देश-विदेश
अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस मेडिकल कालेज की छात्रों ने निकाली साइकिल रैली
नईदिल्ली। दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज में 'स्वास्थ्य के लिए साइकिल' थीम पर साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया।
आज सभी 1.56 लाख आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एबी-एचडब्ल्यूसी) में साइक्लोथॉन, साइकिल रैली या स्वास्थ्य के लिए साइकिल के रूप में मेगा साइकिलिंग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एक ट्वीट कर सभी को इस पहल में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया था। वर्तमान में देश 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहा है।
इस मेगा साइकिलिंग समारोह में संयुक्त सचिव विशाल चौहान, डीजीएचएस डॉ. प्रोफेसर अतुल गोयल, एलएचएमसी के निदेशक डॉ. सुभाष गिरी, मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एलएचएमसी के शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों ने हिस्सा लिया।
BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर गृहमंत्री शाह का बड़ा बयान... पीएम मोदी के 9 सालों को लेकर भी कही बड़ी बात
दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक के बाद एक कर 4 भाजपा नेताओं की हत्या का मामला देश के उच्च सदन में गूंजा है। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव ने इसे टारगेट किलिंग का नाम दिया है। चारों ही भाजपा नेताओं की हत्या माओवादियों ने की है, जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी बयान सामने आ चुका है। सीएम बघेल ने इन हत्याओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, तो सुरक्षा के मामले में अनदेखी को लेकर उन्होंने डीजीपी अशोक जुनेजा को सख्त निर्देश भी दिए हैं।
दूसरी तरफ देश के गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से चर्चा के दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा कि देश में बीते 9 सालों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार चल रही है। पीएम मोदी ने देश से आतंकवाद को मिटाने की दिशा में जो प्रयास किए हैं, उसका परिणाम है कि आज जम्मू—कश्मीर में आवाजाही आसान हो गई है, लोग बेखौफ होकर धरती के स्वर्ग का भरपूर आनंद ले पा रहे हैं, मतदान होने लगा है, पर्यटन विकसित होने लगा है।
#WATCH बिहार और झारखंड में वामपंथी उग्रवाद लगभग समाप्त हो चुका है। मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ में भी कुछ ही समय में शांति बहाल करने में हम सफल होंगे। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से संबंधित सभी प्रकार के आंकड़े सबसे अच्छी स्थिति में हैं: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह #AmitShahtoANI pic.twitter.com/B6izojP3RB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2023
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के कई हिस्सों में आतंकवादी और उग्रवादी अपना सिर उठाते रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी सरकार ने उनके फन को कुचलने के लिए जिस तरह की रणनीति बनाई, उसका परिणाम है कि आज बिहार और झारखंड में उग्रवाद लगभग समाप्त हो चुका है। गृहमंत्री शाह ने कहा कि रही बात छत्तीसगढ़ की तो वहां पर भी वैक्यूम बना दिया गया है और अब माओवादियों का दम बस्तर में घुटने लगा है। गृहमंत्री शाह ने कहा कि वो दिन ज्यादा दूर नहीं है, जब छत्तीसगढ़ पूरी तरह माओवाद से मुक्त होगा और बस्तर की शान लौट आएगी।
यहां के 108 बौद्ध 43 दिनों में 1100 किमी पैदल की तीर्थयात्रा
नईदिल्ली। कोरिया गणराज्य के 108 बौद्ध तीर्थयात्री सांगवोल सोसाइटी ऑफ साउथ कोरिया द्वारा आयोजित पैदल यात्रा में हिस्सा ले रहे है। वे 43 दिनों में 1,100 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा करेंगे। बतादें कि भारत और दक्षिण कोरिया आपसी राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। तीर्थयात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग को बढ़ाना है। पर्यटक भारत में उत्तर प्रदेश और बिहार स्थित बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा करेंगे और बाद में नेपाल जाएंगे।
बौद्ध तीर्थयात्रियों ने 9 फरवरी को दक्षिण कोरिया के जोगीसा मंदिर से अपनी यात्रा शुरू की। 23 मार्च तक भारत और नेपाल स्थित पवित्र बौद्ध स्थलों के 43 दिनों की यात्रा पर रहेंगे। 'ओह, वी! ओह लव! ओह, लाइफ!’ के नारे के साथ सांगवोल सोसायटी द्वारा आयोजित तीर्थयात्रा का उद्देश्य भारत की तीर्थयात्रा के माध्यम से भक्ति संबंधी गतिविधियों की बौद्ध संस्कृति का प्रसार करना है, जहां बुद्ध का जीवन और पदचिह्न संरक्षित हैं।
पदयात्रा 21 और 22 फरवरी को बोधगया बिहार (महाबोधि मंदिर) पहुंचेगी। जहां बौद्ध यात्रियों का सम्मान होगा। 21 फरवरी को सुबह 11 बजे विश्व शांति के लिए धर्मसभा होगी। 22 फरवरी को महाबोधि मंदिर में बोधि वृक्ष के सामने धर्मसभा का आयोजन रखा गया है। 24 फरवरी को नालंदा विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा। वहीं 25 फरवरी को गिद्ध चोटी गंधकुटी में सम्मान और प्रार्थना सभा होगी।
महाशिवरात्रि के दिन कूनो पहुंचेंगे और 12 चीते, दक्षिण अफ्रीका पहुंचा चीता टास्क फोर्स, देश में 20 हो जाएगी संख्या
भोपाल। भारत से विलुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति की भरपाई दक्षिण अफ्रीका से की जा रही है। चीतों की पहली खेप कूनो अभ्यारण्य पहुंची थी, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद भी कूनो अभ्यारण्य पहुंचे थे। अब चीतों की दूसरी खेप 18 फरवरी को कूनो अभ्यारण्य पहुंचने वाली है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। इस बार दर्जनभर चीतों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से लाने की तैयारी है। इससे पहले 8 चीतों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से कूनो लाया गया था।
मिल रही जानकारी के मुताबिक चीता टास्क फोर्स और कूनो के अधिकारी दक्षिण अफ्रीका पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि उन सभी 12 चीतों को 18 फरवरी को मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय अभ्यारण्य लाने की तैयारी है। राष्ट्रीय कूनो अभ्यारण के डीएफओ प्रकाश वर्मा ने बताया है कि 18 फरवरी को 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाए जाएंगे।
चीतों के भारत पहुंचने से पहले कूनो में 10 बाड़े बनाए गए हैं, जहां पर इन 12 चीतों को 30 दिनों के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगा। सीसीटीवी, ड्रोन कैमरे, शस्त्र वन कर्मियों, सुरक्षा गार्ड और डॉग स्कॉट की टीम चप्पे-चप्पे पर 24 घंटे निगरानी रखी हुई है।
चीतों को सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे के बीच कभी भी कूनो लाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह और क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इन चीतों को रिलीज करने के लिए कूनो आ सकते हैं। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बीबीसी दिल्ली और मुंबई के दफ्तरों में आईटी रेड... कर्मचारियों के मोबाइल जब्त... स्टाफ घर रवाना
पहले BBC की डॉक्यूमेंट्री आई, उसे बैन किया गया।
— Congress (@INCIndia) February 14, 2023
अब BBC पर IT का छापा पड़ गया है।
अघोषित आपातकाल
योगी सरकार के बाद अब यहां भी बुलडोजर अभियान... डीजीपी ने गैंगस्टर्स और बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश
मामा बोले- धरती के स्वास्थ्य की रक्षा करना हमारा कर्तव्य
यहां हो रही थीं 25 किलो सोना की तस्करी, डीआरआई की टीम ने दबोचा
नईदिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तस्करी के तौर-तरीकों का खुलासा करने के लिए तय समय में खुफिया जानकारी जुटाने के उद्देश्य के साथ 'ऑपरेशन ईस्टर्न गेटवे' नामक एक ऑपरेशन शुरू किया है।
खुफिया सूचनाओं के आधार पर, सिंडिकेट के 8 व्यक्तियों की पहचान की गई और तीन स्थानों पर एक साथ तथा बेहतर समन्वय के साथ ऑपरेशन को अंजाम देते हुए सभी 8 व्यक्तियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। सिलीगुड़ी में इस टीम ने चार व्यक्तियों को दलखोला रेलवे स्टेशन पर उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वे असम के बदरपुर जंक्शन से पश्चिम बंगाल के सियालदह तक ट्रेन में यात्रा कर रहे थे और उनके कब्जे से 90 सोने की पट्टियां बरामद कीं, जिनका कुल वजन 18.66 किलोग्राम है, जिसकी कीमत 10.66 करोड़ रुपये है।
ऑपरेशन में, डीआरआई की विभिन्न टीमों को भारत-बांग्लादेश सीमा सहित पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा राज्यों में विभिन्न स्थानों पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया था, ताकि तस्करी सिंडिकेट द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली का पता लगाया जा सके।
बतादें कि बांग्लादेश, त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में स्थित एक सिंडिकेट त्रिपुरा राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से बांग्लादेश से भारत में भारी मात्रा में सोने की तस्करी में लिप्त था।
सिलीगुड़ी टीम ने 18.66 किलोग्राम सोना जब्त किया
इसके साथ ही, अगरतला में टीम ने अगरतला के पास भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक चार पहिया वाहन चालक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और 2.25 किलोग्राम वजन की दो सोने की छड़ें बरामद कीं, जिनकी कीमत 1.30 करोड़ रुपये है। इन्हें ड्राइवर साइड के फ्रंट दरवाजा के नीचे बनाई गई एक विशेष जगह में गुप्त रूप से छुपाया गया था। डीआरआई की एक अन्य टीम ने असम के करीमगंज में अगरतला से सियालदह जाने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 2.03 करोड़ रुपये मूल्य के 3.50 किलोग्राम वजन के आठ सोने की छड़ें जब्त कीं।
रीति—रिवाज के साथ फिर से शादी करेंगे हार्दिक... आज से शुरु होंगी रस्में... वैलेंटाइन डे पर लेंगे फेरे
BBA University के 10वें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हुईं राष्ट्रपति, जानिए क्या कहा-
मुख्यमंत्री के ओएसडी दिल्ली क्राइम ब्रांच तलब, गंभीर मसले पर पुलिस ने शुरु की पूछताछ, क्या है पूरा मामला... पढ़िए
देश के कई राज्यों में इन दिनों राजनीतिक उथल—पुथल मची हुई है। कई राज्यों के करीबी अधिकारी या तो ईडी के निशाने पर हैं, या फिर किसी ने किसी अपराधिक मामलों को लेकर गिरफ्तारी के दर पर हैं। ताजा मामला राजस्थान से सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के के OSD लोकेश शर्मा को पूछताछ के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तलब किया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इससे पहले 5 बार OSD लोकेश शर्मा को पूछताछ के लिए नोटिस किया था, लेकिन शर्मा ने रिस्पांस नहीं किया, पर अब की बार शर्मा को दिल्ली पहुंचना पड़ा है।
बेंगलुरु में गरजे प्रधानमंत्री मोदी, कहा “प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्”... आखिर क्या है पीएम मोदी का संदेश... पढ़िए पूरी खबर
Aero India का ये आयोजन, भारत के बढ़ते हुए सामर्थ्य का उदाहरण है। इसमें दुनिया के करीब 100 देशों की मौजूदगी होना दिखाता है कि भारत पर पूरे विश्व का विश्वास कितना बढ़ गया है। देश-विदेश के 700 से अधिक exhibitors इसमें अपनी भागीदारी कर रहे हैं। इसने अब तक के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसमें भारतीय MSMEs भी हैं, स्वदेशी स्टार्टअप्स भी हैं, और दुनिया की जानी-मानी कंपनियां भी हैं। यानी, एरो-इंडिया की थीम ‘The Runway to a Billion Opportunities’ जमीन से लेकर आकाश तक, हर तरफ नजर आ रही है। मेरी कामना है, ‘आत्मनिर्भर होते भारत’ की ये ताकत ऐसे ही बढ़ती रहे।
यहां Aero India के साथ ही ‘Defence Ministers’ Conclave’ और ‘CEO’s राउंड टेबल’ इसका आयोजन भी किया जा रहा है। दुनिया के विभिन्न देशों की सहभागिता, CEOs की ये सक्रिय भागीदारी, Aero India के ग्लोबल potential को ओर बढ़ाने में मदद करेगी। ये मित्र देशों के साथ भारत की विश्वसनीय भागीदारी को आगे ले जाने का भी एक माध्यम बनेगा। मैं इन सभी initiatives के लिए डिफेंस मिनिस्ट्री और इंडस्ट्री के साथियों का अभिनंदन करता हूँ।
आज भारत की संभावनाओं का, भारत की सामर्थ्य का प्रमाण हमारी सफलताएँ दे रही हैं।
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) February 13, 2023
आज आकाश में गर्जना करते तेजस फाइटर प्लेन्स मेक इन इंडिया के सामर्थ्य का प्रमाण है: प्रधानमंत्री @narendramodi
#Aeroindia2023 pic.twitter.com/oknNXoY1qE
Aero India एक औऱ वजह से बहुत खास है। ये कर्नाटका जैसे भारत के technology और technology की दुनिया में जिसकी महारथ है, advance है, ऐसे राज्य कर्नाटका में हो रहा है। इससे Aerospace और डिफेंस सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे। इससे कर्नाटका के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। मैं कर्नाटका के युवाओं से भी आवाहन करता हूँ, टेक्नोलॉजी की फ़ील्ड में आपको जो महारथ हासिल है, उसे रक्षा क्षेत्र में देश की ताकत बनाइये। आप इन अवसरों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ेंगे, तो डिफेंस में नए इनोवेशन्स का रास्ता खुलेगा।
जब कोई देश, नई सोच, नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ता है, तो उसकी व्यवस्थाएं भी नई सोच के हिसाब से ढलने लगती हैं। Aero India का ये आयोजन, आज नए भारत की नई अप्रोच को भी Reflect करता है। एक समय था, जब इसे केवल एक Show या एक प्रकार से ‘Sell to India’ की एक विंडो भर माना जाता था। बीते वर्षों में देश ने इस perception को भी बदला है। आज Aero India केवल एक Show नहीं है, ये इंडिया की स्ट्रेन्थ भी है। आज ये इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री के Scope को भी focus करता और Self-Confidence को भी focus करता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आज दुनिया की डिफेंस कंपनियों के लिए भारत केवल एक मार्केट ही नहीं है। भारत आज एक पोटेंशियल डिफेंस पार्टनर भी है। ये पार्टनरशिप उन देशों के साथ भी है जो डिफेंस सेक्टर में काफी आगे हैं। जो देश अपनी रक्षा जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद साथी तलाश रहे हैं, भारत उनके लिए भी एक बेहतर पार्टनर बनकर आज उभर रहा है। हमारी टेक्नोलॉजी इन देशों के लिए cost effective भी है, और credible भी है। हमारे यहाँ ‘best innovation’ भी मिलेगा, और ‘honest intent’ भी आपके सामने मौजूद है।
हमारे यहाँ कहा जाता है- “प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्”। अर्थात्, प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। आज भारत की संभावनाओं का, भारत के सामर्थ्य का प्रमाण हमारी सफलताएँ दे रही हैं। आज आकाश में गर्जना करते तेजस फाइटर प्लेन्स ‘मेक इन इंडिया’ के सामर्थ्य का प्रमाण हैं। आज हिन्द महासागर में मुस्तैद एयरक्राफ़्ट कैरियर INS विक्रांत ‘मेक इन इंडिया’ के विस्तार का प्रमाण है। गुजरात के वडोदरा में C-Two Ninety Five की manufacturing facility हो या तुमकुरू में HAL की helicopter यूनिट हो, ये आत्मनिर्भर भारत का वो बढ़ता सामर्थ्य है जिसमें भारत के साथ-साथ विश्व के लिए नए विकल्प और बेहतर अवसर जुड़े हुए हैं।
21वीं सदी का नया भारत, अब ना कोई मौका खोएगा और ना ही अपनी मेहनत में कोई कमी रखेगा। हम कमर कस चुके हैं। हम Reforms के रास्ते पर हर सेक्टर में Revolution ला रहे हैं। जो देश दशकों से सबसे बड़ा डिफेंस इंपोर्टर था, वो अब दुनिया के 75 देशों को डिफेंस equipment एक्सपोर्ट कर रहा है। बीते 5 वर्षों में देश का रक्षा निर्यात 6 गुना बढ़ा है। 2021-22 में हमने अब तक के रिकॉर्ड 1.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा के एक्सपोर्ट को, उस आंकड़े को हमने पार कर लिया है।
खेलों के विकास के लिए केंद्र, राज्य और कॉर्पोरेट घराने साथ आएं: अनुराग ठाकुर
नईदिल्ली। खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शानदार मेजबानी कर मध्य प्रदेश ने दिखा दिया कि यहां पर खेलों की कितनी शानदार सुविधाएं हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के शानदार आयोजन के लिए मध्य प्रदेश को शुभकामनाएं। मध्य प्रदेश पिछली बार 8वें नंबर पर था, इस बार तीसरे नंबर पर है। यह बात केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री ठाकुर ने शनिवार को 5वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। ठाकुर ने खेलों के विकास के लिए केंद्र, राज्य और कॉर्पोरेट घरानों को एक साथ आने के लिए आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पिछले बार के यूथ गेम्स जो हरियाणा में हुए थे, उसमें 12 रिकॉर्ड टूटे थे। इस बार 12 खिलाड़ियों ने 25 नैशनल रिकॉर्ड तोड़े। ठाकुर ने कहा कि शायद ही दुनिया के किसी देश में इतना भव्य और शानदार तरीके से यूथ गेम्स का आयोजन होता है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री ने जैवलिन थ्रो में नैशनल रिकॉर्ड बनाने के लिए दीपिका को बधाई दी। उन्होंने एल धनुष और मार्टिना देवी को नया रिकॉर्ड बनाने के लिए भी बधाई दी।
समापन के मौके पर ठाकुर ने कहा कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा खिलाडियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया है। यह ऐसा मंच है जहां पर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखारने और संवारने का काम करते हैं। ठाकुर ने खासतौर पर सोनम, शांति विश्वास और झारखंड की आशा किरण बाला का नाम लिया और कहा कि इन तीनों खिलाड़ियों ने गरीबी और अभाव जैसे तमाम विपरीत परिस्थितियों को धता बताते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और सुविधाओं में पिछले कुछ वर्षों काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 में खेलों का बजट 960 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर लगभग 3300 करोड़ से ऊपर हो गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह खेलो इंडिया यूथ गेम्स का बजट बढ़ाकर भी 3200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ठाकुर ने खिलाड़ियों से कहा कि आप खेलों में अपना 100 प्रतिशत दीजिए और आपके हिस्से की सारी जिम्मेदारी हम लेंगे।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स के समापन समारोह को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मप्र की युवा और खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री निसिथ प्रमाणिक भी उपस्थित थे। समापन समारोह के मौके पर रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
आशा के प्रतीक है फिजियोथेरेपिस्टः पीएम मोदी
नईदिल्ली। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट के 60वें वार्षिक सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स' की 60वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि हर उम्र के लोगों के लिए फिजियोथेरेपिस्टः आशा के प्रतीक है।
मोदी ने कहा कि मुझे ख़ुशी है कि मेडिकल फ़ील्ड के इतने महत्वपूर्ण प्रोफेशनल्स अहमदाबाद में एक साथ जुट रहे हैं। कोई चोट हो, दर्द हो, चाहे युवा हों, या बुजुर्ग हों, खिलाड़ी हों, या फ़िटनेस के मुरीद हों, Physiotherapist हर परिस्थिति, हर उम्र के लोगों के सहयोगी बनकर उनकी तकलीफ दूर करते हैं।
आप मुश्किल के समय में symbol of hope बनते हैं। आप symbol of resilience बनते हैं। आप symbol of recovery होते हैं। क्योंकि, जब कोई व्यक्ति अचानक injury या एक्सिडेंट का शिकार हो जाता है, तो उसके लिए ये केवल फ़िज़िकल ट्रॉमा नहीं होता। ये एक मेंटल और साइकोलॉजिकल challenge भी होता है। ऐसे समय में physiotherapist केवल उसका इलाज नहीं करता, बल्कि उसे हौसला भी देता है।
अक्सर मुझे भी आपके प्रोफेशन से, आपके प्रोफेशनलिज्म से बहुत प्रेरणा मिलती है। अपनी फील्ड में आपने यह जरूर सीखा होगा कि चुनौतियों से ज्यादा मजबूत आपके भीतर की ताकत होती है। प्रोत्साहन और थोड़े से encouragement और support से लोग मुश्किल से मुश्किल चुनौतियों पर भी विजय पा लेते हैं।
कुछ ऐसी ही बात Governance में भी देखने को मिलती है। हमारे देश के गरीबों को एक Support की जरूरत थी, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सकें। बैंक खाता खुलवाना हो, शौचालय बनवाना हो, लोगों तक नल का पानी पहुंचाना हो, हमने ऐसे कितने ही अभियानों से लोगों को सपोर्ट किया।
आयुष्मान भारत योजना हो या फिर हमारी सरकार की सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स, इनके जरिए देश में एक मजबूत Social Security Net तैयार हुआ है। इसका रिजल्ट क्या निकला है, ये भी हम देख रहे हैं। आज देश का गरीब, देश का मध्यम वर्ग, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा पा रहा है। वो आज दुनिया को दिखा रहे हैं कि अपने सामर्थ्य से वो नई ऊंचाइयों को छूने में सक्षम हैं।
महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर साल भर चलेगा समारोह
नईदिल्ली। महर्षि दयानंद सरस्वती एक समाज सुधारक थे, उन्होंने 1875 में तत्कालीन सामाजिक असमानताओं से निपटने के लिए आर्य समाज की स्थापना की। आर्य समाज ने देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक जागृति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 फरवरी को सुबह 11 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन करेंगे।
महर्षि दयानंद सरस्वती, जिनका जन्म 12 फरवरी 1824 को हुआ था, एक समाज सुधारक थे। उन्होंने 1875 में तत्कालीन सामाजिक असमानताओं से निपटने के लिए आर्य समाज की स्थापना की थी। आर्य समाज ने सामाजिक सुधारों और शिक्षा पर जोर देकर देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक जागृति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार समाज सुधारकों और महत्वपूर्ण हस्तियों, विशेष रूप से उन लोगों को सम्मानित करने के लिए प्रतिबद्ध है जिनके योगदानों को अभी तक अखिल भारतीय स्तर पर उपयुक्त श्रेय नहीं दिया गया है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने से लेकर श्री अरबिंदो की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने तक, इस तरह की पहल का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़कर कर रहे हैं।
आज यूपी आशा और प्रेरणा का स्रोत बन गया हैः पीएम मोदी
नार्वे के व्यापार और उद्योग मंत्री मिले केंद्रीय परिवहन मंत्री सर्बानंद से
नईदिल्ली। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को नई दिल्ली में नॉर्वे के व्यापार और उद्योग मंत्री श्री जान क्रिश्चियन वेस्ट्रे के साथ एक बैठक की। इन मंत्रियों ने द्विपक्षीय हित के मुद्दों पर चर्चा की। इनमें हरित पत्तन व पोत परिवहन, नाविकों का प्रशिक्षण, भविष्य के पोत परिवहन और टिकाऊ पोत रीसाइक्लिंग (फिर से उपयोग योग्य बनाना) के लिए हरित अमोनिया व हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग शामिल हैं
इसके अलावा भारत में हरित तटीय पोत परिवहन कार्यक्रम समाधान के कार्यान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने पत्तनों और नौवहन क्षेत्र में शून्य उत्सर्जन समाधानों को लागू करने के लिए विशिष्ट प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हालिया वर्षों में दोनों देश तेजी से अपनी द्विपक्षीय आर्थिक और तकनीकी पूरक संबंधों का उपयोग कर रहे हैं। भारत-नॉर्वे के बीच द्विपक्षीय संबंधों को दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय यात्राओं के माध्यम से मजबूत किया जाता है। दोनों देशों के बीच अंतिम संयुक्त कार्यकारी समूह समुद्री बैठक नवंबर, 2022 में हुई थी।
मंत्रालय ने जून, 2022 में ब्लू इकनॉमी (सामुद्रिक अर्थव्यवस्था) पर भारत-नॉर्वे कार्य बल के 5वें संस्करण में भी हिस्सा लिया था। इसके अलावा भारत ग्रीन वॉयज (हरित जलयात्रा)- 2050 का भी हिस्सा है। इसे नॉर्वे सरकार और आईएमओ की एक भागीदारी वाली परियोजना है, जिसे मई 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भविष्य में पोत परिवहन उद्योग को कम कार्बन उत्सर्जन की ओर ले जाना है।
इस बैठक के दौरान सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि नॉर्वे के मंत्री की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच पत्तन और पोत परिवहन के क्षेत्र में बढ़ते समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, " प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के हरित पत्तन और हरित पोत परिवहन की सोच को पूरा करने के लिए, हम हाइड्रोजन ईंधन सेल फेरी, स्वायत्त भूतल पोतों, कम उत्सर्जन वाले एलएनजी-हाइब्रिड पोतों, शून्य उत्सर्जन सोलर बैटरी रो-रो फेरी पोत, अंतर्देशीय और तटीय एलपीजी/एलएनजी वाहक पर नॉर्वे की ओर से अपनी विशेषज्ञता साझा करने की उम्मीद कर रहे हैं।”
नॉर्वे के प्रतिनिधिमंडल में व्यापार और उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, भारत में नॉर्वे के राजदूत और नॉर्वे की विभिन्न कंपनियां शामिल थीं। वहीं, भारतीय पक्ष की ओर से केंद्रीय मंत्री के साथ एनएसबी के अध्यक्ष, अतिरिक्त सचिव (पीएसडब्ल्यू) और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
