रायपुर
माधव राव सप्रे व कुसुम ताई दाबके स्कूल के 1140 बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच..
रायपुर। रायपुर ब्राइट फाउंडेशन की ओर से 14 से 17 जुलाई तक चार दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जहां विभिन्न प्रकार की हुई स्वास्थ्य जांच में 1140 छात्र -छात्रायें लाभान्वित हुए। फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत एवं प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि बोर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, दृष्टि नेत्रालय एवं डॉ. शिवम् दुबे के सहयोग से कुसुम ताई दाबके पाठशाला तथा माधवराव सप्रे स्कूल में मेडिकल कैंप लगाया गया जहां गायनिक, आई टेस्ट, ब्लड टेस्ट व डेंटल के साथ ही बच्चों की जनरल चेकअप की गई जिसमें 55 बच्चों में विभिन्न प्रकार की शारीरिक कमियां पाई गई जिन्हें पहचान कर निराकरण हेतु चिकित्सा टीम द्वारा सलाह दी गई।
स्वास्थ्य शिविर के समापन अवसर पर स्वामी विवेकानंद वार्ड के पार्षद व जोन -4 के अध्यक्ष मुरली शर्मा पहुंचे जिन्होंने अपने संबोधन में शिविर की प्रशंसा करते हुए सभी बच्चों को निरोगी व स्वस्थ रहने के लिए अपने पैरों को गरम.. पेट को नरम.. तथा दिमाग को ठंडा रखने का सूत्र बताते हुए शिक्षा के साथ-साथ खेल, व्यायाम व योग को भी अपने दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
इस पूरे आयोजन में ब्राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत ,प्रवक्ता चेतन चंदेल, महासचिव अनघा करकसे, दमयंती देशपांडे, अंजली शितूत, रामभरोसा अग्रवाल, सप्रे शाला की प्राचार्या डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव, कुसुम ताई दाबके के प्रधान पाठक जितेंद्र सेन सहित स्वास्थ्य टीम में शामिल डॉ. विनय बद्ध, डॉ. नूपूर खंडेलवाल, डॉ. शिवम दुबे, डॉ. विनय सिंह तथा मनोज रंगदारी का सराहनीय योगदान रहा। अंत में सभी को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
बजट, मांग और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए क्रय करेंः बीके लाल
रायपुर सेंट्रल जेल में गैंगवार, युवा कांग्रेस नेता आशीष शिंदे पर ब्लेड से हमला, गंभीर हालत में मेकाहारा में भर्ती
बता दें कि बीते सप्ताह भी साहिल और सोहेल नामक कैदियों ने कटनी मारकर केंद्रीय जेल में वारदात को अंजाम दिया था. लगातार इस तरह के वारदात से सेंट्रल जेल में कैदियों के बीच दहशत का माहौल है.
प्लास्टर करते वक्त तीसरी मंजिल से गिरे दो मजदूर, एक की मौत
बताया जा रहा है कि मकान मालिक ने बिना ठेकेदार के, कम पैसे में चौड़ी इलाके से मजदूर बुलवाए थे। न मजदूरों को अनुभव था, न ही खुद मकान मालिक को। हादसे के बाद घायल मजदूर को अस्पताल ले जाया गया, पर एक की जान नहीं बच सकी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुरंदर मिश्रा के प्रयासों से रायपुर उत्तर को मिली 23.38 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
माननीय विधायक जी ने क्षेत्र की जनता को विश्वास दिलाया कि वे सदैव उनके विकास और हित में प्रतिबद्ध रहेंगे और रायपुर उत्तर को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
तोमर ब्रदर्स पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई : रोहित की पत्नी भावना तोमर गिरफ्तार, 3 लाख की उधारी में जगुआर कार रखवाई गिरवी, 5 लाख देने के बाद भी 10 लाख की डिमांड
छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी बैठक में पहुंचे सासंद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद कार्यकारिणी की बैठक परिषद कार्यालय में श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षयता में सम्पन्न हुए। कार्यकारिणी की बैठक के पूर्व मां सरस्वती जी की प्रतिमा में माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुई। बैठक में एजेंडा के अनुरूप महासचिव चंद्रेश शाह ने अध्यक्ष की अनुमति से क्रमवार विषय पर चर्चा प्रारंभ किया । पूर्व में हुई स्टैंडिंग समिति बैठक में लिए गए निर्णय का अनुमोदन, वित्तीय वर्ष 2024 - 25 का ऑडिट रिपोर्ट , वित्तीय वर्ष 2025 - 26 अनुमानित बजट का अनुमोदन किया गया।
वर्तमान में संचालित बालगृह बालक, बालिका माना कैम्प, बालगृह बालिका कोंडागांव, वाणी वाचन श्रवण एवं बहु प्रशिक्षण केंद्र, दिव्यांग बच्चों की प्री प्रायमरी शिक्षा का मन्दिर एवं उसके विस्तारीकरण पर जोर दिया गया। खुला आश्रय गृह के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। आज की बैठक में परिषद के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद निधि से माना स्थित परिषद के भवन के नवीनीकरण हेतु 15 लाख रुपए देने की घोषणा की और स्पीच थेरेपी सेन्टर में डॉ स्पीच थेरेपी सॉफ्टवेयर लगाने हेतु 5 लाख रुपए स्वीकृत किया गया है। डॉ स्पीच सॉफ्टवेयर है जो खासकर स्पीच डिसऑर्डर वाले बच्चों और वयस्कों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह सॉफ्टवेयर दुनिया भर के स्पीच लेंग्वेज पैथोलॉजिस्ट द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में मैसूर स्थित AIISH की तरह राज्य में अखिल भारतीय वॉक श्रवण संस्थान की स्थापना किए जाने हेतु 25 - 30 एकड़ जमीन चिन्हित किए जाने की जानकारी दी गई।बैठक के पश्चात बृजमोहन अग्रवाल ने पूरे परिसर को देखा और स्पीच थेरेपी सेन्टर में बच्चों और उनके अभिभावकों से चर्चा कर उनके बच्चों में होने वाले सकारात्मक प्रभाव से परिषद द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना किए और दानदाताओं से तन, मन, धन से सहयोग देने हेतु आह्वान किया। बैठक में परिषद के पूर्व महासचिव मोहन चोपड़ा , उपाध्यक्ष डॉ अशोक त्रिपाठी , डॉ कमल वर्मा , कोषाध्यक्ष श्रीमती इंदिरा जैन , संयुक्त सचिव प्रकाश अग्रवाल , राजेंद्र कुमार निगम , भूपेंद्र कोटरिया , कार्यकारिणी सदस्य संजीव बसन्त हुड्डार, सुनीता चंसोरिया, हर्षा जोशी, छगन भाई पटेल, हरजीत सिंह जुनेजा , श्रीमती संगीता शर्मा, विश्वनाथ पाणिग्रही उपस्थित रहे।
65 करोड़ की योजनाएं बदलेगी रायपुर पश्चिम की सूरत... एक हजार सीटर की बनेगी लाइब्रेरी
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा की सूरत अब बदलने वाली है। रायपुर पश्चिम के विधायक तथा तीन बार के केबिनेट मंत्री रह चुके राजेश मूणत ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपए के नए और बड़े प्रोजेक्ट मंजूर करवा लिए हैं। सीएम नगरोत्थान योजना और सेंट्रल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट को मिलाकर साय सरकार ने रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए 65 करोड़ 45 लाख रुपए से अधिक के चार बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं। सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने प्रोजेक्ट मंजूर किए जाने की सूचना विधायक राजेश मूणत को दी है।
मंजूर प्रोजेक्ट में 22.84 करोड़ रुपए से 1000 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-रीडिंग जोन का निर्माण, महादेवघाट के विकास के लिए फेस-1 के तहत 19.99 करोड़ रुपए का नया प्रोजेक्ट, ठक्कर बापा वार्ड में 19.61 करोड़ रुपए से नई पानी टंकी और लाइनें तथा 3 करोड़ रुपए से छुइहा तालाब का सौंदर्यीकरण शामिल हैं। राजेश मूणत ने अपने विधानसभा क्षेत्र में दी गई इन सौगातों के लिए सीएम विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम अरुण साव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार काम कर रही है, जिसका उद्देश्य रायपुर को महानगर के रूप में विकसित करना है।
रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में विकास कार्यों के लिए राजेश मूणत के प्रयासों से सरकार की ओर से अलग-अलग फंड में करोड़ों रुपए की कई योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं और अधिकांश में कार्य चल रहे हैं। जिन योजनाओं को नई स्वीकृति मिली हैं, वह बड़ी हैं और प्रोजेक्ट की लागत भी अधिक है। राजेश मूणत ने कहा कि ये प्रोजेक्ट रायपुर पश्चिम में विकास के नए आयाम गढ़ेंगे। महादेवघाट सौंदर्यीकरण पूर्व मंत्री मूणत का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसके लिए वे पिछले तीन-चार माह से प्रयासरत थे। इसके अलावा सेंट्रल लाइब्रेरी में 1000 सीटर विशाल लाइब्रेरी-रीडिंग जोन के निर्माण का लाभ केवल रायपुर पश्चिम ही नहीं, बल्कि पूरी राजधानी के युवाओं को मिलेगा। इसी तरह, नई पानी टंकी और राइजिंग-डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों से ठक्कर बापा और आसपास के वार्डों तक नगर निगम का मीठा पानी पहुंचेगा।
डिप्टी सीएम साव ने राजेश मूणत को लिखे पत्र में बताया कि नए चारों प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और सेंट्रल लाइब्रेरी मद में राज्य के बजट में मंजूर किए गए थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विधायक मूणत इन कार्यों को अपनी निगरानी में शीघ्रता से तथा गुणवत्ता के साथ पूर्ण करवाएं। इन कार्यों से रायपुर पश्चिम क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। मंत्री साव ने कहा कि वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत के मार्गदर्शन और सुझाव से यह कार्य अधिक प्रभावी रूप से पूरे होंगे।
इधर, राजेश मूणत ने सीएम साय तथा मंत्री साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार रायपुर पश्चिम ही नहीं बल्कि किसी भी विधानसभा में विकास कार्यों में फंड की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रायपुर पश्चिम के जितने भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं, सब सर्वे के साथ-साथ आम लोगों से सीधी बातचीत और उनके सुझावों पर तय किए जा रहे हैं। इसका लाभ यह होगा कि हर वार्ड में लोगों को उनकी जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी। विधायक मूणत ने रायपुर पश्चिम के लोगों से अपील की कि उनके दृष्टिकोण से वार्ड में किसी भी जनहित के कार्य की आवश्यकता है, तो वे सीधे मुझे बताएं। ऐसे सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा और प्राथमिकता से उन्हें प्रस्तावित कार्यों में शामिल कर लिया जाएगा।
विद्युत कर्मियों ने उठाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के डंगनिया औषधालय द्वारा विद्युत कर्मियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर मे तीनों कंपनी जनरेशन , ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन के कर्मियों ने विशेषज्ञों से परामर्श एवं चिकित्सा के संबंध मे जानकारी प्राप्त की। लगभग 50 कर्मियों ने इस शिविर से लाभ उठाया।यह शिविर कार्डियो,नेफ्रो, आर्थो एवं गैस्ट्रो के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
डंगनिया औषधालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएल पंचारी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य कर्मियों को गंभीर बीमारियों के लक्षण, विशेषज्ञों के परामर्श एवं चिकित्सा संबंधी संपूर्ण जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया। समय समय पर स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिविरों का आयोजन करके हम कर्मियों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं देते हैं। कोई भी बीमारी का पता लगाने के लिए पहला कदम रोगी का परीक्षण और परामर्श ही होता है।
पंचारी ने जानकारी दी कि श्री मेडिशाइन अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान मे शिविर संपन्न हुआ। अस्पताल प्रबंधन से आये डा सुशील शर्मा (आर्थोपेडिक एंड जाइंट रिपेलेसमेंट सर्जन), डा तुषार बहादुरे (नेफ्रोलाजिस्ट), डा संजय अग्रवाल (गैस्ट्रोएंटेरोलाजिस्ट), डा जोगेश विसंदासानी (कार्डियोलाजिस्ट) ने अपनी सेवायं दी। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा इंदू साहू एवं चिकित्सा अधिकारी डा श्वेता जैन उपस्थित थीं।
पॉवर कंपनी के पौधरोपण महोत्सव.... अधिकारी-कर्मचारी अपने आवास और आसपास लगे रहे पौधे
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के 50 हजार पौधरोपण के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन कंपनी के संयंत्रों, पारेषण कंपनी के सभी उपकेंद्रों और वितरण कंपनी के दफ्तरों में पौध रोपण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। साथ ही मुख्यालय दफ्तर में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ उपभोक्ता और आमजन भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने प्रदेशभर में फैले बिजली दफ्तरों में 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसका शुभारंभ डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने किया। जिसके बाद तीनों कंपनी ने कंट्रोल रूम बनाकर इसकी सतत् मॉनिटरिंग के लिए सेल बनाया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि पॉवर कंपनी ने पूरे प्रदेश में फैले तीन हजार से अधिक बिजली दफ्तर, विद्युत उपकेंद्र और विद्युत उत्पादन संयंत्रों की रिक्त भूमि में छायादार और फलदार पौधे लगाने का संकल्प लिया है।
10 अगस्त तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में नोडल अधिकारी तैनात किये गए हैं, जो हर बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और संयंत्र में पौधरोपण की मानिटिरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा अधिकारी-कर्मचारियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करने पॉवर कंपनी के डंगनिया मुख्यालय में भी पौधे वितरित करने की व्यवस्था की गई है, जिसमें बिजली बिल जमा करने एटीपी सेंटर पहुंचे उपभोक्ता भी पौधे ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारी-कर्मचारी पौधे लगाकर मोर बिजली कंपनी एप में अपनी फोटो अपलोड कर रहे हैं, अभी तक 300 से अधिक फोटो अपलोड हो चुके हैं। इनमें से चुने हुए अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा राष्ट्रीयव्यापी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन
डॉ. राधाबाई की छात्राएं पहुंची विधानसभा.. संसदीय गतिविधियों का लिया अनुभव
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों के छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में विधानसभा की कार्यवाही से रुबरु हुए। जिसका उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संसदीय व्यवस्था की जानकारी देना था। छात्राओं ने देखी की कैसे विधानसभा संचालित होती है। विधानसभा अध्यक्ष की क्या भूमिका है। कैसे विपक्षी सदस्यों के साथ ही साथ सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर प्रश्न पुछकर सरकार को घेरने का प्रयास किया जाता है। इन सब के बीच अध्यक्ष दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए सदन का संचालन करते हैं।
छात्राओं ने विधानसभा में स्थित विशाल लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया तथा भारतीय संविधान की मुल कृति का अवलोकन किया।इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है।इसी परिप्रेक्ष्य में प्रथम विधानसभा से लेकर अब तक हुए महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है,जिसका अवलोकन अध्ययन दल ने किया।साथ ही विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ हुएं समूह छायाचित्र से सभी छात्राएं प्रफुल्लित हुए। विधानसभा में स्थापित विशालकाय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ छात्राओं को आकर्षित कर रही थी।छात्राओं ने सदन की कार्यवाही में देखें कि विपक्षी सदस्यों ने उद्योगों एवं जल जीवन मिशन से संबंधित प्रश्न पूछे जिसका विभागीय मंत्रीयो ने जवाब दिया।छात्राओं ने देखा कि अध्यक्ष एक शिक्षक की भूमिका में दोनों पक्षों को नियंत्रित करते हुए शांतिपूर्वक तरीके सदन को संचालित कर रहे थे।
छात्राओं को संसदीय व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि सरकार के तीन अंग होते हैं,व्यवस्थापिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका। जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण अंग व्यवस्थापिका होती है जो कानून बनाने के साथ ही साथ सरकार को नियंत्रित करने का कार्य करतीं हैं। छात्राओं को नवा रायपुर में बन रही नयी विधानसभा का मॉडल भी दिखाया गया और बताया कि नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 51 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ की नवीन विधानसभा का निर्माण तीव्र गति से जारी है।जहां भविष्य में परिसिमन को ध्यान में रखते हुए 200 सदस्यों की बैठक व्यवस्था होगी।इसे सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने तथा राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर को उद्घाटन करने का निर्धारण किया गया है।
यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा।इसकी भव्यता और कार्यक्षमता नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी। नवीन विधानसभा भवन के निर्माण कार्यों को तीन प्रमुख विंगों में विभाजित किया गया है—विधानसभा सचिवालय, विधानसभा सदन और सेंट्रल हॉल परिसर।इनमें दर्शक दीर्घा, मीडिया दीर्घा,सभागृह कक्ष, पुस्तकालय,विद्युतीकरण, वातानुकूलन,डामरीकरण, उद्यानिकी,जल एवं विद्युत आपूर्ति,आंतरिक साज-सज्जा और फिक्स्ड फर्नीचर का कार्य तीव्र गति से जारी है।संस्कृति विभाग द्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा,जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और धरोहर को प्रदर्शित करेगा।अध्ययन दल में डॉ रुपा सल्होत्रा,डॉ नम्रता शर्मा, डॉ ज्योति मिश्रा,डॉ श्राद्ध मिश्रा तथा डॉ भूपेंद्र कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल रही ।
आय-व्यय से तय होता है बजट.. राशि लैप्स होना यानी खराब वित्तीय प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत निहारिका बारीक, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।
उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।
अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।
पारदर्शी और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन को मिल रहा नया स्वरूप
रायपुर। राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।
राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।
वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।
प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।
राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बस्तर के बच्चों का स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री साय
नया रायपुर में बीएसएफ का पौधरोपण... जवानों ने लिया हरा-भरा भारत बनाने का संकल्प
रायपुर। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा सोमवार को नया रायपुर स्थित सेक्टर-17 के बीएसएफ कैंपस और आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक (एएनओ) बीएसएफ की अगुवाई में अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बड़ी संख्या में फलदार एवं छायादार पौधे रोपित किए।
इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक (एएनओ) बीएसएफ ने सभी कर्मचारियों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि वृक्ष न केवल शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जवानों से आह्वान किया कि अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।
समापन पर उन्होंने सभी जवानों को हरित भारत अभियान में सक्रिय योगदान देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। बीएसएफ की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प में एक सराहनीय कदम है।