देश-विदेश
भारत के 32 हवाई अड्डों पर परिचालन फिर से शुरू, हटाई गई लगाई गई रोक
डेस्क। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच तनाव कम होने के बाद भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (डीजीसीए) ने देश के उत्तरी एवं पश्चिमी हिस्सों में स्थित 32 हवाई अड्डों से नागरिक उड़ानों पर लगाई गई रोक को हटा दिया है। 15 मई 2025 को 5:29 बजे तक नागरिक उड़ानों के लिए बंद किए गए 32 हवाई अड्डों पर परिचालन फिर से शुरू हो गया है। सभी अब तत्काल प्रभाव से नागरिक विमानों के लिए खुल गए हैं।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरलाइनों से सीधे उड़ान की स्थिति की जांच करें और नियमित अपडेट के लिए एयरलाइंस की वेबसाइटों पर नज़र रखें। बता दें कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबंधित विमानन प्राधिकरणों को कई ‘नोटिस टु एयरमैन (नोटम)’ जारी कर 15 मई को सुबह पांच बजकर 29 मिनट तक 32 हवाई अड्डों से नागरिक उड़ानों पर लगाई गई रोक लगा दी गई थी।
इसमें उधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुरा, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोईस और उत्तरलाई शामिल थे।
युवाओं को रोजगार देकर स्वावलम्बी प्रदेश बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे राज्य का युवा सक्षम, योग्य और आत्म-निर्भर बने यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि रोजगार और स्वरोजगार देकर स्वावलम्बी समाज और स्वावलम्बी प्रदेश बनाया जाये। इस दिशा में हम तेजी से लगातार आगे बढ़ रहे है। प्रदेश में हर क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिये तेजी से प्रयास किये जा रहे है, चाहे वह परम्परागत दुग्ध पालन का क्षेत्र हो या आधुनिक आईटी का क्षेत्र। प्रदेश में रोजगार आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिये इंड्रस्टी कॉन्क्लेव व्यापक स्तर पर आयोजित की गई। इसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज रविवार को दशहरा मैदान, इंदौर में आयोजित महापौर मेगा रोजगार मेला के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार मेले को मिले बेहतर प्रतिसाद की सराहना की और कहा कि ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से सरकार और प्रशासन युवाओं को अवसर, मंच और मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में इंदौर जिले में हर एक पंचायत में स्थापित किये गये उद्योग लगाने के अभियान की भी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले में अभियान चलाकर सभी पंचायतों में उद्योग स्थापित कराने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि आज का युग कौशल का है। डिग्री के साथ व्यवहारिक ज्ञान और संवाद कौशल भी ज़रूरी हैं। मुझे गर्व है कि इंदौर ने इस दिशा में एक अनुकरणीय पहल की है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे इन अवसरों का लाभ उठाएँ और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएँ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि देश अब पहले जैसा नहीं रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, रणनीति और तकनीकी क्षमता से यह सिद्ध कर दिया है कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर करारा जवाब देना भी जानते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने एक नई दिशा प्राप्त की है। आज भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन अगर कोई भारत को छेड़ने की गलती करता है, तो उसे हम कभी छोड़ते नहीं हैं। हमारी सेनाएं अब पारंपरिक युद्ध पद्धतियों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। इससे दुश्मनों को हर मोर्चे पर जवाब दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत की रक्षा नीति की तुलना ‘नए युग के नए भारत’ से करते हुए कहा कि यह वही भारत है जो संयम रखता है, परंतु आवश्यकता होने पर शौर्य और पराक्रम का परिचय देने में पीछे नहीं हटता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्म-निर्भरता की दिशा में भी तेज़ी से अग्रसर है, चाहे वह रक्षा उत्पादन हो, सामरिक नीति हो या वैश्विक कूटनीति। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से कहा कि सरकार और सेनाओं पर विश्वास रखें, भारत अब एक सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति
नईदिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 मई को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ब्रह्मोस एकीकरण और परीक्षण सुविधा केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर अपने वर्चुअल संबोधन के दौरान कहा, “ ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और रणनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक था।” उन्होंने इस ऑपरेशन को आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और सशस्त्र बलों की क्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन बताया, जिसने उन निर्दोष परिवारों को न्याय सुनिश्चित किया, जिन्होंने भारतीय धरती पर भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों के हाथों अपने प्रियजनों को खो दिया था।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को इस बात का सबूत बताया कि जब भी भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो सीमा पार की जमीन भी आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सुरक्षित नहीं होती। उन्होंने कहा कि "उरी में हुई आतंकी घटना के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद की गई एयर स्ट्राइक और अब पहलगाम हमले के जवाब में भारत द्वारा की गई कई स्ट्राइक के जरिए दुनिया ने देख लिया है कि अगर भारत की धरती पर कोई भी आतंकी हमला होता है, तो वह क्या कर सकता है। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नया भारत सीमा के दोनों तरफ आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।"
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभियान पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए शुरू किया गया था और इसमें निर्दोष नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया, लेकिन पाकिस्तान ने भारत में नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्चों पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "हमारे सशस्त्र बलों ने वीरता और संयम का परिचय दिया और पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला करके मुंहतोड़ जवाब दिया। हमने न केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों का आक्रोश रावलपिंडी तक पहुंच गया, जहां पाकिस्तानी सैन्य मुख्यालय स्थित है।"
ब्रह्मोस एकीकरण एवं परीक्षण सुविधा केंद्र के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को मजबूत करेगा तथा महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करके क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगा। उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर उद्घाटन को एक ऐतिहासिक क्षण बताया, जो भारत की बढ़ती नवीन ऊर्जा को दर्शाता है तथा महत्वपूर्ण, उच्च स्तरीय एवं अग्रणी प्रौद्योगिकियों में तेजी से हो रहे वैश्विक परिवर्तन के साथ संरेखित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव लालबाग में चल रहे मालवा उत्सव में हुए शामिल
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग परिसर में आयोजित मालवा उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में पहुंचकर उन्होंने वहाँ विभिन्न प्रदेशों से आए लोक कलाकारों से मुलाकात कर संवाद किया और उनका हौसला बढ़ाया। मालवा उत्सव में देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकार अपने लोक कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्सव में बुनकर और अन्य हस्तशिल्प कलाकारों ने अपनी पारंपरिक हस्तकला, बुनकरी, मिट्टी और धातु की कलाकृतियाँ प्रदर्शित की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोककला की जीवंत प्रस्तुति है। यह आयोजन न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करता है, बल्कि जनमानस को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मालवा की सांस्कृतिक समृद्धि और उत्सवों की परंपरा को गौरव बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय शिल्पकारों को आर्थिक संबल भी प्राप्त होता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सांसद तथा लोक संस्कृति मंच के संस्थापक श्री शंकर लालवानी ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मालवा उत्सव कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से लगातार 25 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक राजबाड़ा और लालबाग के विकास के लिए राशि स्वीकृत करने हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
लालबाग परिसर में पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों के साथ ही भित्तिचित्रों की प्रदर्शनी, हस्तशिल्प और व्यंजन स्टॉल लगाये गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक स्टॉल पर भजिए तले और उनका स्वाद चखा। रेजा कार्य, बटिक प्रिंट, ताँबे व पीतल की मूर्तियाँ, और आदिवासी चित्रकलाओं ने दर्शकों का ध्यान खींचा। उत्सव में सांस्कृतिक मंच पर लोकनृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
ऑपरेशन सिंदूर पर आया भारतीय वायुसेना का बयान, एयर डिफेंस ऑपरेशन अभी जारी
डेस्क। भारत ने पाकिस्तान और उसके आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है जिसे वह आने वाले लंबे समय तक याद रखेगा। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पहले पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इसके बाद पाकिस्तानी दुस्साहस के जवाब में भारत ने उसके 11 एयरबेस को भी तबाह कर दिया। भारत के इस अभियान में देश की वायुसेना ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। अब इस ऑपरेशन को लेकर वायुसेना ने बयान जारी किया है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय वायु सेना ने कहा है कि वायु सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने सौंपे गए कार्यों को सटीकता और प्रोफेशनल तरीके के साथ सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। भारतीय वायुसेना ने आगे कहा कि इन ऑपरेंशंस को राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप सोच-समझकर और विवेकपूर्ण तरीके से संचालित किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में आगे बताते हुए भारतीय वायु सेना ने बड़ी बात कही है। वायु सेना ने बताया है कि ऑपरेशन अभी भी जारी हैं। इस कारण इसके बारे में डिटेल में जानकारी दी जाएगी। वायु सेना ने सभी से अपील की है कि वे अटकलें लगाने और असत्यापित जानकारी के प्रसार से बचें।
"तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना" पूरे विश्व में भूजल भंडारण का नया अध्याय लिखेगी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना" विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंडवॉटर रिचार्ज परियोजना है। यह एक अनूठी परियोजना है जो पूरे विश्व में भूजल पुनर्भरण का नया अध्याय लिखेगी। इससे प्रदेश के बड़े क्षेत्र विशेष रूप से निमाड़ का भूजल स्तर बढ़ेगा और यह वहां के लिए जीवन दायिनी सिद्ध होगी। इससे मध्य प्रदेश के लगभग 1 लाख 23 हजार तथा महाराष्ट्र के 2 लाख 37 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित होगी। यह सौभाग्य का विषय है कि आज महाराष्ट्र सरकार के साथ इस परियोजना के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। दशकों से रूकी पड़ी मेगा रिचार्ज योजना की दिशा में हम आगे बढ़े हैं। पहले भी केन-बेतवा तथा पार्वती काली सिंध चंबल परियोजनाओं की दशकों से अटकी परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। एमओयू के उपरांत दोनों राज्य सरकारें भारत सरकार को ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना को अंतर्राज्यीय राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना की स्वीकृति के लिए अनुरोध करेंगी।
कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने "तापी बेसिन मेगा रीचार्ज" परियोजना के एम.ओ.यू पर हस्ताक्षर किए। इसके पहले मंत्रालय वल्लभ भवन में "मध्यप्रदेश महाराष्ट्र अंतरराज्यीय नियंत्रण मंडल" की 28वीं बैठक में "ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज" परियोजना सहित दोनों राज्यों की अन्य सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में चर्चा हुई और निर्णय लिए गए। कार्यक्रम में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह, सांसद वीडी शर्मा, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन विभाग डॉ. राजेश राजौरा तथा महाराष्ट्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्य प्रदेश नदियों का मायका है तथा यहां 247 से अधिक नदियां प्रवाहित होती हैं। हमारी जल राशियों में अथाह गहराई है। गत लगभग 25 वर्षों से मध्य प्रदेश की कई अंतरराज्यीय परियोजनाएं राज्यों के बीच आपसी सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन सभी परियोजनाओं को अब गति मिली है। राजस्थान सरकार के साथ पार्वती कालीसिंध चंबल परियोजना तथा उत्तर प्रदेश सरकार के साथ केन बेतवा लिंक परियोजना के बाद महाराष्ट्र सरकार के साथ "तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना" न केवल संबंधित राज्यों अपितु पूरे देश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।
उत्तर-पश्चिमी इलाकों के तकनीकी और वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों की बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
टेरिटोरियल आर्मी को भी मोर्चे पर बुला सकती है सेना... ‘कैप्टन कूल’ टेरिटोरियल आर्मी के सदस्य
डेस्क। भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी न केवल क्रिकेट के मैदान पर बल्कि देश की सेवा में भी समर्पित हैं। उन्हें 2011 में भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी की पैराशूट रेजिमेंट (106 पैरा टीए बटालियन) में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
हाल ही में, भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी के कर्मियों को सक्रिय ड्यूटी पर बुलाने की अनुमति दी है। धोनी, जो टेरिटोरियल आर्मी के सदस्य हैं, इस स्थिति में देश की सेवा के लिए तैयार हो सकते हैं।
हालांकि धोनी की सेना में सक्रिय ड्यूटी की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उनकी पिछली सेवाओं और समर्पण को देखते हुए, यह संभव है कि वे देश की सेवा के लिए फिर से तैयार हों। उनकी यह प्रतिबद्धता उन्हें न केवल एक महान खिलाड़ी, बल्कि एक सच्चे देशभक्त के रूप में भी स्थापित करती है।
धोनी ने 2015 में आगरा प्रशिक्षण शिविर में पांच पैराशूट जंप पूरे करके एक योग्य पैरा ट्रूपर का दर्जा प्राप्त किया । 2019 में, उन्होंने कश्मीर घाटी में विक्टर फोर्स के साथ 15 दिनों की सेवा की, जिसमें उन्होंने गश्त, गार्ड और पोस्ट ड्यूटी जैसे कार्यों का निर्वहन किया ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सशस्त्र बलों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया;
"प्रधानमंत्री @narendramodi की अध्यक्षता में 7, लोक कल्याण मार्ग पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री @rajnathsingh, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सशस्त्र बलों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।"
A high level meeting was chaired by PM @narendramodi at 7, Lok Kalyan Marg. Those who attended the meeting included Defence Minister @rajnathsingh, NSA Ajit Doval, CDS General Anil Chauhan, armed forces chiefs and senior officials. pic.twitter.com/mECIeuREKz
— PMO India (@PMOIndia) May 10, 2025
मप्र के दमोह में बनेगा जागेश्वरनाथ धाम कॉरीडोर... मंदिर क्षेत्र की बढ़ेगी भव्यता
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले के जागेश्वरनाथ मंदिर के नवनिर्माण का आज हम संकल्प ले रहे है। आज भगवान देवश्री जागेश्वरनाथ का अभिषेक देश की पवित्र नदियों के जल और पवित्र धार्मिक स्थलों की मिट्टी से शिवलिंग का पूजन हुआ है। देवश्री जागेश्वरनाथ मंदिर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कॉरिडोर से भगवान श्री जागेश्वरनाथ मंदिर की भव्यता बढ़ेगी। मंदिर के कॉरिडोर बनने से मंदिर सहित क्षेत्र की भव्यता बढेगी, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के सुप्रसिद्ध देवश्री जागेश्ववरनाथ मंदिर में 10 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रथम चरण के कॉरिडोर के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक नेता हैं। उनके नेतृत्व में बनारस में बाबा विश्वनाथ का धाम भव्य रूप ले चुका है। अयोध्या में भी भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। सनातन संस्कृति में 7 प्रमुख नगरियां हैं। जब अयोध्या का फैसला आया तो यह लोकतंत्र के गौरव का अवसर था, जिसका सभी धर्म के लोगों ने मिलकर स्वागत किया और एकजुटता दिखाई थी। इसी प्रकार आज जब सेना शौर्य दिखा रही है, तब भी देश एकजुट है। यही भारतीय लोकतंत्र की ताकत है, जिसे देखकर दुनिया अचंभित है। कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले के शिकार पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे धार्मिक पर्यटन केन्द्र युवाओं के लिए रोजगार के केन्द्र बनकर उभरेंगे। यहां आध्यात्म के साथ, शैक्षणिक और रोजगार मूलक गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इन कार्यों के लिए राज्य सरकार बजट की कोई कमी नहीं आने देगी। प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए अभियान चल रहा है। बुंदेलखंड के किसानों की स्थिति बेहतर करने और पेयजल संकट को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मंजूरी दी गई है।
जम्मू, पठानकोट और श्रीनगर सहित देश के 32 हवाई अड्डों से उड़ान अस्थायी रूप से बंद
नईदिल्ली। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबद्ध विमानन प्राधिकरणों ने परिचालन संबंधी कारणों से 9 से 14 मई 2025 (जो 15 मई 2025 को 0529 आईएसटी के अनुरूप है) तक उत्तरी और पश्चिमी भारत के 32 हवाई अड्डों को सभी तरह के नागरिक उड़ान संचालन के लिए अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा करते हुए नोटिस टू एयरमैन (नोटम) की एक श्रृंखला जारी की है।
इस नोटम से निम्नलिखित हवाई अड्डे प्रभावित हैं। अधमपुर, अम्बाला, अमृतसर, अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलाई शामिल है। इस अवधि के दौरान इन हवाई अड्डों पर सभी नागरिक उड़ान गतिविधियां बंद रहेंगी।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने परिचालन संबंधी कारणों से दिल्ली और मुंबई उड़ान सूचना क्षेत्रों (एफआईआर) के भीतर हवाई यातायात सेवा (एटीएस) मार्गों के 25 खंडों के अस्थायी रूप से बंद रहने की अवधि को भी बढ़ा दिया है।
नोटम जी0555/25 (जो जी0525/25 की जगह लेता है) के अनुसार, 25 मार्ग खंड 14 मई 2025 को 2359 यूटीसी (जो 15 मई 2025 को 0529 IST के अनुरूप है) तक जमीनी स्तर से असीमित ऊंचाई तक के लिए अनुपलब्ध रहेंगे। एयरलाइंस और फ्लाइट ऑपरेटरों को मौजूदा हवाई यातायात परामर्श के अनुसार वैकल्पिक रूटिंग की योजना बनाने की सलाह दी गई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यवधान को कम करने के लिए संबंधित एटीसी इकाइयों के समन्वय में अस्थायी बंद का प्रबंधन किया जा रहा है।
नागरिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए अहम निर्देश
भोपाल |मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारा परम धर्म है और ताज़ा हालातों को देखते हुए सभी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के सभी आवश्यक ऐहतियाती कदम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान न देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर अत्यंत विशेष ध्यान दिया जाये। आपदा प्रबंधन के सभी उपाय एवं आवश्यकताओं जैसे स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं को और मजबूत कर लें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की अद्यतन सुरक्षा व्यवस्थाओं, नागरिक सुविधाओं की स्थिति और विभागीय समन्वय की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि किन्हीं भी आपातकालीन परिस्थितियों के लिए सभी विभाग तत्परता और सजगता के साथ तैयार रहें। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां सामान्य होने तक नागरिक सुविधाओं की सहज आपूर्ति से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी और फील्ड अमला अवकाश पर न जाये।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, डीजी होमगार्ड श्री अरविंद कुमार, एडीजी गुप्तवार्ता श्री ए. साईं मनोहर, सैन्य अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रक्षा मंत्री की सीडीएस और तीनों सेना प्रमुख के साथ हाई लेवल बैठक
नई दिल्ली | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा स्थिति और भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह शामिल हुए. पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद गुरुवार रात लगभग 8 बजे भारत के विभिन्न शहरों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, जिसे भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया. इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सख्त जवाब दिया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों के साथ दो घंटे तक बैठक की. इस दौरान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के साथ मौजूदा स्थिति पर जानकारी साझा की. वहीं, एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने वायुसेना द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में बताया.
कॉम्बैट ड्रेस में नजर आए तीनों सेना प्रमुख
रक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में तीनों सेना प्रमुख कॉम्बैट ड्रेस में मुस्कुराते हुए दिखाई दिए. साउथ ब्लॉक में इस ड्रेस में उनकी मुस्कान का अर्थ यह है कि हमने पाकिस्तान को प्रभावी जवाब दिया है और भविष्य में भी दुश्मन की हर चाल का मजबूती से सामना करेंगे.
दुश्मन को धूल चटाते हुए घुटनों पर लाए
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सीडीएस और तीनों सेनाध्यक्षों के चेहरे पर मुस्कान यह दर्शाती है कि हमारी सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर और अन्य हमलों में दुश्मन को हर मोर्चे पर पराजित कर दिया है. साउथ ब्लॉक में सेना प्रमुखों की आधिकारिक वर्दी में ली गई तस्वीर यह भी स्पष्ट करती है कि भारतीय सेनाएं दुश्मन को जवाब देने के लिए हर समय तैयार हैं.
दिल्ली में आज बैठकों का दौर जारी, अमित शाह से लेकर जेपी नड्डा और सीतारमण की भी बैठक
भारत और ईरान के बीच हुई बैठक
भारत और ईरान के बीच हुई बैठक पर विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है. बयान में बताया गया है कि भारत-ईरान की संयुक्त आयोग की बैठक कल नई दिल्ली में आयोजित की गई, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री डॉ. अब्बास अराघची ने की. इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी पक्ष को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हाल में हुए आतंकवादी हमले के सीमा पार संबंधों के बारे में जानकारी प्रदान की.
IPL 2025: भारत-पाक तनाव के बीच BCCI का बड़ा फैसला, IPL 2025 का सत्र अनिश्चितकाल के लिए किया स्थगित
दिल्ली । भारत-पाक तनाव के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया है। बीसीसीआई ने तनाव को देखते हुए आईपीएल 2025 का सत्र बीच में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। इससे पहले, आईपीएल के चेयरमैन अरुण धूमल ने गुरुवार रात बताया था कि मौजूदा स्थिति में आईपीएल का 18वां सत्र जारी रहेगा, लेकिन अब बोर्ड में इसे स्थगित करने का फैसला किया है।
आपको बता दे इससे पहले धर्मशाला में दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया मुकाबला रद्द कर दिया गया था। फ्लड लाइट्स में खराबी के कारण मैच को रोका गया था और दर्शकों तथा खिलाड़ियों को मैदान से बाहर ले जाया गया था। बीसीसीआई ने बताया था कि धर्मशाला में तकीनी खामी के चलते मैच रद्द किया गया है। हालांकि, गुरुवार से ही आईपीएल 2025 को लेकर संशय चल रहा था। बीसीसीआई अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, ‘यह अच्छा नहीं लगता कि जब देश युद्ध में है तब क्रिकेट चल रहा है।’
आईपीएल 2025 का सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर चल रहा था और इसमें फाइनल सहित कुल 16 मुकाबले खेले जाने शेष थे। आईपीएल 2025 सत्र का फाइनल मुकाबला 25 मई को कोलकाता में खेला जाना था, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इस अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भी पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को यूएई स्थानांतरित करने का फैसला किया था।
Delhi Alert: दिल्ली में हाई अलर्ट, लाल किला-कुतुब मीनार सहित ऐतिहासिक इमारतों की बढ़ी सुरक्षा
Delhi Alert: भारत-पाकिस्तान जंग (india-pakistan war) के बीच राष्ट्रीय़ राजधानी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी किया गया है। लाल किला-कुतुब मीनार सहित ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने शुक्रवार को सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। दिल्ली में लोगों की सुरक्षा, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के दफ्तरों, ऐतिहासिक इमारतों सहित अन्य प्रतिष्ठानों की अहमियत को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा में बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
इस फैसले के तहत दिल्ली पुलिस ने लाल किला, कुतुब मीनार के पास पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी है। चूंकि ऐतिहासिक इमारतों के पास भारी संख्या में भीड़ आती है, ऐसे में एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक भारत पाकिस्तान के बीच जारी तनातनी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। अब सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आमतौर पर सुरक्षा हर रोज होती है, लेकिन बॉर्डर पर तनाव देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी फोर्स बढ़ी गई है।
चंडीगढ़ में हवाई हमले की चेतावनी, बजे सायरन
चंडीगढ़ (Chandigarh) में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है। चंडीगढ़ में हवाई हमले (Air strikes) की चेतावनी देने वाले सायरन पूरे शहर में बज रहे हैं। एयरफोर्स स्टेशन को एयर वॉर्निंग दी गई है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने की हिदायत दी है। मोहाली में भी अलर्ट है।
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच विश्व बैंक ने सिंधु जल संधि में हस्तक्षेप से किया इनकार
विश्व बैंक ने सिंधु नदी प्रणाली के जल के प्रबंधन और बंटवारे के लिए 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर करने में मदद की थी. इस संधि पर निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में विश्व बैंक के प्रमुख अजय बंगा ने कहा कि वित्तीय संस्थान केवल एक सुविधा प्रदाता है, और इससे आगे उसकी कोई भूमिका नहीं है.
निजी चैनल के साथ साक्षात्कार में आईडब्ल्यूटी को एक द्विपक्षीय मुद्दा मानते हुए बंगा ने कहा कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच का निर्णय है. बंगा ने कहा, “हमें उन लोगों की फीस का भुगतान एक ट्रस्ट फंड के माध्यम से करना है, जिसे संधि के निर्माण के समय बैंक में स्थापित किया गया था. यही हमारी भूमिका है. इसके अलावा हमारी कोई भूमिका नहीं है.”
बंगा ने कहा कि आईडब्ल्यूटी में निलंबन की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है, जिस तरह से इसे तैयार किया गया था. उन्होंने कहा, “इसे या तो खत्म कर देना चाहिए, या इसकी जगह कोई और लाना चाहिए, और इसके लिए दोनों देशों को सहमत होना चाहिए.”
घातक पहलगाम हमले के बाद एक त्वरित कूटनीतिक जवाबी कार्रवाई में, भारत ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं करता, तब तक वह संधि को स्थगित रखेगा. इसके साथ नई दिल्ली ने पाकिस्तान को जल प्रवाह को नियंत्रित करना भी शुरू कर दिया है.
इस बीच भारत ने संधि को निलंबित करने के बाद जम्मू और कश्मीर में दो जलविद्युत परियोजनाओं में जलाशय धारण क्षमता को बढ़ाने के लिए काम भी शुरू कर दिया है. विशेष रूप से, सिंधु बेसिन की नदियाँ पाकिस्तान के 25% सकल घरेलू उत्पाद का समर्थन करती हैं और देश की खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
केंद्रीय कृषि मंत्री की अगुवाई में राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-खरीफ अभियान 2025 का सफल आयोजन
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह की अगुवाई में आज नई दिल्ली स्थित पूसा कैंपस के भारत रत्न सी- सुब्रह्मण्यम ऑडिटोरियम में कृषि खरीफ अभियान 2025 पर राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में 10 से ज्यादा राज्यों के कृषि मंत्रियों ने पूसा कैंपस पहुंचकर और अन्य कृषि मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपने विचार व्यक्त किए व कृषि की उन्नति की दिशा में केंद्र के साथ मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से आए कृषि मंत्रियों अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की 145 करोड़ जनता के लिए पर्याप्त खाद्यान्न फल और सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की बड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। यह एक असाधारण काम है जिसे हमें मिलकर पूरा करना होगा। चौहान ने कहा कि भारत केवल भारत के लिए नहीं सारी दुनिया हमारा परिवार है हम सबका कल्याण चाहते हैं हम किसी को छेड़ते नहीं लेकिन यह भी स्पष्ट है कि कोई हमें छेड़े तो उसे छोड़ते भी नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि आतंकवाद का जड़ से खात्मा करके ही चैन की सांस लेंगे।
शिवराज सिंह ने कहा कि भारत अद्भुत देश है। एक साथ कई मोर्चों पर काम चल रहा है। कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी कार्य चल रहा है आज खरीफ सम्मेलन चल रहा है कल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5वें पायदान से ऊपर उठकर अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और वही दूसरी ओर आतंकवादियों के विनाश का महाअभियान भी चालू है, जिन्होंने हमारी बेटियों की मांग से सिंदूर पोछा था ऐसे आतंकवादियों और उनके सरगनाओं के अड्डों को तबाह कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे कृषि विभाग के सभी साथी कटिबद्ध हैं हम प्रधानमंत्री जी के पीछे खड़े हैं। हमें गर्व है अपनी सेना पर सेना के शौर्य पर हमारे जवानों पर और ऑपरेशन में लगे हुए सारे साथियों पर। ऑपरेशन सिंदूर” एक संदेश है कि भारत की तरफ किसी को आंख उठाकर देखने नहीं दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो रक्त की अंतिम बूंद तक देश के मान सम्मान और शान के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।