छत्तीसगढ़

देश में छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करती... इन तीन तस्वीरों में नजर आएगी... परंपरा, संस्कृति और सभ्यता

रायपुर। छत्तीसगढ़ का इतिहास गौरवशाली रहा है। अमीर धरती के लोग भले ही गरीबी में गुजारा कर लेते हैं, लेकिन अपनी परंपराओं, संस्कृति और सभ्यता की वजह से इनकी गरीबी में भी अमीरी अलग से झलकती है। छतीसगढ़ देश का 26 वां राज्य है। वैसे तो देश के अन्य राज्यों की तुलना में यह काफी छोटा, पर विरासत और इतिहास की वजह से इसकी विशालता किसी से कम नहीं है। 

हर साल राष्ट्रपति भवन में पद्म सम्मान समारोह का आयोजन होता है। देश में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री सम्मान से बड़ी संख्या में विभूतियों को सम्मानित किया जाता है। छत्तीसगढ़ भी देश के उन प्रदेशों में शामिल है, जहां से हर साल पद्म सम्मान पाने वाले लोग निकलते हैं। 

छत्तीसगढ़ की लोक गायिका तीजन बाई छत्तीसगढ़ की एक ऐसी हस्ती हैं, जिन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण तीनों ही श्रेणियों के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इनके अलावा अब तक प्रदेश की 26 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान प्राप्त हो चुका है, जिनमें हास्य कवि सुरेन्द्र दुबे, साहित्यकार एमपी पांडेय, डॉ. एटी दाबके, लोक गायिका ममता चंद्राकर, अभिनेता अनुज शर्मा सहित अन्य शामिल हैं। 

इस बार प्रदेश से तीन लोगों के नाम का चयन हुआ था, जिसमें लोक गायिका उषा बारले, लोक नृतक डोमार सिंह और काष्ठ शिल्पी अजय कुमार मंडावी शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन में इन तीनों ही हस्तियों को ससम्मान आमंत्रित किया गया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन तीनों को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। 
 
राष्ट्रपति भवन से सामने आई इन तस्वीरों में पद्मश्री प्राप्त करने वाले इन तीनों ही हस्तियों ने पारंपरिक परिधान को धारण किया था। तो सैकड़ों लोगों के बीच भी इन्होंने अपनी सभ्यता को नहीं छोड़ा और सांस्कृतिक मर्यादा के तहत ही पुरस्कार ग्रहण किया। जो छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा और संस्कृति को प्रतिपादित करता है।