देश-विदेश
रामलला के दिव्य दर्शन अब दूरदर्शन में... सुबह 6.30 बजे की आरती का होगा लाइव प्रसारण
डेस्क। अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर में सुबह 6.30 बजे होने वाली भव्य आरती का सीधा प्रसारण अब प्रतिदिन दूरदर्शन में सुबह 6.30 बजे से होगा। बतादें कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की थी। मंदिर में हर दिन पूजा अर्चना करने और रामलला के दर्शन करने के लिए हजारों भक्त पहुंचते हैं। रामलला की एक झलक पाने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रहती है।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रीराम की छवि जैसे ही भक्तों के सामने आई, तो हर कोई उन्हें देखता ही रह गया। श्यामल मनोहर बालरूप में श्रीराम को देखकर भक्तों की आंखें थक नहीं रही थीं। ये ठीक ऐसा ही था, जैसा कि संत कवियों ने अपने-अपने राम की छवि को गढ़ते हुए वर्णन किया है।
अब दूरदर्शन में रामलला की लाइव आरती के प्रसारण की खबरें जैसे ही सामने आईें, लोगों की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा। अयोध्या में राममंदिर में लोगों की भीड़ के चलते हर किसी के लिए रामलला की लाइव आरती का गवाह बन पाना आसान नहीं हो पाता। ऐसे में जबसे खबरें आई हैं कि दूरदर्शन में इसका प्रसारण किया जाएगा तो भक्तों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।
हरियाणा के सीएम खट्टर के बाद असम के सीएम ने कही इस्तीफा की बात... जानिए क्या है मामला
गुवाहाटी। हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे के बाद असम के सीएम हेमंत विश्व सरमा ने इस्तीफा देने की बात कहकर तहलका मचा दिया है। सरमा ने मंगलवार को कहा कि अगर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के लिए आवेदन नहीं करने वाले किसी व्यक्ति को नागरिकता मिल जाती है तो वह इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
मुख्यमंत्री ने शिवसागर में एक कार्यक्रम में कहा, कि ‘‘मैं असम का बेटा हूं और अगर एनआरसी के लिए आवेदन नहीं करने वाले एक भी व्यक्ति को नागरिकता मिलती है, तो मैं इस्तीफा देने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा।’’ प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सीएए लागू होने पर लाखों लोग राज्य में प्रवेश करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा हुआ तो सबसे पहले मैं विरोध करुंगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, सीएए के बारे में कुछ भी नया नहीं है क्योंकि यह पहले लागू किया गया था और ‘अब पोर्टल पर आवेदन करने का समय आ गया है।’ उन्होंने कहा कि ‘‘पोर्टल पर डेटा से यह स्पष्ट हो जाएगा कि अधिनियम का विरोध करने वालों के दावे तथ्यात्मक रूप से सही हैं या नहीं।’
बतादें कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों- हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने की अनुमति देता है।
प्रधानमंत्री ने 85 हजार करोड़ से अधिक की 6 हजार रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया
भोपाल | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विकसित भारत के लिए नवनिर्माणों का लगातार विस्तार हो रहा है। देश के कोने-कोने में परियोजनाओं का लोकार्पण और नई योजनाओं की शुरुआत हो रही है। वर्ष 2024 के पहले 75 दिनों में ही 11 लाख करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो चुका है। विकास की इस गति को हम धीमा नहीं होने देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के लिए आधुनिक रेलवे कार्यक्रम के अंतर्गत 85000 करोड़ रुपए से अधिक की 6 हजार रेल परियोजनाओं के शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण कार्यक्रम को अहमदाबाद से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर हुए कार्यक्रम से सहभागिता की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा और महापौर मालती राय भी उपस्थित थीं। अहमदाबाद के कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भारतीय रेल आधुनिक समय में देश का भाग्य बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद रेलवे की कई पुरानी परंपराओं को बदलकर रेलवे के विकास को गति दी है। केंद्रीय बजट और रेलवे बजट को एक कर भारत सरकार के संसाधनों के रेलवे के विकास में उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। उनकी पहल से देशवासियों ने स्वच्छ रेलवे स्टेशन और विश्वस्तरीय रेलवे सुविधाओं का अनुभव किया है। मध्यप्रदेश को मिलने वाला रेलवे बजट 2014 से पहले तक लगभग 275 करोड़ हुआ करता था, जो अब 15000 करोड़ रूपये हो गया है। यह डबल इंजन की सरकार का प्रभाव है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो से नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन तथा रामगंजमंडी- भोपाल नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत निशातपुरा- संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना। इस परियोजना से तथा खजुराहो- नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन से विकास की नई संभावनाएं साकार होंगी। करीब 65 करोड़ रूपये की लागत से निशातपुरा-संत हिरदाराम नगर रेल खण्ड के कार्य से पश्चिमी मध्यप्रदेश में रेल आवागमन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को रेलवे की कई सौगातें दी हैं। रानी कमलापति के रूप में देश का सर्वश्रेष्ठ स्टेशन विकसित हुआ है, यह निजी सहभागिता से रेलवे अधोसंरचना विकास का सफल उदाहरण भी बना है।
202 इलेक्ट्रानिक इंटर-लाकिंग, 57 एक स्टेशन एक उत्पाद के आउट लेट, 13 लाइनों के दोहरीकरण, तीन रेल खण्डों के विधुतीकरण से लाभान्वित हुआ प्रदेश |
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आज प्रदेश में लगभग 202 इलेक्ट्रानिक इंटर लाकिंग, 57 एक स्टेशन एक उत्पाद के आउट लेट का लोकार्पण, लगभग 66 सोलर प्लांट, 13 लाइन रेल लाईन के दोहरीकरण के साथ ही चार प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी राष्ट्र को समर्पित किए गये हैं। एक रेलवे कोच रेस्टोरेंट, एक लोको शेड, तीन रेल खण्डों के विद्युतीकरण, भोपाल में वंदे भारत ट्रेनों के रख-रखाव के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से नए कोचिंग काम्पलेक्स का शिलान्यास भी किया गया है। इन सभी सौगातों के लिए हम केंद्र सरकार के आभारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कुछ समय पूर्व ही प्रदेश के 33 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई थी। यह सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूर्ण होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश, देश के मध्य में स्थित है। देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका वाली सभी रेलवे परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। मध्यप्रदेश, देश की प्रगति के लिए रेलवे अधोसंरचनाएं विकसित करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी आजादी के अमृत काल में भारत को विश्व का सबसे सशक्त और समर्थ देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा सपना है कि मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में स्थापित हो। इसके लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय और समर्पित रहेगी।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनेगा। इसके लिए तय मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और समन्वय से प्रदेश सभी केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने भोपाल, संत हिरदाराम नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टशनों के विकास तथा विस्तारीकरण के लिए रेलवे का आभार माना। कार्यक्रम में रेलवे की महाप्रबंधक शोभना वनोपाध्या और मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित थे।
सीएम मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे के बाद अब नायब सिंह सैनी बने हरियाणा के नए सीएम
डेस्क। लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं हाईकमान के निर्देश पर कुरुक्षेत्र सांसद और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष नायब सैनी को हरियाणा के मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई है।
कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं। उन्हें अक्टूबर 2023 में हरियाणा बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। नायब सैनी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत साल 1996 में की। वहीं, साल 2000 तक उन्हें हरियाणा महासचिव के साथ काम किया। प्रदेश की राजनीति में नायब सैनी का काफी दबदबा रहा है। उन्हें साल 2014 में नारायणगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा के सदस्य के रूप में चुना गया था।
भाजपा की हरियाणा इकाई के नेताओं का एक बड़ा वर्ग जजपा के साथ गठबंधन का विरोध कर रहा था। इसके बाद तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम में आज मुख्यमंत्री खट्टर ने इस्तीफा दे दिया और फिर विधायक दल की बैठक बुलाई गई। वर्तमान में 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक और जजपा के 10 विधायक हैं। इस गठबंधन को सात में से छह निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त था। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 30 विधायक हैं और इंडियन नेशनल लोकदल तथा हरियाणा लोकहित पार्टी के पास एक-एक सीट है।
आईआरईडीए ने लगातार तीसरे वर्ष ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग प्राप्त की है : सीएमडी
नई दिल्ली | भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) ने 11 मार्च, 2024 को अपना 38वां स्थापना दिवस मनाया, जो भारत में नवीकरणीय ऊर्जा विकास को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। आयोजित स्थापना दिवस समारोह ने आईआरईडीए की 37 साल की कार्य यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाने का सुअवसर प्रदान किया। उन्होंने अपने समर्पित कर्मचारियों, हितधारकों और व्यावसायिक भागीदारों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके अथक समर्थन ने आईआरईडीए को देश में सबसे बड़ा प्योर प्ले ग्रीन फाइनेंस – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर सीएमडी प्रदीप कुमार दास ने खुशी व्यक्त करते हुए उपलब्धियों का समारोह मनाने, चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने और भविष्य की योजनाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भारत के ऊर्जा परिवर्तन के वित्त पोषण, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने में आईआरईडीए की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
एक बड़ी उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए, सीएमडी प्रदीप कुमार दास ने बताया कि आईआरईडीए ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन 2022-23 के अंतर्गत 'उत्कृष्ट' रेटिंग प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि 93.50 के स्कोर और 'उत्कृष्ट' की अंतिम रेटिंग के साथ लगातार तीसरे वित्तीय वर्ष में यह सम्मान कंपनी के समर्पण, कठोर मेहनत और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएमडी ने आईआरईडीए के खुदरा प्रभाग के शुभारंभ के बारे में बताया, जो विभिन्न ऋणकर्ताओं को विशेष रूप से रूफटॉप सोलर और पीएम-कुसुम योजना जैसे क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करता है, जो कंपनी के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार खंड को रेखांकित करता है। उन्होंने नए वित्तीय उत्पादों को प्रस्तुत करने और कंसोर्टियम वित्तपोषण और उभरती हरित प्रौद्योगिकियों में उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक मुख्य रणनीति के रूप में नवाचार पर जोर दिया।
पिछले साढ़े तीन वर्षों में आईआरईडीए की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, सीएमडी प्रदीप कुमार दास ने ऋण पोर्टफोलियो में तेजी से वृद्धि, क्रेडिट रेटिंग में वृद्धि, स्टॉक एक्सचेंजों पर ऐतिहासिक लिस्टिंग, अनुसूची 'बी' से अनुसूची 'ए' में उन्नयन, आरबीआई से 'इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (आईएफसी)' का दर्जा और 'मिनी-रत्न' से 'नवरत्न' का दर्जा प्राप्त करने की कार्यरत प्रक्रिया सहित इन उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार और नए व्यावसायिक अवसरों की खोज पर भी जोर दिया, जैसे कि गुजरात में गुजरात इन्टरनेशनल फाइनान्स टेक-सिटी (जीआईएफटी सिटी), अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना करना।
इन उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, दास ने प्रदर्शन और ग्राहक संतुष्टि के उच्च मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया और एनर्जी ट्रांजिशन में अनुरूप ऋणदाता के रूप में अपने नेतृत्व को बनाए रखने में आईआरईडीए की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपार अवसरों के बारे में बताते हुए भविष्य के विकास के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की।
दास ने अधिक प्रभावशीलता और ग्राहक-केंद्रितता के लिए प्रौद्योगिकी से लाभांवित होने के लिए आईआरईडीए की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए, डिजिटलीकरण और प्रक्रिया स्वचालन के माध्यम से ऋण लेने की लागत को अनुकूलित करने और परिचालन दक्षता में वृद्धि के प्रयासों को रेखांकित किया।
एक सोने की वस्तु के बगल में खड़े व्यक्ति के चारों ओर खड़े लोगों के एक समूह का विवरण स्वचालित रूप से उत्पन्न होता है
सीएमडी ने प्रगतिशील दक्षता, उच्च कर्मचारी जवाबदेही और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सांस्कृतिक परिवर्तन पर भी प्रकाश डाला, यह देखते हुए कि प्रत्येक चार कर्मचारियों में एक महिला है, जिनमें कई महिलाएं विभागों का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने देश में नवीकरणीय ऊर्जा की धारणा को परिवर्तित करने में आईआरईडीए की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन सक्रिय रूप से दो-तरफा संचार में कार्यरत है, कर्मचारियों के साथ-साथ ऋणकर्ताओं की समस्याओं का निवारण करता है और अक्सर इनपुट और विचारों की अपेक्षा करता है, जिसके फलस्वरूप इन वर्षों में कंपनी ने असाधारण रूप से कार्य किया है।
निदेशक (वित्त) डॉ. बिजय कुमार मोहंती और मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार साहनी ने भी उत्कृष्टता, नवाचार और नैतिक व्यावसायिक अभ्यासों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कर्मचारियों को संबोधित किया।
अंत में, सीएमडी प्रदीप कुमार दास ने अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत दृष्टिकोण, रणनीति, संसाधनों और टीम के साथ आईआरईडीए के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने चुनौतियों पर काबू पाने और सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में टीम वर्क, ईमानदारी, ग्राहक लक्षित और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर बल दिया।
15 मार्च 2024 के बाद पेटीएम की कई सर्विस बंद
नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया है। 31 जनवरी 2024 को आरबीआई ने यह निर्देश लिया था। पहले बैंक ने इसकी समयसीमा 29 फरवरी की थी जिसे अब बढ़ा कर 15 मार्च कर दिया गया है।
ये सर्विस बंद हो जाएगी
15 मार्च के बाद यूजर पेटीएम पेमेंट्स बैंक से अकाउंट, फास्टैग (Fastag) या फिर वॉलेट को टॉप-अप नहीं करवा पाएंगे। यह सर्विस 15 मार्च के बाद बंद हो जाएगी।
15 मार्च के बाद यूजर पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर किसी भी प्रकार की कोई पेमेंट हासिल नहीं कर पाएंगे।
यूजर को सैलरी या फिर कोई और मनी बेनिफिट पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर मिल रही है तो उन्हें यह लाभ 15 मार्च के बाद नहीं मिलेगा।
15 मार्च के बाद पेटीएम फास्टैग (Paytm Fastag) में मौजूद बैलेंस को दूसरे फास्टैग में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।
यूपीआई (UPI) या आईएमपीएस (IMPS) के जरिये पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट में कोई भी पैसे ट्रांसफर नहीं होंगे।
ये सर्विस नहीं होगी बंद
15 मार्च 2024 के बाद पेटीएम की कई सर्विस बंद हो जाएगी पर यूजर कुछ सर्विस का लाभ 15 मार्च के बाद भी उठा पाएंगे। हालांकि, इन सर्विस का लाभ उठाने के लिए यूजर को पेटीएम पर दूसरे बैंक अकाउंट को लिंक करना होगा। चलिए, जानते हैं कि पेटीएम पर 15 मार्च के बाद भी कौन-सी सर्विस का लाभ यूजर उठा सकते हैं।
15 मार्च के बाद यूजर पेटीएम वॉलेट (Paytm Wallet) से आसानी से पैसे निकाल या डिपॉजिट कर सकते हैं।
पेटीएम से पेमेंट करने के बाद यूजर्स को कैशबैक, रिफंड या फिर रिवॉर्ड जैसे बाकी सभी लाभ मिलते रहेंगे।
15 मार्च के बाद भी अगर पेटीएम पेमेंट्स बैंक में राशि मौजूद है तो यूजर उस राशि का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पेटीएम वॉलेट के जरिये मर्चेंट को आसानी से पेमेंट किया जा सकता है।
पेटीएम यूजर के पास वॉलेट को बंद करने या फिर दूसरे अकाउंट में अमाउंट को ट्रांसफर करने का ऑप्शन मौजूद है।
यूजर यूपीआई और आईएमपीएस के जरिये आसानी से ऑनलाइन पेमेंट कर सकता है।
15 मार्च के बाद भी यूजर ओटीटी प्लेटफॉर्म (OTT Platform) को सब्सक्राइब करने के लिए पेटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। हां, इसके लिए यूजर के पेटीएम वॉलेट या फिर बैंक अकाउंट लिंक होना चाहिए।
हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर ने दिया पद से इस्तीफा
चंडीगढ़। हरियाणा में सीएम मनोहर लाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । विधायक दल की मीटिंग में यह फैसला हुआ है। हरियाणा में अब भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है । मनोहर लाल के अलावा, पूरी कैबिनेट ने भी इस्तीफा दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार सुबह 11 बजे भाजपा विधायक दल के साथ मीटिंग की और इसके बाद हरियाणा के राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए निकले. सीएम की गाड़ी में गृहमंत्री भी मौजूद थे । साथ ही मंत्री भी राज्यपाल से मुलाकात के लिए गए हैं। दरअसल, हरियाणा सीएम आवास मनोहर लाल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ मीटिंग की और फिर वहां से मनोहर लाल राजभवन के लिए रवाना हुए है ।
यहां पर अहम बात यह है कि अनिल विज भी सीएम की गाड़ी में मौजूद थे विज के चेहरे में मुस्कान थी। ऐसे में संभावना है कि विज भी हरियाणा के नए सीएम हो सकते है । ऐसीएम के अलावा, अन्य सभी मंत्री भी अपनी-अपनी गाड़ियों में राजभवन पहुंचे थे।
सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में नया शासकीय मेडिकल कॉलेज बनेगा
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु केवल सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिये रबी विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ पर 125 रूपये प्रति क्विंटल बोनस भुगतान की भी स्वीकृति प्रदान की। इस पर 3850 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा।
विभागाध्यक्ष कार्यालय संचालक, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व एवं संचालक, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सतपुड़ा भवन को वर्तमान में पदस्थ अमले सहित उज्जैन स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में समर्थन मूल्य विकेन्द्रीकृत योजना के अंतर्गत खाद्यान्न के उपार्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली व अन्य शासकीय योजनाओं के संचालन एवं डेफिसिट पूर्ति के लिये आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिये 29 हजार 400 करोड़ रूपये की निशुल्क शासकीय प्रत्याभूति (गारंटी) की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रि-परिषद की बैठक में उज्जैन में सिंहस्थ 2028 आयोजन के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिये सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इसके लिये आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधनों की स्वीकृति बाद में दी जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण से आस-पास के जिलों की जनता को भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के लोकायुक्त के पद पर न्यायमूर्ति श्री सतेन्द्र कुमार सिंह की नियुक्ति का अनुसमर्थन किया। सायबर तहसील की क्षेत्रीय आधिकारिता प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित करने का अनुसमर्थन करते हुए स्वीकृति दी गई। एनडीबी योजना में भोपाल के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर मार्ग (कोलार मार्ग 15.1 किमी) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन के लिये 305.08 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
राज्य में यूरिया, डीएपी, कॉम्प्लेक्स एवं पोटाश उर्वरकों की वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की अग्रिम भंडारण योजना स्वीकृत की गई। इससे प्रदेश के किसानो को रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को इसके लिये नोडल एजेंसी बनाया गया है। वर्ष 2024-25 में मार्कफेड को 850 करोड़ रूपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति स्वीकृत की गई।
मंत्रि-परिषद ने नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन एवं उपकरण क्रय के लिये 1167.95 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। नीमच के लिये 287.45 करोड़ श्योपुर के लिये 288.5 करोड़, सिंगरौली के लिये 289.74 करोड़ एवं मंदसौर के लिये 302.26 करोड़ रूपये की स्वीकृती दी गई है।
आज रात 8 बजे पीएम का देश के नाम संबोधन... कर सकते हैं बड़ी घोषणा... CAA पर एलान संभव
नईदिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आज शाम 8 बजे CAA से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। खबर है कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद इसका ऐलान करेंगे। CAA लोकसभा और राज्यसभा से पहले ही पास हो चुका है। मोदी सरकार का यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग देश में लोकसभा चुनाव का ऐलान कर सकती है।
क्या है CAA?
CAA पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के लिए है। एक बार सीएए के नियम जारी हो जाने के बाद मोदी सरकार 31 दिसंबर,2014 तक भारत आए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी।
सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी "सुभाष अभिनंदन" का उद्घाटन
नईदिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार अपना 134वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर, कानून एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित एक डिजिटल प्रदर्शनी "सुभाष अभिनंदन" का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी राष्ट्रीय अभिलेखागार में उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है।
इस अवसर पर मेघवाल ने कहा कि अमृतकाल के इस काल-खंड में, अपनी जड़ों को मजबूत करने और भविष्य की नींव रखने के लिए अपने इतिहास को प्रस्तुत करना, पढ़ना, लिखना और समझना बेहद जरूरी है, जिस इतिहास ने आधुनिक भारत की नींव रखी। उन्होंने कहा, “हमारा मिशन 'विरासत भी, विकास भी' और भारत को हर क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बनाना है। पुरालेख क्षेत्र उस दिशा में शानदार तरीके से योगदान दे रहा है।”
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तिगत दस्तावेज भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में संरक्षित हैं और इन्हें नेताजी पोर्टल (http://www.netjipapers.gov.in/) तथा अभिलेख पटल (https://www.abhilekh-patal.in/jspui/) पर देखा जा सकता है। इन अभिलेखों में उनके द्वारा लिखे गए पत्र, उनके पिता श्री जानकी नाथ बोस की डायरी, आज़ाद हिंद फ़ौज के दस्तावेज़ और उनसे संबंधित कई सरकारी दस्तावेज़ उपलब्ध हैं।
झारखंड में 2500 करोड़ की 2 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उन्नयन की रखी गई आधारशिला
नईदिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने एक पोस्ट में कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से झारखंड के विकास को गति देते हुए, कल आयोजित एक कार्यक्रम में 2500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से झारखंड के खूंटी में दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है । उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, वरिष्ठ नेता श्री करिया मुंडा, श्री सुदर्शन भगत, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह आधारशिलाएं रखीं।
उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें तुपुदाना से कुंडियाबारटोली खंड (खूंटी बाईपास सहित) को 4-लेन का निर्माण और बेरो से खूंटी खंड का चौड़ीकरण और उन्नयन शामिल है। बेरो से खूंटी खंड के निर्माण से यातायात सुगम होगा और आसपास के क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। खांटी बाईपास के निर्माण से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इन परियोजनाओं से समय और ईंधन की बचत होगी, जिससे प्रदूषण कम होगा। आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें आसान और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करेंगी। मंत्री महोदय ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा और रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर पैदा किए जाएंगे।
कोयला क्षेत्र ने पिछले 10 वर्षों में पैदा किए रोजगार के भरपूर अवसर
नईदिल्ली। भारत का कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, साथ ही महत्वपूर्ण रोजगार वृद्धि को भी बनाए हुए हैं। 06 मार्च, 2024 तक, देश का कोयला उत्पादन 900 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इसके चालू वित्तीय वर्ष में 1 बिलियन टन से अधिक होने का अनुमान है। उत्पादन में यह वृद्धि न सिर्फ आवश्यक अवसंरचना विकास में ही योगदान देती है बल्कि देश भर में विशेषकर कोयले से समृद्ध क्षेत्रों में भरपूर रोजगार के अवसर सृजित करती है।
भारत सरकार के कोयला उत्पादक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू), विशेष रूप से कोल इंडिया लिमिटेड (सहायक कंपनियों सहित) और एनएलसी इंडिया लिमिटेड, सामूहिक रूप से 128,236 संविदा श्रमिकों सहित 369,053 व्यक्तियों के कार्यबल को रोजगार प्रदान किया हैं। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र लगभग 3.1 लाख पेंशनभोगियों की मदद करता है, जो आजीविका और सामाजिक कल्याण पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव को रेखांकित करता है।
हाल के वर्षों में कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियों ने 2014 से फरवरी 2024 तक व्यापक भर्ती मुहिम चलाकर अपने कार्यबल में 59,681 कर्मियों को जोड़ा। इसी प्रकार, एनएलसी इंडिया लिमिटेड ने इसी अवधि के दौरान 4,265 व्यक्तियों की भर्ती की है। यह रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियों द्वारा मिशन मोड भर्ती पहल के तहत 5,711 व्यक्तियों को भर्ती करने के साथ चालू वित्तीय वर्ष में भर्ती प्रयासों में और तेजी देखने को मिली है। समवर्ती रूप से, एनएलसी इंडिया लिमिटेड ने इसी अवधि के दौरान 661 कर्मियों की भर्ती की है, जो रोजगार की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बढ़ती मांग से प्रेरित कोयला खनन गतिविधियों में वृद्धि से आने वाले वर्षों में रोजगार वृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान करने के अलावा, खनन गतिविधियां महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा करती हैं, जो पूरे देश में सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देती हैं। जैसा कि कोयला क्षेत्र का विस्तार जारी है, यह समावेशी विकास को बढ़ावा देने और स्थायी आजीविका के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिमडेगा में लगा पूसा कृषि विज्ञान मेला... केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया उद्घाटन
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड के सिमडेगा जिले में तीन दिवसीय पूसा कृषि विज्ञान मेले का उद्घाटन किया। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित मेले में मुख्य अतिथि मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए पूसा संस्थान और अन्य अनुसंधान संस्थाओं द्वारा लगातार बेहतर प्रयास किया रहा है। उन्होंने किसानों से नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके वैज्ञानिक नवाचारों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि बीज में रोग ना लगे, इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। धान की फसल में पानी की कम खपत हो, इसके लिए कैसे बीज तैयार किए जाएं, इस संबंध में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से रिसर्च की जा रही हैं और नई फसल किस्में विकसित भी की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को फसलों में रोग से बचाव के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय का बजट 1.25 लाख करोड़ रुपए किया गया है, जो कि पिछली सरकारों के मुकाबले लगभग पांच गुना ज्यादा है। देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हर साल तीन किस्तों में 6000 रुपये जमा कराए जा रहे है, वहीं नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी की पहल की गई है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार कृत संकल्प है।
उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले को आदर्श जिला बनाना है। कृषि के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से केंद्रीय स्तर पर सेंटर के माध्यम से किसानों का डेटाबेस बनाया जा रहा है, जिससे वह सीधे कृषि मंत्रालय से जुड़कर नई तकनीकों का लाभ ले सकें और उनके गांव-खेत की जानकारी डिजिटल रूप से जुटाकर सरकार उनके कल्याण के लिए ज्यादा मजबूती से कार्य कर सकें।
पुरी समुद्र तट पर फिर प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक
नई दिल्ली | 'मेरा पहला वोट देश के लिए अभियान देशभर में गति पकड़ रहा है और इसी को आगे बढ़ाते हुए प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर रेत की एक कलाकृति बनाई है। अपनी कलाकृति के माध्यम से, उन्होंने युवा और पहली बार मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने और हमारे लोकतंत्र को समृद्ध और मजबूत करने का आग्रह किया है।
'मेरा पहला वोट देश के लिए'अभियान देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में भी चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवा मतदाताओं को बाहर आकर मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करना और राष्ट्र की व्यापक भलाई के लिए मतदान के महत्व को बताना है। यह पहल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावों के महत्व और मतदान के गौरव का प्रतीक है।
कर्नाटक में 4,000 करोड़ रुपये की कुल 268 किलोमीटर लंबाई वाली परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
नई दिल्ली | केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज मैसूर, कर्नाटक में कुल 268 किलोमीटर लंबी और 4,000 करोड़ से रुपये अधिक लागत की 22 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
हंगरहल्ली और होलेनरासीपुर बाईपास पर आरओबी की स्थापना के साथ बेलूर-हासन और येडेगौड़ानहल्ली-बिलिकेरे सड़क के 4-लेन विस्तार से यात्रा की अवधि में 2 घंटे की उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
सुव्यवस्थित शहरी नियोजन की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करते हुए, लक्ष्मणतीर्थ नदी पर एक प्रमुख पुल के निर्माण से हुनसूर शहर में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, श्रीनिवासपुरा और चिंतामणि बाईपास के विकास का लक्ष्य दोनों शहरों में भीड़भाड़ में कमी लाना है।
बड़े और छोटे पुलों के साथ-साथ रेलवे-पार पथ पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का रणनीतिक समावेश, निर्बाध यातायात आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के ठोस प्रयास को रेखांकित करता है।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर एयर पोर्ट के नए टर्मिनल भवन का हुआ उदघाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 16 माह में ग्वालियर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का निर्माण पूर्ण कर ग्वालियर ने देश में द्रुत गति से कार्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है, यह देश में तेज गति से हो रहे विकास का प्रतीक है। हमारी सरकार देश के सभी परिवारजनों के जीवन को आसान बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। सामान्यजन के लिए विमान यात्रा को अधिक सहज एवं सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हवाई सेवाओं का विस्तार छोटे शहरों तक हो रहा है, इससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। प्रधानमंत्री मोदी आजमगढ़ उत्तरप्रदेश से देश की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियों कान्फ्रेंसिंग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन का भी उदघाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 9 हजार 811 करोड़ लागत की देश की 14 अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए युग का बदलता भारत विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी हवाई सेवाओं को हवाई चप्पल पहनने वाले की पहुंच में लाने के लिए प्रयासरत हैं। आज का दिन अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है। श्रद्धेय राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी के नाम पर नए विमान तल का लोकार्पण, समृद्ध विरासत के साथ ही बदलते दौर के बदलते भारत के विकास का प्रतीक है। उन्होंने उज्जैन एयरपोर्ट की घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार माना। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
15 हवाई अड्डों के एक साथ लोकार्पण ने आज के दिन को ऐतिहासिक बनाया: केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक साथ 15 हवाई अड्डों के लोकार्पण और शिलान्यास ने भारतीय विमानन के क्षेत्र में आज के दिन को ऐतिहासिक बना दिया है। ग्वालियर के हवाई अड्डे को मात्र 16 महीने में तैयार कर लोकार्पण भी ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह क्षेत्रीय आकांक्षाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता और प्राथमिकता प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन विमानन परियोजनाओं से यात्री सुगमता में नया अध्याय जुड़ा है, ये परियोजनाएं न केवल देश के कोने-कोने को जोड़ेंगी अपितु देश के सभी भागों को विकसित करने में भी सहायक होंगी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि देश के साथ-साथ प्रदेश में हवाई सेवा का विस्तार किया जा रहा है। ग्वालियर की एयर कनेक्टिविटी देश के प्रमुख शहरों से सुनिश्चित की गई है। ग्वालियर एयरपोर्ट का विस्तार 144 एकड़ भूमि पर किया गया है। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। जबलपुर में एक लाख स्क्वेयर फिट के विमान तल का शुभारंभ हो रहा है। प्रदेश में रीवा,सतना और दतिया में भी एयर पोर्ट बनने जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन,गुना और शिवपुरी में भी हवाई सेवा का विस्तार किया जाएगा। प्रदेश में अब 10 एयरपोर्ट बन जाएंगे। प्रदेश में अब प्रति सप्ताह एक हजार विमानों का आवागमन हो रहा है।
देश में नागर विमानन अधोसरंचना और सेवा का निरंतर विस्तार हो रहा है
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में नागर विमानन की अधोसंरचना और सेवा को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में कोल्हापुर और पुणे, मध्यप्रदेश में जबलपुर और ग्वालियर, उत्तरप्रदेश के छह हवाई अड्डों क्रमश: लखनऊ, आज़मगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती और चित्रकूट एवं नई दिल्ली में नए टी-1 टर्मिनल और पंजाब में आदमपुर हवाई अड्डों का उदघाटन कर रहे हैं। साथ ही कर्नाटक में बेलगावी व हुबली और आंध्रप्रदेश में कड़प्पा हवाई अड्डों पर नए टर्मिनल भवनों की आधारशिला भी रखी जा रही है।
क्या ? कैंसर का इलाज होगा भारतीय मसालों से
नई दिल्ली | कैंसर के इलाज के लिए आइआइटी मद्रास के अनुसंधानकर्ताओं ने भारतीय मसालों के इस्तेमाल का पेटेंट कराया है। इनसे बनने वाली दवाएं 2028 तक बाजार में आने की संभावना है। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मसालों से तैयार नैनोमेडिसिन में फेफड़े, स्तन, सर्वाइकल, मुंह और थायरॉयड सेल कैंसर रोधी गुण पाए गए हैं। नैनोमेडिसिन सामान्य कोशिकाओं के लिए सुरक्षित हैं। अनुसंधानकर्ता सुरक्षा और लागत के मुद्दों को हल करने पर काम कर रहे हैं, जो कैंसर दवाओं की सबसे बड़ी चुनौती है। आइआइटी मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आर. नागराजन ने बताया, हालांकि भारतीय मसाला तेलों के चिकित्सीय लाभ सदियों से ज्ञात हैं, जैव उपलब्धता ने उनके अनुप्रयोग और उपयोग को सीमित कर दिया है। पशुओं पर सफल परीक्षण के बाद 2027-28 तक दवाओं को बाजार में उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ ‘क्लीनिकल ट्रायल’ की योजना बनाई जा रही है। नैनो-इमल्शन के रूप में इसका निरूपण इस बाधा को प्रभावी रूप से पार कर जाता है। नागराजन ने कहा, हम पशुओं पर शोध में सकारात्मक परिणामों को शीघ्र क्लीनिकल ट्रायल में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे।
साइड इफेक्ट नहींहोगा, लागत भी कम | आइआइटी मद्रास ने इस पर शोध किया। कैंसर कोशिकाओं के साथ सक्रिय अवयवों और उनके संपर्क के तरीकों की पहचान के लिए अध्ययन जारी रहेगा।
पारंपरिक कैंसर उपचार थेरेपी की तुलना में नैनो-ऑन्कोलॉजी के कई फायदे हैं। इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं और उपचार में कम लागत आती है। आइआइटी मद्रास के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी (कैंसर नैनोमेडिसिन एंड ड्रग डिजाइन प्रयोगशाला) एम. जॉयस निर्मला के मुताबिक पेटेंट किए गए भारतीय मसाला-आधारित नैनो-फॉर्मूलेशन सामान्य प्रकार के कई कैंसर में प्रभावी साबित हुए हैं।