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3. समय—समय पर पानी पीते रहना शरीर के लिए सबसे अच्छा और कारगर उपाय होता है। इसके अलावा भोजन के समय पर ध्यान देना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। इसके साथ ही धूल और धुंए से बचने का प्रयास किया जाना सेहत के लिए अच्छा प्रयास हो सकता है।
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अच्छा बाल साहित्य बच्चों में बढ़ाता है जिज्ञासा, पढ़ने, जानने और सीखने की ललक
रायपुर। परिवेश की विविधता, बच्चों की कल्पनाशीलता और पढ़ने की ललक को आगे बढ़ाने में कितनी सहायक हो सकती है, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय संस्था रूम टू रीड ने रायपुर में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में रूम टू रीड संस्था के विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एक अच्छा बाल साहित्य बच्चों में जिज्ञासा बढ़ाकर उनके अंदर पढ़ने, जानने और सीखने की ललक बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम है।
संस्था के विशेषज्ञों ने बताया कि कहानियों का चित्रांकन किसी भी बाल साहित्य का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है, जो सिर्फ़ पढ़ पाने वाले बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि उन बच्चों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अभी पढ़ना नहीं जानते या पढ़ने की आरंभिक अवस्था में हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मता मिशन बच्चों के घर की भाषा और संदर्भ में अच्छे बाल साहित्य की उपलब्धता पर ज़ोर देता है। इसके अनुपालना में, समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय लगातार प्रयास कर रहा है। संदर्भित बाल सुलभ कहानियों का निर्माण तथा उनके उपयुक्त चित्रांकन की समस्या के समाधान के लिए समग्र शिक्षा विभाग ने एक बड़ी पहल की है। इस क्रम में विभाग अपने ही अंचल खैरागढ़ जिले के कला-संगीत विश्ववियालय के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा बाल कहानियों को लिखने के लिए विभाग ने सितंबर 2022 में 21 शिक्षकों के लिए रूम टू रीड संस्था के साथ मिलकर 3 दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया था। इस कार्यशाला के माध्यम से कहानी निर्माण के लिए एक राज्य स्तरीय स्रोत समूह का गठन किया गया है। 19 बाल कहानियों का निर्माण किया जा सका।
शिक्षकों द्वारा बनायीं उन्हीं 8 कहानियों के चित्रांकन के लिए, खैरागढ़ विश्वविद्यालय के 13 शोधार्थियों तथा अच्छे चित्रकारों की क्षमता संवर्धन के लिए रायपुर में 3 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि बच्चों के लिए साहित्य कैसा होता है, उसमें किन-किन चीजों का ध्यान रखा जाता है, उनके चित्र कैसे बनाये जाते है जिससे कि बच्चे उन चित्रों की तरफ आकर्षित होते है और पढ़ने के लिए प्रेरित होते है।
कार्यशाला की अध्यक्षता समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय के सहायक संचालक डॉ. एम. सुधीश ने की। विशेषज्ञ के रूप में रूम टू रीड से सिमी सिक्का, नवनीत तथा खैरागढ़ विश्वविद्यालय से डॉ. कपिल सिंह वर्मा उपस्थित रहे। कार्यशाला समापन पर रूम टू रीड संस्था के राज्य प्रमुख प्रतीक बनर्जी ने सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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Board Exam 2023: हिन्दी भाषा विषय में कम मेहनत में ज्यादा अंक
रायपुर। अपनी सकारात्मक विचारों को ईमानदारी और बिना थके हुए कार्यो में लगाएं और इसकी सफलता के लिए प्रयास नहीं करना पड़ेगा। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका सरिता पाण्डेय ने हिंदी विषय की तैयारी को सरल और सहज तरीक़े से बताया है कि हिन्दी भाषा विषय में कम मेहनत में ज़्यादा अंक प्राप्त कर सकते हैं।
हिंदी भाषा में दो महत्वपूर्ण अंग
1. writing (हस्त लेखन कला)
2. Time management (समय प्रबंधन)
भाषा चाहे हिंदी हो या अंग्रेज़ी में हस्त लेखन कला सुंदर एवं साफ सुथरी होनी चाहिए। साथ में समय प्रबंधन सही होना चाहिए क्योंकि हिन्दी विषय में निबंध लेखन आदि के कारण समय की कमी हो जाती है इसके लिए पांच साल के पेपर पर अभ्यास निर्धारित समय तीन घंटे में ही करें ।
इन बातों का रखें ध्यान
- बोर्ड परीक्षा की तैयारी एकाग्रता के साथ करें।
- प्रश्न पत्र में आए हिंदी के प्रश्नों को अच्छे से पढ़ें और समझें फिर लिखें।
- पिछले पांच वर्षों के प्रश्न पत्र एवं मॉडल पेपर को हल करें।
- ब्लू प्रिंट की सहायता से प्रश्नों को हल करें।
- व्याकरण के नियम को ध्यान से पढ़ें, जिससे व्याकरण सरल हो जाएगा।
- उत्तर सही क्रमांक में लिखें प्रश्न 1 से शुरू करें और अंतिम क्रमांक तक सही क्रमांक उत्तर में लिखें।
- पूरी नींद और ब्रेक लें।
- परीक्षा की तैयारी में अपने शिक्षकों की सहायता एवं सलाह लें।
- सफलता आपके कदमों में होगी।
Board Exam 2023: " गणित" की तैयारी "गणित" लगाकर करें
रायपुर। परीक्षाओं का त्योहार प्रारंभ होने वाला है, इस त्योहार में विद्यार्थियों को उत्साह का नहीं बल्कि तनाव का अनुभव होता है। बहुत सारे विद्यार्थी गणित का नाम सुनकर घबराने लगते हैं, गणित के सवाल जटिल होते हैं, मैं इसे हल नहीं कर सकता, मुझे गणित समझ में नहीं आता, इस प्रकार के तनाव में रहते हैं। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका मोनिका देवांगन ने बताया कि गणित विषय की तैयारी को बहुत आसानी से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि गणित एक रुचिकर विषय है, जिसमें विद्यार्थी आसानी से अधिक से अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। गणित के सवालों को हल करने के लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। जिन प्रश्नों में कठिनाई हो उसका समाधान अपने शिक्षकों द्वारा करें। गणित में रटने की आवश्यकता नहीं होती है यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
परीक्षा में इन बातों का रखें ध्यान
- फार्मूला ( सूत्र ) याद करें। गणित जटिल लगने का एक प्रमुख कारण यह है कि बच्चों को फार्मूला याद नहीं रहता है।
- प्रश्नों का अभ्यास लिख-लिखकर करें एवं तैयारी के लिए ब्लूप्रिंट की सहायता लें।
- सुबह जल्दी उठकर नये प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए एवं रात में सोने से पहले दिन भर किए गए प्रश्नों की पुनरावृत्ति जरूर करनी चाहिए।
- एक नियमित दिनचर्या बनानी चाहिए और साथ ही साथ खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए, खाने में पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
- परीक्षा की तैयारी करते समय मन को शांत रखना बहुत जरूरी है क्योंकि शांत मन से की गई तैयारी अधिक प्रभावी होती है।
- परीक्षा की तैयारी के समय तथा परीक्षा के दिन भी नींद पूरी लेनी चाहिए अर्थात 7 से 8 घंटों की नींद लेनी चाहिए।
- पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्र एवं मॉडल पेपर को हल करें।
- प्रश्न पत्र में आए सवालों को अच्छी तरह से पढ़े और समझे उसके बाद उन प्रश्नों को हल करें।
- परीक्षा की तैयारी में अपने शिक्षकों की सहायता एवं सलाह लें।
Board Exam 2023: परीक्षा की तैयारी-“जीवन का ज्ञान हमारा जीव विज्ञान”
रायपुर। परीक्षा को कुछ ही दिन बचे हैं, छात्र-छात्राएं परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैंl जीव विज्ञान परीक्षा को जीवन का ज्ञान समझेl परीक्षा से डरे नहीं बल्कि परीक्षा को एक जीवन में आए उत्सव समझे l संत ज्ञानेश्वर स्कूल की शिक्षिका तृप्ति अग्रिहोत्री ने बच्चों का बताया कि जीव विज्ञान की परीक्षा के लिए आखिर तैयारी कैसे करें।
शिक्षिका तृप्ति ने बताया कि जीव विज्ञान परीक्षा की तैयारी मॉडल पेपर व ब्लूप्रिंट के हिसाब से अभ्यास करें l डायग्राम बनाकर अभ्यास करें वह कठिन और बड़े प्रश्नों को लिख लिखकर अभ्यास करेंl मॉडल प्रश्नों के उत्तर को बार-बार लिखकर अभ्यास करेंl व बहुत समय का ध्यान रखेंl
जिन प्रश्नों में कठिनाई हो उनको शिक्षक से सहयोग लेकर अपनी शंकl दूर कर ले l ब्लू प्रिंट से उन इकाइयों से प्रश्न उत्तर पढ़े जो हर साल प्रश्नपत्र में पूछे जाते हैंl जीव विज्ञान को याद करने की बजाय समझ कर अपने प्रश्न उत्तर लिखने का प्रयास करेंl बड़े प्रश्नों के उत्तर पॉइंट बनाकर एक नोट तैयार करें जो पेपर के एक दिन पहले रिवीजन के समय आसान लगेl
इन पांच बातों का ध्यान रखेंl
- छात्र छात्राओं को अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिएl
- छात्र-छात्राओं को परीक्षा के समय 8 घंटे की नींद जरूरी हैl
- परीक्षार्थी सुबह जल्दी उठकर पढ़े वह शाम के समय अभ्यास किए गए डायग्राम्स को लिख कर देखेंl
- प्रश्नों को लिखते समय हमेशा पहले प्रश्न से आखरी प्रश्न की और लिखेंl
- प्रश्नों को लिखते समय, समय अवश्य ध्यान दें जिससे परीक्षा के समय कोई भी प्रश्न ना छूटेl
Board Exam 2023: ॐ के उच्चारण से मन रहता है एकाग्रचित्त
रायपुर। बोर्ड परीक्षा की पढ़ाई को लेकर मन का एकाग्रचित्त होना बेहद आवश्यक है। मन को एकाग्रचित्त करने और अपनी मानसिक क्षमता को बढ़ाने के लिए छात्रों को ॐ का उच्चारण करना चाहिए। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की सहायक शिक्षिका और सांस्कृतिक प्रभारी शिखा शर्मा ने बताया कि ॐ के उच्चारण से छात्रों को काफी लाभ मिलताहै। हालांकि इसका उच्चातरण सभी उम्र के लोगों को करना चाहिए।
शिक्षिका शिखा शर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में पाठ्यक्रम के साथ-साथ सभी विद्यार्थियों को ॐ के उच्चारण का महत्व समझाया गया। ओम का उच्चारण प्रतिदिन क्यों करना चाहिए? इसका फायदा क्या है यह भी बताया गया।
शास्त्रों के अनुसार ॐ को सभी मंत्रों का राजा कहा गया है। शास्त्रों मैं यह भी निहित है की पृथ्वी निर्माण के निर्माण के समय प्रकाश और बैग की घर्षण से जो नाद, जो ध्वनि उत्पन्न हुआ वह नाद ॐ ही है । ग्रंथ के अनुसार ॐ तीन ध्वनि से बना है तथा इसका उच्चारण इस प्रकार से प्रातः पांच बार करना है। यह समझाया गया।
अ+उ+म =ॐ
अ _नाभि से चरण
उ _ छाती से नाभि
म _ मस्तक से कंठ
चरण युगल, उधर विशाला महामंडल मस्तक द्वारे
उपरोक्त रूप से ओम का उच्चारण प्रतिदिन पांच बार करें, जिससे हमारे शरीर को ऊर्जा प्राप्त होगी जिस प्रकार से हम नित्य प्रतिदिन अपने शरीर के बाहरी आवरण को शुद्ध करते हैं। उसी प्रकार अंतर्मन को शुद्ध रखने के लिए ओम का उच्चारण करना अति आवश्यक है ओम के उच्चारण से हमारी शारीरिक मानसिक क्षमता बढ़ती है। जो पढ़ाई में हमारी मदद करती है।
Board Exam 2023:खेल खेल में पढ़ाई से बढ़ता है आत्मविश्वास
रायपुर। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा सिर पर है। ऐसे मे बच्चों का तनावमुक्त होना बेहद जरूरी है। परीक्षा में सफलता और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के रास्ते में आने वाली संभावित बाधाओं और उसे दूर करने के उपायों पर विचार करते हुए संत ज्ञानेश्वर स्कूल के शिक्षक रोशन सिहं राजपूत, मोनिका देवांगन और सोनाली पराड़कर ने बताया कि खेल खेल में पढ़ाई के माध्यम से हम बच्चों में कैसे आत्मविश्वास पैदा कर सकते हैं।
हम सभी चाहते हैं कि हमारे बच्चे भविष्य में सफ़ल हों और खुश रहें। ये बच्चे जहां भी जाएं छा जाएं और अपने आसपास का माहौल खुशनुमा कर दें। ऐसा करने की ताकत मिलती है आत्मविश्वास यानि सेल्फ़-कॉन्फिडेंस से। हर बच्चा जन्म के साथ ही कुछ गुण लेकर पैदा होता है। इन्हीं में से एक गुण है आत्मविश्वास। छोटे बच्चे आत्मविश्वास से भरे होते हैं। कहीं से भी छलांग लगा दी, किसी को भी बिना डरे कुछ भी कह दिया या सड़क पर दिल खोलकर खूब डांस किया, बच्चे हम बड़ों के लिए प्रेरणा होते हैं।
लेकिन उम्र के छठे, सातवें पड़ाव तक पहुंचते हुए उनका कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे कम होता जाता है। स्कूल, घर, पास-पड़ोस में लगातार बढ़ती उम्मीदों और कॉम्पिटीशन से बच्चों का आत्मविश्वास बहुत ज़्यादा प्रभावित होता है। इसीलिए ये पेरेंट्स की ज़िम्मेदारी होती है कि हम उनका ये आत्मविश्वास घटने ना दें। आत्मविश्वास उनके बेहतर भविष्य के लिए सबसे ज़रूरी क्वालिटी होगा। आत्मविश्वास के बल पर वो दुनिया में जो चाहे, जहां चाहे हासिल करने में सफ़ल होगा।
ऐसे में आप एक पैरेंट होने के नाते अपनाएं कुछ तरीके जिनसे उनका कॉन्फिडेंस लगातार बढ़ता जाए और वो कभी अपनी क्षमताओं पर शक ना करें।
बच्चों में कॉन्फिडेंस बढ़ाने के टॉप 6 तरीके
1. खूब प्यार करें और प्यार जताएं
2, सही बात के लिए तारीफ़ करें
3. उन्हें खुद से पॉज़िटिव बातें करना सिखाएं
4. परिस्थितियों के हिसाब से ढलना सिखाएं
5. एक्स्ट्राकरिकुलर एक्टिविटीज़ और स्पोर्ट्स के लिए प्रेरित करें
6. उनके सपनों को पंख दें
साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि-
* विद्यार्थी एवं विद्यालय को अपना परिवार समझकर शिक्षकों को अपना शिक्षण कार्य और अधिक प्रभावी तरीके से संपन्न करना चाहिए|
* बच्चों को हमें शिक्षा के साथ-साथ संस्कार मौलिक कर्तव्य क्षमा दया सहयोग जैसे ज्ञान भी प्रदान करने चाहिएl
* बच्चों को ऊर्जावान होकर पढ़ना चाहिए अगर गुरु में उर्जा नहीं होगी तो वह अपनी बात बच्चों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंचा सकेंगे l
* शिक्षक को बच्चों का आदर्श होना चाहिए जो गुरु कहेंगे एवं करेंगे उन्हें विद्यार्थी अपने जीवन में अमल जरूर करेंगे l
* शिक्षकों ने बताया कि हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि बच्चों को हमेशा खाने में पौष्टिक आहार देना चाहिए l
* 40 मिनट की कक्षा में कम से कम 5 मिनट का क्रियाकलाप करना चाहिए जिससे बच्चों का उत्साह बना रहे और साथ ही साथ उनकी कक्षा में रुचि बनी रहे l
* कक्षा में शिक्षकों को पढ़ाई खेल विधि से भी करानी चाहिए जिससे बच्चों का उत्साह बना रहेl
* प्रत्येक छात्र एवं छात्राएं को क्रियाकलाप में भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिएl