रायपुर
कार्यों में लापरवाही पर शासन की कड़ी कार्रवाई... कुम्हारी नपा सीएमओ निलंबित
सर्वधर्म सभाः संकट की घड़ी में हमारी एकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत
रायपुर। वर्तमान में चल रहे तनावपूर्ण परिस्थिति में सभी धर्मो, समाजों एवं सम्प्रदायों के बीच शांति, सौहार्द एवं एकजुटता के उद्देश्य से आज राजभवन के दरबार हॉल में राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में सर्वधर्म सभा आयोजित की गई। सभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित थे। इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति केवल सीमाओं पर युद्ध की चुनौती नहीं है बल्कि यह हमारे समाज की एकजुटता, हमारी संस्कृति की सहिष्णुता और हमारे नागरिकों की जागरूकता की परीक्षा भी है। हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम समाज में संयम, शांति और सद्भाव को बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि जब हमारा राष्ट्र संघर्ष से गुजर रहा हो तो केवल सीमाओं पर तैनात हमारे सैनिक ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक की चेतना, एकता और संकल्प ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। डेका ने कहा कि सदियों से भारत एक ऐसा देश रहा है जिसने विविधताओं को अपनाया है। जहां पूजा की विधियां भले ही भिन्न हो पर मानवता की मूल भावना सभी में एक समान है। जब-जब देश पर संकट आया है हर धर्म, हर जाति, हर वर्ग के लोग कंधे से कंधे मिलाकर खड़े हुए हैं। वर्ष 1965 और 1971 के युद्ध हो या 1999 का कारगिल का संघर्ष हर बार हमारे देश ने यह सिद्ध किया है कि हम किसी धर्म, सम्प्रदाय या भाषा के नाम पर विभाजित नही हो सकते। देश में हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध और अन्य सभी धर्मो के लोग मिलजुल कर रहते है। छत्तीसगढ़ भी इस सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत उदाहरण है।
डेका ने छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की कि वे एकजुट रहंे शांति और सौहार्द बनाएं रखें। अभी यह सोचना है कि देश व समाज को क्या दे सकते है। हमें एकजुट होकर देश के लिए खड़ा होना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत देश सत्य, अहिंसा और शांति का पुजारी है। आज के इस बैठक में सभी धर्म के प्रतिनिधियों ने एकता का संकल्प दोहराया है। इस घड़ी में हम सभी को यह दिखाना है कि हम एकजुट है और देश के सैनिकों के अदम्य साहस को हम प्रणाम करते है। हमारी सेना के जवानों ने आंतकियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हमें बहुत सचेत रहने की जरूरत है। ऐसे समय में असामाजिक तत्व भी लाभ उठाने का प्रयास करते है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया में आ रही भ्रामक सूचनाओं से भी जनमानस को सतर्क रहने कहा।
सभा में विभिन्न धार्मिैक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए देश की एकता और अखंडता पर जोर दिया। शांति एवं सद्भाव बनाएं रखने के लिए एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करने तथा शासन एवं प्रशासन के हर निर्देशों का पालन करने की बात कही।
सर्वधर्म सभा में जैन समाज के चंद्रेश शाह, शदाणी दरबार के युधिष्ठिर महाराज, ब्रम्हाकुमारी शांति सरोवर की सविता बहन, सिक्ख समाज के सरदार अमरिक सिंह, बोहरा समाज के फिरोज गांधी, ब्राम्हण समाज के दीवाकर तिवारी, बौद्ध समाज के भंते डॉ. जीवक, रामकृष्ण मिशन के किशोर महाराज, भारत सेवा संघ के स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज, बिशप डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ की सुषमा कुमार, गायत्री परिवार के दिलीप पाणिग्राही, मुतवल्ली जामा मस्जिद के अब्दुल फहिम और कालीबाड़ी बंगाली समाज के रंजन बनर्जी ने अपने विचार व्यक्त किए। पहलगाम आंतकी हमले और युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले नागरिको की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
लक्ष्मी नारायण कन्या स्कूल का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट
रायपुर। बोर्ड परीक्षा में राजधानी स्थित लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। विद्यालय के बच्चों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया।
विद्यालय की प्राचार्य मनीषा गहोई ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में 12वीं वाणिज्य संकाय की छात्रा हर्षिका यादव ने 88.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किया। वहीं विज्ञान संकाय की दिव्या प्रधान ने 85 फीसद और कला संकाय से गीतांजलि पटेल ने 82.8 फीसद अंक प्राप्त किया।
प्राचार्य ने आगे बताया कि इसी तरह 10वीं में तनुश्री साहू ने 94.5 फीसद अंक, सारिका ने 92.5 और माधवी ने 91 फीसद अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढाया है। 90 फीसद से अधिक अंक प्राप्त करने का भी अनेक छात्राओं ने रिकॉर्ड बनाया।
देश के पहले हाइड्रोजन फ्यूल ट्रक को सीएम साय ने दिखाई हरी झंडी... ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित अपने निवास परिसर से देश के पहले हाइड्रोजन फ्यूल लॉजिस्टिक ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को चाबी सौंपी और इस अभिनव पहल के लिए सीएसपीजीसीएल और अडानी नैचरल रिसोर्सेस को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ और देश को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर करने वाला क्रांतिकारी कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार विकास कर रहा है और इसमें आज एक नया आयाम जुड़ा है। भारत के पहले हाइड्रोजन फ्यूलड लॉजिस्टिक ट्रक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस है और उन्होंने वर्ष 2070 तक भारत को शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन साधने में भी यह कदम मददगार होगी।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा समृद्ध प्रदेश है और इस ट्रक का उपयोग खनिज परिवहन में होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। साय ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ संभव हैं और ऐसी पहल से हमारे संकल्प को और मजबूती मिलेगी।
इस मौके पर अडानी एंटरप्राइजेज के नैचरल रिसोर्सेस के सीईओ डॉ. विनय प्रकाश ने भी अपने विचार साझा किए और इस पहल को खनन क्षेत्र में सतत विकास के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक संजीव कटियार और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी से यह ट्रक तैयार किया गया है और इसमें ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का उपयोग होगा। इसके अंतर्गत माल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बैटरी से चलने वाले ट्रक विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक ट्रक स्मार्ट तकनीक और तीन हाइड्रोजन टैंक से लैस होगा, जिसमें 200 किलोमीटर की दूरी तक 40 टन तक का माल ले जाने की क्षमता होगी। प्रदेश में हरित भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और अदाणी नैचरल रिसोर्सेस ने यह साझा प्रयास किया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा रायगढ़ जिले के गारे पेल्मा-3 कोल ब्लॉक से राज्य की विद्युत उत्पादन इकाई तक कोयला परिवहन में इसका उपयोग किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ की देशकर एडवरटाइजिंग को मिला दो निऑन अवॉर्ड्स
रायपुर। e4m Neons OOH Awards, एक्सचेंज4 मीडिया द्वारा आयोजित आउट-ऑफ-होम विज्ञापन में रचनात्मकता, रणनीति और प्रभाव के आधार पर सर्वश्रेष्ठ कार्य को सम्मान देने के लिए छत्तीसगढ़ की देशकर एडवरटाइजिंग को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। निऑन अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन 8 मई को मुंबई में किया गया। देशकर एडवरटाइजिंग को यह राष्ट्रीय पुरस्कार बेस्ट रीजनल आउटडोर कैंपेन के श्रेणी में मिला है।
देशकर एडवरटाइजिंग का यह दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार है, पूर्व में भी एक राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। राज्य की पहली एडवरटाइजिंग एजेंसी है जिसे दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। बतादें कि इस पुरस्कार का उद्देश्य OOH विज्ञापन क्षेत्र में रचनात्मकता को बढ़ावा देना और बेहतरीन मार्केटिंग प्रयासों को मान्यता देना है। यह पुरस्कार 8 प्रमुख श्रेणियों में विभाजित है और इस वर्ष, निर्णायक मंडल के अध्यक्ष टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के पुनीत दास थे।
एक सफल अधिकारी वही होता है जो पहल करता है, संवाद करता है और समाधान तक पहुँचता हैः मुख्यमंत्री
मोहिनी एकादशी पर महाराष्ट्र मंडल ने किया विष्णु सहस्त्र नाम पाठ
प्रत्येक एकादशी को होने वाला ऑनलाइन पाठ आध्यात्मिक समिति की ओर से लगातार 16वीं एकादशी पर जारी रहा
रायपुर। वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी अर्थात गुरुवार को महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से सुबह ऑनलाइन विष्णु सहस्त्र नाम पाठ किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समिति की सदस्यों के अलावा कई श्रद्धालुओं ने भी अपनी सहभागिता निभाई।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की इंदिरा एकादशी यानी गत वर्ष 28 सितंबर से ऑनलाइन शुरू किया गया विष्णु सहस्त्र नाम पाठ का यह क्रम प्रत्येक माह एकादशी पर इसी तरह जारी रहता है। लगातार 16वीं एकादशी पर नौ मई को यह पाठ आध्यात्मिक समिति की मंजूषा मरकले ने करवाया। विष्णु सहस्त्र नाम पाठ करने वालों में संध्या खंगन, अलकनंदा नारद, हेमा पराडकर, अंजलि नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, अंजलि खेर, श्यामल जोशी, दीपांजलि भालेराव, अनघा ढेकने, रोहिणी नेने, हेमंत मार्डीकर, शताब्दी पांडे, अंजलि खेर, मंजिरी अलोणी के अलावा कई और भक्ततगण शामिल रहे।
नष्ट होती है घर की नकारात्मक ऊर्जा
आस्था काले के अनुसार विष्णु सहस्त्र नाम का वर्णन महाभारत के अनुशासन पर्व में मिलता है। इसे भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को सुनाया था। शास्त्रों में उल्लेखित है कि इसका नियमित पाठ करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। भौतिक सुख- सुविधाओं का लाभ मिलता है। पापों का नाश होता है। इसके पाठ से रोग, शोक, भय, चिंता, दरिद्रता, ग्रह दोषों की समाप्ति होती है। आस्था ने जोर देकर कहा कि सबसे महत्वपूर्ण, विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करने से चित्त की शुद्धि होती है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। विष्णु सहस्त्र नाम पाठ भक्त को भगवान के समीप लाता है। एकादशी के दिन पाठ करने से विष्णु भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
सीजी बोर्ड: संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की तीन छात्राएं मेरिट लिस्ट में
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सीजी बोर्ड की परीक्षाओं में तीन बच्चियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। दसवीं की परीक्षा में पूर्वी साहू ने मेरिट लिस्ट में आठवें और वर्षा परिडा नौंवे स्थान पर है। वहीं बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में रुचिका साहू प्रावीण्य सूची में सातवां स्थान पर हैं। स्कूल के संपूर्ण परीक्षा परिणाम उत्साहित करने वाले हैं।
दसवीं बोर्ड में 98 फीसदी अंक के साथ आठवां स्थान हासिल करने वाली पूर्वी साहू ने गणित में 100 में 100 अंक हासिल किए। फिर भी वे आगे कॉमर्स लेकर पढ़ाई करेंगी। तीन बहनों में सबसे छोटी पूर्वी ने कहा कि वे शुरू से ही तीन- चार घंटे पढ़ाई करतीं थी इसलिए परीक्षा करीब आने पर उन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं था। पढ़ाई करते हुए जब वे उबने लगतीं थीं तो सोशल मीडिया पर जातीं थीं। शतरंज खेलकर भी पूर्वी फ्रेश हो जाती हैं। इतना शानदार परीक्षा परिणाम लाने के पीछे स्कूल के स्टाफ के साथ घर में बहनों और मम्मी- पापा का पूरा सहयोग मिला। भविष्य में वे सीए बनना चाहती हैं।
दसवीं बोर्ड में ही 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेरिट लिस्ट में नौंवा स्थान हासिल करने वाली वर्षा परिडा ने तीन विषयों इंग्लिश, मैथ्स और सोशल स्टडी में 99 अंक हासिल किए। उन्होंने शिक्षकों के सहयोग से अपने हिंदी व अंग्रेजी ग्रामर को ठीक किया। एसएसटी में बेसिक कॉंसेप्ट के साथ परीक्षा की तैयारी की। मम्मी- पापा का भी सहयोग बना रहा। वे बैडमिंटन खेलकर व पेंटिंग करने के लिए अपने मूड को फ्रेश करतीं हैं। आगे वे बीकॉम और एलबीबी करने के बाद कंपनी सेक्रेटरी की तैयारी करना चाहती हैं।
बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में मेरिट लिस्ट में सातवां स्थान हासिल करने वाली रुचिका साहू को रात में ही करीब चार घंटे पढ़ाई करना पसंद है। दिन में जल्दी उठना होता नहीं है और स्कूल जाने की तैयारी में समय हो जाता है। दो बहनों में छोटी रुचिका आज तक कोचिंग में पढाई नहीं की। परीक्षा की तैयारी में प्राचार्य मनीष गोवर्धन के योगदान को वह विशेष बताते हुए कहतीं हैं मेरी हर समस्या को उन्होंने ही सुलझाया और बताया कि परीक्षा की योजनाबद्ध तैयारी कैसे करनी है।
12वीं के मेरिट लिस्ट में महज एक अंक से चूकने वाली नेहा साहू कहतीं है कि उनकी कैचिंग कैपिसिटी सुबह अच्छी होती है इसलिए वे सुबह तीन- चार घंटे पढ़ाई करतीं हैं। रात को रिवीजन करना ठीक लगता है। कॉमर्स की स्टूडेंट नेहा ने बताया कि स्कूल का स्टाफ, खासकर प्राचार्य गोवर्धन, आराधना लाल का मार्गदर्शन उनकी सफलता का अहम हिस्सा है। दिमाग भारी होने पर नेहा सोशल मीडिया पर एकाध घंटे बिताती हैं। इससे वे फ्रेश महसूस करतीं हैं। स्पोर्ट्स में उनकी रुचि नहीं है, बल्कि पेटिंग, मेहंदी डिजाइनिंग का शौक है।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि 43 वर्षीय संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने इस बार सीजी बोर्ड की परीक्षाओं में जो ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है, वह उल्लेखनीय व उत्साहवर्धक है। काले ने मेरिट में आने वाले बच्चों सहित सभी सफल विद्यार्थियों और पूरे स्टाफ को बधाई दी है और उज्जवल भविष्य की कामना की है।जो बच्चे अपेक्षित सफलता से कुछ पीछे रह गए हैं। उन्हें काले ने नए सिरे से तैयारी करने की सीख देते हुए कहा कि उनकी सफलता का समय बहुत जल्दी आ जाएगा। प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए स्कूल की अनुशासित पढ़ाई व्यवस्था, शिक्षकों के अथक परिश्रम और बच्चों के फोकस्ड प्रिपरेशन, स्टडी प्लानिंग और एक्सीक्यूशन को दिया है। गोवर्धन ने बताया कि बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में नेहा साहू एकमात्र अंक से मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने से चूक गई हैं। हम उनके दो विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का रिवेल्यूवेशन कराएंगे। हमें उम्मीद है कि नेहा को भी प्रावीण्य सूची में स्थान मिल जाएगा।
रायपुर : 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित : बालिकाओं ने मारी बाजी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा 2025 के परिणाम जारी किए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल के वेबसाइट में परीक्षा परिणाम अपलोड किया। वर्ष 2025 की हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के परीक्षा में बालिकाओं ने अपना परचम लहराया है। 10वीं की परीक्षा में 80.70 प्रतिशत और 12वीं की परीक्षा में 84.67 प्रतिशत बालिकाओं ने सफलता प्राप्त की है। दोनों परिक्षाओं में बालकों का प्रतिशत क्रमशः 71.39 और 78.07 रहा है। 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में कांकेर जिले के बच्चों ने प्रथम स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सफल हुए विद्यार्थियों और उनके पालकों को बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। किन्ही कारणों से असफल रहने वाले विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे फिर से दुगुनी मेहनत और दुगुनी लगन के साथ तैयारी करें और अगले परीक्षा में अवश्य सफल होंगे।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल सर्टिफिकेट (10वीं) की मुख्य परीक्षा में कुल तीन लाख 23 हजार 94 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। उनमें से एक लाख 45 हजार 141 बालक और एक लाख 77 हजार 953 बालिकाएं हैं। इनमें से कुल तीन लाख 21 हजार 299 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए। जिसमें कुल दो लाख 45 हजार 913 (कुल 76.53 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इसी तरह हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट (12वीं) की परीक्षा में कुल दो लाख 38 हजार 626 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिनमें से एक लाख एक हजार 184 बालक और एक लाख 37 हजार 442 बालिकाएं हैं। इनमें से कुल एक लाख 94 हजार 906 (81.87 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में जारी कैंप में रिंग फाइटर बहा रहे पसीना
महाराष्ट्र मंडल के सभासद व राष्ट्रीय पदक विजेता युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण
कैंप के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की बनेगी छत्तीसगढ़ राज्य टीम, जो 22 मई को हैदराबाद में अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए होगी रवाना
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में जारी रिंग फाइट कैंप में खिलाड़ियों को हर स्तर और हर राउंड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभिन्न स्कूलों के प्रतिभागी कैंप में प्रशिक्षकों की देखरेख में जमकर पसीना बहा रहे हैं।
मंडल की खेल समिति के वरिष्ठ सदस्य और कैंप के प्रशिक्षक ओपी कटारिया ने बताया कि रिंग फाइट में तीन प्रकार की फाइट होती है। रस्सा खींच, जिसमें खिलाड़ी 22 व 30 सेकंड में अपने प्रतिस्पर्धी को अपनी ओर खींचकर लाता है। इसी तरह पंचेस फाइट, इसमें दो मिनट में खिलाड़ी एक- दूसरे के फेस पर पंच बरसाते हैं। तीसरा राउंड ऑल किक्स का होगा। इसमें प्रतिभागी प्रतिस्पर्धी पर दो मिनट में ही फ्री स्टाइल की फाइटिंग करेंगे। कटारिया ने बताया कि कैंप में बिल्कुल इसी तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह पंचेस फर्स्ट एंड ऑल किक्स का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
कटारिया ने बताया कि स्कूल परिसर में मोटी रस्सी से प्रतिभागियों को रस्सा खींचना का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह रेत के बैग को लटका कर खिलाड़ियों को फेस पंचिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। ऑल किक्स और पंचेस फर्स्ट एंड ऑल किक्स के लिए हमारे प्रशिक्षक संसाधन जुटाकर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। कैंप में प्रतिभागियों का समर्पण और मेहनत कमाल है और हमें उम्मीद है कि हैदराबाद में 23 मई से होने वाले अंतरराज्यीय रिंग फाइट चैंपियनशिप में इसका प्रभाव दिखाई देगा।
ओपी के मुताबिक कैंप में संत ज्ञानेश्वर स्कूल के खिलाड़ियों सहित स्वामी आत्मानंद स्कूल, गवर्नमेंट स्कूल सहित अनेक शालाओं के खिलाड़ी इसमें शामिल हो रहे हैं। अभी भी कई रिंग फाइट के इच्छुक खिलाड़ी शिविर में शामिल होने के लिए यहां पहुंच रहे हैं और उनकी योग्यता को परखने के बाद ही उन्हें कैंप में शामिल किया जा रहा है। इससे पहले टीम की 22 मई को हैदराबाद जाने के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गईं हैं।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष व खेल समिति की समन्वयक गीता दलाल के अनुसार कैंप में जो खिलाड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं, उनमें से चयनित खिलाड़ियों की टीम कैंप के समापन पर उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के आधार पर घोषित की जाएगी। यही टीम प्रथम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बंगलादेश, श्रीलंका, नेपाल, इराक जैसे देशों की टीमें शामिल होंगी। गीता के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता हैदराबाद में 23 से 26 मई तक आयोजित की जा रही है।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में रिंग फाइट कैंप में ऑल किक्स का प्रशिक्षण लेते खिलाड़ी। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में रिंग फाइट कैंप में फेस पंचिंग का अभ्यास करते प्रतिभागी बच्चे। रस्सा खींच में जोर आजमाइश करते प्रशिक्षु खिलाड़ी।
मुख्यमंत्री साय ने आकांक्षा विद्यालय में नीट जेईई कोचिंग के विद्यार्थियों से किया संवाद
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर चांपा जिले में आकांक्षा विद्यालय में जेईई और पीएससी कोचिंग प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के साथ आत्मीय वार्तालाप करते हुए परीक्षा की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार नहीं बल्कि सफल जीवन का माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आकांक्षा विद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही कोचिंग सुविधाओं की सराहना की और छात्रों को उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और छात्रों की सफलता के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत वे शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे हैं। उन्होंने आकांक्षा आवासीय विद्यालय से चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। इंजीनियरिंग मेडिकल सहित सारी शिक्षण संस्थाएं यहां पर मौजूद हैं। दिल्ली में यूपीएससी की कोचिंग के लिए छात्रावास में बच्चों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई गई ।
इसके साथ-साथ पढ़ाई का बेहतर माहौल देने प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर बनाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री साय ने आकांक्षा आवासीय विद्यालय के बच्चों के साथ भोजन किया। श्री साय ने कहा कि सुशासन के माध्यम से आम जनों से किया गया संवाद निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को एक नई दिशा देगा।
गौरतलब है कि सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने इंजीनियरिंग एवं मेडिकल में प्रवेश परीक्षा, पीएससी, व्यापम, रेलवे एसएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग के लिए जांजगीर चांपा जिले में आकांक्षा कार्यक्रम की शुरुआत 2018 में की गई थी। आकांक्षा आवासीय विद्यालय में प्राप्त कोचिंग के माध्यम से अब तक 90 से अधिक बच्चे जेईई एवं नीट परीक्षा में सफल हो चुके हैं। आकांक्षा कार्यक्रम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ नोट्स किताबें एवं अन्य आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई जाती हैं।
RTE Admission 2025-26 : आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा के लिए पहले चरण की लॉटरी
RTE Admission 2025-26: रायपुर। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए आरटीई पोर्टल के माध्यम से प्रथम चरण की लॉटरी प्रक्रिया सोमवार को लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर में शुरू हुई. यह प्रक्रिया 5 मई से 6 मई 2025 तक चलेगी.
पहले दिन कुल 23 जिलों के 44,054 सीटों पर लॉटरी निकाली गई. शेष 10 जिलों की लॉटरी प्रक्रिया 6 मई को पूरी की जाएगी. उसके बाद स्कूल में दाख़िला की प्रक्रिया सात मई से 30 मई तक की होगी.
दूसरे चरण की पूरी शेड्यूल
इच्छुक पालक 20 जून से 30 जून 2025 तक आरटीई पोर्टल के माध्यम से नए आवेदन कर सकेंगे. इसके बाद 1 जुलाई से 8 जुलाई के बीच दस्तावेजों की जांच की जाएगी. योग्य आवेदकों के लिए लॉटरी प्रक्रिया 14 और 15 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसके बाद चयनित छात्रों का स्कूलों में दाख़िला 18 जुलाई से 31 जुलाई तक किया जाएगा.
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, उप संचालक आशुतोष चौरे, सहायक संचालक महेश नायक, आरटीई सेल के अधिकारी, प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन से राजीव गुप्ता, पालकगण एवं पालक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
बता दें कि आरटीई के तहत राज्य सरकार निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले इन बच्चों की पढ़ाई का संपूर्ण खर्च वहन करती है. यह दाखिला स्कूलों में दर्ज छात्र संख्या के अनुसार 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर दिया जाता है.
सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री ने ली सक्ती जिले में योजनाओं की ग्राउंड रिपोर्ट, बोले, आवास योजना
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने आज सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत सक्ति जिले के ग्राम करिगांव का दौरा किया। यहां उन्होंने पीपल के वृक्ष के नीचे खाट पर बैठकर चौपाल लगाई। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करते हुए अपनी समस्याएं, सुझाव और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल आधार जनसुनवाई और जनसरोकार से जुड़ाव है और आज की यह चौपाल उसी दिशा में एक कदम है।
चौपाल के उपरांत मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी सोनाई बाई के निर्माणाधीन आवास पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखी और परिवार से बातचीत करते हुए योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने हितग्राही से पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि मिल रही है। इस पर सोनाई बाई ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से यह राशि प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने देखा कि उनके घर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल से जल आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि अब तो आपके घर तक पानी भी पहुंच रहा है, यह हमारे गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने भारतमाला परियोजना के निर्माण का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों से गुणवत्ता की ली जानकारी
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज अचानक निर्माणधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का औचक निरीक्षण करने अभनपुर पहुंचे, यहां उन्होंने निर्माणधीन ओवरब्रिज एवं सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान भारत माला प्रोजेक्ट एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सबसे पहले अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज कार्य का औचक निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता की जानकारी ली।
साथ ही कार्य को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने की बात कही। इस दौरान अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट कार्य की संपूर्ण जानकारी दी।
भू-अधिग्रहण से प्रभावित 86 युवाओं को मिला रोजगार
रायपुर । महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के जरही कपसरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) भटगांव क्षेत्र के अंतर्गत भू-अधिग्रहण से प्रभावित स्थानीय 86 युवाओं को महामाया खदान के अंतर्गत रोजगार स्वीकृति पत्र वितरित किया।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार भू-अधिग्रहण प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, विधायक शकुन्तला पोर्ते, एसईसीएल के जनरल मैनेजर दिलीप बोबडे, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, जरही नगर पंचायत अध्यक्ष पुरणराम राजवाड़े, भटगांव नगर पंचायत अध्यक्ष परमेश्वरी राजवाड़े सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
रायपुर के सबसे पॉश इलाके में भरा पानी, घरों में भी घुस रहा गंदा पानी
रायपुर. आधे घंटे की आंधी-बारिश ने राजधानी में नगर निगम की पोल खोलकर रख दी. समता कॉलोनी की मुख्य सड़क पर बारिश का पानी भर गया है. इसके चलते राहगीरों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं लोगों के घरों में भी गंदा पानी घुस गया है.
बता दें कि समता कॉलोनी के रहवासियों ने वास्तविक ढाल के अभाव में नाली निर्माण के विरुद्ध मोर्चा खोला था, लेकिन निगम प्रशासन ने एकतरफा निर्णय लेकर समता मुख्य सड़क पर पांच फीट के नाले निर्माण को स्वीकृत कर काम कराया. अब इस नाले की निकासी के अभाव में पानी सड़क पर भर गया है. लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि अभी गर्मी के मौसम में ये हाल है तो बारिश में क्या होगा. नगर निगम को व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है.
नगर निगम-विद्युत विभाग की व्यवस्था की खुली पोल : अब तक नहीं हटाए गए आंधी से टूटे पेड़, रायपुर के कई इलाकों में 24 घंटे से बिजली बंद, घरों में पानी भी नहीं पहुंचा
रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में गुरुवार शाम को आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई. 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बिजली तारों पर पेड़ गिरने से राजधानी रायपुर के टाटीबंध, कंचन सड्ढू, आमसिवनी, दलदलसिवनी समेत कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति है. शहर में टूटे पेड़ों को अब तक नहीं हटाया गया है. शहर के कई इलाकों में गुरुवार शाम से बंद बिजली अभी तक नहीं आई है. इसके चलते लोगों के घरों तक पानी भी नहीं पहुंच पाया है.
टाटीबंध में दयासिंह के घर के सामने गुरुवार से बिजली के तार पर पेड़ गिरा हुआ है, जिसे अब तक नहीं हटाया गया है. पेड़ बिजली के तार पर ही लटक रहा है. इस संबंध में कल से ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी जा रही है, लेकिन अब तक न ही पेड़ को हटाया गया है न बिजली सप्लाई चालू हुई है. शहर की व्यवस्था को दुरुस्त करने नगर निगम भी कोई ध्यान नहीं दे रही. विभागों की सुस्त रवैये से शहरवासी परेशान हैं. लोग अपने रिश्तेदारों या होटलों में रहने को मजबूर हैं.