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Board Exam 2023 छत्तीसगढ़ के पुस्तकालयों में भी मिलेगी 'एग्जाम वॉरियर्स'
रायपुर। परीक्षा के तनाव के खिलाफ मुहिम को संस्थागत रूप देने और इसे 'जन आंदोलन' बनाने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स' अब देश के साथ छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई जाएगी।
परीक्षा पे चर्चा को 'जन आंदोलन' में परिवर्तित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों से समग्र शिक्षा के तहत प्रत्येक स्कूल के पुस्तकालय में 'एग्जाम वॉरियर्स' उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक प्रधानमंत्री के ज्ञान और दूरदर्शिता से लाभान्वित हो सकें।
सिविल जज परीक्षा 26 फरवरी को, 16 हजार से अधिक उम्मीदवार होंगे शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 26 फरवरी को व्यवहार न्यायाधीश की परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए रायपुर में कुल 37 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। परीक्षा रविवार सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक होगी। व्यवहार न्यायाधीश की परीक्षा में 16 हजार 492 उम्मीदवार शामिल होंगे।
बता दें कि परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी परीक्षा शाखा रूचि शर्मा को नोडल अधिकारी एवं सहायक संचालक कौशल विकास विभाग केदार पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस भर्ती परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में प्री परीक्षा आयोजित होगी। इसे पास करने वाले कैंडिडेट्स मेन्स एग्जाम देंगे और अंत में इंटरव्यू लिया जाएगा। तीनों चरणों को पास करने वाले कैंडिडेट का सेलेक्शन अंतिम होगा।
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3. समय—समय पर पानी पीते रहना शरीर के लिए सबसे अच्छा और कारगर उपाय होता है। इसके अलावा भोजन के समय पर ध्यान देना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। इसके साथ ही धूल और धुंए से बचने का प्रयास किया जाना सेहत के लिए अच्छा प्रयास हो सकता है।
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अच्छा बाल साहित्य बच्चों में बढ़ाता है जिज्ञासा, पढ़ने, जानने और सीखने की ललक
रायपुर। परिवेश की विविधता, बच्चों की कल्पनाशीलता और पढ़ने की ललक को आगे बढ़ाने में कितनी सहायक हो सकती है, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय संस्था रूम टू रीड ने रायपुर में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में रूम टू रीड संस्था के विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एक अच्छा बाल साहित्य बच्चों में जिज्ञासा बढ़ाकर उनके अंदर पढ़ने, जानने और सीखने की ललक बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम है।
संस्था के विशेषज्ञों ने बताया कि कहानियों का चित्रांकन किसी भी बाल साहित्य का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है, जो सिर्फ़ पढ़ पाने वाले बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि उन बच्चों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अभी पढ़ना नहीं जानते या पढ़ने की आरंभिक अवस्था में हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मता मिशन बच्चों के घर की भाषा और संदर्भ में अच्छे बाल साहित्य की उपलब्धता पर ज़ोर देता है। इसके अनुपालना में, समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय लगातार प्रयास कर रहा है। संदर्भित बाल सुलभ कहानियों का निर्माण तथा उनके उपयुक्त चित्रांकन की समस्या के समाधान के लिए समग्र शिक्षा विभाग ने एक बड़ी पहल की है। इस क्रम में विभाग अपने ही अंचल खैरागढ़ जिले के कला-संगीत विश्ववियालय के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा बाल कहानियों को लिखने के लिए विभाग ने सितंबर 2022 में 21 शिक्षकों के लिए रूम टू रीड संस्था के साथ मिलकर 3 दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया था। इस कार्यशाला के माध्यम से कहानी निर्माण के लिए एक राज्य स्तरीय स्रोत समूह का गठन किया गया है। 19 बाल कहानियों का निर्माण किया जा सका।
शिक्षकों द्वारा बनायीं उन्हीं 8 कहानियों के चित्रांकन के लिए, खैरागढ़ विश्वविद्यालय के 13 शोधार्थियों तथा अच्छे चित्रकारों की क्षमता संवर्धन के लिए रायपुर में 3 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि बच्चों के लिए साहित्य कैसा होता है, उसमें किन-किन चीजों का ध्यान रखा जाता है, उनके चित्र कैसे बनाये जाते है जिससे कि बच्चे उन चित्रों की तरफ आकर्षित होते है और पढ़ने के लिए प्रेरित होते है।
कार्यशाला की अध्यक्षता समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय के सहायक संचालक डॉ. एम. सुधीश ने की। विशेषज्ञ के रूप में रूम टू रीड से सिमी सिक्का, नवनीत तथा खैरागढ़ विश्वविद्यालय से डॉ. कपिल सिंह वर्मा उपस्थित रहे। कार्यशाला समापन पर रूम टू रीड संस्था के राज्य प्रमुख प्रतीक बनर्जी ने सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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