रायपुर
कलेक्ट्रेट में बिल्डिंग की छत गिरी, मची अफरा तफरी
सिलतरा प्लांट हादसा: मृत और घायल कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
कंपनी प्रबंधन की ओर से मानव संसाधन एवं विकास विभाग के प्रमुख एमएम दार ने बताया कि एक विंग में शटडाउन को लेकर मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान स्लग का हिस्सा गिरने से हादसा हो गया। हादसे में प्रभावितों को प्रबंधन द्वारा तत्काल रेस्क्यू की करने की कवायत की गई। घायलों को यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाया गया।
अब रात 12 बजे बंद होंगे होटल-ढाबे, क्लब और रेस्टोरेंट
प्रतिकूल मौसम में भी राहत और मुनाफा लेकर आई पीएम सूर्यघर योजना
रायपुर : छत्तीसगढ़ में अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाने और उसका उपयोग करने की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना से घरों के बिजली बिलों में कटौती तो हो ही रही है, इसके साथ-साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर मुनाफा भी हो रहा है। गरमी, उमस भरी बरसात या ठंड जैसे प्रतिकूल मौसम में भी इस योजना से बिजली की आबाध आपूर्ति के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी हो रहा है। कोरबा जिले के कटघोरा में पड़ोसी ने पड़ोसी को देखकर अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाया है।
कटघोरा कस्बे में ज्योति अनंत और गोरे सिंह राजपूत आसपास रहते हैं। ज्योति ने अपनी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया। उन्होंने बताया कि अब उनके घर के सभी उपकरण निर्बाध रूप से चल रहे हैं और घर की ऊर्जा का उत्पादन पूरी तरह आत्मनिर्भर है। “पहले गर्मी का मौसम चुनौतीपूर्ण लगता था, अब वही मौसम राहत और मुनाफा लेकर आता है। हम अपनी जरूरत की बिजली स्वयं बना रहे हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने योजना की सबसे बड़ी खासियत यह बताई कि यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित और हरित ऊर्जा के लिए लाभकारी है। उनकी छत केवल बिजली उत्पादन का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ में योगदान का प्रतीक बन गई है।
पड़ोसी से प्रेरित होकर गोरे सिंह राजपूत ने भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उनके घर की छत पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल इंस्टॉल हुआ, जिसकी कुल लागत एक लाख 95 हजार रुपये थी और केंद्र सरकार की 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और घर की विद्युत आपूर्ति के लिए वे पूरी तरह आत्मनिर्भर है। राजपूत ने कहा, “सौर ऊर्जा अपनाकर हम न केवल अपने खर्च में संतुलन ला रहे हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे रहे हैं। इस योजना से हमारा जीवन आसान और आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। यह अनुभव अन्य स्थानीय निवासियों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय ने इस योजना के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराई है। इस पहल से परिवारों में आत्मनिर्भरता, आर्थिक स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। ज्योति और गोरे सिंह राजपूत ने योजना के लिए अपना हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह की योजनाओं के निरंतर लाभ की उम्मीद जताई।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देश के आम नागरिकों के लिए स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन चुकी है। योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, घरेलू खर्च में संतुलन लाना और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना है। इस योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर पैनल उपलब्ध कराए जाते हैं और केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये की सब्सिडी और राज्य सरकार से रूपये 30 हजार की राशि लाभार्थियों को प्रदान की जाती है। इससे न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि परिवारों को उनकी बिजली की जरूरतों के लिए स्वतंत्रता भी मिलती है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने के लिए नागरिक सरल प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना की वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन कार्यालय इसके लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के प्रति नागरिकों में जागरूकता भी बढ़ा रही है। इससे सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा भी मिल रहा है।
एनआईटी रायपुर में ‘रंगतारी’ गरबा संध्या, छात्रों ने केसरियो-धौलीड़ा की धुनों पर बांधा समां
पूरे कार्यक्रम ने नवरात्रि के उत्सव को और अधिक रंगीन व ऊर्जावान बना दिया। संगीत, नृत्य और परंपरा के संगम से सजी यह शाम प्रतिभागियों की ऊर्जा और उल्लास के साथ देर रात तक गूंजती रही।
प्लांट में शेड गिरने से 6 मजदूरों के मौत की खबर, कई घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…..
छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में निभाएगा अग्रणी भूमिका –विष्णु देव साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में “मेक-इन-सिलिकॉन: राष्ट्रीय सिंपोजियम ऑन एनेबलिंग इंडिजिनस सेमीकंडक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर” के पोस्टर और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। यह संगोष्ठी भारत में सेमीकंडक्टर मिशन को नई दिशा देने और देश में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की पहल है। ट्रिपल आईटी-नया रायपुर के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी 7–8 नवम्बर 2025 को ट्रिपल आईटी-नया रायपुर में आयोजित होगी। इसमें देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल होंगे। संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की घरेलू सेमीकंडक्टर व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों को मिलकर नवाचार करना होगा और नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उनके अनुसार, स्वदेशी सेमीकंडक्टर अधोसंरचना ही भारत की डिजिटल और आर्थिक मजबूती की नींव है। यह आयोजन भारत सरकार के “सेमीकंडक्टर इंडिया मिशन” और छत्तीसगढ़ सरकार की तकनीकी आत्मनिर्भरता की सोच के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे। इस अवसर पर संयोजक डॉ. मनोज मजूमदार, डॉ. दीपिका गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।
विकास शील बने नए मुख्य सचिव…शासन ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने शुक्रवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लिया है। राज्य शासन के मुख्य सचिव अमिताभ जैन (भा.प्र.से. 1989) आगामी 30 सितम्बर 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद शासन ने विकास शील (भा.प्र.से. 1994) को नया मुख्य सचिव नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अमिताभ जैन की सेवानिवृत्ति के फलस्वरूप रिक्त होने वाले पद पर विकास शील कार्यभार संभालेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आगामी आदेश तक विकास शील मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत रहेंगे।
यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार द्वारा जारी किया गया है। अब देखने वाली बात होगी कि सेवानिवृत्त हो रहे वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ जैन की जगह विकास शील राज्य प्रशासन में किस तरह की नई कार्यशैली और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाते हैं।
डॉ राधाबाई कालेज में मनाया गया राष्ट्रीय सेवा दिवस
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा की मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया।
जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा नशा मुक्ति केंद्रित गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अजय श्रीवास्तव थे,जो संकल्प नशा मुक्ति एनजीओ में 18 वर्षों से कार्यरत है उनका व्याख्यान हुआ।उन्होंने बताया कि कैसे आज की युवा पीढ़ी नशे की आदी होती जा रही है और आज के वर्तमान समय में लड़कियों को नशा करने के लिए टारगेट बनाया जा रहा है।नशा मुक्ति का अर्थ है,नशा या मादक पदार्थों की लत से छुटकारा पाना, जो एक गंभीर समस्या है।
जिसके विनाशकारी सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव पड़ते हैं।इसे प्राप्त करने के लिए सरकारी अभियान नशा मुक्ति केंद्र और आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग किया जा सकता है,जिसके साथ स्वस्थ आहार,पानी,शारीरिक गतिविधि और मनोवैज्ञानिक समर्थन भी महत्वपूर्ण हैं।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं समाजशास्त्र विभाग की छात्राओं द्वारा समाज से संबंधित विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार जोशी,डॉ कल्पना राय,सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी,ग्रंथपाल कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या छात्राएं उपस्थित रही। कार्यक्रम का संयोजन डॉ निशा बारले, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई कार्यक्रम अधिकारी एवं प्रभारी रेड रिबन क्लब के द्वारा किया गया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ निधि गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।डॉ रुपा सल्होत्रा विभागाध्यक्ष गणित विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ श्वेता बोहरा ने किया।
बिलासपुर सड़क को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर मीडिया रिपोर्टों पर एनएचएआई का स्पष्टीकरण
रायपुर। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह उल्लेख किया गया है कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क की स्थिति को लेकर माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से संबंधित हैं। यह तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है।
एनएचएआई स्पष्ट करना चाहता है कि पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क न तो उसके अधिकार क्षेत्र में आती है और न ही इसका निर्माण एनएचएआई ने किया है। इस सड़क के निर्माण, रखरखाव और मरम्मत की पूरी ज़िम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग, छत्तीसगढ़ सरकार की है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों ने माननीय न्यायालय के दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश को गलत उद्धृत और प्रस्तुत किया है। यह आदेश दरअसल लोक निर्माण विभाग के सचिव द्वारा न्यायालय के पूर्व आदेश दिनांक 4 सितंबर 2025 के अनुपालन में दाखिल किए गए हलफ़नामे पर आधारित था।
माननीय न्यायालय के निर्देश विशेष रूप से रत्नपुर स्थित महामाया मंदिर के पास रत्नपुर–केंदा सड़क की दयनीय स्थिति से संबंधित हैं, जो भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। न्यायालय ने सचिव, लोक निर्माण विभाग को मरम्मत प्रगति पर व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल करने और तुरंत सड़क की मरम्मत करने के निर्देश दिए थे। इस प्रकार, पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क और रत्नपुर–केंदा सड़क, दोनों की जिम्मेदारी पूर्णतः पीडब्ल्यूडी की है।
साथ ही, माननीय उच्च न्यायालय ने एनएच-130/30 के रायपुर–पेंड्रीडीह खंड पर एनएचएआई द्वारा किए गए कार्यों से संबंधित हलफ़नामे पर विचार करते हुए, दिनांक 4 सितंबर 2025 के आदेश में एनएचएआई द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की सराहना की है। एनएचएआई दोहराता है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि उपरोक्त सड़कों की जिम्मेदारी राज्य के पीडब्ल्यूडी की है।
आईएएस सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे जायेंगे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर... बनाए गए ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के आदेश जारी होते ही डॉक्टर भूरे जल्द ही राजनांदगांव कलेक्टर के पद से रिलीव किए जाएंगे।
डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे का जन्म 12 सितंबर 1984 को महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले के लखानंदुर गांव में हुआ। उनके पिता शिक्षक थे और उन्होंने अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। डॉक्टर भूरे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की, जहां उन्होंने पहली से दसवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा मराठी में की। इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भंडारा शहर से पूरी की।
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए उन्हें पुणे के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई में शुरू में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर उन्होंने एमबीबीएस पूरा किया।
एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने UPSC की तैयारी शुरू की। इस दौरान उनकी शादी हो गई। नौकरी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने लगातार UPSC की तैयारी जारी रखी। उनकी पत्नी डॉ रश्मि भूरे ने इस दौरान उनका पूर्ण सहयोग और प्रेरणा प्रदान की।
डॉक्टर भूरे ने 2009 में UPSC का पहला प्रयास किया और आईपीएस बने, उन्हें 2010 बैच एलॉट हुआ। इसके बाद 2010 के UPSC प्रयास में वे आईएएस बने और 2011 बैच में छत्तीसगढ़ कैडर उन्हें आवंटित किया गया।
वर्तमान में डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे राजनांदगांव कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में अपने उत्कृष्ट नेतृत्व और समर्पण के लिए कई प्रशंसा प्राप्त की है। अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी, जिसमें देश में टेक्सटाइल उद्योग के विकास, नीतियों का क्रियान्वयन और निवेश संवर्द्धन से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं।
आरंग में मेगा हेल्थ कैम्प: 185 मरीजों की जांच, महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर चल रहे “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत 24 सितम्बर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग में मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ नगर पालिका आरंग की स्वास्थ्य सभापति श्रीमती भानमती राकेश सोनकर ने भारत माता की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर संयुक्त संचालक डॉ. पामभोई और रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथलेश चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ. पामभोई ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त बनेगा। वहीं, सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी और मितानिन बहनों से गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों की शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
शिविर में भारी बारिश के बावजूद 185 मरीजों की जांच की गई। इनमें 118 महिला और 67 पुरुष ओपीडी पंजीकृत हुए। 38 गर्भवती महिलाओं की जांच, 24 टीबी एक्स-रे, 30 नेत्र रोगियों की जांच और 18 शिशु रोगियों की जांच की गई। 20 दंत रोगियों का उपचार किया गया तथा 16 मरीजों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। साथ ही एक टीबी मरीज को खाद्य सामग्री की बास्केट दी गई और तीन यूनिट रक्तदान भी हुआ।
शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा साहू, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. हसन, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश्वर सहित ईएनटी, दंत एवं नेत्र विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। मोबाइल एक्स-रे यूनिट और ब्लड डोनेशन यूनिट की भी व्यवस्था की गई थी।
इस अवसर पर सभापति नरेंद्र लोधी ने संयुक्त संचालक से आरंग स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त चिकित्सक पदों को शीघ्र भरने का आग्रह किया। शिविर के सफल आयोजन पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी अनंत ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं मितानिन बहनों का आभार व्यक्त किया।
ऑयल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, इलाके में मची अफरा-तफरी
एम्स रायपुर के 14वें स्थापना दिवस पर बोले वित्त मंत्री… संस्थान छत्तीसगढ़ का गौरव, सरकार देगी हर संभव सहयोग
रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने गुरुवार को अपना 14वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका स्वागत संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) और डी.डी.ए. लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि एम्स रायपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने याद किया कि रायपुर नगर निगम आयुक्त और बाद में कलेक्टर के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस संस्थान की वृद्धि को करीब से देखा है। वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में एम्स रायपुर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का और बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और भारत की वास्तविक शक्ति युवा हैं और युवाओं में निवेश ही देश को विकासशील से विकसित राष्ट्र बना सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार एम्स रायपुर को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संकाय, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 14 वर्षों में एम्स रायपुर रोगी देखभाल, शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि संस्थान सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अनुसंधान और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार जैसे टेलीमेडिसिन व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल्स पर विशेष जोर दे रहा है।
पूर्व छात्र संघ की ओर से प्रो. एली मोहापात्रा ने संदेश भेजते हुए कहा कि देश और विदेश में कार्यरत सभी पूर्व छात्र इस संस्थान की सफलता और उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं। स्थापना दिवस के मौके पर छात्रों द्वारा तैयार एआई-संलग्न चिकित्सा मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही मॉडल प्रतियोगिता, वाद-विवाद, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोक विरासत पर आधारित नृत्य, संस्थान की यात्रा पर आधारित नाटक और शास्त्रीय नृत्य शामिल थे। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। समारोह का समापन वरिष्ठ संकाय और प्रशासकों द्वारा वृक्षारोपण के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. एकता खंडेलवाल और छात्र संघ की अहम भूमिका रही, जबकि संचालन डॉ. प्रज्ञा अग्रवाला ने किया।
71 नक्सली अब विकास और शांति की राह पर: हथियार छोड़ किया आत्मसमर्पण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मेकाहारा के शौचालय में महिला ने बच्ची को दिया जन्म, प्रसूति विभाग के स्टाफ की तत्परता से जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य