रायपुर
भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।
रेरा प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में छत्तीसगढ़ रेरा का महत्वपूर्ण कदम, 14 बैंकों को फाइनल एम्पैनलमेंट किया गया
रायपुर : छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के प्रभावी अनुपालन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 14 बैंकों को अंतिम पैनल (फाइनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया है।
रेरा अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ रेरा द्वारा 03 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को अस्थायी पैनल (प्रोविजनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया गया था। निर्धारित प्रक्रियाओं, आवश्यक शर्तों एवं मापदंडों की पूर्ति के उपरांत अब इनमें से 14 बैंकों को अंतिम पैनल में सम्मिलित किया गया है।
अंतिम पैनल में शामिल बैंकों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा यूको बैंक शामिल हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेरा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित पृथक रेरा खाते केवल उन्हीं बैंकों में संचालित किए जाएं, जो रेरा नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हों। इससे परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में अनुशासन स्थापित होगा, निधियों के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा घर खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने कहा कि रेरा के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैंकों के अंतिम पैनल में शामिल होने से परियोजना खातों की निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे घर खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र अधिक व्यवस्थित एवं विश्वसनीय बनेगा।
छत्तीसगढ़ रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं भरोसेमंद बनाने के लिए इस प्रकार की पहलें भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 कार्यों के लिए 299 करोड़ की निविदा को मंजूरी, 10 सड़कों के लिए 116 करोड़ स्वीकृत
रायपुर : राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 कार्यों के लिए 299 करोड़ रुपए के निविदा को मंजूरी दी गई है। वहीं 10 सड़कों के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदा मंजूरी तथा प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश भी जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार निर्माण कार्यों एवं निविदाओं को स्वीकृति दी जा रही हैं। कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालयों के साथ ही प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के लिए आम नागरिक भी निर्माण के दौरान कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग द्वारा रायपुर जिले में साढ़े 5 किमी लंबाई के फरफौदा-गुखेरा मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूीकरण के लिए पुल-पुलिया निर्माण सहित 11 करोड़ चार लाख रुपए तथा साढ़े 5 किमी लंबाई के चंदखुरी-जावा-मोंहदी मार्ग में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण के लिए 13 करोड़ 34 लाख रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हथबंद से सिमगा मार्ग में मुंबई-हावड़ा रेलवे लाइन पर रिंगनी लेवल क्रासिंग पर रेलवे ओव्हर ब्रिज के निर्माण के लिए 40 करोड़ 72 लाख रुपए तथा 2.84 किमी लंबाई के ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक टू-लेन सी.सी. मार्ग के निर्माण के लिए 25 करोड़ 98 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग में किमी 13 से किमी 22 तक 10 किमी लंबाई में तथा किमी 23 से किमी 31 तक 9 किमी लंबाई में सीमेंट-कांक्रीट सड़क व पुलिया मजबूतीकरण के लिए क्रमशः 28 करोड़ 2 लाख रुपए तथा 26 करोड़ रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। नवा रायपुर के सेक्टर-18 में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन), लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों के निवास, मुख्यमंत्री निवास, मंत्रीगणों के निवास एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निवास के शेष कार्यों, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग, एकॉस्टिक, पेनेलिंग वर्क एवं विद्युतीकरण कार्यों के लिए 71 करोड़ 23 लाख रुपए तथा सेक्टर-19 में माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग एवं विद्युतीकरण के लिए 36 करोड़ 30 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बेला उदगी से बनसुकली मार्ग पर बनास नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 10 करोड़ 18 लाख रुपए, जशपुर में जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरड़ेवा नाला पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग के लिए 7 करोड़ 27 लाख रुपए, बलरामपुर-रामानुजगंज के नरसिंहपुर से मरकाडांड मार्ग पर महान नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 9 करोड़ 88 लाख रुपए, धमतरी जिले में राजनांदगांव-गुण्डरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई (रा.मा.क्र.-23) के किमी 88/2 से किमी 107/2 तक 20 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 11 करोड़ 82 लाख रुपए तथा महासमुंद में ग्राम सिरबोड़ा से पलसापाली के मध्य पलसापी नाला (सुरंगी नाला) पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 96 लाख रुपए के निविदा को मंजूरी प्रदान की है।
लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल धमतरी जिले के दुधावा-मुरूमसिल्ली-बनरौद मार्ग के किमी 30/6 से किमी 44/2 तक 13.80 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 21 करोड़ 79 लाख रुपए, नगरी-दुधावा-नगरी-बासीन (राज्य मार्ग क्रं.-6) के किमी 47 से किमी 55 तक 8 किमी लंबाई के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 19 करोड़ 40 लाख रुपए तथा लोक निर्माण विभाग के कुरूद उपसंभाग में 5 किमी लंबाई के पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकुदा-टिपानी-सेमरा (बी) टू-लेन मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूीकरण के लिए 15 करोड़ 34 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के गैंदाटोला-छुरिया-खोभा मार्ग के किमी 17 से किमी 21 तक 5.025 किमी लंबाई के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 6 करोड़ 96 लाख रुपए, कोण्डागांव जिले में कोण्डागांव-अमरावती-एरला राज्य मार्ग के किमी 32 से किमी 41/2-4 तक 8.7 किमी में मजबूतीकरण व पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण के लिए 7 करोड़ 15 लाख रुपए तथा कांकेर के राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग के किमी 145/10 (मेढ़की) निब्रा नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 12 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर जिले में 8.675 किमी लंबाई के केनसरी से मुकुंदपुर पहुंच मार्ग के लिए 19 करोड़ 5 लाख रुपए, जशपुर में भेलवा से खाडुंग नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 80 लाख रुपए, कांकेर के इच्छापुर-घोटिया मार्ग पर दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 53 लाख रुपए तथा बलरामपुर-रामानुजगंज में साढ़े 3 किमी लंबाई के राजपुर-कुसमी मुख्य मार्ग से खरकोना होते हुए अमेरा मार्ग के लिए 9 करोड़ 30 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग
रायपुर : शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया।
बास्तानार के युवाओं द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि ‘दंडामी माड़िया’ (बाइसन हॉर्न माड़िया) जनजाति की परंपराओं, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज था। जैसे ही नर्तक दल मंच पर उतरा, उनकी विशिष्ट वेशभूषा ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया। पुरुष नर्तकों के सिर पर सजे गौर के सींगों वाले मुकुट, जिन्हें कौड़ियों और मोरपंखों से अलंकृत किया गया था, बस्तर की वन्य संस्कृति तथा गौर पशु के प्रति आदिवासी समाज के गहरे सम्मान और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त कर रहे थे। वहीं पारंपरिक साड़ियों और आभूषणों से सुसज्जित महिला नर्तकियों ने जब अपने हाथों में थमी ‘तिरूडुडी’ (लोहे की छड़ी) को भूमि पर पटकते हुए ताल दी, तो एक अद्भुत, गूंजती और लयबद्ध ध्वनि ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नृत्य के दौरान पुरुष नर्तकों ने गले में टंगे भारी ‘मांदरी’ (ढोल) को बजाते हुए जंगली भैंसे की आक्रामक, चंचल और ऊर्जावान मुद्राओं की प्रभावशाली नकल प्रस्तुत की। यह दृश्य दर्शकों को ऐसा अनुभव करा रहा था, मानो वे जंगल के सजीव और प्राकृतिक परिवेश के प्रत्यक्ष साक्षी बन गए हों। उल्लास और आनंद से परिपूर्ण इस नृत्य में माड़िया जनजाति की शिकार-परंपरा, साहस और अदम्य ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती रही। गोलाकार घेरे में थिरकते युवक और उनके कदम से कदम मिलाती युवतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी बस्तर ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पूरी निष्ठा और गर्व के साथ संजोकर रखा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में बास्तानार के कलाकारों द्वारा दी गई यह सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुति न केवल बस्तर पण्डुम की भव्य सफलता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने बस्तर की लोक-कला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय पटल पर पुनः प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।
भनपुरी के डामर फैक्ट्री में लगी आग
जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत
रायपुर। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम का शुभारंभ करने पहुंची हैं। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू का राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और वन मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत किया।
रायपुर के कंकाली तालाब में मिली लाश
अमिताभ जैन ने मुख्य सूचना आयुक्त व अग्रवाल और मिश्रा ने ली राज्य सूचना आयुक्त की शपथ
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त उमेश कुमार अग्रवाल एवं डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव विकासशील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।
शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त मनोज त्रिवेदी, अशोक अग्रवाल, धनवेंद्र जायसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव नीलम नामदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा डॉ.शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं।
बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी गति
रायपुर। भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हवाई सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस निर्णय से अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी,…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 6, 2026
मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, जो राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि बिलासपुर एयरपोर्ट सहित पूरे छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगी तथा प्रदेश को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी।
अब व्हाट्स एप पर भेजा जाएगा बिजली बिल... एक क्लिक से भुगतान… जानें कैसे करें रजिस्टर्ड
रायपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अब उनके व्हाट्स एप नंबर पर बिल भेजा जाएगा। वे इस बिल का पीडीएफ डाउनलोड करके सुरक्षित रख सकेंगे, उसका प्रिंट भी निकाल सकेंगे। इसमें उन्हें एक क्लिक करके बिल भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। यह व्हाट्स एप मैसेज छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के आफिसियल वेरीफाइड आईडी से भेजी जाएगी, जिसमें अधिकृत ब्लूटिक लगी रहेगी।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं ऊर्जा सचिव व डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव के निर्देशन में पॉवर कंपनी ,उपभोक्ताओं की सुविधाओं में लगातार वृद्धि कर रही है। इसी कड़ी में व्हाट्सएप सुविधा शुरु कर दी गई है। प्रदेश में 65 लाख उपभोक्ता हैं, जिसमें से 40 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर कंपनी में रजिस्टर्ड हैं। उनमें से 30 लाख उपभोक्ता व्हाट्सएप उपयोग कर रहे हैं। पॉवर कंपनी इस सुविधा का लाभ लेते हुए उपभोक्ताओं तक व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल भेजेगी।
वर्तमान में मीटर रीडिंग के समय उपभोक्ता को घर पर बिल की प्रति प्रदान की जाती है साथ ही एसएमएस से भी बिल की सूचना भेजी जा रही है। अब इसमें एक और बड़ी सुविधा प्रदान की जा रही है। उपभोक्ताओं को रीडिंग दर्ज होने के बाद व्हाट्सएप पर मैसेज पहुंच जाएगा। इसका सीधा फायदा उपभोक्ता को यह होगा कि उन्हें मोबाइल पर पूरा डिटेल बिल पीडीएफ के रूप में प्राप्त हो जाएगा। साथ ही उन्हें एक क्लिक पर भुगतान की सुविधा भी प्राप्त हो जाएगी। यह सूचना उन्हें हिन्दी के अलावा छत्तीसगढ़ी व अंग्रेजी में प्राप्त होगी, इसके लिए वे मनपसंद भाषा का चयन मोर बिजली एप में भाषा चयन (लैंग्वेज प्रिफरेंस) के विकल्प से कर सकते हैं। यह व्हाट्सएप संदेश उन्हें आफिसियल आईडी छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) से भेजा जाएगा, जिसमें भीतर आफिसियली वेरीफाइड मोबाइल नंबर 942555-1912 दर्ज रहेगा।
जिन उपभोक्ताओं के व्हाट्सएप नंबर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अपना नंबर रजिस्टर्ड कराना होगा। मोबाइल नंबर रजिस्टर कराने के लिए बिजली उपभोक्ता मोर बिजली एप या टोल फ्री नंबर 1912 पर फोन करके या अपने बिजली ऑफिस से संपर्क कर सकते है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने उपभोक्ताओं से इसका अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।
उपभोक्ताओं को अपने व्हाट्स एप नंबर रजिस्टर्ड कराने के लिए टोलफ्री नंबर 1912 में डायल करना होगा या फिर मोर बिजली एप के जरिए नंबर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना उपभोक्ता क्रमांक (10 अंकों वाला बीपी नंबर) के साथ आखरी बिल भुगतान की तारीख व राशि बतानी होती है। इस वेरीफिकेशन के पश्चात् उनका नंबर रजिस्टर्ड कर लिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें भी व्हाट्सएप से बिजली बिल मिलने लगेगा।
स्कूटी से स्कूल जा रहे भाई-बहन को पुलिस गाड़ी ने मारी टक्कर, भाई की मौत, बहन की हालत नाजुक
रायपुर। राजधानी के छत्तीसगढ़ क्लब के पास सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। स्कूल जा रहे भाई-बहन को पीछे से पुलिस टो वैन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही भाई अंश आठवानी की मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल छात्रा को तत्काल इलाज के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भाई-बहन रोज की तरह सुबह स्कूल के लिए निकले थे। इसी दौरान पीछे से आ रही पुलिस टो वैन ने तेज रफ्तार में उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि भाई ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं बहन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल बहन को एंबुलेंस के जरिए आंबेडकर अस्पताल भिजवाया। वहीं, हादसे के बाद टो वैन का चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस लाइन ACP रमाकांत साहू भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि, माना पुलिस का ये लोडर वाहन है, इस गाड़ी का चालक फिलहाल फरार है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ क्लब के आसपास सुबह के समय ट्रैफिक काफी अधिक रहता है, इसके बावजूद भारी वाहनों की तेज रफ्तार आम बात है। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि टो वैन चालक सावधानी से वाहन चला रहा होता, तो यह हादसा टल सकता था।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बढ़ाया बोर्ड परीक्षा का शुल्क... मंडल सचिव ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साह साहू ने एक आदेश जारी कर हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा फीस में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। जारी आदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल सचिव ने वित्त समिति की बैठक का हवाला देते हुए लिखा है कि समिति की 14 अक्टूबर 2025 एवं कार्यपालिका समिति की बैठक 23 दिसंबर 2025 में हाईस्कूल / हायर सेकण्डरी परीक्षा शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से फीस में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा शुल्क सहित परीक्षा के पहले और बाद में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और जरुरी दस्तोवजों के शुल्क में भी बढ़ोतरी कर दी है। जारी आदेश के तहत नियमित परीक्षा शुल्क हाईस्कूल / हायर सेकण्डरी, -280 अंकसूची 100 रुपये एवं प्रायोगिक प्रति विषय 80 रुपये,460 रुपये से बढ़ाकर अब 800 रुपये कर दिया गया है। नामांकन शुल्क जो पहले 80 रुपये लिया जाता है उसे बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया है। इसी तरह अतिरिक्त विषय के रूप में पहले 110 रुपये शुल्क तय किया गया था, माशिंम से इसे बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड! अगले 48 घंटों के लिए मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों के भीतर कड़ाके की ठंड वापसी करने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे रात और सुबह की ठंडकता बढ़ेगी। तापमान में अचानक आने वाली इस गिरावट का सीधा असर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। साथ ही, उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में पाला पड़ने की संभावना से फसलों की निगरानी जरूरी हो गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुरुआती 48 घंटों की गिरावट के बाद अगले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। यानी दिन में धूप खिली रहेगी, लेकिन रातें ठंडी होंगी।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया। वहीं, अंबिकापुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 11.5°C तक लुढ़क गया। राजधानी रायपुर में सुबह के वक्त धुंध छाए रहने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी से दर्दनाक हादसा, स्कूल जा रहे दो मासूम चपेट में, एक की मौके पर मौत
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मृत मासूम के शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है.
अमलीडीह नाले में अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर अभियान
छत्तीसगढ़ के मौसम में विशेष परिवर्तन के आसार नहीं