दिव्य महाराष्ट्र मंडल

वित्त मंत्री को संत ज्ञानेश्वर स्कूल के वार्षिकोत्सव का न्यौता

0-  अध्यक्ष ने मंडल के विकासपरक गतिविधियों पर की चर्चा
0-  बृहन्महाराष्ट्र मंडल के 10 जनवरी से होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन की भी दी जानकारी

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने रविवार रात को वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर उन्हें स्कूल के 22 दिसंबर को प्रस्तावित वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का न्यौता दिया। इस आमंत्रण पर चौधरी ने कहा इस तिथि पर वे अहमदाबाद में जीएसटी काउंसिल की राष्ट्रीय बैठक में शामिल होने के लिए वहीं रहेंगे। 

मंडल अध्यक्ष काले ने इसके अलावा वित्त मंत्री चौधरी को मंडल की विकासपरक गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्हें 10 जनवरी से महाराष्ट्र मंडल में होने वाले बृहन्महाराष्ट्र मंडल के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन और उसकी तैयारियों की जानकारी दी। काले और डोनगांवकर ने वित्तमंत्री चौधरी से मुलाकात के दौरान बताया कि पिछली सरकार के मुख्यमंत्री ने मंडल के नवनिर्मित भवन के विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। उन्होंने वित्त मंत्री को बताया कि आगामी 10 से 12 जनवरी तक रायपुर में बृहन्न महाराष्ट्र मंडल का राष्ट्रीय अधिवेशन होना है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के पदेन अध्यक्ष व महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस अपने कुछ मंत्रियों के साथ, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा ताई महाजन अपने पुत्र, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलिंद महाजन के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान की है। ऐसे में पूर्व सीएम द्वारा स्वीकृत राशि के यथाशीघ्र जारी होने पर कार्यक्रम की तैयारी में मदद मिलेगी। 

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने काले की बातों को गंभीरता से सुना और पूर्व सीएम द्वारा स्वीकृत राशि की फाइल को जल्द पूरा कर राशि जारी करने के लिए विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया। काले ने वित्त मंत्री को राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़ समाजसेवी परिषद के गठन के प्रस्ताव के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी और बताया की विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के निर्देश पर परिषद का गठन कैसा होगा, 'यह काम कैसे करेगी' की विस्तृत जानकारी विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी दी जा चुकी है। कृपया इस प्रस्ताव पर गंभीरता से  विचार करते हुए अपेक्षित निर्णय लें।