देश-विदेश
आगामी 5 दिनों के दौरान महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटीय एवं उत्तरी आंतरिक इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना
पश्चिमोत्तर भारत में 9 जून से लू की स्थिति का नया दौर शुरू हो सकता है |
अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वी एवं पूर्वी मध्य भारत, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति जारी रहने के आसार |
उत्तर प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनी रही।
नई दिल्ली | दक्षिणी हरियाणा, दिल्ली, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी बिहार के छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान 43 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य के मुकाबले 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
झांसी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो देश भर में सबसे अधिक तापमान रहा।
तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा, कोंकण एवं गोवा, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा, ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, तेलंगाना, दक्षिणी कर्नाटक के आंतरिक इलाके और केरल एवं माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 8 जून, 2024 को मध्य अरब सागर, दक्षिण महाराष्ट्र, तेलंगाना एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों और दक्षिण ओडिशा एवं तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों की ओर बढ़ चुका है।
मॉनसून की उत्तरी सीमा अब 18.0°N/60°E, 18.0°N/65°E, 17.5°N/70°E, हरनाई, बारामती, निजामाबाद, सुकमा, मलकानगिरी, विजयनगरम, 19.5°N/88°E, 21.5°N/89.5°E, 23°N/89.5°E और इस्लामपुर से होकर गुजरती है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, महाराष्ट्र के कुछ अन्य हिस्सों (मुंबई सहित) और तेलंगाना में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
मध्य असम और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर क्षोभमंडल के निचले स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर राज्यों तक क्षोभमंडल के निचले स्तरों में तेज दक्षिण-पश्चिमी/ दक्षिणी हवाएं चल रही हैं।
अगले 7 दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम जैसे हिमालय के निचले इलाकों में गरज के साथ बिजली चमने और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ व्यापक तौर पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम जैसे हिमालय के निचले इलाकों में 8 से 12 तारीख के दौरान, असम, मेघालय एवं अरुणाचल प्रदेश में 9 से 12 तारीख के दौरान और नागालैंड में 8 व 12 जून, 2024 को अलग-अलग जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। असम और मेघालय में 11 और 12 जून को भी अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
क्षोभमंडल के निचले एवं मध्यवर्ती स्तरों में 16°N के आसपास एक शियर जोन चल रहा है। क्षोभमंडल के निचले स्तरों में महाराष्ट्र से उत्तरी केरल तक एक गर्त रेखा चल रही है।
कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कर्नाटक, केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं (40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे) के साथ व्यापक तौर पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
12 जून, 2024 को कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। केरल और माहे में 10 से 12 जून के दौरान, दक्षिण कर्नाटक के भीतरी इलाकों में 8 से 10 जून, 2024 के दौरान, मराठवाड़ा, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना में 8 जून, 2024 को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 8 से 11 जून के दौरान कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय एवं उत्तरी कर्नाटक के भीतरी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 8 से 9 जून, 2024 के दौरान केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 8 से 10 जून के दौरान कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की भी संभावना है। 9 से 11 जून के दौरान मध्य महाराष्ट्र में, 8 से 9 जून को तटीय कर्नाटक और 9 जून को उत्तरी कर्नाटक के भीतरी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की भी संभावना है।
उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी बिहार में क्षोभमंडल के निचले स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
अगले 4 से 5 दिनों के दौरान बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाके, ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे) के साथ छिटपुट से लेकर हल्की व मध्यम बारिश होने की संभावना है।
8 और 9 जून, 2024 को मध्य प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि और तेज हवाएं (50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे) चलने की संभावना है।
मध्य क्षोभमंडल की पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में पश्चिमी विक्षोभ देखा जा रहा है जो मोटे तौर पर देशांतर 70° पूर्व से अक्षांश 30° उत्तर में है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अरब सागर से चल रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अगले 2 दिनों तक जारी रहने की संभावना है। उनके प्रभाव में:
8 से 9 जून, 2024 के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज के साथ बिजली चमकने और छिटपुट से हल्की या मध्यम बारिश होने की संभावना है।
कांग्रेस कार्यसमिति में प्रस्ताव होगा पारित, राहुल गांधी को बनाया जाए विपक्ष का नेता
डेस्क | कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया जाने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्यों ने एक प्रस्ताव पारित किया है। राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी से कहा है कि वह बहुत जल्द (लोकसभा में विपक्ष का नेता बनने पर) फैसला लेंगे।
पार्टी की सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल से जब ये पूछा गया कि राहुल गांधी कौन सी सीट (रायबरेली या वायनाड) रखेंगे, तो उन्होंने कहा, ‘यह फैसला 17 तारीख से पहले लिया जाना है और यह 3-4 दिनों में आ ही जाएगा।’
इस बैठक में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित शीर्ष नेता शामिल हुए। इसके अलावा अन्य नेताओ ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में वरिष्ठ पार्टी नेता और सीडब्ल्यूसी के सदस्य, कांग्रेस विधायक दल के नेता और विभिन्न राज्यों के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पार्टी के प्रदर्शन का विश्लेषण करेंगे और संगठन को मजबूत करने के उपाय सुझाएंगे।
इस बैठक के बाद सीडब्ल्यूसी सदस्यों और पार्टी सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया जाएगा। पार्टी सांसद इस बैठक में नए कांग्रेस संसदीय दल के अध्यक्ष का भी चुनाव करेंगे। सोनिया गांधी के सीपीपी अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाने की संभावना है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने X पर CWC की बैठक को लेकर अपडेट दिया। उन्होंने लिखा, ‘2024 का चुनाव नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए नैतिक हार है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और I.N,D.I गठबंधन के लिए मनोबल बढ़ाने वाला रहा है। विस्तारित कांग्रेस कार्य समिति की बैठक सुबह 11 बजे हो रही है और कांग्रेस संसदीय दल की बैठक शाम 5.30 बजे होगी।’
गाम्बिया के सिविल सेवकों के लिए दो सप्ताह का चौथा मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न
चौथा मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत और गाम्बिया के बीच कार्मिक प्रशासन और शासन 2019-24 पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के सफल कार्यान्वयन को दर्शाता है
नई दिल्ली | गाम्बिया के मध्य-स्तर के सिविल सेवकों के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ साझेदारी में दो सप्ताह का चौथा मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 जून 2024 को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में गाम्बिया के प्रमुख मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 अधिकारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में कार्मिक प्रशासन और शासन 2019-24 पर भारत गाम्बिया समझौता ज्ञापन के सफल कार्यान्वयन को चिह्नित किया गया।
इस कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के सचिव और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के महानिदेशक वी. श्रीनिवास, आईएएस ने कार्यवाही की अध्यक्षता की और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कार्मिक प्रशासन और शासन 2019-24 पर भारत-गाम्बिया के पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन के सफल कार्यान्वयन के लिए आभार व्यक्त किया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल परिवर्तन कैसे आर्थिक विकास को गति दे सकता है, सेवा वितरण को बढ़ा सकता है और समावेशी विकास को बढ़ावा दे सकता है। श्रीनिवास ने शासन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, पारदर्शिता में सुधार करने और सार्वजनिक प्रशासन में दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल डिवाइड (डिजिटल सुविधा तक पहुंच में कमी) को पाटने यानी डिजिटल सेवाओं की सर्वसुलभता के लिए डिजिटल पहल की क्षमता पर चर्चा की और इस प्रकार यह सुनिश्चित किया कि तकनीकी प्रगति का लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचित और हाशिए पर पड़े समुदायों तक पहुंचे।

एनसीजीजी के महानिदेशक वी. श्रीनिवास ने कहा कि दोनों देशों में शासन को बेहतर करने के लिए ज्ञान का परस्पर आदान-प्रदान करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे गाम्बिया में भारत के सुशासन मॉडल को अपनाने से बड़े पैमाने पर विकास हो सकता है, जिससे दोनों देशों की उन्नति में लाभ मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान, गाम्बिया के सिविल सेवक अधिकारियों ने डिजिटल गाम्बिया, गाम्बिया में महिला सशक्तिकरण और गाम्बिया में सामाजिक कल्याण योजना जैसे विषयों पर प्रस्तुतिया दीं। इन प्रस्तुतियों को प्रतिनिधियों ने खूब सराहा। महिला सशक्तिकरण पर अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए ग्रुप दो को पहला स्थान हासिल हुआ।
भारत में गाम्बिया के राजदूत मुश्तफा जावरा ने अनुभव और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए एनसीजीजी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने इस बहुमूल्य अवसर को प्रदान करने के लिए एनसीजीजी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। जावरा ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में ऐसे कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय शासन मॉडल को अपनाने और उससे सीखने से गाम्बिया में पर्याप्त और सकारात्मक विकासात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं, जिससे बेहतर शासन और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ावा मिल सकता है।
इस कार्यक्रम के दौरान, एसोसिएट प्रोफेसर और पाठ्यक्रम संयोजक डॉ. एपी सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे अधिकारियों के लिए तैयार किए गए पाठ्यक्रम और परामर्शदाताओं के साथ बातचीत ने एनसीजीजी को गाम्बिया से अमूल्य सीखने के अनुभव प्रदान किए। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम न केवल ज्ञान साझा करने में मदद करते हैं बल्कि अधिकारियों के साथ बातचीत के अवसर भी पैदा करते हैं, जिससे मूल्यवान मित्रता बढ़ती है। एनसीजीजी भविष्य में गाम्बिया से और अधिक अधिकारियों की मेजबानी करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र, भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है। एनसीजीजी के प्रयास ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ यानी “पूरा विश्व एक परिवार है” के भारतीय दर्शन के अनुरूप हैं और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और अन्य देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं।
एनसीजीजी ने विदेश मंत्रालय के साथ साझेदारी में, 17 देशों बांग्लादेश, मालदीव, केन्या, तंजानिया, ट्यूनीशिया, सेशेल्स, गाम्बिया, श्रीलंका, अफगानिस्तान, लाओस, वियतनाम, नेपाल भूटान, म्यांमार, इथियोपिया, इरेट्रिया और कंबोडिया के सिविल सेवकों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण दिया है। एनसीजीजी को सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग के लिए कई देशों से अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) में सलाहकार और मुख्य प्रशासन अधिकारी प्रिस्का पॉली मैथ्यू, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमाशी रस्तोगी, और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गजाला हसन ने भी समापन सत्र की शोभा बढ़ाई।
पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. ए.पी. सिंह, सह-पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. मुकेश भंडारी और कार्यक्रम सहायक संजय दत्त पंत ने संपूर्ण क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पर्यवेक्षण किया।
भारत और अमेरिका के बीच 2024 के लिए पहली कमांड एवं कंट्रोल कम्पेटिबिलिटी बोर्ड की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई
नई दिल्ली | भारत और अमेरिका के बीच 2024 के लिए पहली कमांड एंड कंट्रोल कम्पेटिबिलिटी बोर्ड (सीसीसीबी) बैठक 04-07 जून 2024 तक मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में यूएस इंडोपैकोम के कार्यकारी निदेशक पॉल निकोलसन के नेतृत्व में 29 सदस्यीय अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल और हेडक्वार्टर्स इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के ब्रिगेडियर राहुल आनंद के नेतृत्व में 38 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
सीसीसीबी भारत व अमेरिका के बीच संचार कम्पेटिबिलिटी और सुरक्षा समझौते (कॉमकासा) के अनुच्छेद XI के तहत गठित तकनीकी विशेषज्ञ समूह है, और इसे साल में दो बार आयोजित किया जाता है। सितंबर 2018 में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी में निरंतर प्रगति को मापने, उसे सुदृढ़ करने और हासिल करने के लिए सातवीं ऐसी बैठक है।
इस चार दिवसीय बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों के विषय विशेषज्ञों ने अंतर-संचालन परिदृश्यों और परिचालन संचार आवश्यकताओं को समझने के लिए कई दौर की व्यापक चर्चा की। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रित चर्चा भारतीय त्रि-सेवाओं की वर्तमान संचार अंतर-संचालन आवश्यकताओं के लिए परस्पर सहमति से समाधान निकालने में सहायक रही। इस बैठक का सफल परिणाम भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच मजबूत होते संबंधों का सच्चा प्रतिबिंब है।
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर : दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंध रहेगी
नई दिल्ली | एनडीए गठबंधन के नेता नरेंद्र मोदी रविवार 9 जून शाम को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को मोदी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल, मॉरीशस, भूटान और सेशेल्स आदि देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे।
अर्धसैनिक बलों और दिल्ली सशस्त्र पुलिस बल (DAP) के जवानों की पांच कंपनी सहित लगभग 2500 पुलिस कर्मियों को कार्यक्रम स्थल के आसपास तैनात किया जायेगा। मोदी का सुरक्षा घेरा पिछले वर्ष हुए जी - 20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई व्यवस्था की तरह ही रहने की संभावना है। रविवार को दिल्ली के मध्य भाग की ओर जाने वाली कई सड़कें बंद रह सकती हैं।दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने समारोह के मद्देनजर सुरक्षा योजना बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय और नई दिल्ली में कई बैठकें की है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनियां, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो, ड्रोन और ‘स्नाइपर’ को तैनात किया गया है।गणमान्य लोग जिन मार्गों से होकर जाएंगे, उन पर ‘स्नाइपर’ और सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और नई दिल्ली में अहम स्थानों पर ड्रोन तैनात किए जाएंगे। विदेशी मेहमान राजधानी के लीला, ताज, आईटीसी मौर्या, क्लेरिजस और ओबेरॉय जैसे लग्जरी होटल में रुकेंगे। होटलों को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।समारोह के दिन दिल्ली पुलिस के स्वाट और NSG के कमांडो राष्ट्रपति भवन एवं विभिन्न अहम स्थानों के आसपास तैनात रहेंगे। शपथ ग्रहण राष्ट्रपति भवन के अंदर होना है, इसलिए परिसर के अंदर और बाहर तीन - स्तरीय सुरक्षा होगी। बाहरी पर दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, उसके बाद अर्धसैनिक बल के जवान और भीतर में राष्ट्रपति भवन की आंतरिक सुरक्षा के जवान तैनात रहेंगे।
देश का सबसे बड़ा एथेन क्रैकर परियोजना सह पेट्रोकेमिकल परिसर आष्टा में
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा सीहोर जिले की आष्टा तहसील में लगाई जाने वाली देश की सबसे बड़ी एथेन क्रैकर परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश के औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना के लिए आवश्यक भूमि आवंटन की शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि सीहोर जिले की आष्टा तहसील में लगभग रू 60 हजार करोड़ के निवेश से निर्मित होने वाली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी एथेन क्रैकर परियोजना होगी। इस परियोजना में ग्रीन फील्ड पेट्रोकेमिकल परिसर भी प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत एलएलडीपीई, एचडीपीई, एमईजी और प्रोपेलीन जैसे पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन होगा। इस परियोजना से निर्माण अवधि के दौरान 15,000 व्यक्तियों तथा संचालन अवधि के दौरान लगभग 5,600 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। परियोजना में 70 हेक्टेयर की टाउनशिप भी प्रस्तावित है। परियोजना का भूमिपूजन आगामी फरवरी तक तथा वाणिज्यिक उत्पादन वित्त वर्ष 2030-31 में प्रारंभ होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश भवन में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला और गेल (इंडिया) लिमिटेड के निदेशक आरके सिंघल उपस्थित रहे।
पिछले छह दशकों में पहली बार किसी प्रधानमंत्री को तीसरा कार्यकाल मिला है: उपराष्ट्रपति
जब भी कोई संदेह हो तो भारतीय संविधान का अध्ययन करना चाहिए : उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया की शक्ति का लाभ उठाने की सलाह दी
भारत एक निष्क्रिय महाशक्ति नहीं है, बल्कि एक ऐसा देश है जो लगातार आगे बढ़ रहा है: उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली | उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मौजूदा सरकार के तीसरे कार्यकाल के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया, जो पिछले छह दशकों में अभूतपूर्व है। उन्होंने इस तरह की उपलब्धि की दुर्लभता पर जोर दिया। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, "1962 के बाद यह पहली बार है कि किसी प्रधानमंत्री को तीसरा कार्यकाल मिला है।"
धनखड़ ने उपराष्ट्रपति आवास में राज्य सभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अनुरोध किया कि वे अपने विचार व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग करें और लोकतंत्र में हानिकारक प्रवृत्तियों को लेकर सावधान रहें। उपराष्ट्रपति ने सकारात्मक विकास के लिए संसद में रचनात्मक बहस, संवाद और चर्चा की भूमिका पर जोर दिया। इसके अलावा धनखड़ ने प्रशिक्षुओं से अनुरोध किया कि अगर वे इन सिद्धांतों से कोई विचलन देखते हैं, तो वे जनता की राय जुटाएं।
उन्होंने आगे आह्वान किया कि भारत एक निष्क्रिय महाशक्ति नहीं है, बल्कि एक गतिशील देश है जो हर दिन और हर क्षण आगे बढ़ रहा है। उपराष्ट्रपति ने स्पष्टता के लिए भारतीय संविधान का अध्ययन करने के महत्व पर जोर दिया। धनखड़ ने प्रशिक्षुओं को सलाह दी कि जब भी कोई संदेह हो तो वे भारतीय संविधान को पढ़ें।
उपराष्ट्रपति ने इंटर्नशिप कार्यक्रम को एक ऐसा "संसदीय स्टार्टअप" बताया, जो देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़ने के लिए एक नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करेगा। धनखड़ ने इस बात को रेखांकित किया कि कैसे नागरिक इसमें अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सा ले सकते हैं और संसद सदस्य बने बिना भी याचिकाओं के माध्यम से सार्वजनिक मुद्दों को उठा सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. सुदेश धनखड़, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य सभा के महासचिव पीसी मोदी, उपराष्ट्रपति के सचिव सुनील कुमार गुप्ता, राज्य सभा के सचिव राजित पुनहानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सीएससी ने 10,000 एफपीओ को सीएससी में बदलने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली | सीएससी एसपीवी और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के बीच आज (7 जून 2024) दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य ‘10,000 एफपीओ योजना के गठन एवं संवर्धन’ के तहत पंजीकृत एफपीओ को सीएससी में बदलना और उन्हें नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने में सहायता करना है।
समझौते के अनुसार, 10,000 एफपीओ को सीएससी में बदला जाएगा। सीएससी एसपीवी उन्हें डिजिटल सेवा पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। एफपीओ का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सीएससी द्वारा किया जाएगा।
समझौते पर संजय राकेश, एमडी एवं सीईओ, सीएससी एसपीवी और फैज अहमद किदवई, अतिरिक्त सचिव, कृषि मंत्रालय ने मनोज आहूजा, सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में “10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन और संवर्धन” के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना शुरू की, जो किसानों को उनकी सौदेबाजी की शक्ति बढ़ाने, पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं का लाभ उठाने, उत्पादन की लागत में कमी लाने और अपने कृषि उत्पादों के एकत्रीकरण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में सक्षम बना रही है, इस तरह ये स्थायी आय की दिशा में एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। आज की पहल के बाद, एफपीओ के माध्यम से सीएससी सेवाओं के वितरण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सीएससी ने हमेशा विभिन्न पहलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश की है। किसान और कृषि हमारी पहल का एक अभिन्न अंग हैं। देश के दूरदराज के क्षेत्रों में उपस्थित सीएससी के विशाल नेटवर्क की बदौलत, वे पहले से ही टेली-कंसलटेशन, फसल बीमा, ई-पशु चिकित्सा, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान योजनाओं के माध्यम से किसानों को विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान, सीएससी एसपीवी के एमडी-सीईओ संजय राकेश ने कहा, “यह बेहद प्रसन्नता की बात है कि 10,000 एफपीओ अब सामान्य सेवा केंद्र के रूप में काम करेंगे। इस पहल से, एफपीओ से जुड़े अधिक किसान सीएससी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे एफपीओ नागरिकों को वे सभी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे, जो सीएससी योजना के डिजिटल सेवा पोर्टल पर उपलब्ध हैं।’’
यह पहल देश के ग्रामीण विकास और डिजिटल सशक्तिकरण के आंदोलन को एक नया आयाम देगी। इससे सीएससी की कृषि संबंधी सेवाओं में भारी वृद्धि होगी। इससे एफपीओ को, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस), फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और उर्वरक और सीड इनपुट जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए, नोडल सेंटर बनने में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान, कृषि मंत्रालय के निदेशक (विपणन) कपिल अशोक बेंद्रे, सीएससी एसपीवी के उपाध्यक्ष सुबोध मिश्रा और सीएससी एसपीवी के सलाहकार देविंदर रुस्तगी भी उपस्थित थे।
राजग नेता चुने जाने के बाद आडवाणी और जोशी से मिले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी... लिया दोनों का आशीर्वाद
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का सर्वसम्मित से नेता चुने जाने के बाद शुक्रवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। वहीं पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मोदी ने मुलाकात की।
#WATCH | PM Narendra Modi meets Bharat Ratna and veteran BJP leader LK Advani at the latter's residence in Delhi. pic.twitter.com/fZtIlOj5yw
— ANI (@ANI) June 7, 2024
संसद भवन परिसर में स्थित संविधान सदन में हुई राजग की बैठक में मोदी को गठबंधन के संसदीय दल का नेता चुना गया था। राजग ने लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी जीत हासिल करने के बाद मोदी को तीसरी बार गठबंधन के संसदीय दल का नेता चुना है। मोदी संविधान सदन से सीधे आडवाणी के आवास के लिए रवाना हो गए। मोदी ने आडवाणी को पुष्पगुच्छ देकर उनका आशीर्वाद लिया और उनकी कुशलक्षेम पूछा। आडवाणी के साथ उस समय उनकी पुत्री प्रतिभा आडवाणी भी थी।
इसके बाद वह जोशी से मिलने उनके आवास पर गये और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने जोशी को पुष्पगुच्छ प्रदान किया और आशीर्वाद लिया। जोशी ने मोदी को अंगवस्त्र पहनाया। मोदी ने उनके साथ कुछ देर बातचीत की तथा उनका हाल चाल पूछा।
#WATCH | PM Narendra Modi meets veteran BJP leader Murli Manohar Joshi at the latter's residence, in Delhi pic.twitter.com/7yuTbEZB54
— ANI (@ANI) June 7, 2024
#WATCH | PM Narendra Modi meets former President Ram Nath Kovind, in Delhi
— ANI (@ANI) June 7, 2024
PM Modi was chosen as the leader of the NDA Parliamentary Party today. pic.twitter.com/8GI6p5lwUX
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई : 19.4% की वृद्धि के साथ, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के 46 संस्थानों ने बनाई जगह
नई दिल्ली | क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत का रिप्रेजेंटेशन 318 प्रतिशत बढ़ गया है | इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर बधाई दी है | प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर बताया कि पिछले दशक में, हमने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित किया | ये क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दिखता भी है |
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 सालों में QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा गया है | 2015 में 11 की तुलना में 46 संस्थानों ने इस रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है | ये दिखाता है कि 10 वर्षों में 318% की बढ़ोतरी हुई है जो कि जी 20 देशों में सबसे अच्छा रैंकिंग है|
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दशक में हमने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन पर बहुत ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है | यह क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में साफ तौर दिखता है | छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बहुत बहुत बधाई | आगे उन्होंने कहा कि तीसरे कार्यकाल के दौरान हम रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए और भी बड़े प्रयास करना चाहते हैं |
विषय के आधार पर क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 की लिस्ट जारी की गई थी | रैंकिंग में रिकॉर्ड 1,559 संस्थान शामिल हैं, जिसमें पहली बार भारत के 46 विश्वविद्यालय शामिल हैं | रैंकिंग लिस्ट वैश्विक उच्च शिक्षा विशेषज्ञ क्यूएस क्वाक्वेरेली साइमंड्स की ओर से जारी की गई है | भारतीय विश्वविद्यालयों ने विषय के आधार पर क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है | यह पिछले वर्ष से 19.4% की वृद्धि दर्शाता है |
भारतीय नौसेना और ओमान की रॉयल नेवी के बीच स्टाफ स्तर की बातचीत के छठे संस्करण का आयोजन
नई दिल्ली | भारत और ओमान के बीच समुद्री क्षेत्र में मौजूदा रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में, भारतीय नौसेना (आईएन) और ओमान की रॉयल नेवी (आरएनओ) के बीच स्टाफ स्तर की बातचीत का छठा संस्करण 04 से 05 जून 24 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
आरएनओ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कमोडोर जसीम मोहम्मद अली अल बलूशी, डीजी ऑप्स एंड प्लान्स ने किया। कमोडोर (एफसी) मनमीत सिंह खुराना ने भारतीय नौसेना के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। दोनों नौसेनाओं के बीच स्टाफ स्तर की बातचीत की यह श्रृंखला दो ऐतिहासिक समुद्री पड़ोसियों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है।
स्टाफ वार्ता के दौरान, दोनों पक्षों ने साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया, जिसके लिए समुद्र में बेहतर अंतर-संचालन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, परिचालन सहयोग, सूचना साझाकरण, समुद्री डोमेन जागरूकता, प्रशिक्षण, मौसम विज्ञान, जल विज्ञान और तकनीकी सहायता से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने आईएफसी-आईओआर, गुरुग्राम का भी दौरा किया और भारतीय नौसेना के उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती से मुलाकात की।
ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत के सबसे करीबी भागीदारों में से एक है और स्टाफ वार्ता का नियमित आयोजन नौसेना सहयोग को मजबूत करने तथा दोनों नौसेनाओं के बीच मौजूदा साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत और कतर ने ‘निवेश पर संयुक्त कार्यदल’ की प्रथम बैठक नई दिल्ली में आयोजित की
नई दिल्ली | भारत गणराज्य और कतर के नेतृत्व के विजन के अनुरूप एवं निवेश सहयोग को और ज्यादा बढ़ाने के उद्देश्य से भारत व कतर के बीच ‘निवेश पर संयुक्त कार्यदल (जेटीएफआई)’ की प्रथम बैठक भारत के नई दिल्ली में आयोजित की गई।
संयुक्त कार्यदल की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अजय सेठ और कतर सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अवर सचिव माननीय मोहम्मद बिन हसन अल- मल्की ने की।
पारस्परिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने की भावना से ‘निवेश पर संयुक्त कार्यदल’ ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और अवसंरचना एवं ऊर्जा से लेकर प्रौद्योगिकी और नवाचार तक विविध क्षेत्रों में त्वरित विकास, निवेश के अवसरों और रचनात्मक सहयोग हेतु सामूहिक क्षमता का लाभ उठाने के लिए इन दोनों ही देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
जेटीएफआई ने भारत और कतर के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों के महत्व को रेखांकित किया है जो कि साझा मूल्यों, साझा उद्देश्यों, एवं समावेशी विकास के लिए साझा विजन या दृष्टिकोण में निहित हैं।
MPPSC में मिली सगे भाई-बहन को एक साथ कामयाबी, अब दोनों बने डिप्टी कलेक्टर
भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा में सगे भाई- बहन की जोड़ी ने उज्जैन का नाम रोशन कर दिखाया है। दोनों डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं। भाई की 21वीं और बहन की 14वी रैंक आई है। उज्जैन शहर में बहन राजनंदनी सिंह ठाकुर पहले से नायब तहसीलदार हैं। वहीं एमपी पीएससी में अंकिता पाटकर स्टेट टॉपर बनीं है।
दोनों भाई-बहन की बात करें तो उन्होंने उज्जैन के क्रिस्टू ज्योति स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की है, फिर भोपाल से इंजीनियरिंग की। राजनंदनी का साल 2020 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन हो गया था और वर्तमान में वह सीहोर में पदस्थ हैं। इस दौरान अर्जुन की भी टीसीएस में नौकरी लग गई, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं करते हुए लगातार मेहनत की और आज डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए है। राजनंदनी ने नायब तहसीलदार की नौकरी करते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखी। राजनंदनी बास्केट बाल की स्टेट प्लेयर भी रही है।
अर्जुन सिंह ठाकुर और राजनंदनी सिंह ठाकुर के पिता प्रो. डॉ. वायएस ठाकुर इंदौर के इंजीनियरिंग कॉलेज में पदस्थ हैं। दोनों बच्चों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है। बच्चों की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। अर्जुन ने बताया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने कड़ी मेहनत की। मोबाइल, सोशल मीडिया से भी लगभग दूरी बनाए रखा। आवश्यक खबरें और जानकारी के लिए ही मोबाइल का उपयोग करते। प्रतिदिन लगातार 8 से 10 घंटे पढ़ाई पर ध्यान दिया।
एमपीपीएससी 2021 पीएससी परीक्षा के नतीजे जारी हो गए हैं। अंतिका पाटकर 942 के अंकों के साथ इस परीक्षा की MPPSC PSC Topper बनीं हैं। उनके बाद अमित कुमार सोनी और पूजा चौहान दूसरे और तीसरे टॉपर बने हैं। वहीं टॉप 10 नंबर्स में लड़कियों में बाजी मारी हैं। टॉपर लिस्ट में 10 से 7 लड़कियां हैं। ओबीसी आरक्षण मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण इस बार भी 87% अभ्यर्थियों का ही परिणाम आया है।
NDA सत्ता प्राप्त करने के लिए कुछ दलों का जमावड़ा नहीं है… ये Nation-First के प्रति committed एक समूह है! : नरेंद्र मोदी
डेस्क। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे लिए खुशी का मौका है कि इतने लोगों का स्वागत करने का मौका मिला है। रात-दिन जिन लाखों कार्यकर्ताओं ने परिश्रम किया है, उसके लिए मैं उन्हें सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं।
उन्होंने कहा कि 2019 में जब मैं यहां बोल रहा था और आपने मुझे चुना था तो मैं एक शब्द विश्वास पर बल दिया था। अब फिर से जब आपने मुझे जिम्मेदारी है तो इसका अर्थ है कि हमारे बीच विश्वास कायम है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी होता है। यह पल मेरे लिए भावुक करने वाले भी हैं। आप सबका मैं जितना धन्यवाद करूं, उतना कम है।
NDA सत्ता प्राप्त करने का या सरकार चलाने का कुछ दलों का जमावड़ा नहीं है... ये Nation-First के प्रति committed एक समूह है!
— BJP (@BJP4India) June 7, 2024
Today, the NDA shines as an organic alliance in the political system of Bharat.
- Shri @narendramodi pic.twitter.com/VXIE6JUynb
नरेंद्र मोदी ने कहा कि बहुत कम लोग इस बात की चर्चा करते हैं, लेकिन एनडीए को देश के 22 राज्यों में लोगों ने सरकार बनाने का मौका दिया है। हमारा यह गठबंधन सच्चे अर्थ में भारत की असली भावना का प्रतिनिधित्व करता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के 10 आदिवासी बहुल राज्यों में से 7 में हमारी सरकार है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व गठबंधन हिन्दुस्तान के राजनीतिक इतिहास में इतना सफल कभी नहीं हुआ है, जितना एनडीए हुआ है।
मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए बहुमत जरूरी होता है, लेकिन देश के लिए सर्वमत जरूरी है। मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि हम सर्वमत का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए को करीब तीन दशक हो चुके हैं। यह कोई सामान्य घटना नहीं है।
मोदी... मोदी…’ के नारों से गूंज उठी एनडीए की संसदीय दल की बैठक!
डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए पुराने संसद के सेंट्रल हॉल में पहुंच चुके हैं। इसमें NDA के सभी 293 सांसद के साथ राज्यसभा सांसद और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM मौजूद हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस अवसर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। अमित शाह ने इसका समर्थन किया और नितिन गडकरी ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया। जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
संसद के सेंट्रल हॉल में एडीए की बैठक खत्म होने के बाद गठबंधन के नेता आज ही सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। मोदी 9 जून को शाम 6 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ ले सकते हैं। खबर है कि मोदी के साथ पूरा मंत्रिमंडल शपथ ले सकता है।
‘मोदी... मोदी…’ के नारों से गूंज उठी एनडीए की संसदीय दल की बैठक! pic.twitter.com/VVcVnwjanA
— BJP (@BJP4India) June 7, 2024
एनडीए की पहली बैठक 5 जून को पीएम आवास में शाम 4 बजे हुई थी। एक घंटे चली बैठक में 16 पार्टियों के 21 नेता शामिल हुए थे। सभी ने मोदी को NDA का नेता चुना था। लेकिन आज होने वाली संसदीय दल की बैठक में मोदी को आधिकारिक तौर पर NDA का नेता चुना जाएगा। उन्होंने बुधवार को ही राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा था। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर 17वीं लोकसभा भंग कर दी थी। हालांकि, नई सरकार के गठन तक मोदी कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं।
महुआ महोत्सव जनजातीय संस्कृति, कला और व्यंजनों से परिचित कराने का प्रयास- मंत्री शाह
भोपाल। जनजातीय जीवन, देशज ज्ञान परम्परा और सौन्दर्यबोध एकाग्र मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के ग्यारहवें वर्षगाँठ समारोह का ’महुआ महोत्सव’ के रूप में शुभारंभ हुआ। मंत्री शाह ने कहा कि 'महुआ महोत्सव' जनजातीय संस्कृति, कला और व्यंजनों से परिचित कराने का प्रयास है। जनजातियों के सामाजिक जीवन-शैली और अनुभव को वास्तविक बनाने के लिए बड़े बड़े आर्किटेक्ट के बजाय जनजातीय कलाकारों ने संग्रहालय स्वयं अपने हाथों से बनाया गया है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने दीप प्रज्जवलित कर 5 दिवसीय महोत्सव का मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में शुभारंभ किया। मंत्री शाह ने प्रदेश और देश के संस्कृति प्रेमियों और पर्यटकों को जनजातीय संग्रहालय आने के लिए आमन्त्रित किया।
मंत्री शाह ने संग्रहालय में नव-निर्मित जनजातीय आवास एवं लौह शिल्प का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर संचालक, संस्कृति संचालनालय एन पी नामदेव एवं निदेशक, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी डॉ. धर्मेंद्र पारे, जनजातीय संग्रहालय संग्रहाध्यक्ष अशोक मिश्र एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके पहले महोत्सव में दोपहर 2 बजे से शिल्प एवं व्यंजन मेला, बच्चों के लिए कठपुतली प्रदर्शन एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियाँ संयोजित की गई।
जनजातीय समुदाय की जीवन शैली को समझने और उसे करीब से देखने के लिए प्रदेश की प्रमुख जनजातियों गोण्ड, भील, बैगा, कोरकू, भारिया, सहरिया और कोल के सात आवास बनाए गए हैं। इन घरों में जनजातियों के परिवार रहेंगे। इन आवासों के माध्यम से दर्शक और पर्यटक को जनजातीय समुदायों के व्यंजन और उनकी कला को देखने का अवसर भी मिलेगा। इन आवास में अनाज रखने की कोठी, खाट, रोज उपयोग में आने वाली सामग्री और रसोई विशेष रूप से रखी गई है।
मध्यप्रदेश की लगभग सभी जनजातियों में यह मान्यता है कि कभी इस सृष्टि में जल प्रलय हुआ था। जल से धरती को निकालने के लिए महादेव ने कौए से कहा कि मिट्टी खोज कर ले आओ। कौआ उड़ता हुआ धरती की खोज में भटकता रहा। उसे केंचुए की याद आई कि उसके पास तो मिट्टी अवश्य होगी। कौए ने केकड़े से मिट्टी लाने को कहा। केकड़े ने केंचुए से मिट्टी लेकर कौए को दी। कौए ने वह मिट्टी महादेव को सौंपी। महादेव ने उस मिट्टी का गोला बनाकर जल के ऊपर रख दिया, वह मिट्टी ही यह धरती है, फिर धरती पर जीवन आया। सबसे पहले मछली के रूप में, फिर पेड़ और पौधे। इन्हीं पेड़ और पौधों से सारा संगीत और नृत्य उपजा। इसी प्रकृति की गाथा को केन्द्र में रखकर लौह शिल्प का प्रदर्शन किया गया है।
ट्राई के नाम पर धोखाधड़ी, संज्ञान में यह बात लाई गई
नई दिल्ली | भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि नागरिकों को धोखाधड़ी वाले व्हाट्सएप संदेश, एसएमएस और वॉयस कॉल भेजे जा रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे ट्राई से हैं। अपराधी जाली नोटिस का उपयोग कर रहे हैं, जो ट्राई के वरिष्ठ अधिकारियों की और से भेजे गए आधिकारिक संचार जैसा दिखता है।
ये नोटिस प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर से जुड़ी अवैध गतिविधि का झूठा आरोप लगाते हैं और उन्हें कानून प्रवर्तन से संपर्क करने का दबाव डालते हैं या फिर सेवा बंद करने की धमकी देते हैं। नागरिकों को यह भी धमकी दी जाती है कि अगर वे नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो मोबाइल नंबर काट दिए जाएंगे। कई बार, ये अपराधी लोगों को मैलवेयर इंस्टॉल करने या फ़िशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं ताकि उनके साथ वो धोखाधड़ी कर सकें।
इस पर ट्राई ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि ट्राई मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट करने के बारे में संदेशों या आधिकारिक नोटिस के माध्यम से कोई बात शुरू नहीं करता है। ट्राई ने किसी भी तीसरे पक्ष की एजेंसी को ऐसे उद्देश्यों के लिए ग्राहकों से संपर्क करने के लिए अधिकृत नहीं किया है। इसलिए, ट्राई से होने का दावा करने वाले और मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट करने की धमकी देने वाले किसी भी प्रकार के संचार (कॉल, संदेश या नोटिस) को संभावित धोखाधड़ी का प्रयास माना जाना चाहिए।
साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए, नागरिकों को दूरसंचार विभाग के संचार साथी प्लेटफॉर्म पर चक्षु सुविधा के माध्यम से संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म को https://sancharsaathi.gov.in/sfc/ पर एक्सेस किया जा सकता है। साइबर अपराध के पुष्ट मामलों के लिए, पीड़ितों को निर्दिष्ट साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर या आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/ के माध्यम से घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए।