देश-विदेश
थिंक 2024 भारतीय नौसेना क्विज़ : एक विशिष्ट राष्ट्रीय स्तर की क्विज़ प्रतियोगिता
थिंक 2024 की एक समर्पित वेबसाइट www.indiannavythinq.in 15 जुलाई, 2024 को लॉन्च की गई ।
इस प्रतियोगिता में देश के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्र भाग ले सकते हैं।
नई दिल्ली | भारतीय नौसेना ने अपने प्रमुख कार्यक्रम थिंक 2024 - भारतीय नौसेना क्विज़ के शुभारंभ की घोषणा की है। यह एक विशिष्ट राष्ट्रीय स्तर की क्विज़ प्रतियोगिता है। यह आयोजन बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने और युवा मस्तिष्क को प्रेरित करने का एक विशिष्ट अवसर प्रदान करने के साथ-साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और देशभक्ति की भावना भी बढ़ावा देता है। पहले दो संस्करणों यानी थिंक-22 और जी-20 थिंक (जिसमें पिछले साल जी-20 देशों ने भाग लिया) की शानदार सफलता ने भारतीय नौसेना को यह पहल जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया है।
इस वर्ष, थिंक 2024 का विषय 'विकसित भारत' है , जो भारत सरकार के स्वतंत्रता के 100 वर्ष होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह प्रतियोगिता छात्रों की सामान्य जागरूकता के परीक्षण की अवधारणा को आगे बढ़ाती है। यह युवा मस्तिष्कों को ज्ञानवान बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए छात्रों में जागरूकता फैलाने वाला एक मंच है।
यह आयोजन हजारों युवा मस्तिष्कों को एक प्रेरक बौद्धिक अनुभव कराने का वादा करता है। इस प्रतियोगिता में देश के कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्र भाग ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा। इसे प्रतिभागियों के व्यापक मूल्यांकन को सुनिश्चित करते हुए चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले दो चरण ऑनलाइन मोड में शुरू होंगे, जिसमें तीन एलिमिनेशन राउंड होंगे। उसके बाद एक जोनल सेलेक्शन राउंड आयोजित किया जाएगा। शीर्ष 16 टीमें जोनल सेलेक्शन राउंड को क्वालिफाई करेंगी और उसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल से आठ टीमें ग्रैंड फिनाले के लिए क्वालिफाई करेंगी। सेमीफाइनल और ग्रैंड फिनाले दक्षिणी नौसेना कमान में ऑफ़लाइन मोड में आयोजित किए जाएंगे। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के विजेताओं को रोमांचक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
स्कूलों के सहज पंजीकरण को सक्षम और सुविधाजनक बनाने तथा आयोजन से संबंधित व्यापक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए, थिंक 2024 की एक समर्पित वेबसाइट www.indiannavythinq.in 15 जुलाई, 2024 को लॉन्च की गई ।
अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 : योजना मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आयोजित संवाद कार्यक्रम का किया शुभारंभ
मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़
युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों से दस्तावेज तैयार करने ली जा रही है सुझाव
संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया
रायपुर | छत्तीसगढ़ नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। संवाद कार्यक्रम की शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे वित्त मंत्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजन‘ परिचर्चा में भाग ले रहे है और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। संवाद कार्यक्रम के समापन सत्र दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल होकर ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों‘‘ से संवाद करेंगे।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग है। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं। मंत्री चौधरी ने निर्यात आधारित उद्योग, ग्रीन एनर्जी, सोलर एनर्जी, एथेनॉल बेस्ड टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
संवाद कार्यक्रम को मुख्य सचिव एवं उपाध्यक्ष राज्य नीति आयोग अमिताभ जैन सदस्य सचिव अनूप श्रीवास्तव, सदस्य के सुब्रमण्यम द्वारा भी संबोधित किया गया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिकल्पना को साकार करने में राज्य की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार दस्तावेज आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047‘ जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी विजन डॉक्यूमेंट जनता के समक्ष रखेंगे।
राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047‘‘ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रारंभ किया जा चुका है। इसके लिए आठ वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। लगातार बैठकें आयोजित कर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग द्वारा वेब-पोर्टल ‘‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़‘‘ लिंक
https://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg/#/home
भी तैयार किया गया है।
इस अवसर पर योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में राज्य भर से आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।
भारत का लक्ष्य 2030 तक 4 बिलियन डॉलर के एमआरओ उद्योग के साथ अग्रणी विमानन केन्द्र बनना : केन्द्रीय मंत्री राममोहन नायडू
भारत ने घरेलू एमआरओ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विमान के कलपुर्जों पर एकसमान 5 प्रतिशत आईजीएसटी लागू किया, वैश्विक विमानन केन्द्र का दर्जा पाने का लक्ष्य
नई दिल्ली | केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सभी विमानों और विमान इंजन के कलपुर्जों पर 5 प्रतिशत की एकसमान आईजीएसटी दर लागू करने की घोषणा की है, जो 15 जुलाई 2024 से प्रभावी होगी। यह निर्णय घरेलू रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विमानन केन्द्र बनाना है।
इस प्रगति पर टिप्पणी करते हुए, नायडू ने कहा, "एमआरओ वस्तुओं पर एक समान 5 प्रतिशत आईजीएसटी दर की शुरूआत विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। इससे पहले, विमान घटकों पर 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की अलग-अलग जीएसटी दरों ने चुनौतियां खड़ी की, जिसमें कर संरचना में भिन्नता और एमआरओ खातों में जीएसटी संचय शामिल था। यह नई नीति इन असमानताओं को समाप्त करती है, कर संरचना को सरल बनाती है और एमआरओ क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देती है।"
केन्द्रीय मंत्री ने इस बदलाव को संभव बनाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में, हम आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत को एक प्रमुख विमानन केन्द्र में बदलने में उनका समर्थन इस नीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा है।"
केन्द्रीय मंत्री ने नागर विमानन मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और अन्य हितधारकों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने 22 जून 2024 को अपनी 53वीं बैठक में जीएसटी परिषद द्वारा अनुशंसित इस नीति समायोजन को प्राप्त करने के लिए लगन से काम किया है, एक समान 5 प्रतिशत आईजीएसटी दर का उद्देश्य परिचालन लागत को कम करना, कर क्रेडिट के मुद्दों को हल करना और निवेश को आकर्षित करना है।
भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए, राममोहन नायडू ने कहा, "हमारा दृष्टिकोण भारत को एक अग्रणी विमानन केन्द्र में बदलना है। भारतीय एमआरओ उद्योग के 2030 तक 4 बिलियन डॉलर का उद्योग बनने का अनुमान है। यह नीति परिवर्तन एमआरओ सेवाओं के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
मंत्रालय को विश्वास है कि इस कदम से भारतीय एमआरओ क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, नवाचार और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा तथा एक मजबूत और कुशल विमानन क्षेत्र का निर्माण होगा।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने बिम्सटेक देशों के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने वैज्ञानिक क्षमता, कौशल और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बिम्सटेक देशों के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया
नई दिल्ली | पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के एक अधीनस्थ कार्यालय नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वैदर फॉरकास्ट (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) ने 15 से 26 जुलाई, 2024 तक नोएडा में बिम्सटेक देशों के लिए दो सप्ताह की कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में बिम्सटेक सदस्यों- बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड की राष्ट्रीय जल विज्ञान और मौसम विज्ञान सेवाओं के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यशाला का उद्घाटन आज 15 जुलाई, 2024 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के अतिरिक्त सचिव और वित्त सलाहकार विश्वजीत सहाय द्वारा किया गया था। इसे डेटा आत्मसात करने और पूर्वानुमान सत्यापन तकनीकों में कौशल बढ़ाने और ज्ञान साझा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एनसीएमआरडब्ल्यूएफ के प्रमुख डॉ. वी.एस. प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि “बिम्सटेक देशों में मौसम की स्थिति और समाज को मौसम संबंधी कुशल सेवाएं प्रदान करने की चुनौतियां एक समान हैं। यह कार्यशाला अंतर्राष्ट्रीय क्षमता निर्माण, ज्ञान साझाकरण और बिम्सटेक क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के प्रति हमारे समर्पण को दर्शाती है। बिम्सटेक (बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) देश तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए एक आवश्यक क्षेत्रीय समूह के रूप में उभरे हैं। नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वैदर फॉरकास्ट (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), नोएडा में मौसम और जलवायु के लिए बिम्सटेक केंद्र (बीसीडब्ल्यूसी), वैज्ञानिक और तकनीकी संसाधनों को समेकित करने में सहायता करने के साथ ही सभी सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित करता है।
बिम्सटेक कार्यशाला में परस्पर विचार-विमर्श सत्र (इंटरैक्टिव सेशन) और व्यावहारिक प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं। क्षेत्र विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव सत्रों का उद्देश्य डेटा को आत्मसात करने और पूर्वानुमान सत्यापन तकनीकों की व्यावहारिक समझ एवं अनुप्रयोग को बढ़ावा देना है। व्यावहारिक प्रशिक्षण विशेष रूप से डब्ल्यूआरएफ (मौसम अनुसंधान और पूर्वानुमान) मॉडल और पूर्वानुमान सत्यापन में सीखने और कौशल को बढ़ाता है। इससे विशेष रूप से पूर्वानुमान, पूर्व चेतावनी प्रणाली और अवलोकन प्रणाली में मानव संसाधन क्षमता निर्माण और वैज्ञानिक ज्ञान साझा करने को बढ़ावा मिलेगा।
(एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) मौसम और जलवायु के लिए बिम्सटेक केंद्र (बीसीडब्ल्यूसी), कार्यशाला में उद्घाटन के अवसर पर विश्वजीत सहाय, अपर सचिव और वित्त सलाहकार, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के साथ अन्य प्रतिभागी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 2400 मेगावाट टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स का दौरा किया
टिहरी बांध का निर्माण किसी आश्चर्य और इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है : मनोहर लाल
नई दिल्ली | केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में 2400 मेगावाट टिहरी पावर कॉम्प्लेक्स में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
अपनी इस यात्रा के दौरान मनोहर लाल ने 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) में चल रही निर्माण गतिविधियों का निरीक्षण किया। यह टीएचडीसीआईएल के अंतर्गत एक प्रमुख परियोजना है जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण घटक है। केंद्रीय मंत्री ने बटरफ्लाई वाल्व चैंबर, मशीन हॉल और टिहरी पीएसपी के आउटफॉल सहित कई प्रमुख क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने नदी को जोड़ने के कार्य की समीक्षा की, जो पीएसपी को मौजूदा जल प्रबंधन प्रणालियों में एकीकृत करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
मौजूदा प्रयासों की सराहना करते हुए मनोहर लाल ने टीएचडीसी की पूरी टीम को नवीकरणीय और विश्वसनीय जलविद्युत उत्पादन को आगे बढ़ाने की दिशा में उनके अथक समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने टीम की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और 2400 मेगावाट टिहरी पावर कॉम्प्लेक्स के विकास में स्थापित किए गए उच्च मानकों को स्वीकार करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे जलविद्युत परियोजनाओं में टीएचडीसी का योगदान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को वास्तविक रूप दे रहा है। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध टीएचडीसीआईएल के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो ऐसे समय में पूरा हुआ है, जब इतने बड़े बांध का विचार लगभग अकल्पनीय लग रहा है। टिहरी बांध का विकास अपने आप में किसी आश्चर्य और इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है।
टीएचडीसी प्रबंधन और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा का समर्थन करने में जलविद्युत के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पूरी टीम से अपनी गति बरकरार रखने और शेष परियोजना चरणों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया। उन्होंने जलविद्युत प्रौद्योगिकी की सीमाओं को आगे बढ़ाने में टीएचडीसीआईएल के प्रयासों की प्रशंसा की और टीम से उत्कृष्टता के लिए अपने प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.के. विश्नोई ने मंत्री महोदय को उनके इस दौरे तथा उत्साहवर्धक शब्दों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत के लिए एक सतत ऊर्जा भविष्य में योगदान देने के व्यापक मिशन के हिस्से के रूप में टिहरी पावर कॉम्प्लेक्स और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। यह दौरा टीएचडीसीआईएल टीम के बीच उद्देश्य की नई भावना के संचार के साथ संपन्न हुआ, जो भारत के जलविद्युत क्षेत्र के भविष्य के लिए मंत्री महोदय के विज़न के साथ-साथ उस विज़न को साकार करने में उनकी भूमिका से प्रेरित रही।
मंत्री महोदय के साथ आये विद्युत मंत्रालय के प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल की टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.के. विश्नोई, निदेशक (कार्मिक) शलिन्दर सिंह, निदेशक (तकनीकी) भूपेन्द्र गुप्ता तथा टीएचडीसीआईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
भाजपा के लिए मनोनीत श्रेणी के तहत खाली सीटों को जल्द भरना जरूरी : राज्यसभा में घट गई ताकत
भाजपा के चार मनोनीत सदस्य सेवानिवृत्त होने से पार्टी को हुआ नुकसान।
राज्यसभा में एनडीए के सदस्यों की संख्या 101 हुई।
नई दिल्ली | राज्यसभा में सत्ताधारी भाजपा की ताकत अब पहले से कम हो गई है। भाजपा के चार मनोनीत सदस्य शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए, जिससे पार्टी के सदस्यों की संख्या अब 86 रह गई। वहीं एनडीए के सदस्यों की संख्या 101 रह गई।
वर्तमान में राज्यसभा की कुल क्षमता 19 खाली सीटों के साथ 226 सीटों की है। हालांकि, एनडीए आगामी बजट सत्र के दौरान सात गुटनिरपेक्ष मनोनीत सदस्यों, दो निर्दलीय और एआईएडीएमके और वाईएसआरसीपी जैसे मित्र दलों के समर्थन से सदन में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा सकता है।
बता दें कि कुल खाली 19 सीटों में से 4 सीटें जम्मू-कश्मीर की हैं और वहां विधानसभा चुनाव के बाद ही राज्यसभा चुनाव होंगे। चार सीटें नामित सदस्यों की खाली है। दूसरी ओर, 11 सीटों पर चुनाव होना है। इसमें महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, हरियाणा और असम शामिल हैं।
इस बीच भाजपा के लिए मनोनीत श्रेणी के तहत खाली सीटों को जल्द से जल्द भरना जरूरी होगा। एनडीए की मित्र पार्टियों पर निर्भरता को कम करने के लिए ये महत्वपूर्ण होगा।
चार मनोनीत सदस्य जो सेवानिवृत्त हुए हैं उनमें राकेश सिन्हा, राम शकल, सोनल मानसिंह और महेश जेठमलानी शामिल हैं। राज्यसभा में मनोनीत होने के बाद इन नेताओं ने औपचारिक रूप से भाजपा का साथ दिया था।
मनोनीत श्रेणी में गुलाम अली एक और ऐसे सदस्य जो भाजपा का साथ देते नजर आते हैं। वे सितंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। राष्ट्रपति सरकार की सिफारिश पर 12 सदस्यों को राज्यसभा में मनोनीत करते हैं। मौजूदा सदन में, उनमें से सात ने खुद को गुटनिरपेक्ष (भाजपा का हिस्सा नहीं) रखा, लेकिन इन्होंने किसी भी कानून या प्रस्ताव को पारित करने में सत्ताधारी पार्टी का पक्ष लिया है।
वायुसेना स्टेशन सरसावा में कारगिल विजय दिवस रजत जयंती 2024 का आयोजन किया गया
नई दिल्ली | भारतीय वायुसेना के पास अपने वीर वायु योद्धाओं के साहस और बलिदान की एक गौरवशाली विरासत है, जिन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस से लड़ाई लड़ी थी, जो वास्तव में सैन्य विमानन के इतिहास में एक मील का पत्थर था। कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) में भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन, 16000 फीट से अधिक की खड़ी ढलान और चक्करदार ऊंचाइयों की चुनौतियों का सामना करने की भारतीय वायुसेना की सैन्य क्षमता का प्रमाण हैं, जो युद्ध में दुश्मन को निशाना बनाने में अद्वितीय परिचालन बाधाएं हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में लड़े गए इस युद्ध को जीतने के लिए वायु शक्ति के अपने उपयोग में तेजी से किए गए तकनीकी संशोधनों और ऑन-द-जॉब-ट्रेनिंग ने भारतीय वायुसेना का स्थान श्रेष्ठ रहा। कुल मिलाकर, भारतीय वायुसेना ने लगभग 5000 स्ट्राइक मिशन, 350 टोही/ईएलआईएनटी मिशन और लगभग 800 एस्कॉर्ट उड़ानें भरीं। भारतीय वायुसेना ने घायलों को निकालने और हवाई परिवहन कार्यों के लिए 2000 से अधिक हेलीकॉप्टर उड़ानें भी भरीं।
कारगिल युद्ध में विजय के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, भारतीय वायुसेना 12 जुलाई से 26 जुलाई 24 तक वायुसेना स्टेशन सरसावा में 'कारगिल विजय दिवस रजत जयंती' का आयोजन कर रही है, जिसमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को सम्मानित किया जाता है। वायुसेना स्टेशन सरसावा की 152 हेलीकॉप्टर यूनिट, 'द माइटी आर्मर' ने ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 28 मई 99 को, 152 एचयू के स्क्वाड्रन लीडर आर पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू को टोलोलिंग में दुश्मन के ठिकानों पर लाइव स्ट्राइक के लिए 'नुबरा' फॉर्मेशन के रूप में उड़ान भरने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस हवाई हमले को सफलतापूर्वक करने के बाद, उनके हेलीकॉप्टर को दुश्मन की स्टिंगर मिसाइल ने टक्कर मार दी, जिसमें चार वीर सैनिकों ने प्राणों का बलिदान दिया। असाधारण साहस के इस कार्य के लिए, उन्हें मरणोपरांत वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया। उनके सर्वोच्च बलिदान ने सुनिश्चित किया कि उनका नाम हमेशा के लिए भारतीय वायुसेना के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा।
13 जुलाई 24 को, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने वरिष्ठ गणमान्य अधिकारियों, बहादुरों के परिवारों, दिग्गजों और सेवारत भारतीय वायुसेना अधिकारियों के साथ स्टेशन युद्ध स्मारक पर राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की बलिदान देने वाले सभी वायु सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम के दौरान वायु सेना प्रमुख ने उनके परिजनों को सम्मानित किया और उनसे बातचीत की।
एक शानदार एयर शो का आयोजन किया गया जिसमें आकाश गंगा टीम द्वारा प्रदर्शन और जगुआर, एसयू-30 एमकेएल और राफेल लड़ाकू विमानों द्वारा हवाई प्रदर्शन शामिल थे। शहीद नायकों की पुण्य स्मृति में एमआई-17 वी5 द्वारा "मिसिंग मैन फॉर्मेशन" ने उड़ान भरी। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों जैसे एमआई-17 वी5, चीता, चिनूक का स्थिर प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर एयर वॉरियर ड्रिल टीम और वायुसेना बैंड ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी।
इस कार्यक्रम को 5000 से अधिक दर्शकों ने देखा, जिनमें स्कूली बच्चे, सहारनपुर क्षेत्र के स्थानीय निवासी, भूतपूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक और रुड़की, देहरादून और अंबाला के रक्षा बलों के कार्मिक गण शामिल थे।
भारत 20 से 24 नवम्बर तक गोवा में विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा
ऐतिहासिक तारादेवी मंदिर में हरी पत्तल में परोसा जाएगा लंगर
शिमला । 250 वर्ष पुराने शिमला के ऐतिहासिक मंदिर तारादेवी में देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को पारंपरिक उत्पाद पत्तल में लंगर का प्रसाद परोसा जाएगा। यह व्यवस्था 14 जुलाई (रविवार) से शुरू कर दी जाएगी। शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और धरोहर को सहेजने की दिशा में संतुलित पर्यावरण के लिए मंदिरों में टौर के पत्तों से तैयार पत्तल में लंगर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के आधीन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सुन्नी खंड में कार्य कर रहे सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन को ये पत्तल बनाने का जिम्मा दिया गया है। उन्हें प्रथम चरण में पांच हजार पत्तल बनाने का ऑर्डर दिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रयास कर रहा है । उक्त फेडेरशन में 2900 से अधिक महिलाएं पत्तल बनाने का काम करती है, लेकिन पत्तलों की डिमांड कम होने के कारण उत्पादन अधिक नहीं करते थे। इस दिशा में अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि जिला के सभी मंदिरों में हरी पत्तल में लंगर परोसे जाएंगे। ऐसे में प्रथम चरण में तारादेवी मंदिर से शुरूआत की जा रही है।
बता दें कि हिमाचल की संस्कृति में निचले हिमाचल में धाम के दौरान लजीज व्यंजन परोसने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली हरी पत्तल का महत्व सबसे ऊपर है। धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को समेटे देवभूमि हिमाचल के कई इलाकों में यह परंपरा आज भी जारी है। टौर से बनने वाली इस पत्तल में सामाजिक समरसता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। पहाड़ की यह पत्तल टौर नामक बेल के पत्ते से बनती है। यह बेल मध्यम ऊंचाई वाले शिमला, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिले में ही पाई जाती है।
स्व-सहायता समूह, कुटीर व ग्रामोद्योग तथा मध्यम उद्यम को प्रोत्साहित करने बैंक अपनाएं सहयोगी प्रवृत्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्व-सहायता समूह, कुटीर-ग्रामोद्योग तथा मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक सहयोगी प्रवृत्ति अपनाते हुए अपनी गतिविधियों का विस्तार करें। रोजगारमूलक कार्यों के लिए कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सभी जिलों में समान रूप से गतिविधियों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। व्यापार-व्यवसाय के साथ जन-कल्याण और आम आदमी की आर्थिक आत्मनिर्भरता से संबंधित कार्यों में बैंकों की ओर से संवदेनशीलता और तत्परता के साथ कार्य अपेक्षित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 189वीं और 190वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राज्य बैंकर्स समिति ने राज्य शासन द्वारा सर्वजन हिताय बजट प्रस्तुत करने और "एक पेड़ मां के नाम" वृहद पौधरोपण अभियान के लिए बधाई देते हुए पौध-रोपण में सभी बैंकों के सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एन्युअल क्रेडिट प्लान मध्यप्रदेश 2024-25 पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समान विकास के उद्देश्य से उद्योग-व्यापार प्रोत्साहन के लिए आंचलिक स्तर पर गतिविधियाँ संचालित कर रही है। बैंकर्स इस उद्देश्य से विभिन्न अंचलों की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए पहल करें। विकास और गरीब कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनजातीय क्षेत्रों में व्याप्त साहूकारी प्रथा से निकालकर लोगों को बैंकों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएं। इसी प्रकार घुमन्तु, अर्धघुमन्तु जनजातियों को ठोस आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें कृषि अथवा व्यवसाय से जोड़ने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिन 14 स्थानों पर बैंकिंग शाखाएं खोली जाना शेष हैं, वहाँ आवश्यक समन्वय एवं प्रबंध कर समय-सीमा में बैंक सुविधा आरंभ की जाए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल बैडमिंटन कोर्ट में आमने-सामने
नईदिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में बैडमिंटन खेला। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया और साइना नेहवाल की प्रशंसा भी की।
खेल के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कई शानदार शॉट लगाए और कुछ मौकों पर साइना नेहवाल को भी मात दी। इस खेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का अनावरण किया था।
सोशल मीडिया पर साइना नेहवाल ने राष्ट्रपति के साथ खेलने का मौका मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की और कहा, “भारत के राष्ट्रपति के साथ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है… यह मेरे जीवन का कितना यादगार दिन है. मेरे साथ बैडमिंटन खेलने के लिए राष्ट्रपति जी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
(वीडियो: राष्ट्रपति भवन) pic.twitter.com/bk3nh7IWfC
ट्रक ने आटो को मारी जोरदार टक्कर.. शादी से लौट रहे परिवार के चार सदस्यों की मौत
डेस्क। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। भिंड रोड पर गुरुवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो में टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में बैठे एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में पति-पत्नी, बेटा और भतीजी है। सभी मालनपुर से बानमोर जा रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बानमोर निवासी 52 वर्षीय नरेश बाल्मीकि अपनी पत्नी 45 वर्षीय ऊषा, बेटे राहुल, भतीजी अंकिता और भतीजे अजय के साथ मालनपुर में एक रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने गया था। गुरुवार सुबह नरेश अपने परिवार के साथ मालनपुर से बानमोर लौट रहा था। ऑटो को भतीजा अजय चला रहा था। जब वे महाराजपुरा थाना क्षेत्र की सीमा में पहुंचे तो तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। ऑटो में बैठे नरेश, ऊषा, राहुल और अंकिता की मौके पर ही मौत हो गई। ऑटो चालक अजय गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद ट्रक का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर महाराजपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पीएम के लिए मरच्युरी भिजवाया। घायल अजय को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु वर्ग के विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दरों के युक्ति-युक्तकरण की स्वीकृति
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में निवासरत विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निर्धारित शिष्यवृत्ति दरों के अनुरूप युक्ति-युक्तकरण की स्वीकृति दी है।
स्वीकृति अनुसार बालकों को वर्तमान में प्रतिमाह देय शिष्यवृत्ति 1230 रुपए में वृद्धि कर 1550 रूपये एवं बालिकाओं को 1270 रूपये में वृद्धि कर 1590 रूपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही अनुसूचित जाति कल्याण/ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मूल्य सूचकांक के आधार पर आगामी शिष्यवृत्ति की दर में वृद्धि, विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु कल्याण विभाग के लिए भी मान्य किए जाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना "नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन" (नेवा) को मध्यप्रदेश विधान सभा में क्रियान्वित करने के लिए 23 करोड़ 87 लाख रूपये की परियोजना का अनुमोदन दिया हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में देश की समस्त विधान सभाओं को पेपर लेस करने एवं उन्हें एक प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना "नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन" (नेवा) लांच की गई है। लागत की 60 प्रतिशत राशि भारत सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी।
मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी विकास विभाग की 9,271 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत की 7 परियोजनाओं के निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की है। सोण्डवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना, धार माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना, बड़ादेव संयुक्त माईक्रो सिंचाई परियोजना एवं माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए निविदा आमंत्रण की अनुमति प्रदान की गई है।
एक्सप्रेस-वे पर हादसाः बस ने दूध कंटेनर को मारी टक्कर, 18 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा घायल
डेस्क। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बुधवार सुबह 5 बजे बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे में कुल 18 यात्रियों की मौत हो गई है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर दूध कंटेनर में तेज रफ्तार बस पीछे से घुस गई। इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम पहुंची। मृतकों में 14 पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया है। इस हादसे पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है।
मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के सीतामढ़ी से दिल्ली जा रही बस बुधवार की सुबह हादसे का शिकार हो गई है। इस घटना के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल पर मौजूद लोगों की मानें तो डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर दूध कंटेनर से जा टकराई है, जिसके बाद यह भीषण हादसा हुआ है। सीओ बांगरमऊ अरविंद चौरसिया ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शवों को पीएम के लिए मरच्युरी भिजवाया गया है।
सड़क हादसा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव के सामने हुआ है। जिस समय यह हादसा हुआ यात्री गहरी नींद में सो रहे थे और उनकी मौत हो गई। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक उन्नाव, क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ और अन्य थानों की पुलिस मौजूद है। बस का नंबर UP95 T 4720 और दूध से भरे कंटेनर का नंबर UP70 CT 3999 है। मरने वालों में 14 लोगों की पहचान हो गई है, जबकि 4 यात्रियों की पहचान नहीं हो पायी है।
प्रधानमंत्री ने रूस के मास्को में भारतीय समुदाय को संबोधित किया
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रूस के मास्को में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की। प्रवासी भारतीयों ने उनका स्नेह के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को धन्यवाद दिया और भारत-रूस संबंधों को बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की। 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से प्रवासी भारतीयों का अभिवादन करते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ बातचीत विशेष थी, क्योंकि यह उनके ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल में भारतीय प्रवासियों को उनका पहला संबोधन था।
प्रधानमंत्री ने पिछले दस वर्षों में भारत में हुए प्रत्यक्ष परिवर्तन के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यह सभी भारतीयों के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अपने तीसरे कार्यकाल में सरकार का उद्देश्य विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि के बारे में बात की, जो वैश्विक विकास का महत्वपूर्ण प्रतिशत है; इसकी डिजिटल और फिनटेक सफलता; इसकी हरित विकास उपलब्धियां और इसके प्रभावशाली सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रम, जो आम लोगों को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की परिवर्तनकारी सफलता 140 करोड़ भारतीयों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान के कारण हुई है, जिनमें से प्रत्येक भारतीय, देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का स्वप्न देखता है। उन्होंने कहा कि भारत, जलवायु परिवर्तन से निपटने से लेकर सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने तक-अपने प्रतिबद्ध प्रयासों के माध्यम से विश्वबंधु, दुनिया के मित्र के रूप में वैश्विक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक मुद्दों को हल करने के लिए शांति, संवाद और कूटनीति के लिए भारत के आह्वान की बहुत अधिक सराहना हुई है।
प्रधानमंत्री ने रूस के साथ सुदृढ़ और गहन साझेदारी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भारतीय समुदाय को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि कज़ान और एकातेरिनबर्ग में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने का निर्णय लिया गया है, जिससे लोगों के बीच संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा। प्रवासी भारतीयों ने इस घोषणा का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को पोषित करने और रूस के लोगों के साथ इसकी जीवंतता को साझा करने के लिए प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय रूस दौरे पर : पुतिन ने कहा मोदी मेरे परम मित्र आपका हार्दिक स्वागत
डेस्क | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2 दिवसीय रूस दौरे पर हैं | इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की, खबर है कि यूक्रेन जंग के लिए रूस सेना में शामिल किए गए भारतीयों की अब सुरक्षित वापसी होगी |
प्रधानमंत्री मोदी ने मॉस्को पहुंचने के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष यह मुद्दा उठाया था | इसके बाद भारतीय सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी है| विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना में 30 से 40 भारतीय सेवा दे रहे हैं |
रूसी सेना में भर्ती इन भारतीयों की वतन वापसी के लिए भारत सरकार ने कई तरह के राजनयिक प्रयास किए लेकिन रूस की ओर से किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया | ऐसे में फिलहाल मोदी के रूस दौरे के दौरान रूसी सेना में भर्ती इन भारतीयों की सुरक्षित वापसी बड़ी प्राथमिकता थी |
बता दें कि रूस और यूक्रेन जंग में 2 भारतीयों की मौत हुई थी | इसके बाद भारत ने रूस से वहां की सेना में भर्ती भारतीयों को वापस भेजने की मांग की थी |
दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपना ‘परम मित्र’ बताया | पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा था कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, परम मित्र आपका हार्दिक स्वागत है |
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण भेजा था, दोनों नेता मंगलवार को भारत-रूस के बीच 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में बैठक करेंगे | इस द्विपक्षीय बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 5 साल में पहली बार रूस पहुंचे हैं| प्रधानमंत्री सोमवार को भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे मॉस्को पहुंचे थे | यहां वणुकोवो-II इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का रूस के प्रथम डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने स्वागत किया था | इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था |
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आधिकारिक बातचीत आज होगी | इससे पहले भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि मौजूदा स्थिति का हल युद्ध के मैदान में नहीं निकाला जा सकता | यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी PM मोदी के प्रमुख एजेंडे में शामिल था |
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के छोटे व सीमांत किसानों को सशक्त करेगी सरकार : केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान
एफपीओ को एक आंदोलन के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा, देशभर में लगाएंगे एफपीओ मेले - चौहान
एफपीओ के माध्यम से सभी किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करना उद्देश्य - शिवराज सिंह चौहान
दिल्ली हाट में एफपीओ मेले में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रत्येक स्टाल पर जाकर की बात
नई दिल्ली | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के छोटे व सीमांत किसानों को सशक्त बनाने के लिए कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को एक आंदोलन के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। इसी कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में एफपीओ मेले लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से किसानों के एफपीओ को प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि एफपीओ के माध्यम से हमारे किसान भाई-बहन अपने पैरों पर खड़े हो और उनका जीवन स्तर ऊंचा उठे। चौहान ने यह बात आज दिल्ली हाट, आईएनए में आयोजित एफपीओ मेल में कही।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने हरेक स्टाल पर जाकर एफपीओ संचालकों व किसानों से बात की, एफपीओ के माध्यम से उनकी प्रगति पूछी, साथ ही सुझाव भी लिए।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसान कल्याण सर्वोपरि है। इस दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने और देश के छोटे किसानों के बढ़ते हुए सामर्थ्य को संगठित रूप देने में हमारे किसान उत्पाद संगठनों-एफपीओ की बड़ी भूमिका है। सरकार इस बात पर ध्यान दे रही है कि एफपीओ से जुड़े किसानों को भी उनके उत्पाद बेचने के लिए अच्छा प्लेटफार्म मिले, जिससे उन्हें तो अधिक लाभ होगा ही, उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सही दाम पर मिलेंगे। श्री चौहान ने कहा कि एफपीओ का भविष्य बहुत उज्जवल है, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम इस आंदोलन को बहुत आगे ले जाने का प्रयत्न करेंगे। चौहान ने बताया कि देशभर में 10 हजार नए एफपीओ बनाने की भारत सरकार की योजना बहुत सफलता से आगे बढ़ रही है, जिसके अंतर्गत अभी तक पौने नौ हजार से ज्यादा एफपीओ बनाए जा चुके हैं, एफपीओ का यह बहुत बड़ा एक परिवार है और हम सब मिल-जुलकर साथ में आगे बढ़ेंगे। एफपीओ के माध्यम से किसानों को मजबूत बनाने में केंद्र सरकार पूरी ताकत के साथ खड़ी है। उन्होंने एफपीओ को आर्थिक मजबूती के लिए एक लाख करोड़ रुपये के एग्री इंफ्रा फंड सहित केंद्र की अन्य योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। चौहान ने कहा कि एफपीओ आंदोलन को और ताकत देने के लिए इस योजना की मंत्रालय के स्तर पर समीक्षा भी की जाएगी।
मेले में हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर के एफपीओ शामिल हुए। सभी एफपीओ को ओएनडीसी से जोड़ा जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव फैज अहमद किदवई, मनिंदर कौर द्विवेदी, शुभा ठाकुर,अन्य अधिकारी मौजूद थे।