दिव्य महाराष्ट्र मंडल

कंपनी को मैं क्या दे सकता हूं पर करें विचार, बेहतर अवसर मिलेंगेः शेष

रायपुर। जब भी रोजगार की बात होती है तो हमारे युवाओं का फोकस वेतन, सुविधाओं और नौकरी की स्थिरता पर होता है। उनके माता-पिता भी वेतन से लेकर विभिन्न सुविधाओं पर ही  बच्चों से सवाल-जवाब करते है। बदलती परिस्थितियों के बीच यह एटीट्यूड ठीक नहीं है। युवाओं को न केवल यह सोचना चाहिए बल्कि इन्टरव्यू में सामने बैठे उच्चाधिकारियों से यह कहना भी चाहिए कि आपकी कंपनी में क्या-क्या समस्याएं है और उन समस्याओं को दूर कर कंपनी को तरक्की की राह पर कैसे ले जाया जा सकता हैं। यकीनन कंपनी की समस्याओं के समाधान पर चर्चा करने से आपको तत्काल नौकरी मिलेगी बल्कि अन्य कंपनियों में भी आपकी मांग बनी रहेगी। बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान इस आशय के विचार डा. अजय शेष ने व्यक्त किए। 
 
शेष ने कहा कि भविष्य नौकरियों का नहीं अपने बूते पर कुछ कर गुजरने का है। अपने आप को व्यवसायिक रुप से सक्षम बनाने का प्रयास करें। काम को सा भी क्यों न हो उसे आधुनिक और बेहतर तरीके से कैसे किया जाए इस पर मेहनत करें तो इसके नतीजे यही काम कर रहे दूसरे लोगों से बेहतर होंगे।