छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पहली बार जन्मी पुंगनूर नस्ल की मादा बछिया, मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के गोढ़ीकला निवासी किसान खगेश्वर यादव की देसी गाय ने पहली बार पुंगनूर नस्ल की मादा बछिया को जन्म दिया है। यह उपलब्धि पशु चिकित्सा विभाग की वैज्ञानिक तकनीकों का परिणाम है। पत्थलगांव पशु चिकित्सालय में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के.के. पटेल ने पुंगनूर नस्ल के सांड के हिमकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराया था।

पुंगनूर गाय दुनिया की सबसे छोटी गायों में से एक मानी जाती है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पाई जाने वाली यह नस्ल 1 से 2 लीटर अत्यंत पौष्टिक A2 दूध देने के लिए जानी जाती है। पशु चिकित्सक डॉ. बी.पी. भगत ने बताया कि इसके दूध में औषधीय गुण, एंटी-बैक्टीरियल तत्व और कम फैट की मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण इसकी मांग बेहद अधिक है।

इस उपलब्धि पर डॉ. भगत ने के.के. पटेल और किसान खगेश्वर यादव को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता जिले में नस्ल सुधार, वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और पशुधन संवर्धन के नए रास्ते खोलेगी। धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ी पुंगनूर गाय की कीमत एक लाख से लेकर दस लाख रुपये तक होती है। खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी नस्ल की गाय अपने शासकीय आवास पर पाल रखी है।जशपुर में जन्मी यह पुंगनूर बछिया जिला ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है।