देश-विदेश
हेमंत सोरेन को SC से झटका… ईडी की कार्रवाई के खिलाफ सुनवाई से किया इंकार
डेस्क। ईडी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन पर उलटा कोर्ट ने ही सवाल दाग दिया। कोर्ट ने कहा कि क्या आप हाई कोर्ट नहीं गए, यहां क्यों आ गए हैं? सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। बता दें कि सोरेन की तरफ से कोर्ट में उनके वकील कपिल सिब्बल पेश हुए थे।
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने हेमंत सोरेन की याचिका पर कहा कि उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट आने से पहले हाई कोर्ट जाना चाहिए था। वहीं सोरेने के वकील सिब्बल ने कहा, हम लोग एक मुख्यमंत्री के मामले से जूझ रहे हैं। जस्टिस खन्ना ने कहा, कोर्ट तो सभी के लिए खुला है। अगर हम एक शख्स को इस तरह से सीधे आने की अनुमति देते हैं तो सभी को देनी पड़ेगी।
कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वह सोरेन की याचिका पर सुनवाई नहीं करेगा। जस्टिस खन्ना ने कहा, आप हाई कोर्ट जाइए, हम इस मामले को नहीं सुनेंगे। बता दें कि सोरेन ने पहले हाई कोर्ट में याचिका फाइल की थी लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। बता दें कि ईडी का आरोप है कि उन्होंने लैंड माफियाओं बिचौलियों और नौकरशाहों के साथ मिलकर जमीन की हेरफेर की है। जांच में ईडी को पता चला कि फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे।
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि प्रदीप बागची नाम के शख्स ने फर्जी कागजों के जरिए सेना की जमीन हड़प ली थी। इसके बाद कई अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अमित अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया थो जो कि हेमंत सोरेन के करीबी मान जाते हैं। ईडी ने कोर्ट में बताया कि हेमंत सोरेन ने अवैध तरीके से रांची में 8.5 एकड़ की जमीन हासिल की। आरोप लगाया गया कि बड़े सिंडिकेट के जरिए यह प्रॉपर्टी बनाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, अदालतें सभी के लिए खुली रहती हैं और हाई कोर्ट भी एक संवैधानिक अदालत है। बता दें कि हाई कोर्ट ने भी टेक्निकल ग्राउंड पर हेमंत सोरेन को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया था। वहीं गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बाद पहले तो वह 40 घंटे लापता रहे और इसके बाद चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता बना दिया है। वह आज शपथ ले सकते हैं।
अग्निवीर योजना के लिए युवाओं को मिलेगा 360 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षणः मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रेरित करने और सेना में नई ऊर्जा लाने के लिए शुरू की गई अग्निवीर योजना में प्रदेश के युवाओं को चयनित कराने के लिए प्रति बैच 360 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुरैना में रोजगार दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय रोजगार दिवस समारोह में कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रशिक्षण में युवाओं को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और सामान्य अध्ययन जैसे विषयों की कोचिंग दी जाएगी। इससे युवाओं को अग्निवीर योजना में चयन में मदद मिलेगी। अग्निवीर सहित शासन की विभिन्न योजनाओं से मिले रोजगार और स्वरोजगार से युवाओं के जीवन में नव सुख जीवन का सूरज उदय होगा।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना नदी जोड़ो परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि नदी से नदी को जोड़कर गांव-गांव तक विकास की धारा बहाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी। मध्य प्रदेश और राजस्थान को भी इस परियोजना का लाभ मिलना था लेकिन पिछली सरकारों ने इसे लागू नहीं किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान द्वारा संयुक्त रूप से पार्वती, काली सिंध, और चंबल नदी को जोड़ने का महाअभियान प्रारंभ हुआ हैं। प्रदेश के 12 और राजस्थान के 13 जिलों का विकास इस परियोजना के तहत होगा। किसानों को पीने और सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। इससे क्षेत्र में विकास होगा और समृद्धि आएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों और मजदूरों को उनका हक मिलेगा। मुरैना में बंद पड़ी शुगर फैक्ट्री के संदर्भ में उन्होने कहा कि किसानों का 56 करोड़ बकाया उन्हें लौटाया जायेगा। नई फैक्ट्री लगवाएंगे। इसी तरह जैसे जेसी मिल्स ग्वालियर का पैसा भी मजदूरों को लौटाएंगे। किसानों और मजदूरों को कोई परेशान करे यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में भिंड के सीआरपीएफ के जवान श्री पवन भदौरिया के कर्तव्य की बलिवेदी पर बलिदान पर श्रदापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि जान की बाजी लगाकर जो शूरवीर धरती मां को गौरवान्वित करते है वह समूची संस्कृति में पूजे जाते हैं। उनके बलिदान को जीवन भर स्मरण किया जाएगा।
Budget 2024: वित्त मंत्री का भाषण खत्म: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, रक्षा खर्च में 11.1 फीसद की बढ़ोतरी
डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश कर रही है। यह अंतरिम बजट है, क्योंकि अप्रैल-मई में आम चुनाव होना हैं। निर्मला ने बताया, हमारी सरकार सर्वाइकल कैंसर के वैक्सीनेशन पर ध्यान देगी। मातृ और शिशु देखरेख की योजनाओं को व्यापक कार्यक्रम के अंतर्गत लाया गया। 9-14 साल की लड़कियों के टीकाकरण पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार मिडिल क्लास के लिए आवास योजना लाएगी। अगले 5 साल में 2 करोड़ घर बनाए जाएंगे। पीएम आवास के तहत 3 करोड़ घर बनाए गए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘पीएम जनधन योजना के तहत आदिवासी समाज तक पहुंचना है। विशेष जनजातियों के लिए विशेष योजना लेकर आए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में तेजी आई है। सरकारी योजनाएं जनता तक पहुंच रही हैं।
हर घर जल योजना से पानी पहुंचाया जा रहा है। 78 लाख स्ट्रीट वेंडर को मदद दी गई है। 4 करोड़ किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाता है। पीएम किसान योजना से 11.8 करोड़ लोगों को आर्थिक मदद मिली है। आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं को सशक्त बनाने पर भी काम किया है।
तीन हजार नए आईटीआई खोले गए हैं। 54 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। एशियाई खेलों में भारत के युवाओं को कामयाबी मिली है। – तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किया है। महिलाओं को संसद में आरक्षण देने के लिए कानून लेकर आए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा- ‘मत्स्य संपदा योजना से 55 लाख को नया रोजगार मिला। 5 इंटीग्रेटेड एक्वापार्क स्थापित किए जाएंगे। करीब एक करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं। अब 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।’
वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए नई योजना लाई गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में विकास के लिए सरकार ने 11.1% ज्यादा खर्च का प्रावधान किया है। ब्लू इकोनॉमी 2.0 के तहत नई योजना शुरू होगी। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देंगे। 50 साल के लिए 1 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त लोन देंगे। लक्षद्वीप के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देंगे। 40 हजार सामान्य रेल कोच वंदे भारत जैसे कोच में बदलेंगे।
सीतारमण ने कहा कि FDI यानी फर्स्ट डेवलप इंडिया। 2014-23 के दौरान 596 अरब डॉलर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आया। यह 2005-2014 के दौरान आए FDI से दोगुना था। हम विदेशी पार्टनर्स से बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘हमने अंतरिम बजट की परंपरा को जारी रखा है। दरअसल, अंतरिम बजट में किसी तरह की लोकलुभावन घोषणाएं नहीं की जाती हैं। यही वजह है कि सरकार ने किसी तरह की घोषणाएं करने से परहेज किया है।’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया, 10 साल में इनकम टैक्स कलेक्शन तीन गुना बढ़ गया है। मैंने टैक्स रेट में कटौती की है। 7 लाख की आय वालों को कोई कर देय नहीं है। 2025-2026 तक घाटा को और कम करेंगे। राजकोषीय घाटा 5.1% रहने का अनुमान है। 44.90 लाख करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है।
डायरेक्ट या इनडायरेक्ट टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। – रक्षा खर्च में 11.1% की बढ़ोतरी, अब यह GDP का 3.4% होगा। – आशा बहनों को भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाएगा। – तिलहन के अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। हर महीने 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया पूसा में कन्या छात्रावास व चयन भवन का लोकार्पण
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), पूसा, दिल्ली में कन्या छात्रावास “फाल्गुनी” व कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल (एएसआरबी) के “चयन भवन” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, डेयर के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, एएसआरबी के चेयरमैन डॉ. संजय कुमार, आईएआईआर के निदेशक डॉ. ए.के. सिंह भी उपस्थित थे।
समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार, कृषि क्षेत्र एवं कृषकों के विकास के लिए संकल्पबद्ध है और राज्य सरकारों के माध्यम से भी कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों तथा किसान हित में योजनाबद्ध ढंग से कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि हमारे किसान आत्मनिर्भर व सशक्त बनें और इतने सार्म्थ्यवान हो कि देश के साथ ही दुनिया के बाजारों में भी पूर्ति कर सकें। इसके लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के साथ ही विभिन्न योजनओं-कार्यक्रमों के माध्यम से काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हमारे किसान कहीं भी पीछे नहीं रहने चाहिए, इसके लिए खेती को आधुनिक प्रौद्योगिकियों से भी जोड़ा जा रहा है। सेटेलाइट की मदद से भी कृषि क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रधानमंत्री प्रोत्साहित कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र भी काफी अच्छा काम कर रहे हैं। किसानों को आय सहायता के लिए केंद्र सरकार द्वारा "प्रधानमंत्री किसान सम्मान" (पीएम किसान) योजना सहित कई योजनाएं चलाई जा रही है। 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ काम हो रहा है।
Budget 2024: आज मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सुबह 11 बजे शुरु होगा बजट भाषण
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार 1 फरवरी को मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश करेंगी। चुनाव के कारण इस साल फरवरी की पहली तारीख को में अंतरिम बजट पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट भाषण शुरू करेंगी।
लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जून-जुलाई में फुल बजट पेश करेगी। बतौर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह छठा बजट होगा। सीतारमण के नाम संसदीय इतिहास का सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड भी है। आम बजट 2021 में उनकी स्पीच 2 घंटे 40 मिनट में खत्म हुई थी। उनसे पहले यह रिकॉर्ड दिवंगत अरुण जेटली के नाम था।
सीतारमण ने 2019 में बतौर वित्त मंत्री पहली बार बजट पेश किया था। वित्त वर्ष 2023-24 में महिलाओं, युवाओं और सीनियर सिटीजन्स का पूरा ध्यान रखा था। सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 में उन्होंने सिर्फ 87 मिनट का भाषण पढ़ा था। इतिहास में सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में हीरूभाई एम पटेल ने पढ़ा था। उन्होंने सिर्फ 800 शब्दों का अंतरिम बजट भाषण खत्म कर दिया था।
कैडेट्स एनसीसी संस्कारों के ब्रांड एम्बेसेडर: राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि एनसीसी सिर्फ ट्रेनिंग नहीं है। मानवीय संवेदनाओं से भरे हुए, राष्ट्र के प्रति समर्पित युवाओं के निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जिसका उद्देश्य राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग, अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना है। उन्होंने कैडेट्स का आव्हान किया है कि भावी जीवन में एनसीसी में मिले राष्ट्र, समाज की निस्वार्थ सेवा और संकल्प के संस्कारों के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में समाज में अपनी पहचान कायम करें।
राज्यपाल पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभागी एनसीसी कैडेट्स के स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में एन.सी.सी. कैडेट्स को पुरस्कृत भी किया। राज्यपाल के समक्ष कैडेट्स ने समूह नृत्य, गायन, काव्य पाठ की प्रस्तुतियों के साथ गणतंत्र दिवस शिविर के अनुभवों को साझा किया।
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के लिए जिस आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन की अपेक्षा थी, वह दौर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब शुरू हो गया है। विकसित भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन किये जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ निदेशालय की 23 बालिका कैडेटों के चयन, घुड़सवारी प्रतियोगिता में 6 पदक सहित तीसरा स्थान और पाँच स्थानों की प्रगति करते हुए इस वर्ष ओवर आल रैंकिंग में छठा स्थान हासिल करने के लिए सभी कैडेट्स और प्रशिक्षकों को बधाई दी।
स्टार्टअप इंडिया इनोवेशन सप्ताहः केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की 40 यूनिकॉर्नों के साथ गोलमेज बैठक
नईदिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने स्टार्टअप इंडिया इनोवेशन सप्ताह के दौरान देश में यूनिकॉर्न के विकास का उत्सव मनाने और यूनिकॉर्नों के विकास में सहायता करने को लेकर एक सहयोगात्मक तरीका अपनाने के लिए एक यूनिकॉर्न गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता की। इसमें प्रतिभागी 40 यूनिकॉर्नों ने अपने अनुभव से हासिल सीख और उन कारकों को रेखांकित किया, जिन्होंने उनके विकास को सक्षम बनाया। इसके अलावा भारतीय इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देने के लिए उन क्षेत्रों की पहचान की, जो देश को वैश्विक स्टार्टअप नेता के रूप में उभरने में सहायता कर सकते हैं।
पीयूष गोयल ने यूनिकॉर्न से एक साथ आने और एक यूनिकॉर्न क्लब या एसोसिएशन स्थापित करने का अनुरोध किया, जो देश में स्टार्टअप्स के लिए पूंजी तक पहुंच के समाधान के रुप में साथ आएगा। यह बातचीत स्टार्टअप अनुकूल वातावरण को और अधिक बढ़ावा देने के लिए नियामक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, टियर-2/3 शहरों में पहुंच बढ़ाने व निजी क्षेत्र में वित्तीय संस्थानों के सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों से सीखने पर केंद्रित था।
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने 10 से 18 जनवरी, 2024 तक पूरे देश में नवाचार और उद्यमिता पर देश के प्रमुख स्टार्टअप्स, उद्यमियों, निवेशकों, नीति निर्माताओं और अन्य हितधारकों के एक साथ आने का उत्सव मनाया। इसमें कई प्रमुख घोषणाएं और लॉन्चिंग की गईं। इनमें स्टार्टअप इंडिया का एक्सेलेरेटर कार्यक्रम- 'स्टार्टअपशाला' भी शामिल है।
यह शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए 3 महीने का एक्सेलेरेटर कार्यक्रम है, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी जानकारी, नेटवर्क, धनराशि और मार्गदर्शन तक पहुंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम का हर एक समूह एक विशेष क्षेत्र पर केंद्रित होगा। इसमें पहला क्लीनटेक होगा और हर समूह से 20 स्टार्टअप्स को आवेदन के लिए एक ओपन कॉल के जरिए विशेषज्ञों की ओर से चुना जाएगा। इसके लिए 10 जनवरी 2024 से स्टार्टअप इंडिया हब https://www.startupindia.gov.in/content/sih/en/Startup_Sala.html पर आवेदन किए जा सकते हैं।
दिल्ली से रांची तक हेमंत सोरेन की तलाश.... गिरफ्तारी की अटकलें, पत्नी को सीएम बना सकते हैं सोरेन
नईदिल्ली। मनी लॉड्रिंग केस में जांच के घेरे में आए झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की तलाश आज मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है। दिल्ली में अधिकारिक निवास से लेकर राजधानी रांची के संभावित ठिकानों पर ईडी के अफसर नजर जमाए हुए हैं। बता दें कि एक दिन पहले सोमवार को उनके दिल्ली आवास में पहुंची प्रवर्तन निदेशालय की टीम और दिल्ली पुलिस को वे नहीं मिले।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से ईडी को ईमेल कर बताया गया है कि वे पूछताछ के लिए रांची में उपलब्ध रहेंगे। आज ईडी उनसे पूछताछ कर सकती है। आशंका जताई जा रही है कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
इसी बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि हेमंत सोरेन दिल्ली में ही हैं और वे मंगलवार को सड़क मार्ग से रांची पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि वे अपनी पत्नी को सीएम बना सकते हैं। सोरेन ने अपनी पार्टी के विधायकों को मंगलवार को रांची बुलाया है।
बता दें कि मामले में ईडी ने 20 जनवरी को सोरेन से रांची में उनके सरकारी आवास पर पूछताछ की थी और उन्हें नया समन जारी करते हुए यह बताने को कहा था कि वह पूछताछ के लिए 29 जनवरी या 31 जनवरी में से किस दिन आएंगे। इसके बाद सोरेन ने एजेंसी को एक पत्र भेजा था लेकिन, पूछताछ के लिए दिन या तारीख नहीं बताई थी।
Rajya Sabha elections 2024; 15 राज्यों की 56 सीटों पर इस दिन होगा चुनाव... नामांकन की आखिरी तारीख 15 फरवरी
डेस्क। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 15 राज्यों में 56 राज्यसभा सीटों पर 27 फरवरी को चुनाव होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। नामांकण वापस करने की तिथि 20 फरवरी तक है। 27 फरवरी को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक वोटिंग की प्रक्रिया होगी, वहीं वोट काउंटिंग 27 फरवरी शाम 5 बजे तक होगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 3 सीटों पर, बिहार में 6 सीटों पर, छत्तीसगढ़ में 1 सीट पर, गुजरात में 4 सीटों पर, हरियाणा में 1 सीट पर, हिमाच प्रदेश में 1 सीट पर, कर्नाटक में 4 सीटों पर मध्य प्रदेश में 5 सीटों पर, महाराष्ट्र में 6 सीटों पर, तलंगाना में 3 सीटों पर, उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर, उत्तराखंड में 1 सीट पर, पश्चिम बंगाल में 5 सीटों पर, ओडिशा में 3 सीटों पर और राजस्थान में 3 सीटों पर चुनाव होने हैं। बिहार में राज्यसभा की 6 सीटों पर चुनाव होने है। वहीं यूपी में 10 सीटों पर. ऐसे में भाजपा के लिए ये बेहद अहम राज्य हैं. इन दो राज्यों के अलावा भाजपा शासित कई राज्यों में भी चुनाव होने वाले हैं।
Pariksha Pe Charcha 2024: पीएम मोदी बोले.... नींद का कम ने आंके... रील्स देखने में समय बर्बाद न करें
डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी सोमवार को बोर्ड परीक्षा (Board Exam) 2024 से पहले देशभर के 10वीं और 12वीं क्लास के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में बड़ी काम की सलाहें दीं। उन्होंने मोबाइल में वक्त गंवाने वाले छात्रों को टिप्स देते हुए बताया कि कैसे वो सिर्फ 30 सेकेंड में सो जाते हैं. यहां उन्होंने छात्रो को मोबाइल से दूरी बनाने के फायदे कुछ यूं बताए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब आप क्रमशः रील्स देखते रहेंगे तो समय बर्बाद होता है, नींद खराब होगी. फिर जो पढ़ा है वो याद नहीं रहेगा। इसलिए नींद को कम न आंके. आधुनिक हेल्थ साइंस नींद को बहुत तवज्जो देता है। आप आवश्यक नींद लेते हैं या नहीं, यह आपके स्वास्थ्य पर असर डालता है।
मोदी ने बताया कि आप जिस उमर में हैं, उसमें जिन चीजों की जरूरत है वो आहार में है या नहीं यह जानना जरूरी है. हमारे आहार में सुतंलन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करना चाहिए, जैसे रोज टूथब्रश करते हैं वसे ही नो कॉम्प्रोमाइज एक्सरसाइज करनी चाहिए. उन्होंने छात्रों को बताया कि बच्चों को गहरी नींद बहुत जरूरी है. उन्होंने बताया कि वो किस तरह बिस्तर पर लेटते ही सो जाते हैं.
मोदी ने कहा कि बहुत सारे स्टूडेंट्स मोबाइल का उपयोग करते होंगे और कुछ लोगों को घंटों तक इसकी आदत होगी लेकिन क्या कभी ऐसा विचार आया कि नहीं मैं फोन चार्ज नहीं करूंगा तो इसका उपयोग कम हो जाएगा। मोबाइल को चलाने के लिए चार्ज करना पड़ता है तो बॉडी को भी करना चाहिए। इसलिए जीवन को थोड़ा संतुलित बनाना पड़ता है।
संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच हस्ताक्षर
भोपाल। मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच आज श्रमशक्ति भवन स्थित जल शक्ति मंत्रालय के कार्यालय में संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की उपस्थिति में सचिव, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय देबाश्री मुखर्जी, मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा और राजस्थान शासन के अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन अभय कुमार ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने के उपरांत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग दो दशकों से लंबित पार्बती-कालीसिंध-चंबल परियोजना अब मूर्त रूप ले सकेगी। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के चंबल और मालवा अंचल के 13 जिलों को लाभ पहुंचेगा। प्रदेश के ड्राई बेल्ट वाले जिलों जैसे मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, भिंड और श्योपुर में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और औद्योगिक बेल्ट वाले जिलों जैसे इंदौर, उज्जैन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास और राजगढ़ के औद्योगीकरण को और बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के मालवा और चंबल अंचल में लगभग तीन लाख हेक्टेयर का सिंचाई रकबा बढ़ेगा। परिणामस्वरूप इन अंचलों के धार्मिक और पर्यटन केंद्र भी विकसित होंगे। यह परियोजना निश्चित रूप से पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए एक वरदान है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यह परियोजना 5 वर्ष से कम समय में फलीभूत होगी, जिसकी वर्तमान लागत लगभग 75000 करोड़ रुपए है। प्रदेश के लगभग 1.5 करोड़ आबादी इस परियोजना से लाभान्वित होगी। यह परियोजना प्रदेश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, जैसी समस्याओं का समाधान कर प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज का दिन मध्यप्रदेश और राजस्थान के पानी की कमी वाले 26 जिलों के लिए स्वर्णिम सूर्योदय का दिन है। परियोजना से लगभग 5.60 लाख हैकटेयर क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही बांधों और बड़े तालाबों में पानी का संचय कर जल-स्तर उठाने में सफलता प्राप्त होगी। पार्बती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से एकीकृत कर इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का दर्जा देते हुए अत्यंत कम समय में मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों के बीच सहमति बनी जिसके लिए दोनों सरकारें बधाई की पात्र हैं। यह परियोजना संघीय संघवाद का स्वर्णिम उदाहरण है।
कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क व कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने दिल्ली में कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार के लिए फ्रेमवर्क एवं कृषि वानिकी नर्सरी के एक्रेडिटेशन प्रोटोकॉल का विमोचन किया। इस अवसर पर कृषि सचिव मनोज अहूजा, डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक सहित केंद्र एवं राज्यों के मंत्रालयों व कृषि से सम्बद्ध विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे, वहीं अनेक हितधारक वर्चुअल भी जुड़े थे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने छोटे-मझौले किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने की दृष्टि से देश के कृषि क्षेत्र में स्वैच्छिक कार्बन बाजार (वीसीएम) को बढ़ावा देने का फ्रेमवर्क तैयार किया है। किसानों को कार्बन बाज़ार से परिचित कराने से उन्हें फायदा होने के साथ ही पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने में भी तेजी आएगी। उन्होंने किसानों के हित में कार्बन बाजार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्यों के संबंधित मंत्रालयों सहित अन्य सम्बद्ध संगठनों से पूर्ण सहयोग का अनुरोध किया।
मुंडा ने कहा कि सूदरवर्ती क्षेत्रों के किसानों के साथ मिलकर, उनके लिए सुविधाजनक ढंग से इस दिशा में कार्य किया जाना चाहिए व समाधान के साथ ही हमारे किसानों पर इसका लाभ केंद्रीत करने की जरूरत है। यह प्रथम सोपान है, जिसमें कदम बढ़ाते हुए हम सबकी सहभागिता सुनिश्चित करना चाहते हैं। ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियां हम सबके सामने है, ऐसे में सावधानी से काम करते हुए आगे बढ़ना है। उन्होंने, आईसीएआर से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निर्वहन करने व अच्छा कार्य, अच्छे ढंग से करने को कहा।
नीतीश कुमार का सियासी सफर... पहली बार 7 दिनों के लिए बने थे बिहार के सीएम
डेस्क। नीतीश कुमार 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। साढ़े 17 महीने तक ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बिहार में चल सकी। अब फिर से एनडीए के साथ जदयू आई है और भाजपा के साथ सरकार में नीतीश कुमार ही फिर से मुख्यमंत्री बन रहे हैं।
नीतीश कुमार का जन्म बख्तियारपुर में हुआ था। नालंदा के हरनौत स्थित कल्याण बिगहा उनका पैतृक गांव है। नीतीश कुमार इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल किए हुए हैं। जय प्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन में भी वो शामिल रहे।
24 साल पहले तीन मार्च, 2000 को नीतीश कुमार ने पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, उनकी यह सरकार सात दिनों तक ही चल पाई। बहुमत का जुगाड़ नहीं हो पाने के कारण उन्होंने 10 मार्च, 2000 को इस्तीफा दे दिया। दूसरी बार वे पूरे बहुमत के साथ नवंबर 2005 में एनडीए सरकार के मुखिया बने। तीसरी बार पांच साल बाद हुए 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए एक बार फिर भारी बहुमत से सत्ता में आया और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।
जदयू ने वर्ष 2013 में भाजपा से नाता तोड़ लिया था। 2013 में बिहार की सियासत में बड़ी दरार आयी जब नीतीश कुमार भाजपा से अलग हो गए और जदयू एनडीए से अलग हो गयी। लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। नीतीश कुमार भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए, लेकिन लोकसभा चुनाव 2014 में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेवारी लेकर उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। नीतीश कुमार ने वर्ष 2014 में बड़ा फैसला लिया था और जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया था।
बीटिंग रिट्रीट 2024: 29 जनवरी को सभी भारतीय धुनों से गूंज उठेगा विजय चौक
नईदिल्ली। 75वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के प्रतीक 'बीटिंग रिट्रीटिंग' समारोह का आयोजन 29 जनवरी, 2024 को किया जाएगा। इस अवसर पर शाही रायसीना पहाड़ियों में स्थित ऐतिहासिक विजय चौक सूरज डूबने के समय पर बजाए जानी वाले सभी भारतीय धुनों का साक्षी बनेगा। भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के संगीत बैंड देश के प्रतिष्ठित दर्शकों के समक्ष 31 मनमोहक और थिरकने वाली भारतीय धुनें बजाएंगे। इस अवसर पर राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी तथा आम जनता उपस्थिति होगी।
समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड द्वारा 'शंखनाद' धुन के साथ होगी, जिसके बाद पाइप्स और ड्रम बैंड के माध्यम से 'वीर भारत', 'संगम दूर', 'देशों का सरताज भारत', 'भागीरथी' और 'अर्जुन' जैसी मनमोहक धुनें पेश की जाएंगी। सीएपीएफ बैंड 'भारत के जवान' और 'विजय भारत' का संगीत बजाएंगे। 'टाइगर हिल', 'रेजॉइस इन रायसीना' और 'स्वदेशी' भारतीय वायु सेना के बैंड द्वारा बजाई जाने वाली धुनों में शामिल हैं। इसके बाद दर्शक भारतीय नौसेना बैंड को 'आईएनएस विक्रांत', 'मिशन चंद्रयान', 'जय भारती' और 'हम तैयार हैं' सहित कई अन्य धुनें बजाते हुए देख कर आनंदित होंगे। इसके बाद भारतीय सेना का बैंड आएगा, जो 'फौलाद का जिगर', 'अग्निवीर', 'करगिल 1999' और 'ताकत वतन' समेत अन्य संगीतमय प्रस्तुति पेश करेगा।
इसके बाद सामूहिक बैंड 'कदम-कदम बढ़ाए जा', 'ऐ मेरे वतन के लोगों' और 'ड्रमर्स कॉल' की धुनें बजाएंगे। बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय धुन 'सारे जहां से अच्छा' के साथ होगा। मुख्य संचालक लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी इस समारोह का संचालन करेंगे। इसके अलावा, आर्मी बैंड के कंडक्टर सूबेदार मेजर मोती लाल होंगे, एमसीपीओ एमयूएस II एम एंटनी और वारंट ऑफिसर अशोक कुमार क्रमशः भारतीय नौसेना तथा भारतीय वायु सेना के संचालक होंगे। कांस्टेबल जीडी रानीदेवी सीएपीएफ बैंड की संचालिका होंगी। बिगुल बजाने वाले सैन्य कलाकार नायब सूबेदार उमेश कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन करेंगे और सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह के निर्देश के अनुसार पाइप्स तथा ड्रम बैंड पर प्रस्तुति दी जाएगी।
'बीटिंग रिट्रीट' की शुरुआत 1950 के दशक प्रारंभ में हुई थी, जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने सामूहिक बैंड द्वारा प्रदर्शन के अनूठे समारोह को स्वदेशी रूप से तैयार कर प्रस्तुत किया किया था। यह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियार बंद कर रख देते थे, युद्ध के मैदान से हट जाते थे और रिट्रीट की ध्वनि के साथ सूर्यास्त के समय अपने शिविरों में लौट आते थे। कॉलर्स तथा स्टैण्डर्ड्स खोल दिए जाते हैं और झंडे उतार दिए जाते हैं। यह समारोह बीते समय के प्रति पुरानी स्मृतियों को करता है।
उद्योगविहीन इलाकों में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर करें फोकस: मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ऐसे इलाके जहां अपेक्षाकृत उद्योग कम हैं, वहां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर फोकस किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर उद्योग संवर्धन संगोष्ठियां करके उद्योगपतियों एवं निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नर्मदा घाटी विकास विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, खनिज साधन, जनसंपर्क, वाणिज्यिक और आबकारी विभाग की गतिविधियों पर चर्चा हुई। विभागों द्वारा प्रजेंटेशन दिए गए। बैठकों में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास की विभागीय समीक्षा करते हुए जल उपयोग के मामले में श्रेष्ठ परिणाम लाने वाले राज्यों विशेषकर गुजरात में हुए कार्यों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान सिंचाई प्रतिशत, सिंचाई के विभिन्न पद्धतियों, आगामी वर्षों में सिंचाई प्रतिशत में वृद्धि के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों, किसानों के लिए सिंचाई सुविधा के उद्देश्य से जल उपलब्ध करवाने, विभिन्न बांधों के माध्यम से जल विद्युत उत्पादन, जलाशयों और बांधों की उपलब्ध जल क्षमता और उसके उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराने की समय-सारणी निर्धारित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नर्मदा नदी के बड़े घाटों और नर्मदा नदी के तट पर स्थित प्रमुख धार्मिक महत्व के स्थानों पर नदी में आवश्यक जल प्रवाह की व्यवस्था होना चाहिए। विद्युत उत्पादन और सिंचाई दोनों कार्यों के लिए जल की उपलब्धता और उसके उपयोग के संबंध में सामने आने वाली कठिनाइयों का व्यवहारिक समाधान भी निकाला जाए। बैठक में बताया गया कि आगामी दो वर्ष में सात लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करने का लक्ष्य है। नर्मदा घाटी विकास विभाग पाँच वर्ष में 19 लाख 55 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करेगा।
बिहार की सियासत में फिर बदलाव.... नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा.... शाम को फिर लेंगे शपथ
डेस्क। 28 जनवरी की सुबह बिहार की सियासत में फिर बड़ा बदलाव लेकर आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है। आज शाम 5 बजे NDA के सीएम के तौर पर नीतीश कुमार फिर से सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा शपथ ग्रहण में शामिल होने की संभावना है।
नीतीश कुमार नई सरकार में आज ही शाम चार बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। 9वीं बार होगा जब नीतीश कुमार सीएम पद की शपथ लेंगे। सूत्रों ने बताया कि 6 से 8 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। नई सरकार में जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी शामिल होगी। मांझी अपना समर्थन पत्र नीतीश कुमार को सौंपेंगे।
लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार का यह कदम विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, नीतीश कुमार ही इंडिया गठबंधन के सूत्रधार माने जाते हैं। शुक्रवार को ही जेडीयू से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन का संयोजक नहीं बनाए जाने और सीट शेयरिंग में हो रही देरी से नाराज थे।
नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने के बीच लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कई विधायकों ने कहा कि सरकार बनाने के लिए कवायद करनी चाहिए. राज्य में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों की जरूरत है. आरजेडी के पास 115 विधायक हैं।
लोकरंग हमारी सांस्कृतिक धरोहर को परिचित कराने का सराहनीय प्रयासः राज्यपाल
भोपाल। लोकरंग हमारे लोक मूल्यों, कलात्मक समृद्धता को उजागर कर युवाओं और बच्चों को हमारी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराने का सराहनीय प्रयास है। लोकरंग सबके साथ, विश्वास और प्रयासों से भारत के गौरवपूर्ण अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करेगा। उक्त बातें मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित पाँच दिवसीय 39वें लोकरंग पर्व के शुभारम्भ अवसर पर कहीं।
राज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम कला के विभिन्न स्वरूपों द्वारा नैतिक मूल्यों, मान्यताओं को संरक्षित कर हमारी सांस्कृतिक विविधताओं के भावनात्मक एकत्व को मज़बूत बनाते हैं। विविधता में एकता हमारे देश की संस्कृति है, जिसमें हजारों वर्षों की हमारी लोक संस्कृति की मान्यताएं, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन की निरंतरता का विशाल खजाना छुपा है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विविधता सही अर्थों में हमारे देश की धरोहर है, इसका निरंतर संरक्षण और विकास सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है।
राज्यपाल पटेल ने इस वर्ष समारोह में महान संत शिरोमणि रविदास जी का जीवन, उनकी वाणी को नृत्य-नाट्य में प्रस्तुत किये जाने, पारम्परिक बैगा समुदाय की ख्यात चित्रकार पद्मश्री सुश्री जोधइया बाई के सृजित चित्रों की प्रदर्शनी 'चित्रकथा' के संयोजन, प्रदेश गोण्ड और भील जनजाति के पारम्परिक चित्रकारों उनकी कलात्मकता के प्रदर्शन का मंच भी प्रदान किये जाने और प्रदेश एवं अन्य राज्यों के लगभग 300 पारम्परिक शिल्पियों के लिए कार्यशाला, उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का मंच उपलब्ध कराने के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने नृत्य, गायन और वादन कला रूपों की प्रस्तुतियों के साथ ही जनजातीय लोक अंचलों के व्यंजन से परिचित कराने के लिए आयोजित स्वाद मेले के आयोजन को सराहनीय बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति की विशेषता वसुधैव कुटुंबकम की है। हमारी संस्कृति पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखती है। अनेकता में एकता भारत की विशेषता है। हमारे देश में हर त्यौहार और पर्व आनंद और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। लोकरंग कार्यक्रम हमारे आनंद और उल्लास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत लगातार प्रगति के नए सोपानों को छू रहा है। देश में विभिन्न कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के निरंतर प्रयास हो रहे हैं। हमारे देश में विभिन्न कला और संस्कृतियों के लोग रहते हैं, जो अपनी विशिष्ट शैलियों के माध्यम से एक-दूसरे को जोड़े हुए हैं।