अंडर-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में अब्दुल्लाह ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता
भोपाल/रायपुर। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) प्रशिक्षण केंद्र (STC), रायपुर के प्रतिभाशाली मिड-ब्लॉकर अब्दुल्लाह ने अंडर-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतियोगिता 4 से 13 दिसंबर 2025 तक शांगलुओ, चीन में आयोजित हुई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय खेल प्राधिकरण क्षेत्रीय केंद्र भोपाल के अंतर्गत संचालित है।
पिछले दो वर्षों से एसटीसी रायपुर में आवासीय प्रशिक्षण ले रहे अब्दुल्लाह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इससे पूर्व जुलाई 2025 में वे थाईलैंड में आयोजित अंडर-16 एशियाई वॉलीबॉल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य रहे।
साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले अब्दुल्लाह, एक वेल्डर श्री मोहम्मद राजू के पुत्र हैं। अपने बेटे की अंतरराष्ट्रीय सफलता पर भावुक होते हुए उनके पिता ने कहा “हम पूरी मेहनत करेंगे, अब्दुल्लाह बस तुम देश के लिए खेलो। एसटीसी रायपुर में मेरे बेटे को जो प्रशिक्षण मिला, उसने उसके हुनर को तराशा और आज उसने देश के लिए पदक जीता।”
अब्दुल्लाह ने वॉलीबॉल खेल की शुरुआत अपने जन्म स्थान मन्दौर से की, जो प्रयागराज के समीप स्थित एक छोटा सा गाँव है और अपनी सशक्त वॉलीबॉल संस्कृति के लिए जाना जाता है। उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को देखकर गाँव के एक शुभचिंतक ने परिवार को उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दिलाने की सलाह दी। इसी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ष 2023 में अब्दुल्लाह का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, रायपुर में हुआ, जहाँ संरचित प्रशिक्षण एवं निरंतर सहयोग ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया।
हालिया उपलब्धियों के उपरांत अब्दुल्लाह का चयन अंडर-17 विश्व वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए किया गया है, जो वर्ष 2026 में थाईलैंड में आयोजित होगी। केंद्रित तैयारी और टीम के सामूहिक प्रयास से वे भारत को बेहतर प्रदर्शन दिलाने और स्वर्ण पदक की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का लक्ष्य रखते हैं।
अभिषेक सिंह चौहान (आईटीएस), क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण क्षेत्रीय केंद्र भोपाल ने अब्दुल्लाह की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र के प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्रों (STC) एवं राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOE) से जुड़े खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं, जो भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।