देश-विदेश
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश में हुआ बेहतरीन काम... देश में अपनी अलग पहचान बना चुका मध्यप्रदेश
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना जिले के जौरावासियों को अभूतपूर्व सौगात देते हुए नगर पंचायत जौरा को नगरपालिका बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा दी गई सौगात का जौरावासियों ने करतल ध्वनि से आभार माना। मुख्यमंत्री ने जौरा के साथ ही जिले के सबलगढ़ और कैलारस में बहनों के सशक्तिकरण के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाना ही मेरा मकसद है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में 10 अक्टूबर को 1250 रूपये आयेंगे। आगे बढ़ाकर राशि को 3 हजार तक किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने पानी में भीगते हुए जौरा की जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत को नगरपालिका बनाने की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हो गई है। भगवान महाकालेश्वर ने मेरी प्रार्थना को स्वीकार कर पूरे प्रदेश को बारिश कर राहत प्रदान की है। मुरैना जिले में शुक्रवार को सुबह से ही बारिश हो रही है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना और उसके बाद लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण का कार्य किया जा रहा है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु प्रदेश में कार्य किया जायेगा। स्व-सहायता समूह की महिलायें, राशन की दुकान, स्कूली बच्चों की यूनीफॉर्म सिलने के साथ-साथ प्रदेश में दलिया बनाने के कारखानों का संचालन भी करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब हमारी माता-बहनों को पानी लाने घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। अब पाइप लाइन बिछाकर हर घर में नल की टोंटी से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं और प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गाँव, गरीब और किसानों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड बनाकर सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतरीन कार्य हुआ है। केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री मुरैना आए हैं तो खाली हाथ नहीं आए हैं, विकास कार्यों की सौगातें लेकर आए हैं। तोमर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं, जिनकी सराहना सम्पूर्ण देश में हो रही है। तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में विकास और जनकल्याण के कार्य किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार की योजनाओं और मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं के माध्यम से आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश देश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने भी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आमजन के जीवन को बेहतर और खुशहाल बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। प्रदेश के विकास के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, किसानों के जीवन में खुशहाली लाने और हर जरूरतमंद को योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने का कार्य किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री गिरफ्तार... सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात
डेस्क। तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम एन.चंद्रबाबू नायडू को सीआईडी द्वारा कौशल विकास घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी शनिवार सुबह नंद्याल से हुई। बता दें कौशल विकास घोटाला 350 करोड़ रुपये का है। इस मामले में चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ साल 2021 में एफआईआर दर्ज की गई थी। सुबह पुलिस अधिकारियों की टीम जब टीडीपी नेता को हिरासत में लेने के लिए पहुंची तो नंद्याल में जबरदस्त हंगामा हुआ।
युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने उनकी सरकार में इस योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के हैदराबाद और इसके आसपास के इलाकों में स्थित भारी उद्योगों में काम करने के लिए युवाओं को जरूरी कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाना था। सरकार ने योजना के तहत इसकी जिम्मेदारी एक कंपनी Siemens को दी थी। इस योजना के तहत छह क्लस्टर्स बनाए गए। जिसमें हर क्लस्टर पर 560 करोड़ रुपये खर्च होने थे।
तत्कालीन चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने कैबिनेट में बताया कि योजना के तहत राज्य सरकार कुल खर्च का 10 प्रतिशत यानी कि 370 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वहीं बाकी का 90 प्रतिशत खर्च कौशल विकास प्रशिक्षण देने वाली कंपनी सीमेन्स द्वारा दिया जाएगा। आरोप है कि चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने योजना के तहत खर्च किए जाने वाले 371 करोड़ रुपये शैल कंपनियों को ट्रांसफर कर दिए। शैल कंपनियां बनाकर उन्हें पैसे ट्रांसफर करने से संबंधित दस्तावेज भी नष्ट कर दिए गए।
आंध्र प्रदेश के कौशल विकास घोटाले की जांच ईडी भी कर रही है। कुछ माह पहले ईडी ने कंपनी डिजाइनटेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की 31 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति भी अटैच की थी। ईडी ने इस मामले में सीमेन्स कंपनी के पूर्व एमडी सोम्याद्री शेखर बोस, डिजाइनटेक कंपनी के एमडी विकास विनायक खानवेलकर, पीवीएसपी आईटी स्किल्स प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और स्किलर एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ मुकुल चंद्र अग्रवाल, सीए सुरेश गोयल के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
वायु सेना उप प्रमुख ने उड़ाया हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर एचटीटी-40
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मजबूत साझेदारी, निवेश वृद्धि और जिम्मेदारी साझा करने पर बल दिया
भोपाल। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने मध्य प्रदेश के भोपाल में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2023 के पुरस्कारों की घोषणा की। प्रथम श्रेणी (मिलियन प्लस आबादी) के अंतर्गत इंदौर पहले स्थान पर रहा, इसके बाद आगरा और ठाणे का स्थान रहा। दूसरी श्रेणी (3-10 लाख आबादी) में अमरावती को पहला स्थान मिला, इसके बाद मुरादाबाद और गुंटूर ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह तीसरी श्रेणी (3 लाख से कम आबादी) के लिए परवाणू ने पहला स्थान प्राप्त किया। इसके बाद कालाअंब और अंगुल ने दूसरा स्थान हासिल किया।
Speaking on the occasion of International Day of Clean Air for Blue Skies in Bhopal https://t.co/U8NCs9oXoD
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 7, 2023
यादव ने इस अवसर पर कहा कि इस वर्ष नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु का चौथा अंतर्राष्ट्रीय दिवस (स्वच्छ वायु दिवस 2023) "स्वच्छ हवा के लिए एक साथ" के वैश्विक विषय के साथ मजबूत साझेदारी बनाने, निवेश बढ़ाने और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिम्मेदारी साझा करने के लिए है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त, 2020 को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सभी लोगों को स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए, उन्हें एक स्वस्थ और उत्पादक जीवन का आश्वासन देते हुए समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से 100 से अधिक शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य और योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय 2019 से भारत में शहर और क्षेत्रीय पैमाने पर वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए कार्यों को रेखांकित करते हुए एक राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के रूप में एक राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) को लागू कर रहा है।
भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च।
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 7, 2023
अहङ्कार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा।#WorldCleanAirDay pic.twitter.com/vLcAeWCRUS
यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत शहर विशिष्ट कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 131 शहरों को चिन्हित किया गया है। एनसीएपी लक्षित 131 शहरों की राष्ट्रीय स्तर की कार्य योजना, राज्य स्तरीय कार्य योजनाओं और शहर स्तरीय कार्य योजनाओं की तैयारी और कार्यान्वयन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के समन्वित कार्यान्वयन से लक्षित 131 शहरों के साथ-साथ पूरे देश में वायु गुणवत्ता में सुधार हासिल करने में मदद मिलेगी।
भोपाल में बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेट मीडिया सेंटर…. पत्रकारों के उपचार के लिए बढ़ी सहायता राशि
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रूप में मीडिया प्रतिनिधियों का परिश्रम प्रशंसनीय है। पत्रकार साथी दिन-रात कार्य करते हैं। अनेक कठिनाइयों के बीच वे तथ्यों और समाचारों को जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। यही नहीं सरकार और अन्य सभी के लिए सेतु के रूप में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया के लिए मेरे मन में बहुत आदर का स्थान है। इस पत्रकार समागम में अनेक साथियों से भेंट हो रही है। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार समागम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पत्रकार वर्ग के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें उपचार सहायता, बीमा योजना, आवास सुविधा, शिक्षा के लिए सुविधा आदि शामिल है। इसके साथ ही जनसंपर्क विभाग छोटे शहरों और कस्बों के पत्रकारों को डिजिटल तकनीक प्रशिक्षण दिलवाने का कार्य भी करेगा। आज हुए पत्रकार समागम में पहली बार राजधानी में प्रदेश के अनेक जिलों के पत्रकार एकत्र हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन की भूमि वर्तमान में अनुपयोगी है। सभी की इच्छा है कि यहां नया भवन बने। इसे नया स्वरूप दिया जाएगा। नया भवन निर्मित किया जाएगा। नवनिर्मित भवन के साथ ही इसे स्टेट मीडिया सेंटर का दर्जा रहेगा। इसमें सभागार, पुस्तकालय, कैंटीन, सामान्य कक्ष सहित अन्य सुविधाएं होंगी। सेंटर में आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे।
आज मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार समागम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, न्यू मीडिया के विभिन्न माध्यमों और सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। आकाशवाणी, दूरदर्शन से जुड़े प्रतिनिधियों और एफएम चैनल के प्रतिनिधि भी पत्रकार समागम में शामिल हुए। वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर भी पत्रकार समागम में पहुंचे। राजधानी भोपाल सहित प्रमुख नगरों इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा, शहडोल, चंबल, ग्वालियर और नर्मदापुरम सहित सभी संभागों के सभी जिलों के प्रतिनिधि आए।
मुख्यमंत्री ने संबोधन के पश्चात मीडिया बंधुओं से आत्मीय भेंट और चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मीडिया के बंधुओं को दोपहर भोज के लिए आमंत्रित किया और भोजन के पश्चात ही प्रस्थान करने का आग्रह किया। व्रतधारी अतिथियों के लिए फलाहार की भी व्यवस्था की गई थी। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में नवनिर्मित समत्व भवन और भोज ताल की सुंदरता का भी अवलोकन किया।
‘India’ को ‘भारत’ बनाने में खर्च हो सकते हैं 14 हजार करोड़, ये देश भी बदल चुके हैं नाम…
डेस्क। India’ का नाम ‘Bharat’ किए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन सियासी गलियारों में विरोध और समर्थन दोनों सुनाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि संसद के आगामी विशेष सत्र के दौरान सरकार संविधान संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। खबर है कि अगर सरकार यह कदम उठाती है तो केंद्र सरकार को भारी खर्च उठाना पड़ सकता है।
आउटलुक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नाम बदलने में अनुमानित खर्च 14 हजार 304 करोड़ रुपये आ सकता है। इस आंकड़े की गणना दक्षिण अफ्रीका के वकील डेरेन ऑलिवियर के सुझाए फॉर्मूला से की गई है। दरअसल, साल 2018 में स्वैजीलैंड का नाम बदलकर इस्वातीनि कर दिया गया था। कहा जा रहा था कि इसका मकसद औपनिवेशिकता से छुटकारा पाना था। उस दौरान ऑलिवियर ने देश के नाम बदलने में आने वाले खर्च की गणना के लिए एक विधि तैयार की थी।
उन्होंने इस अफ्रीकी देश के नाम बदलने की प्रक्रिया की तुलना एक बड़े कॉर्पोरेट में होने वाली रीब्रांडिंग से की थी। वकील के अनुसार, एक बड़े इंटरप्राइज का औसत मार्केटिंग खर्च उसके कुल राजस्व का करीब 6 फीसदी होता है। जबकि, रीब्रांडिंग में कंपनी के कुल मार्केटिंग बजट का 10 फीसदी तक खर्च आ सकता है। उन्होंने अनुमान लगाया था कि स्वेजीलैंड का नाम इस्वातीनि करने में 60 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा। अब भारत पर इस फॉर्मूले को लागू किया जाता है, तो 2023 के वित्तीय वर्ष के अंत में राजस्व 23.84 लाख करोड़ रुपये था। इसमें टैक्स और नॉन टैक्स रेवेन्यू दोनों ही शामिल थे।
क्या कहता है इतिहास
हालांकि, भारत से पहले भी कई देश नाम बदलने की प्रक्रिया पर विचार कर चुके हैं। इनकी वजहों में प्रशासन स्तर पर सुधार, औपनिवेशिक प्रतीकों से छुटकारा जैसी बातें शामिल हैं। साल 1972 में श्रीलंका में भी नाम बदलने की प्रक्रिया हुई और करीब चार दशकों में पुराने नाम सीलोन को पूरी तरह हटाया जा सका। साल 2018 में स्वेजीलैंड का नाम भी बदलकर इस्वातीनि किया गया था। (-साभारःलाइव हिन्दुस्तान)
नमामि गंगे ने मेरठ में सीवेज उपचार अवसंरचना के विकास के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए
नईदिल्ली। मेरठ में सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) और अन्य अवसंरचना के विकास के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), उत्तर प्रदेश जल निगम और मैसर्स मेरठ एसटीपी प्रा. लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर नई दिल्ली में एनएमसीजी के महानिदेशक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। हाइब्रिड वार्षिकी पीपीपी मोड के अंतर्गत इस परियोजना की कुल लागत 369.74 करोड़ रुपये है और इसे दिसंबर, 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एनएमसीजी ने 220 एमएलडी की कुल क्षमता वाले सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण करने के लिए परियोजना को मंजूरी प्रदान की है, जिसमें इंटरसेप्शन एंड डायवर्सन (आई एंड डी) संरचनाओं का विकास, आई एंड डी नेटवर्क बिछाना, 15 वर्षों के लिए परिचालन एवं रखरखाव सहित सीवेज पंपिंग स्टेशन आदि जैसे अन्य कार्य भी शामिल हैं। इस परियोजना का उद्देश्य मेरठ शहर में मौजूदा सीवेज समस्याओं और इसके कारण काली नदी में सीवेज प्रदूषण की समस्या का समाधान करना भी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, मेरठ शहर से काली नदी (पूर्व) में अनुपचारित सीवेज का निर्वहन नहीं होगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। काली (पूर्व) कन्नौज के समीप गंगा नदी से मिलती है और इस परियोजना के पूरा होने से गंगा नदी के प्रदूषण में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।
समझौते पर उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधीक्षण अभियंता, एसके बर्मन, मयंक अग्रवाल, प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, मैसर्स मेरठ एसटीपी प्राइवेट लिमिटेड और बिनोद कुमार, निदेशक (परियोजना), एनएमसीजी ने जी अशोक कुमार, एनएमसीजी के महानिदेशक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए, जिन्होंने इस हस्ताक्षर प्रक्रिया के पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर एनएमसीजी के उप महानिदेशक, नलिन कुमार श्रीवास्तव राज्य एजेंसियों और रियायतग्राही के अन्य प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित हुए।
जब तक सांसें हैं बहनों के कल्याण का कार्य करता रहूँगा
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाना जीवन का मिशन है। जब तक सांस रहेगी, बहनों के कल्याण के लिए कार्य करता रहूँगा। मुख्यमंत्री समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में विधायक गायत्री राजे के नेतृत्व में भेंट करने आईं देवास जिले की लाडली बहनों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान को लाड़ली बहनों ने एक हजार से अधिक राखियां और कलात्मक बधाई पत्र भेंट किए।
मुख्यमंत्री चौहान को लाड़ली बहनों ने जानकारी दी कि ये राखियाँ लाड़ली बहनों ने बहनों से घर घर जाकर एकत्रित की हैं। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री चौहान को राखियाँ बांधते हुए राखी गीतों की पंक्तियाँ भी सुनाईं।
मुख्यमंत्री चौहान से भेंट कर राखी बांधने वाली बहनों में प्रेमलता, ममता मोदी, माया तिवारी, राखी झालानी, दर्पण सोनी, नीतू जाधव, वीणा महाजन, मनोरमा सोलंकी, विनीता व्यास, मधुर शर्मा, शोभा नायक और बबीता राणावत आदि शामिल हैं। इस अवसर पर देवास की महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल भी उपस्थित थीं।
लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री चौहान को कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना बहनों के हित में लागू की गई अत्यंत उपयोगी योजना है। योजना से छोटे-छोटे खर्चों के लिए मोहताज होने वाली बहनों को बड़ा सहारा मिला है।
सांची बनी देश की पहली सोलर सिटी.... अब ऊर्जा संरक्षण क्षेत्र में पथ प्रदर्शन करेगी साँची
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले में स्थित विश्व धरोहर स्मारक स्थल साँची नगर को प्रथम सोलर सिटी के रूप में लोकार्पित किया। मुख्यमंत्री चौहान कहा कि आज अक्षय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लिया और इस क्षेत्र में कार्य करने का मंत्र दिया है, उसे सामाजिक दायित्व मानकर पूरा करने की दिशा में मध्यप्रदेश आगे बढ़ा है। मध्यप्रदेश ओंकारेश्वर में भी बांध की सतह पर सोलर पैनल लगाकर 600 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापित करने की पहल की गई है। साँची से कभी विश्व को शांति का संदेश पहुँचा था। अब साँची सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पथ-प्रदर्शन करेगा। कार्यक्रम में नवकरणीय विभाग और आईआईटी कानपुर के मध्य साँची को नेट जीरो सिटी बनाने के करारनामे पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले और अन्य साधनों से बिजली के उत्पादन का पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ता है। पारम्परिक माध्यमों को छोड़कर प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना सौर ऊर्जा उत्पादन की शुरूआत के लिए साँची के नागरिक, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सभी वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न संस्थानों से पधारे विद्वानों, वैज्ञानिकों और ऊर्जा संरक्षण क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों का अभिनन्दन करते हुए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साँची और देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा है। साँची के पास नागौरी में तीन मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना के फलस्वरूप साँची सोलर सिटी बनी है। निकट भविष्य में गुलगांव में पाँच मेगावाट की सौर परियोजना स्थापित होगी जो कृषि क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि साँची सोलरसिटी से वार्षिक 14 हजार टन से अधिक कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग 2 लाख 38 हजार से अधिक पेड़ों के बराबर है। ईकोफ्रेंडली सुविधाओं से पर्यावरण प्रदूषण रूकेगा। ई-व्हीकल को बढ़ावा दिया गया है। चार कमर्शियल चार्जिंग पाइंट तथा तीन ई-रिक्शा चार्जिंग पाइंट स्थापित कर दिए गए हैं। बैटरी वाहनों के चलने से 9 लाख से अधिक मूल्य के डीजल की भी बचत होगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि साँची में करीब 7 हजार नागरिकों ने अपने घरों में सोलर स्टेंड लैंप, सोलर स्टडी लैंप, सोलर लालटेन का इस्तेमाल कर बिजली बचाने का संकल्प लिया है। हर घर सोलर की अवधारणा सफल हुई। लगभग 63 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र घरेलू छतों पर लगाए गए हैं। शहर के केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों का इनर्जी आडिट करवाया गया। ऊर्जा साक्षरता आभियान के अंतर्गत साँची के लोगों ने ऊर्जा बचत और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता का परिचय दिया। प्रतिवर्ष संयंत्रों के उपयोग से करीब 22 लाख रूपए के बिजली के बिल कम होंगे।
सरकार ने जारी किया चौंकाने वाला फरमान... सरकारी अफसर दफ्तर में नहीं कर पाएंगे अब... iPhone का इस्तेमाल
पीएम मोदी की सुरक्षा कमान के डायरेक्टर... आईपीएस सिन्हा का निधन... प्रधानमंत्री ने जताया गहरा शोक
बता दें कि SPG देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। आईपीएस सिन्हा ने अपनी पढ़ाई झारखंड से की थी। वे केरल पुलिस में कई अहम पदों पर रहे। उन्होंने डीसीपी, कमिश्नर, रेंज आईजी, इंटेलिजेंस आईजी और एडमिनिस्ट्रेशन आईजी जैसे पद संभाले।
महिला आईएएस अफसर पर भारी पड़ी... तबादला आदेश पर फूलों की बारिश... देखिए वीडियो
आईएएस पर भारी पड़ी फूलों की बारिश pic.twitter.com/xRpMiFIUqV
— maharashtra mandal (@maharashtraman5) September 6, 2023
माँ शारदा की नगरी मैहर को बनाया जाएगा जिला... मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई प्रक्रिया
भोपाल। माँ शारदा की नगरी मैहर को जिला बनाया जाएगा, आज से ही जिला बनाने प्रक्रिया आरंभ होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मैहर की सभा को निवास कार्यालय समत्व से वर्चुअली संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुझे मैहर आकर ही जिला बनाने की घोषणा करने थी, लेकिन केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मंडला और श्योपुर आगमन के कारण मेरा मैहर आना संभव नहीं हो सका। मैं माँ का आशीर्वाद लेकर ही आज यह घोषणा कर रहा हूँ।
मुख्यमंत्री ने मैहर की माँ शारदा से प्रदेश में वर्षा के लिए प्रार्थना की करते हुए कहा कि वर्षा के अभाव में किसान परेशान हैं, वर्षा के लिए उज्जैन महाकाल और ओरछा में श्री रामराजा से भी प्रार्थना की है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि प्रदेश में सूखे का संकट न आए, ईश्वर की कृपा और आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा की कमी की स्थिति में हम हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेंगे। संकट होगा तो भी हम प्रदेशवासियों को संकट से निकालकर ले जाएंगे। सूखे के कारण बिजली की माँग बढ़ी है, इसकी पूर्ति के लिए भी हम प्रयास कर रहे हैं। नहरों में किसान के लिए पानी छोड़ दिया गया है, मैं सतत् रूप से स्थिति पर नजर रखे हूँ। ईश्वर न करे कि फसल खराब हो, लेकिन आवश्यकता हुई तो फसलों का सर्वे भी कराया जाएगा और मुआवजे के साथ-साथ फसल बीमा की राशि भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। किसान भाई चिंतित न हों, शारदा माँ की पूरी कृपा हम सब पर रहेगी।
विशाखापत्तनम बंदरगाह के अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन... जानिए क्या क्या है यहां खास
नईदिल्ली। विशाखापत्तनम बंदरगाह पर अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन आज पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, वीपीए अध्यक्ष डॉ. एम. अंगामुथु, आईएएस, एवं अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य लोगों की उपस्थिति में किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल, जो अब परिचालन के लिए तैयार है, भारत के पूर्वी तट पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रूज़ पर्यटन दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगा। यह विश्व स्तरीय सुविधा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को लाभान्वित करते हुए पर्यटकों को एक परिवर्तनकारी अनुभव प्रदान करने का वादा करती है।
यह दूरदर्शी परियोजना पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के एक प्रस्ताव के जवाब में शुरू की गई थी। पर्यटन मंत्रालय द्वारा पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान केंद्रीय एजेंसियों को सहायता योजना के तहत विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा विशाखापत्तनम बंदरगाह के बाहरी बंदरगाह में चैनल बर्थ पर क्रूज़-कम कार्गो टर्मिनल के विकास के लिए आंशिक वित्त पोषण को मंजूरी दी गयी थी।
विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा प्रदान की गई कुल अनुमोदित परियोजना की लागत 77 करोड़ रूपये थी। इसमें से, पर्यटन मंत्रालय ने 50 प्रतिशत फंडिंग की प्रतिबद्धता जताई, जो कि 38.50 करोड़ रू के बराबर है, इसके अलावा शेष व्यय विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा अपने आंतरिक संसाधनों से पूरा किया जाना है।
उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 38.50 करोड़ रू की फंडिंग में से 29.91 करोड़ रू की प्रभावशाली राशि, जो स्वीकृत फंडिंग का 77.6 प्रतिशत है, पहले ही जारी की जा चुकी है और विशाखापत्तनम पोर्ट ट्रस्ट (वीपीटी) द्वारा इसका पूरी तरह से उपयोग किया जा चुका है। क्रूज़ टर्मिनल बिल्डिंग 4,580.46 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें भूतल और पहली मंजिल दोनों शामिल हैं।
क्रूज़ टर्मिनल बिल्डिंग आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें लाउंज, कस्टम्स, आव्रजन, संगरोध काउंटर, सामान प्रबंधन सुविधाएं, स्कैनिंग, कॉनकोर्स, रेस्तरां, मनोरंजन, खरीदारी, स्वास्थ्य और व्यापार प्रदर्शनियां, मनी एक्सचेंज आउटलेट, सीसीटीवी कवरेज और पर्याप्त पार्किंग स्थल आदि शामिल हैं।
मेटा के साथ तीन साल की साझेदारी शिक्षा से उद्यमिता तक शुरू.... छात्रों, शिक्षकों और उद्यमियों की एक पीढ़ी का होगा सशक्तिकरण
नईदिल्ली। केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और मेटा के बीच तीन साल की साझेदारी "शिक्षा से उद्यमिता: छात्रों, शिक्षकों और उद्यमियों की एक पीढ़ी का सशक्तिकरण" की शुरुआत की। मेटा और एनआईईएसबीयूडी, एआईसीटीई और सीबीएसई के बीच 3 आशय पत्रों (एलओआई) का आदान-प्रदान किया गया। शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज शुरू की गई पहल भारत को दुनिया की कौशल राजधानी बनाने और हमारी अमृत पीढ़ी को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि 'एजुकेशन टू एंटरप्रेन्योरशिप' साझेदारी एक गेम-चेंजर है, जो डिजिटल स्किलिंग को जमीनी स्तर तक ले जाएगी। यह हमारे प्रतिभा पूल की क्षमताओं का निर्माण करेगा, छात्रों, युवाओं, कार्यबल और सूक्ष्म-उद्यमियों को भविष्य की प्रौद्योगिकियों के साथ सहजता से जोड़ेगा और हमारी अमृत पीढ़ी को नए युग के समस्या समाधानकर्ताओं और उद्यमियों में बदल देगा।
उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और विविधता को प्रौद्योगिकी रूपांतरण से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि प्रौद्योगिकी पूरे समाज के लिए समतुल्य बन जाए। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सिद्धांतों से प्रेरित होकर, एनआईईएसबीयूडी, सीबीएसई और एआईसीटीई के साथ मेटा की साझेदारी हमारी आबादी को महत्वपूर्ण डिजिटल कौशल से लैस करने और सूक्ष्म उद्यमियों और छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने के लिए अनंत संभावनाओं को उत्प्रेरित करेगी।
राजीव चन्द्रशेखर ने अपने संबोधन में कहा कि तेजी से बदलते समय में हमारे युवाओं और कार्यबल को सफल होने और प्रौद्योगिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के उभरते परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कौशल से लैस करने के लिए तैयार करने पर सरकार के फोकस पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल कौशल, नवाचार इको-सिस्टम में कौशल और उद्यमिता का प्रतिनिधित्व करते हुए, अधिक महत्वपूर्ण रूप से लाखों छोटे ग्रामीण, सूक्ष्म और स्व-रोज़गार उद्यमियों के बीच एक पुल का प्रतिनिधित्व करता है, जो उन्हें विस्तारित करने, विकसित और सफल होने में सक्षम बनाता है।
एक वीडियो संदेश में मेटा के ग्लोबल अफेयर्स अध्यक्ष, सर निक क्लेग ने कार्यबल के दो सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों, शिक्षा और कौशल के बीच साझेदारी को एक साथ लाने में उनके समर्थन के लिए श्री धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिभा आधार और तेजी से डिजिटल अपनाना इसे उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश करने के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है। वे भारत के छात्रों, युवाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाने में मेटा के योगदान की आशा करते हैं, जिसमें भारतीय स्टार्टअप और व्यवसायों के लिए कौशल विकास पर महत्वपूर्ण ध्यान दिया गया है, उन्होंने शिक्षा, रोजगार सृजन, कौशल विकास और उपयोगकर्ता सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में जी-20 अध्यक्षता के दौरान भारत के साथ मिलकर काम किया है।
राष्ट्रीय उद्यमशीलता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) के साथ साझेदारी के तहत, अगले 3 वर्षों में 5 लाख उद्यमियों को मेटा द्वारा डिजिटल मार्केटिंग कौशल तक पहुंच मिलेगी। शुरुआत में उभरते और मौजूदा उद्यमियों को 7 क्षेत्रीय भाषाओं में मेटा प्लेटफॉर्म का उपयोग करके डिजिटल मार्केटिंग कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा। साझेदारी के बारे में विवरण पर प्रकाश डालते हुए तीन लघु फिल्में भी प्रदर्शित की गईं।
उज्जैन बदल गया श्री महाकाल महालोक से अब ओरछा बदलेगा श्री रामराजा लोक से
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओरछा में श्री रामराजा मंदिर परिसर में श्री रामराजा लोक का भूमि-पूजन किया और निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि "उज्जैन बदल गया श्री महाकाल लोक से और अब ओरछा बदलेगा श्री राम राजा लोक से।" भगवान श्री राम की नगरी ओरछा में 81 करोड़ की लागत से श्री रामराजा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र मिलाकर श्री राम राजा लोक का भव्य निर्माण होगा। उल्लेखनीय है कि निवाड़ी जिले में विश्व धरोहर ओरछा का प्रमुख केन्द्र श्री रामराजा मंदिर है। इसका निर्माण तत्कालीन बुन्देला शासकों ने किया था।
ओरछा का केन्द्र-बिन्दु श्रीराम राजा मंदिर है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं तथा पर्यटकों का आगमन होता है। श्रृद्धालुओं एवं पर्यटकों की भावनाओं तथा सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए ओरछा में श्री रामराजा मंदिर में श्री रामराजा लोक का विकास किया जाएगा। श्री रामराजा मंदिर परिसर लगभग 2.86 एकड़ में स्थित है। मंदिर के आसपास लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में श्री रामराजा लोक विकसित किया जायेगा। श्री रामराजा लोक का प्रारंभ प्रवेश द्वार पर भव्य दरबार गलियारे से होगा।
मंदिर परिसर में 41 करोड़ की लागत से श्री रामराजा लोक प्रवेश द्वार के साथ प्लाजा का विकास, प्रसादालय, कतार परिसर, श्री जानकी मंदिर परिसर का विकास, फूड प्लाजा, आसपास की दुकानों की पुर्नस्थापना, जनसमूह प्रबंधन, दुकानों का सौन्दर्यीकरण और श्रीराम के बाल स्वरूप श्री रामराजा के दरबार के वर्णन सहित गलियारे एवं प्रांगण का विकास होगा जिसमें बाल काण्ड का वर्णन होगा।
प्रांगण में रामायण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाएगा। सुन्दर कमल नयन से प्रेरित कमल स्तम्भ और पुष्पक विमान देखने को मिलेंगे। इस लोक में स्थानीय वास्तुकला, मंदिर प्रांगण और ऐतिहासिक इमारतों का अनूठा स्वरूप बखूबी देखने को मिलेगा। श्री रामराजा लोक की वास्तुकला बुंदेलखंड की प्रामाणिकता और अखडण्ता का उदाहरण होगी।
रायपुर की युवती की मुंबई में हत्या... मामले में एक संदेही गिरफ्तार... एयर—होस्टेस के तौर पर कर रही थी ट्रेनिंग