्व कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा ने 01 सितंबर 2024 को हुए क्षेत्रीय अधिवेशन में आय-व्यय की जानकारी दी। साथ ही अभी तक कोष की जानकारी भी विस्तार में बताया। परमेश्वर कन्नौजे ने अध्यक्षीय उदबोधन दिया। संयुक्त कार्यसमिति को नरोत्तम धृतलहरे, बीएस राजपूत, अरुण देवांगन व हरीश चौहान ने संबोधित कर मार्गदर्शन दिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि रायपुर शहर क्षेत्र अंतर्गत अक्टूबर प्रथम सप्ताह में नगर संभाग उत्तर, नगर संभाग पश्चिम , नगर संभाग पूर्व, नगर संभाग मध्य में संभागीय बॉडी का गठन किया जाएगा। तदुपरांत द्वितीय सप्ताह में नगर संभाग साउथ , सिलतरा व उरला डिवीज़न की बॉडी का गठन होगा। इसी प्रकार रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में अटल नगर, रायपुर ओ एन्ड एम, धमतरी,कुरुद, राजिम, महासमुंद, बलौदा बाजार, गरियाबंद कसडोल, सरायपाली आदि कुल मिलाकर 12 संभागों में संभागीय कार्यसमिति का गठन अक्टूबर माह में करने का निश्चय किया गया। उक्त संबंध में आवश्यकतानुसार वरिष्ठ पदाधिकारियों, सदस्यों का सहयोग लेते हुए प्रवास करना तय हुआ।
सीधी बस सेवा शुरू राजधानी रायपुर से उज्जैन, काशी, और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए : यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी
रायपुर | राजधानी रायपुर से उज्जैन, काशी, और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए सीधे बस सेवा शुरू की जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे पहले राममंदिर प्राणप्रतिष्ठा के बाद रायपुर से अयोध्या के लिए भी डायरेक्ट बस सेवा शुरू की गई थी, जो अभी भी संचालित हो रही है।
स्वच्छ भारत मिशन एक शहरी कचरा प्रबंधन का ब्लू-प्रिंट : तोखन साहू