रायपुर
छत्तीसगढ़ में कल से 4 दिनों तक होगी बारिश, इन इलाकों के लिए अलर्ट जारी
रविवार को भी बस्तर में कई जगहों पर हल्की बारिश हुई। राजधानी रायपुर में भी बूंदाबादी हुई। आसमान में हल्के बादल भी छाए रहे। रायपुर के माना में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6°C और सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया।
शिक्षण संचालनालय से 100 पदों की अंतरिम सूची जारी, 28 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति का मौका
रायपुर। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने स्पेशल एजुकेटर के 100 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अंतरिम पात्रता सूची जारी कर दी है। संचालनालय ने इस सूची को अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in पर अपलोड किया है। पात्र अभ्यर्थी इस सूची पर 28 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
संचालनालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 3 अक्टूबर को स्पेशल एजुकेटर (प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक) के 100 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर को मान्य एवं अमान्य आवेदनों की सूची प्रकाशित की गई थी। 22 एवं 23 अक्टूबर को अभ्यर्थियों से दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई थी।
दावा-आपत्ति समिति द्वारा सभी प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं निराकरण करने के बाद अब पात्र अभ्यर्थियों की अंतरिम सूची जारी की गई है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सूची में नाम शामिल होना चयन का आधार नहीं माना जाएगा।
अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे अपने दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेजों सहित स्वयं उपस्थित होकर लोक शिक्षण संचालनालय, प्रथम तल, खंड-सी, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करें। संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के आवेदन पूर्व में अमान्य घोषित किए जा चुके हैं, उनसे पुनः दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की नई मूर्ति स्थापित….
वहीं, प्रशासन ने वीआईपी चौक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाए। छत्तीसगढ़ महतारी की नई मूर्ति के पुनः स्थापना के साथ ही माहौल अब सामान्य बताया जा रहा है।
प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाली अनोखी पहल ‘गार्बेज कैफे’ को देशभर में मिली पहचान
रायपुर : मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।
मुख्यमंत्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ती को उखाड़ने पर भड़के CM साय, बोले- आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा
घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है. सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू ने बताया कि पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आईटीएमएस के जरिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके.
छत्तीसगढ़ के सभी मंदिर होंगे पॉलीथिन मुक्त, रायपुर में 125 मंदिरों के पुजारी – महंतों की ऐतिहासिक बैठक संपन्न
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महंत, पुजारी और सदस्यों ने पॉलीथिन मुक्ति का संकल्प लिया। ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने घोषणा की कि यह अभियान 16 चरणों में निरंतर रूप से व्हाइट विंग के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। आगामी चरणों में व्यापारियों, सार्वजनिक भवनों, स्कूल-कॉलेजों, विभिन्न समाजों की समितियों, जनप्रतिनिधियों और शासकीय अधिकारियों की बैठकें भी आयोजित की जाएँगी।
प्रयागराज के लिए रायपुर से नहीं अब बिलासपुर से भरी जाएगी उड़ान
रायपुर। छत्तीसगढ़ से हवाई उड़ान के जरिये प्रयागराज की यात्रा करनी है तो अब आपको बिलासपुर एयरपोर्ट आना होगा। विमानन कंपनी ने रायपुर की फ्लाइट बंद कर दिया है। बिलासा एयरपोर्ट बिलासपुर से दिल्ली, जबलपुर, प्रयागराज की फ्लाइट 26 अक्टूबर से विंटर शेड्यूल के तहत उड़ान भरेगी। रायपुर से प्रयागराज के लिए चलने वाली फ्लाइट का को इंडिगो एयरलाइन्स ने बंद करने का निर्णय ले लिया है।
प्रयागराज जाना है तो बिलासपुर एयरपोर्ट से ही उड़ान भरना होगा।।प्रयागराज की यात्रा के लिए प्रदेशभर के लोगों को बिलासपुर से फ्लाइट पकड़नी पड़ेगी। विंटर शेड्यूल के लिए अलायंस एयर द्वारा बिलासपुर से दिल्ली के बीच केवल सप्ताह में 3 उड़ान उपलब्ध कराई जाएगी। कोलकाता जाने वालों को बुवार और गुरुवार को फ्लाइट मिलेगी। विटर शेड्यूल 26 अक्टूबर से 28 मार्च के बीच लागू होगा।
अलायंस एयर ने सप्ताह में 4 दिनों के लिए शेड्यूल जारी किया है। सोमवार से बुधवार को दिल्ली के लिए फ्लाइट मिलेगी, यह फ्लाइट व्हाया रूट से होकर जाएगी। बुधवार व गुरुवार को बिलासपुर से कोलकाता की फ्लाइट मिलेगी। शुजरवार, शनिवार और रविवार को कोई फ्लाइट नहीं आएगी। बिलासपुर से जबलपुर और प्रयागराज के लिए भी उड़ानों की संख्या में कमी कर दी गई है।
विंटर शेड्यूल के अनुसार फ्लाइट दिल्ली से बिलासपुर पहुंचने के बाद जबलपुर के लिए उड़ान भरेगी, इसके बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा। लौटते हुए वहां से जगदलपुर से सीधा जबलपुर होते हुए दिल्ली चली जाएगी।
बस्तर ओलंपिक 2025: रस्साकसी प्रतियोगिता में ईरकभट्टी के महिलाओं ने मारी बाजी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'बस्तर ओलंपिक 2025' का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी। उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
चार दिवसीय छठ महापर्व आज से शुरू, महादेव घाट की सफाई का काम पूरा
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर 16 वाहन जब्त
छठ पूजा को लेकर रायगढ़ के बाजारों में रौनक, पूजन सामग्री की खरीदारी में जुटे श्रद्धालु
राज्यपाल रमेन डेका ने दुगली में वनधन विकास केन्द्र का किया अवलोकन, महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना की
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“स्वच्छता ही सेवा” अभियान के तहत वृहद स्वच्छता अभियान संपन्न
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र में जारी “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत टी.ए. बिल्डिंग परिसर में वृहद स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग के सभी कार्मिकों ने एकजुट होकर श्रमदान किया और परिसर को स्वच्छ, सुसज्जित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं एवं निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व) श्री उत्पल दत्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने महाप्रबंधक (टीएसडी–जन स्वास्थ्य विभाग) श्री के. के. यादव की जन-जागरूकता बढ़ाने में निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि “स्वच्छता का यह महायज्ञ तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी भागीदारी निभाए।”
अभियान के दौरान जन स्वास्थ्य विभाग के अपशिष्ट प्रबंधन संस्थान (एस.एल.आर.एम. सेंटर), नेवई द्वारा कचरे से निर्मित उच्च गुणवत्ता वाले ऑर्गेनिक खाद का नि:शुल्क वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्रोत स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व को बढ़ावा देना तथा बागवानी प्रेमियों को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराना था।
इस वृहद स्वच्छता अभियान की परिकल्पना एवं संचालन महाप्रबंधक (टीएसडी–जन स्वास्थ्य विभाग) श्री के. के. यादव के मार्गदर्शन में किया गया। “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों और परिसरों में नियमित रूप से सफाई अभियान, कचरा पृथक्करण, वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं, जिससे कर्मियों में स्वच्छता के प्रति सजगता और उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया जा सके।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (टीएसडी) राघवेंद्र गर्ग, वाईके साहू, सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जया रॉय, सहायक महाप्रबंधक (जन स्वास्थ्य विभाग) रमेश गुप्ता, उप प्रबंधक (जन स्वास्थ्य विभाग) मिलिंद कुमार बंसोड एवं विवेक मिश्रा, सहायक प्रबंधक स्वर्ण लता साहू, देवानंद चौहान, इंस्पेक्टर नागराजू, तथा जितेन्द्र वर्मा, प्रकाश बंछोड़, शरत, सुभास चंद्र महाराणा, वीसी लहरे, सुश्री नीना मलिक, शिखा ताम्रकार और ए. सुजाता सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
17वें रोजगार मेले के तहत रायपुर में 95 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे रोजगार सृजन अभियान के तहत आज देशभर में 40 स्थानों पर एक साथ आयोजित 17वें रोजगार मेला के दौरान राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में 95 चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के सभागार में आयोजित किया गया, जिसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ डाक मंडल (Chhattisgarh Postal Circle) ने की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (गृह एवं शहरी कार्य मंत्रालय) तोखन साहू ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में मोतीलाल साहू, विधायक रायपुर ग्रामीण, सुवेंदु स्वैन, मुख्य डाकपाल (छत्तीसगढ़ परिमंडल) तथा लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल, कार्यकारी निदेशक, एम्स रायपुर सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।
रायपुर के इस रोजगार मेले में 7 केंद्रीय विभागों- डाक विभाग, गृह मंत्रालय (सीआरपीएफ), रेल मंत्रालय, एम्स रायपुर, वित्तीय सेवा विभाग/एसएलबीसी, भारतीय खाद्य निगम तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें से 54 उम्मीदवार छत्तीसगढ़ राज्य से तथा शेष अन्य राज्यों से हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के चयनित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह रोजगार मेला देश के युवाओं को “आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से अब तक 11 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह 17वां रोजगार मेला देशभर में एक साथ आयोजित हुआ है, जिसके अंतर्गत आज 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह “प्रधानमंत्री का विकास मॉडल” और “विकसित भारत 2047” की दिशा में एक ठोस कदम है। श्री साहू ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना और अवसर सृजन करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने आगे कहा कि “रायपुर में आयोजित इस रोजगार मेले में आकर मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है, जहाँ हमारे युवा साथी अपनी कड़ी मेहनत के फलस्वरूप नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। यह पल न केवल उनके लिए, बल्कि हम सबके लिए गर्व का क्षण है। हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने और रोजगार सृजन के प्रति पूरी तरह समर्पित है।” कार्यक्रम के दौरान चयनित युवाओं के चेहरों पर उत्साह और गर्व झलक रहा था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पहल को अपने सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया।
रायपुर एम्स का यह आयोजन न केवल युवाओं के सपनों को साकार करने का प्रतीक बना, बल्कि केंद्र सरकार के रोजगार सृजन अभियान की सफलता की एक और मजबूत मिसाल साबित हुआ।
राज्योत्सव में प्रधानमंत्री का आगमन प्रदेश के लिए गौरव का अवसरः मुख्यमंत्री साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।
छठ पूजा से पहले महादेवघाट में नगर निगम का विशेष सफाई अभियान, लगाई गई पोकलेन मशीन