रायपुर
केआईटीजी 2026: कप्तान किरण ने छत्तीसगढ़ को फुटबॉल फाइनल में पहुंचाया
कम जगह में सुंदर दिखेंगे बिजली के हाईटेंशन टावर... राजधानी में विशाल टावर की जगह लगाना शुरू किया मोनो पोल
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राजधानी में जमीन की कमी को देखते हुए अब नई पारेषण लाइनों के विस्तार का काम मोनो पोल से करना आरंभ कर दिया है। इन मोनो पोल के माध्यम से अतिउच्च दाब लाइनों के केबल लगाए जाते हैं, जिसमें बहुत कम जमीन की आवश्यकता होती है और यह देखने में भी सुंदर होते हैं। राजधानी से लगे मेटल पार्क में 250 मीटर नई 132/33 केवी लाइन को मोनोपोल से विस्तारित करने का पहला प्रयोग किया गया, जिसे आज ऊर्जीकृत करके विद्युत सप्लाई आरंभ की गई।
इस उपलब्धि के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह एवं ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव के निर्देशन में यह कार्य संपादित किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि शहरों में सघन आबादी होने के कारण अतिउच्चदाब की लाइनें बिछाने में समस्या रहती है। लगातार शहर के विस्तार से जमीन की कमी रहती है। पुरानी पद्धति से ईएचटी टावर लगाने पर प्रति टावर एक से दो हजार वर्गफीट जगह जमीन की आवश्यकता होती है, जबकि मोनो पोल के लिए केवल 50 वर्गफीट जमीन की जरूरत पड़ती है। शहरी क्षेत्रों में टावर लगाने के लिए जमीन नहीं मिलती। इसके विकल्प के रूप में मोनोपोल तकनीक से अतिउच्च दाब लाइनों का विस्तार किया जाता है। यह सुंदर दिखने के साथ अधिक सुरक्षित भी होता है। इसमें सामान्य लोग चढ़ भी नहीं सकेंगे, जिससे टावर में चढ़ने जैसी घटनाएं नहीं होंगी।
राजधानी से लगे औद्योगिक क्षेत्र उरला-सिलतरा में मेटलपार्क स्थित 132/33 केवी सब-स्टेशन से नई लाइन खींची गई है, इसमें मोनोपोल का इस्तेमाल किया गया है। लगभग 100 फीट ऊंचे पोल से ईएचटी लाइन खींची गई है। ट्रांसमिशन कंपनी ने कैपिटल इंवेस्टमेंट प्लान के तहत अपने वित्त प्रबंधन से इसे तैयार किया है। इसमें 8 करोड़ रुपए की लागत आई है।
इसे मेटलपार्क सिलतरा में नवनिर्मित 132/33 केवी के उपकेन्द्र से जोड़ दिया गया है, जिससे विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालक निदेशक केएस मनोठिया, संजय पटेल, एमएस चौहान, वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता अब्राहम वर्गीश, प्रसन्ना गोसावी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में शहरी क्षेत्रों में इसी तरह के मोनो पोल लगाए जाएंगे। ताकि कम जगह में सुंदरता के साथ अतिउच्चदाब लाइनों का विस्तार किया जा सके।
राजकुमार कॉलेज में कॉफ़ी एंड कनेक्ट... बढ़ता स्क्रीन टाईम छीनता बच्चों की मुस्कुराहट पर चर्चा
रायपुर। राजकुमार कॉलेज रायपुर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक पैनल डिस्कशन एवं कक्षा छठवीं के अभिभावकों के लिए पीटीएम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था "बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाईम के कारण उनकी मुस्कुराहट छिन रही है, उन्हें पुनः सीखने के लिए कैसे प्रेरित करें?" कार्यक्रम का आरंभ कक्षा बारहवीं की छात्रा हरसिफत कौर ने पैनल के विशेषज्ञों और अभिभावकों के स्वागत से किया।
पैनल डिस्कशन के संचालक बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अरिंदम बैनर्जी थे। पैनल के विशेषज्ञों में डॉ.मनोज पांडे ने बताया कि तकनीक का उपयोग करना समस्या नहीं है बल्कि उस पर निर्भरता एक समस्या है, जब हम पर्यावरण से दूर हो जाते हैं तब मानव मस्तिष्क की सामान्य गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होती है।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. नकुल उप्पल ने बताया आज से 10 साल पहले उनके पास इलाज के लिए आने वाले अभिभावक और बच्चे अपनी बारी आने तक आराम से प्रतीक्षा करते थे या आपस में बातचीत करते थे पर आज वे प्रतीक्षा का समय अपने फोन पर बिताते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि फोन का अधिक उपयोग करने वालों के साथ दुर्घटनाएं भी अधिक होती हैं और वे जंक फूड का सेवन भी अधिक करते हैं जिसके कारण मोटापा, फैटी लीवर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप हो सकता है।
राजकुमार कॉलेज के प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल अविनाश सिंह ने कहा कि तकनीक का प्रयोग हमें अपने ज्ञान के विकास के लिए करना चाहिए न कि हमें उसकी लत होनी चाहिए, आज का युवा वर्ग सोशल मीडिया से अत्यधिक प्रभावित है।
डॉ. बाती पांडे ने अपने उद्बोधन में बताया कि डोपामाइन एक न्यूरो ट्रांसमीटर हॉर्मोन है, जब हम अपनी खुशी के लिए कोई कार्य करते हैं तब यह निकलता है और जब हम मोबाइल का उपयोग करते हैं तब ये हमारे मस्तिष्क में से बार बार निकलता है और व्यक्ति को इसके बार-बार उपयोग की लत लग जाती है परंतु इससे आपसी बातचीत, एकाग्रता कम होती जाती है। हमारे मस्तिष्क की संरचना एक समय में एक कार्य करने के लिए है और हम 60-60 सेकंड की रील देखकर अपने मस्तिष्क पर अनावश्यक दबाव डालते हैं और उसे भ्रमित कर देते हैं।
डॉ. सोनल शुक्ला ने बताया कि मोबाइल की नीली लाइट हमारी नींद के चक्र को भी बाधित करती है और विद्यालय में भी इसके कारण सिर दर्द, डिप्रेशन और पैनिक अटैक आ सकते हैं इसलिए इस समस्या के हल के रूप में 7-7-7 रूल अपनाना चाहिए, इसमें जब बच्चा सोकर उठता है तो उसे 7 मिनट तक अलग-अलग कामों में व्यस्त रखें फिर स्कूल के काम के बाद 7 मिनट उसके दिन के बारे में पूछें और रात को सोने से पहले 7 मिनट किताबें पढ़ने या दिन भर की बातें शेयर करने दें। केवल 30 मिनट का स्क्रीन टाईम दें और उसके बाद टहलना या किसी चीज़ को 30 फीट की दूरी से देखने जैसी गतिविधियाँ करवाएँ।
राजकुमार कॉलेज के शिक्षक अक्षय पीआर ने बताया कि जब हम सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं तो हमें अपने समय, श्रम और लक्ष्य का संतुलन बनाना आवश्यक है। राजकुमार कॉलेज के बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी इवान नरोहा ने कहा- हमारा युग ए.आई. का युग है। आज के बच्चे अंतर्मुखी होते जा रहे हैं, वे अपने अभिभावकों की बात नहीं मानते। इसके लिए उन्हें कुछ रचनात्मक कार्यों से जोड़कर माता-पिता को भी उनकी रुचि को पहचानते हुए उनके साथ सहभागी होने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में राजकुमार कॉलेज के प्राचार्य द्वारा सभी विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और मनोविज्ञान विभाग की प्रभारी श्रीमती शीतल सरना द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल: कोरिया मॉडल की प्रधानमंत्री ने की सराहना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए किया गया चयन, राज्य सरकार का आदेश जारी
रायपुर । छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा (नायब तहसीलदार) अधिकारियों के प्रशिक्षण को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। जिसके तहत तीन अधिकारियों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार रायगढ़ से गौरव आर्य, कोरबा से इशांत जयसवाल और बस्तर से सौदामिनी यदुवंशी को चयनित किया गया है, जिन्हें सहायक कलेक्टर के रूप में संबंधित जिलों में पदस्थ किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये अधिकारी प्रशिक्षण और कार्यभार ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे, वहीं उनके वेतन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए संबंधित जिला स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और नए अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता... अफवाहों से दूर रहने की अपील
रायपुर। पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोविड जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, अतः नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है तथा उच्च स्तरीय समिति द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और कलेक्टर नियमित समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण एवं आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है। उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है।
मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों अथवा कालाबाजारी की सूचना 1800-233-3663 पर दे सकते हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन को सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई।
सतरेंगा में जुटेंगी महिला पत्रकार, प्रकृति के बीच संवाद और सीख का संगम
रायपुर। प्रेस क्लब की एक सराहनीय पहल के तहत राजधानी की महिला पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल कोरबा के खूबसूरत पर्यटन स्थल सतरेंगा के शैक्षणिक और मनोरंजक भ्रमण के लिए रवाना हुआ। इस विशेष यात्रा का उद्देश्य महिला पत्रकारों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से थोड़ी राहत देते हुए उन्हें प्रकृति के बीच सकारात्मक, सुकूनभरा और प्रेरणादायक समय देना है।
रायपुर से इस यात्रा की शुरुआत सादगीपूर्ण लेकिन उत्साह से भरे माहौल में हुई। महिला पत्रकारों के इस टूर का नेतृत्व संयुक्त सचिव निवेदिता साहू कर रही है,, इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा और कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, सयुक्त सचिव भूपेंद्र जांगड़े ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जैसे सतत सक्रिय और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में काम करने वालों के लिए ऐसे आयोजन नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं।
इस भ्रमण में रायपुर की करीब 26 महिला पत्रकार शामिल हैं। सतरेंगा की हरियाली, शांत जलाशय और आकर्षक वाटर पार्क के बीच यह यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीखने, समझने और आपसी अनुभव साझा करने का एक बेहतर अवसर भी बनेगी। प्रतिभागी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ विभिन्न सामूहिक गतिविधियों और संवाद सत्रों में भी हिस्सा लेंगी, जिससे उन्हें अपने पेशेवर जीवन में नई दृष्टि और प्रेरणा मिलेगी।
इसी क्रम में आज शाम कोरबा में एक विशेष संवाद कार्यक्रम “आज की शाम चाय पर” का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में रायपुर की महिला पत्रकारों का दल कोरबा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों से मुलाकात करेगा। यह आयोजन शाम 5 बजे प्रेस क्लब, तिलक भवन, कोरबा में होगा, जहां दोनों शहरों के पत्रकार आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और समन्वय को मजबूत करेंगे।
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन न केवल आपसी रिश्तों को मजबूती देते हैं, बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देते हैं। भविष्य में भी इसी तरह के रचनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पत्रकारों को एक बेहतर मंच मिल सके, जहां वे सीखते हुए आगे बढ़ सकें।
इंडिगो की फ्लाइट में मची चीख-पुकार! विजाग से दिल्ली आ रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग
रायपुर। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापत्तनम से आ रहे इंडिगो के एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। तकनीकी खराबी के कारण आसमान में ही विमान का एक इंजन फेल हो गया था, जिससे प्लेन में सवार 161 यात्रियों की जान पर बन आई थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 579 ने सुबह 8:39 बजे विशाखापत्तनम (विजाग) से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। सफर शुरू होने के कुछ ही देर बाद अचानक विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई। गौरतलब है कि हवा में इंजन फेल होने की खबर मिलते ही विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
हालात बिगड़ते देख पायलट ने बिना वक्त गंवाए इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय किए और तुरंत दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया। आईजीआई एयरपोर्ट पर तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। रनवे नंबर 28 को पूरी तरह खाली कराकर हाई अलर्ट पर रखा गया। दमकल की गाड़ियाँ और एम्बुलेंस रनवे के पास तैनात कर दी गईं ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।
दरअसल, यह पायलट की बेहतरीन सूझबूझ ही थी कि उन्होंने सिंगल इंजन के सहारे विमान को संतुलित रखा और सुरक्षित रनवे पर लैंड कराया। विमान के जमीन छूते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि सभी 161 यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
आशीर्वाद भवन में 29 मार्च को आयोजित होगा सामूहिक उपनयन संस्कार
रायपुर। कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा कल 29 मार्च (रविवार) को बैरन बाजार स्थित आशीर्वाद भवन में सर्व ब्राह्मण समाज के बटुकों के लिए 'सामूहिक उपनयन संस्कार' का आयोजन किया जा रहा है। समाज के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा एवं सचिव राज कुमार दीक्षित ने बताया कि यह संस्कार विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा।
कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन समिति के सदस्यों को स्वागत, पूजन और अन्य मांगलिक कार्यों की अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु शशिकांत मिश्रा को संयोजक नियुक्त किया गया है। बैठक में अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, सचिव राज कुमार दीक्षित संरक्षक द्वय गिरजा शंकर दीक्षित, राजकुमार अवस्थी, शशिकांत मिश्रा संयोजक उपनयन समिति, सह-संयोजक प्रमोद कुमार मिश्रा, अनुराग पाण्डेय, प्रकाश अवस्थी, अशोक दीक्षित, आशीष बाजपेयी, लखन लाल बाजपेयी, गीता मिश्रा, अर्चना मिश्रा, अंजू पाण्डेय, स्वाति अवस्थी, रंजू त्रिवेदी, ममता त्रिवेदी, सत्यदेव तिवारी, राजेश त्रिवेदी, प्रभात मिश्रा (जूनियर) सहित बटुकों के अभिभावक उपस्थित रहें।
डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती.... केंद्र के फैसले का मुख्यमंत्री साय ने किया स्वागत
एक दूल्हे ने दो दुल्हनों संग लिए सात फेरे, शादी देखने उमड़ा पूरा गांव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केशकाल क्षेत्र से एक अनोखी शादी की तस्वीर सामने आयी है। फरसगांव ब्लॉक के बैलगांव में 24 मार्च को एक युवक ने एक नहीं बल्कि दो दुल्हनों के साथ सात फेरे लिए। केशकाल की इस शादी ने इलाके में अलग तरह की चर्चा शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक यह शादी 24 मार्च को केशकाल विधानसभा क्षेत्र क फरसगांव ब्लाक के बैलगांव में हुई। इस विवाह में खास बात यह रही कि दूल्हे और दोनों दुल्हनों की इस रिश्ते को लेकर पूरी सहमति थी। फिर क्या था तीनों परिवारों ने एक ही मंडप के नीचे आपसी समझ और सामाजिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। इसके बाद पूरे गांव और रिश्तेदारों की मौजूदगी में विवाह समारोह आयोजित किया गया।
बताया जा रहा है कि शादी से पहले बकायदा निमंत्रण पत्र भी छपवाए गए थे। जिनमें दुल्हे के नाम के साथ बकायदा दोनों दुल्हनों के नाम शामिल किए गए। इसी कार्ड के जरिए रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों को विवाह में शामिल होने का न्योता दिया गया था। गांव में जब लोगों को इस अनोखी शादी की जानकारी मिली, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण इस विवाह समारोह को देखने पहुंचे। विवाह की सभी रस्में पारंपरिक ढंग से पूरी की गईं।
हल्दी की रस्म से लेकर मंडप में होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों तक हर आयोजन उत्सव जैसा नजर आया। शादी के दौरान माहौल खुशी और उत्साह से भरा हुआ था और मेहमानों ने भी इस अवसर का भरपूर आनंद लिया। विवाह के बाद आयोजित कार्यक्रम में दूल्हा और दोनों दुल्हनों ने डीजे की धुन पर डांस भी किया। इस दौरान बारातियों और गांव के लोगों ने भी इस जश्न में हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इस तरह का विवाह देखा, इसलिए यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
छत्तीसगढ़ के गांव और शहरों में ऑनलाइन LPG सिलेंडर बुकिंग के लिए नए नियम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक ली। बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।
जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
गोवा के खेल मंत्री तावड़कर ने की सीएम साय से सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।
“एशियन गेम्स में पदक मेरा एक अधूरा सपना है,” केआईटीजी उद्घाटन पर बोलीं टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू
रायपुर। पिछले एक दशक से सैखोम मीराबाई चानू भारतीय वेटलिफ्टिंग का बड़ा नाम रही हैं। इस दौरान उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक, तीन विश्व चैंपियनशिप पदक और तीन कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीते हैं। लेकिन एक उपलब्धि अब भी उनसे दूर है—एशियाई खेलों का पदक। मीराबाई ने पहली बार 19 साल की उम्र में 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था, जहां वह नौवें स्थान पर रहीं। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स से उन्हें पीठ की चोट के कारण हटना पड़ा। 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में वह पदक के बहुत करीब पहुंचीं, लेकिन कूल्हे की चोट के कारण उनका सपना टूट गया। इस चोट के कारण वह लगभग पांच महीने तक खेल से बाहर रहीं। 31 वर्षीय मीराबाई ने इसके बाद शानदार वापसी की और 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया, जहां वह लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीतने से थोड़ा चूक गईं। अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स में पदक जीतने पर है।
मीराबाई ने कहा, “एशियन गेम्स मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां मेरा अधूरा सपना है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जो इसे और चुनौतीपूर्ण बनाता है।” उनके लिए एक बड़ी चुनौती वेट कैटेगरी बदलना भी है। वह आमतौर पर 49 किलोग्राम वर्ग में खेलती हैं, लेकिन नियमों में बदलाव के कारण अब उन्हें 48 और 49 किलोग्राम के बीच बदलाव करना होगा।
वह 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में खेलेंगी। इसके बाद 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी। उन्होंने साई मीडिया से कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं अपना वजन 48 किलोग्राम में रखूंगी, लेकिन उसके दो महीने बाद एशियन गेम्स 49 किलोग्राम में हैं, इसलिए मुझे फिर से बदलना होगा।”
मीराबाई ने 2026 सीजन की शुरुआत फरवरी में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप से की, जहां उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाया। कुल 205 किलोग्राम के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। मीराबाई ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत की सराहना करते हुए कहा कि यह दूर-दराज के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच है।
उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना गर्व की बात है। इससे दूर-दराज के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय क्षेत्रों में बहुत प्रतिभा है, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता।” उन्होंने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “इन केंद्रों में खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रेनिंग, पोषण और सुविधाएं मिलती हैं। यहां कई युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। ये केंद्र भारतीय खेलों को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।”
छत्तीसगढ़ में जनजातीय शक्ति का खेल महाकुंभ: देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ
रायपुर : छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।
कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय.... गैस आपूर्ति-प्राथमिकता के आधार पर होगा वितरण
रायपुर। प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक ली। बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।
जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी मेंस परीक्षा के लिए हुए चयनित
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का नतीजा जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आसानी से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इस बार 3,921 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) क्लियर किया है और ये सभी उम्मीदवार मेंस परीक्षा में शामिल होंगे।
बता दें कि 22 फरवरी 2026 को 265 पदों के लिए प्री परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा को 3921 अभ्यर्थियों ने क्लियर कर लिया है और ये सभी उम्मीदवार मेंस परीक्षा में शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की ओर से मेंस परीक्षा के लिए तारीख भी घोषित कर दी गई है।
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का आयोजन 16,17,18 और 19 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने साफ कहा है कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 के लिए सलेक्ट होने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है, इस संबंध में सूचना आयोग की ओर से जल्द जारी किया जाएगा।
सबसे पहले छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर state service prelims exam result 2025 लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने PDF फाइल खुल जाएगी। PDF डाउनलोड करें और उसमें अपना रोल नंबर सर्च करें।