शिक्षा-कैरियर-लाइफ स्टाइल
श्री महाकालेश्वर मंदिर भस्म आरती के लिए अब बुकिंग की नई व्यवस्था
भोपाल। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती की बुकिंग व्यवस्था को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया गया है, जिसके तहत नई व्यवस्था आज से लागू हो रही है। जानकारी के अनुसार नई व्यवस्था के तहत ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार श्री महाकालेश्वर मंदिर की वेबसाइट पर एक जुलाई से 31 जुलाई तक के लिए नौ हजार 153 श्रद्धालुओं की भस्म आरती का आवेदन स्वीकृत किया गया है।
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर माह की बुकिंग भी ओपन रहेगी। नई व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालु पहले से ही अपनी भस्म आरती प्लान सकेंगे। जिसमें हर माह की एक तारीख को अगले माह की भस्म आरती की बुकिंग जारी कर दी जाएगी। उदाहरण के लिए एक जून को अगले जुलाई माह की बुकिंग जारी की गई है। साथ ही उसके आगामी 3 माह के लिए भस्म आरती की बुकिंग खुली रहेगी।
श्रद्धालुओं को अपनी भस्म आरती बुकिंग की जानकारी उनके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर भेजी जायेगी, जिसके बाद उन्हें 24 घंटे के अंदर निर्धारित शुल्क जमा कर अपने पास जनरेट करने होंगे। 24 घंटे के अंदर पास नहीं जनरेट करने पर श्रद्धालु की रिक्वेस्ट कैंसल कर दी जाएगी और वेटिंग लिस्ट की मैरिट के आधार पर श्रद्धालु की रिक्वेस्ट स्वीकार की जाएगी।
श्रद्धालु अपनी भस्म आरती की बुकिंग के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट श्रीमहाकालेश्वर डॉट कॉम पर जाकर भस्म आरती के एडवांस बुकिंग के ऑप्शन पर क्लिक कर अगस्त, सितंबर और अक्टूबर माह के लिए अपनी भस्म आरती बुक कर सकते हैं। भस्म आरती की बुकिंग की पुरानी व्यवस्था, जिसमें 15 दिन पहले भस्म आरती बुक की जाती थी, इसे 15 जून तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। इसके पहले पोर्टल खोलते ही 10 से 15 मिनट के अंतराल में भस्म आरती बुकिंग फुल हो जाती थी, जिससे श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती थी। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब अपनी भस्म आरती प्लान कर सकेंगे।
Health : सतर्क रहिये, ग्लूकोमा के लक्षण शुरुआती अवस्था में नजर नहीं आते.
डेस्क। ग्लूकोमा यानि कांच बिंदु देश में अंधत्व का सबसे बड़ा कारण है। यदि किसी व्यक्ति कि देखने की क्षमता कम हो रही है, आंखों में दर्द, सिरदर्द होना, कार्निया के आगे सफेद या धुंधलापन हो, आंखों की रोशनी कम होती जा रही है तो सावधान हो जाइए। यह ग्लूकोमा लक्षण हो सकते हैं। इस बीमारी में आंखों पर प्रेशर बढ़ जाता है।
प्रतिदिन स्वस्थ आंखों में एक द्रव्य बनता है जो बाहर निकलता जाता है। आंखों का प्रेशर बढ़ जाने से यह द्रव्य को सामान्य गति से बाहर निकलने में रुकावट होती है, जिससे आंखों पर दबाव बढ़ता है। खास बात यह है कि इस बीमारी के लक्षण शुरुआती अवस्था में सामने नहीं आते हैं। यही कारण है कि आंखों की नियमित जांच न कराने वाले व्यक्ति तब चिकित्सक के पास पहुंचते हैं जब ग्लूकोमा का खतरा बढ़ चुका होता है।
डॉक्टरों द्वारा सलाह दी जाती है कि, 40 वर्ष से अधिक आयु के लोग, लंबे समय तक स्टेराइड लेने वाले, शुगर से पीड़ित मरीज, व जिनकी आंख में चोट लगी हो उन्हें समय-समय पर आंखों की जांच कराना चाहिए। आँखों की बीमारी से पीड़ित लोगो को जागरूक होना चाहिए। ग्लूकोमा की गंभीर स्थिति में आंखों की रोशनी पूरी तरह जाने का खतरा रहता है। आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनो को इस बीमारी का खतरा रहता है, वही किसी भी उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। ग्लूकोमा को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
शिक्षा मंत्रालय ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस, 2024 पर तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों के लिए कार्यान्वयन मैनुअल लॉन्च किया
नई दिल्ली | विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) 2024 के अवसर पर, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल), शिक्षा मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में सोसियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसायटी (सीड्स/एसईईडीएस) के सहयोग से तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों (टीओएफईआई) के लिए कार्यान्वयन मैनुअल को लॉन्च किया। इस वर्ष डब्ल्यूएनटीडी का विषय "बच्चों को तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना" है। हाल ही में लॉन्च किए गए मैनुअल को इस विषय वस्तु के अनुरूप तैयार किया गया है।
इस मैनुअल का उद्देश्य स्कूलों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए टीओएफईआई दिशा-निर्देशों का पालन करने में सहायता करना है, जिससे छात्रों के लिए एक स्वस्थ, तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार हो सके। यह पहल सभी हितधारकों को उन दिशा-निर्देशों को अपनाने और लागू करने के लिहाज से सशक्त बनाएगी जो छात्रों को तंबाकू के खतरों से बचाते हैं।
कार्यक्रम से पहले, डीओएसईएल के सचिव संजय कुमार ने अपने संदेश में आग्रह किया कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू के उपयोग को हतोत्साहित करने और शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाकर बच्चों को तंबाकू के उपयोग की लत से बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

मैनुअल का अनावरण करते हुए डीओएसईएल, शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव आनंदराव वी. पाटिल ने न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि नैतिक दायित्व के रूप में भी बच्चों को तंबाकू से बचाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने तंबाकू मुक्त शैक्षणिक माहौल बनाने के साथ ही यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि तंबाकू का छात्रों पर हानिकारक प्रभाव न पड़े। उन्होंने तंबाकू के हानिकारक सेवन के कारण होने वाली मृत्यु दर पर प्रकाश डाला और हितधारकों को टीओएफईआई के लिए कार्यान्वयन मैनुअल को सक्रिय रूप से लागू किए जाने के लिए प्रोत्साहित किया।
डीओएसईएल की संयुक्त सचिव डॉ. अमरप्रीत दुग्गल ने इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों का स्वागत किया और छात्रों के बीच तंबाकू के उपयोग से निपटने के लिए सभी हितधारकों द्वारा सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (जीवाईटीएस), 2019 के अनुसार, 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.5 प्रतिशत छात्र तंबाकू का सेवन करते हैं।
अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों ने तंबाकू के सेवन के खिलाफ शपथ ली, जो एक प्रकार से देश के युवाओं के लिए एक स्वस्थ, तंबाकू मुक्त भविष्य बनाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय, स्वायत्त निकायों और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर सीड्स के डॉ. राणा जे सिंह और दीपक मिश्रा भी मौजूद थे।
कार्यक्रम का समापन डीओएसईएल के निदेशक यू. पी. सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने टीओएफईआई के लिए कार्यान्वयन मैनुअल के सफल लॉन्च के लिए सभी गणमान्य व्यक्तियों, भागीदारों और प्रतिभागियों के समर्थन और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान को 2024 का नेल्सन मंडेला पुरस्कार मिला
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने निमहांस को बधाई देते हुए कहा- "यह समावेशी स्वास्थ्य सेवा में भारत के प्रयासों को मान्यता है"
डब्ल्यूएचओ द्वारा 2019 में स्थापित नेल्सन मंडेला पुरस्कार स्वास्थ्य सेवाओं के प्रोत्साहन में सराहनीय योगदान करने वाले व्यक्तियों, संस्थानों और/या सरकारी या गैर-सरकारी संगठनों को मान्यता देता है
यह पुरस्कार मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण प्रोत्साहन के लिए निमहांस के समर्पण और उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण है
निमहांस मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, अनुसंधान, शिक्षा व रोगी देखभाल के लिए अभिनव दृष्टिकोणों का समर्थन करता रहा है
नई दिल्ली | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय महत्व की संस्थान राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस), बेंगलुरु को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रोत्साहन के लिए 2024 के नेल्सन मंडेला पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2019 में स्थापित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रोत्साहन के लिए नेल्सन मंडेला पुरस्कार, उन व्यक्तियों, संस्थानों और या सरकारी या गैर-सरकारी संगठनों को मान्यता देता है जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रोत्साहन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने निमहांस को यह पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह "समावेशी स्वास्थ्य सेवा में भारत के प्रयासों को मान्यता है।"
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के प्रयासों और अग्रणी कार्य को मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और इस उपलब्धि के लिए निमहांस को बधाई दी।

निमहांस की निदेशक डॉ. प्रतिमा मूर्ति ने कहा, "हमें अपनी संस्थागत यात्रा के इस मोड़ पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रोत्साहन के लिए प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला पुरस्कार प्राप्त करने पर बेहद गर्व है।" "यह पुरस्कार न केवल हमारी पिछली और वर्तमान उपलब्धियों की मान्यता है, बल्कि निमहांस की स्थापना के बाद से ही इसका मार्गदर्शन करने वाली स्थायी विरासत और दृष्टि को भी मान्यता है। यह मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के हमारे मिशन को जारी रखने के हमारे संकल्प को मजबूत बनाता है - जिससे हम जिन लोगों की सेवा करते हैं उनके जीवन में एक ठोस बदलाव ला सकते हैं।"
यह पुरस्कार मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण को बढ़ावा देने के लिए निमहांस के समर्पण और उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण है। निमहांस मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, अनुसंधान, शिक्षा और रोगी देखभाल के लिए अभिनव दृष्टिकोणों का समर्थन करता रहा है। यह विविध आबादी की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले अग्रणी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रारंभ करने और लागू करने में सहायक रहा है। इसके प्रयासों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को सामान्य स्वास्थ्य देखभाल में एकीकृत करने, समुदाय-आधारित रणनीतियों को विकसित करने तथा डिजिटल स्वास्थ्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के विश्व स्तर पर मान्यता मिली है।
यह सम्मान निमहांस के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण समय पर आया है, क्योंकि संस्थान अपनी स्थापना के 50 वर्ष और अपने पूर्ववर्ती अखिल भारतीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (एआईआईएमएच) की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। निमहांस की दोहरी उपलब्धि के प्रतीक के रूप में यह पुरस्कार विशेष महत्व रखता है, जो मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में संस्थान की समृद्ध विरासत व निरंतर विकास को दर्शाता है।
भारत ने हाल के दिनों में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है। आज देश के लगभग सभी जिलों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य इकाइयों को सहायता दी जा रही है। भारत की राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन, टेली मानस, जिसे 10 अक्टूबर 2022 को लॉन्च किया गया था, ने भी हाल ही में 10 लाख कॉल संभालने की उपलब्धि हासिल की है।
इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अपर सचिव हेकाली झिमोमी और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने महादेव घाट स्थित हटकेश्वरनाथ जी के दर्शन कर विशेष श्रृंगार किया
रायपुर | सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा ने महादेव घाट स्थित हटकेश्वरनाथ जी के दर्शन कर विशेष श्रृंगार किया | मशहूर कथावाचक सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा इन दिनों छत्तीसगढ़ के अमलेश्वर में हैं | कुरूद में शिवपुराण कथा करने के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा दुर्ग के अमलेश्वर में 26 मई से शिवपुराण कथा का वाचन कर रहे | दुर्ग में पंडित प्रदीप मिश्रा का कार्यक्रम चल रहा है भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम स्थल में पानी की व्यवस्ता की गई है, साथ ही कार्यक्रम स्थल में भव्य पंडाल बनाया गया है।
अमलेश्वर में सीहोर वाले पं. प्रदीप मिश्रा कर रहे कथा के चौथे दिवस समर्पण भक्ति, विश्वास एवं अन्न के प्रभाव को लेकर अपनी कथा को विस्तार दिया। पं. प्रदीप मिश्रा ने शिव तत्व पर तीन समर्पण पत्र भी पड़ा। उन्होंने अपील करते हुए कहा की बहुत से लड़के मिलेंगे जो अपना नाम धर्म बदलकर बहलाएंगे। पैसे दिखाएंगे फिर बेटी उनके चंगुल में फंसी तो सूटकेस में शरीर के टुकड़े मिलेंगे। इसलिए बिटिया सब निर्णय खुद ले, लेकिन विवाह का निर्णय माता-पिता के ऊपर छोड़ दें। कोई भी माता-पिता अपने संतान के लिए अच्छे से अच्छा जीवनसाथी खोजता है। बेटियों का एक गलत निर्णय दो परिवार खराब कर देता है। पं. मिश्रा ने कहा कि जब जीवन मिला है तो परोपकार, पुण्य कर जीवन को संवारना चाहिए। किसी को धोखा नहीं देना चाहिये |
जिस घर का बच्चा शिव मंदिर की सीढ़ी चढ़ता है, उस घर का वृद्ध कभी वृद्धाश्रम के सीढ़ी नहीं चढ़ता। सावन में कुछ लोग ही पूजा करते थे। शिव की कितनी बेटी है, कोई नहीं जानता था। प्रत्येक महीने शिव रात्रि कोई नहीं जानता था। कांवर लेकर कोई कोई ही जाता था, पशुपतिनाथ का व्रत कोई नहीं जानता था। पर अब शिव की महिमा देखो, शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। । अब शिव युग आ गया है। घर के बच्चे भी घर से जल लेकर शिव मंदिर जा रहे हैं।प्रपंच से बचना है तो शिव भक्ति में लीन हो जाओ। मोबाइल के माध्यम से किसी से बात करते हैं तो सामने वाला नहीं दिखता लेकिन हम अपनी दिल की बात कह देते हैं, सामने वाला सुन् भी लेता है। उसी तरह शिवालय में एक लोटा जल लेकर चले जाएं, अपनी समस्या महादेव से कह दें। वे सुनेंगे जरूर, समस्या दूर करेंगे। पं. मिश्रा ने कहा कि जिस देवी देवता से आपका चित्त जुड़ जाए, उनका ध्यान पूरे समर्पण से करें, वे आपकी जरूर सुनेंगे।
चिंतन शिविर में हिस्सा लेने आईआईएम रायपुर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: साथ में डिप्टी सीएम सहित पूरा कैबिनेट रहेगा मौजूद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय चिंतन शिविर में हिस्सा लेने आईआईएम रायपुर पहुंचे। चिंतन शिविर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्य लेंगे भाग। आप सभी आईआईएम के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव करेंगे साझा। इस दो दिनों में मंत्री विकसित छत्तीसगढ़ का दस वर्षों का विजन, सामाजिक स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग, खनन क्षेत्र में सुधार, संचार एवं मीडिया प्रबंधन, एग्रीकल्चर और सोशल सेक्टर की जानकारी भी लेंगे। कार्यक्रम में नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम समेत कई विद्वानों का उद्बोधन भी होगा।

राज्य सरकार के मंत्रियों के प्रशिक्षण के लिए होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत 31 मई को सुबह दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा भी शामिल होंगे। इसके बाद सबसे पहले विकसित छत्तीसगढ़ 10 वर्षों का विजन विषय पर नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
इसके उपरांत सुबह 11 से 11:40 तक सामाजिक क्षेत्र स्वास्थ्य विषय पर प्रोफेसर शेष राजेश चांदवानी आईआईएम अहमदाबाद अपनी बात रखेंगे। दोपहर 12 से 12:50 तक अधोसंरना विषय पर प्रो. अजय पांडेय, आईआईएम अहमदाबाद अपनी बात रखेंगे। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग खनन क्षेत्र में सुधार विषय पर प्रो. शंकर राय आईएएस धनबाद, संजय लोहिया एडिशनल सचिव खान भारत सरकार अपने विचार व्यक्त करेंगे।
शिव जी की भक्ति ऐसी की 46 डिग्री तापमान भी नहीं रोक पाया भक्तो को, अमलेश्वर में चल रही शिवमहापुराण कथा
रायपुर । फलाहार का त्याग कर उपवास करना ही उपवास नहीं कहलाता है बल्कि निंदा करने से रोकना व निंदा ना सुनना भी उपवास है। अमीर और गरीब सबको रोते देखा, केवल महाकाल का भक्त हमेशा ही खुश रहता है। शंकर के भरोसे रहने वाले को कष्ट कभी छू भी नहीं सकता। समर्पण उसे कहते हैं जो अपना सब कुछ भगवान शिव को समर्पण कर देें। जब तक भगवान शिव झोली न भर दें तब तक दरवाजा छोडऩा मत, भोले एक न एक दिन आपको जरुर देंगे। जिद तुम किसी और से नहीं शिव से कर रहे हो। आधे से ज्यादा दुखों को स्त्रियां अपने ऊपर ले लेती हैं क्योंकि वे अर्धनारीश्वर होती है। अमलेश्वर में चल रहे शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने समर्पण विषय पर श्रद्धालुओं को ये मार्मिक बातें कही। आयोजन समिति के पवन खंडेलवाल, विशाल खंडेलवाल, मोनू साहू के साथ परिजनों ने प्रदीप मिश्रा का कथा स्थल पर स्वागत किया |


उन्होंने कहा कि निवेदन हमेशा दिल से ही करना चाहिए, अगर आपका हृदय और मन साफ है तो पशुपति नाथ का व्रत तुमने जो किया है उसका फल जरुर तुम्हें मिलेगा। शिवमहापुराण की कथा कहती है दिल में अगर पाप है, हदय में निंदा भरी है तो उस व्यक्ति के मुख से कितना भी तुम प्रवचन व कीर्तन करा लो उस कथा का असर तुम पर होगा ही नहीं। कथा सुनने के लिए जाओ तो उस दौरान व्यासपीठ से कोई निंदा कर रहा हो तो उसे हाथ जोड़कर और खड़े होकर वहां से चले जाने के लिए कहो क्योंकि हम कथा सुनने आए हैं किसी की निंदा नहीं। हम यहां भगवान की कथा सुनने आए हैं और अपने विश्वास को और मजबूत करने के लिए यहां आए हुए है। न हमें निंदा करना और न ही सुनना है। फलाहार त्याग कर उपवास करना ही उपवास नहीं होता हैं बल्कि निंदा करने वाले को रोकना और खुद भी किसी की निंदा नहीं करना भी उपवास होता है।
Government Jobs 2024: जून में छत्तीसगढ़ में होगी 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही 10 हजार से अधिक पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। चार जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आचार संहिता हटते ही कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्कूलों के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भर्ती का रास्ता खुलेगा। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के कारण कई महीनों से भर्ती नहीं की गई है, कई विभागों में लंबे समय से नियुक्तियां लंबित हैं।
आचार सहिंता हटने के बाद प्रदेश के कई विभागों में सरकारी नौकरियों के लिए लंबित प्रस्तावों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सबसे अधिक भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग में होनी है। संभावना है कि सबसे पहले इसी विभाग की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में भर्तियों के कई प्रस्ताव आने के बाद प्रक्रिया अटकी हुई है। इनमें प्रमुख रूप से कालेजों में प्रोफेसरों की भर्ती का मामला है। नियमों में कुछ बिंदु ऐसे थे जिनपर आपत्ति की गई, बाद में नियम संशोधन के चक्कर में यह भर्ती नहीं हो पाई।
भारत के राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित 'स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण' के राष्ट्रीय शुभारंभ को सुशोभित किया
नई दिल्ली | भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (27 मई, 2024) नई दिल्ली में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित 'स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण' के राष्ट्रीय शुभारंभ में भाग लिया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व इतिहास और राष्ट्रों के इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हमेशा आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित रहे हैं। विश्व इतिहास इस बात का साक्षी है कि आध्यात्मिक मूल्यों की अवहेलना करके केवल भौतिक प्रगति का मार्ग अपनाना अंततः विनाशकारी साबित हुआ है। स्वस्थ मानसिकता के आधार पर ही समग्र कल्याण संभव है। एक सम्पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों आयामों से स्वस्थ्य होता है। ऐसे व्यक्ति एक स्वस्थ समाज, राष्ट्र और विश्व समुदाय का निर्माण करते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही वास्तविक सशक्तिकरण है। जब किसी धर्म या संप्रदाय के अनुयायी आध्यात्मिकता से भटक जाते हैं, तो वे कट्टरता के शिकार हो जाते हैं और अस्वस्थ मानसिकता से ग्रस्त हो जाते हैं। आध्यात्मिक मूल्य सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वार्थ से ऊपर उठकर लोक कल्याण की भावना से काम करना, आंतरिक आध्यात्मिकता की सामाजिक अभिव्यक्ति है। जनहित के लिए परोपकार करना सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक मूल्यों में से एक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में भय, आतंक और युद्ध को बढ़ावा देने वाली ताकतें बहुत सक्रिय हैं। ऐसे माहौल में ब्रह्माकुमारी संस्था ने 100 से अधिक देशों में कई केंद्रों के माध्यम से मानवता के सशक्तिकरण के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया है। आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देकर विश्व बंधुत्व को मजबूत करने का यह एक अमूल्य प्रयास है।
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि ब्रह्माकुमारी संस्था संभवतः महिलाओं द्वारा संचालित दुनिया की सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था है। उन्होंने कहा कि इस संस्था में ब्रह्माकुमारी आगे रहती हैं और उनके सहयोगी ब्रह्मकुमार पृष्ठभूमि में काम करते हैं। इस अनूठे सामंजस्य के साथ यह संस्था निरंतर आगे बढ़ रही है। ऐसा करके इसने विश्व समुदाय के सामने आध्यात्मिक प्रगति और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
विश्व विख्यात चारधाम यात्रा में इस बार आस्था, भक्ति और उल्लास अपने चरम पर, अब तक 12 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके
नई दिल्ली । हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड की धरती सदियों से आध्यात्मिक साधकों और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर खींचती रही है। यहां चार धामों – बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री और यमुनोत्री का पवित्र स्थल है, जिन्हें हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्व दिया जाता है। ये धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं बल्कि अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी विख्यात हैं।
विश्व विख्यात चारधाम यात्रा में इस बार आस्था, भक्ति और उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया है। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्रीकेदारनाथ के दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो चारों धामों में अब तक 11,54,035 तीर्थयात्री दर्शन का लाभ ले चुके हैं।
निश्चित संख्या से ज्यादा संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा की शुरुआत होते ही दर्शन करने के लिए पहुंच चुके हैं। यही कारण है कि भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इसे देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन लगातार व्यवस्थाएं बनाने में जुटा हुआ गया है | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ही हालातों पर नजर बनाए हुए हैं।
चारों धाम के दर्शन की बात करें तो केदारनाथ धाम में अब तक 487623 श्रद्धालु दर्शन किए हैं। बद्रीनाथ धाम में 257575 श्रद्धालु व यमुनोत्री धाम में 208644 तो गंगोत्री धाम में 200193 श्रद्धालु अबतक दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब में अब तक 7800 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
अमलेश्वर के समीप 55 एकड़ क्षेत्र में शिवपुराण कथा की तैयारियां जोर-शोर, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी
प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी
वीवीआइपी के लिए दो हजार सोफा, पांच हजार कुर्सियों की व्यवस्था भी
कथा स्थल पर 100 से ज्यादा सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।
रायपुर। राजधानी में आज 27 मई से प्रसिद्ध शिवपुराण कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा शिवपुराण कथा की सरल तरिके से व्याख्या करेंगे। महादेव घाट से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर अमलेश्वर के समीप 55 एकड़ क्षेत्र में शिवपुराण कथा की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही है। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि चार लाख से अधिक श्रद्धालु कथा सुनने पहुंच सकते है।
श्रद्धालुओं के बैठने के लिए दो लाख वर्गफीट क्षेत्र में तीन भव्य डोम का निर्माण किया गया है। एक डोम में एक लाख श्रद्धालु बैठ सकेंगे। वीवीआइपी के लिए दो हजार सोफा, पांच हजार कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई है। कथा स्थल के समीप ही पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है जिससे नौतपा की गर्मी में श्रद्धालुओं को ज्यादा पैदल ना चलना पड़े। कथा स्थल पर 100 से ज्यादा सीसीटीवी से निगरानी भी की जाएगी। पंडाल के आसपास ठंडकता के लिए फव्वारे भी लगाए जा रहे हैं।
मुख्य आयोजनकर्ता विशाल खंडेलवाल, पवन खंडेलवाल के अनुसार छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। बाहर से आने वालों के लिए पंडाल में ही सोने की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी रहेगी।
मंच पर बने व्यासपीठ के पीछे भगवान शिव की झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को शिवजी के दर्शन होंगे। इसके साथ ही शिव लीला की अनेक झांकियां भी बनाई जा रही है। 200 वाटर कूलर कथास्थल पर लगाये गए है | लाखों श्रद्धालुओं को पानी की आपूर्ति के लिए करीब 8 बोर खुदवाए गए हैं। 50 से ज्यादा टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी। 200 वाटर कूलर के साथ ही जगह-जगह फव्वारे बनाए गए हैं। इमरजेंसी सेवा के लिए डाक्टरों की टीम तैनात रहेगी। साथ ही एंबुलेंस और दमकल वाहनों की भी व्यवस्था की गई है।
जो श्रद्धालु शिवपुराण कथा सुनना चाहते हैं वे शहर के तीन प्रमुख मार्गों से कथास्थल पहुंच सकते हैं। नया बस स्टैंड के सामने भाठागांव चौक होते हुए काठाडीह मार्ग से खुड़मुड़ा नदी पुल से होते हुए अमलेश्वर पहुंचे। इसी तरह टाटीबंध से कुम्हारी चौक, परसदा, मगरघटा होते हुए ग्राम भोथली और एम.टी वर्कशाप रोड होते हुए पहुंचे। राजधानी के लोग पुरानी बस्ती, लाखेनगर, रायपुरा, महादेवघाट पुल पार करके अमलेश्वर स्थित कथा स्थल तक पहुंच सकते हैं।
गर्मी में खस के शरबत पीने से शरीर को तुरंत मिलती है एनर्जी, साथ ही लू के खतरे से बचाता है
डेस्क | खस का शरबत लू के खतरे से बचाता है और शरीर को गर्मी में संभलकर रखता है | खस का शरबत पीने से क्या फायदा होता है ? खस का शरबत आपको गर्मी की परेशनियो से बचाने में मदद करेगा। खस की स्वभाव ठंडा होता है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है। गर्मी में जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो खस के शरबत आपको लू के खतरे से बचाएगा। शरीर को हाइड्रेट रखने के अलावा खस का शरबत तुरंत ताकत देगा।
खास एक खुशबूदार घास होती है। गर्मी से बचने के लिए पहले लोग खसखस यानि इसी घास का उपयोग किया करते थे। लोग घरों में खिड़कियों पर खसखस की टटिया लगाया करते थे ताकि घर ठंडा रहे। इस घास से रस निकाला जाता है जिसका उपयोग कई खाने-पीने की चीजों में किया जाता है। खस में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं।
गर्मी में खस के शरबत पीने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। खस का शरबत शरीर को हाइड्रेड रखता है और पीने की कमी दूर करता है।
इस मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है खस का शर्बत लू लगने से भी बचाता है। गर्मी के कारण आंखों में होने वाली जलन को शांत करने के लिए खस का शर्बत पीएं। खस का शरबत इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। इससे बीमार होने का खतरा कम होता है। खस का शरबत पीने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा बना रहता है। खून साफ करने, चेहरे पर निखार लाने और कील-मुंहासे दूर करने के लिए खस का शरबत पीएं। गर्मियों में जो लोग रोजाना खस का शर्बत पीते हैं उनके शरीर में आयरन की कमी नहीं होती है।
जानिए कैसा रहेगा 20 से 26 मई तक मेष से मीन राशि के जातकों का भविष्य
मेषः आपकी चंद्र राशि से राहु के बारहवें भाव में होने के कारण इस पूरे ही सप्ताह, सेहत से जुड़ी समस्याएँ आपको परेशानी दे सकती हैं। जिसके कारण आप अपने जीवन का आनंद उठाने से भी वंचित रह सकते हैं और मुमकिन है कि इस सप्ताह, आपका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक न रहे। जिससे परिवार के सदस्यों, खासतौर से आपके साथी को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ये सप्ताह धन निवेश के लिए अच्छा रहने वाला है। आपकी चंद्र राशि से बृहस्पति दूसरे भाव में मौजूद हैं इसलिए यदि आप कोई नया वाहन या घर लेने की सोच रहे हैं तो, आपको किसी बड़े या बुजुर्ग की उचित सलाह से ही निवेश करने की ज़रूरत है। संभावना है कि इस सप्ताह घर के किसी सदस्य की सलाह आपको अतिरिक्त धन कमाने में मदद करेगी, जिससे आपका मन प्रसन्न होगा। साथ ही आप घर के सदस्यों पर खुलकर खर्च करते व उनके लिए उपहार लेते भी दिखाई देंगे। यदि आप किसी अधिकारी या निवेशक से, मुलाक़ात करने के लिए पूर्व से ही अपने प्रयास कर रहे थे तो, इस सप्ताह अचानक से किसी करीबी या दोस्त की मदद से आपकी उनसे मुलाक़ात मुमकिन है। इसलिए खुद को इसके लिए पहले से ही तैयार करते हुए, अपने ज्ञान को बढ़ाएं। अन्यथा उनके प्रश्न आपका मुँह बंद करते हुए, उनके ही सामने आपको मुर्ख प्रदर्शित कर सकते हैं। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने का सोच रहे थे, उन्हें इस हफ्ते धैर्य रखकर चलने और अपनी मेहनत जारी रखने की ज़रूरत है। क्योंकि योग बन रहे हैं कि ऐसा करके ही आप, सप्ताह के अंत में सफलता हासिल कर सकेंगे।
वृष- आपकी चंद्र राशि से राहु ग्यारहवें भाव में मौजूद हैं। इस राशि की महिलाओं के लिये इस सप्ताह एरोबिक्स करना, उनके स्वास्थ्य में अनुकूल बदलाव लाने में मदद करेगा। आपको अपने साथ-साथ इस सप्ताह अपने घर के लोगों के स्वास्थ्य का भी ज़रूरी ध्यान रखते हुए, बाहर का खाना खाने से बचना होगा। इसलिए आप घर पर ही विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट भोजन बनाकर, ज़ायके का आनंद उठा सकते हैं। आपकी चंद्र राशि से बृहस्पति के पांचवे भाव में होने के कारण इस सप्ताह आपके मन में रचनात्मक विचारों की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन आपके लिए ज़रूरी होगा कि आप अपने इन विचारों को सही दिशा में इस्तेमाल करते हुए, इनसे अच्छा आर्थिक लाभ उठा सकें। क्योंकि योग बन रहे हैं कि इसी कारण कोई बेहतरीन नया विचार, आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। इसलिए फ़ालतू की बातों में समय की बर्बादी न करते हुए, सही दिशा में ही अपने प्रयास जारी रखें। इस सप्ताह आपके दोस्त कोई बढ़िया योजना बनाकर, आपका मन ख़ुशनुमा कर देंगे। ये योजना कही बाहर जाने की हो सकती है, जहाँ आपको अपने दोस्तों के साथ पुनः मौज-मस्ती करने का अवसर मिल सकेगा। इस सप्ताह कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों और आपके बॉस गुस्से के मूड में होंगे। जिसके चलते वो आपके हर काम में कमी ढूढ़ते दिखाई देंगे। इससे आपका मनोबल भी टूट सकता है, साथ ही आशंका है कि आपको कई बार दूसरे सहकर्मियों के बीच अपनी बेज़ती भी महसूस हो। इस सप्ताह यदि शिक्षा या किसी विषय को लेकर छात्रों के मन में कोई संदेह था तो, वो पूरी तरह दूर हो जाएंगे।
मिथुन- चंद्र राशि से राहु के दसवे भाव में होने की वजह से ये सप्ताह आपका स्वास्थ्य जीवन, काफी बेहतरीन रहने वाला है। इस दौरान आप उन लोगों से ज्यादा घुलना मिलना पसंद नहीं करेंगे, जो आपको व्यर्थ की चिंता देते हैं। जिसकी वजह से आपका मानसिक स्वास्थ्य भी काफी बेहतर रहेगा। इस सप्ताह आप किसी विपरीत लिंगी व्यक्ति को आकर्षित करने के लिए, न चाहते हुए भी उसपर अपना बहुत सा धन खर्च कर सकते हैं। जिससे आपको बाद में परेशानी होगी। इसलिए दूसरों पर धन खर्च करते समय थोड़ा समझदारी से काम लेना ही, आपके लिए इस समय सबसे अधिक बेहतर रहने वाला है। पारिवारिक जीवन में इस राशि के लोगों को, इस सप्ताह बेहद अच्छे फल मिलने की उम्मीद है। क्योंकि संभावना है कि घर-परिवार में किसी नए या नन्हे मेहमान का आगमन होगा, जिससे पारिवारिक वातावरण में खुशहाली आएगी। इस दौरान घर के लोगों में भाईचारा और आपसी प्रेम भी साफ़ दिखाई देगा। चंद्र राशि से शनि के नौवें भाव में उपस्थित होने के कारण इस सप्ताह आप अपने पूर्व के लंबित पड़े कार्यों को समय पर पूरा करने में सफल रहेंगे, जिससे इस राशि के जातकों को इस दौरान पदोन्नति, वेतन वृद्धि और कार्यक्षेत्र के उच्च पद भी मिलने की प्रबल संभावना है। इस सप्ताह सबसे अधिक आपको इस बात को समझना होगा कि, हर समय हमे सफलता ही मिले, ऐसा मुमकिन नहीं होता।
कर्क- आपकी चंद्र राशि से शनि आठवे भाव में हैं इसलिए सामाजिक मेल-जोल से ज़्यादा, आपको इस हफ्ते अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की आवश्यकता होगी। इसके लिए आप रोज़ाना सैर पर जाकर व बाहर का खाना त्यागकर, खुद को सेहतमंद रखने का प्रयास कर सकते हैं। आप किसी कारणवश आपका धन चोरी होने की, संभावना है। इसलिए अपने धन को सोच-समझकर किसी सुरक्षित स्थान पर रखें और उसके बारे में केवल घर के सदस्यों के अलावा किसी को न बताएं। हर किसी के लिए उसकी समस्याएं ही, हमेशा बड़ी होती है। और इस सप्ताह मुमकिन है कि आपकी परेशानी भी, आपके लिए ख़ासी बड़ी हो, लेकिन आपको इस बात को भी समझना होगा कि आस-पास के लोग आपके दर्द को नहीं समझेंगे। ऐसे में उनसे अधिक अपेक्षा रखना, आपको आहत कर सकता है। इसलिए दूसरों से अधिक की उम्मीद इस सप्ताह करने से बचें। आपकी चंद्र राशि से राहु के नौवें भाव में होने पर नौकरीपेशा जातकों को इस सप्ताह कार्यक्षेत्र पर सोच-समझकर चलने की जरुरत है। अन्यथा संभव है कि आपके विरोधियों के षडयंत्र के चलते, आप किसी बड़ी मुसीबत में फँस जाएं। इस सप्ताह आपकी राशि के ज्यादातर विधार्थियों को, कम मेहनत के बाद भी अच्छे अंकों की सौग़ात मिल सकेगी। जिससे उनका दिन तो बनेगा ही, साथ ही घर-परिवार और समाज में भी उनकी प्रशंसा व वाह-वाही होगी। इससे छात्रों का मनोबल तो बढ़ने के साथ ही, वो पहले से और बेहतर करने में भी सफल होंगे।
सिंह- आपकी चंद्र राशि से बृहस्पति दसवें भाव में हैं इसलिए इस सप्ताह आपको ख़ास तौर से हिदायत दी जाती है कि अपना अतिरिक्त समय घर पर बैठकर बोर होने की जगह, अपने शौक़ पूरे करने या उन कामों को करने में लगाना चाहिए, जिन्हें करने में आपको सबसे ज़्यादा मज़ा आता है। क्योंकि इससे आप स्वयं को, काफी हद तक तनाव मुक्त रखने में सफल हो सकेंगे। चंद्र राशि से शनि के सातवें भाव में होने की वजह से इस सप्ताह कई जातक अपने जीवनसाथी के ऊपर, अपना धन खर्च करते दिखाई देंगे। ऐसे में संभव है कि आप उनके साथ किसी सुन्दर यात्रा पर जाने का प्लान भी करें, क्योंकि इस समय आपकी सैलरी में वृद्धि देखी जाएगी। इसी ख़ुशी को आप अपनों के साथ, खुलकर मानते दिखाई देंगे। हालांकि अधिक धन ख़र्च करना, आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। आपकी माता की सेहत, इस सप्ताह बहुत अच्छी रहेगी। जिसकी वजह से आप कई चिंताओं से मुक्त हो जाएंगे। इसके साथ ही इस सप्ताह आपके पिता को भी, कार्यक्षेत्र पर उन्नति करने के कई अवसर मिलेंगे। ऐसे में घर-परिवार पर इन सकारात्मक स्थितियों का अच्छा प्रभाव, घर के वातावरण में खुशहाली लाने में भी मदद करेगा। इस राशि के व्यापारियों को इस सप्ताह, कार्यक्षेत्र से संबंधित किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर यही होगा कि अभी इस यात्रा से परहेज करें, अन्यथा इससे आपको मानसिक तनाव के साथ-साथ, आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। इस सप्ताह यदि शिक्षा या किसी विषय को लेकर छात्रों के मन में कोई संदेह था तो, वो पूरी तरह दूर हो जाएंगे। ख़ास तौर से इस राशि के वो जातक जो हार्ड वेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स, कंपनी सचिव, कानून, सामाजिक सेवा क्षेत्र की पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें इस समय अपनी मेहनत के अनुसार अपार सफलता मिल सकती है।
कन्या- आपकी चंद्र राशि से केतु पहले भाव में हैं इसलिए यदि कोई मामला कोर्ट-कचहरी में निलंबित पड़ा था तो, उसके परिणाम के बारे में सोच-सोचकर आप खुद को बेचैन कर सकते हैं। जिसके कारण घर-परिवार का वातावरण भी अशांत दिखाई देगा। नौकरी पेशा जातकों को इस सप्ताह पैसों की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ेगी, लेकिन पूर्व के दिनों में आपके द्वारा किये गए फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। इससे आपको विपरीत परिस्थितियों से भी दो-चार होना पड़ सकता हैं। इस सप्ताह परिवार के सदस्यों का, आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। जिसके कारण आप उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण निर्णयों में, उनसे सलाह-मशवरा लेते दिखाई देंगे। चंद्र राशि से बृहस्पति के नौवें भाव में होने पर आप में से कुछ जातक, गहने या घरेलू सामान की खरीदारी भी कर सकते हैं। इस सप्ताह कार्यस्थल पर किसी भी मीटिंग में, आपको अपने विचारों और सुझावों को रखते समय बेहद स्पष्ट होने की आवश्यकता होगी। क्योंकि यदि आप सीधा जवाब नहीं देंगे तो, आपके बॉस और वरिष्ठ अधिकारी आपसे नाराज़ हो सकते हैं। जिसके कारण आपको मायूसी हाथ लगेगी। ये सप्ताह छात्रों के लिए विशेष रूप से, ध्यान देने योग्य होगा। क्योंकि इस दौरान उन्हें विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में, आ रही हर प्रकार की रुकावटों से निकलने में मदद मिलेगी। जिससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति का भी विकास होगा। छात्रों के घरवाले उनकी समझदारी से आश्चर्यचकित होने के साथ ही, उनसे ख़ासा प्रसन्न भी दिखाई देंगे।
तुला - हमारी सेहत ही जीवन की असली पूँजी है, इस बात को आप इस सप्ताह अपने जीवन में अपनाते हुए, इसपर अमल करेंगे। जिसके कारण आप घर के साथ-साथ अपने कार्यस्थल पर भी बेहतर स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए, हर मानसिक तनाव को दरकिनार करते हुए, लोगों के साथ खुलकर हंसी-मज़ाक करेंगे। चंद्र राशि से राहु के छठे भाव में होने पर इस सप्ताह आप कई गुप्त स्रोतों और संपर्कों से अच्छा पैसा कमाएंगे। लेकिन इस दौरान आपके घरेलू ख़र्च में इज़ाफा, आपके लिए बचत को और ज़्यादा मुश्किल बना देगा। इसलिए आपके लिए बेहतर रहेगा कि, अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए और खराब स्थिति में ही उसका इस्तेमाल कीजिये। ये सप्ताह परिवार के लिहाज़ से, ख़ुशियों से भरा रहेगा। क्योंकि आपके घर के कई सदस्य, आपको ख़ुशी देने का प्रयास करेगा। जिसके कारण आप उनके प्रयास देख, स्वयं भी घर के वातावरण को अनुकूल करने का प्रयत्न करते दिखाई देंगे। आपको इस पूरे ही हफ्ते, अपने वरिष्ठों और उच्च अधिकारियों से पूर्ण प्रशंसा और सहयोग मिलेगा। इसके अलावा आपके द्वारा की गई यात्राएं भी, इस दौरान आपको बहुत लाभ पहुंचाएंगी। क्योंकि आपकी कुंडली में कई शुभ ग्रहों का प्रभाव, आपके हित में दिखाई दे रहा है। इस सप्ताह इस राशि के लोगों को, अपने गुरुजनों के साथ बहस करने से बचना चाहिए। अन्यथा आपकी छवि को भारी नुकसान होने की आशंका अधिक रहेगी।
वृश्चिक- आपकी चंद्र राशि से बृहस्पति सातवें भाव में बैठे हैं इसलिए इस राशि की महिलाओं के लिये इस सप्ताह एरोबिक्स करना, उनके स्वास्थ्य में अनुकूल बदलाव लाने में मदद करेगा। आपको अपने साथ-साथ इस सप्ताह अपने घर के लोगों के स्वास्थ्य का भी ज़रूरी ध्यान रखते हुए, बाहर का खाना खाने से बचना होगा। इसलिए आप घर पर ही विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट भोजन बनाकर, ज़ायके का आनंद उठा सकते हैं। यदि आप किराये के मकान में रहते हैं तो, इस सप्ताह आपका मकान मालिक आपसे एडवांस या घर की मरम्मत को लेकर पैसे माँगकर, आपकी आर्थिक हालत को बिगाड़ सकता है। इसलिए बेहतर यही होगा कि शुरुआत से ही अपने धन की बचत करते हुए, खुद को हर आर्थिक स्थिति के लिए पहले से ही तैयार करें। इस सप्ताह परिवार में सामंजस्य बैठाने के लिए, आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और वो इसमें आपके लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित भी होगा। योग ये भी बन रहे हैं कि आपको अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक, किसी प्रकार का कोई अच्छा उपहार भी मिलें। चंद्र राशि से शनि के चौथे भाव में होने पर आपको अपने पेशेवर क्षेत्र में बहुत-सी बाधाओं से दो-चार होना पड़ेगा, जिससे निकल पाना भी आपके लिए आसान कार्य नहीं रहने वाला है। इसलिए इस सप्ताह शुरुआत से ही खुद को शांत रखते हुए, हर परिस्थितियों का सामना करें। तभी आप कुछ न कुछ हल निकालने में सफल रहेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में इस सप्ताह छात्रों को, अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। क्योंकि इस दौरान आपको अपनी पूर्व की मेहनत का फल मिलेगा, जिससे आप परीक्षा में बेहतर करते दिखाई देंगे।
धनु- आपकी चंद्र राशि से शनि तीसरे भाव में हैं इसलिए आपका अधिक वसायुक्त भोजन से परहेज़ करना तथा आपकी संतुलित दिनचर्या का असर, इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य पर सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा और इससे आपके मोटापे में भी कमी आएगी। आपको उन सभी योजनाओं में निवेश करने से पहले दो बार सोचने की ज़रूरत होगी, जो इस सप्ताह आपके सामने आयी हैं। क्योंकि संभव है कि सामने से आने वाले अवसर के पीछे कोई गुप्त षडयंत्र हो, जिसका ख़ामियाज़ा आपको भविष्य में उठाना होगा। इस सप्ताह परिवारिक जीवन को लेकर, आप खुश किस्मत साबित हो सकते हैं। क्योंकि योग बन रहे हैं कि घर-परिवार में किसी नए वाहन की ख़रीदारी, घर के माहौल में अनुकूलता लेकर आएगी। इसके साथ ही यदि घर पर कोई सदस्य विवाह योग्य हैं तो, उनकी शादी पक्की होने से आपको अच्छे-अच्छे पकवान खाने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि इस समय आप बढ़-चढ़कर घरेलु कार्यों में हिस्सा लेंगे, जिससे घर के दूसरे सदस्यों और रिश्तेदारों के बीच आपका सम्मान होगा। कार्यस्थल पर किसी महिला सहकर्मी आपके भोलेपन का फायदा उठा सकती है। क्योंकि आशंका है कि आप किसी महिला के साथ अपने मन की बातें या अपने करियर को लेकर कुछ योजनाएं साझा करें और वो उन बातों को खुद तक न रखते हुए किसी ऐसा व्यक्ति को बता दें, जिससे आपको परेशानी हो सकती है। इस हफ्ते आपको अपना बेहतर प्रदर्शन करने की जरुरत है, अन्यथा आपको अपने अभिभावकों और शिक्षकों से डाँट-फटकार लग सकती है।
मकर- चंद्र राशि से केतु के नौवें भाव में होने पर इस समय आपके द्वारा खेल-कूद जैसी गतिविधियों में भाग लेना, आपको सेहतमंद रखने में मददगार सिद्ध साबित होगा। हालांकि खेलते समय, आपको हर संक्रमण से बचाव के लिये पहने जाने वाले हर सामान को पहनना भी आवश्यक होगा। इस सप्ताह आप अपनी मेहनत और लगन से, ऐसे कई अवसर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे आप पैसा बना सकें। बशर्ते इसके लिए आपको अपनी जमा-पूँजी आँख मूंदकर निवेश करने की जगह, पारंपरिक तौर पर किसी अच्छी योजना में निवेश करने की ज़रूरत होगी। इस सप्ताह घर-परिवार में आप अपनी समझ से, सामंजस्य स्थापित करने में सफल होंगे। जिससे सदस्यों के बीच सद्भाव और भाईचारे की भावना विकसित हो सकेगी। इससे आपके परिवार की सामाजिक स्थिति भी मजबूत होगी और आपको सदस्यों के बीच, सही प्रतिष्ठा प्राप्त करने में सफलता मिलेगी। कारोबारियों को इस पूरे ही सप्ताह, कई चुनौतियों से दो-चार होना पड़ सकता है। हालांकि इस दौरान आप इन चुनौतियों से, आने वाले भविष्य के बारे में काफी कुछ सीख भी सकेंगे। यदि आपका अपने किसी सहपाठी या शिक्षक से कोई विवाद चल रहा था तो, इस सप्ताह आप उस विवाद को खत्म करते हुए, उनके साथ अपने संबंध बेहतर करने की ओर प्रयास करते दिखाई देंगे।
कुम्भ- इस सप्ताह किसी से वाद-विवाद होना, आपके अच्छे स्वभाव को खराब कर सकता है। इसलिए अपना मूड बदलने के लिए, किसी सामाजिक आयोजन में शिरकत करें और समाज के कई बड़े लोगों से मुलाक़ात करते हुए, उनके अनुभव से सीख लें। इससे आपको जीवन में कई सही निर्णय, लेने में मदद मिलेगी। इस सप्ताह व्यापारी जातकों को ध्यान रखना होगा कि, जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअंदाज़ ही करें। चंद्र राशि से राहु दूसरे भाव में हैं इसलिए अगर आप उधारी करते रहेंगे तो, आपको कुछ ही समय में धन का अभाव होने लगेगा, जिससे आप कई अच्छे अवसरों का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं। कुछ लोगों के लिए, परिवार में किसी नए मेहमान का आना जश्न और उल्लास के पल लेकर आएगा। इससे घर में नए-नए पकवान बनेंगे और साथ ही आपको लम्बे समय के बाद, पूरे परिवार के साथ बैठने और समय व्यतीत करने का अवसर भी मिलेगा। आशंका है कि परिवार में चल रही अनबन, आपको परेशान करें। इसका नकारात्मक प्रभाव आपके करियर को भी बाधित करेगा। ऐसे में आपको ज़रूरत से ज्यादा न सोचते हुए विपरीत परिस्थितियों के निकलने की प्रतिक्षा करने की ज़रूरत होगी। वो छात्र जो विदेश के किसी अच्छे कॉलेज में जाने और अपनी उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखा रहे थे, उन्हें ये अवसर इस सप्ताह के बीच मिलने की संभावना प्रबल है।
मीन- चंद्र राशि से राहु के पहले भाव में होने पर इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य, सामान्य से काफी बेहतर रहेगा। जिसके कारण आप बेहतर सेहत का आनंद लेते दिखाई देंगे। यदि आप किसी पुरानी समस्या से पीड़ित थे तो, ये समय आपको पूरी तरह से उस समस्या से निजात दिलाने का कार्य भी करने वाला है। आपकी चंद्र राशि से बृहस्पति तीसरे भाव में बैठे हैं इसलिए अगर आप इस सप्ताह अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर धन प्राप्त करना चाहते हैं तो, आपके लिए सफलता का मंत्र यह है कि उन लोगों की सलाह पर ही आपको अपने पैसे लगाने चाहिए, जो मौलिक सोच रखते हों और आपसे ज्यादा अनुभवी भी हों। तभी आप अपने धन को सुरक्षित करते हुए, मुनाफ़ा अर्जित कर सकेंगे। यदि इस सप्ताह आप घर के लोगों पर अपने फ़ैसले थोपने की कोशिश करेंगे, तो आप ऐसा करके अपने हितों को ही नुक़सान पहुँचाएंगे। इसलिए हर स्थिति में धैर्य से काम लेते हुए, उसका समाधान खोजने का प्रयास करें। ये सप्ताह अंदरूनी तरोताज़गी और आपके मनोरंजन के लिए, बहुत बढ़िया रहने वाला है। केवल आपको इस पूरे ही हफ्ते हर प्रकार के व्यावसायिक लेन-देन के दौरान, विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी। इसलिए उसको लेकर पहले से अधिक सतर्कता बरतें। यदि आप पॉलिटिक्स या सोशल सर्विस की पढ़ाई कर रहे हैं तो, आपके लिए ये समय सबसे अधिक अच्छा रहेगा।
साभार - एस्ट्रोसेज कुंडली
गूगल ने फ्लिपकार्ट में खरीदी हिस्सेदारी, जानिए कितने हजार करोड़ का किया निवेश...
डेस्क। दिग्गज टेक कंपनी गुगल ने ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart में हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक गुगल ने फ्लिपकार्ट के 950 मिलियन डॉलर (7,891 करोड़ रुपये) के फंडिंग राउंड में करीब 350 मिलियन डॉलर (2,907 करोड़ रुपये) का निवेश किया है।
सूत्रों ने बताया कि इस फंडिंग राउंड में फ्लिपकार्ट की वैल्यूएशन 36 अरब डॉलर (2.99 लाख करोड़ रुपए) रही। ई-कॉमर्स कंपनी ने हिस्सेदारी बिक्री का यह धन जुटाने का दौर पिछले साल दिसंबर में शुरू किया था, जब इसकी मूल कंपनी वॉलमार्ट ने 600 मिलियन डॉलर (4,984 करोड़ रुपये) का निवेश किया था।
जानिए कब होगी डील पूरी:
डील की विस्तृत जानकारी दिए बिना फ्लिपकार्ट ने कहा कि यह डील दोनों पक्षों द्वारा नियामक और अन्य कस्टम मंजूरी मिलने के बाद ही पूरी होगी।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, “प्राथमिक दौर की पूंजी का उपयोग ट्रैवल (क्लीयरट्रिप) और शॉपिफाई जैसे वर्टिकल में निवेश के अलावा क्विक कॉमर्स को दोगुना करने के लिए किया जाएगा।”
शॉपिफाई पर फ्लिपकार्ट का फोकस ऐसे समय में आया है जब प्रतिद्वंद्वी मीशो 500-650 मिलियन डॉलर के राउंड की तैयारी कर रहा है। मीशो के इस प्लान के बारे में मनीकंट्रोल ने मार्च में अपनी एक रिपोर्ट में जानकारी दी थी।
एनिमेशन में संभावनाएं... 12वीं के बाद बनाए कैरियर... प्रोफेशनल एनिमेटर बनने के लिए इंटर्नशिप बेहतर
डेस्क। एनिमेशन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कैरियर बनाने को लेकर युवाओं का रूझान समय के साथ बढ़ता जा रहा है। कार्पोरेट सेक्टर में एनिमेटर की मांग काफी बढ़ गई है। इनके पास कार्य को रचनात्मक तरीके से करने और कलात्मक प्रतिभा होती है। एनिमेटर का काम वीडियो गेम, आनलाइन एड, इंटरनेट मार्केटिंग के लिए ग्राफिक्स और एनिमेशन बनाना होता है। आजकल सभी कार्यों के लिए आनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग प्रमुखता से किया जा रहा है। ऐसे में अगर आपको एनिमेशन के क्षेत्र में रूचि है तो आप नये एनिमेशन टूल्स का प्रयोग कर इसमें अपना बेहत कैरियर बना सकते है।
राजधानी की कैरियर काउंसलर डा. वर्षा वरवंडकर ने बताया कि 12वीं के बाद इच्छुक युवा इसे क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकते है। 12वीं के बाद बीए इन एनिमेशन एंड वीएफएक्स, बीएससी इन एनिमेशन, बीएससी इन एनिमेशन एंड गेमिंग और बैचलर आफ डिजाइन जैसे कोर्स में एनआईडी डीएटी, एनआईएफटी, सीयूईटी और जेएमआई प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से प्रवेश ले सकते है।
काउंसलर डा. वर्षा वरवंडकर ने आगे बताया कि इन कोर्सों में कैरेक्टर एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, वीएफएक्स, 2डी और 3डी एनिमेशन और गेमिंग में आप एक्सपर्ट हो सकते है। उन्होंने कहा कि एक प्रोफेशनल एनिमेटर बनने के लिए आपको कोर्स के दौरान बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप करना बेहतर विकल्प होता है। इंटर्नशिप के दौरान आपके सीनियरों के अनुभवों का खासा लाभ मिलेगा।
डा. वरवंडकर ने कहा कि एनिमेशन में कोर्स करने के बाद बतौर टेक्सचर आर्टिस्ट, कान्सेप्ट आर्टिस्ट, वीडियो एडिटर, ग्राफिक डिजाइनर, स्पेशल इफेक्ट आर्टिस्ट के तौर पर आप काम शुरू कर सकते है। वेतन की बात की जाए तो न्यूनतम तीन लाख की कमाई आपको शुरूआती दौर में आसानी से होगी।
प्रमुख संस्थान
- स्कूल आफ ओपन लर्निंग डीयू
- नेशनल इंस्टिट्यूट आफ डिजाइन अहमदाबाद
- जामिया मिलिया इस्लामिया
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई
- इंटरनेशनल स्कूल आफ डिजाइन पुणे
शरीर में घोल देगा ठंडक ही ठंडक, गर्मियों में पिएं आम का पना
डेस्क | गर्मियों का मौसम आते ही आम का पना (Aam Panna) याद आने लगता है | गर्मी में ही बाजार में आम की बहार देखने को मिलती है | आम से वैसे तो कई तरह की रेसिपीज तैयार की जाती हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद आम पना का स्वाद हमें अलग ही दुनिया में लेकर जाता है | तेज गर्मी के बीच आम का पना न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाता है बल्कि आम का पना लू से भी बचाने में मदद करता है | बड़े हों या बच्चें सभी को आम के पने का जायका काफी पसंद आता है |
यह विटामिन-सी का सबसे अच्छा स्त्रोत होता है, जो इसे इम्यूनिटी बूस्टिंग ड्रिंक बनाता है। एक हेल्दी इम्यून सिस्टम किसी भी संक्रमण से आसानी से लड़ सकता है और आपको कई बीमारियों से बचा भी सकता है।
आम पन्ना विटामिन ए और सी का अच्छा स्रोत है , जो स्वस्थ त्वचा, दृष्टि और प्रतिरक्षा कार्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
आम का रस लीवर, किडनी, पेट आदि के लिए लाभकारी हो सकता है। यह ऑक्सीडेटिव तनाव और मधुमेह को बेअसर करने में भी अति सहायक हो सकता है।
वैसे आम को फलों का राजा कहा गया है, गर्मियों का मौसम आते ही आम का पना (Aam Panna) याद आने लगता है | गर्मी में ही बाजार में आम की बहार देखने को मिलती है | आम से वैसे तो कई तरह की रेसिपीज तैयार की जाती हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद आम पना का स्वाद हमें अलग ही दुनिया में पहुंचा देता है | तेज गर्मी के बीच आम का पना न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाता है बल्कि आम का पना लू लगने से भी बचने में मदद करता है |
आम का पना बनाने की विधि बेहद सरल है और ये कम वक्त में ही बनकर तैयार हो जाता है |
UGC NET के लिए आज आखिरी मौका, अब इस तारीख को होगी परीक्षा
रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जून सत्र के लिए यूजीसी नेट 2024 आवेदन पत्र जमा करने की तारीख बढ़ाने से छात्रों को थोड़ी राहत मिली है। इसके अनुसार यूजीसी नेट के लिए ऑनलाइन आवेदन अब रविवार, 19 मई की रात 11.59 बजे तक किए जा सकते हैं।
इस एग्जाम की फीस जमा करने की आखिरी तारीख 20 मई रात 11.59 बजे है। इसी तरह ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार 21 मई से 23 मई तक किए जाएंगे। पहले, नेट के आवेदन की आखिरी तारीख 15 मई थी।
NTA की ओर से यह परीक्षा 18 जून को आयोजित की जाएगी। यूजीसी नेट के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों की फीस 1150 रुपए है। ईडब्ल्यूएस, ओबीसी के लिए 600 रुपए। एससी व एसटी वर्ग के छात्रों के लिए 325 रुपए है।
पहले यह परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी सीबीटी मोड में होती थी। लेकिन इस बार यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी। बता दें कि बाद में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और यूजीसी ने उम्मीदवारों से प्राप्त फीडबैक के कारण यूजीसी-नेट को 16 जून (रविवार) से बढ़ाकर 18 जून 2024 (मंगलवार) करने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि जूनियर रिसर्च फेलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के अलावा इस बार पीएचडी प्रवेश के लिए भी यह परीक्षा हो रही है। विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://ugcnet.nta.ac.in/ पर उपलब्ध है।