बागबाहरा थाने में महिला सरपंच से अभद्रता, पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कसहीबाहरा ग्राम पंचायत की सरपंच पुष्पा ध्रुव ने थाने में पदस्थ आरक्षक मोहन साहू पर शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं अन्य ग्रामीणों ने बेवजह पुलिस कर्मी द्वारा मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया है कि 22 अक्टूबर को ग्राम मौलीमुड़ा में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर सरपंच पुष्पा ध्रुव कुछ ग्रामीणों के साथ बागबाहरा थाना पहुंचीं थीं। आरोप है कि उस दौरान ड्यूटी में प्रधान आरक्षक मोहन साहू नशे की हालत में थाने में मौजूद थे। उन्होंने न केवल ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि महिला सरपंच के साथ गाली-गलौज और अपमानजनक बातें भी कहीं।
सरपंच पुष्पा ध्रुव ने बताया कि पुलिसकर्मी ने सभी ग्रामीणों को रात दो बजे तक थाने में बैठाए रखा, बिना किसी स्पष्ट कारण के। जब उन्होंने विरोध किया तो आरक्षक ने कहा “सरपंच हो तो क्या कर लोगी, जहां शिकायत करनी है कर लो।”
घटना से आहत सरपंच ने पुलिस अधीक्षक, महासमुंद को लिखित शिकायत दें कर प्रधान आरक्षक मोहन साहू के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना न केवल एक महिला प्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत पहुंच चुकी है, और जांच की मांग तेज हो गई है।