देश-विदेश
उच्च शिक्षा में उपयोगी नवाचार जारी रहें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे और भी श्रेष्ठ बनाने के प्रयास किए जाएं। वर्ष 2021-22 में प्रदेश का सकल पंजीयन अनुपात 28.9 है जो राष्ट्रीय स्तर के सकल पंजीयन अनुपात 28.4 से अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में बहु विषयक दृष्टिकोण (मल्टी डिसप्लीनरी एप्रोच) के अंतर्गत एक लाख 25 हजार से अधिक विद्यार्थी अपने मूल विषयों के अलावा अन्य विषयों के अध्ययन का भी लाभ ले चुके हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उच्च शिक्षा में उपयोगी नवाचार जारी रखकर शिक्षा स्तर को ज्यादा बेहतर बनाने के प्रयास हों।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 टॉस्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, टास्क फोर्स सदस्य अतुल कोठारी और म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष अशोक कड़ेल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त एवं सचिव उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े और समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 के प्रमुख बिंदु बहुविषयक दृष्टिकोण में जहां कला संकाय के 18 हजार विद्यार्थियों ने वाणिज्य और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की, वहीं वाणिज्य संकाय के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने कला और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की। मध्यप्रदेश में विज्ञान संकाय के ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 11 हजार है, जिन्होंने कला और वाणिज्य विषय का चयन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनेक बिन्दुओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था में स्नातक स्तर पर कृषि जैसे विषय के अध्ययन के प्रावधान के भी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों और 18 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में बी.एससी कृषि पाठ्यक्रम का संचालन और एविएशन के सर्टिफिकेट कोर्स संचालक का 5 विश्वविद्यालयों में क्रियान्वयन हुआ है।
बैठक में प्राप्त सुझावों के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सुझाव है कि समस्त विश्वविद्यालय एक छत्र के नीचे आएं। यह व्यवहारिक दृष्टि से आवश्यक है। विभिन्न विश्वविद्यालयों में पदों की पूर्ति और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अंतत: उच्च शिक्षा विभाग का सहयोग ही अपेक्षित होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस संबंध में परीक्षण और विचारोपरांत आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के कजान शहर पहुंचे
डेस्क | रशियन लड़कियों का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में रशियन लड़कियां प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करने की बात कह रहे हैं। मोदी के स्वागत में पहुंचीं रूसी महिला कलाकारों ने कहा कि हम लोग प्रधानमंत्री मोदी हमें बहुत अच्छे लगते हैं। हम लोग सच में उन्हें बहुत पसंद करते हैं।
बता दें कि ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के कजान शहर पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी का हवाईअड्डे पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। रूसी युवतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को कजान की यात्रा के दौरान कृष्ण भजन गाकर स्वागत किया। वे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए कजान के एक होटल पहुंचे, जहां रूसी नागरिकों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान के एक भावपूर्ण प्रदर्शन के साथ उनका स्वागत किया।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले 4 महीनों में दूसरी बार रूस दौरे पर हैं। मोदी इससे पहले जुलाई में भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री आज शाम को BRICS लीडर्स के साथ डिनर में भी शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलेंगे। उनकी कई लीडर्स के साथ अनौपचारिक बातचीत भी हो सकती है। BRICS की मीटिंग में हिस्सा लेंगे। यह दो सेशन में होगी। सबसे पहले सुबह क्लोज प्लेनरी यानी बंद कमरे में बातचीत होगी। इसके बाद शाम को ओपन प्लेनरी होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
रूस (मेजबान), ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूएई, अल्जीरिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, बोलीविया, कांगो, क्यूबा, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, लाओस, मलेशिया, मॉरिटानिया, मेक्सिको, मंगोलिया, मोरक्को, निकारागुआ, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, टर्की, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, वेनेजुएला, वियतनाम, सर्बिया, फिलिस्तीन।
ब्रिक्स की स्थापना सितंबर 2006 में हुई थी और इसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन (ब्रिक) शामिल थे। सितंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद, इसका नाम बदलकर ‘ब्रिक्स’ कर दिया गया.ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ ब्रिक्स वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है और यह वर्षों से वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख प्रेरक रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागालैंड में 29 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
नई दिल्ली | केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 21 अक्टूबर, 2024 को नागालैंड के राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा की। इस अवसर पर नागालैंड के उपमुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद थे। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए लिखा

"दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा जी, एचडी मल्होत्रा जी, नागालैंड के उपमुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग जी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागालैंड में 545 किलोमीटर की 29 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान, हमने स्थिरता और लागत-दक्षता को प्राथमिकता देते हुए नागालैंड में गतिशीलता और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। ये पहल कनेक्टिविटी और स्थानीय आर्थिक विकास को गति देने और भारत के समग्र विकास के क्षेत्र के गहन एकीकरण में योगदान देंगी।"
"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर नागालैंड के राजमार्ग विकास की जीवनरेखा में बदल रहे हैं। हर नई सड़क कनेक्टिविटी, समृद्धि और प्रगति का भविष्य दर्शाती है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 21 अक्टूबर, 2024 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा के पहले दिन चार पूर्वोत्तर राज्यों के राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा की।
हाई कोर्ट का अनोखा फैसला... 21 बार तिरंगे को सलामी और भारत माता की जय के नारे
डेस्क। मध्य प्रदेश के हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने मंगलवार को एक अनोखा फैसाला सुनाया। देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मध्य प्रदेश के युवक फैजल को कोर्ट ने तिरंगे को 21 बार सलामी और भारत माता की जय के नारे लगाने की सजा सुनाई। हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए फैजल ने भोपाल के थाने में 21 बार ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। उसने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद’ का नारा लगाने पर पश्चाताप भी जाहिर किया। उसने कहा कि रील बनाते हुए उसने गलती से वह नारा लगा दिया था।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने फैजल को जमानत देते हुए शर्त लगाई थी कि उसे महीने में दो बार भोपाल के मिसरोद थाने में तिरंगे को सलामी देनी होगी। मामले का निपटारा होने तक उसे महीने के हर पहले और चौथे मंगलवार को तिरंगे को सलामी देने के साथ ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाना है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए फैजल ने इसकी शुरुआत कर दी है।
जस्टिस डीके पालीवाल ने 15 अक्टूबर को आदेश में कहा कि आरोपी को कुछ शर्तें लगाकर जमानत पर रिहा किया जा सकता है, जिससे उसके अंदर उस देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना पैदा हो, जहां वह पैदा हुआ और रह रहा है। अदालत ने कहा, ‘वह खुलेआम उस देश के खिलाफ नारे लगा रहा है, जिसमें वह पैदा हुआ और पला-बढ़ा है।’
मोदी-पुतिन करेंगे डालर को कमजोर.... BRICS की बैठक में करेंसी के आइडिया पर होगी बात
डेस्क। रूस के शहर कजान में मंगलवार से 16वें ब्रिक्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। इस समिट में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रवाना हो चुके हैं। G-7 जैसे प्रभावशाली समूह की तुलना में ब्रिक्स का इतिहास बेशक ज्यादा पुराना नहीं हो लेकिन इस समिट में ऐसे बड़े फैसलों को अमलीजामा पहनाया जा सकता है।
ब्रिक्स देश एक ऐसी रिजर्व करेंसी शुरू करना चाहते हैं, जो डॉलर के प्रभुत्व को टक्कर दे सके. 22 से 24 अक्टूबर तक रूस के कजान शहर में होने वाले ब्रिक्स समिट में सदस्य देश ऐसी गोल्ड बैक ब्रिक्स करेंसी शुरू करने पर चर्चा को आगे बढ़ा सकते हैं।

चीन के साथ अमेरिकी ट्रेड वॉर और चीन एवं रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच अगर ब्रिक्स देशों के बीच इस नई करेंसी को लेकर रजामंदी हो जाती है तो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सिस्टम को चुनौती देने के साथ इससे इन सदस्य देशों की आर्थिक ताकत बढ़ सकती है।
मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सिसस्टम में अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व है. दुनियाभर में लगभग 90 फीसदी कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है. वहीं, अभी तक 100 फीसदी तेल कारोबार भी अमेरिकी डॉलर में ही होता था लेकिन पिछले साल कथित तौर पर गैर अमेरिकी डॉलर में भी थोड़ा बहुत तेल कारोबार होने लगा है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक दो दिनों में : चक्रवाती तूफान आने की संभावना
बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए : राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न
कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की एक बैठक की अध्यक्षता की।

नई दिल्ली | भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक ने समिति को पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर अच्छी तरह से चिन्हित कम दबाव वाले क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 22 अक्टूबर की सुबह तक एक दबाव के तीव्र हो जाने और 23 अक्टूबर, 2024 तक पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलने की बेहद संभावना है। उसके बाद, इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 24 अक्टूबर की सुबह तक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर पहुंचने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर, 2024 की सुबह के दौरान इसके 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवा के साथ एक भीषण चक्रवाती तूफान, जिसकी गति बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है, के रूप में पुरी और सागर द्वीप के बीच उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों ने समिति को चक्रवाती तूफान के संभावित रास्ते में पड़ने वाली आबादी की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रारंभिक उपायों और स्थानीय प्रशासन द्वारा उठाये जा रहे विभिन्न कदमों से अवगत कराया। मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए कहा गया है और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर वापस बुलाया गया है। नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं और वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में आश्रय स्थल, बिजली आपूर्ति, दवा और आपातकालीन सेवाएं तैयार रखी गई हैं। असुरक्षित इलाकों में रहने वाले लोगों की निकासी के लिए पहचान कर ली गई है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने पश्चिम बंगाल में 14 टीमों और ओडिशा में 11 टीमों को तैनाती के लिए तैयार रखा है। जहाजों तथा विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव एवं राहत टीमों को तैयार रखा गया है। पारादीप और हल्दिया के बंदरगाहों पर नियमित चेतावनियां और सलाह भेजी जा रही हैं। सेवाओं की तत्काल बहाली के लिए विद्युत मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग द्वारा आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
केन्द्रीय एजेंसियों और ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल सरकार की तैयारी के उपायों की समीक्षा करते हुए, कैबिनेट सचिव ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकारों और केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा सभी आवश्यक निवारक एवं एहतियाती उपाय किए जायें। इसका उद्देश्य जीवन की हानि को शून्य रखना और संपत्ति एवं बुनियादी ढांचे को कम से कम नुकसान पहुंचने देना होना चाहिए। क्षति की स्थिति में, आवश्यक सेवाओं को कम से कम समय में बहाल किया जाना चाहिए।
कैबिनेट सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समुद्र में गए मछुआरों को वापस बुला लिया जाए और असुरक्षित इलाकों से लोगों को समय रहते निकाल लिया जाए। उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकार को आश्वासन दिया कि सभी केन्द्रीय एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं और वे सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों को भी भारी बारिश के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी। कैबिनेट सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि बाढ़ की किसी भी स्थिति से बचने के लिए संभावित प्रभावित क्षेत्र में बांध स्थलों से पानी को छोड़ने की प्रकिया को नियंत्रित किया जाना चाहिए।
इस बैठक में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, केन्द्रीय गृह सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, मत्स्यपालन, विद्युत, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग विभाग के सचिव, आंध्र प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, दूरसंचार विभाग के सदस्य (तकनीकी) के अलावा एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख से लेकर चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के अध्यक्ष, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव, भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
पैरामिलिट्री फोर्स की कड़ी निगरानी : जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला, 7 मजदूरों की मौत
पैरामिलिट्री फोर्स की कड़ी निगरानी, सुरक्षा सलाहकार का बयान जारी
नई दिल्ली | जम्मू- कश्मीर के गांदरबल में आतंकवादी हमला हुआ है | आतंकवादियों ने स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूरों पर फायरिंग की, जिसमें 7 की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं | यह हमला सोनबर्ग में एक निर्मानाधीन टनल के पास हुआ | अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने जिले के गुंड इलाके में सुरंग के निर्माण पर काम कर रही एक निजी कंपनी के कैंप में मजदूरों पर गोलीबारी की | उन्होंने बताया कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए, वहीं हमलावरों का पता लगाने के लिए पुलिस और सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।

आंतकी हमले के संबंध में कश्मीर जोन पुलिस ने एक्स पर बताया कि गांदरबल के गगनगीर में आतंकी हमला हुआ है | सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है | विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी | मृतकों की पहचान डॉ. शाहनवाज, फहीम नजीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरुमीत सिंह के रूप में हुई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिले में हुए, आतंकवादी हमले की निंदा की | उन्होंने कहा कि इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सुरक्षा बलों की ओर से कड़ी से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा | जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी हमले में गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या को दुखद बताया | उन्होंने इसे कायरतापूर्ण हमला करार दिया | उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर नीचतापूर्ण और कायरतापूर्ण हमले की बहुत दुखद खबर है।
छत्तीसगढ़ की 14 सदस्यीय मीडिया टीम त्रिपुरा राज्य के लिए कल होगी रवाना
रायपुर | पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), भारत सरकार, रायपुर के नेतृत्व में त्रिपुरा राज्य में भारत सरकार प्रवर्तित लोक कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन एवं प्रगति के अवलोकन के साथ ही साथ राज्य के कला, संस्कृति और विरासत को जानने व समझने के लिए छत्तीसगढ़ की 14 सदस्यीय मीडिया टीम कल, 22 अक्टूबर, 2024 को त्रिपुरा के लिए रवाना होगी । इस टीम में प्रिंट-मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक-मीडिया और ऑनलाइन-मीडिया के प्रतिनिधिगण और पीआईबी-रायपुर के ऑफिशियल्स शामिल हैं ।

इसके अलावा मीडिया टीम, त्रिपुरा राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगी ।
भारतीय नौसेना के मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाई गई
नई दिल्ली | वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पूर्वी नौसेना कमान, ने शिलांग, मेघालय से मोटरसाइकिल अभियान ‘नॉर्थईस्ट ओडिसी’ को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल संजय मलिक, जीओसी, 101 एरिया और एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया, एसएएसओ, पूर्वी वायु कमान उपस्थित थे।

यह अभियान टीवीएस मोटर कंपनी के सहयोग से पूर्वोत्तर राज्यों मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य इन जीवंत राज्यों में नौसेना के बारे में जागरूकता बढ़ाना और युवाओं और सिविल सोसायटी के साथ जुड़ना है। नौसेना ने पहले 2022 में पूर्वोत्तर में और 2023 में लेह/लद्दाख में इसी तरह के सफल प्रयास किए हैं।

मौजूदा पहल के मुख्य उद्देश्यों में तीन पूर्वोत्तर राज्यों में भारतीय नौसेना का प्रदर्शन और स्कूलों / कॉलेजों में अग्निपथ योजना सहित भारतीय नौसेना में करियर के अवसरों के बारे में जागरूकता अभियान चलाना शामिल है। यह अभियान महिला अधिकारियों और उनके जीवनसाथियों को शामिल करके नारी शक्ति को बढ़ावा देता है और इस क्षेत्र में नौसेना के दिग्गजों और वीर नारियों के साथ बातचीत करने का भी लक्ष्य रखता है। 15 दिवसीय अभियान मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों के विभिन्न शहरों से गुजरते हुए 2500 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
फ्लैग ऑफ समारोह में अपने संबोधन में वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने कहा कि नौसेना हमेशा साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देती रही है क्योंकि ये न केवल कर्मियों को ऊंचे लक्ष्य रखने और बेहतर हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं, बल्कि टीम बनाने में भी मदद करती हैं और सौहार्द बढ़ाती हैं, जो समुद्र में कुशल प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने राइडर्स को देश के ऐसे महत्वपूर्ण हिस्से में नौसेना के बारे में समुद्री चेतना और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अभियान चलाने के लिए बधाई दी, जो समुद्र से दूर है, लेकिन सभी के दिलों के करीब है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित और यादगार यात्रा की शुभकामनाएं दीं और एक महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए नौसेना के साथ साझेदारी करने के लिए टीवीएस मोटर्स को धन्यवाद दिया।
भारत की विमानन विरासत को प्रदर्शित करने वाले ‘विमानन पार्क’ का उद्घाटन
नई दिल्ली | नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंत्रालय के परिसर में विमानन पार्क का उद्घाटन किया। एक शांत जलाशय के बीच शानदार विमान मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं, जो विमानों के विकास और भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की वृद्धि को दर्शाते हैं। ये प्रदर्शन विमानन क्षेत्र में प्रगति और नवाचार की दिशा में मंत्रालय की यात्रा का प्रतीक हैं।

भारत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वतंत्र वास्तुशिल्प स्तंभों की पृष्ठभूमि, देश की समृद्ध सांस्कृतिक और वास्तुशिल्प विरासत का जश्न मनाती है। पार्क में एक विशेष मार्ग महत्वपूर्ण मील के पत्थरों को उजागर करता है, जो भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास में प्रारंभिक उड़ान और विमान विकास से लेकर आधुनिक उन्नतियों तक फैला हुआ है। यह मार्ग आगंतुकों के लिए एक शैक्षिक अनुभव प्रदान करता है।
पार्क को स्थिरता को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर विकसित किया गया है। बांस का उपयोग छायादार बैठने की जगहों के लिए किया गया है, जो पर्यावरण-अनुकूल निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देता है। यह पार्क एक ऐतिहासिक स्थल बनने का वादा करता है, जो भारत की विमानन उपलब्धियों को इसकी वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ता है, जो विमानन उत्साही लोगों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
राम मोहन नायडू ने इसमें शामिल सभी लोगों के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की तथा इस बात पर बल दिया कि यह एविएशन पार्क वैश्विक विमानन क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है।
खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित "संयुक्त उद्यम समझौता" हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में "रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी।
CM एकनाथ शिंदे के बेटे मुश्किल में फंसे! उज्जैन में महाकाल मंदिर के नियम तोड़ने के आरोप, क्या है मामला?
डेस्क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में बने महाकाल मंदिर के नियम तोड़ने के आरोप लगा हैं। मंदिर का नियम है कि कोई श्रद्धालु गर्भगृह के अंदर नहीं जा सकता और न ही अंदर जाकर पूजा कर सकता है, लेकिन श्रीकांत शिंदे ने यह नियम तोड़ा है। उन्होंने अपनी पत्नी और 2 अन्य लोगों के साथ गर्भगृह के अंदर जाकर पूजा की। मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

मंदिर प्रशासन ने मामले की जांच करने और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। बता दें कि उज्जैन महाकाल के दर्शन करते हुए श्रीकांत उनकी पत्नी और उनके दोनों साथियों के फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं। वीडियो में चारों शाम 5 बजकर 38 मिनट पर मंदिर के गर्भगृह में एंट्री करते दिखे। चारों उस समय शिवलिंग के पास बैठकर पूजा करते दिखे, जब भगवान महाकाल का श्रृंगार किया जा रहा था। इसी वीडियो के आधार पर मंदिर के नियम टूटने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

बता दें कि उज्जैन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सिर्फ पुजारी प्रवेश कर सकते हैं। उनके अलावा किसी अन्य को जाने की अनुमति नहीं है। पिछले एक साल से यह नियम लागू है और इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई होती है। नियम है कि महाकाल मंदिर के गृभगृह में स्थापित शिवलिंग से 50 फीट की दूरी बनाकर लोग दर्शन कर सकते हैं, लेकिन पिछले एक महीने में यह चौथी बार हुआ है और किसी ने इस नियम का उल्लंघन किया है। आदेश के बावजूद नियम का पालन नहीं होने पर मंदिर प्रशासन सख्त हो गया है।

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए देश-विदेश के निवेशक
भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने के लिये सभी प्रकार की सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध है।

प्रमुख सचिव, खनिज संसाधन संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बढ़ता हुआ राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज का अपार भण्डार है। माईनिंग के क्षेत्र में नई तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। पर्यावरण-संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शुक्ला ने खनिज सेक्टर के एक्सपर्ट से कहा कि कॉन्क्लेव में अपनी जानकारी भी शेयर करें। प्रदेश में अधिक से अधिक खनन के क्षेत्र में आगे आयें और निवेश करें। केन्द्रीय हाईड्रोकार्बन महानिदेशक पल्लवी जैन गोविल ने भी संबोधित किया।
रेलवे यात्री अब 90 दिन पहले नहीं बुक करा सकेंगे टिकट... रेलवे ने बदला नियम
नईदिल्ली। त्योहारों में अपने घर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए ट्रेन में यात्रा सबसे अधिक सुविधाजनक रहता है, ऐसे में ट्रेन में सफर करने वाले उन लोगों की मुसीबत थोड़ी बढ़ गई जो काफी समय पहले से अपनी टिकट बुक करा लिया करते थे। अभी तक रेलवे यात्रा के 90 दिन पहले से टिकट बुक कराने की सुविधा दी थी। अब रेलवे ने इस बुकिंग सुविधा के समय को घटाकर 60 दिन कर दिया है।
रेलवे द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग की समय सीमा को कम कर दिया है, और 1 नवंबर, 2024 के बाद सिर्फ़ 60 दिन आगे तक के लिए ही ट्रेन टिकटों की एडवांस बुकिंग की जा सकेगी। यही नहीं, समय सीमा के 60 दिनों में यात्रा का दिन भी शामिल होगा।
रेलवे के मुताबिक, बदले हुए इस नियम का प्रभाव 31 अक्टूबर, 2024 तक बुक की जा चुकी टिकटों पर नहीं पड़ेगा, हालांकि, 60 दिन की ARP से परे की गई बुकिंग को रद्द करने की अनुमति दी जाएगी.
भारतीय रेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुछ दिन के समय की एक्सप्रेस ट्रेनों - जैसे ताज एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस आदि - के मामले में नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा, जहां अग्रिम आरक्षण के लिए कम समय सीमा वर्तमान में ही लागू है. इसके अलावा, विदेशी पर्यटकों के लिए रखी गई 365 दिन की सीमा के मामले में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
विशेष स्वच्छता अभियान 4.0.... जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग में बेहत काम
डेस्क। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2024 तक स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 4.0 शुरू किया है। पेयजल और स्वच्छता विभाग अपने कार्यक्रम प्रभागों और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान (एसपीएम-निवास) के साथ मिलकर लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 4.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
डीएआरपीजी विभाग के सचिव वी. श्रीनिवास ने पंडित दीनदयाल अंत्योदय भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स में विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा के संबंध में 15 अक्टूबर, 2024 को शाम साढे चार बजे डीडीडब्ल्यूएस सचिव सुश्री विनी महाजन के साथ चर्चा की। डीडीडब्ल्यूएस के ओएसडी अशोक केके मीना भी दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे। डीएआरपीजी सचिव ने डीडीडब्ल्यूएस द्वारा संचालित पंडित दीनदयाल अंत्योदय भवन में क्रेच का भी दौरा किया।
‘स्वच्छता ही सेवा 2024’ अभियान के अनुभव को साझा करते हुए डीडीडब्ल्यूएस की सचिव सुश्री विनी महाजन ने विशेष अभियान 4.0 के संबंध में कई बहुमूल्य सुझाव दिए जिनमें केंद्र सरकार के कार्यालयों से परे विशेष अभियान का विस्तार, सभी सफाई कर्मचारियों के लिए स्वच्छता पर ऑनलाइन प्रशिक्षण (I-GoT) मॉड्यूल का विकास, निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले सभी लोगों के लिए पेंशन मॉड्यूल, नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने में नागरिक-अनुकूल व्यव्स्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने क्रेच सुविधा की स्थापना जैसी समावेशी पहल, सफाई कर्मचारियों के प्रयासों को स्वीकृति देकर उन्हें सम्मानित करना और उनके लिए विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने जैसे सुझाव भी दिए।
न्याय की देवी की नई मूर्ति में आंखों से पट्टी हटी, हाथ में संविधान भी, जानिये क्या है खास
डेस्क। न्याय की देवी की मूर्ति अब बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट में नई मूर्ति लगाई गई है। जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई मूर्ति की खासियत यह है कि इसकी आंखों पर पट्टी नहीं बंधी है। परंपरागत मूर्ति की तरह इसके एक हाथ मे तराजू तो है पर दूसरे हाथ में तलवार की जगह भारत का संविधान है। सांकेतिक रूप से देखा जाए तो कुछ महीने पहले लगी न्याय की देवी की नई मूर्ति साफ संदेश दे रही है कि न्याय अंधा नहीं है। वह संविधान के आधार पर काम करती है।
ऐसा बताया जा रहा है कि यह मूर्ति चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पहल पर लगाई गई है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि ऐसी और मूर्तियां लगाई जाएंगी या नहीं। कुछ समय पहले ही अंग्रेजों के कानून बदले गए हैं। अब भारतीय न्यायपालिका ने भी ब्रिटिश युग को पीछे छोड़ते हुए नया रंग-रूप अपनाना शुरू कर दिया है। ये सब कवायद सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने की है। उनके निर्देश पर न्याय की देवी में बदलाव कर दिया गया है। ऐसी ही स्टैच्यू सुप्रीम कोर्ट में जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई है।
अभी तक न्याय की मूर्ति की आंखों पर पट्टी बंधी थी। एक हाथ में तराजू और दूसरे हाथ में तलवार थी. इससे जुड़ा मुहावरा सुर्खियों में रहता है कि ‘कानून अंधा होता है’। अदालतों में दिखने वाली मूर्ति को लेडी जस्टिस मूर्ति कहा जाता है। इस मूर्ति को मिस्र की देवी मात और ग्रीक देवी थेमिस के नाम से जाना जाता है।
तिरुमाला मंदिर जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन की खबर : भारी बारिश की वजह से
डेस्क | तिरुमाला मंदिर जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन की खबर है। भारी बारिश से रनवे पर पानी भर जाने के कारण हैदरावाद से आने वाली कुछ उड़ानों को चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश से हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क भी जलमग्र हो गई।

आध प्रदेश के तिरुपति में भारी बारिश की वजह से बुधवार को रेनिगुटा हवाई अड्डे पर उड़ान परिचालन प्रभावित हुआ। तिरुमाला मंदिर जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन की खबर है। भारी बारिश से रनवे पर पानी भर जाने के कारण हैदरावाद से आने वाली कुछ उड़ानों को चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश से हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क भी जलमग्र हो गई। मंगलवार से हो रही भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच, घाट रोड पर भूस्खलन से तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित श्री तेंकटेश्वर मंदिर तक गहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने सड़क से पड़े पत्थ्तों को हटाने के लिए जेसीबी को काम पर लगाया है।

प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर के मामलों का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को परेशानी हो रही है। भारी बारिश के मद्देनजर तीर्थयात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए टीटीडी ने बुधवार को वीआईपी ब्रेक दर्शन रद्द कर दिया है। तिरुपति जिले के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों ने जिला कलेक्ट्रेट और मंडल तथा डिवीजन स्तर पर कंट्रोल रूम खोले है। तिरुमाला पहाड़ी से बारिश का पानी बहकर तिरुपति की ओर आ रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।

कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बुधवार सुबह 9 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान आईआईटी तिरुपति में 175 मिमी और रेनिगुंटा में 131 मिमी बारिश दर्ज की गई। बगाल की खाड़ी में दवाव के कारण दक्षिणी तटीय आंध के नेल्लोर, प्रकाशम जिले और रायलसीमा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। नेल्लोर जिले में नाले, नदियां, झीले और तालाब उफान पर है। भारी बारिश के कारण कुछ गांव कट गए हैं। अधिकारियों ने वाईएसजार कडपा और नाववाल जिलों में एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की है।
स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिला प्रशासन को अगले चार दिनों तक हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। जल निकायों की निगरानी और संभावित बाढ़ की तैयारी पर विशेष जोर दिया गया है। लोगों को भारी बारिश और बाढ़ के दौरान नहरों और नालों को पार करने से बचने की सलाह दी गई है। जल संसाधन मंत्री निम्माला रामानायडू और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में निवासियों को अग्रिम चेतावनी देने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट संदेश भेजने का निर्देश दिया ताकि समय पर संचार सुनिश्चित हो सके। जान-माल के नुकसान को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, खासकर उन जिलों में जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। नेल्लोर और तिरुपति जिलों सहित प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नियंत्रण कक्ष से मुख्य सचिव नीरभ कुमार प्रसाद ने पुलिस और सिंचाई सहित विभिन्न विभागों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है, और बाढ़ की आशंका वाली सड़कों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया जाएगा। भारी बारिश के मद्देनजर, नेल्लोर और तिरुपति जिले में स्कूल और कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे। इस बीच, अल्लूरी सीताराम राजू जिले में, प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण रामपचोदवरम एजेंसी में पर्यटक गतिविधियों को 17 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है।